रायपुर। कुछ वक्त पहले नेटफ्लिक्स पर एक डॉक्यूमेंट्री आई थी जिसमें यह बताया गया था कि कैसे सोशल मीडिया ने जिंदगी को अपने इर्द-गिर्द ऐसा फंसा रखा है कि इसकी जाल से निकल पाना नामुमकिन है। आज के समय में सोशल मीडिया जो दिखाना चाहता है हम और आप वह देखते हैं मानते हैं और समझते हैं वास्तविकता में जो नहीं है उसका भी होने का भ्रम सोशल मीडिया के वजह से हो जाता है और उस भ्रम की वजह से कभी कभी नुकसान भी हो जाता है।
सोशल मीडिया के द्वारा फैलाया गया ऐसा ही एक भ्रम इन दिनों खूब वायरल हो रहा है सोशल मीडिया में छतरी लिए खड़े हुए शख्स की तस्वीर को वायरल करते हुए यह बताया गया है कि इस तस्वीर में नजर आ रहे शख्स छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव आरपी मंडल है और उनके साथ जो महिला है वह मुख्यमंत्री सचिवालय में पदस्थ उप सचिव सौम्या चौरसिया है तस्वीर को देख कर पहली नजर में ही यह धारणा बन सकती है की तस्वीर सच कह रही है, इस तस्वीर में मुख्य सचिव अपनी जूनियर अधिकारी को बारिश से बचा रहे हैं। इस तस्वीर के सोशल मीडिया में वायरल होते ही इस तस्वीर पर टिप्पणी और कमेंट भी आने लगे कुछ लोगों ने इस तस्वीर को नेगेटिव इमेज बताकर उसे प्रचारित किया तो कुछ नहीं इस तस्वीर में मुख्य सचिव के नारी सम्मान की भावनाओं को व्यक्त करते हुए उनकी तारीफ की।

क्या है हकीकत
उक्त तस्वीर की पड़ताल करने पर यह तस्वीर भूखी साबित हुई है उक्त तस्वीर में न तो मुख्य सचिव आरपी मंडल है और ना ही मुख्यमंत्री सचिवालय की उप सचिव सौम्या चौरसिया..
हकीकत में यह तस्वीर बलौदा बाजार जिले की एडिशनल एसपी निवेदिता पॉल की है जो एक तेरहवीं में शोक श्रद्धांजलि व्यक्त करने पहुंची थी उनके साथ उनके अधीनस्थ डीएसपी संजय तिवारी है जो अपने अधिकारी को छाता लेकर बारिश से बचा रहे हैं इस तस्वीर को सोशल मीडिया में यह कह कर प्रचारित किया जाएगा की यह आरपी मंडल और सौम्या चौरसिया की तस्वीर है और लोगों ने बिना जांच किए इसे सच मान कर इस पर कमेंट करना शुरू कर दिया।
एक अपील आप सभी से
हम अपने सभी पाठकों से अपील करते हैं कि सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी मैसेज को बिना जाने, जांचें, समझे उसे वायरल ना करें न ही कोई प्रतिक्रिया दें, जरूरी नहीं की सोशल मीडिया में डाली गई हर बात सच ही हो। कोरोना काल में भी सोशल मीडिया के द्वारा कोरोना से सम्बंधित ऐसी कई बातों को प्रचारित किया गया जो सच नहीं थी रायगढ़ जिले के पुलिस कप्तान को जिले वासियों से अपील तक करनी पड़ी थी कि वह सोशल मीडिया में भ्रामक कंटेंट पोस्ट ना करें अन्यथा कानूनी कार्यवाही का सामना करना पड़ सकता है।



जांजगीर चाम्पा जिले के पामगढ़ विधायक इंदु बंजारे के पति पर ऑन ड्यूटी पुलिसकर्मी से गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देने और धक्का-मुक्की करने का आरोप लगा है। पीड़ित आरक्षक की शिकायत पर पामगढ़ थाने में एफ आई आर भी दर्ज कर ली गई है। दरअसल रक्षित केंद्र जांजगीर के आरक्षक नरेंद्र बंजारे की ड्यूटी थाना पामगढ़ क्षेत्र में लगाई गई है। घटना के दौरान आरक्षक नरेंद्र बंजारे ससहा बैरियर की ओर अपने सहकर्मी के साथ जा रहा था जिस दौरान भिलौनी गांव में लॉक डाउन और धारा 144 का उल्लंघन करते हुए उत्तम भरद्वाज एवं ईश्वरी भारद्वाज के द्वारा समय पूर्व दुकान खोलकर भीड़ इकट्ठा की गई थी जिसे बंद करने के लिए आरक्षक नरेंद्र बंजारे ने समझाया,समझाइश के दौरान उत्तम भारद्वाज और ईश्वरी भारद्वाज आवेश में आ गए और आरक्षक नरेंद्र बंजारे को अश्लील गाली गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई साथ ही उसके साथ धक्का-मुक्की भी की गई जिसकी शिकायत आरक्षक के द्वारा पामगढ़ थाने में दर्ज कराई गई है। जिस पर पामगढ़ थाने में IPC की धाराओं 34, 188,353, 294,506, 332 के तहत FIR दर्ज दर्ज कर लिया गया है।


















