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  • इस राज्य में कीमत पहुंची 200 रुपये किलो,गरीबों की सूखी रोटी का साथ छोड़ चुकी प्याज अब उच्चवर्गीयों को भी रुलाने लगी…

    इस राज्य में कीमत पहुंची 200 रुपये किलो,गरीबों की सूखी रोटी का साथ छोड़ चुकी प्याज अब उच्चवर्गीयों को भी रुलाने लगी…

    बेंगलुरु। यूं तो प्याज काटने पर आंखों से आंसू बहने लगते हैं लेकिन इन दिनों प्याज का नाम लेने मात्र से लोगों के आंखों में आंसू आ जा रहा है. जो प्याज कभी गरीबों को बमुश्किल नसीब होने वाले दो जून की सूखी रोटी खाने का सहारा होती थी अब वही प्याज मध्यम वर्गीयों की पहुंच से काफी दूर हो गई है. देश में इन दिनों प्याज की कीमतें आसमान छू रही हैं. आलम यह है कि इसके दाम ने अब दोहरा शतक लगा दिया है।

    बेंगलुरु में प्याज के दाम अब 140 रुपये से लेकर 200 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं. प्याज के बेतहाशा बढ़ते दाम से न सिर्फ आम जनता परेशान है बल्कि यह प्याज अब छोटे-मझोले व्यापारियों को भी रुला रही है. कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि की वजह से इसकी बिक्री पर भी असर पड़ा है. बड़ी तादाद में लोग प्याज खाने से तौबा करने लगे हैं।

    यह सिर्फ बेंगलुरु का ही नहीं बल्कि पूरे देश भर का यही हाल है. सरकार के नियंत्रण से बाहर हो चुकी महंगाई और प्याज के दाम संसद में भी गूंजने लगे हैं. हाल ही में प्याज को लेकर संसद में चली बहस के दौरान वित्त मंत्री के एक बयान की देशभर में जमकर आलोचना हुई थी।

    सोशल मीडिया में उनके बयान को लेकर मीम्स बनाए जा रहे थे. बीते बुधवार को एक सांसद ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से पूछा था कि क्या वह प्याज खाती हैं जिसकी कीमतें आसमान छू रही हैं. जिसके जवाब में वित्त मंत्री ने कहा था, ”मैं ऐसे परिवार से आती हूं, जिसमें प्याज और लहसुन नहीं खाया जाता.” उनके इस बयान की खूब आलोचना हुई थी. राहुल गांधी ने कहा था, ”कोई नहीं पूछ रहा कि आप प्याज खाती हैं या नहीं. आप वित्त मंत्री हैं और हम पूछ रहे हैं कि अर्थव्यवस्था क्यों संकट का सामना कर रही है. अगर आपने गरीब से गरीब व्यक्ति से भी पूछा होता तो आपको उचित जवाब मिल जाता.”आपको बता दें देश में यह पहला मौका है जब प्याज या किसी और खाद्य पदार्थ में इस तरह से आश्चर्यजनक रुप से मूल्य वृद्धि हुई है.

  • सर्दी में इस HOT हॉलीवुड एक्ट्रेस ने PM Modi को क्यों लिखा पत्र…

    सर्दी में इस HOT हॉलीवुड एक्ट्रेस ने PM Modi को क्यों लिखा पत्र…

    दिल्ली। पीपुल्स फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे पत्र में हॉलीवुड एक्ट्रेस पामेला एंडरसन ने सरकारी बैठकों और कार्यों में शाकाहारी भोजन परोसने का आग्रह किया हैं।
    दिल्ली के बिगड़ते एयर क्वालिटी इंडेक्स से चिंतित पेटा की माननीय निदेशक पामेला एंडरसन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि सरकार की सभी आधिकारिक बैठकों और कामों में केवल शाकाहारी भोजन परोसने का प्रावधान कर पर्यावरण को बचाने के लिए काम करें. अपने पत्र में उन्होंने बताया है कि डेयरी, मांस और अंडों के लिए जानवरों के पालन-पोषण के कारण 20% ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन होता है।
    उन्होंने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने भी शाकाहारी खाने की ओर बढ़ने की सलाह दी है, ताकि पर्यावरण को बचाया जा सकें. पामेला ने लेटर में यह भी लिखा है कि पूरी तरह से पौधे से बने खाने को खाने से न केवल जानवरों की जान बचाई जा सकती है, बल्कि मीट और डेयरी के खाने से होने वाली बीमारियों जैसे मधुमेह, स्तन कैंसर और दिल की बीमारी से भी बचा जा सकता है।
    पामेला पिछले कई सालों से शाकाहारी का प्रमोशन कर रही हैं और अक्सर पेटा की मुहीम में शाकाहारी जीवन शैली को बढ़ावा देती नजर आती हैं. पिछले साल द गार्जियन के साथ एक इंटरव्यू में पामेला ने खुलासा किया कि उन्होंने बहुत कम उम्र में ही हंटिंग गेम की क्रूरता के बाद मांस खाना छोड़ दिया था.
  • IAS एसोसिएशन ने दिवंगत IAS उइके के परिवार से एक सदस्य को नौकरी देने की मांग, विदेश दौरे पर कहा- निजी खर्च और छुट्टी पर जाने का पूरा अधिकार

    IAS एसोसिएशन ने दिवंगत IAS उइके के परिवार से एक सदस्य को नौकरी देने की मांग, विदेश दौरे पर कहा- निजी खर्च और छुट्टी पर जाने का पूरा अधिकार

    रायपुर। छत्तीसगढ़ आईएएस एसोसिएशन की सामान्य सभा की बैठक शनिवार को मंत्रालय में की गई. बैठक में सदस्यों ने कहा कि हाल ही में आईएएस अधिकारियों की निजी विदेश यात्राओं को लेकर प्रकाशित खबर के संबंध में तथ्यों को मीडिया ने सही तरीके से प्रस्तुत नहीं किया है, जिससे इस संबंध में आम जनता द्वारा यह निष्कर्ष निकाला जा रहा है कि कुछ अधिकारी विदेश यात्राओं के शौकीन हैं, जबकि आज के युग में सभी को अपने निजी व्यय से अवकाश पर जाने या भ्रमण करने का पूरा अधिकार है।

    यह भी स्पष्ट है कि यदि आईएएस अधिकारी निजी विदेश यात्रा पर गये हैं. तो उन्होंने इसकी विधिवत अनुमति भी ली है. कुछ अधिकारी ऐसे भी हैं, जिनके परिवार के सदस्य वर्तमान में विदेश में कार्यरत हैं तथा उनको निजी व्यय से परिवार के साथ मिलने जाने का पूरा अधिकार है. मीडिया से अपेक्षा है कि तथ्यों को इस तरह प्रस्तुत नहीं करना चाहिए जिससे आईएएस अधिकारियों के व्यवहार को गैर जिम्मेदाराना माना जाये और इससे भारतीय प्रशासनिक सेवा की छवि धूमिल हो. एसोसिएशन ने यह निवेदन  किया कि किसी अधिकारी के बारे में तथ्यों की व्याख्या करने के पहले संबंधित अधिकारी का वक्तव्य भी ले लिया जाये, ताकि उक्त अधिकारी की बात जनता के बीच आ जाए।

    गौरतलब है कि सामान्य सभा की अध्यक्षता सीके खेतान ने की. वरिष्ठ अधिकारियों में आर पी. मण्डल, अमिताभ जैन, सुबत साह, निहारिका बारीक, सुबोध सिंह, डी.डी. सिंह, कमलप्रीत सिंह, अविनाश चम्पावत, रीता शांडिल्य उपस्थित थे. सबसे पहले एसोसिएशन ने उनके एक सदस्य चंद्रकांत उईके के असामयिक निधन पर 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी और यह प्रार्थना की गई कि ईश्वर उनके परिवार को इस संकट की घड़ी में संबल प्रदान करे।

    सहयोग राशि करेंगे जमा  

    एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से यह भी निवेदन किया जाए कि उनके परिवार के किसी एक सदस्य को उचित राजपत्रित अधिकारी के पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी जाए. साथ ही एसोसिएशन ने निर्णय लिया कि स्व. चंद्रकांत उईके के पुत्र, जो अभी 12वीं कक्षा में अध्ययनरत् हैं, उनकी उच्च शिक्षा के लिए धनराशि की सहायता दी जाए. एसोसिएशन के सभी सदस्य इस उद्देश्य के लिए अपनी तरफ से सहयोग राशि इकट्ठा करें, जो उनके पुत्र के नाम से सावधि जमा के रूप में रख दिया जाए, ताकि उनका पुत्र आवश्यकता पड़ने पर राशि का उपयोग कर सके. इसके बाद सामान्य सभा में एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2018-19 के लेखा को अनुमोदित किया गया. उक्त लेखा चार्टर्ड एकाउंट द्वारा ऑडिट किया गया।

    किसी भी तरह की छानबीन के लिए हमेशा तैयार

    एसोसिएशन ने कहा कि आईएएस सेवा के अधिकारियों की सेवा में पूर्ण पारदर्शिता और अधिकारियों के जिम्मेदार व्यवहार का पक्षधर है. एसोसिएशन इस बात में भी विश्वास रखता है कि देश की सर्वोच्च सेवा होने के नाते छत्तीसगढ़ के सभी आई.ए.एस. अधिकारी किसी भी तरह की प्रशासनिक समीक्षा या छानबीन के लिए हमेशा तैयार हैं, लेकिन मीडिया से इस बात का ख्याल रखने की अपेक्षा है कि किसी अधिकारी की निष्ठा, प्रतिष्ठा एवं छवि बेवजह धूमिल न हो.एसोसिएशन द्वारा प्रशासन अकादमी, छत्तीसगढ़ से यह भी अनुरोध करने का निर्णय लिया गया कि परिवीक्षाधीन आई.ए.एस. अधिकारियों को एक सप्ताह के मंत्रालय के परिचयात्मक मॉड्यूल प्रशिक्षण में आवश्यक रूप से शामिल किया जाए, ताकि उन्हें मंत्रालयीन कामकाज का ज्ञान हो सके

  • हर ‘थाने’ में बनेगी ‘महिला डेस्क’ 100 करोड़ रुपये जारी,रेप की बढ़ती घटनाओं के बाद सरकार का बड़ा फैसला…

    हर ‘थाने’ में बनेगी ‘महिला डेस्क’ 100 करोड़ रुपये जारी,रेप की बढ़ती घटनाओं के बाद सरकार का बड़ा फैसला…

    दिल्ली। देश में महिलाओं के खिलाफ लगातार अत्याचार की घटनाएं हो रही हैं. जिनको रोकने में सरकार और प्रशासन बुरी तरह से नाकाम रहा है. अब सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है।

    केंद्र सरकार ने महिला सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है. सरकार ने कहा है कि देश के सभी थानों में महिला डेस्क बनाई जाएंगी. गृह मंत्रालय सभी थानों को निर्भया फंड से 100 करोड़ रुपये देगा. यह योजना देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लागू होगी।

    गृह मंत्रालय ने देशभर के सभी पुलिस थानों में महिला सहायता डेस्क बनाने की मंजूरी दे दी है. इसके बाद देश के हर थाने में महिला हेल्प डेस्क स्थापित की जाएगी. इससे महिलाओं से जुड़े अपराधों से निपटने में मदद मिलेगी और महिलाओं को तेजी से न्याय दिलाया जा सकेगा.

  • ये हैं देश के सबसे भ्रष्ट राज्य…

    ये हैं देश के सबसे भ्रष्ट राज्य…

    दिल्ली। देश में करप्शन सबसे बड़ी समस्या के तौर पर उभरा है. सरकारें इसको रोकने में बुरी तरह से नाकाम रही हैं. ऐसे में एक निजी संस्था ने देश के करप्ट राज्यों की रैंकिंग जारी की है. जो कि हर साल की तरह इस साल भी बता रही है कि कौन से राज्य देश में सबसे करप्ट हैं।

    इंडियन करप्शन सर्वे 2019 की रिपोर्ट में देश के सबसे भ्रष्ट राज्यों की लिस्ट जारी की गई है. इस लिस्ट में बताया गया है कि देश का सबसे करप्ट राज्य कौन सा है. इंडियन करप्शन सर्वे 2019 की रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान देश का सबसे करप्ट राज्य है।

    इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर लालू यादव के लंबे समय तक कुशासन का शिकार रहा बिहार है जबकि छोटा सा राज्य झारखंड नंबर तीन पर है. वहीं देश का सबसे बड़ा सूबा उत्तर प्रदेश नंबर चार पर है जबकि तेलंगाना का नाम पांचवें स्थान पर है. गुजरात, केरल, गोवा और हरियाणा देश के सबसे कम करप्ट राज्यों में से एक हैं।

  • एक्सपायरी डेट का इंजेक्शन लगाने से मौत’ संचालक डॉ गोयल गिरफ्तार, भारी हंगामे के चलते भारी पुलिस बल तैनात और धारा 144 लागू

    एक्सपायरी डेट का इंजेक्शन लगाने से मौत’ संचालक डॉ गोयल गिरफ्तार, भारी हंगामे के चलते भारी पुलिस बल तैनात और धारा 144 लागू

    रायपुर। राजधानी रायपुर के समता कॉलोनी स्थित गोयल अस्पताल में युवती को एक्सपायरी डेट वाला इंजेक्शन लगाने से युवती की मौत हो गयी है। जिसके चलते आक्रोश में सैकड़ों लोगों ने अस्पताल को घेर लिया। जिसके कारण पुलिस ने डॉक्टरों को सुरक्षित किया।  बढ़ईपारा निवासी 30 वर्षीय युवती को हल्का सर्दी बुखार की शिकायत के बाद परिजन गोयल अस्पताल लेकर गये थे। जहाँ पैडिकोर इंजेक्शन एक्सपायरी डेट का इंजेक्शन लगाते ही युवती का शरीर नीला पड़ गया और थोड़ी देर में युवती की मौत हो गयी।

    https://youtu.be/a5LQG3u5npE

    परिजनों ने अस्पताल प्रशाशन पर लापरवाही का आरोप लगे है साथ ही अस्पताल प्रबंधन के अड़ियल रवैये को लेकर भी लोग नाराज़ हो गए है। भीड़ के उग्र रवैये को लेकर नाराज़ डॉक्टर एकजुट हो रहे है। जानकारी के मुताबिक अस्पताल प्रबंधन का अड़ियल रवैये बना हुआ है तथा वह ऐसी किसी भी लापरवाही से इंकार कर रहा है। शिकायत के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच कर रही है। भीड़ के उग्र रवैये को लेकर नाराज़ डॉक्टर एकजुट हो रहे हैं। डॉक्टर्स एसोशिएशन ने राजधानी के सभी निजी अस्पतालों में काम बंद करने की चेतावनी दी है। डॉक्टर राकेश गुप्ता ने अस्पताल को भारी पुलिस सुरक्षा देने और घटना की जांच करने की मांग की है।

    आचार संहिता लागू होने और माहौल तनावपूर्ण होने के चलते समता कॉलोनी में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है वहीं धारा 144 भी लागू कर दिया गया है। थाने के अंदर ही डॉक्टर्स बैठ गए हैं जबकि बाहर लोग मौजूद है।

  • दिशा’ को लेकर देश में उबाल के बीच राष्ट्रपति कोविंद का बड़ा बयान, पाक्सो एक्ट के दोषियों को नहीं हो क्षमा याचिका का अधिकार, संसद करे विचार…

    दिशा’ को लेकर देश में उबाल के बीच राष्ट्रपति कोविंद का बड़ा बयान, पाक्सो एक्ट के दोषियों को नहीं हो क्षमा याचिका का अधिकार, संसद करे विचार…

    रायपुर। महिलाओं के साथ बलात्कार और जलाकर मार दिए जाने की घटनाओं के बीच राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पाक्सो एक्ट में दोषी व्यक्तियों के लिए क्षमा याचिका का प्रावधान खत्म करने की बात कहकर नई बहस छेड़ दी है।

    राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद शुक्रवार को राजस्थान के सिरोही जिला स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के अंतर्राष्ट्रीय मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए. कार्यक्रम में राष्ट्रपति ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा एक बहुत गंभीर मुद्दा है. इस बारे में बहुत काम किया गया है लेकिन अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है. लड़कियों पर आसुरी हमलों की घटनाएं देश की अंतरात्मा को झकझोर देती हैं. प्रत्‍येक माता-पिता की जिम्मेदारी है कि वह लड़कों में महिलाओं के प्रति सम्मान की भावनाओं का समावेश करे.राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि पाक्सो एक्ट के दोषियों को क्षया याचिका का अधिकार नहीं दिया जाना चाहिए. इस विषय पर संसद में विचार किए जाने की जरूरत है।

    राष्ट्रपति के इस बयान की पूरे देश में चर्चा हो रही है. ऐसे समय में जब घटना के 12 साल बाद भी निर्भया के दोषियों को सजा नहीं मिल पाई है, राष्ट्रपति के इस बयान का महत्व काफी बढ़ गया है. बता दें कि जघन्य मामलों की तरह पाक्सो एक्ट में फांसी की सजा पाने वाले दोषी को क्षमा याचिका दाखिल करने का अधिकार है. लेकिन हैदराबाद में महिला वेटरनरी डॉक्टर के साथ हुई घटना के बाद राष्ट्रपति के बयान से नए सिरे से विचार की उम्मीद जगी है।

  • ‘दिशा’ गैंगरेप के चारों हैवानों का शव लेने से परिजनों ने किया इनकार,  पुलिस एनकाउंटर में हुए थे ढेर….

    ‘दिशा’ गैंगरेप के चारों हैवानों का शव लेने से परिजनों ने किया इनकार, पुलिस एनकाउंटर में हुए थे ढेर….

    दिल्ली। हैदराबाद गैंगरेप के चारों आरोपियों के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद उनके परिजनों ने शव लेने से इंकार कर दिया है.  पुलिस उनके शव को परिजनों को देने की तैयारी में थी, लेकिन उनके परिजनों ने शवों को लेने से मना कर दिया. लिहाजा अब तेलंगाना पुलिस सभी आरोपियों अंतिम संस्कार कर सकती है।
    दरअसल शुक्रवार सुबह महिला डॉक्टर से गैंगरेप और हत्या मामले में गिरफ्तार चारों आरोपियों को लेकर पुलिस घटना स्थल पर जांच करने पहुंची थी. इसी दौरान दो आरोपी पुलिस की गन लेकर भागने की कोशिश करने लगे. मना करने पुलिस के ऊपर फायरिंग करनी शुरु कर दी. जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें चारों रेपिस्ट मारे गए. यह एनकाउंटर नेशनल हाइवे-44 के पास हुआ। बता दें कि 27 नवंबर की रात को हैदराबाद में महिला डॉक्टर के साथ हैवानियत की हदें पार करते हुए चार आरोपी मोहम्मद आरिफ, नवीन, चिंताकुंता केशावुलु और शिवा ने गैंगरेप के बाद जिंदा जला दिया था।
  • आखिरकार जिंदगी की जंग हार गई उन्नाव गैंगरेप पीड़िता, मौत से पहले बोली थी, ‘मेरी ये हालत करने वाला कोई जिंदा न बचे’

    आखिरकार जिंदगी की जंग हार गई उन्नाव गैंगरेप पीड़िता, मौत से पहले बोली थी, ‘मेरी ये हालत करने वाला कोई जिंदा न बचे’

    दिल्ली। गैंगरेप का शिकार हुई उन्नाव की पीड़िता ने दम तोड़ दिया है. शुक्रवार देर रात दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान रात 11 बजकर 40 मिनट पर मौत हो गई. पीड़िता को जेल से बेल पर रिहा हुए आरोपियों ने जलाकर मारने की कोशिश की थी. जिससे वो 90 प्रतिशत जल चुकी थी. जिसके बाद लखनऊ से एयर लिफ्ट कर उसे सफदरजंग अस्पताल में दाखिल कराया गया था. डॉक्टरों के मुताबिक उसकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है।

    उन्नाव पीड़िता 5 दिसंबर को इसी केस के सिलसिले में रायबरेली कोर्ट जाने के लिए निकली थी. उसी दौरान जेल से छूटे आरोपियों ने उसे जिंदा आग के हवाले कर दिया. जिससे वो 90 फीसदी जल गई थी.दरअसल उन्नाव की बेटी के साथ दिसंबर साल 2018 में रेप हुआ था. पुलिस के पास दर्ज पीड़िता के बयान के मुताबिक गांव के ही शिवम त्रिवेदी नाम के शख्स ने शादी का झांसा देकर उसके साथ रेप किया।

    रेप के दौरान उसका वीडियो बनाया और वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर उसके साथ बार-बार रेप किया. इस दौरान शिवम के साथ उसके दोस्त शुभम समेत पांच लोगों ने इस घिनौनी हरकत में उसका साथ दिया.पीड़िता की मौत के बाद अब परिवार आरोपियों को फांसी देने की मांग कर रहा है. सभी पांच आरोपी पहले ही पकड़े जा चुके हैं. एसआईटी जांच भी हो रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जल्द से जल्द इंसाफ दिलाने का भरोसा भी दिलाया है.वहीं अब पीड़िता के परिजनों व रिश्तेदारों का कहना है कि उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं. ऐसे देखना यह होगा कि अब पीड़िता को सरकार किस तरह से न्याय दिलाती है।

    पीड़िता के पास में खड़े अस्पताल के बर्न यूनिट के हेड डॉ. शलभ और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुनील गुप्ता ने बताया कि उसके मुंह से निकली हुई बातें इतनी ही समझ में आ रहीं थी कि वह जानना चाह रही थी कि वह बच जाएगी न. डॉक्टरों ने बताया कि उसने इशारों में और हल्की आवाज में कहा कि वह मरना नहीं चाहती है. उसने यह भी कहा कि उसके साथ ऐसा करने वाला कोई बचे न।

    गैंगरेप पीड़िता जिंदगी की जंग हार गई, लेकिन मरने से पहले उसने भावुक होकर कहा था कि वह मरना नहीं चाहती है और उसके साथ ऐसा करने वाला कोई जिंदा नहीं बचना चाहिए. अब क्या सरकार उसके गुनाहगारों को फांसी की सजा देगी ? क्योंकि उसके परिजन भी यही मांग कर रहे हैं कि आरोपियों को फांसी हो या फिर हैदराबाद की तरह एनकाउंटर कर दिया जाए.

  • चर्चा : गैंगरेप आरोपियो के एनकाउंटर पर IPS रतनलाल डांगी का फेसबुक पोस्ट,पुलिस की किसी भी प्रकार की गलत कार्रवाई पर विवेक से काम लेना जरूरी

    चर्चा : गैंगरेप आरोपियो के एनकाउंटर पर IPS रतनलाल डांगी का फेसबुक पोस्ट,पुलिस की किसी भी प्रकार की गलत कार्रवाई पर विवेक से काम लेना जरूरी

    रायपुर। हैदराबाद गैंगरेप के आरोपियों के एनकाउंटर के बाद पुलिस का जहाँ सम्मान हो रहा है, तो वहीं उनकी ओर से की गई कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं. देश भर में इस लेकर तरह-तरह की चर्चा है. इन चर्चाओं के बीच छत्तीसगढ़ के आईपीएस अफसर रतनलाल डांगी का फेसबुक पोस्ट भी चर्चा में आ गया है.दुर्ग जिले में डीआईजी के रूप पदस्थ रतनलाल डांगी हैदराबाद पुलिस की कार्रवाई से सहमत नहीं है. उनका कहना है कि भावनाओ में बहकर किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए. समाज में इसका क्या असर पड़ सकता है इसे देखना जरूरी है. उन्होंने अपने फेसबुक पर पोस्ट किया है. जिसमें उन्होंने लिखा है- भावनाओ में बहकर पुलिस की किसी भी प्रकार की गलत कार्रवाई की वाह-वाही में विवेक से काम लेना बहुत जरूरी है।
    रतनलाल डांगी ने कहा कि जब हालात नाजुक हो तो संयम से काम लेना चाहिए. वक्त देना चाहिए. इस तरह से कानून को भावनाओं में आकर काम नहीं करना चाहिए. कल इस तरह की कार्रवाई का दुरुपयोग भी हो सकता है. वैसे पुलिस पर सवाल उठते रहते हैं. कानून के मुताबिक संयम से कार्रवाई होनी चाहिए. हमारे सामने कई घटनाएँ समाज में जब पुलिस कई मर्तबा गलतियाँ हो जाती है. समाज पुलिस पर ही सवाल उठाती रही है. ऐसे में कल को कुछ और भी हो सकता है. मुझे लगता ऐसे नाजुक मौके पर संयम, विवेक की जरूरत है. विशेषकर तब और जब हम पर जनभावनाएँ हावी हो।