Category: राजनीती

  • जानिए क्या है वायरल तस्वीर का सच..

    जानिए क्या है वायरल तस्वीर का सच..

    रायपुर। कुछ वक्त पहले नेटफ्लिक्स पर एक डॉक्यूमेंट्री आई थी जिसमें यह बताया गया था कि कैसे सोशल मीडिया ने जिंदगी को अपने इर्द-गिर्द ऐसा फंसा रखा है कि इसकी जाल से निकल पाना नामुमकिन है। आज के समय में सोशल मीडिया जो दिखाना चाहता है हम और आप वह देखते हैं मानते हैं और समझते हैं वास्तविकता में जो नहीं है उसका भी होने का भ्रम सोशल मीडिया के वजह से हो जाता है और उस भ्रम की वजह से कभी कभी नुकसान भी हो जाता है।

    सोशल मीडिया के द्वारा फैलाया गया ऐसा ही एक भ्रम इन दिनों खूब वायरल हो रहा है सोशल मीडिया में छतरी लिए खड़े हुए शख्स की तस्वीर को वायरल करते हुए यह बताया गया है कि इस तस्वीर में नजर आ रहे शख्स छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव आरपी मंडल है और उनके साथ जो महिला है वह मुख्यमंत्री सचिवालय में पदस्थ उप सचिव सौम्या चौरसिया है तस्वीर को देख कर पहली नजर में ही यह धारणा बन सकती है की तस्वीर सच कह रही है, इस तस्वीर में मुख्य सचिव अपनी जूनियर अधिकारी को बारिश से बचा रहे हैं। इस तस्वीर के सोशल मीडिया में वायरल होते ही इस तस्वीर पर टिप्पणी और कमेंट भी आने लगे कुछ लोगों ने इस तस्वीर को नेगेटिव इमेज बताकर उसे प्रचारित किया तो कुछ नहीं इस तस्वीर में मुख्य सचिव के नारी सम्मान की भावनाओं को व्यक्त करते हुए उनकी तारीफ की।

    क्या है हकीकत

    उक्त तस्वीर की पड़ताल करने पर यह तस्वीर भूखी साबित हुई है उक्त तस्वीर में न तो मुख्य सचिव आरपी मंडल है और ना ही मुख्यमंत्री सचिवालय की उप सचिव सौम्या चौरसिया..

    हकीकत में यह तस्वीर बलौदा बाजार जिले की एडिशनल एसपी निवेदिता पॉल की है जो एक तेरहवीं में शोक श्रद्धांजलि व्यक्त करने पहुंची थी उनके साथ उनके अधीनस्थ डीएसपी संजय तिवारी है जो अपने अधिकारी को छाता लेकर बारिश से बचा रहे हैं इस तस्वीर को सोशल मीडिया में यह कह कर प्रचारित किया जाएगा की यह आरपी मंडल और सौम्या चौरसिया की तस्वीर है और लोगों ने बिना जांच किए इसे सच मान कर इस पर कमेंट करना शुरू कर दिया।

    एक अपील आप सभी से

    हम अपने सभी पाठकों से अपील करते हैं कि सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी मैसेज को बिना जाने, जांचें, समझे उसे वायरल ना करें न ही कोई प्रतिक्रिया दें, जरूरी नहीं की सोशल मीडिया में डाली गई हर बात सच ही हो। कोरोना काल में भी सोशल मीडिया के द्वारा कोरोना से सम्बंधित ऐसी कई बातों को प्रचारित किया गया जो सच नहीं थी रायगढ़ जिले के पुलिस कप्तान को जिले वासियों से अपील तक करनी पड़ी थी कि वह सोशल मीडिया में भ्रामक कंटेंट पोस्ट ना करें अन्यथा कानूनी कार्यवाही का सामना करना पड़ सकता है।

  • हरियाणा सरकार की महिला IAS अफसर ने सरकार पर लगाया कई सनसनीखेज आरोप, कहा- इस्तीफा मंजूर नहीं हुआ तो और मेरा शोषण…

    हरियाणा सरकार की महिला IAS अफसर ने सरकार पर लगाया कई सनसनीखेज आरोप, कहा- इस्तीफा मंजूर नहीं हुआ तो और मेरा शोषण…

    गाजियाबाद। हरियाणा सरकार ने आईएएस अधिकारी रानी नागर का इस्तीफा नामंजूर कर दिया है। हालांकि रानी नागर का कहना है कि अगर मेरा इस्तीफा मंजूर नहीं होता है तो मेरा और शोषण होता रहेगा। इस बीच रानी नागर ने ट्वीट कर कई सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। इस्तीफा देने के बाद चंडीगढ़ से लौट कर गाजियाबाद आईं रानी नागर ने ट्वीट कर व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि चंडीगढ़ में रहने के दौरान उनके साथ गलत व्यवहार हुआ।

    रानी नागर ने लिखा कि चंडीगढ़ में गेस्ट हाउस में कई बार उनके खाने में स्टेपलर पिन मिले। उन्होंने लिखा, ‘लॉकडाउन और कर्फ्यू में गेस्ट हाउस को जनता के लिए बंद कर दिया गया लेकिन मुझे और मेरी बहन रीमा नागर को गेस्ट हाउस में ही रखा गया। इस दौरान हमें खाना भी नहीं मिला। हमने बड़ी मुश्किल से तरल पदार्थ गुजारा किया।’

    रानी ने नोएडा और गाजियाबाद के लोगों से अपील की है कि वे उनके इस्तीफे के लिए आग्रह और आंदोलन ना करें। रानी नागर ने कई सारे ट्वीट्स करके अपना पक्ष रखा है। उन्होंने यह भी कहा है, ‘इस्तीफा स्वीकार ना होने से मेरा और अधिक शोषण होगा। आगे सरकारी नौकरी कर पाना मेरे लिए संभव नहीं होगा। ज्यादा समय तक मेरा इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ और मेरा एनपीएस फंड मुझे ना मिला तो मेरे भूखे मरने की नौबत आ जाएगी।’

    रानी नागर इससे पहले 2018 में भी विवादों में आ चुकी हैं। उन्होंने एक आईएएस अधिकारी पर गलत व्यवहार का आरोप लगाया था। इसके बाद कैब ड्राइवर पर भी अभद्रता का आरोप लगाया था। इसके अलावा हरियाणा के सिरसा में तैनाती के दौरान उन्होंने एक ऑटो ड्राइवर से अपनी जान का खतरा बताया था।

  • सरकार की अकर्मण्यता के कारण एम्स चिकित्सकों की मेहनत पर फिरा पानी, प्रदेश में जमातियों को रोक नहीं पाना शासन की विफलता,  : डा. रमन सिंह

    सरकार की अकर्मण्यता के कारण एम्स चिकित्सकों की मेहनत पर फिरा पानी, प्रदेश में जमातियों को रोक नहीं पाना शासन की विफलता, : डा. रमन सिंह

    रायपुर। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष औ पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने राज्य सरकार पर जमातियों को प्रदेश में नहीं रोक पाने का आरोप लगाते हुए उसे सरकार की विफलता बताया है। रमन सिंह ने कहा कि सरकार की अकर्मण्यता, प्रशासनिक विफलता और स्तरहीन राजनीति के कारण एम्स के डॉक्टरों की सारी मेहनतों पर पानी फिर गया है।

    उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ दिए सीएम भूपेश बघेल के बयान को उथला, हल्का, बेतुका और महज़ डींगें हाँकने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि बघेल न तो रत्ती भर राजनीतिक मर्यादा का पालन कर रहे और न ही परिस्थियों के अनुरूप परिपक्वता का परिचय दे रहे हैं। डा. सिंह ने कहा कि सच तो यह है कि पीएम मोदी को इस असाधारण परिस्थिति से निपटने में उनके विजन के लिए सारी दुनिया से तारीफ़ मिल रही है, वहां प्रदेश में इससे निपटने के मामले में सीएम बघेल पूरी तरह विफल साबित हुए हैं। उन्होंने प्रदेश में सात नए मरीजों का पता चलने का जिक्र करते हुए कहा कि काफी पीड़ा की बात है कि एम्स के कुशल और निष्ठावान चिकित्सकों और चिकित्साकर्मियों की दिन-रात की मेहनत से हम छत्तीसगढ़ में इस महामारी के खिलाफ जीत के करीब पहुँच गए थे. लेकिन प्रदेश शासन जमातियों को रोक पाने में नाकाम रहे हैं जिसके चलते एक बार फिर स्थिति वही हो गई है।

    इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी बयान देती हैं कि लॉकडाउन जल्दबाज़ी में किया गया, राहुल गांधी कहते हैं कि काफ़ी पहले यह किया जाना चाहिये था। ऐसे में अपना मूल कार्य छोड़कर सीएम अपने राष्ट्रीय नेतृत्व के विरोधाभासी बयानों में संतुलन क़ायम करने में ही जुटे रहते हैं। एक तरफ़ राष्ट्रीय अध्यक्षा सोनिया गांधी अजीब सलाह देते हुए इस महामारी के लिए मीडिया को ज़िम्मेदार ठहराते हुए विज्ञापन रोकने की सलाह देती हैं, तो दूसरी तरफ़ प्रदेश का ख़ज़ाना एक संदिग्ध राष्ट्रीय समाचार चैनल के लिए लुटा कर बघेल अपने मूंह मियां मिट्ठु बन रहे हैं।

    वहीं उन्होंने कहा कि इस संकट के समय सबसे ज्यादा अभाव पीपीई किट का दुनिया भर में है, जबकि छत्तीसगढ़ को कल ही दो हज़ार किट्स उपलब्ध कराये गए हैं। और ज़रूरत का हर साजो-सामान उपलब्ध कराया जा रहा है। सीएम के मांगने पर मनरेगा का सात सौ करोड़ तुरत जारी करने की बात हो या फिर जीएसटी में राज्य के हिस्से का पैसा। इससे पहले अन्य तमाम फंड एवं सहायता देने में कभी भी केंद्र ने कोताही या भेदभाव नहीं किया। बावजूद इसके सीएम द्वारा अपने राष्ट्रीय नेतृत्व को खुश करने के लिए उटपटांग बयान देना निंदनीय है।

    डा. सिंह ने कहा कि कोरोना के खिलाफ शुरू से ही कांग्रेस सरकार लापरवाह दिख रही है. अगर ऐसा नहीं होता तो उन्हें तब्लीगियों के प्रदेश में पहुँचने पर नज़र रखनी थी। उन्होंने याद दिलाया कि सरकार की गंभीरता का अभाव तो उस दिन दिखा था जब स्वयं स्वास्थ्य मंत्री यह शिकायत करते हुए दिखे थे कि विभागीय बैठक में ही उन्हें नहीं बुलाया जा रहा है। उसके बाद स्वास्थ्य मंत्री मुंबई चले गए और विभागीय मंत्री के बिना ही ऐसी विषम परिस्थियों में काम चल रहा था।

    डा. सिंह ने कहा कि इस विषम परिस्थिति में सबको एकजुट होकर काम करना चाहिए। प्रदेश के अनगिनित सामाजिक संगठन और भाजपा के सभी नेतागण आपदा राहत कार्यों में जुटे हुए हैं। यह समय ऐसे सभी योद्धाओं, चिकित्साकर्मियों, पत्रकारों, आरक्षी बलों, बैंक-डाकघरकर्मियों समेत सभी कोरोना वारियर्स का मनोबल बढाने का है, इसके उलट कांग्रेस का राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व अपने ऊल-जुलूल बयानों से योद्धाओं के मनोबल को गिरा रही है। डा. सिंह ने इससे बचते हुए कांग्रेस को सलाह दी है कि वह इस असाधारण संकट के समय परिपक्वता और मानवता का परिचय दे।

  • पुलिसकर्मीयों से मारपीट और धमकी, विधायक पति और ससुर पर एफ आई आर दर्ज, दोनों आरोपी फरार …..

    जांजगीर चाम्पा जिले के पामगढ़ विधायक इंदु बंजारे के पति पर ऑन ड्यूटी पुलिसकर्मी से गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देने और धक्का-मुक्की करने का आरोप लगा है। पीड़ित आरक्षक की शिकायत पर पामगढ़ थाने में एफ आई आर भी दर्ज कर ली गई है। दरअसल रक्षित केंद्र जांजगीर के आरक्षक नरेंद्र बंजारे की ड्यूटी थाना पामगढ़ क्षेत्र में लगाई गई है। घटना के दौरान आरक्षक नरेंद्र बंजारे ससहा बैरियर की ओर  अपने सहकर्मी के साथ जा रहा था जिस दौरान भिलौनी गांव में लॉक डाउन और धारा 144 का उल्लंघन करते हुए उत्तम भरद्वाज एवं ईश्वरी भारद्वाज के द्वारा समय पूर्व दुकान खोलकर भीड़ इकट्ठा की गई थी जिसे बंद करने के लिए आरक्षक नरेंद्र बंजारे ने समझाया,समझाइश के दौरान  उत्तम भारद्वाज और ईश्वरी भारद्वाज आवेश में आ गए और  आरक्षक नरेंद्र बंजारे को अश्लील गाली गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई साथ ही उसके साथ धक्का-मुक्की भी की गई जिसकी शिकायत आरक्षक के द्वारा पामगढ़ थाने में दर्ज कराई गई है। जिस पर पामगढ़ थाने में IPC की धाराओं 34, 188,353, 294,506, 332 के तहत FIR दर्ज दर्ज कर लिया गया है।

    पामगढ़ पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी उत्तम भारद्वाज और ईश्वरी भारद्वाज अभी फरार है जिनकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है जानकारी अभी मिली है कि उत्तम भारद्वाज पामगढ़ विधायक इंदु बंजारे के पति हैं और ईश्वरी भारद्वाज पामगढ़ विधायक के ससुर है।
    जितेन्द्र चन्द्राकर(एसडीओपी जांजगीर)

  • शहर सरकार पर कांग्रेस का कब्जा… राधा शर्मा अध्यक्ष, राजेस सहिस बने उपाध्यक्ष…

    शहर सरकार पर कांग्रेस का कब्जा… राधा शर्मा अध्यक्ष, राजेस सहिस बने उपाध्यक्ष…

    खरसिया। खरसिया नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष उपाध्यक्ष दोनों पद पर कांग्रेस का कब्जा हो गया। अध्यक्ष पद पर राधा सुनील शर्मा तथा उपाध्यक्ष पद पर राजेश सहिस ने जीत हासिल की।कैबिनेट मंत्री एवं विधायक उमेश पटेल की मजबूत रणनीति के चलते खरसिया नगरपालिका के अध्यक्ष उपाध्यक्ष पद पर कांग्रेस का परचम लहराया। 6 जनवरी को खरसिया नगर पालिका के निर्वाचित पार्षदों का शपथ ग्रहण संपन्न हुआ जिसमें सभी निर्वाचित पार्षदों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई जिसके बाद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद के लिए निर्वाचन की प्रक्रिया शुरू की गई। कांग्रेस ने अध्यक्ष पद के लिए राधा सुनील शर्मा एवं उपाध्यक्ष पद के लिए राजेश सहिस को अपना उम्मीदवार बनाया, वहीं भारतीय जनता पार्टी ने अध्यक्ष पद के लिए ममता सोनू अग्रवाल एवं उपाध्यक्ष पद के लिए राधे राठौर को प्रत्याशी बनाया था। अध्यक्ष पद के लिए हुए मतदान में कांग्रेस की राधा सुनील शर्मा को 13 वोट मिले और वो विजयी हुई। विपक्षी भाजपा की ममता सोनू अग्रवाल को पांच वोट मिले। उपाध्यक्ष पद के चुनाव में कांग्रेस के राजेश सहिस 12 वोट पाकर विजयी हुए वहीं बीजेपी के राधे राठोर को 06 वोट मिले। अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर गहमागहमी का माहौल रहा लेकिन कम पार्षदों के चलते भाजपा की उम्मीदें पहले से ही क्षीण बनी हुई थी,रही सही कसर निर्दलीय रिया रितेश श्रीवास्तव ने कांग्रेस के पक्ष में मतदान का ऐलान करके पूरी कर दी। इसके पूर्व कांग्रेस के सभी पार्षदों ने नंदेली में शांति बगिया में स्वर्गीय नंदकुमार पटेल के समाधि स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उनसे आशीर्वाद ग्रहण किया। कांग्रेस की इस शानदार जीत पर कांग्रेसी खेमे में जमकर खुशियां मनाई गई आतिशबाजी की गई और मिठाइयां खिलाकर एक दूसरे को बधाइयां दी गयी।


    भीतरघातियों से रहना होगा सावधान


    निर्दलीय पार्षद रिया श्रीवास्तव के कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने के ऐलान के बाद काग्रेस के पास 13 मत हो गये, और अध्यक्ष प्रत्याशी श्रीमती राधा सुनील शर्मा को 13 मत प्राप्त भी हुये, किंतु उपाध्यक्ष पद के दावेदार राजेस सहिस के पक्ष मे 12 मत ही ड़ाले गये जिसकी नगर में चहुं ओर चर्चा व्याप्त है कि 13 पार्षदों में से एैसा कौन है जिसने पार्टी हाईकमान और मंत्री उमेश के विश्वास के साथ खिलवाड़ किया है और वह कांग्रेस के समर्थन में नही है, नव निर्वाचित अध्यक्ष को अपनी ही पार्टी के एैसे जयचंदो से विशेष सावधान रहने की आवश्यकता है, क्योकि भीतरघात की वजह से ही सुनील शर्मा को पिछले नगर पालिका चुनाव में पराजय का मुख देखना पड़ा था।


    बड़ा पद, बड़ी जिम्मेदारी


    नगरअध्यक्ष की ताजपोशी के बाद श्रीमती राधा सुनील शर्मा के द्वारा नगरवासियों को धन्यवाद करते हुये नगर विकास की बात कही गयी, नगर अध्यक्ष के रूप में नगर के रूके हुये विकास कार्यो को पूरा करना, पानी, सड़क, सफाई की व्यवस्था के अलावा नगर के मूलभूत आवश्यकताओं को समय पर पूर्ण करने की एक बड़ी जिम्मेदारी नगर वासियों ने श्रीमती राधा सुनील शर्मा को सौंपी है अब देखना यह होगा कि वे नगरवासियों की उम्मीदों पर कितना खरा उतर पाती है।

  • झारखंड में चुने गए आधे विधायकों पर दर्ज हैं आपराधिक मामले और ये चलाएंगे राज्य

    झारखंड में चुने गए आधे विधायकों पर दर्ज हैं आपराधिक मामले और ये चलाएंगे राज्य

    दिल्ली। झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 में चयनित 81 विधायकों में 40 विधायक ऐसे हैं, जिनपर आपराधिक मामले दर्ज हैं। आधे विधायकों पर आपराधिक मामले बताते हैं कि राज्य की कमान कैसे हाथों में होगी। इनमें हत्या के प्रयास, दुष्कर्म, छेड़खानी व नाजायज तरीके से भीड़ जुटाने से संबंधित आरोप दर्ज हैं।विधानसभा चुनाव लडऩे वाले विधायकों में 44 फीसद विधायक अपनी सीट बचाने में फेल रहे। इस चुनाव में कुल 40 विधायक ऐसे हैैं जिनपर आपरााधिक मामले दर्ज हैैंं। इससे साफ पता चलता है कि राज्य कि विधानसभा में चुने गए आधे माननीय अपराधिक मामलों में लिप्त रहे हैं। अब वो माननीय होकर राज्य की दिशा तय करेंगे।
  • खरसिया नगर की सत्ता अब कांग्रेस के हाथ…. 12 पार्षदों के साथ बनेगी कांग्रेस की शहर सरकार

    खरसिया नगर की सत्ता अब कांग्रेस के हाथ…. 12 पार्षदों के साथ बनेगी कांग्रेस की शहर सरकार

    खरसिया। खरसिया नगर पालिका के चुनाव में कांग्रेस ने 18 वार्डों में से 12 में जीत हासिल करते हुए अपना परचम लहरा दिया है। भाजपा को 5 सीटों पर संतोष करना पड़ा है, वहीं एक सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी विजयी हुआ है। इस प्रकार खरसिया नगरपालिका पर कांग्रेस का कब्जा हो गया है और कांग्रेस का अध्यक्ष बनना तय है।

    नगरपालिका खरसिया का चुनाव प्रारंभ से ही मंत्री उमेश पटेल की प्रतिष्ठा से जोड़कर देखा जा रहा था, वहीं नगर के भाजपा नेताओं के आपसी फूट का खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ा और 18 में से सिर्फ 5 पर ही संतोष करना पड़ा, अगर नगर भाजपा के सभी नेता एकमत होकर टिकट वितरण और ईमानदारी से प्रत्याशी को विजयी बनाने में लगे होते तो आशाजनक परिणाम सामने आ सकते थे। वार्ड़ क्र 5 में श्रीमती हेमा मनोज अग्रवाल को जिताने में दीपक अग्रवाल, विनोद अग्रवाल सहित पूरा परिवार लगा हुआ था, वहीं वार्ड़ क्रमांक 11 के प्रत्याशी हरेराम चन्द्रा ने जीत हासिल कर इतिहास रच दिया, भाजपा प्रत्याशी बंटी सोनी के नामांकन वापिस लेने के बाद से ही हरेराम चन्द्रा को ड़मी प्रत्याशी के रूप में देखा जा रहा था, किंतु हरेराम चन्द्र की जीत ने सिद्व कर दिया की प्रतिद्वंदी कभी कमजोर नही होता, हरेराम चन्द्र की जीत का एकमात्र श्रेय पूर्व एल्ड़रमेन एवं वरिष्ठ भाजपा नेता दीनदयाल अग्रवाल को जाता है जो नामांकन दाखिल करने के समय से अंत तक हरेराम चन्द्रा के साथ मजबूती से ड़टे रहे और ड़मी प्रत्याशी के रूप में देखे जा रहे प्रत्याशी को विजय दिला दी। इसी प्रकार वार्ड़ क्रमांक 14 में सुनील शर्मा ने अपनी दक्षता एवं चुनाव कौशल से वार्ड़ में कांग्रेस का परचम लहराया तो वार्ड़ क्रमांक 16 में नगर महामंत्री और कद्दावर भाजपा नेता रामचरण अग्रवाल ने दीनदयाल अग्रवाल को विजयी बनाया। 24 दिसंबर के दिन पूरे शहर में उत्सव सा माहौल रहा और भाजपा और कांग्रेस के विजयी प्रत्याशियों के द्वारा अपने अपने वार्ड़ में जूलुस निकालकर मतदाताओं का आभार व्यक्त किया गया। सबसे चर्चित वार्ड़ 12 का चुनाव रहा जिसमें निर्दलीय प्रत्याशी सुमित अग्रवाल ने 588 में से 190 मत प्राप्त कर त्रिकोणिय संघर्ष बनाकर मजबूत निर्दलीय जनाधार प्राप्त किया, तथा चुनाव हारने के बाद भी वार्ड़ में मतदाताओं के बीच जाकर उनका आभार व्यक्त किया, वहीं वार्ड़ क्रमांक 6 के कांग्रेस प्रत्याशी ने अपने प्रतिद्वंदी को 316 मतो से हराकर खरसिया नगर पालिका में सबसे ज्यादा मतो से जीतने का रिकार्ड़ बनाया।

    जानें, कौन जीता कौन हारा..

    वार्ड 1 से बीजेपी की रीता जायसवाल ने कांग्रेस की जीवन बाई यादव को 126 मतों से मात दी।

    वार्ड 2 में कांग्रेस से श्वेता सुनील विश्वकर्मा ने 198 वोट से भाजपा की कल्पना मानिकपुरी को हराया।

    वार्ड 3 से निर्दलीय रिया श्रीवास्तव ने 42 वोट से जीत दर्ज कर कांग्रेस के रामकिसुन आदित्य को हराया।

    वार्ड 4 से कांग्रेस प्रत्याशी राजेश सहिस ने 226 वोट से जीत दर्ज कर भाजपा की पूर्णिमा सहिस को हराया।

    वार्ड 5 से कांग्रेस की हेमा मनोज अग्रवाल ने 61 वोट से जीत दर्ज कर भाजपा के दीपक अग्रवाल को हराया।

    वार्ड 6 से कांग्रेस की अमिता विनोद राठौर ने 316 वोट से जीत कर भाजपा की आरती वैष्णव को हराया।

    वार्ड 7 से कांग्रेस की प्रत्याशी शकुंतला राठौर ने 04 वोट से जीत कर भाजपा के ललित राठौर को हराया।

    वार्ड 8 से भाजपा के राधे राठौर ने 35 वोट से जीत कर कांग्रेस के दिनेश राठौर को हराया।

    वार्ड 9 से कांग्रेस के ज्योति सिदार ने 70 वोट से जीत दर्ज कर भाजपा के विनोद सिदार को हराया।

    वार्ड 10 से कांग्रेस की अनुसुइया मेहर ने 243 वोट से जीतकर भाजपा की रजनी झरिया को हराया।

    वार्ड 11 से भाजपा के हरेराम चंद्रा ने 33 मतों से जीत दर्ज कर कांग्रेस के संटी सोनी को हराया।

    वार्ड 12 से कांग्रेस प्रत्याशी सरिता देवी ने 14 वोट से जीत दर्ज कर भाजपा की कोमल बंसल को हराया।

    वार्ड 13 से कांग्रेस की जयंती शर्मा ने 175 वोट से जीत दर्ज करते हुए भाजपा की ललिता अग्रवाल को हराया।

    वार्ड 14 से श्रीमती राधा सुनील शर्मा कांग्रेस ने 307 वोट से जीत करते हुए भाजपा की मीरा श्रीवानी को हराया।

    वार्ड 15 से ममता सोनू अग्रवाल बीजेपी ने 180 वोट से जीत कर कांग्रेस की पूजा विक्कल अग्रवाल को हराया।

    वार्ड 16 से भाजपा के दीनदयाल अग्रवाल ने 181 वोट से जीत दर्ज कर कांग्रेस की राखी अग्रवाल को हराया।

    वार्ड 17 से परदेसी यादव कांग्रेस ने 160 वोट से जीत दर्ज कर भाजपा के मुरली राठौर को हराया।

    वार्ड 18 से रेशम गबेल कांग्रेस ने 258 वोट से जीत दर्ज कर भाजपा के त्रिलोचन राठौर को हराया।

    इस तरह नगर पालिका चुनाव परिणामों में कुल 18 वार्ड में कांग्रेस के 12 प्रत्याशी विजयी हुए, वहीं बीजेपी के 05 प्रत्याशी सहित जबकि एक निर्दलीय प्रत्याशी की जीत हुई।

  • भाजपा ने रायपुर निगम के 7 बागी प्रत्याशियों को दिखाया बाहर का रास्ता, 6 साल के लिए पार्टी से किया निलंबित …

    भाजपा ने रायपुर निगम के 7 बागी प्रत्याशियों को दिखाया बाहर का रास्ता, 6 साल के लिए पार्टी से किया निलंबित …

    रायपुर। भारतीय जनता पार्टी ने पार्टी में सक्रिय सदस्यों पर जिन्होंने नगरीय निकाय चुनाव में पार्टी प्रत्याशियों के खिलाफ काम किया है. उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की है. भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष विक्रम उसेंडी ने पार्टी के विरूध कार्य करने वाले ऐसे कार्यकर्ताओं को तत्काल प्रभाव से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किया है. जिसका निलंबन आदेश जारी कर दिया गया है। कार्यकर्ताओं के खिलाफ जारी निलंबन की सूची
    वहीं कांग्रेस ने अभी तक बागियों पर निलंबन की कार्रवाई नहीं की है. बीजेपी ने निलंबन आदेश जारी कर स्पष्ट कर दिया है कि पार्टीं के विरुध जाने वाले कार्यकर्ताओं पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
  • BJP करेगी 250 प्रेस कांन्फ्रेंस…पार्टी चलाएगी अभियान…घर-घर जाकर देंगे जानकारी…नागरिकता संशोधन कानून के बारे में…

    BJP करेगी 250 प्रेस कांन्फ्रेंस…पार्टी चलाएगी अभियान…घर-घर जाकर देंगे जानकारी…नागरिकता संशोधन कानून के बारे में…

    रायपुर। नागरिकता संशोधन कानून के बारे में लोगों को समझाने के लिए भारतीय जनता पार्टी अगले 10 दिन तक व्यापक स्तर पर अभियान चलाने की योजना बनाई है। इसके लिए बीजेपी घर-घर जाएगी और लोगों को नागरिकता संशोधन कानून के बारे में बताएगी। बीजेपी सूत्रों की मानें तो पार्टी के नेता नागरिकता संशोधन कानून के बारे में लोगों को स्पष्ट जानकारी देने के लिए 250 प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। साथ ही हर जिले में नागरिकता संशोधन कानून के पक्ष में रैली और कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा।
  • आम से लेकर खास सभी पहुंचे वोट डालने…शांतिपूर्ण ढंग से मतदान सम्पन्न

    आम से लेकर खास सभी पहुंचे वोट डालने…शांतिपूर्ण ढंग से मतदान सम्पन्न

    खरसिया। छत्तीसगढ़ में नगरीय निकायों के लिए शनिवार को सुबह 8 बजे से मतदान शुरू हो चुका था। मतदान शुरू होने से पहले ही मतदाताओं की लंबी कतार लग गई थी। प्रदेश के 10 नगर निगमों, 38 नगर पालिकाओं और 103 नगर पंचायतों के 2840 वार्डों में पार्षद के लिए चुनाव आज संपन्न हुए हैं।

    वहीं जनप्रतिनिधियों द्वारा भी लाइन में लग कर मतदान किया गया। कुछ एक मतदान केंद्रों में विवाद की स्थिति भी निर्मित होने की खबर आई परन्तु विवाद की स्थितियों से निपटने प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद थी।

    मतदाताओं ने शाम 5 बजे तक वोट डाला। मतदान को लेकर सुबह से ही लोगों में काफी उत्साह देखा गया। लोग अपने पूरे परिवार के साथ मतदान करने पहुंचे। और ज्यादातर लोगों के द्वारा अपनी फोटोज सोशल मीडिया पर डाली गयीं।

    बुजुर्गों में भी दिखा मतदान के लिए उत्साह

    खरसिया नगर क्षेत्र की 88 वर्षीय मतदाता श्रीमती नान्ही देवी सपोसवाल ने मतदान कर लोकतंत्र के इस पर्व में हिस्सा लिया।

    देखिए मतदान की कुछ झलकियां….