Author: Sunil Agrawal

  • त्रिपुरा के DM शैलेश यादव हुए सस्पेंड, शादी में लट्ठ चलवाने व रिश्तेदारों को बेईज्जत करने का आरोप…

    त्रिपुरा के DM शैलेश यादव हुए सस्पेंड, शादी में लट्ठ चलवाने व रिश्तेदारों को बेईज्जत करने का आरोप…

    शादी में लट्ठ चलवाने वाले, परिवार व् रिश्तेदारों को खुलेआम बेइज्जत, बेहूदगी से बात करने वाले त्रिपुरा वेस्ट के जिलाधिकारी ( डीएम ) शैलेश यादव सस्पेंड कर दिए गए हैं, दरअसल सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें डीएम साहब कोरोना के कारण एक शादी समारोह को बेहद ही गलत ढंग से रुकवा रहे थे, बारातियों पर पुलिस से लठ भंजवा रहे थे, दूल्हे व् उसके रिश्तेदारों से बेहूदगी से बात कर रहे थे. वीडियो वायरल होने के बाद त्रिपुरा के कई भाजपा विधायकों ने मुख्यमंत्री विप्लब देब को पत्र लिखकर डीएम शैलेश यादव को सस्पेंड करने की मांग की, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, डीएम साहब अब सस्पेंड कर दिए गए हैं।
    वायरल वीडियो में डीएम शैलेश यादव कहते हैं कि ‘शादी में उपस्थित सभी लोगों ने सीआरपीसी की धारा 144 का उल्लंघन किया है. सभी पर कार्यवाही की जाएगी, बताया जा रहा है कि 30 से ज्यादा लोगों की गिरफ़्तारी हुई थी, लेकिन बाद में सभी को छोड़ दिया गया. इस घटना के बाद पश्चिम त्रिपुरा की सांसद और भाजपा नेता प्रतिमा भौमिक ने कहा कि वह दुल्हन के रिश्तेदारों से मिलने जाएंगी और उनसे इस घटना के बारे में बात करेंगी। कल रात जो हुआ वह सबसे ज्यादा अवांछित है। ऐसा नहीं होना चाहिए था. सुदीप रॉय बर्मन, आशीष कुमार साहा और सुशांत चौधरी सहित कई भाजपा विधायकों ने मुख्य सचिव मनोज कुमार को पत्र लिखकर डीएम को हटाने की मांग की थी।

    वायरल वीडियो में डीएम शैलेश यादव काफी गुस्से में भी दिखे। इस दौरान डीएम ने कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन कर रहे लोगों को वहां से भगा दिया। इतना ही नहीं डीएम शैलेश यादव ने दूल्हे को भी धक्के मारकर बाहर निकाल दिया। साथ ही डीएम शैलेश ने कई लोगों के साथ अभद्रता भी की। इस दौरान डीएम शैलेश यादव ने भाषाई स्तर पर भी सारी सीमाओं को लांघ दिया।

    सोशल मीडिया पर कड़ी आलोचना होने के बाद डीएम शैलेश कुमार यादव ने माफ़ी मांगी, उन्होंने कहा, सोमवार रात जो कुछ हुआ, उसके लिए मैं माफ़ी माँगता हूँ, मेरा इरादा किसी की भावनाओं को आहत या अपमानित करना नहीं था।

  • राज्यों के लिए अच्छी खबर, 300 रुपए में मिलेगी ‘कोविशील्ड’ वैक्सीन….

    राज्यों के लिए अच्छी खबर, 300 रुपए में मिलेगी ‘कोविशील्ड’ वैक्सीन….

    दिल्ली। राज्यों के लिए कोरोना वैक्सीन को लेकर अच्छी खबर सामने आई है. सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने कोविशील्ड की कीमत में 25 प्रतिशत तक कम करने का फैसला लिया है. सीरम के सीईओ अदार पूनावाला ने रेट कम करने का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि राज्यों के लिए कोविशील्ड की कीमत 300 रुपए कर दिया गया है।

    सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड को 70 प्रतिशत तक प्रभावी बताया गया है, लेकिन ये 90 प्रतिशत से भी ज्यादा असरदार हो सकती है. देश में वैक्सीनेशन की प्रक्रिया में तेजी लाने की जरूरत है. जिससे कोरोना को जल्द से जल्द मात दिया जा सके. क्योंकि कई देश वैक्सीनेशन के जरिए ही कोरोना को हराने में सफल हुए हैं।

    बता दें कि भारत में कोरोना वायरस संक्रमण भयावह रूप ले चुका है. संक्रमण की रफ्तार से हालात दिनों दिन बिगड़ते जा रहे हैं. भारत अब तक महामारी में अपने सबसे कठिन क्षण से गुजर रहा है. रोजाना कोविड-19 मामलों में रिकॉर्ड उछाल देखा जा रहा है. पिछले कुछ हफ्तों में भारत में जानलेवा वायरस की वजह से हजारों लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि पिछले करीब एक हफ्ते से लगातार देश में 3 लाख से ज्यादा कोरोना के नए मरीज मिल रहे हैं. बिगड़ते हालातों को लेकर केंद्र और राज्य सरकारें चिंतित हैं।

  • पत्रकारो की शुरू हुई वर्चुअल बैठक, पत्रकार के विरुद्ध एफआईआर के खिलाफ एकजुट होने लगा प्रेस क्लब ,लिया ये फैसला …

    पत्रकारो की शुरू हुई वर्चुअल बैठक, पत्रकार के विरुद्ध एफआईआर के खिलाफ एकजुट होने लगा प्रेस क्लब ,लिया ये फैसला …

    रायगढ़। कोरोना संक्रमण के इस आपातकाल में जहाँ एक ओर शासन प्रशासन के साथ पूरे देश के पत्रकार देश को इस विषम परिस्थितियों से बाहर निकालने कंधे से कंधा मिलाकर एक साथ खड़े नजर आ रहे है।वही दूसरी ओर रायगढ़ जिले के लैलूँगा से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है।जिसमें संक्रमण फैलने के अंदेशे को लेकर एक राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित प्रशासन को जागरूप करने संबंधी समाचार के बाद उल्टे स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने इसे प्रशासन का मनोबल तोड़ने जैसा कृत्य बताकर लैलूँगा थाने में संबंधित पत्रकार के खिलाफ इसकी लिखित शिकायत की है।जबकि खबर प्रकाशन के रोज ही उसी मामले को लेकर स्थानीय प्रशासन की एक कार्यवाही से उस समाचार की सत्यता पर मुहर लग चुकी है।और उस पूरी कार्यवाही को खबर का असर बताया जा रहा है।


    बहरहाल इस मामले को लेकर पत्रकार को ही निशाना बनाकर उसके खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर के बाद पूरे जिले के पत्रकारों में रोष व्यपात है।और उनके द्वारा कड़े शब्दों में इसकी निंदा की जा रही है।


    दरअसल रायगढ़ जिले में14 अप्रैल से लगाए गए लाकड़ाऊंन के बाद के बाद जिले के लैलूँगा थाना क्षेत्र के गांवों और सीमावर्ती राज्य एवम जिलों से महुवा कोचियों द्वारा पसरे लगाकर भीड़भाड़ इकट्ठा करने की खबर आ रही थी।और लॉकडाउन के इस समय में सरहदी इलाकों में चल रही इस प्रकार की गतिविधियों से ग्रामीण इससे संक्रमण फैलने का अंदेशा जताते हुए काफी डरे हुए थे।जिसे संज्ञान में लेकर दैनिक पत्रिका के प्रतिनिधि आशुतोष मिश्रा ने मौका मुआयना कर इस पूरे मामले से जिला पुलिस अधीक्षक को अवगत कराते हुए।18 अप्रैल के अंक में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था।जिसके बाद उसी रोज लैलूँगा तहसीलदार द्वारा अवैध रूप से महुआ से लदी एक पिकअप वाहन और उसके मालिक की धरपकड़ कर एफआईआर दर्ज कराई गई।

    जो कि 14 अप्रैल को लगे लॉकडाउन के बाद इस मामले में अधिकारियों की पहली कार्यवाही थी।बताते चले कि खबर में वाहनों की धरपकड़ कर उन्हें छोड़े जाने का उल्लेख किए जाने से बौखलाकर तहसीलदार द्वारा संबंधित पत्रकार को एसडीएम आफिस बुलाकर काफी खरी खोटी सुनाई थी।जबकि 15 अप्रैल को अवैध महुवे से लदा एक वाहन थाने तक लाकर उसे बिना किसी कार्यवाही के छोड़ दिया गया था।

    (वाट्सअप ग्रुप में वायरल एक अन्य मैसेज की आड़ में जबरन बनाया जा रहा पत्रकार को निशाना)

    इस पूरे मामले में पत्रकार के खिलाफ की गई कार्यवाही इस लिए विवादों से घिरी हुई है।क्योकि किसी अन्य व्यक्ति द्वारा वायरल किए गए मैसेज को लेकर अधिकारियों द्वारा संबंधित पत्रकार को निशाना बनाने की कोशिश की गई है।वायरल मैसेज में अधिकारियों के खिलाफ जो टिप्पणी की गई है।वो छब्बीस अप्रैल को की गई है।और समाचार का प्रकाशन 18 अप्रैल के अंक में हुआ था। और तहसीलदार द्वारा उस मैसेज को जरिया बनाकर पत्रकार से भड़ास निकालने को कोशिश की गई है।जबकि पत्रकार द्वारा अधिकारियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की टीका टिप्पणी नही की गई।

    (पत्रकारों ने जताई गहरी नाराजगी)

    पत्रकार आशुतोष मिश्रा पर हुए एफआईआर पर लैलूंगा के सभी पत्रकारों ने नाराजगी जाहिर करते हुए निंदा प्रस्ताव पारित किया साथ ही जांच कर उचित कार्यवाही की मांग भी की है । विदित हो की विगत 27.04.2021 को लैलूंगा के एसडीएम तहसीलदार नायब तहसीलदार सीईओ जनपद पंचायत, सीएमओ नगर पंचायत द्वारा सामूहिक रूप से थाने में शिकायत की गई थी जिसमे जितेंद्र ठाकुर एवम आशुतोष मिश्रा पर एफआईआर करने आवेदन दिया गया था आवेदन में आशुतोष मिश्रा पर 18.04.2021 को लेख कर दैनिक समाचार पत्र में प्रशासन के विरुद्ध टिप्पणी किया गया है इसमें प्रशासन की छवि धूमिल करने का जनबुच कर प्रयास किया गया है ये जिक्र करते हुए थाना प्रभारी को एफआईआर करने आवेदन दिया था साथ ही एक लेख जो व्हाट्सएप ग्रुप में लिखा गया था जिसमे उन्होंने ,और जनप्रतिनिधियों का क्या? उन्हें क्या इन सब की जानकारी नहीं है फिर वो क्यों चुप्पी साधकर तमाशा देख रहे हैं मुख्यालय में जो तमाशा चल रहा है ना उससे सीधे सीधे सरकार की छवि धूमिल हो रही है।, का जिक्र किया था जिस पर थाना प्रभारी द्वारा भा द स की धारा 353,186,188,506,34
    के तहत फिर दर्ज किया गया है।

    (जिला कलेक्टर और एसपी से की जाएगी निष्पक्ष जांच की मांग)

    समस्त पत्रकारों के द्वारा कान्फ्रेस कॉल के माध्यम से चर्चा कर इसका विरोध करने का निर्णय लिया गया जिसमे आशुतोष मिश्रा पर हुए एफआईआर को एक पक्षीय कार्यवाही मानते हुए निंदा प्रस्ताव पारित किया गया साथ ही इस कार्यवाही पर पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर महोदय से चर्चा कर निस्पक्ष जांच कराने की मांग का निर्णय लिया गया जिसकी प्रतिलिपि महामहिम राज्यपाल , आई जी बिलासपुर रेंज, कलेक्टर रायगढ़ पुलिस अधीक्षक रायगढ़ के साथ जिला प्रेस एसोसिएशन एवम् प्रेस क्लब रायगढ़ को भी भेजा जाएगा जिनके मार्गदर्शन में अग्रिम रणनीति तैयार की जाएगी । इस निर्णय में लैलूंगा के सभी वरिष्ठ पत्रकार शामिल रहे ।

  • वाहन संचालको के मनमानी रकम वसूलने पर लगेगी रोक,कोरोना मरीज और शव ले जाने वाले वाहनों का किराया तय ..

    वाहन संचालको के मनमानी रकम वसूलने पर लगेगी रोक,कोरोना मरीज और शव ले जाने वाले वाहनों का किराया तय ..

    रायपुर। राजधानी रायपुर में कोरोना का कहर जारी है. ऐसे में कोरोना मरीज और शवों को ले जाने के लिए निजी वाहन संचालक लोगों से मनमानी रकम वसूलते थे, जिसे लेकर प्रशासन एक्शन मोड में है. कोरोना मरीजों और उनके परिजनों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए अब किराया तय कर दिया गया है. रायपुर में किलोमीटर के हिसाब से किराया तय किय़ा गया है. अब एंबुलेंस और निजी वाहन संचालक लोगों को परेशान नहीं कर सकेंगे।

    स्वास्थ्य कारणों से मरीजों के आवागमन और कोविड-19 पॉजिटिव/ संदिग्ध व्यक्तियों की मौत के बाद पार्थिव शरीर के परिवहन के लिए निजी एम्बुलेंस की आवश्यकता पड़ती है.एम्बुलेंस के रूप में प्रयुक्त वाहन का अधिकतम किराया निम्नानुसार शर्तों के अधीन निर्धारित किया गया है।

    पेट्रोल-डीजल वाहन मालिक देगा

    बता दें कि प्रशासन के मुताबिक पेट्रोल-डीजल वाहन मालिक द्वारा देय होगा.  वाहन चालक का समस्त व्यय (वेतन भत्ता आदि) संबंधित वाहन मालिक द्वारा देय होगा. कार्यालय राज्य शिष्टाचार अधिकारी, छत्तीसगढ़ रायपुर द्वारा निर्धारित शर्तो को मान्य करना होगा.

  • स्वास्थ्य विभाग में अधिकारियों के तबादले..डॉ. वाई. के. शिंदे बनाये गए रायगढ़ के प्रभारी सिविल सर्जन..

    स्वास्थ्य विभाग में अधिकारियों के तबादले..डॉ. वाई. के. शिंदे बनाये गए रायगढ़ के प्रभारी सिविल सर्जन..

    रायपुर। सरकार ने पांच स्वास्थ्य अफसरों के प्रभार बदले हैं। इस कड़ी में प्रभारी संभागीय स्वास्थ्य संचालक डॉ. मधुलिका सिंह को मुंगेली सीएमएचओ का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

  • हॉस्पिटल में ड्यूटी से नदारद 8 डॉक्टर्स को नोटिस, कलेक्टर ने कहा- “तुरंत हाजिर हों, वरना पंजीयन होगा रद्द”….

    हॉस्पिटल में ड्यूटी से नदारद 8 डॉक्टर्स को नोटिस, कलेक्टर ने कहा- “तुरंत हाजिर हों, वरना पंजीयन होगा रद्द”….

    दुर्ग। प्रदेश में कोविड संकट को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यक स्थिति के चलते एस्मा एक्ट लागू है। कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए मरीजों के इलाज एवं अन्य स्वास्थ्य सेवाओं हेतु विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सा अधिकारियों की ड्यूटी 21 अप्रैल से चंदूलाल चंद्राकर हास्पिटल में लगाई गई थी।

    इनमें 8 चिकित्सा अधिकारिया को अब तक उपस्थिति नहीं देने के कारण कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने शो काज नोटिस जारी किया है। कलेक्टर ने इन्हें प्रदेश में प्रभावी एस्मा एक्ट के अंतर्गत ड्यूटी में तत्काल उपस्थित होने के निर्देश दिये हैं।

    अन्यथा की स्थिति में महामारी एक्ट के अंतर्गत इनका पंजीयन रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि राज्य में 15 अप्रैल से एस्मा एक्ट लागू है जिसके तहत समस्त स्वास्थ्य सुविधाएं तथा डाक्टर, नर्स एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को आवश्यक सेवाओं में शामिल किया गया है।

  • कोरोना के लक्षण के साथ निगेटिव रिपोर्ट लिए आ रहे मरीजों के इलाज के लिए क्या है व्यवस्था जानिए…

    कोरोना के लक्षण के साथ निगेटिव रिपोर्ट लिए आ रहे मरीजों के इलाज के लिए क्या है व्यवस्था जानिए…

    रायपुर। राज्य के शासकीय डेडिकेटेड कोविड अस्पतालों, कोविड केयर सेंटर और विभिन्न स्वास्थ्य संस्थाओं में ऐसे मरीजों के लिए भी बेड की व्यवस्था की गई है. जिनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव है या जिनके पास कोरोना जांच की रिपोर्ट नहीं है. फिर भी उनमें कोविड के लक्षण नजर आ रहे हैं. ऐसे लोगों के लिए राज्य के सभी जिलों में कुल 1322 आइसोलेशन बेड की व्यवस्था की गई है. आवश्यकतानुसार मरीज़ों को भर्ती कर उपचार किया जा रहा है।

    राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संचालक और कोविड प्रबंधन के ट्रीटमेंट वर्टिकल की प्रभारी डॉ. प्रियंका शुक्ला ने बताया कि राज्य के सभी जिलों में कुल 1322 आइसोलेशन बेड की व्यवस्था की गई है. जिनकी निगेटिव रिपोर्ट है और उनमें कोरोना के लक्षण है, उनका इलाज किया जाएगा।

    • दुर्ग जिले में 263 बेड
    • बेमेतरा में 200 बेड
    • रायपुर में 158 बेड
    • बस्तर में 141 बेड
    • कोरिया में 75 बेड
    • राजनांदगांव में 66 बेड
    • धमतरी में 55 बेड
    • रायगढ़ में 46 बेड
    • नारायणपुर में 30 बेड
    • जांजगीर चांपा में 30 बेड
    • मुंगेली में 28 बेड
    • कबीरधाम में 25 बेड
    • कोंडागांव में 20 बेड
    • बिलासपुर में 20 बेड
    • कोरबा में 18 बेड
    • बलोदाबाजार में 16 बेड
    • बलरामपुर में 15 बेड
    • जशपुर में 14 बेड
    • दंतेवाड़ा में 12 आइसोलेशन बेड रखे गए हैं.
    • बालोद, बीजापुर, गरियाबंद, गौरेला पेंड्रा मरवाही, कांकेर, महासमुंद, सुकमा सूरजपुर और सरगुजा जैसे प्रत्येक ज़िले में 10-10 आइसोलेशन बेड रखे गए हैं।
  • हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को दिया निर्देश, राज्य में किसी की भी न हो ऑक्सीजन की कमी से मौत…

    हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को दिया निर्देश, राज्य में किसी की भी न हो ऑक्सीजन की कमी से मौत…

    बिलासपुर। कोरोना प्रबंधन से जुड़े मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से ऑक्सीजन की कमी से राज्य के किसी व्यक्ति की जान न जाए इसके लिए जरूरी कदम उठाने को कहा है. इसके लिए वर्तमान और भविष्य में ऑक्सीजन की जरूरत को देखते हुए राज्य सरकार से सभी संबंधित पक्षों से चर्चा करने को कहा है. न्यायालय ने इस संबंध में राज्य सरकार को स्टेटस रिपोर्ट जमा करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है।

    हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस पीआर रामचंद्र मेनन और जज पार्थ प्रीतम साहू की बेंच ने प्रदेश में कोरोना प्रबंधन को लेकर जनहित याचिका की सुनवाई करने के बाद शुक्रवार को फैसला सुरक्षित रख लिया था. सोमवार को याचिका पर हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाया. इसमें निजी अस्पतालों में कोविड की जांच और उपचार की ऊंची दर को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार से निजी अस्पतालों में उपचार के लिए दर निर्धारित करने को कहा, जिससे किसी भी मरीज का शोषण न हो।

    इसके अलावा कोविड से जूझने के लिए रायपुर में एक केंद्रीयकृत व्यवस्था तैयार करने को कहा, जिससे प्रदेश के तमाम जिलों के सीएमएचओ जुड़े रहेंगे. इसके साथ तमाम जिलों में सरकारी और निजी अस्पतालों में खाली बिस्तरों की जानकारी उपलब्ध होगी, जिससे किसी जिले में कोरोना मरीज को बिस्तर नहीं मिलने पर दूसरे जिले में बिस्तर की व्यवस्था की जा सके. इसके अलावा जिला अस्पतालों में हेल्प डेस्क बनाने का निर्देश दिया गया, जहां एक माउस क्लिक पर खाली बिस्तरों की जानकारी उपलब्ध रहेगी, जिससे मरीज को भटकना नहीं पड़े।

  • बाइक सवार युवक को मारी टक्कर , एएसआई के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर…

    बाइक सवार युवक को मारी टक्कर , एएसआई के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर…

    रविवार की सुबह विष्णुपाली चौक के पास डोंगरीपाली पुलिस की गाड़ी ने बाइक सवार को जोरदार ठोकर मार दी थी। मामले में पीड़ित पक्ष सोमवार को रिपोर्ट दर्ज कराने थाने पहुंची थी। पीड़ित और गवाहों का बयान लेने के बाद पुलिस ने एएसआई के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है।
    पेट्रोलिंग के लिए स्कॉर्पियो क्रमांक सीजी 13 यूडी 9118 में सवार होकर चार पुलिसकर्मी निकले थे। वाहन एएसआई रामकुमार मानिकपुरी चला रहा था। एएसआई 120 की रफ्तार से वाहन को दौड़ा रहा था। तेज एवं लापरवाही पूर्वक वाहन चलाने की वजह से नियंत्रण खो दिया और स्कार्पियो बाइक क्रमांक सीजी 13 जेड 5477 को रोड किनारे खड़ी कर बाबनो पिता सेवकराम भोई फोन में बात कर रहा था। आरोपी चालक उसे अपनी चपेट में ले लिया था। इससे युवक 5 फीट ऊपर उछल कर दूर में गिरा। स्कॉर्पियो 50 मीटर घसीटते हुए दूर जाकर खड़ी हुई। फिर पुलिसकर्मी वाहन से उतरे और 112 की मदद से युवक को सीएचसी बरमकेला भेजा था। अभी भी युवक के सीने में दर्द हो रहा है। लोगों की आवाजाही कम होने के बाद वहां से भागे। (जैसा घटना में घायल हुए युवक ने बताया)। फिलहाल पुलिस ने आरोपी चालक एएसआई रामकुमार मानिकपुरी के खिलाफ धारा 279, 337 के तहत अपराध दर्ज किया है।

    नुकसान की भरपाई करे एएसआई

    घटना से युवक की बाइक क्षतिग्रस्त हो गई है। अगला चक्का, हेड लाइट टूट गया है। बाइक को ढाई तीन महीने पहले खरीदा था। बाइक का पूरा पैसा भी नहीं पटा है। कुछ इंस्टॉलमेंट बचा हुआ है। इससे बीमा का लाभ भी नहीं मिलेगा। क्षतिग्रस्त बाइक की नुकसानी की भरपाई पुलिस को करनी होगी, ऐसा युवक का कहना है। सूत्रों के मुताबिक यदि कोई वाहन हादसे का शिकार होता है तब क्षतिपूर्ति देने का प्रावधान है। कानून के जानकार बताते हैं कि घटनाकारित वाहन का चालक या फिर वाहन मालिक को हर्जाना भरना पड़ता है।

    छह महीने की कैद जप्त होगा वाहन

    एक्सीडेंट केस में घटना को अंजाम देने वाले आरोपी को छह महीने की कैद और जुर्माना का प्रावधान है। हालांकि यह धारा जमानती है। इसलिए आरोपी एएसआई को जेल तो नहीं हो सकता है, लेकिन जुर्माना जरूर भरना होगा। यही नहीं घटनाकारित स्कार्पियो की भी जप्ती का प्रावधान है। लिहाजा अब पुलिस वाहन का इस्तेमाल नहीं कर सकती है। कोर्ट में प्रकरण की सुनवाई के दौरान वाहन मालिक को उपस्थित होना पड़ेगा। यह लंबी प्रक्रिया होती है। कोर्ट में वाहन का सही इस्तेमाल साबित होने के बाद ही मालिक को सौंपा जाएगा, ऐसा विधि के जानकारों का कहना है।

  • राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तक पहुचेगा अधजली लाशों के मामला,अफसरों पर महामारी एक्ट के तहत FIR दर्ज की मांग…

    रायपुर। रायपुर के सड्‌डू इलाके के श्मशान घाट में अधजली लाशों को कुत्ते खा रहे थे। ये मामला अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तक पहुंचेगा। जनता कांग्रेस नेता प्रदीप साहू ने बताया कि कोविड के इस संकट काल में प्रदेश में जिंदा इंसानों को सही इलाज नहीं मिल रहा और मौत के प्रशासन सही ढंग से अंतिम संस्कार नहीं कर रहा। इसी वजह से सड्‌डू इलाके में ये हालात बने। अब इस मामले में हम राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, राज्य मानवाधिकार आयोग, प्रदेश की राज्यपाल और मुख्यमंत्री से सुधार की मांग कर रहे हैं। हम ये भी मांग कर रहे हैं, इस तरह से कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन कर श्मशान में अधजली लाशें छोड़ने वाले अफसरों पर भी महामारी एक्ट के तहत FIR दर्ज की जाए।

    कोविड संक्रमण से होने वाली मौत के बाद भी शव यहां लाए जा रहे हैं।

    कोविड संक्रमण से होने वाली मौत के बाद भी शव यहां लाए जा रहे हैं।

    यह है पूरा मामला
    करीब 4 से 5 दिन पहले रायपुर के सड्‌डू स्थित कुशाभाऊ ठाकरे वार्ड से श्मशान में अधजली लाशों के टुकड़े कुत्ते खा रहे थे। इसका वीडियो भी सामने आया था। मामले में इलाके के लोगों ने कलेक्टर के नाम शिकायती खत लिखा। आवाज उठाने पर क्षेत्र के दो युवकों अजय देवांगन और इसके साथी पर झूठी जानकारी फैलाने का केस दर्ज कर दिया गया। ये FIR विधानसभा थाने में अब भी दर्ज है। नगर निगम और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने ये दावा किया कि वीडियो कहीं और का है, जबकि सड्‌डू के श्मशान के पास रहने वाले लोग भी वीडियो में साफ कहते दिख रहे हैं कि यहां लाशों के टुकड़े कुत्ते लेकर भाग जाते हैं, क्योंकि अंतिम संस्कार सही ढंग से नहीं हो रहा।

    तस्वीर में कुत्ते इंसानी मांस के टुकड़ों के साथ हैं और पीछे दीवार लिखा है सड्डू। नगर निगम के अफसर इस बात का दावा कर रहे हैं ये किसी और जगह का है मामला है।

    तस्वीर में कुत्ते इंसानी मांस के टुकड़ों के साथ हैं और पीछे दीवार लिखा है सड्डू। नगर निगम के अफसर इस बात का दावा कर रहे हैं ये किसी और जगह का है मामला है।

    पूरे इलाके में संक्रमण फैलने का खतरा
    सड्‌डू के जिस श्मशान घाट में ये घटना हुई। इसके आस-पास की बस्ती में दर्जनों परिवार रहते हैं। क्षेत्र की महिलाओं ने बताया कि नगर निगम के लोग शवों को लेकर आते हैं, आधी-अधूरी लकड़ी से ही शव जला देते हैं। इसके बाद चूंकि शव ठीक तरह से जल नहीं पाते, इसलिए उनके टुकडे लेकर कुत्ते इधर-उधर भागते हैं। कभी हमारे घर के पास किसी का हाथ मिलता है कभी किसी का पैर। हमारे भी छोटे बच्चे हैं पूरे इलाके में संक्रमण फैलेगा हमारा जीना मुश्किल हो गया है।