Category: स्वास्थ्य

  • अच्छी खबर – सिर्फ 5 मिनट में कोरोना सैंपल जांच कर रिपोर्ट जारी करने वाली किट जल्द आ सकती है भारत

    अच्छी खबर – सिर्फ 5 मिनट में कोरोना सैंपल जांच कर रिपोर्ट जारी करने वाली किट जल्द आ सकती है भारत

    नई दिल्ली। कोरोना वारयस का कहर पूरी दुनिया में हाहाकार मचा दिया है। अब भी इसका प्रकोप बढ़ता ही नजर आ रहा है। इसी बीच कोरोना वायरस से बचने के लिए दवाइयों के साथ ही जांच करने वाली किट भी तैयार किए गए है, जिससे 2 दिनों के नहीं बल्कि 5 मिनट में रिपोर्ट जारी करेगी। संक्रमण की जांच से जुड़ी इस किट को अमेरिका में मंजूरी मिल गई है। कंपनी के लैब फिलहाल अमेरिका में उपलब्ध हैं, जबकि भारत में भी इस पोर्टेबल किट से जांच की सुविधा जल्द शुरू हो सकती है।

    एक रिपोर्ट के अनुसार अपने नए टेस्ट किट से पांच मिनट में कोरोना जांच का रिजल्ट देने का दावा करने वाली अमेरिकी फार्मा कंपनी एबॉट ने कहा कि कंपनी भारत में भी कम समय में कोरोना जांच करने वाली यह सुविधा ला सकती है। उन्होंने कहा कि विश्वभर में ज्यादा से ज्यादा जगहों पर ज्यादा से ज्यादा लोगों के बीच वह अपने इस टेस्ट किट को पहुंचाना चाह रही है। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा है कि कंपनी अपने लैब और अन्य टेस्टिंग प्लेटफॉर्मों पर कोरोना जांच की सुविधा लाने वाली है, ताकि दुनियाभर में ज्यादा से ज्यादा लोगों तक यह सुविधा पहुंचे।

  • कोरोना से लड़ने को सेना ने संभाला मोर्चा, लांच किया ‘आपरेशन नमस्ते’

    कोरोना से लड़ने को सेना ने संभाला मोर्चा, लांच किया ‘आपरेशन नमस्ते’

    दिल्ली। देश में कोरोनावायरस के कहर को रोकने के लिए सरकार ने कंप्लीट लाकडाउन की घोषणा की है। अब सरकार के साथ सेना ने भी कोरोनावायरस से लड़ने को कमर कस ली है।

    भारतीय सेना ने कोरोनावायरस से लड़ने को लेकर आपरेशन नमस्ते लांच किया है। सेना ने सीमा पर तैनात सभी सैनिकों की छुट्टी रद्द करते हुए उन्हें एडवायजरी जारी की है कि वो अपने घरों पर जाने के लिए अभी छुट्टी ना लें। सेना उनके घरवालों का पूरा ख्याल रखेगी। सेना ने सैनिकों से कहा है कि वो खुद को सुरक्षित और फिट रखें। सेना प्रमुख ने कहा कि हम अपने कर्तव्यों में तभी सेवा कर सकते हैं जब हम खुद सुरक्षित हों।

    सेना प्रमुख ने सैनिकों के परिजनों के लिए ऐलान किया कि अगर उन्हें कोई समस्या सामने आती है तो परिवार नजदीकी आर्मी कैंप में भी जा सकते हैं। आर्मी चीफ ने कहा कि उन्हें पता था कि छुट्टी को रद्द करने से सैनिकों के मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है लेकिन साल 2001-02 में ऑपरेशन पराक्रम के दौरान सेना के जवानों ने आठ से दस महीने तक छुट्टियां नहीं ली थीं। इस बार भी सैनिक ऐसा ही करेंगे। सेना ने देश के कई हिस्सों में अपने कमांड सेंटर्स में कोरोनावायरस से लड़ने के लिए विशेष हास्पिटल और क्वारंटाइन होम बना रखे हैं। सेना ने इस आपदा से निपटने के लिए हाटलाइन भी तैयार कर रखी है ताकि मौका पड़ने पर या स्थिति बिगडऩे पृ सेना तुरंत अपना काम शुरू कर सके। सेना ने इस अभियान को आपरेशन नमस्ते नाम दिया है।

  • हैदराबाद यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर ने बनाया कोरोनावायरस का टीका, टेस्टिंग होनी बाकी

    हैदराबाद यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर ने बनाया कोरोनावायरस का टीका, टेस्टिंग होनी बाकी

    दिल्ली। देश में कोरोनावायरस से लड़ाई के बीच एक अच्छी खबर सामने आई है। हैदराबाद यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर ने कोरोनावायरस से लड़ने का टीका विकसित किया है। जिसकी टेस्टिंग होनी शेष है।
    दरअसल, हैदराबाद यूनिवर्सिटी की बायोकेमिस्ट्री विभाग के स्कूल ऑफ लाइफ साइंसेज की प्रोफेसर डॉक्टर सीमा मिश्रा ने कोरोनावायरस से लड़ने वाला टीका विकसित किया है। उन्होंने सेल एपिटोप्स नामक टीके को तैयार किया है जो नोवल कोरोनोवायरस के सभी संरचनात्मक और गैर-संरचनात्मक प्रोटीनों के खिलाफ लड़ने में सक्षम है।
    ये वैक्सीन छोटे कोरोनवायरल पेप्टाइड्स हैं, जो अणुओं की कोशिकाओं द्वारा उपयोग किया जाता है। इन वायरल पेप्टाइड्स को नुकसान पहुंचाने वाली कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए रोग-प्रतिरोधक क्षमता तैयार की जा सके। कम्प्यूटेशनल सॉफ्टवेयर के साथ शक्तिशाली इम्यूनोइंफोर्मेटिक्स का उपयोग करते हुए डॉक्टर सीमा मिश्रा ने इन संभावित एपिटोप्स को इस तरह से डिजाइन किया है कि पूरी आबादी को इसका टीका लगाया जा सकता है।

    हैैदराबाद यूनिवर्सिटी ने जानकारी देते हुए बताया कि हमने महज दस दिनों में इस वैक्सीन को बनाया है। अब सिर्फ इस टीके की टेस्टिंग होनी शेष है। टेस्टिंग के नतीजों के बाद सरकार की हरी झंडी मिलते ही इसे आम आदमी के उपयोग के लिए उपलब्ध करा दिया जाएगा। अगर सबकुछ सही रहा तो कोरोनावायरस से लड़ने में ये भारत की महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी।

  • कोरोना के बढ़ते मरीजों की संख्या के बीच जांच के लिए दो विशेष विमानों में पहुंचे मास्क और किट

    कोरोना के बढ़ते मरीजों की संख्या के बीच जांच के लिए दो विशेष विमानों में पहुंचे मास्क और किट

    रायपुर। कोरोना की वजह से बिगड़ती स्थिति से निपटने के लिए केंद्र से मदद पहुंच गई है. पुणे और दिल्ली से मास्क और जांच किट लेकर दो विशेष विमान शनिवार को रायपुर एयरपोर्ट पहुंचे. सामग्रियों को तत्काल प्रभाव से प्रदेश के विभिन्न जिलों में भेजने की व्यवस्था की जा रही है।

     

    कोरोना वायरस के फैलते संक्रमण की वजह से अस्तपालों में मास्क और जांच किट की जरूरत महसूस की जा रही थी. छत्तीसगढ़ की तरह अन्य राज्यों में भी कमोबेश यही स्थिति है. स्थिति से अवगत केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय से तत्काल राहत के तौर पर दो विशेष विमानों से रायपुर मास्क और जांच किट भेजा है।

  • कोरोना  : जिंदगी बचाने के लिए ट्रेन के कोचों को आइसोलेशन वार्ड में किया जाएगा तब्दील

    कोरोना : जिंदगी बचाने के लिए ट्रेन के कोचों को आइसोलेशन वार्ड में किया जाएगा तब्दील

    रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर रेल मंडल में करोना वायरस  के संक्रमण से बचने के लिए ट्रेन के 10 कोचों को आइसोलेशन वार्ड में तब्दील किया जाएगा मंडल रेल प्रबंधक श्याम सुंदर गुप्ता ने संबंधित अधिकारियों को इसके लिए निर्देशित किया है।

    ।कोरोनावायरस के संक्रमण से पीड़ित रोगियों की संख्या में वृद्धि होने पर इन कोचों का उपयोग किया जाएगा इसके लिए इन कोचों को पूर्णता सैनिटाइज करके मेडिकल इक्विपमेंट्स लगाकर आइसोलेशन वार्ड मैं परिवर्तित किया जा रहा है ।

    जानकारी के अनुसार इन कोचों में आइसोलेशन बोर्ड के अनुरूप बदलाव किए जाएंगे जिसमे मुख्य रूप से दो शौचालयों को फर्श लगा कर स्नान कक्ष में बदला जाएगा उसमें स्नान कक्ष में हैंड शॉवर, एक बाल्टी और मग रखे जाएंगे। मिडल बर्थ को हटाया जायेगा, अलग-अलग पार्टीशंस बनाए जाएंगे। 04 नग बोटल होल्डर्स लगाए जाएंगे। चिकित्सा उपकरणों के लिए प्रत्येक डिब्बे में 220 वोल्ट विधुत का प्रावधान, बाहर के लिए 415 वोल्ट की विद्युत आपूर्ति का प्रावधान है, प्रत्येक डिब्बे में एयर प्लास्टिक के पर्दे का प्रावधान। प्रत्येक कोच में 10 आइसोलेशन वार्ड रहेंगे।

  • अच्छी खबरःगर्मी बढ़ते ही कम हो सकता है  कोरोना का प्रकोप

    अच्छी खबरःगर्मी बढ़ते ही कम हो सकता है कोरोना का प्रकोप

    दिल्ली। पूरी दुनियाभर में कोरोनावायरस को लेकर खौफ फैला है। देश में भी इस महामारी के चलते अफरातफरी का आलम है। ऐसे में दुनिया की प्रतिष्ठित मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी की रिसर्च राहतभरी खबर लेकर आई है।

    अमेरिका की मशहूर मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी यानि एमआईटी ने अपने एक रिसर्च में उम्मीद जताई है कि जैसे धूप और गर्मी बढ़ेगी। वैसे वैस कोरोना का प्रकोप भी कम होगा। संस्था ने कोरोना वायरस के पनपने की स्थितियों का अध्ययन करने के बाद ये निष्कर्ष निकाला है। संस्था की रिसर्च के मुताबिक तापमान बढ़ने से मौसम अगर गरम और नमी भरा होगा तो वायरस फैलने की संभावनाएं काफी कम हो जाएंंगी। ये कोरोनावायरस से पीड़ित देशों के लिए राहतभरी खबर है।

    एमआईटी ने रिसर्च में बताया कि जिन देशों में पारा 17 डिग्री से ऊपर और नमी 9 ग्राम प्रति क्यूबिक मीटर से ज्यादा रही है, वहां कोरोना के मामले केवल छह फीसदी ही दर्ज हुए हैं। इस तरह से एमआईटी की ये रिसर्च भारत व गर्म देशों के लिए राहत भरी है। मौसम विभाग ने अगले हफ्ते से लगातार पारा चढ़ने और गर्म मौसम होने की संभावना जताई है। जिसके चलते कोरोनावायरस का प्रकोप कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।

  • छत्तीसगढ़ में कोरोना पाॅजिटिव तीन केस ऐसे, जो हैं लंदन रिटर्न, बीते एक महीने में यूके से लौटे सभी लोगों की जांच करेगी सरकार

    छत्तीसगढ़ में कोरोना पाॅजिटिव तीन केस ऐसे, जो हैं लंदन रिटर्न, बीते एक महीने में यूके से लौटे सभी लोगों की जांच करेगी सरकार

    रायपुर- कोरोना वायरस की रोकथाम में जुटे स्वास्थ्य विभाग ने अपने बड़े फैसले में कहा है कि बीते एक महीने में यू के से छत्तीसगढ़ लौटने वाले सभी लोगों का कोरोना टेस्ट कराया जाएगा. राज्य में अब कोरोना पाॅजिटिव पाए गए 7 मरीजों में से 3 ऐसे हैं, जो यूके से लौटे थे. कई संदिग्ध केस ऐसे भी हैं, जिनकी रिपोर्ट आनी बाकी है.

    राज्य स्तरीय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारिक सिंह ने राज्य में कोरोना संक्रमण एवं बचाव की स्थिति की गहन समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य में अभी तक कोरोना वायरस से पीड़ित 7 मरीजों में से सर्वाधिक 3 मरीज ऐसे मिले हैं, जो यूके से लौटे हैं. इस स्थिति को देखते हुए यह जरूरी है कि बीते एक माह की अवधि में वहां से छत्तीसगढ़ आए सभी लोगों का कोरोना टेस्ट किया जाए. बैठक में बताया गया कि यू के से छत्तीसगढ़ आने वालों की कुल संख्या 73 है. इनके नाम, पता एवं कांटेक्ट की जानकारी संबंधित जिलों के कलेक्टर, एसपी और सीएमएचओ को दे दी गई है और इन लोगों का तत्परता से सैंपल कलेक्ट कर टेस्ट के लिए उपलब्ध कराने को कहा गया है

    हाल के महीनों में करीब 2500 लोग विदेशों से लौटे

    बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि दुनिया के अलग अलग देशों से छत्तीसगढ़ राज्य में आने वालों की संख्या लगभग 2500 है. इनकी सूची भी विभाग ने तैयार कर संबंधित जिलों को उपलब्ध करा दी है. इन सभी लोगों और इनके परिजनों को क्वॉरेंटाइन में रहने की सलाह दी गई है. एक्टिव सर्विलेंस टीम इन लोगों से सतत संपर्क में है और उनके स्वास्थ्य पर निगरानी बनाए हुए हैं. बैठक में सचिव ने यू के से आए लोगों के आस-पास के इलाकों को भी एक्टिव सर्विलेंस में रखने के निर्देश दिए.

    निहारिका बारिक सिंह ने विभागीय अधिकारियों से जिले के सीएमएचओ से सतत संपर्क बनाए रखने तथा वहां आवश्यकतानुसार मास्क व्यक्तिगत सुरक्षा किट, सैंपल किट (वीटीएम) भिजवाए जाने के भी निर्देश दिए. गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य में अभी तक कोरोनावायरस के संक्रमण की स्थिति काफी हद तक नियंत्रित है. कोरोना के समुदाय संक्रमण का अभी कोई प्रमाण राज्य में नहीं मिला है. राज्य में कोरोना के अभी तक 9921 संदेहास्पद लोगों में से 9788 लोगों को चिन्हित कर लिया गया है. 6241 लोग होम क्वॉरेंटाइन में हैं

  • क्या बढ़ेगा 21 दिनों का लॉकडाउन?  कैबिनेट सचिव बोले- सरकार का ऐसा कोई प्लान नहीं

    क्या बढ़ेगा 21 दिनों का लॉकडाउन? कैबिनेट सचिव बोले- सरकार का ऐसा कोई प्लान नहीं

    देश में लागू 21 दिनों के लॉकडाउन की मियाद बढ़ने को लेकर जारी कई तरह की चर्चाओं के बीच अब सरकार का बयान आया है. केंद्रीय कैबिनेट सचिव ने एक बयान में कहा है कि सरकार का लॉकडाउन बढ़ाने का कोई प्लान नहीं है।

    
    

    लॉकडाउन की मियाद पर सरकार का बयान

    लॉकडाउन बढ़ाने का कोई प्लान नहीं: कैबिनेट सचिव

    पीएम मोदी ने किया है 21 दिनों के लॉकडाउन का ऐलान

    देश में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. इस बीच ये वायरस देश में ना फैले इसलिए 21 दिनों का लॉकडाउन लागू किया गया है. लगातार इस बात की चर्चा चल रही थी कि सरकार लॉकडाउन की अवधि को आगे बढ़ा सकती है. जिसपर अब सफाई सामने आई है. कैबिनेट सेक्रेटरी राजीव गौबा ने बयान दिया है कि सरकार की लॉकडाउन बढ़ाने की कोई मंशा नहीं है।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए 24 मार्च से 21 दिनों के लॉकडाउन का ऐलान किया था. ये लॉकडाउन 14 अप्रैल तक जारी रहेगा. इस बीच कोरोना के संकट को देखते हुए लगातार इस तरह की चर्चा हो रही थी कि सरकार 14 अप्रैल के बाद लॉकडाउन की मियाद को बढ़ा सकती है।

    लेकिन अब इन सभी खबरों पर कैबिनेट सेक्रेटरी ने रोक लगा दी और कहा है कि वह इस तरह की रिपोर्ट्स देखकर हैरान हैं और सराकर का अभी ऐसा कोई भी प्लान नहीं है।

    21 दिनों का लॉकडाउन, पूरा देश रुका

    कोरोना वायरस के खतरे के चलते लॉकडाउन का ऐलान किया गया, इस वजह से देश में मेट्रो, ट्रेन, प्लेन समेत सभी सुविधाओं को बंद कर दिया गया है. हर किसी को अपने घरों के अंदर रहने को कहा गया है और जरूरी काम होने पर भी घर से बाहर निकलने को कहा गया. कई राज्य सरकारों ने होम डिलीवरी की सुविधा की व्यवस्था की है, ताकि लोगों को कम से कम घर से बाहर आना पड़े।

    कैसे शुरू हुई थी लॉकडाउन बढ़ने की चर्चा

    21 दिनों के लॉकडाउन की वजह से करोड़ों लोगों पर कामकाज का संकट आ गया, खास तौर पर गरीबों को जरूरत के और खाने-पीने के सामान को लेकर संकट था. इस बीच वित्त मंत्रालय ने राहत पैकेज का ऐलान किया।

    लॉकडाउन के बीच सरकार की ओर से जितने भी पैकेज, राहत का ऐलान किया गया, वो सभी तीन महीने के लिए था. फिर चाहे वो केंद्र सरकार हो या फिर राज्य सरकार, इसी के बाद इस तरह की चर्चाओं ने जोर पकड़ा था कि सरकार लॉकडाउन की मियाद को आगे बढ़ा सकती है।

    गौरतलब है कि सोमवार सुबह तक देश में कोरोना वायरस के केस की संख्या 1139 पहुंच गई है, जबकि इस वायरस की वजह से 30 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. अबतक करीब 98 लोग इस बीमारी से ठीक होकर डिस्चार्ज किए जा चुके हैं।

  • कोरोना से बचाव में हैड्रोक्लोरोक्वीन को मिली मंज़ूरी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने जारी की डॉक्टर की सलाह पर लेने की एडवाइजरी

    कोरोना से बचाव में हैड्रोक्लोरोक्वीन को मिली मंज़ूरी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने जारी की डॉक्टर की सलाह पर लेने की एडवाइजरी

    रायपुर। भारत में कोरोना वायरस से उपचार के लिए हाइड्रोक्लोरोक्वीन का इस्तेमाल करने का आदेश स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने जारी किया है. इस बीच इसके इस्तेमाल से जयपुर में कोरोना प्रभावित मरीज के ठीक होने की ख़बर भी आई है।

    भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के एमडी प्रोफेसर बलराम भार्गव की ओर से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री को भेजे गए पत्र में कोरोना को लेकर गठित राष्ट्रीय टॉस्क फोर्स द्वारा प्रोफेलेक्सिस (prophylaxis) यानि प्रतिरोधक औषधि के तौर पर हाइड्रोक्लोरोक्वीन (hydroxycholoroquine) के इस्तेमाल की अनुशंसा की गई है. हालांकि इसके इस्तेमाल की अनुशंसा योग्य डॉक्टर द्वारा कराने के निर्देश दिए गए हैं. ये दवाई शेड्यूल एच की श्रेणी का है. जिसके काफी साइड इफ़ेक्ट भी हो सकते हैं. बच्चो के लिए इसका इस्तेमाल प्रतिबंधित किया गया है।

    पत्र के साथ संलग्न दस्तावेज में बताया गया कि हाइड्रोक्लोरोक्वीन को कोरोना के खिलाफ लड़ाई में लेबोरेटरी टेस्ट में असरकारक पाया गया है. वहीं प्री-क्लीनिकल डाटा में भी इस बात के सबूत मिले हैं कि ये कोरोना से लड़ने में कारगर है. इस बात को ध्यान में रखते हुए संदिग्ध कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों के इलाज में लगे स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और कोरोना प्रभावित लोगों की वजह से संक्रमित घरेलू सामानों की सफाई के लिए इसके इस्तेमाल को अनुमति दी गई है।  15 साल से कम उम्र के बच्चों और रेटिनोपैथी और हाइड्रोक्लोरोक्वीन के प्रति संवेदनशील लोगों पर इस दवा के इस्तेमाल की मनाही की गई है, साथ ही इसे किसी डॉक्टरी सलाह के बिना लेना भी वर्जित किया गया है।

  • मास्क 15 करोड़ रुपए से अधिक का जप्त, कालाबाजारी करने में के लिए जुटाए थे मास्क

    मास्क 15 करोड़ रुपए से अधिक का जप्त, कालाबाजारी करने में के लिए जुटाए थे मास्क

    मुंबई।  कोरोना के कारण दुनियाभर में संक्रमितों एवं मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कोरोना के मरीजों की संख्या में उछाल के बाद देश में मास्क और हैंड सैनिटाइजर की मांग काफी बढ़ गई है। मांग बढ़ने के कारण इसकी कालाबाजारी शुरू हो गई है और कीमतें कई गुना बढ़ चुकी है। ज्यादा मुनाफा कमाने के लालच में लोग मास्क को गोदामों में जमा कर रहे हैं ताकि बाजार में उसकी उपलबद्धता कम होने पर वे उसे ब्लैक में बेचकर मोटा मुनाफ़ा कमा सकें। मास्क की जमाखोरी करनेवाले ऐसे ही लोगों के खिलाफ पूरे देश मे पुलिस ने जमाखोरों और कालाबाजारी की मुहिम शुरू कर दी हैं जो संकट की इस धड़ी में भी अपने स्वार्थ की पूर्ति और मजबूरी का फायदा उठाने में बाज नहीं आ रहे हैं. देखा जाये तो ये ऐसे लोग हैं जो चंद रुपयों की लालच में देश का माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं. ऐसे जमाखोरों और कालाबाजारी की सजा और भी ज्यादा सख्त बनाई जानी चाहिए . इसके साथ ही समाज के इन दुश्मनो की फोटो गली चौराहे में लगाने का प्रवधान बनाया जाये. मास्क व सेनिटाइजर की कालाबाजारी करने वालो के खिलाफ मुंबई पुलिस को बड़ी सफलता मिली हैं. प्राप्त जानकारी के अनुसार मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच की यूनिट-9 द्वारा की गई कार्रवाई में करीब 15करोड़ रुपए से अधिक कीमत का मास्क जप्त किया गया है।

    कोरोना का खौफ दुनिया भर में

    बता दें कि देश व दुनियाभर में कोरोना को लेकर जबरदस्त खौफ है। दुनियाभर में वैश्विक महामारी कोरोना के कारण 3,79,000,से ज्यादा लोग संक्रमित हुए हैं, जबकि 16,500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इसी तरह भारत में कोरोना वायरस के कुल मामले 500 के करीब पहुंच गए हैं तो देशभर में 10 लोगों की मौत हो चुकी है। महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के अभी तक 101 मामले सामने आ चुके हैं। जिनमें 4 पीड़ितों की मौत हो चुकी है। कोरोना के कहर को रोकने के लिए मुंबई, महाराष्ट्र सहित देश व दुनियाभर में युद्धस्तर पर प्रयास चल रहे हैं। इससे सुरक्षित रहने के लिए लोग सबसे पहले मास्क खरीद रहे हैं। मास्क की मांग बढ़ने के कारण कुछ लोग आपूर्ति रोक कर मास्क की कीमतें बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे ही कुछ लोगों ने अंधेरी-पूर्व के सहार कार्गो स्थित दो गोदामों में करोड़ों रुपए का मास्क छिपा कर रखा था। इसकी सूचना मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को मिली थी। उक्त सूचना के आधार पर डीसीपी अकबर पठान व वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक महेश देसाई के मार्गदर्शन तथा पीआई आशा कोरके के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की यूनिट-9 की टीम ने सहार गांव स्थित कार्गो कॉम्प्लेक्स में छापेमारी की। छापेमारी में दो गोदामों में जमा करके रखे गए विविध किस्म के करीब 10 लाख मास्क जप्त किए गए। वहां से मिली जानकारी के बाद यूनिट-९ की टीम ने भिवंडी के एक गोदाम में छापा मारकर करीब 15 लाख मास्क और जप्त किया। यूनिट 9 द्वारा की गई इस कार्रवाई में लगभग 15 करोड़ रुपये रुपए का कुल 25 लाख मास्क जप्त किया गया है, जबकि मास्क की कालाबाजारी से जुड़े मिहिर दर्शन पटेल, शाहरुख़ अखिल शेख, बालाजी नाडर और गुलाम मुर्तुजा मुनशेरअली नामक 4आरोपियों को यूनिट-9 की टीम ने गिरफ्तार किया है।