Author: Sunil Agrawal

  • कोरोना बिग ब्रेकिंग: एक और संक्रमित मिला… रायपुर का है मरीज.. एम्स में किया गया दाखिल

    कोरोना बिग ब्रेकिंग: एक और संक्रमित मिला… रायपुर का है मरीज.. एम्स में किया गया दाखिल

    रायपुर। कोरोना संक्रमण से एक और प्रभावित मरीज़ मिला है। यह मरीज़ रायपुर का ही निवासी बताया गया है। रिपोर्टे पॉजिटिव आने के बाद  मरीज के परिवार के अन्य सदस्यों को भी होम आइसोलेशन पर रहने की हिदायत दी गई है।

    जानकारी के अनुसार रायपुर के रोहिणीपुरम इलाके में कंचनगंगा सोसाइटी की रहने वाली युवती कुछ दिन पहले यूके से आई थी, जिसे होम आइसोलेशन में रखा गया था । लक्षण के आधार पर इसने एम्स में सैम्पल जांच के लिए दिया था, जिसके बाद इस युवती की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है । फिलहाल उस युवती के परिवार के अन्य सदस्यों को भी होम आइसोलेशन पर रहने की हिदायत दी गई है। इस मरीज़ के साथ छत्तीसगढ़ के कुल मरीज की संख्या अब सात हो गई है। विदित हो कि, कल ही दो मरीज़ स्वस्थ्य होकर घर रवाना कर दिए गए थे,  टेस्ट के बाद पॉज़िटिव पाए गए मरीज़ के संपर्क में आने वालों की तलाश की जा रही है।

  • देश का पहला कोरोना टेस्टिंग किट बनाने वाली महिला को उद्योग जगत के दिग्गजों ने किया सलाम

    देश का पहला कोरोना टेस्टिंग किट बनाने वाली महिला को उद्योग जगत के दिग्गजों ने किया सलाम

    देश का पहला कोरोना टेस्टिंग किट विकसित करने वाली महिला मिनल दाखवे भोसले की भारतीय उद्योग जगत ने बड़ी सराहना की है। आनंद महिंद्रा ने कहा है कि उन्होंने देश को आशा की एक किरण दिखाई है।

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    देश का पहला कोरोना टेस्टिंग किट बनाने वाली महिला को उद्योग जगत के दिग्गजों ने किया सलाम

    इस स्टोरी में यह बताया गया है कि किस तरह भोंसले ने प्रिग्नेंसी की अवस्था में रहने के बावजूद दिग गए डेडलाइन के भीतर टेस्ट किट को तैयार कर लिया। एक बच्ची को जन्म देने के एक दिन पहले उन्होंने राज्य के नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ वायरॉलजी (NIV) को अपनी जांच किट को सौंप दिया। उनके इस सराहनाभरे काम ने भारतीय उद्योग जगत के दिग्गजों का दिल जीत लिया।

    आनंद महिंद्रा उनके इस काम की सराहना करते नहीं थकते। वायरॉलजिस्ट पर आई खबर का हवाला देते हुए महिंद्रा समूह के चेयरमैन ने ट्वीट किया, ‘आपने देश को आशा की एक किरण भी दिखाई है।’

    वहीं, बायोटेक्नलॉजी क्षेत्र की दिग्गज और बायोकॉन की एमडी किरण मजूमदार शॉ भी भारत के पहले टेस्टिंग किट के पीछे महिला की सराहना करते नहीं थकतीं। वह कहती हैं, ‘जिस तरह आप जैसी एक महिला ने इस पूरे डिवेलपमेंट का नेतृत्व किया, उसपर हम सब को गर्व है।’

    उनके ट्वीट का जवाब देते हुए मायलैब्स ने लिखा, ‘एक नेतृत्व वह होता है, जो राह पहचानता है, उसपर चलता है और राह दिखाता है। यहां सभी महिलाओं के लिए आप वह मिशाल बनी हैं।

    बाद में मॉल्येकुलर डायग्नोस्टिक कंपनी ने अपने यहां सभी महिलाओं और पुरुषों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनने के लिए किरण मजूमदार शॉ का शुक्रिया अदा किया।
    नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने भी पुणे की इस कंपनी के कोविड-19 की जांच के बेहतरीन कार्य के लिए शुभकामनाएं दीं।’

    दरअसल, कुछ करने का जज्बा हो तो मुश्किलें हल हो जाती हैं। मीनल दाखवे भोंसले ने जो कर दिखाया है, उसे जानकर तो यह फिर से साबित हो रहा है। उन्होंने कोरोना वायरस की जांच के लिए ऐसा किट तैयार किया जो विदेशी किट के मुकाबले बेहद सस्ता है। खास बात यह है कि मीनल ने अपनी प्रेग्नेंसी के आखिरी महीनों में इस किट पर काम किया। देश का यह पहला टेस्टिंग किट कोरोना के खिलाफ लड़ाई में बड़ी भूमिका अदा कर सकता है।

  • सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर, कोरोना टेस्ट मुफ्त करने की मांग

    सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर, कोरोना टेस्ट मुफ्त करने की मांग

    कोरोना टेस्ट फ्री करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका

    निजी लैब कोरोना टेस्ट के लिए 4500 रुपये ले रहे हैं।

    कोरोना वायरस टेस्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है. याचिका में कहा गया है कि कोरोना का टेस्ट सरकार मुफ्त करवाए. इस वक्त कोरोना टेस्ट कराने के लिए निजी लैब में 4500 रुपये चार्ज लग रहा है. याचिका में मांग की गई है कि टेस्ट को फ्री किया जाए यानी इसका कोई शुल्क न लिया जाए।

    कोरोना वायरस टेस्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है. याचिका में कहा गया है कि कोरोना का टेस्ट सरकार मुफ्त करवाए. इस वक्त कोरोना टेस्ट कराने के लिए निजी लैब में 4500 रुपये चार्ज लग रहा है. याचिका में मांग की गई है कि टेस्ट को फ्री किया जाए यानी इसका कोई शुल्क न लिया जाए।
    वकील शशांक देव सुधी ने कहा है कि कोरोना टेस्ट के लिए सरकार ने जो 4500 रुपये का शुल्क तय किया है उसे रद्द किया जाए और पूरा टेस्ट मुफ्त किया जाए. याचिका में मांग की गई है कि देश के हर जिले में कम से कम 100 या 50 वेंटिलेटर मौजूद होने चाहिए. ताकि आपात स्थिति में बिना परेशानी के इसका इस्तेमाल किया जा सके।
    याचिका में अदालत से दरख्वास्त की गई है कि सरकार मरीजों की स्पष्ट जानकारी समय समय पर जनता को देते रहे. इसके तहत, कोरोना से संक्रमित, कोरोना के लिए टेस्ट किए गए, कितने लोगों का इलाज चल रहा है और कितने लोग इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं, सरकार इसकी जानकारी जनता को दे।

    विशेषज्ञ समिति का हो गठन
    इस बीच सुप्रीम कोर्ट में आज दिल्ली एनसीआर से मजदूरों के पलायन के मुद्दे पर सुनवाई हुई. चीफ जस्टिस एसए बोवडे ने केंद्र सरकार को कहा है कि 24 घंटे में एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया जाए. इस समिति का गठन स्वास्थ्य मंत्रालय करेगा, जो हर रोज लोगों के सवालों का जवाब देगा और उनकी चिंताओं को दूर करेगा।

     कोरोना वायरस न कोई जिंदा जीव है और न ही यह मरता है – रिसर्च

    जॉन होपकिंस यूनिवर्सिटी ने कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए कुछ अहम तथ्य साझा किए हैं। इनमें कोरोना वायरस के बारे में अहम जानकारियां हैं और इससे बचने के उपाय भी हैं। साथ ही यह भी बताया गया है कि क्या नहीं करना चाहिए।

    यह वायरस कोई जिंदा जीव नहीं है, लेकिन एक प्रोटीन मॉलीक्यूल (डीएनए) है। यह लिपिड (फैट या वसा) की परत से घिरा होता है। यह जब आंख या नाक या बुक्कल म्यूकोसा (एक तरह का मुख कैंसर) की सेल्स द्वारा सोखा जाता है तो इनके जेनेटिक कोड को बदल देता है। यह इन्हें आक्रामक और मल्टीप्लायर सेल्स में तब्दील कर देता है।

    चूंकि यह वायरस कोई जीव नहीं है बल्कि प्रोटीन मॉलीक्यूल होता है, ऐसे में यह मरता नहीं है बल्कि खुद ही क्षय हो जाता है। इसके क्षय होने का वक्त तापमान, ह्यूमिडिटी (नमी) और जिस मटेरियल पर हो उस पर निर्भर करता है।
    अल्कोहल या 65 फीसदी या उससे ज्यादा अल्कोहल से बना कोई भी द्रव किसी भी फैट को गला देता है। खासतौर पर यह वायरस की बाहरी लिपिड या वसा की परत को गला देता है। एक हिस्सा ब्लीच और पांच हिस्सा पानी से बना कोई भी मिक्स प्रोटीन को सीधे गला देता है, यह इसे अंदर से तोड़ देता है।

    सतह पर चिपक जाता है
    ऑक्सीजेनेटेड वॉटर भी मददगार है क्योंकि पर ऑक्साइड वायरस के प्रोटीन को खत्म करता है, लेकिन आपको इसे शुद्ध रूप में इस्तेमाल करना होता है और यह आपकी त्वचा को नुकसान पहुंचाता है। कोई बैक्टेरीसाइड काम का नहीं। बैक्टीरिया के उलट यह वायरस कोई जिंदा चीज नहीं है। ऐसे में ये निर्जीव चीज को खत्म नहीं कर सकते।
    कभी भी यूज्ड या अनयूज्ड कपड़े, शीट्स को झटकें नहीं। हालांकि यह पोरस (सरंध्र) सतह पर चिपक जाता है, लेकिन यह फैब्रिक और पोरस चीजों पर 3 घंटे में खत्म हो जाता है। चार घंटे में यह कॉपर की सतह पर खत्म हो जाता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इसकी नमी इन पदार्थों पर सूख जाती है।

    यह 24 घंटे में कार्डबोर्ड, 42 घंटे में मेटल और 72 घंटे में प्लास्टिक पर सूख जाता है। लेकिन अगर आप कपड़ों आदि को झटकते हैं या फीदर डस्टर यूज करते हैं तो वायरस मॉलीक्यूल हवा में उड़ जाता है और यह वहां पर तीन घंटे तक टिका रह सकता है। वहां से यह आपकी नाक में भी जा सकता है।
    वायरस का प्रोटीन
    वायरस मॉलीक्यूल कड़ाके की ठंड में बेहद देर तक टिका रहता है। इसके अलावा, घरों और कारों में लगे एयर कंडीशनर्स पर भी यह ज्यादा देर टिक सकता है। इन्हें टिके रहने के लिए नमी की भी जरूरत होती है और खासतौर पर अंधेरे में ये ज्यादा देर तक बने रहते हैं।

    ऐसे में, सूखे, बिना आर्द्रता वाले, गर्म और रोशनी वाले माहौल में यह तेजी से टूट जाता है। किसी वस्तु पर यूवी लाइट से इस वायरस का प्रोटीन टूट जाता है। मिसाल के तौर पर, मास्क को डिसइनफेक्ट करने और दोबारा इस्तेमाल करने के लिए ऐसा किया जा सकता है। लेकिन, सावधान रहें क्योंकि यह स्किन में मौजद कोलेजन को भी तोड़ देता है।
    और ऐसे में झुर्रियां और स्किन कैंसर पैदा कर सकता है। यह वायरस स्वस्थ स्किन से अंदर नहीं जा सकता है। सिरका (विनेगर) इस पर काम नहीं करता क्योंकि यह फैट की सुरक्षात्मक लेयर को तोड़ नहीं पाता।

    न शराब न ही वोदका से मिलेगी मदद

    सबसे स्ट्रॉन्ग वोदका में 40 फीसदी एल्कोहल होती है और आपको 65 फीसदी की जरूरत है। लिस्टरीन काम करेगी। इसमें 65 फीसदी एल्कोहल होता है। जितनी बंद जगह होगी उतना ज्यादा वायरस सघन हो सकता है।
    ज्यादा खुले और प्राकृतिक रूप से हवादार जगह पर यह कम असरदार होता है। म्यूकोसा, फूड, ताले, नॉब्स, स्विच, रिमोट कंट्रोल, सेल फोन, घड़ियां, कंप्यूटर, डेस्क, टीवी को छूने के पहले और बाद में हाथ धोएं।

    बाथरूम जाने के बाद भी हाथ धोएं। आपको बार-बार धोने के बाद हाथों को नम करना चाहिए क्योंकि मॉलीक्यूल माइक्रो क्रैक्स में छिप सकते हैं। जितना गाढ़ा मॉइश्चराइजर हो उतना अच्छा। साथ ही अपने नाखून छोटे रखिए ताकि वायरस इनके अंदर छिप न सके।

  • विदेश से आए यात्रियों के लिए अब 28 दिन का होगा आइसोलेशन, नई गाइडलाइन जारी

    विदेश से आए यात्रियों के लिए अब 28 दिन का होगा आइसोलेशन, नई गाइडलाइन जारी

    रायपुर। केंद्रीय सरकार ने कोरोना को लेकर नई गाइडलाइन जारी कर दी है। जिसके मुताबिक विदेशों से यात्रा कर वापस आए यात्रियों को यात्रा की तिथि से 28 दिन के भीतर सर्दी खांसी और बुखार आने पर आइसोलेशन में रखने की सलाह दी गई है, इससे पहले यह गाइडलाइन 14 दिन थी। भारत सरकार की नई गाइडलाइन में कोरोना संक्रमित देशों से वापस आए यात्रियों की आइसोलेशन की तिथि, विदेश वापसी की तारीख से 28 दिन तक कर दी गई है।

  • 109 पुलिसकर्मियों को मिला प्रमोशन, ASI से SI बनाये गये…. जिन पुलिसकर्मियों को पदोन्नति मिली हैं उनके नाम इस प्रकार है…

    109 पुलिसकर्मियों को मिला प्रमोशन, ASI से SI बनाये गये…. जिन पुलिसकर्मियों को पदोन्नति मिली हैं उनके नाम इस प्रकार है…

    रायपुर। प्रदेश के पुलिसकर्मियों के लिये बड़ी खबर सामने आयी है। छत्तीसगढ़ के अलग अलग जिलों में तैनात 109 एएसआई को पदोन्नत देकर एसआई बनाया गया है। ये आदेश डीजीपी डीएम अवस्थी ने जारी किया है। जिन पुलिसकर्मियों का प्रमोशन किया गया हैं उनके नाम इस प्रकार है….

  • छत्तीसगढ़ सरकार को 3 डिस्टिलरियों ने बनाकर दिया 60 हजार लीटर सेनेटाइजर

    छत्तीसगढ़ सरकार को 3 डिस्टिलरियों ने बनाकर दिया 60 हजार लीटर सेनेटाइजर

    रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए सेनेटाइजर की बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार ने राज्य में संचालित तीन डिस्टिलरियों को सेनेटाइजर उत्पादन की स्वीकृति प्रदान की गई थी. जिससे प्रदेश में आज करीब 60 हजार लीटर सेनेटाइजर उपलब्ध हो चुका है. वाजिब दाम पर सेनेटाइज़र लोगों को उपलब्ध भी हो रहा है. यह बातें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्विटर के जरिए कही है।

    असल प्रियंका गांधी वाड्रा ने राजस्थान सरकार को ट्वीट कर कहा था कि असाधारण समय में अभूतपूर्व फैसले भी लेने पड़ते हैं. राजस्थान सरकार 5 चीनी मिलों और 5 निजी डिस्टलरी से हर दिन पांच लाख सैनिटाइजर की सप्लाई करवा रही है. इससे जमाखोरी भी नहीं होगी. रेट कम रहेंगे और हमारे स्वास्थ्य योद्धाओं की सुरक्षा बनी रहेगी. इसके जरिए उन्होंने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को भी ऐसा करने की नसीहत दी थी। 

     

    इसी ट्वीट को रिट्वीट कर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने राज्य की संचालित डिस्टिलरियों और सेनेटाइजर की उपलब्धता की जानकारी झासा की है. बता दें कि कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए हैंड सेनेटाइजर बहुत उपयोगी है. इसे हाथ में लगाने से संक्रमण मर जाते हैं. छत्तीसगढ़ में कोरोना के दस्तक देते ही सेनेटाइजर औऱ मास्क की कालाबाजारी बढ़ गई थी।

  • मुख्यमंत्री का बड़ा फैसला… मंत्री, विधायक, आईएएस और शासकीय कर्मचारियों की सैलरी में 75 % तक कटौती… जाने किसकी कितनी सैलरी कटेगी

    मुख्यमंत्री का बड़ा फैसला… मंत्री, विधायक, आईएएस और शासकीय कर्मचारियों की सैलरी में 75 % तक कटौती… जाने किसकी कितनी सैलरी कटेगी

    नई दिल्ली।  कोरोना के बढ़ते खतरे और आर्थिक संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री ने मंत्रियों, विधायकों, अधिकारियों, कर्मचारियों की सैलरी में 75 परसेंट तक की कटौती का फैसला किया है. ये फैसला तेलंगाना की के चंद्रशेखर राव यानी केसीआर की सरकार ने लिया है।

    तेलंगाना सरकार ने नौकरी वालों के साथ-साथ पेंशन पाने वाले पूर्व कर्मचारियों और अधिकारियों के पेंशन में भी 50 परसेंट तक की कटौती कर दी गई है. सिर्फ क्लास 4 कर्मचारियों की सैलरी या रिटायर्ड ग्रुप 4 कर्मचारियों के पेंशन में 10 परसेंट की कटौती का फैसला हुआ है।

    मुख्यमंत्री दफ्तर से जारी बयान में कहा गया है कि चीफ मिनिस्टर, सारे मंत्री, विधायक, एमएलसी, राज्य सरकार के कॉरपोरेशन के चेयरमैन, शहरी और लोकल बॉडी के प्रतिनिधियों के वेतन में 75 परसेंट की कटौती की गई है. इनके अलावा आईएएस, आईपीएस, आईएफएस जैसी ऑल इंडिया सर्विस के अधिकारियों के वेतन में 60 परसेंट की कटौती का फैसला किया गया है।

    केसीआर सरकार के वेतन कटौती फैसले की मार राज्य सेवा के अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों पर भी पड़ेगी जिनके वेतन में 50 परसेंट की कटौती कर दी गई है. चपरासी, स्वीपर, ड्राइवर जैसे क्लास 4 कर्मचारियों की सैलरी में मात्र 10 परसेंट की कटौती का फैसला हुआ है. सरकार ने रिटायर्ड कर्मचारियों के पेंशन में भी कम कर दिए हैं. क्लास 4 के अलावा बाकी सारी सेवाओं के सेवानिवृत्त कर्मचारियों या अधिकारियों के पेंशन में 50 परसेंट कटौती की गई है।

    सरकार ने कहा है कि राज्य सरकार के निगम या दूसरे विभागों में काम कर रहे स्टाफ की सैलरी में इसी आधार पर कटौती होगी. राज्य सरकार की तरफ से वेतन कटौती का औपचारिक आदेश मंगलवार को जारी हो सकता है जिससे ये साफ होगा कि वेतन और पेंशन में कटौती का ये फैसला सिर्फ एक महीने के लिए है या आने वाले कुछ महीनों के लिए।

    हालांकि प्रदेश में इसका विरोध भी शुरू हो गया है, विपक्ष ने इसे जल्दीबाजी में लिया गया फैसला करार दिया है।

  • केंद्र ने एक फरवरी से खत्म ड्राइविंग लाइसेंस, परमिट और पंजीकरण जैसे दस्तावेज की वैधता बढ़ाई…30 जून तक रहेगा अब वैध…

    केंद्र ने एक फरवरी से खत्म ड्राइविंग लाइसेंस, परमिट और पंजीकरण जैसे दस्तावेज की वैधता बढ़ाई…30 जून तक रहेगा अब वैध…

    नई दिल्ली। केंद्र ने एक फरवरी से खत्म ड्राइविंग लाइसेंस, परमिट और पंजीकरण जैसे दस्तावेज की वैधता 30 जून तक के लिए बढ़ाने का फैसला किया है. इस पहल का मकसद कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए जारी ‘लॉकडाउन’ (बंद) के दौरान जरूरी सामान की ढुलाई को सुचारू बनाना है. सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने सोमवार को सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को जारी परामर्श में उनसे उपराोक्त ऐसे दस्तावेज को 30 जून तक वैध माने जाने को कहा है जिनकी मियाद एक फरवरी को समाप्त हो गई है।

    सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को जारी परामर्श में उनसे उपराोक्त ऐसे दस्तावेज को 30 जून तक वैध माने जाने को कहा है जिनकी मियाद एक फरवरी को समाप्त हो गयी है। यह कदम उन नागरिकों की मदद के लिये उठाया गया है जिन्हें मोटर वाहन कानून और केंद्रीय मोटर वाहन नियम के तहत ‘लॉकडाउन’ के दौरान परिवहन दफ्तर बंद होने के कारण विभिन्न दस्तावेजों की वैधता के नवीनीकरण में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मंत्रालय ने कहा है, ‘‘सभी राज्यों से आग्रह है कि वे मोटर वाहनू कानून और नियम के तहत उन दस्तावेजों को 30 जून तक वैध मानें जिनकी वैधता एक फरवरी 2020 को समाप्त हो गयी है और देशव्यापी बंद के कारण उनका नवीनीकरण नहीं कराया जा सका है।’’ जिन दस्तावेजनों की वैधता की अवधि बढ़ायी गयी है, उसमें मोटर वाहन कानून के तहत फिटनेस प्रमाणपत्र, सभी प्रकार के परमिट, ड्राइविंग लाइसेंस, पंजीकरण या अन्य संबंधित दस्तावेज शामिल हैं।

  • कोरोना से लड़ाई के बीच छत्तीसगढ़ को NMDC से मिला 200 करोड़ का एडवांस पेमेंट, CMD एन बैजेंद्रकुमार ने ट्वीट कर कहा- ‘इस कठिन वक्त में हम खड़े हैं साथ’

    कोरोना से लड़ाई के बीच छत्तीसगढ़ को NMDC से मिला 200 करोड़ का एडवांस पेमेंट, CMD एन बैजेंद्रकुमार ने ट्वीट कर कहा- ‘इस कठिन वक्त में हम खड़े हैं साथ’

    हाल ही में एनएमडीसी ने प्रधानमंत्री राहत कोष में 150 करोड़ रूपए दिया है, कोरोना संकट के बीच राहत आपदा के लिए दी है सहायता राशि

    रायपुर कोरोना वायरस की महामारी के बीच नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कार्पोरेशन ने छत्तीसगढ़ सरकार को दो सौ करोड़ रूपए की रायल्टी का एडवांस पेमेंट कर दियाहै।

    एनएमडीसी ने राज्य को दिए जाने वाले इस एडवांस पेमेंट को उस वक्त भेजा है, जब सरकार कोरोना महामारी से जूझ रही है. ऐसे नाजुक दौर में सरकार के कोष में आने वाली इस बड़ी राशि से स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर काम किए जा सकेंगे।

    एनएमडीसी चेयरमेन एन बैजेंद्र कुमार ने ट्वीट कर यह जानकारी साझा की है. उन्होंने अपने ट्वीट के जरिए लिखा है कि-इस कठिन वक्त में कोविड 19 के खिलाफ राज्य सरकार की इस लडा़ई में हम मजबूती के साथ खड़े हैं।

    इससे पहले भी एनएमडीसी ने कोरोना संकट के बीच प्रधानमंत्री राहत कोष में 150 करोड़ रूपए देने की घोषणा की थी।

  • छत्तीसगढ़: विधायक निधि का राशि भी खर्च किए जाएंगे कोरोना रोकथाम में…खरीदेंगे आवश्यक उपकरण और अन्य सामग्री…

    छत्तीसगढ़: विधायक निधि का राशि भी खर्च किए जाएंगे कोरोना रोकथाम में…खरीदेंगे आवश्यक उपकरण और अन्य सामग्री…

    रायपुर। कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम एवं राहत के लिए अब विधायक निधि से भी राशि खर्च किए जाएंगे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप इस महामारी की रोकथाम एवं इससे प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए विधायक निधि से आवश्यक उपकरण एवं अन्य सामग्री क्रय किए जाने का प्रावधान विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना (एम.एल.ए.-एल.ए.डी.एस) की मार्गदर्शिका के परिशिष्ट-एक में एक नवीन कंडिका जोड़कर कर दिया गया है।

    योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के तहत मार्गदर्शिका के परिशिष्ट-एक की कंडिका ‘ह’ के उपरांत कंडिका ‘क्ष’ स्थापित की गई है। इस कंडिक ‘क्ष’ के तहत नोवल कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण के रोकथाम हेतु उपाय करने, उपकरण व अन्य सामग्री क्रय किया जाना जोड़ा गया है।