Category: राष्ट्रीय

  • पुलिस चौंकी खरसिया में लगा बॉडी सेनीटाइजर मशीन

    पुलिस चौंकी खरसिया में लगा बॉडी सेनीटाइजर मशीन

    रानी सती ट्रेड़र्स द्वारा होम मेड़ मशीन खरसिया पुलिस को दी गयी

    सुनील अग्रवाल खरसिया। वैष्विक महामारी कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिये पुलिस चौकी  खरसिया में रानी सती ट्रेड़र्स के संचालक द्वारा होम मेड़ बाॅड़ी सेनेटाईजर मशीन गयी, जिसके प्रयोग से खरसिया पुलिस के जवान स्वयं को सेनेटाईज कर सकेंगे।
    नगर की प्रतिश्ठित फर्म रानी सती ट्रेडर्स के संचालक अजय बंसल ने बताया कि महामारी के इस दौर में जब हर किसी को अपनी जान का खतरा है, हमारे पुलिस के जवान हमारी सुरक्षा के लिये हमेषा तत्पर है उन पुलिस के जवानों की सुरक्षा भी बहुत जरूरी है। इसी बात को ध्यान में रखकर अजय बंसल ने अपने भाई मानस बंसल और भतीजे विवेक बंसल के सहयोग से घरेलू सामान का उपयोग कर एक सैनेटाईजर मशीन तैयार किया और उस मशीन को पुलिस चौंकी में लगाया गया जिससे कि पुलिस के जवान स्वयं को सैनेटाईज कर सकें। खरसिया एसड़ीएम और एसड़ीओपी पीतांबर पटेल के द्वारा 15 अपै्रल को इस मशीन का उद्घाटन किया गया इस दौरान थाना प्रभारी सुम्मत राम साहू, चौंकी प्रभारी नंद किशोरे गौतम सहित खरसिया पुलिस के जवान मौजूद थे। खरसिया पत्रकार संघ के सचिव सुनील अग्रवाल ने पत्रकार साथी अजय बंसल के द्वारा किये गये कार्य की सराहना करते हुये कहा कि वैष्विक महामारी के इस दौर में खरसिया पत्रकार संघ खरसिया पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है, कोरोना वायरस के खिलाफ इस युद्ध में पुलिस के जवान, स्वास्थ्य विभाग के साथ साथ मीड़िया जगत भी तन मन धन से जुटा हुआ है। सुनील अग्रवाल ने कहा कि पत्रकार साथी अजय बंसल के द्वारा प्रदत्त इस मशीन से निश्चित तौर पर कोरोना के खिलाफ युद्ध में सहायता मिलेगी। खरसिया पत्रकार संघ ने नगरवासियों से अपील की है कि लाॅकड़ाउन का पालन करें और जब तक बहुत ज्यादा जरूरी न हो, अपने घरों से बाहर न निकलें, कोरोना से लड़ाई में प्रशासन को सहयोग प्रदान करें।

  • 3 मई तक देश बंद, लॉकडाउन पर नई गाइडलाइन जारी,सिर्फ इन्हें मिली है छूट….

    3 मई तक देश बंद, लॉकडाउन पर नई गाइडलाइन जारी,सिर्फ इन्हें मिली है छूट….

    दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश में कोरोना की वजह से लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ा दिया है. बुधवार को गृह मंत्रालय ने लॉकडाउन बढ़ाने को लेकर नई विस्तृत गाइडलाइन जारी की है. इसमें सभी मंत्रालयों/ विभागों, भारत सरकार, राज्य/केन्द्र शासित प्रदेश सरकारों और राज्य/केन्द्रशासित प्रदेशों के अधिकारियों द्वारा किए जाने वाले उपायों पर समेकित संशोधित दिशानिर्देश जारी किया गया है.

    3 मई तक बंद

    जारी गाइडलाइन के अनुसार बस, रेल, हवाई सफर पर रोक जारी रहेगी. स्कूल, कॉलेज, कोचिंग, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, व्यायामशाला, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, स्विमिंग पूल, फैक्ट्रियां और मॉल सभी बंद रहेंगे. सभी मंदिर और पूजा स्थल और सार्वजनिक धार्मिक स्तल भी बंद कर दिए गए हैं. घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी रोक लगा दी गई है. औद्योगिक गतिविधियों पर रोक जारी रहेगी. हॉटस्पॉट वाले इलाकों में कोई छूट नहीं मिलेगी. सभी तरह के परिवहन पर रोक जारी रहेगी. जरूरी सेवाओं को छोड़कर यातायात पर रोक लगा दी गई है. एक राज्य से दूसरे राज्य और एक जिले से दूसरे जिले में लोगों के आने-जाने पर भी रोक लगा दी गई है. सभी सामाजिक, राजनीतिक, खेल, धार्मिक कार्य, धार्मिक स्थल, पूजा स्थल 3 मई तक बंद रहेंगे.

    इन्हें मिली है छूट

    गाइडलाइन के अनुसार खाने-पीने और दवा बनाने वाली तमाम इंडस्ट्रीज़ खुली रहेंगी. इसके साथ ही ग्रामीण भारत में सारे कल-कारखाने खोलने का निर्देश दिया गया है. कृषि, मनरेगा और खेती किसानी से जुड़े कामों को इजाजत दी गई है. जिसके तहत सिंचाई और जल संरक्षण को प्राथमिकता दें. आवश्यक सेवाओं के लिए वाहनों के आने-जाने की इजाजत दी गई है. 20 अप्रैल के बाद ग्रामीण इलाकों में सड़क और मकान बनाने में छूट, वो भी जहां कोरोना का केस न हो.

    थूकने पर जुर्माना

    गाइडलाइन में यह भी कहा गया है कि सार्वजनिक जगहों में पान और गुटका खाकर थूकने पर जुर्माना लगाया जाएगा. इसके साथ ही लॉकडाउन का उल्लंघन करने पर सजा भी दी जाएगी. मास्क लगाना अनिवार्य कर दिया गया है यानी अब सभी को मास्क लगाना जरूरी है.

  • मैं हूँ कोरोना,मैं तभी तुम्हे संक्रमित करूँगा जब तुम खुद मेरे पास आओगे, मुझसे बचना है तो घर पर ही रहो

    मैं हूँ कोरोना,मैं तभी तुम्हे संक्रमित करूँगा जब तुम खुद मेरे पास आओगे, मुझसे बचना है तो घर पर ही रहो

    लॉक डाउन में लोगों को जागरूक करने खरसिया पुलिस ने अपनाया अनोखा तरीका….

    सुनील अग्रवाल खरसिया लॉक डाउन में लोगों को कोरोना वायरस के प्रति जागरूक करने के लिए पुलिस विभाग खरसिया ने अनोखा तरीका अपनाया। कोरोना वायरस का वेश धरे हुए पुलिस के दो जवानों ने आज शहर में घूम-घूम कर लॉक डाउन का पालन नही करने वाले, लापरवाही पूर्वक बिना कारण बाहर घूम रहे लोगों को संदेश दिया कि कोरोना आपसे व आपके घर से तब तक दूर रहेगा जब तक आप उसे खुद लेने घर से बाहर नही निकलेंगे। मतलब घर के बाहर निकलने से कोरोना वायरस से संक्रमित होने की संभावनाएं हर जगह मौजूद हो सकती है। यदि लोग लॉक डाउन में लापरवाही बरतेंगे, बाहर घूमेंगे, भीड़ लगायेंगे, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नही करेंगे, नियमित हाथ की सफाई नही करेंगे, तो कोरोना वायरस के संपर्क में आ सकते हैं। जिससे खुद तो संक्रमित होंगे ही, अपने घर परिवार, मोहल्ले में भी इस संक्रमण को फैलाएंगे। जो बहुत घातक सिद्ध हो सकता है। इससे बचने का सबसे बढिय़ा तरीका है अपने-अपने घरों पर बने रहें। शासन-प्रसाशन के दिशा निर्देशों का पालन करें। नियमित हाथ धोते रहें। सजग रहें, सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।

    उल्लेखनीय है कि प्रशासन और पुलिस विभाग कोरोना वायरस को लेकर लोगों में जागरूकता फैलाने लगातार मुहिम चला रहा है। जिले में लॉक डाउन का पालन करवाने स्वयं पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह, एएसपी अभिषेक वर्मा व सीएसपी अविनाश ठाकुर मोर्चा संभाले हुए हैं, वहीं खरसिया अनुविभाग में एसडीओपी पीताम्बर पटेल, नगर निरीक्षक सुम्मत राम साहू और चौंकी प्रभारी नंद किशोर गौतम अपनी टीम के साथ डटे हुए हैं। खरसिया थाना प्रभारी सम्मत राम साहू ने बताया कि वर्तमान परिदृश्य में लॉक डाउन का पालन करना क्यों इतना महत्वपूर्ण है के संबंध में लोगों को समझाईश भी दी जा रही है, इसका उल्लंघन करने पर संबंधित लोगों के ऊपर कानूनी कार्यवाही भी की जाएगी।

  • अब आम आदमी को इस संकटकाल के दौरान राहत देने के लिए पूरे देश में बीस लाख सुरक्षा स्टोर शुरु करने जा रही सरकार…

    अब आम आदमी को इस संकटकाल के दौरान राहत देने के लिए पूरे देश में बीस लाख सुरक्षा स्टोर शुरु करने जा रही सरकार…

    दिल्ली। कोरोना के खिलाफ सरकार पूरी ताकत से जंग लड़ रही है। सरकार अब आम आदमी को इस संकटकाल के दौरान राहत देने के लिए पूरे देश में बीस लाख सुरक्षा स्टोर शुरु करने जा रही है। इन स्टोर को लाकडाउन के दूसरे दौर में लोगों की सहूलियत के लिए खोला जाएगा।

    दरअसल, देश भर में बीस लाख सुरक्षा स्टोर शुरू करने का मकसद कोरोना का सामुदायिक संक्रमण रोकना है। केंद्र सरकार की पूरे देश में ऐसे सुरक्षा स्टोर खोलने की योजना है। इन दुकानों में सुरक्षा के सारे उपाय किए जाएंगे और यहां आने वाले लोगों को उनके रोजमर्रा की जरूरत की सारी चीजें मुहैया कराई जाएंगी। केंद्र सरकार पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप यानि कि पीपीपी मॉडल के आधार पर इस योजना को लागू करने की तैयारी कर रही है।

    सरकार का उपभोक्ता मामलों का मंत्रालय इस योजना को अमली जामा पहनाने में जुटा है और इस योजना को शुरू करने के लिए देश की बड़ी एफएमसीजी कंपनियों के साथ पहले दौर की बातचीत हो चुकी है। इस योजना में दुकानों को सैनिटाइज रिटेल स्टोर में बदला जाएगा। सरकार ने इस योजना में प्राइवेट फर्मों को शामिल करने का फैसला किया है। इन स्टोर में आपको राशन पानी सब मिलेगा लेकिन बेहद सतर्कता और सेहत की सुरक्षा को बरकरार रखकर सामान आपको उपलब्ध कराया जाएगा।

  • प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार सुबह 10 बजे देश को करेंगे संबोधित, ट्वीट कर दी जानकारी

    प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार सुबह 10 बजे देश को करेंगे संबोधित, ट्वीट कर दी जानकारी

    रायपुर। देश में लगातार बढ़ते जा रहे कोरोना वायरस के मामलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को एक बार फिर देश को संबोधित करेंगे. पीएम मोदी सुबह 10 बजे राष्ट्र को संबोधन देंगे. पीएमओ इंडिया ने ट्वीट कर जानकारी दी है।

    पीएम मोदी कल सुबह घोषणा करेंगे कि लॉकडाउन को आगे बढ़ाया जाना है कि नहीं. हालांकि माना जा रहा है कि वो अपने संबोधन में कुछ जरूरी चीजों में रियायत देकर देश में जारी लॉकडाउन की अवधि को बढ़ा सकते हैं. उन्होंने पिछली बार जब देश को संबोधित किया था तो 21 दिनों के लॉकडाउन का एलान किया था. इस लॉकडाउन का मंगलवार 14 अप्रैल को आखिरी दिन है।

    बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी कल देने वाले अपने संबोधन में अगले दो हफ्ते और लॉकडाउन बढ़ाने का एलान कर सकते हैं. यानी की 30 अप्रैल तक लॉकडाउन बढ़ सकता है. माना जा रहा है कि इस बार लॉकडाउन में कुछ क्षेत्रों में ढील भी दी जा सकती है. महाराष्ट्र, तेलंगाना, पंजाब और ओडिशा ने पहले से ही 30 अप्रैल तक लॉकडाउन बढ़ा दिया है।

    बता दें कि देश भर में कोरोना 9 हजार 152 मरीज सामने आ चुके हैं. जिसमें से 308 लोगों की मौत हो गई है. वहीं 856 लोग ठीक होकर घर लौट चुके हैं।

  • एसोसिएशन की बैठक में हुआ फैसला छत्तीसगढ़ में नहीं खुलेंगे उद्योग, उद्योगपतियों ने सरकार के नियम-शर्तों पर जताई असहमति….

    एसोसिएशन की बैठक में हुआ फैसला छत्तीसगढ़ में नहीं खुलेंगे उद्योग, उद्योगपतियों ने सरकार के नियम-शर्तों पर जताई असहमति….

    रायपुर। राज्य सरकार ने रविवार को प्रदेश के तमाम उद्योगों को कुछ नियम शर्तों के आधार पर ही कारोबार चलाने का आदेश जारी किया था. जिसके बाद सोमवार को उद्योग एसोसिएशन की वीडियो कॉंफ्रेसिंग के जरिए बैठक हुई. जिसमें प्रदेश के बड़े एसोसिएशन ने यह निर्णय लिया है कि वो लॉकडाउन की अवधि में उद्योग का कारोबार चालू नहीं करेंगे।

    एसोसिएशन की बैठक में जो बातें निकलकर सामने आई है उसमें प्रमुख बाते यह रही है कि छत्तीसगढ़ राज्य माल का उत्पादन करता है, फिर उसे दिल्ली, महाराष्ट समेत अन्य राज्यों में भेजा जाता है. लेकिन लॉकडाउन की वजह से माल का ट्रांसपोर्ट नहीं हो सकेगा. जिसे लेकर सरकार की तरफ से कोई दिशा निर्देश जारी नहीं किया गया है. ऐसे में माल बनाने के बाद उसका ट्रांसपोर्ट नहीं हो पाएगा. माल बनकर केवल डंप ही रह जाएगा।

    सरकार ने उद्योगों में सिर्फ 40 प्रतिशत मजदूरों से काम लिए जाने का शपथ पत्र मांगा था. इतने मजदूरों में काम नहीं होने का हवाला देते हुए एसोसिएशन ने सरकार के इस फैसले पर असहमति जताई है. इनका कहना है कि 40 प्रतिशत मजदूरों से सिर्फ मेंटेनेंश का काम ही हो सकता है. इनसे उत्पादन का काम नहीं लिया जा सकता है।

    एसोसिएशन ने बैठक में इस बात पर भी कड़ी अपत्ति जताई कि केंद्र और राज्य सरकार ने उद्योगों को लॉकडाउन के दौरान किसी भी प्रकार की राहत नहीं दी है. जिससे वो काम कर पाने अपनी असहमित जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने बैंकों को भी आढ़े हाथों लेते हुए कहा कि केंद्र सरकार से मिले निर्देशों के बाद भी बैंकों द्वारा ईएमआई काटी जा रही है।

    कई राज्यों में उद्योगों को बिजली फिक्स चार्जेस की छूट दी गई है, लेकिन छत्तीसगढ़ में इस प्रकार की कोई राहत नहीं दी गई है. बिजली को लेकर भी किसी प्रकार की छूट नहीं मिलने पर अपनी अपत्ति जाहिर की है।

    इस बैठक में वीडियो कॉंफ्रेसिंग के जरिए उरला उद्योग एसोसिएशन, रोलिंग मिल एसोसिएशन, मिनी स्टील एसोसिएशन, स्पंज आयरन एसोसिएशन समेत प्रदेश के कई छोटे-बड़े उद्योग एसोसिएशन के सदस्य शामिल रहे।

  • सीएम भूपेश ने बदली अपनी डीपी, मास्क पहने नजर आए….

    सीएम भूपेश ने बदली अपनी डीपी, मास्क पहने नजर आए….

    रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में मास्क की अनिवार्यता होने के बाद अपने सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर मास्क वाला डीपी लगाकर लोगों को जागरूक करने की पहल की है. अब तक 17 हजार से अधिक लोगों ने फेसबुक पर इसे पंसद किया है. बघेल ने इस डीपी के साथ अपने ट्वीट संदेश में कहा है कि छत्तीसगढ़ राज्य में प्रत्येक व्यक्ति को घर से बाहर सार्वजनिक स्थानों में निकलते समय मास्क पहनना अनिवार्य है. चिकित्सकीय विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार कोविड-19 की रोकथाम और बचाव के लिए मास्क फेस कव्हर पहना आवश्यक है।

    उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य में प्रत्येक व्यक्ति को अब घर से बाहर सार्वजनिक स्थानों में निकलते समय मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है। राज्य सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा इस माह की 11 तारीख को मंत्रालय महानदी भवन से इस आशय का आदेश जारी किया गया है। चिकित्सकीय विशेषज्ञों द्वारा कोविड-19 के रोकथाम एवं बचाव के लिए प्रत्येक व्यक्ति को मास्क-फेस कवर पहनना आवश्यक बताया गया है। यह एपिडेमिक एक्ट 1897 एवं छत्तीसगढ़ एपिडेमिक डीसीजेज कोविड-19 विनियम 2020 तथा छत्तीसगढ़ पब्लिक हेल्थ एक्ट 1949 की धारा 71 (1) के तहत अनिवार्य किया गया है। बिना मास्क-फेस कवर के घर से बाहर सार्वजनिक स्थानों पर जाना इसका उल्लंघन माना जाएगा और तदनुसार विधिक कार्यवाही की जाएगी।

    आदेश में कहा गया है कि बाजार में मिलने वाले ट्रिपल लेयर मास्क का प्रयोग किया जा सकता है. होम मेड तीन परतों वाला फेस कवर बनाया जा सकता है. इस होम मेड मास्क-फेस कवर को साबुन से सफाई से धोकर पुनः प्रयोग में लाया जा सकता है। मास्क और फेस कवर उपलब्ध ना होने की स्थिति में गमछा, रूमाल, टुपट्टा आदि का भी उपयोग फेस कवर के रूप में किया जा सकता है। बशर्ते मास्क-फेस कवर पूर्ण रूप से मुंह एवं नाक को ढकने में सक्षम हो। कभी भी उपयोग में लाया हुआ फेस कवर मुंह, नाक ढकने में प्रयुक्त होने वाला गमछा आदि का पुनः प्रयोग बिना साबुन से अच्छी तरह साफ किए नहीं किया जाना चाहिए।

  • परिवहन विभाग ने जारी किया निर्देश, लॉकडाउन में आवश्यक वस्तुओं का मार्ग पर संचालन के लिए ड्राइविंग लाइसेंस के अतिरिक्त किसी और अनुमति की आवश्यकता नहीं…

    परिवहन विभाग ने जारी किया निर्देश, लॉकडाउन में आवश्यक वस्तुओं का मार्ग पर संचालन के लिए ड्राइविंग लाइसेंस के अतिरिक्त किसी और अनुमति की आवश्यकता नहीं…

    रायपुर। कोरोना वायरस की वजह से देश में लगे लॉकडाउन के दौरान आवश्यक सामग्री लेकर आवाजाही कर रहे मालवाहक चालकों को बेवजह परेशान किया जा रहा है. ऐसी स्थिति में छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग ने तमाम कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और परिवहन अधिकारियों को नए सिरे से निर्देश जारी किया है।

    परिवहन विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह की ओर से जारी दिशा-निर्देश में केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए बताया गया कि आवश्यक और गैर-आवश्यक माल परिवहन और मालवाहकों को राज्य के भीतर और अंतरराज्यीय मार्ग पर संचालन के लिए ड्राइविंग लाइसेंस के अतिरिक्त किसी और अनुमति की आवश्यकता नहीं है. ऐसे में ड्राइविंग लाइसेंस होने पर माल लदे होने के अलावा माल नहीं लदे रहने पर भी उन्हें न रोका जाए. इसके अलावा परिवहन विभाग की ओर से मालवाहकों के ड्राइवर और क्लिनरों को उनके निवास से ट्रकों तक आने-जाने की सुविधा प्रदान की जाए।

    विभाग ने स्पष्ट किया कि यह निर्देश कोरोना वायरस की वजह से प्रतिबंधित किए गए क्षेत्र पर लागू नहीं होता. इसके अलावा वाहनों की आवाजाही के दौरान स्वच्छता और सोशल डिस्टेंसिंग के मापदंडों के कड़ाई से पालन को सुनिश्चित करने कहा है।

  • कोरोना वायरस से बचने सरकार का आदेश, छत्तीसगढ़ में मास्क पहनना हुआ अनिवार्य….

    कोरोना वायरस से बचने सरकार का आदेश, छत्तीसगढ़ में मास्क पहनना हुआ अनिवार्य….

    रायपुर। दूध, सब्जी जैसे जरूरी सामान खरीदने भी यदि आप बाहर जा रहे हैं, तो ध्यान रखिए आपको मास्क लगाना होगा. कोरोना वायरस संक्रमण का फैलाव रोकने राज्य सरकार ने मास्क लगाना अनिवार्य कर दिया है. स्वास्थ्य विभाग ने आदेश जारी कर कहा है कि सार्वजनिक स्थलों में बगैर मास्क पहने निकलने वाले लोगों के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

    स्वास्थ्य विभाग की सचिव निहारिका बारिक ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि कोविड 19 के रोकथाम व बचाव के लिए डाक्टरों ने मास्क पहनने को आवश्यक बताया है. लिहाजा एपिडेमिक एक्ट 1897 की धारा 71 (1)  में प्रदत्त प्रावधानों के अंतर्गत राज्य में सार्वजनिक स्थलों में निकलने समय मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है. बाजार में मिलने वाले ट्रिपल लेयर मास्क का इस्तेमाल किया जा सकता है. यह उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में घर पर बने तीन परतों वाले मास्क का भी उपयोग किया जा सकता है.  मास्क उपलब्ध नहीं होने के हालात में गमछा, दुपट्टा, रूमाल का इस्तेमाल किए जाने की नसीहत दी गई है।

    सरकार ने अपने आदेश में कहा है कि बिना मास्क घर से बाहर सार्वजनिक स्थलों पर जाना एपिडेमिक एक्ट 1897 एवं छत्तीसगढ़ एपिडेमिक डिसीजेज कोविड 19 विनियम 2020 तथा छत्तीसगढ़ पब्लिक हेल्थ एक्ट 1949 की धारा 71(1) का उल्लंघन मानते हुए कानूनी कार्यवाही की जाएगी. इससे पहले दिल्ली, ओडिशा जैसे कई राज्यों में भी मास्क पहनना अनिवार्य किया गया था. मास्क नहीं पहनने की स्थिति में कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है. ओडिशा में नो मास्क नो फ्यूल मुहिम भी चलाया जा रहा है।

  • छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक जगहों में अब मास्क पहनना अनिवार्य,राज्य सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने किया आदेश जारी

    छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक जगहों में अब मास्क पहनना अनिवार्य,राज्य सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने किया आदेश जारी

    रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य में प्रत्येक व्यक्ति को अब घर से बाहर सार्वजनिक स्थानों में निकलते समय मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है। राज्य सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग मंत्रालय महानदी भवन से इस आशय का आदेश जारी किया गया है।
    जारी आदेश के तहत चिकित्सकीय विशेषज्ञों द्वारा कोविड-19 के रोकथाम व बचाव के लिए प्रत्येक व्यक्ति को मास्क-फेस कवर पहनना आवश्यक बताया गया है। यह एपिडेमिक एक्ट 1897 एवं छत्तीसगढ़ एपिडेमिक डीसीजेज कोविड-19 विनियम 2020 तथा छत्तीसगढ़ पब्लिक हेल्थ एक्ट 1949 की धारा 71 (1) के तहत अनिवार्य किया गया है। बिना मास्क-फेस कवर के घर से बाहर सार्वजनिक स्थानों पर जाना इसका उल्लंघन माना जाएगा और तदनुसार विधिक कार्यवाही की जाएगी।
    आदेश में कहा गया है कि बाजार में मिलने वाले ट्रिपल लेयर मास्क का प्रयोग किया जा सकता है अथवा होम मेड तीन परतों वाला फेस कवर बनाया जा सकता है। इस होम मेड मास्क-फेस कवर को साबुन से सफाई से धोकर पुनः प्रयोग में लाया जा सकता है। मास्क और फेस कवर उपलब्ध ना होने की स्थिति में गमछा, रूमाल, टुपट्टा आदि का भी उपयोग फेस कवर के रूप में किया जा सकता है। बशर्ते मास्क-फेस कवर पूर्ण रूप से मुंह एवं नाक को ढकने में सक्षम हो। कभी भी उपयोग में लाया हुआ फेस कवर मुंह, नाक ढकने में प्रयुक्त होने वाला गमछा आदि का पुनः प्रयोग बिना साबुन से अच्छी तरह साफ किए नहीं किया जाए।