नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने अपने उत्तराधिकारी के तौर पर न्यायाधीश संजीव खन्ना के नाम की सिफारिश की है. केंद्र सरकार को भेजे गए एक पत्र में मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने कहा कि चूंकि वह 11 नवंबर को पद छोड़ रहे हैं. ऐसे में न्यायमूर्ति खन्ना उनके उत्तराधिकारी होंगे. सरकार की मंजूरी मिलने पर न्यायमूर्ति खन्ना भारत के 51वें मुख्य न्यायाधीश होंगे. उनका कार्यकाल 6 महीने का है, जो 13 मई, 2025 को समाप्त होगा.
14 साल तक हाईकोर्ट जज रहे जस्टिस खन्ना, फिर हुई पदोन्नति
जस्टिस संजीव खन्ना ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के कैंपस लॉ सेंटर से कानून की पढ़ाई की. ग्रेजुएशन के बाद, उन्होंने 1983 में दिल्ली बार काउंसिल में एक वकील के रूप में रजिस्ट्रेशन कराया. दिल्ली हाईकोर्ट में 14 साल तक जज रहने के बाद वह सुप्रीम कोर्ट जज बनाए. इसके बाद साल 2019 में उन्हें सुप्रीम कोर्ट में पदोन्नत किया गया था.
उच्च न्यायालयों में नियुक्ति के लिए भी की नामों की सिफारिश
इससे पहले जज डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाले सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में न्यायाधीश की नियुक्ति के लिए भी सिफारिश भेजी थी. हाईकोर्ट में नियुक्ति के लिए केंद्र को 3 अधिवक्ताओं के नाम की सिफारिश भेजी है. तीन सदस्यीय कॉलेजियम में न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति बीआर गवई भी शामिल थे. कॉलेजियम ने केरल उच्च न्यायालय में न्यायाधीश के रूप में नियुक्ति के लिए चार वरिष्ठ न्यायिक अधिकारियों के नामों की सिफारिश करने का फैसला किया।
Author: Sunil Agrawal
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सुप्रीम कोर्ट के अगला मुख्य न्यायाधीश कौन? CJI चंद्रचूड़ ने कर दी इनके नाम की सिफारिश…
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कानून अब अंधा नहीं… ‘न्याय की देवी’ की आंखों से हटी पट्टी, जानें और क्या कुछ बदला ?
आपने अक्सर फिल्मों में यह सुना होगा की कानून अंधा होता है, इसके अलावा कोर्ट में न्याय की देवी की मूर्ति की आंखों पर काली पट्टी भी बंधी देखी होगी। हालांकि, अब सुप्रीम कोर्ट में ऐसी मूर्ति स्थापित की गई है, जिसकी आंखों पर कोई पट्टी नहीं है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, न्याय की देवी की यह नई मूर्ति चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की पहल पर सुप्रीम कोर्ट में जजों के पुस्तकालय में लगाई गई है।
बता दें कि देश में कुछ समय पहले ही अंग्रेजों के कानून बदले गए हैं और अब भारतीय न्यायपालिका ने भी ब्रिटिश काल को पीछे छोड़ते हुए नया रंगरूप अपनाना शुरू कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये सब कवायद सुप्रीम कोर्ट के CJI डी वाई चंद्रचूड़ ने की है। दरअसल, CJI चंद्रचूड़ का मानना था कि अंग्रेजी विरासत से अब आगे निकलना चाहिए। कानून कभी अंधा नहीं होता। वो सबको समान रूप से देखता है। साथ ही देवी के एक हाथ में तलवार नहीं, बल्कि संविधान होना चाहिए। इससे समाज में संदेश जाए कि वो संविधान के अनुसार न्याय करती हैं।”

जानें और क्या कुछ बदला ?
आपको बता दें कि जो पहले न्याय की देवी की मूर्ति होती थी उसमें उनकी दोनों आंखों पर पट्टी बंधी होती थी। नई मूर्ति में न्याय की देवी की आंखें खुली हैं और कोई पट्टी नहीं है। साथ ही एक हाथ में तराजू जबकि दूसरे में सजा देने की प्रतीक तलवार होती थी। हालांकि, अब न्याय की देवी की मूर्ति के हाथों में तलवार की जगह संविधान ने ले ली है। मूर्ति के दूसरे हाथ में तराजू पहले की ही तरह है।क्या है मूर्ति का प्रतीकात्मक महत्व?
गौरतलब है कि इस मूर्ति का प्रतीकात्मक महत्व न्याय की देवी की अवधारणा से जुड़ा है, जो प्राचीन मिस्र और ग्रीक समय से चली आ रही है। इस मूर्ति की आंखों पर पट्टी का प्रतीक है कि देवी हमेशा निष्पक्ष होकर न्याय करेंगी और बिना पक्षपाती हुए फैसले लेंगी। उनके हाथ में तराजू न्याय और संतुलन का प्रतीक है, जो यह दर्शाता है कि दोनों पक्षों की समान रूप से सुनवाई होती है। इसके साथ ही, हाथ में तलवार देवी के पास न्याय को लागू करने और कार्रवाई करने का प्राधिकार और शक्ति भी दर्शाती है। इस प्रकार, यह मूर्ति न्याय की निष्पक्षता, संतुलन और शक्ति का एक महत्वपूर्ण प्रतीक है। -

GST पोर्टल पर इनवॉइस मैनेजमेंट सिस्टम लागू
उज्जैन। जीएसटी पोर्टल पर इनवॉइस मैनेजमेंट सिस्टम लागू कर दिया गया। इसमें अब व्यापारी जितनी बार माल खरीदेंगे, उसके हर इनवॉइस को देखकर उसे स्वीकार, अस्वीकार या पेंडिंग करना होगा। अभी तक पूरे महीने का एक आईटीसी का रिकॉर्ड चढ़ता था, लेकिन अब एक-एक इनवॉइस पर यह एक्शन लेना होगा, जिसके बिना आईटीसी नहीं मिलेगी।
आईटीसी का लाभ लेने के लिए यह व्यवस्था अक्टूबर महीने से लागू है। यानी जो व्यापारी नवंबर महीने में अक्टूबर का रिटर्न भरेंगे, उसमें उन्हें हर एक इनवॉइस को मार्क करना होगा। सितंबर की आईटीसी के लिए इसे अनिवार्य नहीं किया गया है।
इनवॉइस को श्रेणियों में बांटा
जीएसटी पोर्टल पर यूजर सर्विसेज में जाकर आईएमएस खोला जा सकता है। सभी इनवॉइस को 8 श्रेणियों में बांटा गया है- बी2बी इनवॉइस, बी2बी क्रेडिट नोट, बी2बी डेबिट होने, ई कॉमर्स इनवॉइस और इन चारों के अमेंडमेंट्स। वहीं जिन-जिन व्यापारियों द्वारा ई-इनवॉइस की सुविधा का इस्तेमाल किया जाता है, उनके इनवॉइस खरीदार के आईएमएस में दिखने लगेंगे।
व्यापारियों का बढ़ेगा कागजी काम
जानकारों का कहना है कि कई करदाता ऐसे होते हैं जिनके एक महीने के हजारों इनवॉइस आते हैं। ऐसे करदाताओं के लिए ये एक नई परेशानी होगी। सरकार व्यापारियों के लिए इनपुट टैक्स क्रेडिट लेना और मुश्किल बना रही है। यूं तो हम हर बार रिकंसिलियेशन करते ही हैं, यदि किसी कारण कोई इनवॉइस नहीं देख पाते तो उसकी आईटीसी नहीं मिल पाएगी। अब पोर्टल की बाकी चीजों के साथ इस सिस्टम पर भी ध्यान रखना होगा कि कोई इनवॉइस अप्प्रोवे करने से रह तो नहीं गया।
पेंडिंग भी मार्क करना होगा
सिस्टम में इनवॉइस को तीन तरीके से मार्क किया जा सकता है- एक्सेप्ट, रिजेक्ट या पेंडिंग। जो आईटीसी व्यापार से जुड़ी हुई है और जो माल या सेवा ली जा चुकी है, उसे एक्सेप्ट यानी स्वीकार करना होगा। अगर किसी इनवॉइस में खरीदार का जीएसटी नंबर गलत तरीके से अंकित किया गया है तो ऐसी स्थिति में या व्यापार से जुड़ी खरीदारी न होने की स्थिति में इनवॉइस को रिजेक्ट किया जा सकता है।
अगर इनवॉइस विक्रेता ने अपलोड कर दिया है, लेकिन माल नहीं पहुंचा है या भुगतान नहीं हुआ है तो उसे पेंडिंग भी मार्क किया जा सकता है। जब माल मिल जाएगा और भुगतान हो जाएगा, तब उसे एक्सेप्ट कर सकते हैं। जिस महीने में इनवॉइस एक्सेप्ट करेंगे, उसी महीने में उसकी आईटीसी मिलेगी। -

आरटीजीएस और एनईएफटी से पेमेंट में बड़ा बदलाव, आरबीआई के इस कदम से कैसे होगा फायदा?
नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने आरटीजीएस और एनईएफटी जैसे पेमेंट सिस्टम में बड़े बदलाव करने का ऐलान किया है। अब पैसे भेजने से पहले आप चेक कर सकेंगे कि आप सही व्यक्ति को पैसे भेज रहे हैं या नहीं। यह सुविधा UPI और IMPS में पहले से ही मौजूद है। आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) की बैठक के बाद बताया कि ग्राहकों की सुरक्षा और धोखाधड़ी रोकने के लिए यह फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि आरटीजीएस और एनईएफटी में ‘बेनेफिशियरी अकाउंट नेम लुक-अप फैसिलिटी’ शुरू की जा रही है।
कैसे काम करेगी सुविधा?
इस सुविधा के जरिए पैसे भेजने वाला व्यक्ति खाता संख्या और IFSC कोड डालकर यह पुष्टि कर सकेगा कि खाता किसके नाम पर है। शक्तिकांत दास ने कहा, ‘उसी के अनुसार, आरटीजीएस और एनईएफटी में पैसा भेजने वाले को ट्रांसफर शुरू करने से पहले लाभार्थी खाताधारक के नाम को सत्यापित करने में सक्षम बनाने के लिए अब ‘बेनिफिशियरी अकाउंट नेम लुक-अप फैसिलिटी’ शुरू करने का प्रस्ताव है।‘धोखाधड़ी की आशंका होगी कम
दास ने आगे बताया कि यह सुविधा ग्राहकों का भरोसा बढ़ाएगी और गलत ट्रांसफर और धोखाधड़ी की आशंका को कम करेगी। उन्होंने कहा, ‘पैसा भेजने वाले लाभार्थी का खाता नंबर और शाखा आईएफएससी कोड दर्ज कर सकते हैं। इसके बाद लाभार्थी का नाम दिखाई देगा। इस सुविधा से ग्राहकों का विश्वास बढ़ेगा क्योंकि इससे गलत क्रेडिट और धोखाधड़ी की आशंका कम हो जाएगी।’
इस बारे में विस्तृत दिशानिर्देश जल्द ही जारी किए जाएंगे। केंद्रीय बैंक ने बुधवार को अपनी प्रमुख ब्याज दर रेपो को यथावत बनाए रखा था। लेकिन, अपने अपेक्षाकृत आक्रामक रुख को ‘तटस्थ’ कर ब्याज दर में कटौती की दिशा में पहला कदम उठा लिया है। -

आग का शोला बनी कार, बिना ड्राइवर के दौड़ गई, जानें फिर क्या हुआ…
जयपुर के एलिवेटेड रोड पर रविवार को एक कार अचानक आग का गोला बन गई और बिना ड्राइवर के लगभग आधा किमी तक दौड़ गई. जलती हुई कार देखने के लिए जुटी भीड़ की तरफ जैसे ही कार बढ़ी, वहां लोगों में अफरा-तफरी मच गई. इस दौरान कार ने बाइक को टक्कर मार दी. बताया जा रहा है कि चलती कार में आग लगने के बाद ड्राइवर ने कूदकर जान बचा ली. वहीं बर्निंग कार को देखकर ट्रैफ़िक को डायवर्ट किया गया और मौक़े पर पुलिस और दमकल ने पहुंचकर रेस्क्यू किया।
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CG एक साथ होंगे पंचायत और निकाय के चुनावः आईएएस ऋचा शर्मा की अध्यक्षता वाली कमेटी ने सरकार को सौंपी रिपोर्ट…
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव आगे बढ़ सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि प्रदेश सरकार पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव एक साथ करा सकती है। एक प्रदेश एक चुनाव के फामूर्ले पर काम कर रही विष्णुदेव साय सरकार ने दोनों चुनाव एक साथ कराने के लिए आईएएस ऋचा शर्मा की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी ने राज्य सरकार को अपनी सिफारिश सौंप दी है।
सूत्रों के अनुसार ऋचा शर्मा की अध्यक्षता वाली कमेटी ने पंचायत और निकाय चुनाव एक साथ कराए जाने की सिफारिश की है। कमेटी ने कहा कि इससे धन और पैसे की बचत के साथ ही विकास कार्यों में तेजी से होंगे। अभी दोनों चुनाव अलग-अलग कराए जा रहे हैं, इसके लिए आचार संहित भी दो बार लगाई जाती है। इससे विकास के काम प्रभावित होते हैं। दो बार चुनाव कराए जाने से मैन पॉवर भी ज्यादा लगता है। ऐसे में दोनों चुनाव एक साथ कराए जाने से इन सब की बचत होगी।
विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरुप ही कमेटी ने भी सिफारिश कर दी है। ऐसे में संभवत है कि राज्य में इस बार नगरीय निकाय और पंचायत के चुनाव एक साथ कराए जाएं। बता दें कि सरकार ने ऋचा शर्मा कमेटी का गठन 4 अगस्त 2024 को किया था।
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गुस्साई भीड़ ने हत्या के आरोपी का घर फूंका, समझाइश देने आए एसडीएम को पीटा….
सूरजपुर जिले में पदस्थ प्रधान आरक्षक तालिब शेख की पत्नी मेहनाज और पुत्री आलिया की नृशंस हत्या की घटना से नागरिकों में भारी आक्रोश है। घटना की जानकारी मिलने के बाद ही सूरजपुर में बड़ी संख्या में लोगों ने कोतवाली के बाहर धरना दे दिया है। नागरिकों ने नगर बंद का आह्वान किया जिसका स्वस्फूर्त समर्थन मिल रहा है। इसी बीच गुस्साई भीड़ ने हत्या के आरोपी कुलदीप साहू के घर को फूंक दिया है। बहरहाल शहर में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
जिला बदर आरोपी है कुलदीप साहू
रविवार को दुर्गा विसर्जन के दौरान दोहरे हत्याकांड के आरोपी कुलदीप साहू की एक आरक्षक से विवाद हुआ था। कुलदीप ने आरक्षक पर खौलता तेल डालकर फरार हो गया था। उसकी खोजबीन में पुलिस जुटी हुई थी। फरार कुलदीप को पुलिस पेट्रोलिंग खोज रही थी। पेट्रोलिंग टीम में तालिफ शेख आरक्षक भी था। जिसके घर पहुंच कर हत्याकांड को अंजाम दे दिया।
सिंहदेव की नाराजगी आई सामने,सरकार पर उठाए सवाल
पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने घटना को लेकर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि क्यों पुलिस प्रशासन को इतना कमजोर कर दिया गया है। ऐसी कमजोरी इसके पहले कभी देखी नहीं। पुलिस का परिवार ही असुरक्षित है। राज्य में लगातार अपराध बढ़ते ही जा रहा है। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद है कि आमजन अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रहा है।इसके बाद भी राज्य सरकार की ओर से प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। कब तक ऐसी बर्बरता और अराजकता को जनता सहन करती रहेगी।
एसडीएम जगन्नाथ वर्मा की पब्लिक ने कर दी पिटाई
एसडीएम वर्मा आरोपी के घर जलाने वाली भीड़ को समझाइश देने गए थे। नाराज व गुस्साई भीड़ ने उन्हें ही पीट दिया। पुलिस ने किसी तरह उन्हें बचा कर भीड़ के चंगुल से सुरक्षित निकाला। -

छत्तीसगढ़ में सरकार ने जारी किया पत्र रेवेन्यू कोर्ट ज्यूडिशियल प्रोटेक्शन के दायरे में….
राज्य सरकार ने सभी कलेक्टर और संभागायुक्तों को पत्र जारी कर सूचित किया है कि, राजस्व न्यायालयों के पीठासीन अधिकारियों को न्यायाधीश संरक्षण अधिनियम 1985 के तहत संरक्षण है। छत्तीसगढ़ सरकार के राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्रालय के सचिव अविनाश चंपावत ने यह पत्र जारी किया है।
क्या लिखा है पत्र में
पत्र में उल्लेखित है कि, जज प्रोटेक्शन एक्ट 1985 के अधिनियम की धारा 2(9) के तहत न्यायालय की परिधि में वे सभी व्यक्ति आएँगे जिन्हें विधि द्वारा किसी न्यायायिक कार्यवाही में निर्णायक आदेश या ऐसा आदेश जिसके विरुद्ध अपील नहीं की जाए तो वह निर्णायक हो जाएगा जारी करने की शक्ति प्रदान की गई है। इसी प्रकार धारा 3(1) के अंतर्गत कोई भी न्यायालय किसी ऐसे व्यक्ति को जो कि न्यायाधीश के रुप में कार्य कर रहा था, उनके द्वारा न्यायालयीन कार्यवाही के दौरान किए कृत्यों के लिए किसी भी प्रकार से सिविल या दांडिक वाद पर विचार नहीं करेगा। पत्र में लिखा गया है-“जज प्रोटेक्शन एक्ट 1985 की धारा 2 के प्रावधान के अनुसार राजस्व न्यायालय की कार्यवाहियों के लिए राजस्व पदाधिकारी निर्णायक आदेश पारित करने के लिए सक्षम हैं, क्योंकि पारित आदेश के विरुध्द संहिता की धारा 44(1) के अंतर्गत सक्षम न्यायालय में अपील का प्रावधान उपलब्ध है, इसलिए राजस्व अधिकारियों को न्यायालयीन कार्यवाही में किए गए कृत्यों के लिए जज प्रोटेक्शन एक्ट 1985 की धारा 2(9) तथा 3 के अंतर्गत संरक्षण प्राप्त है।”
सरकार ने कहा – न्यायाधीश हैं
राज्य सरकार ने इस पत्र के माध्यम से यह स्पष्ट किया है कि, राजस्व न्यायालय के समस्त पीठासीन अधिकारी जो छत्तीसगढ़ भी राजस्व संहिता की धारा 31 अथवा किसी विधिक प्रावधानों के अंतर्गत अर्थ न्यायिक/न्यायिक कार्यवाही कर रहे हैं, न्यायाधीश संरक्षण अधिनियम 1985 की धारा 2 के अंतर्गत न्यायाधीश हैं, और उन्हें ऐसी अर्ध न्यायिक/न्यायिक कार्यवाही के दौरान किये गए किसी कार्य के विरुध्द सिविल अथवा दांडिक कार्यवाही से अधिनियम की धारा 3 के अधीन रहते हुए संरक्षण प्राप्त है।पत्र के मायने सरल शब्दों में
पत्र के मायने यह हैं कि, यदि कोई रेवेन्यू कोर्ट कोई निर्णय देती है तो कोर्ट के पीठासीन अधिकारी के आदेश से खिलाफ अपील की जा सकती है, रिवीज़न किया जा सकता है लेकिन एफ़आइआर या परिवाद दायर नहीं किया जा सकता है। इस पत्र के ज़रिए सरकार ने याद दिलाया है कि, जैसे न्यायालय में न्यायाधीश के द्वारा प्रतिकूल निर्णय दिए जाने पर जज के खिलाफ क़ानूनी कार्यवाही नहीं की जा सकती, ठीक वैसे ही राजस्व कोर्ट के साथ भी व्यवस्था रखनी होगी। याने कोई आदेश आपके खिलाफ किसी रेवेन्यू कोर्ट से पारित हुआ तो आप नाराज़ होकर परिवाद या एफ़आइआर नहीं कर सकते। लंबे अरसे से यह लगातार प्रचलन में था कि, रेवेन्यू कोर्ट द्वारा आदेश के खिलाफ व्यक्ति अपील के साथ साथ आदेश जारी करने वाले अधिकारी के खिलाफ एफआइआर या परिवाद के ज़रिए मामला मुकदमा कर रहा था। इस पत्र से यह स्पष्ट किया गया है कि, ऐसा अब नहीं किया जा सकेगा।
रेवेन्यू कोर्ट का मतलब क्या है
रेवेन्यू कोर्ट का मतलब हुआ भू अभिलेख अधिकारी से लेकर रेवेन्यू बोर्ड तक की व्यवस्था। इसमें नायब तहसीलदार, तहसीलदार, एसडीएम, अपर कलेक्टर, कलेक्टर, संभाग कमिश्नर और रेवेन्यू बोर्ड शामिल है। -

किरोड़ीमल नगर में मनाया गया हर्षोल्लास के साथ विजयादशमी का पर्व, पूर्व मंत्री एवं खरसिया विधायक उमेश नंदकुमार पटेल के मुख्य आतिथ्य में हुआ रावण दहन कार्यक्रम….
रायगढ़। किरोड़ीमल नगर में हर्षोल्लास के साथ विजयादशमी का पर्व मनाया गया। पूर्व मंत्री एवं विधायक उमेश नंदकुमार पटेल के मुख्य आतिथ्य में विभिन्न कार्यक्रम सहित रावण दहन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। विदित हो की वर्षों से चले आ रहे परंपरानुसार कोकड़ीतराई, किरोड़ीमल में हर्षोल्लास के साथ विजयादशमी का पर्व मनाया गया।

इस दिन नगर के खेल मैदान में भव्य और आकर्षक मेला लगाया जाता है जिसका आकर्षण देखते ही बनता है। यह मेला इस क्षेत्र का सबसे बड़ा मेला होता है। जिसमें श्रीराम जी की असत्य पर सत्य की जीत को जनता के सामने प्रदर्शित करने हेतु भव्य राम शोभा यात्रा निकाला गया, जो पुरे नगर में भ्रमण करते हुए खेल मैदान तक आया तत्पश्चात मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम जी के प्रतीकात्मक स्वरूप द्वारा रावण दहन किया गया। यहां प्रत्येक वर्ष की भांति मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रम रखा गया जिसे मेला देखने आए आगंतुकों खूब सराहा। मेले में शोभा यात्रा आतिशबाजी और रावण दहन आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा। रावण दहन होते ही पूरा मेला जय श्रीराम के गगनचुंबी उद्घोष से गूंज उठा।

उक्त कार्यक्रम प्रदेश के पूर्व मंत्री एवं खरसिया के विधायक उमेश नंदकुमार पटेल के आतिथ्य में शुभारंभ हुआ। उन्होंने हमेशा की भांति सभी नगरवासियों को विजयादशमी की बधाई देते हुए आयोजन समिति को बधाई देते हुए जनता जनार्दन को उक्त कार्यक्रम में आमंत्रित करने हेतु आभार भी प्रकट किया। उन्होंने कार्यक्रम के सम्बोधन में कहा की सभी को अपने मन के रावण को खत्म करके न्यायप्रिय भगवान राम जैसे ही उदारवादी विचारधारा रखना चाहिए ताकि मानवता को बल मिले। उन्होंने अंत में इस वर्ष के कार्यक्रम के भव्यता और संगठनात्मक एकता को सराहते हुए अपने भाषण में सभी की पीठ थपथपाते हुए सभी सदस्यों के योगदान को सराहा और उम्मीद जताई की प्रतिवर्ष उक्त कार्यक्रम की भव्यता बढ़ते रहें।
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दुर्गानवमी को किया गया नवकन्या भोज….विभिन्न थीम पर बने पण्ड़ालों की सजावट कर रही श्रद्वालुओं को आकर्षित…
खरसिया। अंचल का प्रसिद्व नवरात्रि त्यौहार धूमधाम से मनाया जा रहा है। नगर में अनेक स्थानों पर माता की प्रतिमाओं की स्थापना कर विधिवत पूजा अर्चना की जा रही है। इसी तारतम्य में दुर्गानवमी को माता रूपी नव कन्याओं का पूजन कर उन्हे भोजन कराया गया, तथा कन्याओं को उपहार दिये गये। नगर के छ़परीगंज स्थित रानी सती दुर्गोत्सव समिति में दुर्गाष्टमी की रात्रि को हवन कर नवमी को नवकन्या भोज कराकर भण्ड़ारा किया गया, नन्हे मुन्ने बच्चो के लिए बार कुर्सी दौड़ तथा हौजी का कार्यक्रम भी रानी सती दुर्गोत्सव समिति के द्वारा किया गया था।
श्रीमद दुर्गा उत्सव समिति अर्चना टाकीज के पास के पंडाल में मंगल पाठ का आयोजन किया गया था। हमालपारा पण्ड़ाल में बनाया गया सेल्फी कार्नर श्रद्वालुओं के आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है, तो पोस्ट आफिस रोड़ के पण्ड़ाल को मदुरई के मीनाक्षी मंदिर से संबंधित थीम से सजाया गया है, रेलवे स्टेशन के पास रामेश्वदम की थीम पर बना विशाल पंडाल मन को मोह रहा है तो इस बार कन्या भवन के पास के पंडाल में गोकुलधाम सोसाइटी की तर्ज पर पंडाल को सजाया गया है। वहीं गुरूद्वारा के पास विराजी माता के पण्ड़ाल मे विकास अग्रवाल ज्योति, दीपक अग्रवाल मधुवन, दिलीप शर्मा, के सहयोग से प्रतिदिन दोपहर को चावल सब्जी का भण्ड़ारा लगाया जा रहा है।विदित हो कि नगर की नवरात्रि तथा दशहरा समस्त अंचल में प्रसिद्व है, तथा आसपास के क्षेत्र से हजारों श्रद्वालु प्रतिदिन माता के दर्शन करने नगर आते है।

गौरतलब है कि नगर में नवरात्र मेला के दौरान जगत जननी मां जगदंबे के दरबार में समितियों द्वारा आए हुए श्रद्धालुओं के लिए सवामणि प्रसाद के अलावा पूरी सब्जी का भी भंडारा विशाल रूप से लगाया जाता है भक्तों द्वारा सब्जी पूड़ी का भंडारा को विशेष रूप से ग्रहण कर माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं नगर का प्रमुख नवरात्र मेला खरसिया नगर में दुर्गा उत्सव का मेला देशभर में खास पहचान बना चुका है यहां का दुर्गा उत्सव का मेला छत्तीसगढ़ की शान है यही वजह है कि यहां स्थापित माताओं की प्रतिमा का दर्शन करने के लिए अनेक स्थानों से दूर-दूर से श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।
