Category: राजनीती

  • नगरीय निकाय चुनावों में उम्मीदवार भर सकेंगे ऑनलाइन पत्र…व्यवस्था स्थापित करने वाले गिनेचुने राज्यों में छत्तीसगढ़ भी…

    नगरीय निकाय चुनावों में उम्मीदवार भर सकेंगे ऑनलाइन पत्र…व्यवस्था स्थापित करने वाले गिनेचुने राज्यों में छत्तीसगढ़ भी…

    रायपुर। आगामी नगरीय निकायों के चुनाव में पार्षद पद के उम्मीदवार ऑनलाइन नाम निर्देशन पत्र भर सकेंगे । ऑनलाइन सॉफ्टवेयर ओनो के माध्यम से नाम निर्देशन पत्र प्राप्त की व्यवस्था स्थापित करने वाले राज्यों में अब छत्तीसगढ़ भी शामिल हो गया हैं ।ऑनलाइन नाम निर्देशन पत्र भरने तथा निर्वाचन से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी देने के लिए आज रायपुर में जिलों के उप जिला निर्वाचन अधिकारियों और मास्टर्स ट्रेनर्स के प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में राज्य निर्वाचन आयुक्त ठाकुर रामसिंह तथा राज्य निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे ।

    प्रशिक्षण में राज्य निर्वाचन आयुक्त ठाकुर ने कहा कि इस सॉफ्टवेयर के कारण रिटर्निंग अधिकारी संबंधित उम्मीदवार का नाम निर्देशन पत्र पहले ही ऑनलाइन देखकर प्रारम्भिक जांच कर सकेगा । इससे अंतिम तिथि को अधिक संख्या में आने वाले नाम निर्देशन पत्र के कारण होने वाली कठिनाई से बचा जा सकेगा ।

    उन्होंने निर्देश दिए कि नाम निर्देशन पत्र भरने में कोई असुविधा न हो इसके लिए जिले में स्थित लोक सेवा केंद्र , जोन कार्यालय , नगर निगम , नगर पालिका और अन्य सुविधाजनक स्थानों पर कंप्यूटर के साथ डाटा एंट्री ऑपरेटर की व्यवस्था कराने के निर्देश दिये ।

    प्रशिक्षण के दौरान नगरपालिका नियमों में हाल ही में हुए संशोधनों की जानकारी देते हुए उनके अनुरूप चुनाव प्रक्रिया संचालित करने की जानकारी दी गयी। प्रशिक्षण के दौरान पार्षद पद के लिये निर्वाचन व्यय सीमा तय होने के कारण अभ्यर्थियों के व्यय लेखा की जांच के लिए निर्वाचक व्यय संपरीक्षक की नियुक्ति और उनके कार्यों के संबंध में भी जानकारी दी ।

  • पूर्व मुख्यमंत्री को सर्वोच्च न्यायालय से लगा बडा झटका नहीं लड पायेंगे विधानसभा चुनाव

    पूर्व मुख्यमंत्री को सर्वोच्च न्यायालय से लगा बडा झटका नहीं लड पायेंगे विधानसभा चुनाव

    दिल्ली। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है, मधु कोड़ा झारखंड विधानसभा चुनाव नहीं लड़ पाएंगे, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अभी आपकी अयोग्यता का एक साल बाकी है आप चुनाव नहीं लड़ सकते. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है, लेकिन कोड़ा को अंतरिम राहत देने से मना कर दिया।

    कोर्ट ने कहा कि मधु कोड़ा की याचिका के मेरिट पर सुनवाई होगी, बता दें कि चुनाव आयोग के आदेश के खिलाफ मधु कोड़ा ने सप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर विधानसभा चुनाव लड़ने की इजाजत मांगी थी। गौरतलब है कि 2017 में चुनाव आयोग ने उन्हें विधानसभा चुनाव में किए खर्च का ब्यौरा छुपाने के लिए चुनाव लड़ने के अयोग्य करार दिया था।

    बता दें मधु कोड़ा अपनी पारंपरिक सीट जगन्नाथपुर विधानसभा से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ना चाहते थे, इसकी तैयारी में मधु कोड़ा और उनकी पत्नी और सांसद गीता कोड़ा पूरे जोर-शोर से जुट भी गई थी, हाल ही में मधू कोड़ा ने कहा था कि उनकी इच्छा है कि वे चुनाव लडें और प्रयास भी कर रहे हैं, केवल कोर्ट का फैसला आने की देरी है।

  • जिला प्रशासन शांति बनाने में लगी है और डिप्टी कलेक्टर फेसबुक पर कर रहे हैं भड़काऊ पोस्ट, राहुल और सोनिया गांधी तक पर…

    जिला प्रशासन शांति बनाने में लगी है और डिप्टी कलेक्टर फेसबुक पर कर रहे हैं भड़काऊ पोस्ट, राहुल और सोनिया गांधी तक पर…

    अयोध्या मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर जहां सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी कर रही है ताकि शांति व्यवस्था कायम रहे वहीं जशपुर के डिप्टी कलेक्टर आरएन पाण्डेय अपने फेसबुक पर कमलेश तिवारी से संबंधित पोस्ट कर रहे हैं और उसके लिए राहुल गांधी और सोनिया गांधी को जिम्मेदार बात रहे हैं। यही नहीं उन्होंने और कई ऐसे ही पोस्ट शेयर भी किया है।
    इससे पहले इन्हीं डिप्टी कलेक्टर ने सोनिया गांधी की अश्लील तस्वीर भी पोस्ट की थी तब मुनादी ने ही इस बात को उठाया था और तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने इन्हें हटाये जाने की मांग की थी, लेकिन आज उनके नाक के नीचे न सिर्फ राहुल गांधी व सोनिया गांधी की छीछालेदर कर रहे हैं बल्कि शासन के नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए साम्प्रदायिक विद्वेष भड़काने वाले पोस्ट भी कर रहे हैं। हो सकता है उनका सवाल जायज भी हो लेकिन वक़्त सही नहीं है।
    अब देखना है कि फेसबुक पोस्ट के कारण कई लोगों को ससपेंड कर देनेवाली यह सरकार इन डिप्टी कलेक्टर महोदय पर क्या कार्रवाई करती है। हालांकि यह निजी पोस्ट हो सकता है लेकिन पिछले दिनों सरकार ने ऐसे कई मामलों पर इस तरह के पोस्ट को आदर्श आचार संहिता का उलंघन माना है।
  • महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश पर कैबिनेट की मुहर..! सुप्रीम कोर्ट गई शिवसेना

    महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश पर कैबिनेट की मुहर..! सुप्रीम कोर्ट गई शिवसेना

    महाराष्ट्र का राजनीतिक संकट सुलझता नहीं दिख रहा। यहां गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी ने NCP को सरकार बनाने का न्योता दिया है। पार्टी के पास मंगलवार शाम साढ़े आठ बजे तक का वक्त दिया है लेकिन अब खबर आ रही है कि गवर्नर ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने की सिफारिश की है। 20 दिनों से यहां सरकार बनाने की कोशिश चल रही है लेकिन अभी तक कोई स्पष्ट हल नहीं दिख रहा, ऐसे में क्या सच में इस अहम राज्य के सामने राष्ट्रपति शासन का ही रास्ता बच गया है?

    खबर के मुताबिक, गवर्नर ने केंद्र सरकार को राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करने का सुझाव भेज दिया है। गवर्नर ने अपने रेकेमेंडेशन में कहा है कि राज्य में कोई भी पार्टी सरकार बनाने की स्थिति में नहीं है, ऐसे में राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करना ही एक विकल्प है। सिफारिश भेजने के बाद गवर्नर आज शाम तक का इंतजार करेंगे, अगर एनसीपी तब तक बहुमत साबित नहीं कर पाती है तो राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हो जाएगा।  इसे लेकर प्रधानमंत्री के निवास पर कैबिनेट की इमरजेंसी मीटिंग हुई है, जिसमें सिफारिश को अप्रूव कर दिया गया है।

    शिवसेना ने इस सिफारिश पर आपत्ति जताई है। पार्टी की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्विटर पर सवाल किया है कि जब एनसीपी को अभी वक्त दिया गया है, तो ऐसे में गवर्नर राष्ट्रपति शासन की सिफारिश केंद्र के पास कैसे भेज सकते हैं?शिवसेना इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। पार्टी ने सिफारिश के खिलाफ एक याचिका दाखिल की है। शिवसेना ने याचिका में दलील दी है कि उसे समर्थन पत्र पेश करने के लिए 72 घंटों का वक्त नहीं दिया गया है, उसके पास बस 24 घंटों का वक्त था।

  • मायावती का बड़ा फैसला, मुलायम के खिलाफ वापस लिया मुकदमा

    मायावती का बड़ा फैसला, मुलायम के खिलाफ वापस लिया मुकदमा

    लखनऊ। लोकसभा चुनाव के बाद समाजवादी पार्टी से सभी रिश्ते तोडऩे वाली बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव के खिलाफ 1995 के गेस्ट हाउस केस को वापस ले लिया है।मायावती के इस कदम को उत्तर प्रदेश में पिछले महीने 11 विधानसभा सीटों पर हुये उपचुनाव में बसपा की खराब हालत के बाद उनके फिर से सपा के नजदीक जाने के रूप में देख जा रहा है। बसपा के महासचिव सतीश चन्द्र मिश्र ने कहा कि लोकसभा चुनाव के वक्त जब दोनों दलों में समझौता हुआ था तब सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गेस्ट हाउस केस से मुलायम सिंह यादव का नाम वापस लेने की अपील की थी। बसपा प्रमुख ने वायदा किया था कि वो केस को वापस ले लेंगी और उन्होंने अपना वायदा निभाया है।
    बसपा के सूत्रों ने कहा कि पार्टी प्रमुख ने इस मामले को महासचिव सतीश चन्द्र मिश्र को देखने को कहा था। लोकसभा चुनाव के लिये सपा बसपा के बीच पिछले 12 जनवरी को गठबंधन हुआ था और इसकी भूमिका उसी दिन तैयार कर ली गई थी। सपा और बसपा के बीच 1993 के विधानसभा चुनाव में गठबंधन हुआ था और मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री बने थे। बाद में दोनों दलों के बीच तल्खी आ गई और बसपा ने सरकार से समर्थन वापस ले लिया था। 2 जून 1995 को मायावती राजधाली लखनऊ के मीराबाई मार्ग के गेस्ट हाउस में पार्टी विधायकों के साथ बैठक कर रही थी कि सपा के सदस्यों ने उन्हें घेर लिया और बदसलूकी की। मायावती के अनुसार उन्हें जान से मार देने की योजना थी। उन्हें भारतीय जनता पार्टी के नेता ब्रहम्दत्त द्विवेदी ने बचाया था। मायावती ने इसके लिये मुलायम सिंह यादव, उनके भाई शिवपाल यादव,बेनी प्रसाद वर्मा ,आजम खान समेत कई सपा नेताओं के खिलाफ हजरतगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। मायावती ने सिर्फ मुलायम सिंह यादव के खिलाफ मुकदमा वापस लिया है। अन्य नेताओं के खिलाफ नहीं।
  • अब इस राज्य में कहीं नहीं लगेंगे पोस्टर और बैनर, CM ने लगाया बैन

    अब इस राज्य में कहीं नहीं लगेंगे पोस्टर और बैनर, CM ने लगाया बैन

    दिल्ली। पोस्टरों और बैनर से न सिर्फ जगहों की सुंदरता प्रभावित होती है बल्कि ये गंदगी का भी सबब बनते हैं. अब मध्य प्रदेश सरकार ने इनको लेकर कड़ा फैसला लिय़ा है।

    प्रदेश की सुंदरता को प्रभावित कर रहे अवैध होर्डिंग, पोस्टर और बैनरों के कारण जहां गंदगी तो होती ही है. हादसे व दुर्घटनाएँ भी होती रहती हैं. इसको देखते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इन पर बैन लगा दिया है।

    सीएम ने इस बारे में साफ आदेश दिया कि अगर उनके पोस्टर लगे हों तो भी उन्हें तुरंत हटा दिया जाय व भविष्य में किसी भी तरह के पोस्टर औऱ बैनर न लगाएं जायं. इनका कड़ाई से पालन किया जाना सुनिश्चित हो।

  • मंंत्री कवासी लखमा का बयान, एल्डरमैन रहेंगे मतदान से दूर…निर्वाचित पार्षद ही करेंगे वोटिंग…

    मंंत्री कवासी लखमा का बयान, एल्डरमैन रहेंगे मतदान से दूर…निर्वाचित पार्षद ही करेंगे वोटिंग…

    धमतरी। लगातार सुर्खियों में रहने वाले मंत्री कवासी लखमा ने आज एक और बयान दिया हैं। जिसमें उन्होंने कहा है कि नगरीय निकाय चुनाव में एल्डरमैनों को मतदान का अधिकार नहीं होगा। छत्तीसगढ़ सरकार में केबिनेट मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा निकाय चुनावों की तैयारियों को लेकर मंगलवार को जिला धमतरी पहुंचे। इस दौरान उन्होने कहा कि निर्वाचित पार्षद ही महापौर,अध्यक्ष के लिए मतदान करेंगे। एल्डरमैन निकाय के लिए महापौर और अध्यक्ष के लिए वोट नहीं दे सकेंगे।गौरतलब है कि आगामी दिनों में प्रदेश में निकाय चुनाव होने वाले हैं, सभी राजनीतिक दल अपनी अपनी तैयारियों में जुटे हैं। इस बार निकाय एक्ट में संसोधन करके सरकार ने महापौर और अध्यक्ष चुनाव को अप्रत्यक्ष प्रणाली से कराने का निर्णय लिया है। जिसका भाजपा जमकर विरोध कर रही है और राज्यपाल को ज्ञापन सौंप इस पर पुन: विचार करने की मांग भी की हैं।
  • वीरेंद्र पांडे ने सिविल लाइन थाने में की शिकायत, कहा- मुकेश गुप्ता मामले में मेरे खिलाफ किया जा रहा षड़यंत्र

    वीरेंद्र पांडे ने सिविल लाइन थाने में की शिकायत, कहा- मुकेश गुप्ता मामले में मेरे खिलाफ किया जा रहा षड़यंत्र

    रायपुर। वित्त आयोग के पूर्व अध्यक्ष वीरेन्द्र पाण्डेय ने वाट्सअप में चल रहे एक मैसेज के खिलाफ सिविल लाइन थाना में शिकायत की है. पाण्डेय ने एक लिखित शिकायत में कहा है कि वाट्सअप में उन्हें एक पीडीएफ भी प्राप्त हुआ है जिसमें एक लिफाफे की फोटोकॉपी औऱ उनके नाम से एक याचिका थी, जो कि महाधिवक्ता सतीश वर्मा को भेजी गई थी।

    लिफाफे में प्रेषक का नाम जीपी सिंह, एडीजी ईओडब्ल्यू/एसीबी दर्ज है. लेकिन उस याचिका के अंत में किसी का भी हस्ताक्षर नहीं है. जो कि किसी और के द्वारा टाइप कराई गई है।

    शिकायत की कॉपी

    वाट्सअप में जो मैसेज चल रहा है उसके अनुसार वे EOW के मुखिया का मोहरा बनकर निलंबित IPS मुकेश गुप्ता के खिलाफ षड़यंत्र कर रहे हैं. जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने कई मामलों में स्टे दे रखा है. उनका कहना है कि यह उन्हें बदनाम करने की एक साजिश है. उन्होंने पुलिस से मामले की जांच कर कार्रवाई करने कहा है।

  • रमन सिंह के बयान पर बिफरे CM भूपेश बघेल, कहा- उनके पास अलादीन का चिराग है, उन्हें प्रधानमंत्री बना देना चाहिए…

    रमन सिंह के बयान पर बिफरे CM भूपेश बघेल, कहा- उनके पास अलादीन का चिराग है, उन्हें प्रधानमंत्री बना देना चाहिए…

    रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने शनिवार को राज्य की तरक्की का अपनी 15 सालों की सरकार की कार्ययोजना का नतीजा बताया था. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस पर तंज कसते हुए कहा कि तब तो रमन सिंह को प्रधानमंत्री बना देना चाहिए. पांच साल में प्रधानमंत्री मोदी ने देश में मंदी ला दिया है. रमन सिंह के पास अलादीन का चिराग है, जिससे वे मंदी को दूर कर देंगे।

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन की रूपरेखा तय करने के लिए रायपुर में आहुत कांग्रेस की बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि बहुत दुर्भाग्य की बात है कि उनकी नीतियों के कारण ही प्रदेश गरीब हुआ है. जब उनकी सरकार आई तो 36 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन कर रहे थे. अब 40 प्रतिशत हो गया है. मान न्यूट्रीशन 37 प्रतिशत से ऊपर है. एनीमिया से पीड़ित महिलाओं की 41.5 प्रतिशत है. तो इनके राज में गरीब और गरीब हुआ है. कमजोर और कमजोर हुआ है।

    बता दें कि डॉ. रमन सिंह ने शनिवार को एकात्म परिसर में पत्रकारों से चर्चा में कहा था कि छत्तीसगढ़ जो आज तरक्की कर रहा है, यह भूपेश सरकार की वजह से नहीं है, ये बीते 15 सालों की कार्ययोजना का नतीजा है. 15 साल छत्तीसगढ़ का स्वर्णिम दौर थे. 60 हजार किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया. इंफ्रास्ट्रक्चर में छत्तीसगढ़ ने काम किया. पावर हब बना. उन्होंने आरोप लगाया था कि बीते दस महीनों के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ भय और आतंक में डूब गया है।

  • भाजपा दफ्तर में हंगामा, पूर्व पार्षद ने लगाया स्थानीय नेताओं को अपमानित करने का आरोप

    भाजपा दफ्तर में हंगामा, पूर्व पार्षद ने लगाया स्थानीय नेताओं को अपमानित करने का आरोप

    रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के राजधानी स्थित कार्यालय में मनाया जा रहा दिवाली मिलन समारोह में विवादों की भेंट चढ़ गया. कार्यक्रम के दौरान पूर्व पार्षद ने कार्यकर्ताओं का सम्मान नहीं होने की बात कहते हुए खुलेआम वरिष्ठ नेताओं को खरी-खोटी सुनाई. इस हंगामे के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी भवन के अंदर मौजूद थे। भाजपा के राजधानी स्थित कार्यालय एकात्म परिषर में शनिवार को दिवाली मिलन समारोह का आयोजन किया गया था. इस बीच अंदर भवन से चीखते हुए बाहर परिसर में एक व्यक्ति निकल कर आए और हंगामा करने लगे. जानकारों ने उनकी पहचान पूर्व पार्षद धर्मेंद्र तिवारी के रूप में की है. बाहर तमाम कार्यकर्ताओँ और पदाधिकारियों के सामने उन्होंने चीख-चीखकर वरिष्ठ पदाधिकारियों पर कार्यकर्ताओं का सम्मान नहीं करने का आरोप लगाते हुए जमकर खरी-खोटी सुनाई। घटना के वायरल वीडियो में वह कह रहे हैं कि पार्टी में स्थानीय नेताओं को दुत्कारा जा रहा है. व्यापारी लोग पार्टी में बने हुए हैं. इस तरह के अन्य तमाम आरोप लगाते हुए वे कार्यालय से बाहर चले गए. इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कार्यकर्ता और पदाधिकारी तमाशबीन बने रहें. जानकार इसे सत्ता से दूर होने के बाद भाजपा के भीतर के द्वंद के सामने आने की बात कह रहे हैं।