Author: Sunil Agrawal

  • होटल अंश में चल रहा था जुआ पुलिस ने रेड मारकर कर दी कार्यवाही….

    होटल अंश में चल रहा था जुआ पुलिस ने रेड मारकर कर दी कार्यवाही….

    एसपी अभिषेक मीना के निर्देशन पर अंश होटल में पुलिस टीम की जुआ रेड की बड़ी कार्यवाही….

    ● होटल के कमरा नंबर 301 में पकड़े गए 8 जुआरियों से ₹2,94,000 नगद, 7 मोबाइल जप्त……

    ● सीएसपी अभिनव उपाध्याय के नेतृत्व में साइबर सेल/ चौकी जूटमिल प्रभारी के.के. पटेल पुलिस टीम के साथ दिए दबिश….

    ● थाना कोतवाली में आरोपियों पर जुआ एक्ट की कार्यवाही….

    रायगढ । एसपी रायगढ़ श्री अभिषेक मीना के दिशा निर्देशन पर नगर पुलिस अधीक्षक श्री अभिनव उपाध्याय साइबर सेल/चौकी प्रभारी जूटमिल कमल किशोर पटेल के नेतृत्व में साइबर सेल एवं चौकी जूटमिल की संयुक्त टीम द्वारा अंश होटल के कमरा नंबर 301 में 52 पत्ती ताश से शहर एवं आसपास के कुछ युवक जुआ खेलने बैठे होने की मुखबीर सूचना पर पुलिस टीम द्वारा सुनियोजित तरीके से जुआ रेड कार्यवाही किया गया, मौके पर 8 जुआडियान- करण चौधरी, रिंकू उर्फ दुर्गेश साहू, मोहम्मद वसीम, मोहम्मद जावेद, दीपक अग्रवाल, कान्हा अग्रवाल, अविनाश सिंह एवं सुधीर अग्रवाल 52 पत्ती ताश से जुआ खेलते रंगे हाथ पकड़े गए जिनके फड एवं पास से पुलिस टीम द्वारा ₹2,94,000 नगद एवं 7 मोबाइल फोन जप्त किया गया है । आरोपियों को हिरासत में लेकर थाना कोतवाली लाया गया जहां आरोपियों पर धारा 13 जुआ एक्ट के तहत कार्यवाही किया गया है । एसपी रायगढ़ श्री अभिषेक मीना के मार्गदर्शन तथा सीएसपी रायगढ़ अभिनव उपाध्याय के नेतृत्व में जुआ रेड कार्यवाही में साइबर सेल/चौकी प्रभारी जूटमिल उपनिरीक्षक कमल किशोर पटेल, साइबर सेल के प्रधान आरक्षक राजेश पटेल, दुर्गेश सिंह, आरक्षक प्रशांत पंडा एवं चौकी जूटमिल के आरक्षक धनुर्जय चंद्र बेहरा, विनय तिवारी शामिल थे ।

    जुआ रेड में पकड़े गए जुआरियान –

    (1) करण चौधरी पिता बंटी चौधरी 25 साल सावित्री नगर रायगढ़

    (2) रिंकू उर्फ दुर्गेश साहू पिता दिलहरण साहू 34 साल किरोड़ीमल नगर कोतरारोड़ रायगढ़

    (3) मोहम्मद वसीम पिता मोहम्मद बरकत उम्र 38 साल निवासी बीडपारा रायगढ़

    (4) मोहम्मद जावेद पिता कमालुद्दीन उम्र 36 वर्ष निवासी इंदिरा नगर रायगढ़

    (5) दीपक अग्रवाल पिता गणेश राम अग्रवाल उम्र 38 वर्ष ढिमरापुर रायगढ़

    (6) कान्हा अग्रवाल पिता विकास अग्रवाल उम्र 26 वर्ष ढिमरापुर रायगढ़

    (7) अविनाश सिंह पिता ओमप्रकाश सिंह उम्र 27 वर्ष किरोड़ीमल नगर रायगढ़

    (8) सुधीर अग्रवाल पिता अशोक अग्रवाल उम्र 38 वर्ष सुभाष चौक रायगढ़

  • देश में पहली बार हिन्दी में डॉक्टरी की पढ़ाई:अमित शाह बोले- शिवराज ने मोदी की इच्छा पूरी की, इससे देश में क्रांति आएगी

    देश में पहली बार हिन्दी में डॉक्टरी की पढ़ाई:अमित शाह बोले- शिवराज ने मोदी की इच्छा पूरी की, इससे देश में क्रांति आएगी

    केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भोपाल में रविवार को इसकी 3 किताबों का विमोचन किया। उन्होंने कहा- ये क्षण देश में शिक्षा क्षेत्र के पुनर्निर्माण का क्षण है। सबसे पहले मेडिकल की शिक्षा हिन्दी में शुरू करके शिवराज सिंह ने मोदी जी की इच्छा पूरी की है। देशभर में 8 भाषाओं में पढ़ाई हो रही है। यूजी नीट देश की 22 भाषाओं में हो रही है। 10 राज्य इंजीनियरिंग की पढ़ाई मातृभाषा में करवा रहे हैं।

    शाह ने कहा- मेडिकल, इंजीनियरिंग में जो मातृभाषा के समर्थक हैं, उनके लिए आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। अब हमें अपनी भाषा में शिक्षा मिलेगी। मप्र का चुनाव जब हो रहा था, घोषणा पत्र के भीतर यह जिक्र था। मोदी जी का नई शिक्षा नीति का सबसे पहले मप्र ने जमीं पर उतारा है। आज यह नई शुरुआत हो रही है। इसके लिए हिन्दी प्रकोष्ठ का गठन हुआ।

    केंद्रीय मंत्री ने कहा- सोचने की प्रक्रिया अपनी मातृभाषा में ही होती है, इसलिए नेल्सन मंडेला ने कहा था- यदि आप किसी व्यक्ति से उस भाषा में बात करते हो तो वह उसके दिमाग में जाता है। अनुसंधान अपनी भाषा में हो तो भारत के युवा भी किसी से कम नहीं हैं। वो विश्व में भारत का डंका बजाकर आएंगे। मध्यप्रदेश ने मेडिकल की पढ़ाई हिन्दी में कराने संकल्प लिया है। इससे देश में क्रांति आएगी।

     

    कुछ दिनों बाद इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी हिन्दी में शुरू होगी। इसके लिए सिलेबस के अनुवाद का काम शुरू हो गया है। छह माह बाद, पॉलीटेक्निक और इंजीनियरिंग की पढ़ाई हिन्दी में करने का मौका मिलेगा।

  • रायपुर जा रही यात्री बस और ट्रक के बीच टक्कर,यात्री बस के परखच्चे उड़े….

    रायपुर जा रही यात्री बस और ट्रक के बीच टक्कर,यात्री बस के परखच्चे उड़े….

    जशपुर।   बगीचा से दुर्ग जाने वाली बस ट्रक से टकरा गई है, जिसमे बस के सामने के हिस्से के परखच्चे उड़ गए हैं।

    जो जानकारी मिल रही है उस अनुसार बगीचा से दुर्ग चलने वाली बस “दुर्ग रोडवेज” खड़ी ट्रक को पीछे से दे मारा, जिसमे बस के सामने के हिस्से के परखच्चे उड़ गए हैं, यह घटना सुबह – सुबह बिलासपुर से 21 किमी आगे रायपुर रोड में हुई है। अभी बस में कितने लोग सवार थे या, कितने घायल हैं इसकी स्थिति साफ नही हो पाई है। पर सूत्र घटना की पुष्टि कर रहे हैं। जिसकी फ़ोटो भी एजेंट के द्वारा बगीचा के व्हाट्सएप्प ग्रुप में शेयर किया है। यह बस शाम 7 बजे दुर्ग के लिए निकली थी, और बिलासपुर से 21 किमी आगे यह घटना घट गयी।

  • बिजली खंभे को लात मार कर गिरा रहे हाथी को लगा करेंट का बड़ा झटका ,हाथी बेहोश होकर सीधे जमीन पर,ग्रामीणों की लगी भीड़ ,इसी बीच हाथी को आया होश और..…

    बिजली खंभे को लात मार कर गिरा रहे हाथी को लगा करेंट का बड़ा झटका ,हाथी बेहोश होकर सीधे जमीन पर,ग्रामीणों की लगी भीड़ ,इसी बीच हाथी को आया होश और..…

    खबर जिले के तपकरा से आ रही है।यहां के बरकस पाली बस्ती में एक हाथी बिजली करेंट के झटके से बेहोश हो गया है। बताया जा रहा है कि जंगल में विचरण करते करते हाथी बरकस पाली बस्ती की ओर पहुंच गया और सड़क किनारे लगे एक बिजली खंभे को लात से मारकर गिराने की कोशिश करने लगा।तभी बिजली खंभे में करेंट आ गया और हाथी को करेंट का ऐसा झटका लगा कि वह सीधे जमीन में जा गिरा ।

    ग्रामीणों के मुताबिक घटना सोमवार सुबह तकरीबन 6 बजे की है। निस्तार के निकले ग्रामीणों की नजर जब बेहोश पड़े हाथी पर पड़ी तो उसे देखने वालों की भीड़ लग गई।भारी संख्या में ग्रामीण यहां जुटने लगे इसी बीच हाथी को होश आ गया और वह अचानक खड़ा हो गया ।

    मौके पर मौजूद वन विभाग के कर्मचारी अविनाश शर्मा ने बताया कि बिजली खंभे से हाथी को करेंट का झटका लगा था और झटका खाकर वह जमीन पर गिर गया लेकिन थोड़ी देर में वह खड़ा हो गया लेकिन उसे देखकर ऐसा लग रहा है कि अभी भी उसको झटके का असर है और उसे सामान्य होने में एक दो घंटे का वक्त लग सकता है।

  • परमाणु हमले से बचने बंकर बना रहे यूक्रेन के लोग:खाना-पानी जमा कर रहे, रेडियो और पावर बैंक का भी इंतजाम….

    परमाणु हमले से बचने बंकर बना रहे यूक्रेन के लोग:खाना-पानी जमा कर रहे, रेडियो और पावर बैंक का भी इंतजाम….

    रूस-यूक्रेन जंग के 229वें दिन कीव पर बड़े मिसाइल हमले के बाद लोगों में परमाणु अटैक का इतना डर है कि देश छोड़कर जा रहे हैं। जो लोग यहीं रहना चाहते हैं, वे घर छोड़कर बंकर में रहने की तैयारी कर रहे हैं। कीव में अलेक्जेंडर कैडेट ने घर के पीछे एक अंडरग्राउंड कमरा बनाया है। लकड़ी के शेड के नीचे बने इस कमरे में पहुंचने के लिए जमीन से साढ़े छह फीट नीचे तक एक सीढ़ी से उतरकर जाना पड़ता है। दरअसल, 32 साल के अलेक्जेंडर ने एक पुराने कुएं को दो हफ्तों की मेहनत से बंकर में बदल दिया है, ताकि रूसी हमले से बचा जा सके।

    अलेक्जेंडर ने कहा, ‘हम अब और ज्यादा चिंतित हैं, खासकर ताजा (10 अक्टूबर) हमलों के बाद। हमें लगता है कि परमाणु हमला होने के बाद हम कुछ समय तक इस शेल्टर में जिंदा रह सकेंगे।’ परमाणु हमले की आशंका को देखते हुए उन्होंने इस बंकर में पानी की बोतलें, पैक्ड फूड, रेडियो और पावर बैंक भी जमा कर रखे हैं। अलेक्जेंडर ने परमाणु हमले से बचने का इंतजाम तो कर लिया, लेकिन वे उम्मीद कर रहे हैं कि उन्हें इस कमरे का इस्तेमाल कभी ना करना पड़े।

    बंकर बचा ही लेगा यह गारंटी नहीं, लेकिन तैयार रहना जरूरी
    घर के पीछे बंकर बनाने वाले अलेक्जेंडर ने कहा कि एक्शन प्लान बना लेना बेहतर है। इसकी कोई गारंटी नहीं कि यह आपको बचा ही लेगा, लेकिन कम से कम आप मानसिक रूप से इसके लिए तैयार तो हो जाते हैं। कीव के कई लोगों का कहना है कि वे सोमवार को हुए मिसाइल हमलों से पहले ही सतर्क हो गए थे।

    एटमी हमले से बचने के इंतजाम कर रहे लोग, पलायन भी जारी
    रूस की तरफ से कीव पर एक दिन में 83 मिसाइलें दागे जाने के बाद अलेक्जेंडर जैसे कई लोग इसी तरह के बंकर बना रहे हैं और वहां जरूरी साजो-सामान जुटा रहे हैं। यहां के निवासी न्यूक्लियर वॉर के दौरान सुरक्षित रहने के बारे में पढ़ रहे हैं। लोगों का मानना है कि इन तरीकों से उन्हें परमाणु हमले की स्थिति में खुद को बचाने में मदद मिलेगी। वहीं, सैकड़ों लोग यूक्रेन से बाहर जा रहे हैं।

    स्कूलों में भी हो रही परमाणु हमले से बचाव की तैयारी
    जंग के बीच कीव महीनों से रूसी हमले के सबसे बुरे दौर से बचा रहा था। उत्तर-पूर्वी यूक्रेन के कई हिस्सों से रूसी सेना के हटने के बाद वहां जीवन भी पटरी पर लौट आया था। यहां स्कूल भी खुल गए थे। अब कई स्कूल्स ने पेरेंट्स को बच्चों के साथ इमरजेंसी पैक रखकर भेजने को कहा है।

    कीव के एक डिपार्टमेंटल स्टोर में काम करने वाली 50 साल की नादिया स्टेलमख ने कहा कि एक मां उनके पास स्कूल से एक सूची लेकर आई थी जिसमें लेटेक्स दस्ताने, एक पोंचो, बूट कवर, टिश्यू पेपर, वेट वाइप्स और फ्लैश लाइट्स शामिल थे।

    रूस-यूक्रेन जंग की शुरुआत के बाद से ही कीव समेत कई शहरों में लोगों ने हमलों से बचाव के लिए बंकरों में शरण ली थी।
    रूस-यूक्रेन जंग की शुरुआत के बाद से ही कीव समेत कई शहरों में लोगों ने हमलों से बचाव के लिए बंकरों में शरण ली थी।

    लोगों को पोटैशियम आयोडाइड की गोलियां दी जाएंगी
    कीव सिटी काउंसिल ने कहा है कि मेडिकल रिकमंडेशन पर परमाणु हमला होने की स्थिति में लोगों को पोटैशियम आयोडाइड की गोलियां दी जाएंगी। उन्होंने यह भी कहा कि ये गोलियां शहर की फार्मेंसीज में भी मिल रही हैं। कीव में फार्मासिस्ट अलीना बोझेदोमोवा ने बताया कि रोजाना लोग गोलियों की तलाश में आ रहे हैं। पोटैशियम आयोडाइड का इस्तेमाल किसी व्यक्ति के थायरॉयड को आयोडीन से सैचुरेट करने के लिए किया जाता है ताकि रेडियोएक्टिव आयोडीन के संपर्क में आने के बाद थायरॉयड ग्लैंड पर उसका असर न हो।

    अमेरिका ने 2,388 करोड़ में परमाणु हमले से बचाने वाली आयोडीन गोलियां खरीदीं

    अमेरिकी सरकार ने 2 अक्टूबर 2022 को 2,389 करोड़ रुपए की आयोडीन दवा खरीदने का ऐलान किया। अमेरिका के इतिहास में पहली बार एक साथ इतनी ज्यादा आयोडीन गोली की खरीदारी हुई है। बाइडेन सरकार ने कहा है कि केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल और न्यूक्लियर हमले से बचने के लिए ये दवाइयां खरीदी गई हैं। अमेरिका ही नहीं, यूरोप में भी परमाणु विकिरण रोकने वाली दवाओं की बिक्री बढ़ी है। रूस और यूक्रेन से सटे देश पोलैंड की राजधानी वॉरसॉ में इस तरह की दवाइयों के वितरण के लिए 600 से ज्यादा डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर बनाए गए हैं।

    यूक्रेन की तरफ से कर्च ब्रिज उड़ाने के बाद से डरे हुए लोग
    कीव के कई लोगों का कहना है कि वे सोमवार को हुए मिसाइल हमलों से पहले ही सतर्क हो गए थे। कर्च ब्रिज पर हमले के बाद 30 साल की क्रिस्टीना गेवोरकोवा ने कहा था, “मुझे वाकई बहुत डर लग रहा है कि रूसी इसका जवाब कैसे देंगे। पहले हम कीव में सुरक्षित महसूस करते थे। लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि कुछ होने वाला है।

    सोमवार (10 अक्टूबर) को रूसी मिसाइल अटैक के बाद यूक्रेन की राजधानी कीव में हर तरफ तबाही के निशान नजर आ रहे हैं।
    सोमवार (10 अक्टूबर) को रूसी मिसाइल अटैक के बाद यूक्रेन की राजधानी कीव में हर तरफ तबाही के निशान नजर आ रहे हैं।

    यूक्रेनी पहले से ही परमाणु हमले को लेकर आशंकित थे
    रूस-यूक्रेन जंग की शुरुआत से ही परमाणु हमले की आशंका बनी हुई थी। यूक्रेन के लोगों को यह डर भी सता रहा था कि रूस या तो टेक्टिकल परमाणु हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है या यूक्रेन के न्यूक्लियर पॉवर प्लांट्स में से किसी एक पर हमला शुरू कर सकता है। हालांकि, हालात पर नजर रखने वाले अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि उन्हें ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जिससे यह कहा जा सके पुतिन न्यूक्लियर वैपन्स को यूक्रेन की तरफ मोड़ रहे हैं।

    कई लोगों को भरोसा- पुतिन परमाणु हमला नहीं करेंगे
    हालांकि, कीव के सभी रहवासी न्यूक्लियर अटैक को लेकर चिंतित नहीं हैं। कई लोगों का मानना है कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन ऐसा नहीं करेंगे। दोस्तों के साथ आउटिंग के लिए निकले 31 साल के दिमित्रो ने कहा कि पुतिन कीव को निशाना बनाने पारंपरिक हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं। वे इस जंग में परमाणु हमला नहीं करेंगे। 47 साल की स्वेतलाना जोज़ुलिया ने ऐहतियातन पोटेशियम आयोडाइड की गोलियां खरीदीं हैं। वे भी आशावादी हैं कि पुतिन यूक्रेन पर न्यूक्लियर अटैक नहीं करेंगे।

    पुतिन और रूसी विदेश मंत्री के बयानों ने बढ़ाई चिंता 

    यूक्रेन ने 8 अक्टूबर को रूस और क्रीमिया को जोड़ने वाला कर्च ब्रिज उड़ा दिया था। इसका बदला लेते हुए ही रूस ने 48 घंटे बाद यूक्रेन पर 83 मिसाइलें दागी थीं। इस बीच रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने मंगलवार को कहा कि अगर हम पर हमला होता है तो हम अपनी हिफाजत के लिए परमाणु हथियारों का उपयोग करने से पीछे नहीं हटेंगे। ऐसा ही बयान पहले राष्ट्रपति पुतिन दे चुके हैं।

  • CM शिवराज की सलाह, हिंदी में लिखें दवाओं के नाम:भोपाल में बोले- दवा पर्चे पर ऊपर श्रीहरि…नीचे हिन्दी में क्रोसिन लिखो

    CM शिवराज की सलाह, हिंदी में लिखें दवाओं के नाम:भोपाल में बोले- दवा पर्चे पर ऊपर श्रीहरि…नीचे हिन्दी में क्रोसिन लिखो

    ‘दवा के पर्चे पर Rx के बजाए ‘श्री हरि’ लिखें। दवाई का नाम क्रोसिन लिखना है, तो क्रोसिन हिंदी में भी लिखा जा सकता है। उसमें क्या दिक्कत है.? ऊपर ‘श्री हरि’ लिखो..और क्रोसिन लिख दो।’

    ये सलाह मध्य प्रदेश के CM शिवराज सिंह चौहान ने डॉक्टरों को दी है। वो शनिवार को भारत भवन में आयोजित हिंदी विमर्श कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने डॉक्टरों से कहा- यहां जो डॉक्टर मित्र बैठे हैं, वो अच्छा तरीका निकालेंगे।

    सीएम ने मजाकिया अंदाज में कहा- दवाई के नाम हिंदी में क्यों नहीं लिखे जा सकते? जब हिंदी भाषा घर-घर पहुंचेगी, तब अंग्रेजी की चुड़ैल उतरेगी।

    हिंदी में मेडिकल की पढ़ाई की बात सुन लोग हंसे थे
    CM ने कहा- जब मैंने पहली बार कहा कि मेडिकल की पढ़ाई हिन्दी में होगी, तो लोग हंस रहे थे। कुछ पीछे मुंह करके कह रहे थे इंस्पॉसिबल..। हमने कहा असंभव शब्द हमारे शब्दकोष में नहीं है। यह सामाजिक क्रांति है। कुछ भी असंभव नहीं है। अब हमने करके भी दिखा दिया है।

    लिवर को यकृत, रेल को ‘लोहपथगामिनी’ नहीं कहेंगे
    ‘विश्व हिंदी सम्मेलन’ हम भोपाल में लेकर आए थे। हिंदी-हिंदी हम ही कर रहे हैं। समाज में हिंदी को चाहने वाले लोगों के साथ व्यापक विमर्श करना चाहिए, इसलिए आज भोपाल के हर वर्ग के लोग, चिकित्सक मित्र यहां बैठे हैं। रेल को ‘लोहपथगामिनी’ नहीं कहेंगे। लिवर को यकृत कहने की जरूरत नहीं है। सीएम शिवराज ने कहा- मुझे ज्यादा कुछ कहना नहीं है, क्योंकि हमें करना है। हिंदी विश्वविद्यालय उसी का परिणाम था, ये अलग बात है कि कम सफल हुआ या ज्यादा।

    मानस में परिवर्तन हो रहा है, आगे भी होगा, लेकिन कुछ शब्द जो अब व्यावहारिक हैं, उन्हें भी शामिल करना होगा। अगर हम व्यावहारिक नहीं होंगे, तो असफल हो जाएंगे। अंग्रेजी का विरोध नहीं है, लेकिन राष्ट्रभाषा के प्रति जागरूकता जरूरी है। यह मानसिकता गलत है कि अंग्रेजी के बिना काम नहीं हो सकता। मैंने कई मेडिकल कॉलेज के बच्चों को सिर्फ इसलिए कॉलेज छोड़ते देखा है, क्योंकि उनकी अंग्रेजी अच्छी नहीं है।

    मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हमने अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन संस्थान बनाया, उसका नाम अगपा-फगपा कर दिया।
    मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हमने अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन संस्थान बनाया, उसका नाम अगपा-फगपा कर दिया।

    महापुरुष का नाम का शॉर्ट फॉर्म कर सत्यानाश कर दिया
    कार्यक्रम में सीएम ने भोपाल की मेयर मालती राय से कहा कि अपने यहां जो बोर्ड लगे हैं, उन पर लिखवाएं…. ‘झीलों की नगरी में आपका स्वागत है’… बाद में छोटे से अक्षरों में अंग्रेजी में भी लिख सकते हैं ”सिटी ऑफ लेक्स”। अंग्रेजी के विद्वानों ने महापुरुषों के रखे नाम को तोड़ा। सीएम ने कहा- ‘आज के बच्चों को ये पता ही नहीं है कि टीटी नगर का मतलब क्या है। तात्या टोपे जी को कोई नहीं जानता।’

    एक-एक महापुरुष के नाम पर रखे नाम को शॉर्ट फॉर्म करने के नाम पर क्या सत्यानाश किया है। हमने अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन संस्थान बनाया, उसका नाम अगपा-फगपा कर दिया। चीजें हमको ठीक करनी पड़ेंगी। हमने अच्छे से रोड बनाया, उसका नाम ‘बुलेवर्ड’ रख दिया। मैंने कहा- अटल पथ करो, काहे का बुलेवर्ड। ये अंग्रेजी की मानसिकता वाले लोग उसमें जकड़ गए हैं।

    मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दीप प्रज्जवलन कर भारत भवन में आयोजित हिंदी विमर्श कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस मौके पर शहर की महापौर और भाजपा नेता भी मौजूद रहे।
    मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दीप प्रज्जवलन कर भारत भवन में आयोजित हिंदी विमर्श कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस मौके पर शहर की महापौर और भाजपा नेता भी मौजूद रहे।

    विदेशों में हिंदी में भाषण देने पर सम्मान
    CM ने कहा- मैं दुनिया के कई देशों में गया हूं। मुझे कहते हुए गर्व है, मैं तो हिंदी में बोला। आपको एक दुभाषिया तो चाहिए है। वह बोलेगा- हमें बताएगा, हम बोलेंगे वह उन्हें बताएगा परेशानी क्या है? तुम्हारी भाषा पर तुम्हें गर्व है, हमारी भाषा पर हमें गर्व है। मैं तो कई यूनिवर्सिटीज में भाषण देकर आया। दुनियाभर में USA से लेकर UK तक शानदार हिंदी में बोला।

    अंग्रेजी बोलने पर कम तालियां बजती थीं, जो दूसरे बोलते थे। जब मैं मातृभाषा में बोलता था, तो मुझे इज्जत और सम्मान के साथ देखा जाता था। रूस में कौन अंग्रेजी को पूछता है? चीन में कौन अंग्रेजी को पूछता है? जापान में, जर्मनी में कौन पूछता है? फ्रांस में कौन पूछता है? इटली में कौन पूछता है? हम ही पता नहीं अंग्रेजी के कहां से गुलाम हो गए। हैलो, हाय, हाउ-डू-यू-डू, इस मानसिकता को मारने की जरूरत है।

    पूर्व सांसद ने याद दिलाया 7 साल पुराना वादा
    कार्यक्रम में पूर्व सांसद रघुनंदन शर्मा ने CM को उनका 7 साल पुराना वादा याद कराया। रघुनंदन शर्मा ने CMसे कहा- सितंबर 2015 में शिवराज सिंह ने कहा था कि प्रदेशभर के डॉक्टर अपने पर्चे देवनागरी लिपि में लिखेंगे, नाम भले अंग्रेजी का हो। केन्द्र सरकार ने सभी संस्थानों को निर्देशित किया है कि राजभाषा में अपने बोर्ड लगाएं। उसी का परिणाम है, जितने भी बैंक हैं, वे पहले हिन्दी में नाम लिखते हैं, बाद में अंग्रेजी में लिखते हैं। अंग्रेजी हमारे सिर पर नहीं बैठ सकती।

    जिनका बोर्ड हिंदी में नहीं, उनका लाइसेंस निरस्त हो
    रघुनंदन शर्मा ने कहा- ‘राजधानी में सभी बोर्ड, दुकान, संस्थान के नाम हिन्दी में होने चाहिए। ऐसा न करने वालों के लाइसेंस निरस्त कर देना चाहिए। एक व्यक्ति ने उदाहरण दिया- जो व्यापार करते हैं, उनकी मातृभाषा हिंदी नहीं है, लेकिन 90 % बोर्ड हिंदी में लगे हैं। हमारे भोपाल के नए बाजार (न्यू मार्केट) में 100% बोर्ड अंग्रेजी में लगे हैं। ओडिशा में ये नियम है कि जो उड़िया में नाम पटिट्‌का नहीं लगाता, उसका लाइसेंस निरस्त तो होता ही है, दंड का भी प्रावधान है।

    तमिलनाडु, महाराष्ट्र में ऐसा ही प्रावधान है। ये तो हिन्दी भाषी प्रदेश है, यहां अंग्रेजी का बोलबाला है, तो पीड़ा तो होती है। मैंने मेरी बहुओं का विरोध मोल लेकर पोते-पोतियों को अंग्रेजी मीडियम के स्कूलों में भर्ती नहीं होने दिया।

    हिंदी में मेडिकल की किताबें लॉन्च करेंगे अमित शाह
    यूक्रेन, रूस, जापान, चीन, किर्गिस्तान और फिलीपींस जैसे देशों की तरह अब भारत में भी मेडिकल की पढ़ाई मातृभाषा में होगी। देश में इसकी शुरुआत मध्यप्रदेश से हो रही है। प्रदेश के 97 डॉक्टरों की टीम ने 4 महीने में रात-दिन काम कर अंग्रेजी की किताबों का हिन्दी में अनुवाद किया है। रविवार यानी 16 अक्टूबर को लाल परेड ग्राउंड में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह इन किताबों को लॉन्च करेंगे।

  • RX की जगह ‘श्री हरि’, हिंदी में दवाइयों के नाम, MP के डॉक्टर की लिखी पर्ची चर्चा में….

    RX की जगह ‘श्री हरि’, हिंदी में दवाइयों के नाम, MP के डॉक्टर की लिखी पर्ची चर्चा में….

    मध्य प्रदेश में अब एमबीबीएस की पढ़ाई हिन्दी में शुरू होने के साथ ही सतना में मेडिकल ऑफिसर डॉ. सर्वेश सिंह ने मरीज का प्रिस्क्रिप्शन हिन्दी में लिखा. डॉ. सर्वेश के मुताबिक, पेट दर्द से पीड़ित रश्मि सिंह पहली पेशेंट थीं जो सोमवार को पीएचसी उपचार के लिए आई थीं. उन्हीं की ओपीडी पर्ची पर हिन्दी में दवाइयां लिखी गईं.

    मध्य प्रदेश में अब एमबीबीएस की पढ़ाई हिन्दी में शुरू होने के साथ ही सतना जिले में मेडिकल ऑफिसर ने मरीज का प्रिस्क्रिप्शन हिन्दी में लिखा. जानकारी के मुताबिक, कोटर के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थ मेडिकल ऑफिसर डॉ. सर्वेश सिंह ने यह प्रिस्क्रिप्शन लिखा है.

    गौरतलब है कि दो दिन पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने भाषण में कहा था कि पर्ची में दवाइयां हिन्दी में ही लिखी जाएं तो हर्ज ही क्या है? बस, फिर क्या था डॉ. सर्वेश ने इसे अमलीजामा पहना दिया.

    ऐसे आया मन में ख्याल
    डॉ. सर्वेश ने बताया कि रविवार को मैं केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह का लाइव कार्यक्रम देख रहा था. मुख्यमंत्री के भाषण को भी सुना. उन्होंने कहा था कि कोशिश करें कि सरकारी अस्पतालों में दवाइयों के पर्चे हिन्दी में लिखे जाएं. बस इसीलिए विचार आया कि क्यों न आज से ही इसकी शुरुआत की जाए.

    मेडिकल ऑफिसर डॉ. सर्वेश के मुताबिक, पेट दर्द से पीडि़त रश्मि सिंह पहली पेशेंट थीं जो सोमवार को पीएचसी उपचार के लिए आई थीं. उन्हीं की ओपीडी पर्ची पर हिन्दी में दवाइयां लिखी गईं. मेडिकल ऑफिसर ने पूरी केस हिस्ट्री भी हिन्दी में लिखी. साथ ही दवाइयों को लिखने से पहले आरएक्स की जगह श्री हरि का लिखा. इसके बाद दवाइयों को लिखने का सिलसिला शुरू हुआ. डॉक्टर ने प्रिस्क्रिप्शन पर 5 किस्म की दवाइयां लिखीं वो भी सभी हिन्दी में.

    बता दें डॉ. सर्वेश ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय से वर्ष 2017 में एमबीबीएस की पढ़ाई की. नवम्बर 2019 में डॉ. सर्वेश की पदस्थापना कोटर के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में की गई. तब से डॉ. सर्वेश कोटर में ही सेवाएं दे रहे हैं.

  • सुप्रीम कोर्ट ने XXX सीरीज़ पर एकता कपूर को झाड़ा, कहा- ‘नौजवानों का दिमाग गंदा कर रही हैं’….

    सुप्रीम कोर्ट ने XXX सीरीज़ पर एकता कपूर को झाड़ा, कहा- ‘नौजवानों का दिमाग गंदा कर रही हैं’….

    एकता कपूर पर उनके प्लैटफॉर्म Alt Balaji से जुड़ा एक मामला चल रहा है. वेब सीरीज़ XXX में आर्मी के जवानों और उनकी पत्नियों की इनसल्ट करने के बारे में. बिहार के बेगुसराय में एकता के खिलाफ एक रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर ने ये मामला दर्ज़ करवाया गया. इस मामले में एकता और उनकी मां शोभा कपूर के खिलाफ अरेस्ट वॉरंट जारी हो गया. अब एकता ने सुप्रीम कोर्ट में उस वॉरंट को चैलेंज किया है. मगर कोर्ट ने उन्हें राहत देने के बजाय, उनकी लानत-मलामत कर दी. कोर्ट ने कहा कि एकता कपूर अपने इन शोज़ की मदद से नई जेनरेशन के दिमाग को गंदा कर रही हैं.

    जस्टिस अजय रस्तोगी और C.T. रविकुमार की बेंच ने एकता कपूर की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा-

    ”कुछ तो करना पड़ेगा. आप इस देश की नई पीढ़ी की दिमाग में गंदगी भर रही हैं. क्योंकि आपका कॉन्टेंट सबके लिए उपलब्ध है. OTT प्लैटफॉर्म पर जो चीज़ें हैं, वो सभी के लिए आसानी से अवेलेबल हैं. आप लोगों को किस तरह की चॉइस दे रही हैं? उसकी बजाय आप उनके दिमाग को दूषित करने का काम कर रही हैं.” 

    अपने प्लैटफॉर्म ऑल्ट बालाजी के प्रमोशन के दौरान एकता कपूर. 

    इसके जवाब में एकता की ओर से कोर्ट में मौजूद लॉयर मुकुल रोहतगी ने कहा कि वो सब्सक्रिप्शन बेस्ड कॉन्टेंट है. और इस देश में आपको चुनने की आज़ादी है. कोर्ट ने मुकुल रोहतगी से कहा-

    ”आप जितनी बार इस कोर्ट में आते हैं, हमें ठीक नहीं लगता. अगली बार से इस तरह की याचिका दाखिल करने के लिए हम आप पर जुर्माना लगा देंगे. मिस्टर रोहतगी, ये बात आप अपने मुवक्किल तक पहुंचा दीजिएगा. आप एक अच्छे वकील की सुविधाएं लेने लायक स्थिति में हैं, इसका मतलब ये नहीं है कि आप हर बार ये चीज़ करें. ये कोर्ट उनके लिए नहीं है, जिनकी आवाज़ है. ये कोर्ट उनके लिए काम करती है, जिनकी आवाज़ें नहीं उठाई जाती. जिन लोगों के पास तमाम फैसिलिटी हैं, अगर उन्हें न्याय नहीं मिल पाता. ऐसे में आप एक आदमी के बारे में सोचकर देखिए.”

    फिलहाल कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई अगली तारीख तक के लिए टाल दी है. सुनवाई के तारीख अभी नहीं बताई गई है.

    2018 में  XXX नाम की एरॉटिक वेब सीरीज़ रिलीज़ हुई. इस सीरीज़ के हर एपिसोड में नई कहानी दिखाई जाती थीं. हर कहानी में अलग-अलग किस्म के सेक्शुअल रिलेशनशिप के बारे में बात होती थीं. 2020 में इस शो का दूसरा सीज़न आया. इस सीज़न का एक एपिसोड आर्मी मैन की पत्नी के बारे में था. जिसमें उनकी शारीरिक ज़रूरतों और इच्छाओं पर बात हो रही थी. कुछ लोगों को ये चीज़ बेहद आपत्तिजनक लगी. इसमें बिहार के शंभू कुमार भी शामिल थे. जो कि खुद एक आर्मी मैन रह चुके हैं. शंभू ने इस चीज़ के खिलाफ बेगूसराय के एक कोर्ट में मामला दर्ज करवा दिया.

    शंभू के वकील ऋषिकेश पाठक ने कहा कि उस एपिसोड में भारतीय सेना के जवान की पत्नी से जुड़े कई ‘ऑब्जेक्शनेबल सीन्स’ थे. ये सीन्स जवानों के लिए अपमानजनक हैं. और उनके परिवारवालों की भावनाओं को आहत करने वाले हैं. कोर्ट ने एकता और शोभा कपूर को समन भेजा था. उन्हें कोर्ट के सामने हाजिर होने के आदेश दिए गए थे. उन्होंने अपने शो से वो सीन्स तो हटा दिए, मगर वो कोर्ट के सामने कभी हाजिर नहीं हुईं. इसलिए जज विकास कुमार ने उनके खिलाफ अरेस्ट वॉरंट जारी कर दिया. उसी को एकता कपूर ने सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज किया है. जिसकी सुनवाई चल रही है.

  • फिल्म की शूटिंग करने रायगढ़ पहुंचे अक्षय कुमार, बड़े पर्दे पर दिखेगी छत्तीसगढ़ की छठा….

    फिल्म की शूटिंग करने रायगढ़ पहुंचे अक्षय कुमार, बड़े पर्दे पर दिखेगी छत्तीसगढ़ की छठा….

    बॉलीवुड के खिलाड़ी कुमार अक्षय कुमार (Akshay Kumar) अपनी एक फिल्म की शूटिंग के लिए छत्तीसगढ़ आए हैं. रायगढ़ जिले में उनकी फिल्म की शूटिंग की जाएगी. इसके लिए टीम सप्ताह भर पहले पहुंच चुकी है. अब आज सुबह 7 बजे अक्षय अपने चार्टड प्लेन से रायगढ़ (Raigharh) के जिंदल एयरस्ट्रिप पर उतरे. इस दौरान रायगढ़ जिला प्रशासन ने अक्षय कुमार का स्वागत किया. फिल्म की निर्देशक सुधा कोंगरा पहले ही रायगढ़ पहुंच चुकी हैं. उन्हे जिंदल गेस्ट हाउस में ठहराया गया है. इसके अलावा टीम के 40 लोग भी रायगढ़ पहुंच चुके हैं.

    एक निजी होटल में फिल्म के मेकअप आर्टिस्ट, फाइटर समेत क्रू मेंबर समेत अन्य किरदारों को ठहराया गया है. फिल्म में परेश रावल (Paresh Rawal) भी अहम भूमिका निभाते हुए नजर आएंगे लेकिन उनके छत्तीसगढ़ पहुंचने की अब तक कोई जानकारी नहीं आई है.

    अक्षय कुमार फिल्म की शूटिंग के लिए पहुंचे रायगढ़

    छत्तीसगढ़ सरकार के सलाहकार गौरव द्विवेदी ने एबीपी न्यूज को बताया कि निर्देशक सुधा कोंगारा से फिल्म पर बात हुई है. इसके बाद ये टीम रायगढ़ पहुंची है. छत्तीसगढ़ में उन्हें हर संभव सहायता और सुविधा मुहैया करवाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि अक्षय कुमार अपने हिस्से की शूटिंग करने के लिए रायगढ़ आए हैं.

    दक्षिण की सोरारई पोटरु का बन रहा हिंदी रीमेक

    गौरतलब है कि साउथ के सिंघम सूर्या (South Superstar Suriya) की सुपरहिट फिल्म सोरारई पोटरु (Soorarai Pottru) का हिंदी रीमेक बनाया जा रहा है. हिंदी रीमेक में सुपर स्टार अक्षय कुमार के साथ एक्ट्रेस राधिका मदान नजर आने वाली हैं. फिल्म का रिमेक भी सोरारई पोटरु फिल्म की डायरेक्टर सुधा कोंगारा ही करेंगी. ये फिल्म सोराराई पोटरू एयर डेक्कन के फाउंडर कैप्टन जी आर गोपीनाथ और सुधा कोंगारा प्रसाद की जिंदगी से प्रेरित है. परेश रावल भी एक अहम भूमिका निभाते हुए दिखेंगे.

  • ईडी के अधिकारी पहुंचे रायगढ़ कलेक्टर आवास, जांच जारी….

    ईडी के अधिकारी पहुंचे रायगढ़ कलेक्टर आवास, जांच जारी….

    रायगढ़ । ईडी की जांच की आंच प्रदेश के चर्चित आइएएस अफसरों के साथ ही प्रतिष्ठित कारोबारियों तक पहुंच रही है। रायगढ़ में मंगलवार की सुबह ईडी की दो टीमों ने एक साथ कार्रवाई शुरू की। एक टीम सीधे कलेक्टर रानू साहू के सरकारी आवास पर पहुंची, कलेक्टर के शहर से बाहर होने के करण आवास को सील कर दिया गया। दूसरी टीम ने ट्रांसपोर्टर नवनीत तिवारी के संस्थान में दस्तक दी। यहां क्या कार्रवाई हुई इसकी पुष्ट जानकारी नहीं है।

    टीम गुरुवार को दोपहर 12 बजे कलेक्टर कार्यालय परिसर स्थित खनिज विभाग में पहुंची और दस्तावेजों की जांच शुरु की, यह जांच शुक्रवार को भी जारी रही। शुक्रवार को कलेक्टर रानू साहू कार्यायल नहीं पहुंची। बताया गया कि उन्होंने ईडी को ई-मेल कर सरकार बंगला खोलने की अपील की है। कलेक्टर पिछले दो-तीन दिनों से सर्किट हाउस में रह रहीं है। शुक्रवार की शाम ईडी के अधिकारी कलेक्टर बंगला पहुंचे। ईडी के अधिकारी और कलेक्टर रानू साहू अलग-अलग गाड़ी से बंगला पहुंचे।

    कलेक्टर के स्वास्थ्य गत कारणों से श्ाहर से बाहर होने के कारण ईडी की मंगलवार और बुध्ावार को आंशिक रूप से प्रभावित रही। बुध्ावार की रात कलेक्टर के रायगढ़ लौटने और ईडी को पत्र लिखकर जांच में सहयोग का भरोसा दिलाने के बाद गुरुवार को दोपहर 12 बजे ईडी के एक दर्जन दर्जन से अधिक अधिकारी-कर्मचारी खनिज विभाग में दस्तावेज को खंगालने में जुटे रहे। उम्मीद जताई जार ही थी जांच देर शाम तक पूरी हो जाएगी परंतु जांच का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। टीम के अधिकारी शुक्रवार की शाम तक खनिज विभाग के कार्यालय में ही रहे। ईडी अधिकारी के खनिज विभाग कार्यालय में होने के कारण केंद्रीय सुरक्षा के महिला-पुरूष जवान रात भर बाहर तैनत रहे। लगातार पिछले 30 घंटे से भी अधिक समय तक जांच जारी होने के कारण माना जा रहा है कि कोई बड़ी गड़बड़ी सामने आ सकती हेै। बताया गया कि विभाग के कई कर्मचारियों को अतिरिक्त समय देना पड़ा वहीं कुछ की रोटेशन में सेवा ली गई।

    कलेक्टर कार्यालय में पसरा सन्नाटा

    ईडी की जांच खनिज विभाग में चलने के के कारण पूरे कलेक्टर कार्यालय परिसर में सन्नाटा पसरा रहा। अन्य विभागों में अधिकारी-कर्मचारी आए परंतु यहां पहले जैसी चहल-पहल नहीं रही। यहां के अधिकारी-कर्मचारी भी जांच कार्रवाई की चर्चा दबी जुबान से करते रहे। सभी सुनी-सुनाई बातों को हवा देते रहे। जांच के करण आम लोगो की उपस्थिति नहीं रही।