रायपुर। प्रदेश पुलिस के मुखिया डीएम अवस्थी इस वक्त सभी संभाग के आईजी और सभी जिले के पुलिस अधीक्षकों के साथ अपराध की समीक्षा कर रहे हैं। यह समीक्षा डीजीपी अवस्थी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कर रहे हैं।
डीजीपी ने आगे कहा है कि इसके साथ ही एसपी, एडिशनल एसपी, सीएसपी और SDOP को भी लिखित में डिस्प्लेजर मिलेगा। डीजीपी अवस्थी ने आगाह किया है कि अगर डिस्प्लेजर मिला तो आपके सर्विस रिकॉर्ड में डिस्प्लेजर रिमार्क किया जाएगा। डीजीपी अवस्थी ने कहा कि अगर अप्रशंता मिलती है तो उसे ख़ारिज कराने का प्रयास करना चाहिए, उन्होंने रायगढ़ के पूर्व एसपी राजेश अग्रवाल का उदहारण देते हुए कहा कि उन्होंने अप्रशंता ख़ारिज करवाया था।
देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट ने सभी पुलिस स्टेशनों में सीसीटीवी कैमरे लगाने को लेकर एक अहम निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि सीबीआई, एनआईए, ईडी, एनसीडब्लू, डीआरआई और एसएफआईओ (सीरियस फ्रॉड इनवेस्टीगेशन ऑफिस) सहित देश के सभी पुलिस थानों में ऑडियो रिकॉर्डिंग के साथ सीसीटीवी कैमरे लगाने के आदेश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ये कैमरे पुलिस स्टेशन के प्रवेश और निकास, लॉक अप, कॉरिडोर, लॉबी, रिसेप्शन एरिया, सब इंस्पेक्टर और इंस्पेक्टर के कमरे, थाने के बाहर, वॉशरूम के बाहर स्थापित किए जाने चाहिए। इन रिकॉर्डिंगों को 18 महीने तक रखना होगा।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने सभी राज्यों को 6 सप्ताह के भीतर आदेश का पालन करने के लिए कहा है। माननीय न्यायालय ने कहा कि ये निर्देश अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकारों में हैं। सुप्रीम कोर्ट ने हिरासत में हुई घटनाओं को देखते हुए यह साल 2018 में ही यह आदेश दिया था। इस मामले में 16 सितंबर, 2020 को सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस स्टेशन में सीसीटीवी कैमरों की हालत पर जानकारी मांगी थी। कोर्ट ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों से 24 नवंबर तक इस पर जवाब देने के लिए कहा था।
सर्वोच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि छह सप्ताह के भीतर सीसीटीवी कैमरों की स्थापना के लिए समय सीमा के साथ राज्य कार्ययोजना दाखिल करें। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्यों को सीसीटीवी प्रणाली के लिए धन आवंटित करना चाहिए। प्रत्येक पुलिस स्टेशन का एसएचओ सीसीटीवी के काम, रिकॉर्डिंग और रखरखाव के लिए जिम्मेदार होगा। इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने प्रत्येक जिले में मानवाधिकार न्यायालयों की स्थापना का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि हिरासत में यातना की कोई भी शिकायत इन न्यायालयों द्वारा सुनी जानी चाहिए ।
मध्य प्रदेश के बैतूल के मलकापुर गांव में मोक्षधाम में ही चोरी हो गई. इसके बाद वहां लगाई गई एक चिट्ठी लोगों के बीच चर्चा का विषय है. ‘एक पाती चोरों के नाम’ शीर्षक से लिखी गई इस चिट्ठी में लिखा है, ‘प्रिय चोर, एक दिन इसी मोक्षधाम में आना है. इसलिए यहां से चोरी किया गया सामान चुपचाप यहां रख जाएं.’
बता दें कि मोक्षधाम में लोग जन्मदिन पर या परिजनों की याद में पौधे लगाते हैं. वहां अभी 70 पौधे लगे हुए हैं. इसी सिंचाई के लिए हाल ही में चंदा लेकर लोगों ने पाइप और वाल खरीदा था. ये सब मोक्षधाम में ही रखा गया था.
तीन दिन पहले चोर ने पाइप और वाल चोरी कर दी. इससे ग्रामीण परेशान हो गए. इसके बाद उन्होंने पुलिस से शिकायत की. पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी. इसके बाद भी चोरों का कोई सुराग नहीं मिलने पर लोगों ने ‘चोरों के नाम पाती’ ही लिख दी.
इस चिट्ठी को मकानों की दीवारों पर लगाया गया है. इसमें लिखा है कि एक दिन आपको भी यहीं आना है. ऐसे में यहां चोरी मत करिए. इस चिट्ठी को इस वजह से लिखा गया है कि चोर शर्मिंदा होंगे और चोरी का सामान वापस लौटा देंगे.
मद्रास और कलकत्ता हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश सीएस कर्णन को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उनके खिलाफ महिलाओं और जजों के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। हाल ही में इंटरनेट मीडिया पर एक वीडियो क्लिप सामने आने के बाद यह गिरफ्तारी हुई है। वीडियो में कर्णन ने जजों और उनकी पत्नियों के खिलाफ टिप्पणी की है। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि उन्हें सेंट्रल क्राइम ब्रांच के कर्मियों ने उनके आवास से गिरफ्तार किया। उनके खिलाफ भादवि की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
अधिकारी ने कहा कि उनपर महिलाओं को अपमानजनक रूप से पेश (निषेध) अधिनियम के अलावा आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने के लिए सूचना तकनीक अधिनियम की धारा 67 ए के तहत भी आरोप लगाया गया है। इस मामले में एक महिला वकील ने औपचारिक रूप से शिकायत दर्ज कराई थी। जांच के बाद कर्णन को गिरफ्तार किया गया है। उन्हें रिमांड पर लिया जाएगा। जून 2017 में कर्णन एक महीने तक गिरफ्तारी से बचते रहे थे।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा अवमानना का दोषी ठहराए जाने और छह माह साधारण कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद वे तमिलनाडु में कोयंबटूर से गिरफ्तार हुए थे। वह दिसंबर 2017 में कोलकाता की प्रेसिडेंसी जेल से रिहा हुए थे।
दुर्ग। पुलिस अधीक्षक प्रशांत ठाकुर ने डीजीपी डीएम अवस्थी के निर्देश पर लेनदेन के आरोप में फंसे धमधा टीआई शैलेंद्र ठाकुर का आज सस्पेंशन ऑर्डर जारी किया है। आदेश में बताया गया है कि अपने कार्यक्षेत्र में असवैंधानिक कार्य को सरंक्षण देने के लिए पैसों के लेनदेन के संबंध में ऑडियो वायरल होने के बाद यह आदेश जारी किया गया है।
रायपुर। डीजीपी डीएम अवस्थी के निर्देश पर दो और पुलिसकर्मियो के खिलाफ कार्रवाई हुई है। बिलासपुर के कोटा थाना में पदस्थ एसआई मिलन सिंह और एएसआई संतोष पात्रे सस्पेंड किया गया है।दोनों के खिलाफ अवैध वन कटाई की जब्ती कार्रवाई में लापरवाही बरतने पर यह कार्रवाई हुई है।
ज्ञात हो कि डीजीपी डीएम अवस्थी ने हाल ही में पुलिस अधिकारियों की बैठक लेकर लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। जिसके तहत अब लगातार पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है। सोमवार को डीजीपी के निर्देश पर कवर्धा में चौकी प्रभारी बाजार- चारभाटा एसआई गीतांजलि सिन्हा, कॉन्स्टेबल हेमन्त राजपूत और आसिफ खान पर सस्पेंड की कार्रवाई की गई। रुपयों- पैसों के लेनदेन सम्बन्धी ऑडियो वायरल के होने के बाद यह कार्रवाई हुई थी। इससे पहले दुर्ग जिले में धमधा थाना प्रभारी शैलेन्द्र ठाकुर और एसआई रमेश पांडे को भी भ्रष्ट आचरण एवं जुआ, सट्टा में अंकुश नहीं लगा पाने पर सस्पेंड किया गया है।
दिल्ली। वॉट्सऐप एक ऐसा लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप है, जिसके जरिए लोग व्यस्त होने के बावजूद एक दूसरे से बात करते रहते हैं. लेकिन कई बार ऐसा भी होता है जब आप हम अपने दोस्तों को उनके जन्मदिन की बधाई ही देना भूल जाते हैं. आज हम आपको एक ऐसा तरीका बताने जा रहे हैं जिससे आपको बर्थ डे विश करने के लिए ना तो रात के 12 बजे तक जगना पड़ेगा और ना भूलने की टेंशन रहेगी. तो आइए जानते हैं क्या है ये तरीका…
आपको बता दें वॉट्सऐप अपने यूजर्स की सुविधा के लिए आए दिन नए नए फीचर लेकर आता है. जिससे चैटिंग, वीडियो कॉलिंग और बिजनेस संबंधित कई काम आसान हो जाते हैं. लेकिन जब किसी मैसेज को शेड्यूल करना हो तो यूजर चिंता में पड़ जाते हैं. वॉट्सऐप पर शेड्यूल मैसेज फीचर के लिए कुछ आसान से तरीके बता रहें हैं जिनकी मदद से आप मैसेज को शेड्यूल कर पाएंगे. अगर आप किसी को 12 बजे बर्थडे विश करना चाहते हैं या फिर किसी मीटिंग से संबंधित मैसेज करना चाहते हैं, तो यह ट्रिक आपके लिए बड़े काम की साबित हो सकती है।
इसके लिए सबसे पहले आपको गूगल प्ले स्टोर पर जाकर एक थर्ड पार्टी ऐप SKEDit को डाउनलोड करना होगा. डाउनलोड करने के बाद ऐप ओपन करें और Sign Up करें. >> Login करके मेन मैन्यू में दिए गए WhatsApp विकल्प पर टैप करें. अब आपसे कुछ परमिशन मांगी जाएंगी. >> जिसके बाद Enable Accessibility पर क्लिक करना होगा और फिर Use service पर टैप करना होगा. >> अब आप जिसे भी वॉट्सऐप चैट पर मैसेज शेड्यूल करना चाहते हैं उस कॉन्टैक्ट का नाम डालें. फिर मैसेज टाइप करें. समय और दिन सेट करें।
सुप्रीम कोर्ट में एक केस की ऑनलाइन सुनवाई के दौरान वीडियो-कॉन्फ्रेंस लिंक पर एक व्यक्ति बगैर शर्ट पहने बैठा था। सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कमीज पहने बिना नजर आने पर मंगलवार को नाराजगी जताई।
न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति हेमंत गुप्ता की पीठ ने कहा, ‘वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए सुनवाई करते हुए सात से आठ महीने हो जाने के बावजूद इस प्रकार की चीजें हो रही हैं।’ सुनवाई के दौरान स्क्रीन पर एक व्यक्ति के कमीज के बिना नजर आने पर पीठ ने कहा, ‘यह सही नहीं है।’
न्यायालय में वीडियो-कॉन्फ्रेंस के जरिए सुनवाई के दौरान इस प्रकार की अप्रिय घटना पहली बार नहीं हुई है। कोविड-19 के कारण न्यायालय वीडियो-कॉन्फ्रेंस के जरिए मामलों की सुनवाई कर रहा है।
पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना
इसी प्रकार की घटना 26 अक्टूबर को हुई थी, जब न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ के सामने एक वकील बिना (online case hearing news)कमीज पहने दिखाई दिया था। न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा था, ‘मुझे किसी पर सख्ती बरतना अच्छा नहीं लगता, लेकिन आप स्क्रीन पर हैं, आपको ध्यान रखना चाहिए।’
टी-शर्ट में पेश हुए थे वकील
न्यायालय में जून में डिजिटल सुनवाई के दौरान एक वकील (Behave during online case hearing) बिस्तर पर लेटे हुए और टी-शर्ट पहनकर पेश हुआ, जिस पर न्यायाधीश ने नाराजगी जताते हुए कहा था कि सुनवाई की जन प्रकृति को ध्यान में रखते हुए ‘अदालत के न्यूनतम शिष्टाचार’ का पालन किया जाए।
बनियान में पेश हुए थे वकील
उच्चतम न्यायालय ने कहा कि वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए मुकदमों में भाग ले रहे वकील ‘पेश होने योग्य’ नजर आने चाहिए और ऐसी तस्वीरें दिखाने से बचना चाहिए जो उपयुक्त नहीं हैं। इस साल अप्रैल में भी ऐसी ही घटना सामने आई थी जब वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए हुई सुनवाई में एक वकील बनियान पहनकर पेश हुआ था, जिस पर राजस्थान उच्च न्यायालय ने नाराजगी जताई थी।
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के दखल के बाद हिंदू लड़की से विवाह करने के लिए धर्मांतरण करने वाले मुस्लिम युवक और उसकी हिंदु पत्नी को पुलिस की सुरक्षा दी गयी है। यमुनानगर के पुलिस के अनुसार 21 वर्षीय युवक और 19 वर्षीय लड़की ने 9 नवंबर को हिंदू रीति रिवाज से शादी की थी। युवक ने धर्म के साथ अपना नाम भी बदल लिया था। जिसके बाद दोनों ने हाईकोर्ट में बताया कि लड़की के परिवार से उनकी जान और निजी स्वतंत्रता को खतरा है। उन्होंने यह भी दलील दी कि उनके विवाह का विरोध करना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिले उनके अधिकारों का गंभीर हनन है। उच्च न्यायालय के निर्देश का पालन करते हुए दोनों को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए पुलिस ने उन्हें यमुनानगर के सुरक्षा गृह भेज दिया, जहां वे कई दिनों से ठहरे हैं। पुलिस ने लड़की के परिवार से भी मुलाकात की और उन्हें समझाने की कोशिश की कि अब वे दोनों कानूनी रूप से विवाहित हैं तथा दोनों को उनकी इच्छा अनुसार साथ रहने दिया जाना चाहिए। इससे पहले 11 नवंबर को सुनवाई के दौरान जब लड़की के परिवार वालों ने उससे मिलने की इच्छा जताई थी तब उसने अपने परिवार वालों से मिलने से मना कर दिया था।
रायपुर। राज्य सरकार ने आदेश जारी किया है।चीफ सिकरेट्री की नयी नियुक्ति के साथ ही राज्य सरकार ने सचिव स्तर के एक दर्जन से ज्यादा अफसरों के विभागों में फेरबदल हुआ है। ACS सुब्रत साहू को ऊर्जा विभाग और राज्य विद्युत कंपनी के एडिश्नल चार्ज से मुक्त कर दिया गया है। साथ ही उन्हें आवास एवं पर्यावरण विभाग और एरीगेशन का एडिश्नल के साथ-साथ पर्यावरण विभाग का एडिश्नल चार्ज दिया गया है।
राज्य शासन एतद्द्वारा श्री सुब्रत साहू, भा.प्र.से. (1992), अपर मुख्य सचिव, माननीय मुख्यमंत्री तथा अति. प्रभार अपर मुख्य सचिव, गृह एवं जेल विभाग, अपर मुख्य सचिव, ऊर्जा विभाग, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी, वाणिज्य एवं उद्योग (रेल लाईन परियोजनायें) एवं अध्यक्ष, छ.ग.राज्य विद्युत कंपनी को केवल अपर मुख्य सचिव, ऊर्जा विभाग एवं अध्यक्ष, छ.ग. राज्य विद्युत कंपनी के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त करते हुए अपर मुख्य सचिव, आवास एवं पर्यावरण विभाग तथा अपर मुख्य सचिव, जल संसाधन विभाग एवं अध्यक्ष, छ.ग. पर्यावरण संरक्षण मण्डल का अतिरिक्त प्रभार सौंपता है।
2/ डॉ. मनिन्दर कौर द्विवेदी, भा.प्र.से. (1995) प्रमुख सचिव, ग्रामोद्योग विभाग तथा अति. प्रभार प्रमुख सचिव, वाणिज्यिक कर (आबकारी एवं पंजीयन को छोड़कर) विभाग को केवल प्रमुख सचिव, वाणिज्यिक कर (आबकारी एवं पंजीयन को छोड़कर) विभाग से मुक्त करते हुए प्रमुख सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपता है।
3/ श्री गौरव द्विवेदी, भा.प्र.से. (1995) प्रमुख सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा अति. प्रभार विकास आयुक्त, महानिदेशक, ठाकुर प्यारेलाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान (SIRD), रायपुर तथा प्रमुख सचिव, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी, 20 सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग को अस्थायी रूप से आगामी आदेश पर्यन्त प्रमुख सचिव, वाणिज्यिक कर (आबकारी एवं पंजीयन को छोड़कर) विभाग के पद पर पदस्थ करते हुए प्रमुख सचिव, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी, 20 सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौपता है।
4/ श्रीमती शहला निगार, भा.प्र.से. (2001) सचिव, वित्त विभाग तथा अतिरिक्त प्रभार अध्यक्ष, पेंशन निराकरण समिति को अस्थायी रूप से आगामी आदेश पर्यन्त सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग के पद पर पदस्थ करते हुए सचिव, समाज कल्याण विभाग एवं आयुक्त, निःशक्तजन का अतिरिक्त प्रभार सौंपता है।
श्री प्रसन्ना आर. भा प्र.से. (2004), सचिव, सहकारिता विभाग तथा अतिरिक्त प्रभार सचिव, समाज कल्याण विभाग एवं सचिव, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, आयुक्त निःशक्तजन, सचिव, महिला एवं बाल विकास तथा सचिव, कौशल विकास विभाग को अस्थायी रूप से आगामी आदेश पर्यन्त सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के पद पर पदस्थ करते हुए विकास आयुक्त, महानिदेशक, ठा० प्यारेलाल ग्रामीण विकास संस्थान (SIRD), रायपुर एवं सचिव, कौशल विकास विभाग का अतिरिक्त प्रभार सींपता
6/ श्री अंकित आनंद, भा.प्र.से. (2008), विशेष सचिव ( स्वतंत्र प्रभार) आवास एवं पर्यावरण विभाग तथा प्रबंध संचालक, छ.ग. राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित (मार्कफेड). रायपुर तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण को अस्थायी रूप से आगामी आदेश पर्यन्त विशेष सचिव (स्वतंत्र प्रभार), ऊर्जा विभाग के पद पर पदस्थ करते हुए प्रबंध संचालक, छ.ग, राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित ( मार्कफेड). रायपुर तथा अध्यक्ष, छ.ग.राज्य विद्युत कंपनी अतिरिक्त प्रभार सौंपता है।
श्री अंकित आनंद, भा.प्र.से. द्वारा विशेष सचिव ( स्वतंत्र प्रभार). ऊर्जा विभाग का कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से श्री उमेश कुमार अग्रवाल, भा.प्र.से. (2004), सचिव, गृह विभाग तथा अतिरिक्त प्रभार सचिव, ऊर्जा विभाग केवल सचिव, ऊर्जा विभाग के प्रभार से मुक्त होंगे। शेष प्रभार यथावत रहेगा।
7/ श्री एलेक्स ही. एफ, पॉल मेनन व्ही.. भा.प्र.से. (2006), विशेष सचिव, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग तथा अतिरिक्त प्रभार संयुक्त राज्य नोडल अधिकारी, श्रम विभाग को अस्थायी रूप से आगामी आदेश पर्यन्त श्रमायुक्त के पद पर पदस्थ करते हुए विशेष सचिव, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग एवं राज्य नोडल अधिकारी, श्रम विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपता है ।
8/ श्री हिमशिखर गुप्ता, भा.प्र.से (2007), पंजीयक, सहकारी संस्थाएँ तथा अतिरिक्त प्रभार रजिस्ट्रार, फर्म्स एवं संस्थाएं, प्रबंध संचालक, छ.ग. राज्य कृषि विपणन (मडी) बोर्ड, रायपुर को अस्थायी रूप से आगामी आदेश पर्यन्त विशेष सचिव ( स्वतंत्र प्रभार), सहकारिता विभाग के पद पर पदस्थ करते हुए पंजीयक, सहकारी संस्थाएं व पंजीयक, फर्म्स एवं संस्थाएं एवं प्रबंध संचालक, छ.ग. राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड, रायपुर का अतिरिक्त प्रभार सौंपता है।
श्री तंबोली अय्याज फकीर भाई, भा.प्र.से. (2009), आयुक्त, छ.ग. गृह निर्माण मंडल तथा अतिरिक्त प्रभार मुख्य कार्यपालन अधिकारी, रायपुर विकास प्राधिकरण, रायपुर को उनके
वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ मुख्य कार्यपालन अधिकारी, नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण का अतिरिक्त प्रभार सौंपता है। 10/ श्री कुलदीप शर्मा भा.रा.से. (2014), मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत सरगुजा को अस्थायी रूप से आगामी आदेश पर्यन्त अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के पद पर पदस्थ करते हुए अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, रायपुर विकास प्राधिकरण का अतिरिक्त प्रभार सौंपता है।
श्री कुलदीप शर्मा द्वारा कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से राज्य शासन, भारतीय प्रशासनिक सेवा (वेतन) नियम, 2016 के नियम 12 के तहत् के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण असवर्गीय पद को प्रतिष्ठा एवं जिम्मेदारी में भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ वेतनमान के संवर्गीय पद के समकक्ष घोषित करता है।
11/ श्री विनय कुमार लंगेह, भा.प्र.से. (2016) मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत. गरियाबंद को अस्थायी रूप से आगामी आदेश पर्यन्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, सरगुजा के पद पर पदस्थ करता है। 12/ श्री चंद्रकांत वर्मा, भा.प्र.से. (2017) सहायक कलेक्टर, जिला-रायगढ़ को अस्थायी रूप से आगामी आदेश पर्यन्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत, गरियाबंद के पद पर पदस्थ करता है।
13/ श्री विवेक आचार्य, भाव.से.. महाप्रबंधक, छ.ग. राज्य लघु वनोपज संघ की सेवायें वन विभाग से लेते हुए संचालक, संस्कृति एवं पुरातत्व के पद पर पदस्थ करता है।
श्री विवेक आचार्य, भाव.से. द्वारा संचालक, संस्कृति एवं पुरातत्व का कार्यभार ग्रहण करने के दिनांक से श्री अमृत विकास तोपनो, भा.प्र.से. (2014), महाप्रबंधक, छ.ग. राज्य नागरिक आपूर्ति निगम, रायपुर तथा अतिरिक्त प्रभार संचालक, संस्कृति एवं पुरातत्व केवल संचालक, संस्कृति एवं पुरातत्व के प्रभार से मुक्त होंगे। शेष प्रभार यथावत रहेगा।