Author: Sunil Agrawal

  • राहुल गांधी ने कहा “ब्लू टिक के लिए मोदी सरकार लड़ रही है- कोविड टीका चाहिए तो आत्मनिर्भर बनो!”

    राहुल गांधी ने कहा “ब्लू टिक के लिए मोदी सरकार लड़ रही है- कोविड टीका चाहिए तो आत्मनिर्भर बनो!”

    कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार बीजेपी पर निशाना साधने का काम कर रहे हैं. उन्होंने ब्लू टिक को लेकर चल रहे विवाद के बीच कहा कि सरकार को ब्लू टिक के लिए लड़ लेगी, जिसे टीका चाहिए तो आत्मनिर्भर बनो. इसके साथ ही उन्होंने हैशटैग प्रायोरिटी (#Priorities) का भी इस्तेमाल किया. देश में कोरोना के मामले भले ही कम हो गए हों लेकिन, अभी भी सरकार को इसके लिए लगातार काम करना होगा।

    ट्विटर ने हाल ही में अपनी Blue Tick वेरीफिकेशन प्रोसेस को दोबारा शुरू किया है और इसके साथ ही उसने पुराने हैंडल्स को क्रॉस-चेक करते हुए Blue Tick को हटाना शुरू किया है. इसे प्राप्त करने के लिए, आपका खाता ऑथेंटिक, नोटेबल और सक्रिय होना चाहिए. Blue Tick का उद्देश्य वेरीफाइड करने के लिए ट्विटर के साथ एक अकाउंट की पहचान की पुष्टि करके प्लेटफॉर्म पर यूजर्स के बीच विश्वास को प्रोत्साहित करना और बनाए रखना है।

    राहुल के ट्वीट के तुरंत बाद भाजपा नेता व सांसद प्रो. राकेश सिन्हा ने जवाब दिया. भाजपा नेता ने राहुल के ट्वीट पर लिखा कि आप आज कल कहां हैं (Twitter के अलावा)?

  • राजधानी रेलवे स्टेशन की पार्किंग में मिली युवक की लाश, मचा हड़कंप, जांच में जुटी पुलिस…

    राजधानी रेलवे स्टेशन की पार्किंग में मिली युवक की लाश, मचा हड़कंप, जांच में जुटी पुलिस…

    रायपुर। राजधानी रायपुर के रेलवे स्टेशन की पार्किंग में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब यहां एक युवक की लाश संदिग्ध अवस्था में मिली। बताया जा रहा है कि लाश तीन से चार दिन पुरानी है और उसके शरीर पर चोट के निशान पाए गए हैं। चोट के निशान को देखते हुए इस बात की आशंका जताई जा रही है कि किसी ने हत्या कर लाश फेंक दी है। फिलहाल सूचना मिलने से मौके पर पहुंची पुलिस मर्ग कायम कर शव की शिनाख्त करने में जुट गई है।
    मिली जाानकारी के अनुसार मामला GRP थाना इलाके का है, जहां रविवार दोपहर रेलवे स्टेशन की पार्किंग में अज्ञात युवक की लाश मिली है। फिलहाल युवक की शिनाख्त नहीं हुई है। युवक की लाश पर चोट के निशान पाए गए हैं, जिसके बाद हत्या की आशंका जताई जा रही है।

  • 3 आरोपी चढ़े राजधानी पुलिस के हत्थे, बेंगलूर में हुई किडनैपिंग और हत्या का छत्तीसगढ़ कनेक्शन…

    3 आरोपी चढ़े राजधानी पुलिस के हत्थे, बेंगलूर में हुई किडनैपिंग और हत्या का छत्तीसगढ़ कनेक्शन…

    रायपुर। बेंगलुरु के हेपागुड़ा थाना आम इलाके में शुक्रवार को 9 साल की मासूम का अपहरण और हत्या का मामला सामने आया था। केस में बेंगलुरु पुलिस और रायपुर पुलिस ने रायपुर के टिकरापारा से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
    जानकारी के मुताबिक रायपुर एसएसपी द्वारा गठित की गई विशेष टीम ने टिकरापारा इलाके में छिपे हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपियों के नाम मोहम्मद रिजवान, मोहम्मद सिराज और मोहम्मद नौशाद है।

    यह है पूरा मामला

    बता दें कि बीते शुक्रवार को 9 साल की मासूम का अपहरण किया गया था और बाद में उसकी हत्या कर दी गई थी। आरोपी 25 लाख रुपए की डिमांड कर रहे थे और डिमांड जल्द पूरी नहीं किया जाने पर बच्ची की हत्या कर देने के बात कह रहे थे।

    ऐसे हुआ खुलासा

    फिरौती के लिए कॉल आने पर बेंगलुरु पुलिस कॉल रिकॉर्ड की जांच की जिस पर पता चला कि फिरौती के लिए कॉल रायपुर से किया गया था। जिस पर आरोपियों का  पुलिस जल्द ही आरोपियों को कोर्ट में पेश करने जा रही है। इसके बाद ट्रांजिट वारंट लेने के बाद तीनों आरोपियों को बेंगलुरु रवाना किया जाएगा। आरोपियों से पूछताछ होने पर पूरे मामले का खुलासा होगा।

  • नुसरत जहाँ के पति ने कहा “हम 6 महीने से साथ नहीं है ये बेबी मेरा नहीं है।”

    नुसरत जहाँ के पति ने कहा “हम 6 महीने से साथ नहीं है ये बेबी मेरा नहीं है।”

    टीएमसी सांसद तथा मशहूर अभिनेत्री नुसरत जहां की प्रेग्नेंसी की खबरें सुनकर प्रशंसक हैरान गए हैं। खबर है कि नुसरत गर्भवती हैं तथा शीघ्र ही वह मां बनने वाली हैं। हालांकि अभी इस बारे में अभिनेत्री या उनकी टीम की ओर से कोई बयान नहीं आया है। प्राप्त एक रिपोर्ट के अनुसार, नुसरत 6 महीने की प्रेग्नेंट हैं। इसके साथ ही जानकारी ये भी है कि उनके हस्बैंड निखिल जैन को इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।

    वहीं एबीपी नंदा ने कोट किया है कि निखिल का कहना है कि उनकी शादी टूटने की कगार पर है तथा दोनों 6 माह से साथ नहीं है तो बेबी उनका नहीं है। उन्होंने ये भी बताया है कि नुसरत तथा उनके बीच सम्पर्क भी नहीं है। बता दें कि नुसरत ने वर्ष 2019 में 19 जून को शादी की थी। दोनों ने इस्लाम, हिंदू तथा ईसाई धर्मों की परंपराओं के मुताबिक शादी की थी।

    इसके साथ ही बीते कुछ दिनों से नुसरत की भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी यश दासगुप्ता के साथ रिलेशन की खबरें बहुत चर्चाओं में हैं। दोनों को कई बार साथ में स्पॉट किया गया है। हालांकि दोनों में से किसी ने इन खबरों पर रिएक्ट नहीं किया है। वही फ़िलहाल तो नुसरत जहां की प्रेग्नेंसी की खबर ने सभी प्रशंसकों के होश उड़ा दिए है अब एक्ट्रेस के रिएक्शन का इंतजार है।

  • नोएडा में दो महिलाओं समेत पांच आरोपी गिरफ्तार, हनी ट्रैप गिरोह का भंडाफोड….

    नोएडा में दो महिलाओं समेत पांच आरोपी गिरफ्तार, हनी ट्रैप गिरोह का भंडाफोड….

    नोएडा पुलिस ने शनिवार को एक हनी ट्रैप गिरोह की दो महिलाओं समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरोह के ठिकाने का भंडाफोड़ किया गया और पुलिस ने मौके से 25,000 रुपये बरामद किए। नोएडा सेक्टर 39 थाने के जवानों ने आरोपियों को सोम बाजार सदरपुर से गिरफ्तार किया।

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सोनती उर्फ पूरनलाल, लकी उर्फ अर्श, सना उर्फ काजल, दीपा चौहान और कुलदीप कुमार के रूप में हुई है. उनके कब्जे से पुलिस ने एक होंडा सिटी कार, आठ मोबाइल फोन, एक घड़ी, एक पर्स, एक ड्राइविंग लाइसेंस और चार एटीएम कार्ड भी बरामद किए हैं।

    पुलिस ने कहा कि गिरफ्तार महिलाएं मॉल, बार और पब में आने वाले लोगों से बातचीत करती थीं और उन्हें हनी ट्रैप में फंसाती थीं। महिलाओं ने आगे स्थानों का पीछा करते हुए उनसे पैसे वसूल किए। वे उन लोगों को एक निश्चित स्थान पर बुलाते थे और उन्हें शराब पिलाते थे। फिर उनके वीडियो रिकॉर्ड कर आपत्तिजनक स्थिति में उनकी तस्वीरें क्लिक कर उन्हें ब्लैकमेल किया करते थे।

  • छत्तीसगढ़ के कई जिलों के एसपी की तबादला सूची तैयार हुई….

    छत्तीसगढ़ के कई जिलों के एसपी की तबादला सूची तैयार हुई….

    रायपुर। आईएएस अधिकारियों के तबादले के बाद अब आईपीएस अधिकारियों के ट्रांसफर की सुगबुगाहट तेज हो गई है। जानकारों की मानें तो लिस्ट तैयार हो चुकी है और जल्द ही तबादला सूची जारी होने की संभावना है।
    छत्तीसगढ़ सरकार किसी भी समय बड़े पैमाने पर आईपीएस अधिकारियों का तबादला कर सकती है।सूची बनकर तैयार है।

    पुलिस महकमे के जानकारों के अनुसार कोरबा,राजनांदगांव,सूरजपुर,अम्बिकापुर, बिलासपुर,रेल्वे,महासमुंद,नारायणपुर,धमतरी,गरियाबंद,बलौदाबाजार, बस्तर,गौरेला पेंड्रा मरवाही,जशपुर,कोरिया,बालोद,दन्तेवाड़ा,रायगढ़ व जांजगीर चांपा के पुलिस अधीक्षक बदले जा रहे हैं।तबादला सूची को स्वीकृति मिल चुकी है। लूप लाईन व बटालियन में पदस्थ अनेक अधिकारियों को इस बार महत्व दिया गया है।वहीं इस बार भी 1-2 जिला में पुलिस अधीक्षक की कमान महिला अधिकारियों के हाथ में होगी।

  • मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई ढाई-ढाई साल का फार्मूला नहीं…बात बेतुकी, ऐसा कोई करार नहीं हुआ : पीएल पुनिया

    मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई ढाई-ढाई साल का फार्मूला नहीं…बात बेतुकी, ऐसा कोई करार नहीं हुआ : पीएल पुनिया

    रायपुर। छत्तीसगढ़ में ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री के फॉर्मूला फिर जोर पकडऩे लगा है ऐसा महसूस हो रहा है। हालांकि वरिष्ठ नेता और मंत्री रविंद्र चौबे ने एक बयान में कहा है कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई ढाई-ढाई साल का फार्मूला नहीं है। चूँकि जब छत्तीसगढ़ में 67 विधायक कांग्रेस के चुन कर आए थे तब मुख्यमंत्री पद के लिए काफी मशक्क़तो का दौर चला था जग जाहिर है। एक समय यह भी हो गया था कि ताम्रध्वज साहू को मुख्यमंत्री बना दिया जाय। उस समय एक अनार सौ बीमार वाली बात हो रही थी। भूपेश बघेल, टी एस सिंहदेव, डाक्टर चरणदास महंत और ताम्रध्वज साहू चारो मुख्यमंत्री की कुर्सी दौड़ में शामिल थे। वैसे कांग्रेस की परंपरा रही है कि अधिकतर प्रदेशों में जो कांग्रेस अध्यक्ष रहे हो उसी के नेतृत्व में चुनाव लड़ा जाता है और सरकार अगर बनी तो मुख्यमंत्री का दावेदार कांग्रेस अध्यक्ष ही सर्वोपरि होता है हालांकि सब जगह यह फार्मूला लागू भी नहीं किया गया है। लेकिन छत्तीसगढ़ के परिप्रेक्ष्य में ऐसे देखा जाये तो भूपेश बघेल का पलड़ा भारी दिख रहा था। लेकिन चुनाव के समय की परिस्थिति में टीएस सिंहदेव को भी कम आंकना भी ठीक नहीं था वित्तीय प्रबंधन में टी एस बाबा का कोई सानी नहीं है। बहरहाल मुख्यमंत्री बनने के वक्त काफी रस्साकशी भी देखने को मिली थी और अंत में यह भी प्रचारित की गई औ उड़ती हुई खबर भी सत्ता के गलियारे से छनकर आयी थी कि छत्तीसगढ़ में ढाई-ढाई साल के फार्मूले पर सहमति बनी है। बहरहाल ढाई-ढाई साल या पुरे पांच साल ये तो कांग्रेस आलाकमान को तय करना है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का ढाई साल 17 जून को हो रहा है लेकिन जुबानी जंग अभी से चालू हो गई है। हालांकि इस मामले में कोई तल्खियां दोनों तरफ से नहीं आ रही है। नपी तुली शब्दों का ही प्रयोग अभी हो रहा है। हालांकि इन सारी अटकलबाजियों पर प्रदेश के कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने बयान दिया की ढाई-ढाई साल का कोई फार्मूला छत्तीसगढ़ में नहीं है। इस प्रकार उन्होंने सारी कयासों पर विराम लगा दिया है। उन्होंने यह भी कह कि इस प्रकार की कोई न तो चर्चा है और न ही ऐसा कुछ होने वाला है। कांग्रेस की सरकार छत्तीसगढ़ में पूरे पांच साल भूपेश बघेल के नेतृत्व में पूरा करेगी। पूर्व में कुछ समय पहले स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के बयान के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बड़ा बयान दिया था कि अगर आलाकमान का आदेश होगा, तो वे तुरंत इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं। सीएम ने यह भी कहा था कि उन्हें पद का मोह नहीं है। ढाई-ढाई साल के कार्यकाल को लेकर जब हवा उडी थी तब बिलासपुर में स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा था कि, किसी का कार्यकाल तय नहीं होता, हाईकमान फैसला लेता है। उन्होंने एक समारोह में पत्रकारों से कहा था कि, राजनीति में कुछ स्थायी नहीं। वैसे देखा गया है कि कांग्रेस में आला कमान समय और परिस्थिति के अनुसार तात्कालिक निर्णय लेती है। कांग्रेस पार्टी की कुछ राज्यों में सरकार है जिसमे पंजाब और राजस्थान पहले ही मुख्यमंत्री को बदलने हेतु विरोधीगुट भारी दबाव बनाये हुए है। आलाकमान ऐसा कोई भी निर्णय नहीं लेगा जिससे किसी भी मुख्यमंत्री को बदलने के बाद अन्य प्रदेशो में भी उसका असर दिखे। आलाकमान अपने सबसे निकट कैप्टन अमरिंदर सिंह को खोना नहीं चाहता एवं अपने पारिवारिक मित्र अशोक गहलोत को कार्यमुक्त होने देना नहीं चाहता। इसी कारण राजनितिक पंडितो का यह अनुमान है कि कांग्रेस आगामी लोकसभा चुनाव तक किसी भी प्रदेश के मुख्यमंत्री को बदलने के पक्ष में नहीं है । दिल्ली के राजनितिक गलियारों की बातो को सच मानो तो कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी किसी कीमत पर मुख्यमंत्रियों को नहीं बदलने की मंशा राहुल और प्रियंका के सामने जाहिर कर चुकी हैं।

  • सब इंस्पेक्टर ने की आत्महत्या, अपने घर में लगाया फांसी…

    सब इंस्पेक्टर ने की आत्महत्या, अपने घर में लगाया फांसी…

    धमतरी। जिले के अजाक थाने में पदस्थ एक सब इंस्पेक्टर ने अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मामला रुद्री इलाके का बताया जा रहा है। आत्महत्या के कारणों का तत्काल खुलासा नहीं हो पाया है हालांकि कई लोग इसका वजह डिप्रेशन बता रहे हैं।

    अजाक थाने में पदस्थ सब इंस्पेक्टर टिम्बक राव के बारे में बताया जा रहा है कि हादसे के समय उनकी पत्नी मंदिर गई हुई थी जब वह लौटकर आई उसने अपने पति का शव फांसी के फंदे में झूलता पाया। इसके बाद पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। फिलहाल शव का पोस्टमॉर्टेम किया जा रहा है।

    बताया जाता है कि 56 वर्षीय टिम्बक राव जिले के अजाक थाने में पदस्थ थे। बताया जाता है कि उनका बेटा जो पोलिवे में ही था, साल 2015 में उसकी मौत हो गयी थी, इसके बाद से ही वो लगातार बीमार रहने लगे और शनिवार को उन्होंने अपनी जीवनलीला खत्म कर ली।

  • जिला खाद्य अधिकारी हुए निलंबित, इस मामले में हुई कार्रवाई….

    जिला खाद्य अधिकारी हुए निलंबित, इस मामले में हुई कार्रवाई….

    जशपुर जिले के जिला खाद्य अधिकारी घनश्याम सिंह कंवर को राज्य शासन ने तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग के विषेध सचिव मनोज कुमार सोनी द्वारा जारी किए गए निलंबन आदेश में खाद्य अधिकारी की कार्यप्रणाली को लापरवाह बताया गया है।

    आदेश पत्र में लिखा गया है कि घनश्याम सिंह कंवर के विरुद्ध बार बार शिकायते आ रही थी।कांसाबेल के पीडीएस दूकान में लापरवाही की शिकायत पर इनके द्वारा किसी तरह की कोई कार्रवाई नही की गई इसके अलावे इस तरह की कई शिकायतें मिलती रही और उन्हें समझाईश भी दी गयी लेकिन बार बार गलतियों दोहराए जाने के कारण हितग्रहीयो को योजनाओं का लाभ नही मिल पा रहा था।

  • डीएमएफ कमेटी से प्रभारी मंत्री आउट! अब कलेक्टर होंगे अध्यक्ष और सांसद…

    डीएमएफ कमेटी से प्रभारी मंत्री आउट! अब कलेक्टर होंगे अध्यक्ष और सांसद…

    रायपुर। केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के खनिज बहुल जिलों में गठित जिला खनिज न्यास संस्थान यानी डीएमएफ की समिति को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। अब डीएमएफ समिति से प्रदेश सरकार के सभी प्रभारी मंत्री बाहर हो जाएंगे।
    जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार ने आदेश दिया है कि डीएमएफ की समिति में अब जिला कलेक्टर ही अध्यक्ष होंगे। क्षेत्र से सांसद समिति के सदस्य होंगे। ऐसे में साफ है कि केंद्र के इस कदम के बाद छत्तीसगढ़ में डीएमएफ के मामले में प्रभारी मंत्री और विधायक बाहर हो जाएंगे। इसी आदेश में ये भी कहा गया है कि लोकसभा सदस्य संंबंधित जिले की कमेटी में सदस्य के रूप में शामिल होंगे।

    केंद्र सरकार के खनिज मंत्रालय ने ये आदेश जारी किया है कि डीएमएफ कमेटी में अब चेयरमैन यानी अध्यक्ष के पद पर जिला कलेक्टर, डिप्टी कमिश्नर, जिला दंडाधिकारी ही होंगे। इनके अलावा कोई भी व्यक्ति इस कमेटी का अध्यक्ष नहीं हो सकता। ।
    बता दें कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार आने के बाद डीएमएफ के मामले में नियम में बदलाव किया गया था। राज्य सरकार की बनाई व्यवस्था के मुताबिक राज्य में जिलों की खनिज न्यास संस्थान यानी कमेटी में जिले के प्रभारी मंत्री अध्यक्ष हैं, जबकि कलेक्टर के पास सचिव की जिम्मेदारी थी।

    भूपेश सरकार ने राज्य की कमेटियों में विधायकों को सदस्य के रूप में शामिल किया था। दरअसल कांग्रेस विपक्ष में रहते हुए भी ये सवाल उठाती रही है कि चुने हुए प्रतिनिधियों को अधिकार से वंचित कर कलेक्टरों को अधिकार दिए गए हैं। उस समय ये व्यवस्था पिछली राज्य सरकार ने बनाई थी।

    गौरतलब है की डीएमएफ फंड से राज्य के खनन प्रभावित जिलों को खनन के अनुपात में राशि मिलती है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में राज्य को यह राशि 6 हजार 470 करोड़ रुपए मिलेगी। इस राशि से राज्य सरकार प्रभावित क्षेत्र में इलाज, शिक्षा व अन्य आवश्यक कार्यों पर राशि खर्च करती है।

    इस मामले में रायगढ़ सांसद गोमती साय ने चर्चा के दौरान बताया कि इसके लिए सदन में वकायदे प्रस्ताव लाया गया था इसके बाद केंद्र की ओर से राज्य सरकार को आदेश जारी किए गए हैं।उन्होंने बताया कि पूर्व में कलेक्टर ही डीएमएफ के अध्यक्ष और सांसद ,जिला पंचायत अध्यक्ष इसके सदस्य हुआ करते थे लेकिन प्रदेश में 2018 में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद क्लेक्टर को डीएमएफ का सचिव और प्रभारी मंत्री को अध्यक्ष बना दिया गया था ।

    हांलाकि इस मामले में जब जशपुर क्लेक्टर महादेव कावरे से जानकारी ली गयी तो उन्होंने बताया कि-” मेरे पास कोई कॉपी नहीं आई है । राज्य सरकार के माध्यम से कोई निर्देश भी नहीं मिला है।”

    सूत्रों की मानें तो इस मामले में केंद्र का आदेश आने के बाद अब राज्य सरकार इस पूरे मामले को लेकर नया नियम बनाएगी। इस संबंध में विचार विमर्श किया जा रहा है।