Category: राष्ट्रीय

  • जानिए क्या है वायरल तस्वीर का सच..

    जानिए क्या है वायरल तस्वीर का सच..

    रायपुर। कुछ वक्त पहले नेटफ्लिक्स पर एक डॉक्यूमेंट्री आई थी जिसमें यह बताया गया था कि कैसे सोशल मीडिया ने जिंदगी को अपने इर्द-गिर्द ऐसा फंसा रखा है कि इसकी जाल से निकल पाना नामुमकिन है। आज के समय में सोशल मीडिया जो दिखाना चाहता है हम और आप वह देखते हैं मानते हैं और समझते हैं वास्तविकता में जो नहीं है उसका भी होने का भ्रम सोशल मीडिया के वजह से हो जाता है और उस भ्रम की वजह से कभी कभी नुकसान भी हो जाता है।

    सोशल मीडिया के द्वारा फैलाया गया ऐसा ही एक भ्रम इन दिनों खूब वायरल हो रहा है सोशल मीडिया में छतरी लिए खड़े हुए शख्स की तस्वीर को वायरल करते हुए यह बताया गया है कि इस तस्वीर में नजर आ रहे शख्स छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव आरपी मंडल है और उनके साथ जो महिला है वह मुख्यमंत्री सचिवालय में पदस्थ उप सचिव सौम्या चौरसिया है तस्वीर को देख कर पहली नजर में ही यह धारणा बन सकती है की तस्वीर सच कह रही है, इस तस्वीर में मुख्य सचिव अपनी जूनियर अधिकारी को बारिश से बचा रहे हैं। इस तस्वीर के सोशल मीडिया में वायरल होते ही इस तस्वीर पर टिप्पणी और कमेंट भी आने लगे कुछ लोगों ने इस तस्वीर को नेगेटिव इमेज बताकर उसे प्रचारित किया तो कुछ नहीं इस तस्वीर में मुख्य सचिव के नारी सम्मान की भावनाओं को व्यक्त करते हुए उनकी तारीफ की।

    क्या है हकीकत

    उक्त तस्वीर की पड़ताल करने पर यह तस्वीर भूखी साबित हुई है उक्त तस्वीर में न तो मुख्य सचिव आरपी मंडल है और ना ही मुख्यमंत्री सचिवालय की उप सचिव सौम्या चौरसिया..

    हकीकत में यह तस्वीर बलौदा बाजार जिले की एडिशनल एसपी निवेदिता पॉल की है जो एक तेरहवीं में शोक श्रद्धांजलि व्यक्त करने पहुंची थी उनके साथ उनके अधीनस्थ डीएसपी संजय तिवारी है जो अपने अधिकारी को छाता लेकर बारिश से बचा रहे हैं इस तस्वीर को सोशल मीडिया में यह कह कर प्रचारित किया जाएगा की यह आरपी मंडल और सौम्या चौरसिया की तस्वीर है और लोगों ने बिना जांच किए इसे सच मान कर इस पर कमेंट करना शुरू कर दिया।

    एक अपील आप सभी से

    हम अपने सभी पाठकों से अपील करते हैं कि सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी मैसेज को बिना जाने, जांचें, समझे उसे वायरल ना करें न ही कोई प्रतिक्रिया दें, जरूरी नहीं की सोशल मीडिया में डाली गई हर बात सच ही हो। कोरोना काल में भी सोशल मीडिया के द्वारा कोरोना से सम्बंधित ऐसी कई बातों को प्रचारित किया गया जो सच नहीं थी रायगढ़ जिले के पुलिस कप्तान को जिले वासियों से अपील तक करनी पड़ी थी कि वह सोशल मीडिया में भ्रामक कंटेंट पोस्ट ना करें अन्यथा कानूनी कार्यवाही का सामना करना पड़ सकता है।

  • पुलिस विभाग में थोक में तबादले

    पुलिस विभाग में थोक में तबादले

    रायपुर। राज्य के अलग अलग जिलों में पदस्थ पुलिस अधिकारियों सहित 27 पुलिसकर्मियों को एंटी करप्शन ब्यूरों में पदस्थ किया गया है। जारी लिस्ट में एडिशनल एसपी, डीएसपी, निरीक्षक, एसआई, एएसआई सहित कई पुलिसकर्मियों के नाम शामिल है।

  • रायपुर ड्रग्स तस्करी मामले में बिलासपुर के 5 रईसजादे गिरफ्तार,नशे का व्यापार करने में मुख्य किरदार निभा रहा था बिलासपुर का आरक्षक!

    रायपुर ड्रग्स तस्करी मामले में बिलासपुर के 5 रईसजादे गिरफ्तार,नशे का व्यापार करने में मुख्य किरदार निभा रहा था बिलासपुर का आरक्षक!

    एसएसपी ने किया खुलासा

    रायपुर ड्रग्स तस्करी मामले में बिलासपुर के 5 रईसजादे गिरफ्तार,नशे का व्यापार करने में मुख्य किरदार निभा रहा था बिलासपुर का आरक्षक, एसएसपी ने किया खुलासा


    नशा के विरूद्ध रायपुर पुलिस का अभियान लगातार जारी अवैध रूप से नशीली एम.डी.एम.ए. का व्यापार करने वाले मुख्य तस्कर सहित 07 आरोपी गिरफ्तार,
    आरोपियों के कब्जे से 93 ग्राम एम.डी.एम.ए. कीमत लगभग 15,00,000/- रूपये किया गया जप्त
    थाना कोतवाली क्षेत्रांतर्गत बैरन बाजार स्थित पाॅलीटेक्निक कालेज पास दिनांक 30.09.2020 को नशीला पदार्थ एम.डी.एम.ए. के साथ आरोपी श्रेयांस झाबक एवं विकास बंछोर को किया गया था गिरफ्तार।
    आरोपियों ने गिरफ्तारी पश्चात् पूछताछ में किया था एम.डी.एम.ए. का अवैध व्यापार करने वाले कुछ बड़े नामों का खुलासा।
    आरोपियों से प्राप्त जानकारी के आधार पर पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री अजय कुमार यादव द्वारा सायबर सेल एवं थाना कोतवाली की संयुक्त टीम का किया गया था गठन।
    टीम द्वारा आरोपियों से प्राप्त जानकारी के आधार पर ड्रग्स रैकेट के सभी कड़ियांे को जोड़ने का किया जा रहा था लगातार प्रयास।
    टीम को इस दौरान जानकारी प्राप्त हुई कि ड्रग्स पैडलर्स इस व्यापार के लिये करते है अपने लिये एक तरह के विशेष नाम का उपयोग।
    आरोपी श्रेयांस झाबक को ‘‘जैक‘‘ अभिषेक शुक्ला को ‘‘डेविड‘‘ एवं मिन्हाज मेमन को ‘‘हनी‘‘ दिया गया था ।
    श्रेयांस झाबक ‘‘जैक‘‘, अभिषेक शुक्ला ‘‘डेविड‘‘ एवं मिन्हाज मेमन ‘‘हनी‘‘ है मुख्य आरोपी।
    टीम द्वारा प्राप्त जानकारी के आधार पर अभिषेक शुक्ला उर्फ डेविड़ को किया गया गिरफ्तार और उसके कब्जे से 93 ग्राम एम.डी.एम.ए. किया गया जप्त।
    आरोपी अभिषेक शुक्ला उर्फ डेविड से प्राप्त जानकारी के आधार पर मोह.मिन्हाज उर्फ हनी, एलेन सोरेन, रोहित आहूजा, राकेश अरोरा, अब्दुल अजीम उर्फ सद्दाम एवं लक्ष्मण गाईन को किया गया गिरफ्तार।
    सभी आरोपी ड्रग्स पैडलर्स के रूप में करते थे काम और राज्य के अलग – अलग जिलों में करते थे ड्रग्स की सप्लाई।
    आरोपी लक्ष्मण गाईन जी.आर.पी. बिलासपुर में है आरक्षक के पद पर पदस्थ।
    दिनांक 30.09.2020 को सूचना प्राप्त हुई थी कि थाना कोतवाली क्षेत्रांतर्गत बैरन बाजार स्थित शासकीय पाॅलीटेक्निक के सामने रोड पर 02 व्यक्ति एम.डी.एम.ए. जैसे वस्तु विक्रय हेतु रखें है। सूचना को श्रीमान् पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय श्री अजय यादव द्वारा गंभीरता से लेते हुये अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर श्री लखन पटले, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध श्री अभिषेक माहेश्वरी, नगर पुलिस अधीक्षक कोतवाली श्री डी.सी. पटेल, प्रभारी सायबर सेल श्री रमाकांत साहू एवं थाना प्रभारी कोतवाली श्री आर.के.पात्रे को आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ने के निर्देश दिये गये। जिस पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम द्वारा उक्त स्थान पर जाकर आरोपियों को चिन्हांकित किया जाकर घेराबंदी कर आरोपी श्रेयांस झाबक पिता रमेश झाबक उम्र-36 वर्ष निवासी पंचशील नगर सिविल लाइन्स रायपुर एवं विकास बंछोर पिता सुरेन्द्र बंछोर उम्र-40 वर्ष निवासी मेन रोड कोटा रायपुर को एम.डी.एम.ए. के साथ रंगे हाथ पकड़ा गया।

    जिस पर टीम द्वारा आरोपियों से प्राप्त जानकारी के आधार पर ड्रग्स के काले कारोबार से जुड़े सभी कड़ियों को जोड़ना प्रारंभ किया गया। टीम द्वारा लगातार 10 दिनों तक काम करते हुये इस काले कारोबार से जुड़े आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की गई इस दौरान टीम को जानकारी प्राप्त हुई कि ड्रग्स के कारोबार से जुड़े हुये आरोपियों द्वारा इस कारोबार को करने हेतु अपने लिये एक विशेष नाम का उपयोग किया जाता है और वे आपस में एक-दूसरे को उस विशेष नाम से ही जानते है। ड्रग्स के कारोबार सबसे पहले मिन्हाज मेमन बिलासपुर में प्रारंभ किया था और कुछ दिनों पश्चात् ही उसने अभिषेक उर्फ डेविड को अपने साथ इस व्यवसाय में शामिल कर लिया।

    दोनों इसी दौरान पुणे जाकर 02 – 03 बार ड्रग्स लेकर रायपुर व बिलासपुर में बिक्री किये थे परंतु पैसे की विवाद को लेकर दोनों के मध्य कुछ दिनों पश्चात् अनबन हो गई थी इसलिये दोनों एक – दूसरे से अलग – अलग कारोबार करने लगे। इसी दौरान ड्रग्स के कारोबार में अभिषेक का अच्छा संपर्क बन चुका था। अलग कारोबार करने के दौरान अभिषेक अपने अन्य साथी एलिन सोरेन के संपर्क में आया। एलिन सोरेन गोवा में रहकर होटल मैजेनमेंट की पढ़ाई करता है इसी दौरान वह गोवा में ड्रग्स का कारोबार करने वाले नाइजीरियन (नीग्रो) के संपर्क में आया तथा वह भी इस व्यवसाय में जुड़ गया। एलिन सोरेन ने गोवा में अभिषेक शुक्ला उर्फ डेविड़ का संपर्क नाइजीरियन (नीग्रो) से कराया तब से अभिषेक अपने पेडलर रोहित आहूजा और राकेश अरोरा के साथ कई बार जाकर ड्रग्स गोवा से लेकर आये और बिक्री करने लगे। लक्ष्मण गाईन जो जी.आर.पी. में आरक्षक के पद पर बिलासपुर में कार्यरत है ने अभिषेक को ड्रग्स के लिये पैसा फायनेंस प्रारंभ कर दिया। अभिषेक और लक्ष्मण बिलासपुर में क्रिकेट खेलने के दौरान संपर्क में आये थे तब से कई बार लक्ष्मण की वर्ना कार से भी ड्रग्स लेने गोवा गये है। दिनांक 27.09.2020 केा भी लक्ष्मण और अभिषेक रायपुर में ड्रग्स की डिलीवरी करने आये थे जो पुलिस को भनक लगने पर भाग गये थे। रोहित और राकेश अरोरा को रायपुर व बिलासपुर में एक बार का ड्रग्स सप्लाई करने पर 1,000/- रूपये अभिषेक द्वारा दिया जाता था। चूंकि राकेश और रोहित गरीब तपके से है इसलिये अभिषेक ने उनको पैसा उधार लेने पर 08 प्रतिशत ब्याज लेकर दबा रखा था और राकेश की एक्टिवा वाहन को भी रख लिया था। दिनांक 27.9.2020 को अभिषेक और लक्ष्मण गाईन के रायपुर आने की भनक सायबर सेल को लग जाने के पश्चात् और विकास बंछोर और श्रेयांस झाबक की गिरफ्तारी पश्चात् पकड़े जाने के डर से अपना मोबाईल फोन रास्ते में फेंक दिये और नया मोबाईल नंबर लेकर अपने रिश्तेदारी में इलाहाबाद जाकर छिप गया था, जिसे तत्परता पूर्वक सायबर सेल की टीम द्वारा इलाहाबाद से हिरासत में लेकर रायपुर लाकर पूछताछ किया गया तो उसने संपूर्ण ड्रग्स रैकेट का खुलासा किया और उसके निशानदेही पर आरोपी अभिषेक उर्फ डेविड द्वारा तिफरा बिलासपुर स्थित घर से 93 ग्राम एम.डी.एम.ए. कीमती लगभग 15,00,000/-रूपये जप्त किया गया। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसके साथ इस काले कारोबार में मिन्हाज मेमन उर्फ हनी एलिन सोरेन, रोहित आहूजा, राकेश अरोरा उर्फ सोनू, लक्ष्मण गाईन एवं अब्दुल अजीज उर्फ सद्दाम जुड़े है।

    जिसके आधार पर आरोपी मोह0 मिन्हाज उर्फ हनी, एलेन सोरेन, रोहित आहूजा, राकेश अरोरा, अब्दुल अजीम उर्फ सद्दाम एवं लक्ष्मण गाईन को बिलासपुर के अलग – अलग स्थानों से पकड़कर गिरफ्तार किया गया। अभिषेक शुक्ला उर्फ डेविड़ आरोपी रोहित आहूजा और राकेश उर्फ सोनू अरोरा के माध्यम से राज्य के बिलासपुर एवं रायपुर जिलों में सप्लाई करते थे। आरोपी लक्ष्मण गाईन के कब्जे से घटना मंे प्रयुक्त हुण्डई वर्ना कार क्रमांक सी जी/04/एच क्यू/1011 को भी जप्त किया गया है। इस तरह से रायपुर पुलिस द्वारा इस ड्रग्स के काले कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क को तोड़ते हुये सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। रायपुर के 05 अन्य ड्रग्स कारोबारी का नाम सामने आया है जो आरोपी श्रेयांस झाबक एवं विकास बंछोर की गिरफ्तारी के बाद से फरार हो गये है, जिनकी पतासाजी की जा रही है। इसके अलावा कई अन्य ग्राहक जो ड्रग्स क्रय करते थे सभी फरार हो गये है, जिनकी पतासाजी की जा रही है। ऐसी जानकारी प्राप्त हुई कि आरोपी मिन्हाज मेमन अपने साथी सद्दाम के साथ रायपुर के कई क्लबों में भी ड्रग्स की सप्लाई करता था, जिसके संबंध में विस्तृत पूछताछ करते हुये जानकारी एकत्रित की जा रही है। आरोपियों द्वारा ड्रग्स की लत लगाने के लिये ग्राहकों को पहले सस्ते दाम में ड्रग्स दिया जाता है और लत लगने के बाद अधिक दामों में बिक्री किया जाता था। रायपुर पुलिस द्वारा ड्रग्स कारोबारियों के विरूद्ध अब तक की पहली व सबसे बड़ी कार्यवाही की गई। नशा का कारोबार करने वाले कारोबारियों के विरूद्ध रायपुर पुलिस का अभियान लगातार जारी रहेगा।

    गिरफ्तार आरोपी

    1. अभिषेक शुक्ला उर्फ डेविड पिता शशिकांत शुक्ला उम्र 26 साल निवासी यदुनंदन नगर तिफरा बिलासपुर।
    2. मोह0 मिन्हाज उर्फ हनी पिता फजल मेमन उम्र 26 साल निवासी राज किशोर नगर बिलासपुर।
    3. एलेन सोरेन पिता जार्ज सोरेन उम्र 22 साल निवासी बंधवापारा सरकण्डा बिलासपुर।
    4. रोहित आहूजा पिता कन्हैया लाल आहूजा उम्र 21 साल निवासी खान बाड़ा जबड़ापारा बिलासपुर।
    5. राकेश अरोरा उर्फ सोनू पिता अशोक अरोरा उम्र 28 साल निवासी कपिल नगर सरकण्डा बिलासपुर।
    6. अब्दुल अजीम उर्फ सद्दाम पिता अब्दुल वहीद उम्र 27 साल निवासी पुराना बस स्टैण्ड बिलासपुर।
    7. लक्ष्मण गाईन पिता सुधांशु गाईन उम्र 32 साल निवासी सिरगिट्टी बिलासपुर
  • बेहद उपयोगी है मोर बिजली एप्प,सौ फीसदी नि:शुल्क सेवा…

    बेहद उपयोगी है मोर बिजली एप्प,सौ फीसदी नि:शुल्क सेवा…

    छत्तीसगढ़। राज्य शासन की रीति नीति प्रदेश के सभी श्रेणी के बिजली उपभोक्ताओं को सस्ते दाम पर बिजली के साथ गुणवत्तापूर्ण सेवा सुविधा देने की है इस दिशा में आगे बढ़ते हुए न्यू टेक्नोलॉजी का उपयोग करके छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिसटीब्यूशन कंपनी ने मोर बिजली एप को निर्मित किया है, जिसके नए फीचर्स का लोकार्पण मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कर कमलों से हुआ।


    छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार आरंभ की गई यह सुविधा बिजली उपभोक्ताओं को विद्युत विषयक कार्यों के लिए बिजली दफ्तर के चक्कर लगाने से लगभग सोलह आना बचा सकती है। इस ऐप को गूगल प्ले स्टोर पर जाकर कोई भी उपभोक्ता निशुल्क डाउनलोड कर सकता है, और बिजली संबंधित 16 प्रकार से अधिक कार्यो का निपटारा घर बैठे किसी भी समय कर सकता है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का यही संदेश रहा है कि उपभोक्ता हमारे परिवार का एक अभिन्न सदस्य है उसकी सेवा में संपूर्ण त्याग और निष्ठा का परिचय देकर ही संस्था को आगे बढ़ाया जा सकता है।
    इसके अनुपालन में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 5 अक्टूबर 2020 की शाम 6:00 बजे अपने निवास कार्यालय से मोर बिजली एप में शामिल नए फीचर्स का शुभारंभ करना निर्धारित किया गया था। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज के चेयरमैन सुब्रत साहू, प्रबंध निदेशक श्रीहर्ष गौतम सहित अन्य अधिकारीयों की उपस्थिति का अनुमान है। मोर बिजली एप को एक बार मोबाइल पर डाउनलोड करने के बाद उपभोक्ता गण कभी भी किसी समय बिजली संबंधित 16 किस्म के कार्यो का निपटारा चुटकी बजाते कर सकते हैं ।
    यह सुविधा पूरी तरह से निशुल्क है । पावर कंपनी प्रबंधन द्वारा अपील की गई है कि निशुल्क जनहितकारी मोर बिजली एप को अपनाएं साथ ही अधिकाधिक लोगों को अपनाने के लिए प्रेरित करें।

  • डीजीपी अवस्थी ने ली आईजी-एसपी की बैठक…बोले,महिलाओं से संबंधित प्रकरणों में “किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी”….

    डीजीपी अवस्थी ने ली आईजी-एसपी की बैठक…बोले,महिलाओं से संबंधित प्रकरणों में “किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी”….

    रायपुर। पुलिस महानिदेशक डीएम अवस्थी ने आज पुलिस मुख्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्य के सभी पुलिस महानिरीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों की बैठक ली। उन्होंने महिलाओं से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा की।
            पुलिस महानिदेशक श्री अवस्थी ने सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया कि महिलाओं से संबंधित अपराधों पर त्वरित कार्रवाई करें, ऐसे प्रकरणों में विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    महिलाओं से संबंधित घटनाओं में विभागीय जांच में उप पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी ही विवेचना करें। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में निरीक्षक, उप निरीक्षक, प्रधान आरक्षक, आरक्षक के भरोसे नहीं रहना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि महिलाओं से संबंधित अपराधों पर नियंत्रण के लिए जिलेवार मेकेनिजम बनाया जाए, ताकि घटनाओं की समीक्षा जल्द हो सके। उन्होंने कहा कि महिलाओं से संबंधित प्रकरणों में कार्रवाई जरूर करें ताकि पुलिस की बेहतर छवि बन सके।

        श्री अवस्थी ने कहा कि राज्य में अवैध शराब, ड्रग्स, सट्टा, हुक्काबार, गांजा से संबंधित अपराधों में कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि डायल 112 और हाईवे पेट्रोलिग के कर्मचारियों की रोटशनवार ड्यूटी लगाई जाए।

    इसके साथ ही ऐसे पुलिस कर्मचारी जिनके विरूद्ध शिकायत मिले, उन्हें तत्काल निलंबित कर उनके विरूद्ध विभागीय जांच कराई जाए।

  • लॉकडाउन खत्म के साथ समय की पाबंदी भी हो खत्म -नितिन अग्रवाल

    लॉकडाउन खत्म के साथ समय की पाबंदी भी हो खत्म -नितिन अग्रवाल

    व्यापारियों को व्यापार के संचालन समय में मिले पूरी छूट

    खरसियारायगढ़ जिले में लॉकडाउन दिनाँक 30 सितम्बर 2020 तक प्रभावी है एवं 1 अक्टूबर से सम्भवतः बाजारों में लेनदेन पुनः प्रारंभ होगा।कोरोना महामारी में जनता कर्फ्यू के बाद से क्रमशः लगे लॉकडाउन के प्रभाव से जिला भी अछूता नहीं रहा है।लॉकडाउन ने सभी उच्च,मध्यम एवं अल्प सभी आय वर्गों के लोगों की कमर तोड़कर रख दी है।किंतु इससे सबसे ज्यादा वे लोग प्रभावित हुए हैं जो दैनिक रोजगार से अपने परिवार का लालन पालन करते हैं एवं ऐसे लोगों का व्यापार लगभग समाप्त ही हो चुका है जिनका व्यापार ठेले चौपाटी आदि से जुड़ा था।खरसिया के युवा व्यवसायी एवं सामाजिक कार्यकर्ता नितिन अग्रवाल ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से जिलाधीश महोदय का ध्यानाकर्षण करते हुए कहा है कि 30 सितम्बर की रात पूर्ण हो रहे लॉकडाउन के साथ समय की पाबंदी भी हटाया जाना सभी लोगों के लिए हितकर है।संचालन की समय सीमा का कम होना दुकानों में भीड़ का कारण बनता है एवं साथ ही साथ इससे कमजोर वर्ग की दैनिक रोजीरोटी पर बुरा प्रभाव भी पड़ता है।समय के संचालन में पूरी तरह छूट जिले की बिगड़ी अर्थव्यवस्था को सहारा देगा साथ ही साथ कमजोर वर्गों के लिए दो वक्त की रोटी का जरिया बनेगा।युवा व्यवसायी नितिन अग्रवाल ने इस सम्बंध में माननीय जिलाधीश से मार्मिक अपील करते हुए कहा है कि इस सम्बंध में भावनात्मक रूप से विचार किया जाना जरूरी है एवं समय सीमा के दायरे में छूट के साथ यदि व्यापार संचालन का अवसर दिया जाए तो यह सभी के लिए हितकर होगा।

  • राज्य सरकार ने 5 आईएएस अफसरों के किये तबादले…. चंद्रकांत रायगढ़ के सहायक कलेक्टर बने….देवेश को बलौदाबाजार SDM का जिम्मा

    राज्य सरकार ने 5 आईएएस अफसरों के किये तबादले…. चंद्रकांत रायगढ़ के सहायक कलेक्टर बने….देवेश को बलौदाबाजार SDM का जिम्मा

    रायपुर। राज्य सरकार ने चार IAS अफसरों का नया पोस्टिंग आदेश जारी किया है। 2017 बैच के IAS चंद्रकांत वर्मा को सारंगढ़ SDM  से रायगढ़ का सहायक कलेक्टर बनाया गया है। वहीं 2018 बैच के देवेश कुमार ध्रुव को बिलासपुर के सहायक कलेक्टर से बलौदाबाजार-भाटापारा का SDM बनाया गया है।

    वहीं 2018 बैच के ही अभिषेक शर्मा सरगुजा के सहायक कलेक्टर से SDM कटघोरा, कोरबा बनाया गया है। जबकि उसी बैच के अविनाश मिश्रा को बस्तर सहायक कलेक्टर से दंतेवाड़ा का SDM और संबित मिश्रा को सहायक कलेक्टर रायगढ़ से अनुविभागीय अधिकारी धरमजयगढ बनाया गया है।

  • पहली बार रेलवे में बनाया गया CEO का पद, इस अधिकारी को मिली जिम्मेदारी….

    पहली बार रेलवे में बनाया गया CEO का पद, इस अधिकारी को मिली जिम्मेदारी….

    दिल्ली। रेलवे के इतिहास में पहली बार सीईओ का पद बनाया गया है। इस पद पर रेलवे बोर्ड के चेयरमैन वी के यादव को तैनात किया गया है।

    वीके यादव रेलवे बोर्ड के चेयरमैन होने के साथ साथ सीईओ की भी जिम्मेदारी निभाएंगे। मंत्रिमंडल की नियुक्ति मामलों की समिति ने इस नियुक्ति की मंजूरी दे दी है। रेलवे के इतिहास में यह पहला मौका है जब रेलवे में सीईओ का पद बनाया गया है। यादव इस पद पर काम करनेवाले पहले व्यक्ति होंगे।वीके यादव को जहां रेलवे बोर्ड का चेयरमैन और सीईओ बनाया गया है वहीं प्रदीप कुमार को इन्फ्रास्ट्रक्चर, पीसी शर्मा को ट्रैक्शन एंड रोलिंग स्टॉक, पीएस मिश्रा को ऑपरेशंस एंड बिजनेस डेवलपमेंट और मंजुला रंगराजन को फाइनेंस की जिम्मेदारी देते हुए रेलवे बोर्ड का सदस्य बनाया गया है। मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति के अनुसार इसके तहत रेलवे बोर्ड में तीन पदों को समाप्त कर दिया गया है। ये पद हैं सदस्य, स्टाफ, सदस्य, इंजीनियरिंग और सदस्य, सामग्री प्रबंधन।

  • खरसिया चेंबर ऑफ कॉमर्स ने कलेक्टर से किया निवेदन

    खरसिया चेंबर ऑफ कॉमर्स ने कलेक्टर से किया निवेदन


    लॉकडाउन बढ़ने की स्थिति में दुकानों के लिए प्रातः 8 से दोपहर 2 बजे तक निर्धारित करें समय


    खरसिया । खरसिया चेंबर ऑफ कॉमर्स में रायगढ़ कलेक्टर भीम सिंह से निवेदन किया है कि लाक डाउन बढ़ने की स्थिति में खरसिया में दुकानों के खुलने का समय 8:00 से दोपहर 2:00 बजे तक किया जाए। अभी खरसिया में दुकानों के खुलने का समय सुबह 6:00 से 11:00 बजे तक है।
    रायगढ़ कलेक्टर श्री भीम सिंह सोमवार से लॉकडाउन की अवधि में बढ़ोतरी कर सकते हैं ऐसे में खरसिया चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष मुकेश मित्तल ने जिलाध्यक्ष श्री भीम सिंह से दूरभाष पर बात कर उनसे लॉकडाउन की अवधि में अनुमति प्राप्त दुकानों के खुलने के समय में परिवर्तन किए जाने का निवेदन करते हुए खरसिया में दुकान खुलने का समय 8:00 से दोपहर 2:00 बजे तक करने की मांग की है। उल्लेखनीय है कि अभी खरसिया में अनुमति प्राप्त दुकान सुबह 6:00 से 11:00 बजे तक खुल रही हैं। चेंबर ऑफ कॉमर्स खरसिया के अध्यक्ष मुकेश मित्तल, सचिव राजेंद्र अग्रवाल, उपाध्यक्ष अनिल अग्रवाल (एस एन) कैलाश अग्रवाल (सपना) नरेश ओम, युगल किशोर, संजय अग्रवाल दीपक अमित राज अजय गब्बर आदि ने बताया कि सुबह 6:00 बजे का समय होने से जहां दुकानदारों को काफी परेशानी हो रही है वहीं ग्रामीण अंचलों से शहर पहुंचने में ग्रामीण भी दिक्कत अनुभव कर रहे हैं क्योंकि उन्हें शहर पहुंचने के लिए सुबह 4-5 बजे उठना पड़ रहा है। साथ ही दुकानों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए भी सुबह 6:00 बजे पहुंच पाना संभव नहीं हो पा रहा है जिसके कारण उनकी रोजी मजदूरी में दिक्कत आ रही है। नगर के दुकानदार भी सुबह 6:00 बजे के समय को व्यवहारिक नहीं मानकर असुविधा महसूस कर रहे हैं। ऐसे में चेंबर ऑफ कॉमर्स खरसिया में जिलाध्यक्ष श्री भीम सिंह से निवेदन किया है कि यदि खरसिया में लाक डाउन की अवधि बढ़ाई जाती है तो अनुमति प्राप्त दुकानों के खुलने का समय 8:00 से दोपहर 2:00 बजे तक किया जाए।

  • 161 फीट ऊंचे राम मंदिर के प्रस्तावित मॉडल की तस्वीरें जारी, अयोध्या के हर कोने से दिखेगा शिखर

    161 फीट ऊंचे राम मंदिर के प्रस्तावित मॉडल की तस्वीरें जारी, अयोध्या के हर कोने से दिखेगा शिखर

    राम मंदिर 70 एकड़ में बनेगा, तीन एकड़ में मंदिर और कॉरिडोर होगा
     67 एकड़ भूमि में म्यूजियम, सीता, लक्ष्मण, भरत और भगवान गणेश के मंदिर बनेंगे
     श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 1989 में राम मंदिर का मॉडल बनाया गया था।


    अयोध्या। अयोध्या में कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भगवान राम के मंदिर का भूमि पूजन करेंगे। इससे पहले मंगलवार को राम मंदिर के मॉडल की तस्वीरें सामने आई हैं। 161 फीट ऊंचे राम मंदिर में पांच मंडप और एक मुख्य शिखर है। दावा है कि अयोध्या के हर कोने से यह मंदिर दिखेगा। साल 1989 में राम मंदिर का मॉडल बनाया गया था। जिसमें श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बदलाव किया है। यह मंदिर साढ़े तीन साल में बनकर तैयार होगा।

    राममंदिर का नक्शा तैयार करने वाले चीफ आर्किटेक्ट सोमपुरा के बेटे निखिल सोमपुरा ने बताया कि मंदिर के पास 67 एकड़ जमीन होगी। लेकिन, मंदिर 2 एकड़ में ही बनेगा। बाकी 65 एकड़ की जमीन पर मंदिर परिसर का विस्तार किया जाएगा।
    राम मंदिर के लिए 12 से 14 फीट ऊंचाई का प्लेटफार्म बनाया जाएगा।
    एक अनुमान के मुताबिक, मंदिर में एक दिन में एक लाख राम भक्त पहुंच सकेंगे। इसी को ध्यान में रखकर मंदिर के मॉडल में बदलाव किया गया है। यह मंदिर नागर शैली में बनेगा। इसमें सीमेंट या सरिया का इस्तेमाल नहीं होगा।



    पहले मंदिर में दो गुबंद बनने थे। मूल मॉडल में बिना परिवर्तन किए इन्हें पांच कर दिया है। गर्भगृह से 200 फीट नीचे की मिट्टी का परीक्षण किया गया था। जिस जगह मिट्टी मंदिर का भार (वजन) सहने में कमजोर मिलेगी, उसके आगे तक मंदिर के आधार का प्लेटफार्म बढ़ाया जाएगा।
     
    मंदिर में सिंहद्वार, रंग मंडप, नृत्य मंडल, पूजा कक्ष और गर्भगृह के ऊपर पांचों गुंबद बनेंगे। शिलापूजन के बाद मशीनें लगाकर नींव खुदाई का काम शुरू हो जाएगा। मंदिर के फर्श में संगमरमर लगाया जाएगा। यह मंदिर लगभग 318 पिलर पर खड़ा होगा।
    यह एक मंडप का दृश्य है। नक्काशी नुमा खंभों पर मंडप को बनाया जाएगा।

    पूरे मंदिर के निर्माण में करीब 1.75 लाख घन फुट पत्थर की जरूरत बताई गई थी। कारसेवकपुरम् में मंदिर के लिए पत्थर तराशे गए हैं, जिनसे एक मंजिला भवन तैयार हो जाएगा। बाकी दो मंजिला भवन के लिए पत्थर तराशे जाएंगे। मंदिर के नींव के प्लेटफार्म को तैयार करने में तीन-चार महीने लग सकते हैं।
     
    यह नागर शैली में बना अष्टकोणीय मंदिर होगा। इसमें भगवान राम की मूर्ति और राम दरबार होगा। मुख्य मंदिर के आगे-पीछे सीता, लक्ष्मण, भरत और भगवान गणेश के मंदिर होंगे।



    मंदिर निर्माण के लिए राम जन्मभूमि न्यास और विश्व हिन्दू परिषद की ओर से पत्थरों को मंगाने और तराशने का काम सितंबर 1990 में शुरू किया गया था।
     
    70 एकड़ भूमि में तीन एकड़ में मंदिर और कॉरिडोर बनेगा। इसके अलावा 67 एकड़ भूमि में कई म्यूजियम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत और भगवान गणेश के मंदिर बनेंगे। पूरा परिसर हरा-भरा होगा।