नई दिल्ली – सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने आज छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के तीन अतिरिक्त जजों के नियमितीकरण के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है। सुप्रीम कोर्ट से मिली जानकारी के मुताबिक कॉलेजियम ने हाईकोर्ट के तीन अतिरिक्त जजों जस्टिस पार्थ प्रतिम साहू,जस्टिस गौतम चौरडिया और जस्टिस रजनी दुबे को नियमित करते हुए इन तीनों को हाई कोर्ट जज के रूप में पदस्थापना देने को मंजूरी दी है।
इसके अलावा हाईकोर्ट के एक अन्य अतिरिक्त जज विमला सिंह कपूर के नियमितीकरण का प्रस्ताव फिलहाल टल गया है । सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने विमला सिंह कपूर को 18 जून 2020 से 1 वर्ष की अवधि के लिए फिर से अतिरिक्त जज के रूप में नियुक्ति देने की बात कही है।
रायपुर। विश्व भर में तबाही मचाने वाला कोरोना देश में बड़ी तेजी से अपना पैर पसारते जा रहा है. मौत का आंकड़ा 100 के पार जा चुका है वहीं संक्रमितों की संख्या तेजी से 4000 के पास पहुंचने जा रही है. जानलेवा कोरोना के इलाज कर रहे डॉक्टर-नर्स सहित बड़ी संख्या में मेडिकल स्टाफ भी संक्रमित हो गए हैं. कोरोना से लड़ने वाले मेडिकल स्टाफ इन दिनों पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (PPE) की कमी से जूझ रहे हैं।
कोरोना से लड़ाई में सबसे बड़ी बाधा बन रही पीपीई किट की कमी को देखते हुए राजधानी रायपुर की एक संस्था रोटरी क्लब ऑफ रॉयल सामने आई है. संस्था द्वारा 2100 किट डॉक्टरों को देने का लक्ष्य रखा गया है. जिसके तहत संस्था द्वारा रविवार को एम्स रायपुर में 300 पीपीई किट डॉक्टरों को प्रदान किया गया।
रोटरी क्लब ऑफ रॉयल के सदस्य इरफान बुखारी ने बताया कि क्लब में करीब 130 मेम्बर हैं सभी कोरोना से लड़के के लिए एम्स हॉस्पिटल में 2100 PPE किट देने का संकल्प लिया है. पहले खेप में 1000 किट का ऑर्डर दिया गया था. जिसमे से 300 किट आज एम्स में दिया गया है. इस हफ्ते ही 700 किट और दे देंगे।
बुखारी ने बताया कि क्लब के मेम्बरों ने सीएम रिलीफ फंड में भी पैसे दिए हैं, उसके अलावा अलग-अलग मेम्बर अपने हिसाब से जरूरत मंदों की लगातार मदद कर रहे हैं।
दिल्ली। कोरोना वायरस ने न सिर्फ लोगों को बल्कि बिजनेस और कंपनियों को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। कई कंपनियों में इसके चलते महीनों से काम ठप है। अब कोरोना के कहर के चलते एयर डेक्कन ने अपना कामकाज बंद कर दिया है।
दरअसल, कोरोना संकट से निपटने के लिए सरकार ने देश में 21 दिन के लॉकडाउन का ऐलान किया है। इसके चलते फ्लाइट पर भी पाबंदी लगी है। इस बंदी का सबसे बचरा असर पहले से ही परेशान एविएशन सेक्टर पर पड़ा है। अब देश की नामी एयरलाइंस एयर डेक्कन ने ऐलान किया है कि वह अपना कामकाज बंद कर रही है क्योंकि उसके पास इसके अलावा कोई विकल्प इन हालात में नहीं बचा है।
एयर डेक्कन के सीईओ अरुण कुमार सिंह ने कर्मचारियों को भेजे ई-मेल में कहा कि ‘मौजूदा घरेलू और वैश्विक मुद्दों की वजह से डीजीसीए ने 14 अप्रैल तक सभी कामर्शियल फ्लाइट बंद करने का निर्देश दिया है। ऐसे में एयर डेक्कन के पास अगले नोटिस तक अपना परिचालन बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। इसलिए कंपनी अपना कामकाज बंद कर रही है। इतना ही नहीं कंपनी ने सभी कर्मचारियों को लीव विदआउट पे पर भेज दिया है।
दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दोस्त और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश और अपने दोस्त मोदी को धमकी दी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को धमकी भरे अंदाज में कहा है कि अगर भारत कोरोना वायरस से लड़ने के लिए महत्वपूर्ण दवा का निर्यात नहीं करता है तो उसे अमेरिका का बदला झेलना पड़ेगा. अमेरिकी राष्ट्रपति का यह बयान उस वक्त सामने आया है जब इस घातक वायरस से यूएस में 3 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं, वहीं हजारों लोगों की मौत हो चुकी है. इस बीमारी का वैक्सीन बनाने के लिए दुनियाभर के देश जुटे हुए हैं लेकिन अब तक इसमें सफलता नहीं मिल सकी है।
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने कहा कि मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से रविवार सुबह इस मुद्दे पर बात की थी. अगर वे दवा की सप्लाई को अनुमति देते है तो हम उनके इस कदम की सराहना करेंगे. अगर वे सहयोग नहीं करते तो कोई बात नहीं. वे भी हमसे इस तरह की प्रतिक्रिया की उम्मीद रखे।
कोरोना संक्रमण से बचने के लिए अब तक कोई वैक्सीन नहीं बना है, हालांकि मलेरिया के इलाज के लिए दी जाने वाली दवा हाइड्रोक्सिक्लोरोक्वीन का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसके कुछ बेहतर परिणाम सामने आए हैं. हालांकि इस दवा की भारत में हो रही कमी के बाद भारत सरकार द्वारा इसके निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
रायपुर। आबकारी विभाग ने चौथी बार शराब दुकान बंद को लेकर आदेश जारी किया है। अब शराब दुकानें 14 अप्रैल तक बंद रहेंगी। बार-रेस्टोरेंट भी 14 अप्रैल तक बंद रहेंगे। पहले 7 अप्रैल तक बंद का आदेश जारी किया गया था। लेकिन अब इसे बढ़ाकर 14 अप्रैल कर दिया गया है। गौरतलब है देशभर में लॉकडाउन भी 14 अप्रैल तक लागू है।
पंजीयन कार्यालय भी 14 अप्रैल तक रहेंगे बंद
कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए राज्य के पंजीयन कार्यालय अब 14 अप्रैल तक बंद रहेंगे। इसके पहले पंजीयन कार्यालय को 7 अप्रैल तक बंद रखने के आदेश वाणिज्यि कर (पंजीयन) विभाग द्वारा जारी किए गए थे। कोरोना वायरस की फैलने की आशंका को ध्यान में रखते हुए अब आगामी 14 अप्रैल तक राज्य के सभी पंजीयन कार्यालय को बंद रखने के आदेश जारी किए गए है।
रायगढ़। कलेक्टर श्री यशवंत कुमार की पहल पर जिले के लोग अब घर बैठे ही कोरोना आपदा के प्रभावित लोगों की सहायता कर सकेेंगे। इसके लिए एक आनलाईन व्यवस्था बनायी गई है। जिसके तहत लोग सहयोग राशि, राशन, चिकित्सकीय सामग्री जैसे हैण्ड सेनेटाइजर, मॉॅस्क आदि के रूप में सहायता कर सकते है। जिसके लिए जिले की वेबसाईट www.raigarh.gov.in में जाने पर होम पेज में एक लिंक दिखाई देगा ‘संकट के समय सहायता कीजिए ‘ नोवेल कोरोना सहायता कोष रायगढ़ (सहयोग हेतु यहां क्लिक कीजिए)इस पर क्लिक करने पर एक फार्म खुलेगा जिसमें दानदाता, व्यक्ति या संस्था, दानदाता द्वारा किए जाने वाले सहयोग, दानदाता का मोबाइल नंबर आदि जानकारियां भरकर फार्म को सबमिट करना होगा। फार्म में लाल रंग के तारांकित जानकारी अवश्य रूप से देना होगा। यह सारी जानकारी नोडल अधिकारी तक पहुंच जायेगी।
सहयोग राशि ऑनलाईन नोवेल कोरोना सहायता कोष एकाउंट नंबर 39235868392, आईएफसी कोड एसबीआईएन 0004802, ब्रांच चक्रधर नगर, रायगढ़ में ट्रांसफर कर सकते है। खाते में एकत्रित राशि मुख्यमंत्री सहायता कोष में स्थानांतरित की दी जाएगी।
अन्य सहायता के लिए दान दाता द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क कर सहयोग की सामग्री एकत्रित कर ली जाएगी। इस सुविधा से दानदाता को किसी कार्यालय तक जाने की आवश्यकता नहीं होगी, प्रशासन उसके घर तक पहुंचकर सहयोग ले लेगा। कलेक्टर श्री यशवंत कुमार ने कहा कि कोरोना आपदा से निपटने के लिए लगे हुए लॉक डाउन में लोगों के जीवन पर गहरा असर हुआ। खासकर ऐसे लोग जो दैनिक श्रम या दिहाड़ी का कार्य कर अपना जीविकोपार्जन करते थे। जिले का पूरा प्रशासनिक अमला इन सभी लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। जनभागीदारी से यह कार्य और उम्दा तरीके से किया जा सकेगा। जिसके लिए कलेक्टर श्री यशवंत कुमार ने जिलेवासियों से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में सहयोग करें, जिससे प्रभावितों की और बेहतर तरीके से मदद की जा सके।
वाशिंगटन। दुनियाभर में कोरोना संक्रमित मरीज़ों की संख्या 12 लाख से कुछ कम है। लेकिन जब आप इस ख़बर को पढ़ रहे होंगे तो हो सकता है कि 1200000 से ज़्यादा लोगों को कोरोना संक्रमित कर चुका हो। कोरोना की स्पीड अब इंटरनेट की स्पीड से भी ज़्यादा हो चुकी है। हर रोज़ कोरोना का लाइलाज वायरस 1 लाख से ज़्यादा लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। इस बीमारी से मरने वालों की संख्या 62 हज़ार से ज़्यादा हो चुकी है। राहत की बात है कि कोरोना से अब तक 2 लाख 41 हज़ार लोग ठीक हो चुके हैं।
कोरोना अब रोज़ाना करीब एक लाख लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। कोरोना से रोज़ाना मरने वालों की संख्या 5 हजार से बढ़कर 7 हज़ार हो गई है।
कोरोना की सबसे बुरी मार अमेरिका पर पड़ रही है। कोरोना के मरीज़ आखिर 24 घंटों में 16 हज़ार बढ़ चुके हैं। जबकि इसी दौरान 492 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। यहां अब तक करीब 2 लाख 93 हजार लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं।
इसके बाद स्पेन में करीब 1 लाख 24 हज़ार 736 और इटली में 1 लाख 24 हज़ार 634 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। जर्मनी में कोरोना से संक्रमित लोग 92हज़ार 150 हैं। ये चारों देश कोरोना से संक्रमण के मामले में चीन से आगे निकल चुके हैं। चीन में कोरोना से संक्रमित लोगों की सँख्या 81 हज़ार 639 है।
कोरोना ने सबसे ज़्यादा जिंदगियां इटली और स्पेन में निगली हैं। इटली में अब तक करीब 15 हजार 352 लोग कोरोना से मर चुके हैं। जबकि स्पेन में मरने वालों की संख्या 11 हज़ार 744 है। अमेरिका में कोरोना 7 हज़ार 896 जिंदगियां निगल चुका है। चीन में अब मौत का आंकड़ा 3326 हो चुका है। इन सभी देशों में जर्मनी ने संक्रमण फैलने के बाद भी मौतों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। यहां कोरोना से मरने वालों की संख्या 1330 ही है। जो संक्रमण के अनुपात में पूरी दुनिया मे सबसे बेहतर है। बीते 24 घंटे में कोरोना से मरने वालों की संख्या सबसे ज़्यादा 708 है।
खरसिया। लाॅक ड़ाउन का सख्ती से पालन कराने प्रशासन ने कमर कस ली है, जिसके लिये रविवार की सुबह पुलिस, राजस्व और नगर पालिका के अधिकारियों ने अपनी अपनी टीम के साथ नगर भ्रमण करते हुये बेवजह घरों से बाहर घूम रहे लोगों पर कार्यवाही की।
गौरतलब है कि प्रशासन की समझाईश को न मानते हुये नगर के लोग घर से बाहर निकल रहे है, यह भी देखा जा रहा है कि कुछ़ लोग बिना आवश्यक कार्य के भी घर से बाहर निकल रहे है। विदित हो कि वर्तमान में धारा 144 लागू है, जिसके तहत सुबह 4 घण्टे के लिये अति आवश्यक कार्यों के लिये प्रशासन ने छूट दी है जिसका बेजा फायदा उठाते हुये कुछ़ लोग धारा 144 का उल्लंघन कर रहे है। एैसे लोगों से खरसिया पुलिस ने रविवार की सुबह उठक बैठक कराते हुये उनसे जुर्माना वसूला, सब्जी मार्केट में आलू प्याज के थोक दुकानदार के दुकान को नगर पालिका द्वारा सील किया गया, इस संबंध में एसड़ीओपी पीतांबर पटेल ने बताया कि कुछ़ लोगों की लापरवाही की वजह से सबकी जान को खतरे में नहीं ड़ाला जा सकता, मुनादी करायी जा रही है, अपील की जा रही है, लेकिन लोगों पर कोई असर नही हो रहा है, आज से किसी को कोई समझाईश नही दी जायेगी, लाॅक ड़ाउन और धारा 144ं का उल्लंघन करते पाये जाने पर कड़ी कार्यवाही होगी। आज की कार्यवाही में एसड़ीओपी पीतांबर पटेल, थाना प्रभारी सुमत राम साहू, चौकी प्रभारी नंद किशोर गौतम के साथ थाना तथा चौकी टीम, राजस्व अमला तथा नगर पालिका सीएमओ टाॅमसन रात्रे तथा उनकी टीम मौजूद रही। ड्रोन कैमरे से रखी जा रही नजर
खरसिया नगर में ड्रोन कैमरे की मदद से पूरी तरह नजर रखी जा रही है, दिन भर पुलिस के जवान लाॅेक ड़ाउन का पालन कराने के लिये ड़टे हुये है, किंतु कुछ़ लोग जो पेट्रोलिंग पार्टी के गुजरने के बाद सड़को पर निकल रहे है, एैसे इलाकों को चिन्हांकित कर उन पर ड्रोन कैमरे से नजर रखी जा रही है, कुल मिलाकर खरसिया पुलिस ने लाॅक ड़ाउन का पालन कराने के लिये कमर कस ली है और काननू तोड़ने वाले वाले लोगों पर कड़ी कार्यवाही करने के संकेत पुलिस विभाग ने दे दिये है, इसलिये सभी से अपील है कि जब तक बहुत ज्यादा जरूरी न हो अपने घरों में ही रहें, और स्वस्थ रहे।
कोरोना वायरस इन दिनों पूरी दुनिया में महामारी बन चुका है और हजारों लोगों की जान ले चुका है. इस वायरस के संक्रमण से बचने के लिए लोगों को सोशल डिस्टेंस बनाए रखने और मुंह पर मास्क लगाने की सलाह दी गई है. इसी वजह से बाजारों में मास्क की मांग में तेजी से बढ़ोतरी हुई है लेकिन अब चीन इसे भुना रहा है और अपने ही दोस्त पाकिस्तान को मास्क के नाम पर धोखा दे रहा है.दरअसल, चीन ने पाकिस्तान में मास्क की भारी मांग को देखते हुए अपने दोस्त को धोखा देते हुए अंडरगार्मेंटस से बने मास्क का निर्यात कर दिया. इसे देखकर पाकिस्तान के लोग भड़क गए. चीन से भेजे गए मास्क वहां के न्यूज चैनलों की सुर्खियों बन गए, यहां तक कि अस्पतालों को डॉक्टरों ने इनके इस्तेमाल से भी इनकार कर दिया।
चीन में बनाए गए मास्क को जब पाकिस्तान में खोलकर देखा गया तो एन-95 मास्क की जगह अंडरवियर से बने मास्क मिले जो कोरोना के वायरस या किसी अन्य संक्रमण को रोकने में पूरी तरह फेल थे.बता दें कि पाकिस्तान के अलावा यूरोप के भी कई देश शिकायत कर चुके हैं कि चीन से भेजे गए मास्क बेहद घटिया स्तर के हैं. इसी वजह से नीदरलैंड और स्पेन ने चीन से मेडिकल सप्लाई को रोकने का फैसला लिया है.दिलचस्प है कि इस संकट की घड़ी में चीन ने बीते दिनों पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान से मदद का वादा किया था. लेकिन अब घटिया स्तर के मास्क के बाद इस वादे का पाकिस्तान के लोग ही मजाक उड़ा रहे हैं. सोशल मीडिया पर कई लोग पाकिस्तान के मास्क से जुड़ी ब्रेकिंग न्यूज और वीडियो को शेयर कर रहे हैं.वहीं दूसरी तरह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान चीन की तारीफ करते नहीं थकते. कोरोना वायरस से लड़ने के दौरान अपने हर भाषण में इमरान खान चीन का गुणगान करते नजर आ ही जाते हैं।
वाशिंगटन। कोरोना संकट में फंसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी से टेलीफोन पर बातचीत की। डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुरोध किया है कि वह अमेरिका द्वारा ऑर्डर की गई मलेरिया रोधी दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा को जारी करे। गौरतलब है कि भारत ने पिछले महीने दवाओं के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था। ट्रंप ने बताया कि उन्होंने शनिवार सुबह प्रधानमंत्री मोदी से बात की और अमेरिका के लिएहाइड्रॉक्सीकोलोरोक्वीन दवा जारी करने का अनुरोध किया।ट्रम्प ने शनिवार को व्हाइट हाउस में अपने दैनिक समाचार सम्मेलन में कहा कि मैंने प्रधान मंत्री मोदी को फोन किया। वे बड़ी मात्रा में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा बनाते हैं। भारत इस पर गंभीरता से विचार कर रहा है। गौरतलब है कि भारत के विदेश व्यापार महानिदेशालय ने 25 मार्च को हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वाइन के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया, लेकिन कहा कि मानवीय आधार पर कुछ शिपमेंट को विशेष आधार पर अनुमति दी जा सकती है।
मलेरिया रोधी दवा के आ रहे अच्छे नतीजे: ट्रंप
इससे पहले दिए गए अपने एक बयान में ट्रंप ने कहा कि मलेरिया के इलाज में दशकों से इस्तेमाल की जा रही हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा के कोरोना रोगियों के इलाज में अच्छे नतीजे आ रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘हम वायरस के इलाज और रोकथाम में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन और दूसरे उपचारों के प्रभाव का निरंतर अध्ययन कर रहे हैं और अपने नतीजों के बारे में पूरी जानकारी देंगे।’ हालांकि ह्वाइट हाउस टास्क फोर्स के एक वरिष्ठ सदस्य ने अभी किसी नतीजे पर पहुंचने को लेकर आगाह किया है, क्योंकि इस संबंध में अभी परीक्षण चल रहे हैं।
अमेरिका में कोरोना का कहर
अमेरिका में कोरोना वायरस का कहर तेजी से बढ़ रहा है। कोरोना वायरस के 3 लाख से अधिक मामले और 8000 से अधिक मौतों की पुष्टि के बाद अमेरिका कोरोना वायरस के सबसे ज्यादा प्रभावित देश के रूप में उभरा है, ऐसी बीमारी जिसका फिलहाल कोई इलाज नहीं है।
कोरोना से लड़ने वाली हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन दवा के निर्यात पर आखिर क्यों सरकार ने लगाई रोक?
कोरोना (Corona Virus) से लड़ने में मदद करने वाली मलेरिया की दवा हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन के निर्यात पर भारत सरकार ने रोक लगा दी है। सरकार का कहना है कि इस दवा की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए तत्काल प्रभाव से इस पर रोक लगाना जरुरी है।
वहीँ, इस दवा को लेकर (ICMR) के महानिदेशक बलराम भार्गव ने कोरोना वायरस संक्रमण के संदिग्ध या संक्रमित मरीजों की देखभाल करने वाले स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, जिनमे डॉक्टर, नर्से, सफाई कर्मचारी, हेल्पर आदि शामिल हैं, के इलाज के लिए हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन को इस्तेमाल की सिफारिश की। जिसके बाद, भारतीय दवा महानियंत्रक (DGCI) ने इमरजेंसी जैसे हालात होने पर प्रतिबंधित (Restricted) रूप से इस दवा के इस्तेमाल की मंजूरी दी है।
क्या है हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन
ये दवा एंटी मलेरिया ड्रग क्लोरोक्वीन से अलग दवा है। यह एक टेबलेट है जिसका उपयोग ऑटोइम्यून रोगों जैसे कि Arthritis) के उपचार में किया जाता है। लेकिन इसे कोरोना से बचाव में इस्तेमाल किये जाने की बात भी सामने आई है।ट्रम्प ने शनिवार को व्हाइट हाउस में अपने दैनिक समाचार सम्मेलन में कहा कि मैंने प्रधान मंत्री मोदी को फोन किया। वे बड़ी मात्रा में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा बनाते हैं। भारत इस पर गंभीरता से विचार कर रहा है। गौरतलब है कि भारत के विदेश व्यापार महानिदेशालय ने 25 मार्च को हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वाइन के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया, लेकिन कहा कि मानवीय आधार पर कुछ शिपमेंट को विशेष आधार पर अनुमति दी जा सकती है।
क्यों लगाया गया प्रतिबंध
कोरोना को लेकर फैले खौंफ के बीच अचानक इस दवा को लेकर अफवाह उड़ी कि ये दवा कोरोना से बचा सकती है। जिसके बाद लोगों ने इस दवा को जमा करना शुरू कर दिया। परिणाम ये हुआ कि मेडिकल स्टोर से यह दवा गायब हो गई। वैसे, इस बात की शुरुआत तब हुई जब 19 मार्च को द लैंसेट ग्लोबल हेल्थ में लिखे एक आर्टिकल में इस दवा के फायदे और बीमारियों से लड़ने की क्षमता के बारे में बताया गया। इस आर्टिकल मे इस बता पर जोर दिया गया कि यह दवा कोरोनोवायरस के खिलाफ एंटी-वायरल तरीके से काम करती है।
इस दवा का खास असर SARS-CoV-2 पर पड़ता है। बता दें, यह वही वायरस है जो COVID-2 का कारण बनता है। ये भी बता दें कि इसी आर्टिकल के हवाले से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 21 मार्च वाला ट्विट किया था।
हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन का इस्तेमाल
वहीँ इस दवा के बारे में शोधकर्ताओं का मानना है कि हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन के साथ प्रोफिलैक्सिस का डोज लेने से SARS-CoV-2 संक्रमण और वायरल को बढ़ने से रोका जा सकता है। अमेरिका में प्रोफिलैक्सिस या एसएआरएस-सीओवी -2 संक्रमण के उपचार के लिए हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन के कई एक्सपेरीमेंट करने की योजना बनाई गई है जो जल्द शुरू हो जाएगी।
एक शोध यह भी कहता है कि सिर्फ हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन या अजिथ्रोमाइसिन को अकेले लेने से या दोनों को मिलाकर लेने से अपर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट (Upper respiratory infection) में SARS-CoV-2 RNA कम होते नजर आते हैं।
हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन के साइड इफेक्ट
ऑनलाइन दवाइयों की जानकारी देने वाली अमरीका की मेडलाइनप्लस (Madeline Plus) के मुताबिक, हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन का बिना किसी लक्षण के इस्तेमाल करना सही नहीं है। मेडलाइनप्लस का कहना है कि इस दवा के कुछ साइड इफेक्ट भी हैं। सामान्य साइड इफ़ेक्ट की बात करें तो इसके अंतर्गत सिरदर्द, चक्कर आना, भूख मर जाना, मतली, दस्त, पेट दर्द, उल्टी और त्वचा पर लाल चकत्ते होना शामिल हैं। इसके अलावा इस दवा को अधिक या इसकी ओवरडोज लेने से दौरे भी पड़ सकते हैं या मरीज बेहोश हो सकता है।