रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना को लेकर भूपेश सरकार सतर्क नजर आ रही है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के दिशा निर्देश पर सीटी स्कैन की दरें तय कर दी गई है. छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने निजी अस्पतालों और डायग्नोस्टिक केन्द्रों में सीटी स्कैन की दरें निर्धारित किया है. प्रदेश में कोविड-19 संक्रमित मरीजों के लिए निजी अस्पतालों में इलाज के दौरान हाई रेजोल्यूशन सीटी स्कैन की आवश्यकता होने पर दरें निर्धारित की गई है.
छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग के जारी आदेशानुसार चेस्ट (फेफड़े) के सीटी स्कैन (एचआरसीटी) बिना कंट्रास्ट के लिए 1870 रुपये शुल्क, चेस्ट (फेफड़े) का सीटी स्कैन (एचआरसीटी) कंट्रास्ट के लिए 2354 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है. आदेश में कहा गया है कि प्रदेश के सभी निजी चिकित्सालयों द्वारा कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए छत्तीसगढ़ शासन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा निर्धारित शुल्क ही लिया जाए.
राज्य शासन के द्वारा अधिकृत पैथोलॉजी केन्द्रों से कराएं जांच
ICMR और राज्य शासन ने निर्धारित उपचार सम्बंधी दिशा निर्देशों का पालन करते हुए केवल आवश्यक जांच ही कराए जाएं. आदेश के मुताबिक कोविड-19 मरीजों का RT-PCR, एंटीजन और ट्रूनॉट टेस्ट केवल राज्य शासन के द्वारा अधिकृत पैथोलॉजी केन्द्रों, अस्पतालों से ही कराए जाएं. उपरोक्त आदेश का उल्लंघन, एपिडेमिक डिसीज एक्ट, 1897, छत्तीसगढ़ पब्लिक एक्ट और छत्तीसगढ़ एपिडेमिक डिसीज कोविड-19 रेगुलेशन एक्ट, 2020 के अंतर्गत दंडनीय होगा.
जानें बड़ी बातें-
निजी चिकित्सालयों एवं डायग्नोस्टिक केन्द्रों में सीटी स्कैन की दरें निर्धारित
कोविड 19 मरीजों के उपचार के लिए आदेश जारी
सीटी स्कैन एचआरसीटी बिना कंट्रास्ट के लिए 1870 रुपये शुल्क निर्धारित
चेस्ट फेफड़े का सीटी स्कैन एचआरसीटी कंट्रास्ट सहित 2354 रुपये शुल्क निर्धारित
राज्य शासन निर्देशानुसर हेल्थ विभाग ने जारी की आदेश
लगातार मिल रही मनमानी की शिकायत के बाद दरें की गई निर्धारित
सुनील अग्रवाल खरसिया। खरसिया सिविल अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ ड़ाॅक्टर ड़ीपी पटेल को खरसिया सिविल अस्पताल का प्रभारी बनाया गया है । विदित हो कि सिविल अस्पताल के पूर्व प्रभारी ड़ाॅक्टर सजन अग्रवाल जल्द ही सेवानिवृत्त होने वाले है, इसलिये ड़ाॅक्टर ड़ीपी पटेल को सिविल अस्पताल खरसिया के प्रभारी की जिम्मेदारी दी गयी है। विदित हो कि ड़ाॅक्टर ड़ीपी पटेल दिसम्बर 2020 से खरसिया में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे है। इससे पूर्व इन्होंने कापू जैसे बीहड़ क्षेत्र में अपनी सेवा प्रदान की है। ड़ाॅक्टर पटेल ने कहा कि वे जिम्मेदारी पूर्वक अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे, वैष्विक महामारी के इस दौर में जब जनता को स्वास्थ्य सेवाओं की अधिक आवश्यकता है, उनका प्रयास रहेगा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधा पहुंचे । अनुभवी तथा योग्य चिकित्सक को प्रभारी बनाये जाने का नगरवासियों ने स्वागत किया है तथा उम्मीद जताई है कि इनके पदस्थापना से सिविल अस्पताल की स्थिति में सुधार होगा तथा नगर में सिविल अस्पताल की रिफर सेंटर वाली धारणा को बदलने में मदद मिलेगी।
अगर आपसे पूछा जाए कि आपका सबसे बड़ा राज़दार कौन है तो आपका जवाब क्या होगा ? शायद आप अपने जीवनसाथी, बेस्ट फ्रेंड या भाई-बहन का नाम लेंगे। लेकिन हकिकत में जिसे आपके बारे में सबसे ज्यादा जानकारी है, वह है आपका मोबाइल फोन। आपकी पसर्नल चैटिंग, फोटोज़ व वीडियो, नौकरी व व्यवसाय, जीपीएस लोकेशन और सोशल मीडिया व ऐप पासवर्ड से लेकर बैंक डिटेल्स सबकुछ पता है आपके स्मार्टफोन को। आप भी नहीं चाहते कि आपकी ये प्राइवेट चीजें किसी और के सामने जाए इसीलिए फोन पर लॉक भी लगाकर रखते हैं। लेकिन क्या यह लॉक काफी है ? बीते दिनों में डाटा लीक के कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिन्होंने आम जनता को चौंका कर रख दिया है। लोगों में डर है कि कहीं उनका फोन भी तो हैक नहीं कर लिया गया है और कोई अन्य व्यक्ति उन्हीं के फोन से उनपर नज़र तो नहीं बनाए हुए हैं। सबसे पहले तो आपको बता दें कि यह डरने का नहीं बल्कि सावधानी बरतने का समय है। आपकी सूझबूझ और हमारे बताएं टिप्स मिलकर आपको इस तरह की Mobile Hacking और Data Leak जैसे खतरनाक चीजों से बचा सकते हैं।
क्या है Mobile Hacking और Data चोरी
क्या आप उन लोगों में से हैं जो यह सोचते हैं कि आपके पसर्नल डाटा को चुराकर विदेश में बैठा कोई व्यक्ति भला क्या फायदा उठाएगा ? सबसे पहले तो यही बता दें कि आपके बैंक में पड़ी धनराशि से भी ज्यादा महंगा है आपका डाटा। इंटरनेशनल मार्केट में आपके नाम, सरनेम और मोबाइल नंबर की वैल्यू लाखों की डील्स में शामिल होती है। हैकर्स आपके फोन का डाटा चुराकर बड़ी कंपनियों को बेचते हैं और खूब नोट छापते हैं। आपका डाटा किसी कंपनी के लिए बड़े मुनाफे का सौदा साबित हो सकता है इसलिए बहुत से हैकर आपके फोन में सेंधमारी के लिए तैयार बैठे रहते हैं। वहीं ब्लैकमेलिंग और मनी फ्रॉड जैसे कांड भी आपका डाटा चुराकर ही किए जाते हैं।
कैसे होता है Phone Hack
‘चोरी करना कोई चोर से बेहतर नहीं जानता‘ यह लाईन मोबाइल हैकिंग पर बिल्कुल फिट बैठती है। किसी फोन को हैक करने के ढ़ेरों तरीके हैं और समय के साथ-साथ इस काम में सक्रिय लोग नए तरीके भी ईजाद करते रहते हैं। यहां एक बात साफ कर दें कि फोन हैक होने में सबसे बड़ा जिम्मेदार खुद मोबाइल यूजर ही होता है। यूजर ही कोई न कोई ऐसी गलती करता है जिसकी वजह से उसका फोन हैक होता है डाटा चोरी होता है। लालच, नासमझी और जल्दबाजी यूजर की प्राइवेसी और सिक्योरिटी से समझौता कर लेती है और फोन गलत हाथों में चला जाता है। आगे हमने मोबाइल हैकिंग के कुछ ऐसे प्रचलित तरीके बताए हैं जो हैकर्स द्वारा सबसे ज्यादा यूज़ किए जाते हैं :-
1. Phishing
इंडियन यूजर्स सबसे ज्यादा जिस तरह के स्कैम में फंसते है वह है फिशिंग। यह फ्रॉड पूरी तरह से लालच पर ही चलता है। यूजर के पास मैसेज भेजा जाता है कि उनके नंबर पर ईनाम निकला है जिसमें फलां-फलां गिफ्ट, पैसा, सामान इत्यादि शामिल है। ऐसे मैसेज देखकर लोग झट से लिंक पर क्लिक कर देते हैं और मुफ्त का सामान पाने के चक्कर मछली की तरह जाल में फंस जाते हैं। यकिनन आपके पास भी ऐसे मैसेज जरूर आए होंगे। ज़रा कॉमन सेंस से सोचिए, बिना बच्चे के रोए तो मॉं भी दूध नहीं पिलाती, तो फिर आपको क्यों काई फ्री में ईनाम देकर जाएगा।
2. Spam Links
फिशिंग की तरह ही काम करता है स्पैम लिंक। यूजर्स को WhatsApp इत्यादि पर वेबसाइट्स के लिंक भेजे जाते हैं और उन्हें पढ़ने के लिए कहा जाता है। जैसे ही लोग लिंक पर क्लिक करते हैं तो वायरस या इनफेक्टिव फाइल्स फोन में सेव हो जाती है तथा सिस्टम को हैक कर लेती है। ये लिंक काफी हद तक अरिजनल प्रोडक्ट व वेबसाइट जैसे ही दिखते हैं जिस वजह पहचानना मुश्किल हो जाता है। ये जो त्यौहारों पर अपने नाम की बधाई वाली GIF बनाकर भेजी जाती है, ये भी स्पैम ही होती है। इसके अलावा रिपोर्ट, न्यूज, आर्टिकल, ऑफर या लॉटरी के रूप में भी स्पैम लिंक मैसेज आते हैं।
3. Malicious App
ऐसी मोबाइल ऐप्लीकेशन्स जो इन्फेक्टिड होती है यानि जिनमें वायरस छिपा होता है। जब भी कोई ऐसी ऐप फोन में इंस्टाल की जाती है तो ऐप के साथ साथ वायरस भी फोन में घुस जाता है और फोन हैक कर डाटा चुरा लेता है। ये ऐप्स मोबाइल गेम, वीडियो प्लेयर या TikTok जैसी वीडियो मेकिंग और फोटो एडिटिंग के रूप में भी मिल सकती है। इस ऐप्स अधिकतर थर्ड पॉर्टी ही होती हैं और आईफोन व एंडरॉयड के ऑफिशियल ऐप स्टोर पर इन्हें जगह नहीं दी जाती है।
4. Downloads
‘भाई.. वो नेटफ्लिक्स पर जो नई मूवी आई है वो है तेरे पास..?‘ इस तरह की बातें दोस्तों में अक्सर होती रहती है। और इन बातों की दूसरी या तीसरी लाईन यही है कि ‘सेंड कर दे’। इस तरह की मूवीज़, वीडियोज़ व गानें जब इंटरनेट से डाउनलोड किए जाते हैं तो साथ साथ हैकिंग का सामान भी साथ लेकर आते हैं। इंटरनेट पर अनेंको ऐसी वेबसाइट्स है जो वायरस इंफेक्टेड फाइल सर्व करती है। प्राइरेसी इस तरह के वायरस का सबसे बड़ा घर है।
5. Pop-Ups
इंटरनेट की दुनिया में ब्राउजिंग करते-करते कहां तक पहुॅंच जाते हैं पता नहीं चल पाता है। इस बीच कई वेबसाइट्स व वेबपेज पर तरह-तरह के पॉप-अप भी सामने आते रहते हैं। ये पॉप-अप इरिटेट तो करते हैं ही तथा साथ में हैकर्स को आपके मोबाइल में घुसने का भी रास्ता दिखा देते हैं। गलती से अगर किसी पॉप-अप पर क्लिक हो जाए तो कहीं पीछे नई टैब खुल जाती है और तक उस टैब तक पहुॅंच कर उसे बंद किया जाता है तब तक वायरस आपके सिस्टम में प्रवेश कर चुका होता है।
ऐसे करें बचाव
उपर बताए गए प्वाइंट्स पढ़कर ही आपको काफी हद तक समझ में आ गया होगा कि मोबाइल फोन को हैकिंग और डाटा चोरी से बचाने के लिए क्या करना चाहिए और किन चीजों से बचना चाहिए। कुछ गलतियां वाकई में काफी भारी पड़ सकती है लिहाजा हमें कुछ नई आदतें बनानी चाहिए और आगे बताए गए टिप्स को अपनाना चाहिए :
प्राइस मिलने या लॉटरी लगने जैसे जाली मैसेज को कभी ओपन नहीं करना चाहिए। वहीं साथ ही यदि ऐसे मैसेज आपके पास आए हैं तो उन्हें डिलीट कर देना चाहिए और जिसने मैसेज भेजा है उन्हें भी सावधान करते हुए मैसेज न फैलाने के लिए समझाना चाहिए।
ईमेल हो या व्हाट्सऐप बिना सही से चैक करें किसी भी तरह के लिंक को ओपेन नहीं करना चाहिए। ऐसे लिंक भेजने वाले व्यक्ति को भी लिंक फैलाने से रोकना चाहिए।
किसी भी तरह की कोई ऐप डाउनलोड करनी है तो हमेशा ऑफिशियल प्लेटफॉर्म का ही यूज़ करना चाहिए। थर्ड पार्टी ऐप्स व ऐपीके फाइल्स को फोन में डाउनलोड नहीं करना चाहिए।
कोई ऐप अगर फोन में इंस्टाल कर लेते हैं तो इस बात पर जरूर ध्यान देना चाहिए कि वह ऐप किस किस चीज की परमिशन मांग रही है। अगर आपको लगता है कि ऐप को यूज़ करने के लिए किसी फीचर की कोई जरूरत ही नहीं है तो ऐप को उसकी परमिशन नहीं देनी चाहिए।
किसी ऐप, मोबाइल गेम तथा फिल्म इत्यादि की पायरेटेड फाइल अपने फोन में न रखें। पाइरेसी को ना करें और ऐसी फाईल डाउनलोड करने वाले आपके दोस्तों को भी इसका खतरा समझाएं।
इनके अलावा अनजान व्यक्ति से मिले ईमेज, मैसेज को ओपन न करना। किसी व्यक्ति को फोन में फाईल ट्रांसफर न करने देना। बेवजह बीटा ऐप्स व फोन रूटिंग का यूज़ करना जैसी कुछ जरूरी बाते हैं जिनसे हमे बचना चाहिए और फोन को डाटा चोरी व हैकिंग से बचाकर रखना चाहिए।
रायपुर। सुप्रीम कोर्ट कॉलिजियम ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में अतिरिक्त न्यायाधीश जस्टिस विमला सिंग कपूर को स्थाई न्यायाधीश नियुक्त के प्रस्ताव को स्वीकार किया है. विमला सिंह कपूर छतीसगढ़ हाइकोर्ट में पहली आदिवासी महिला जज हैं।
बता दें कि इसके पहले बिलासपुर हाईकोर्ट में अतिरिक्त न्यायधीश बनाए जाने के बाद अपने शपथ ग्रहण के दौरान जस्टिस विमला सिंह कपूर ने कहा था कि यूं तो आदिवासी समाज में पढ़ाई-लिखाई का विशेष चलन नहीं है, लेकिन मैं अपने आपको खुशनसीब मानती हूं कि इस मुकाम तक पहुंची हूं. उन्होंने इसके लिए अपने माता-पिता, परिजनों और पूर्वजों को देते हुए कहा कि उनकी इच्छा यही है कि लोगों के हित के लिए काम करुं और वंचितों को न्याय दिलाने के लिए कुछ कर सकूं।
देशभर में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच दिल्ली हाई कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है और कहा है कि कार में अकेले सफर करने के दौरान भी मास्क लगाना अनिवार्य होगा। दिल्ली हाई कोर्ट ने कार को पब्लिक प्लेस बताया है और कहा है कि हर व्यक्ति को मास्क पहनना जरूरी है। देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर कोरोना वायरस का प्रकोप खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है और मंगलवार को 5100 नए केस सामने आए,जबकि 17 लोगों की मौत हुई।यह नवंबर 2020 के बाद दिल्ली में सबसे बड़ा आंकड़ा है. इससे पहले 27 नवंबर 2020 को दिल्ली में 5482 मामले सामने आए थे। दिल्ली में कोविड-19 के संक्रमितों की कुल संख्या 6 लाख 85 हजार 62 हो गई है,अब दिल्ली में कोरोना के एक्टिव केस की संख्या 17332 हो गई है।
दिल्ली में 30 अप्रैल तक नाइट कर्फ्यू
कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में 30 अप्रैल तक नाइट कर्फ्यू लगा दिया है,इसके तहत रात दस बजे से सुबह पांच बजे तक सिर्फ इमरजेंसी सर्विस देने वालों या वैक्सीन लेने जा रहे लोगों को घर से निकलने की इजाजत होगी,लेकिन इसके लिए ई-पास लेना जरूरी होगा।
गौरेला पेंड्रा मरवाही। शराब पीते वीडियो वायरल होने के बाद सहायक उप निरीक्षक, हवलदार एवं आरक्षक लाइन अटैच कर दिए गए हैं। पुलिस अधीक्षक जीपीएम ने तुरंत संज्ञान लिया है। जांच के आदेश दिए हैं। जानकारी के मुताबिक विगत दिवस सोशल मीडिया में थाना मरवाही के सहायक उप निरीक्षक व प्रधान आरक्षक के द्वारा रात्रि में शराब पीने का वीडियो वायरल हुआ था इसकी जानकारी जीपीएम पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार को होने के उपरांत इस कृत्य में सम्मिलित सहायक उप निरीक्षक अरविंद मिश्रा, प्रधान आरक्षक क्रमांक 18 पतिराम मरपच्ची एवं आरक्षक 79 दीप शंकर पैकरा को पुलिस अधीक्षक जीपीएम के द्वारा तत्काल प्रभाव से रक्षित केंद्र संबद्ध कर दिया गया है एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस मरवाही को तीन दिवस के भीतर उक्त कृत्य के संबंध में प्राथमिक जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने हेत निर्देशित किया गया है।
पुलिस अधीक्षक जीपीएम सूरज सिंह परिहार ने कहा है कि पुलिस की छवि को इस प्रकार खराब करने वाले कर्मचारियों को किसी प्रकार से भी नहीं बख्शा जावेगा जांच कराकर दंडात्मक कार्यवाही की जावेगी।
रायपुर। स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त संचालक डॉ सुभाष पांडे का निधन हो गया है. वे कोरोना से संक्रमित हो गए थे. उन्हें एम्स रायपुर में भर्ती कराया गया था, जहां उनका इलाज चल रहा था।
बता दें कि डॉक्टर सुभाष पांडेय जिंदाजिली के मिसाल थे. वे स्वास्थ्य विभाग के राज्य पीआरओ और संभागीय संचालक की जिम्मेदारी निभा रहे थे. कोरोना पॉजिटिव होने के बाद वे दो दिन पहले ही एम्स में भर्ती हुए थे. जहां उन्होंने अंतिम सांस ली. डॉक्टर पांडे के निधन से परिवार एवं विभाग में मातम पसर गया है।
आईएमए सदस्य एवं हॉस्पिटल बोर्ड के अध्यक्ष डॉ राकेश गुप्ता ने शोक प्रकट करते हुए कहा कि डॉ पांडेय अपने व्यवहार और काम से महेशा जिंदा रहेंगे, ये विभाग और लोगों के लिए बहुत बड़ी छति है, हमने एक और फ्रंड लाईन वर्कर खो दिया है, इस क्षण में भगवना परिजनों को दुख सहने की शक्ति दे. वहीं लोगों से अपील करते हुए लोगों से विनम्र अपील कर रहा हूं जरा सी लक्षण दिखने पर तत्काल जांच कराएं, लेट होने पर बचने का मौक कम हो जा रहा है।
वहीं साथ में काम करने वाले सहकर्मियों ने दुख जताते हुए कहा कि डॉ सुभाष पांडेय सबके हित के लिए लड़ने वाले थे. वे अच्छे काम करने वाले कर्मचारियों को मौका देने में नहीं चुकते थे. जिंदा दिली इतना की बया नहीं कर सकते हैं. निधन की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ. भरोसा नहीं हो रहा है।
खरसिया। दिनांक 11 अप्रैल से 14 अप्रैल के मध्य चलाए जा रहे कोविड-19 टीका उत्सव के तारतम्य में आज दिनांक 12 अप्रैल 2021 को शहीद वीर नारायण सिंह शासकीय महाविद्यालय जोबी जिला रायगढ़ के राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा टीका जागरूकता रैली निकाली गई रैली महाविद्यालय से प्रारंभ होकर नारे लगाते हुए जोबी ग्राम के प्रमुख चौक चौराहों से होते हुए कोविड-19 वैक्सीनेशन सेंटर पहुंची जहां नागरिकों को कोविड से बचाव एवं टीकाकरण के लाभ के बारे में स्वयंसेवकों द्वारा बताया गया , 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों को कोविड वैक्सीन लगाना अनिवार्य हैं इस बारे में लोगों को बताया गया रैली में महा विद्यालय के अध्यापक गण श्री राहुल राठौर डॉक्टर जसमिंदर विरदी लक्ष्मी केवट ,स्टाफ रानू चंद्रा ,महात्मा ,नेगी तथा कार्यक्रम अधिकारी रविंद्र थवाइत स्वयंसेवक हेमलता राठिया हेमलता मेहरा, संध्यामहंत, संजय कुमार, किस्मत लाल ,बबीता ,आरती, ज्योति ,शिव कुमारी, पदमा ने सक्रिय भाग लिया।
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने निजी अस्पतालों में कोविड-19 मरीजों के इलाज के लिए नई दरें निर्धारित की हैं।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 11 अप्रैल को अस्पताल संचालकों और चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निजी अस्पतालों में कोरोना के इलाज की नए दरें निर्धारित करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने आज संशोधित दरें जारी की हैं। विभाग द्वारा जारी नए आदेश के अनुसार एन.ए.बी.एच. (नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स) से मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों में मॉडरेट स्थिति वाले मरीजों के इलाज के लिए प्रतिदिन 6,200 स्र्पए का शुल्क निर्धारित किया गया है। इसमें सर्पोर्टिव केयर आइसोलेशन बेड के साथ ऑक्सीजन एवं पीपीई किट का खर्च शामिल है।
गंभीर स्थिति वाले मरीजों के उपचार के लिए रोजाना 12 हजार स्र्पए का शुल्क निर्धारित किया गया है। इसमें बगैर वेंटिलेटर के आईसीयू सुविधा शामिल है। अति गंभीर मरीजों के इलाज के लिए 17 हजार स्र्पए प्रतिदिन की दर निर्धारित की गई है। इसमें वेंटिलेटर के साथ आईसीयू सुविधा शामिल है। वहीं एन.ए.बी.एच. से गैर मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों के लिए मॉडरेट, गंभीर और अति गंभीर मरीजों के इलाज के लिए प्रतिदिन 6,200 स्र्पए, दस हजार स्र्पए एवं 14 हजार स्र्पए का शुल्क निर्धारित किया गया है। निजी अस्पतालों में कोविड-19 के इलाज में होने वाला व्यय मरीज को स्वयं वहन करना होगा।
राज्य शासन द्वारा निजी अस्पतालों में इलाज के लिए निर्धारित प्रतिदिन के शुल्क में पंजीयन शुल्क, बेड, नर्सिंग और बोर्डिंग चार्ज, सर्जन, एनेस्थेटिस्ट, डॉक्टर और कंसल्टेंट की फीस, एनेस्थेशिया, ब्लड-ट्रांसफ्यूजन, ऑक्सीजन, ओ.टी. चार्जेस, सर्जिकल उपकरणों का शुल्क, दवाई, मरीज का भोजन, प्रोस्थेटिक डिवाइस एवं इम्पलांट का खर्च शामिल है। मेडिकल प्रोसिजर, बेसिक रेडियोलॉजिकल इमेजिंग और एक्स-रे, सोनोग्राफी, हिमेटॉलॉजी पैथोलॉजी जैसे रेडियोलॉजी और पैथोलॉजी टेस्ट भी इनमें शामिल हैं। हाई-एंड रेडियोलॉजिकल डाइग्नोस्टिक, हाई-एंड हिस्टोपैथोलॉजी (बायोप्सीज) और एडवांस्ड सिरोलॉजी इन्वेस्टीगेशन्स पैकेज अलग से एड-ऑन पैकेज के रूप में उपलब्ध कराया जा सकता है।
● कुनकुनी अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझी, मामले में दो आरोपी गिरफ्तार….
● पुरानी रंजिश पर दो आरोपी मिलकर किये थे अधेड़ की हत्या….
● खरसिया पुलिस के साथ फारेंसिक टीम व डॉग स्कवॉड की अहम भूमिका….
● आरोपियों से धारधार गुप्ती, हंसिया व बाइक की जप्ती….
खरसिया। दिनांक 10-11/04/2021 की दरम्यानी रात थाना खरसिया अन्तर्गत ग्राम कुनकुनी, लोहाखान में हुई अधेड़ व्यक्ति के अंधे कत्ल के मामले को खरसिया पुलिस घटना के 24 घंटे अंदर सुलझा लिया गया है । मामले में दो आरोपियों से हत्या के लिये प्रयुक्त लोहे की धारधर गुप्ती, हंसिया व बाइक की जप्ती की गई है ।
जानकारी के अनुसार दिनांक 11.04.21 को ग्राम कुनकुनी में रहने वाले *दीपक कुमार (18 साल)* द्वारा उसके पिता की बीते रात किसी अज्ञात आरोपी द्वारा धारधार हथियार से गला रेत कर हत्या किये जाने की रिपोर्ट दर्ज कराया था । रिपोर्टकर्ता बताया कि प्रतिदिन की तरह पिता *परमानंद राठिया (उम्र 40 वर्ष)* घर के पास झोपड़ी में अकेले सोये हुये थे, सुबह जब मां उठी तो हमारे घर का दरवाजा बंद था । बहन (ज्योति राठिया) अपने मोबाईल फोन से चाचा सदानंद राठिया को फोन कर घर का दरवाजा खोलवाई । उसके बाद मां जाकर पिताजी को देखी खाट में सोये अवस्था में पड़े हुये थे, कोई अज्ञात व्यक्ति पिता के गले मे धारदार हथियार से मारकर हत्या कर दिया था । खरसिया पुलिस घटना के संबंध में अज्ञात आरोपी के विरूद्ध अप.क्र. 234/2021 धारा 302 IPC पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया ।
घटना की जानकारी पुलिस अधीक्षक रायगढ़ श्री संतोष कुमार सिंह को प्राप्त होने पर एफएसएल टीम के साथ पुलिस डॉग को खरसिया के लिये रवाना किया गया । थाना प्रभारी खरसिया निरीक्षक सुमंत राम साहू हमराह स्टाफ के साथ घटनास्थल पहुंचकर मृतक के घरवालों एवं आसपास के लोगों से एक-एक कर पूछताछ किया जा रहा था । मृतक के किसी के साथ झगड़ा विवाद होने के संबंध में पूछताछ पर जानकारी मिली कि कुनकुनी के शंकर लाल राठिया (42 वर्ष) व परमानंद राठिया के बीच कुछ दिनों पहले झगड़ा विवाद हुआ था । टीआई सुमत राम साहू संदेही शंकरलाल राठिया के घर पहुंचे और घटना के संबंध में पूछताछ किये तो शंकरलाल राठिया घटना से साफ इंकार किया । इसी दौरान टीआई साहू की नजर शंकरलाल के बाईक पर पड़ी जिसके दाहिने इंडिगेटर के ऊपर लाल खून का दाग जैसा दिखा । उसी समय पुलिस डॉग मृतक के घर (घटनास्थल) से स्मैल (गंध) लेकर बाइक तक पहुंची, मौके पर उपस्थित फारेंसिक टीम द्वारा इंडिगेटर पर खून होना बताया । शंकरलाल राठिया को देख पुलिस डॉग भौंकने लगा , जिसके बाद शंकरलाल राठिया की एक न चली और वह अपना जुर्म कबूल किया और घटना को अपने साथी पूरनलाल राठिया के साथ मिलकर करना बताया ।
आरोपी शंकरलाल राठिया बताया कि इसकी खेत परमांनद राठिया के घर के पास में है । खेत में लगी फसल को परमानंद का मवेशी खा गया था, इसी बात को लेकर दोनों में झगड़ा विवाद हुआ था, जिसका बाद में समझौता कर लिये थे । पिछले कई दिनों से खेत में सिंचाई के लिये लगाये गये पाईप को रात में कोई काट देता था , मुझे शंका हुआ कि परमानंद ही पाईप को काटता है । अक्सर खेत को देखने गांव के पूरनलाल के साथ जाता था जिसे परमानंद के साथ झगड़ा विवाद को बताया था । रोज के झगड़ा विवाद को समाप्त करने दोनों मिलकर परमानंद की हत्या करने की ठान लिये और दिनांक 10.04.2021 की रात बाइक पर परमानंद के झोपड़ी पहुंचे । हत्या के लिये शंकरलाल राठिया लोहे का हंसिया और पूरन राठिया चाकूनुमा गुप्ती पकड़ा था । झोपड़ी पर सोये अवस्था में परमानंद के गले पर धारधार हंसिया से काटे तो परमानंद उठाकर संघर्ष करने लगा तब उसके पीठ में गुप्ती से 3-4 बार मारे और दोबारा गले को रेत कर उसकी हत्या कर बाइक लेकर डेम गये । जहां डेम में शंकर अपने खून लगे कपड़ो को धोकर नहाया और हंसिया, पेंट को डेम के पास छिपाकर बाइक लेकर घर आ गया । आरोपी शंकरलाल राठिया के मेमोरेंडम पर डेम के पास छिपाये हंसिया और उसके कपड़े तथा घर से सोल्ड पल्सर बाइक एवं आरोपी पूरनलाल राठिया के मेमोरेंडम पर चाकूनुमा गुप्ती और रक्त रंजित कपड़े बरामद किया गया है । घटना में शामिल दोनों आरोपी (1) शंकर लाल राठिया पिता गोवर्धन राठिया 42 वर्ष ग्राम कुनकुनी (2) पूरन लाल राठिया पिता करम साय राठिया 28 वर्ष ग्राम कुनकुनी थाना खरसिया को हत्या के अपराध में गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा जा रहा है । मामले के शीघ्र पटाक्षेप में पुलिस अनुविभागीय अधिकारी खरसिया श्री पितांबर पटेल के सुपरविजन में थाना प्रभारी खरसिया सुमंत राम साहू के साथ एफएसएल टीम, पुलिस डॉग व खरसिया पुलिस की अहम भूमिका रही है ।