Author: Sunil Agrawal

  • फोन पर बात करते हुए नर्स ने महिला को एक साथ लगा दिए वैक्सीन के दो डोज….

    फोन पर बात करते हुए नर्स ने महिला को एक साथ लगा दिए वैक्सीन के दो डोज….

    भिंड। मध्य प्रदेश में सरकार टीकाकरण में तेजी लाने के लिए तरह तरह के प्रयास कर रही है. इस दौरान वैक्सीनेशन के दौरान स्वास्थकर्मियों की लापरवाही भी सामने आई हैं. जिसका ताजा मामला भिंड से सामने आया है. यहां स्वास्थ्यकर्मी ने महिला को कोरोना वैक्सीन के दो डोज एक साथ लगा दिया. महिला ने नर्स पर मोबाइल में ध्यान होने का आरोप लगाया है. वही स्वास्थ्य विभाग इन आरोप को निराधार बता रहा है।

    दरअसल भिंड के विक्रमपुरा वैक्सीनेशन सेंटर पर स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है. यहां टीकाकरण केंद्र पर कोरोना वैक्सीन लगवाने आई एक महिला ने आरोप लगाया है कि नर्स ने लापरवाही पूर्वक उसे एक के बाद एक दो डोज साथ में लगा दिए. इतना ही नहीं बेसुध होकर तीसरा टीका भी लगाने वाली थी. इस पूरे मामले से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया. वहीं स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी इस तरह के किसी भी मामले से इंकार कर रहे हैं।


    गलती मानने की जगह बहसबाजी
    वैक्सीन लगवाकर आई प्रियंका देवी ने बताया कि वह 9 जून को अपनी ननद के साथ पहली बार टीकाकरण के लिए गई थी. अपना नम्बर आने पर वे नर्स के पास पहुंची. जहां नर्स फोन पर बातचीत कर रही थी. उन्होंने बताया कि नर्स ने फोन पर बात करते-करते पहले एक इंजेक्शन लगाया जिसके बाद दूसरा इंजेक्शन लगाया, लेकिन जब फोन पर बात करते करते उसने तीसरा इंजेक्शन भी लगाने का प्रयास किया तो प्रियंका ने उसे पूछा कि तीसरा इंजेक्शन क्यों लगा रही हैं, इस बात पर नर्स यह कहते हुए बहस करने लगी की उसने सिर्फ एक ही डोज लगाया है. जबकि महिला के कंधे पर भी तीन बार सिरिंज के निशान हैं।

    मोबाइल पर बात कर रही थी नर्स
    पीड़ित महिला से पूछने पर उसने बताया की उसे इस बात की जानकारी की वैक्सीन के दो डोज लगते हैं. लेकिन अलग-अलग दिन लगते हैं यह नहीं पता था, इसलिए शुरू में लगे दो डोज के इंजेक्शन पर उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. लेकिन जब तीसरा डोज लगाया जाने लगा तो उसे अजीब लगा और उसने नर्स को टोका था. महिला का आरोप है कि फोन पर बात करने की वजह से ही नर्स का ध्यान भटका हुआ था, लेकिन यह गम्भीर गलती है।

    मामूली साइड इफ़ेक्ट के अलावा हालत स्थिर
    दोनो डोज लगने के बाद पीड़ित महिला कुछ देर टीकाकरण केंद्र पर ही रुकी और उसके बाद वापस घर आ गई. महिला का कहना है कि वैसे तो उसकी तबियत ठीक है, लेकिन वैक्सीन के दोनों डोज लगने के बाद से उसे भूख नहीं लग रही है. लगातार चक्कर आ रहे हैं. और आखें भारी रह रही है।

    स्वास्थ्य विभाग ने आरोपों को नकारा
    वहीं पूरे मामले पर जब सीएमएचओ डॉक्टर अजीत मिश्रा से मीडिया ने सवाल किया तो, उन्होंने इस आरोप को निराधार बताया. उन्होंने कहा कि हर टीकाकरण केंद्र पर प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा ही वैक्सिनेशन का काम किया जा रहा है. ऐसे में इतनी बड़ी गलती की गुंजाइश ही नहीं है।

  • कोविड-19 और ब्लैक फंगस की दवाओं में कर राहत…

    कोविड-19 और ब्लैक फंगस की दवाओं में कर राहत…

    दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में 44वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक में कोविड-19 और ब्लैक फंगस के उपचार से जुड़ी सामग्रियों पर बड़ी कर राहत प्रदान की गई।

    इसके पहले 28 मई को हुई काउंसिल की बैठक में कोविड-19 से जुड़ी सामग्रियों को लेकर कर की दर तय करने के लिए मंत्रियों का समूह गठित किया गया था. काउंसिल ने मंत्रियों के समूह की रिपोर्ट पर विचार किया. बैठक में निर्णय लिया गया कि Remdesivir पर जीएसटी 12 से 5 प्रतिशत किया गया है. Tocilizumab और Amphotericin B पर कोई कर नहीं लिया जाएगा. इसके अलावा कोविड-19 से जुड़ी सामग्रियों पर दी जा रही छूट 30 सितंबर तक जारी रहेगी।

    इसके अलावा इलेक्ट्रिक फर्नेस और तापमान नापने से उपकरणों पर 5 प्रतिशत और एंबुलेंस पर 12 प्रतिशत जीएसटी लिया जाएगा. मंत्रियों के समूह द्वारा की गई सिफारिशों के तहत यह छूट अगस्त की बजाए सितंबर महीने तक प्रदान की जाएगी. वित्त मंत्री ने बताया कि वैक्सीन पर 5 प्रतिशत जीएसटी जारी रहेगा।

    इसके अलावा 75 प्रतिशत केंद्र सरकार खरीदेगी और जीएसटी का भुगतान भी करेगी, लेकिन जीएसटी की 70 प्रतिशत आमदनी राज्यों के साथ साझा किया जाएगा. बैठक में वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

  • सरकारी ज़मीन नीलामी नीति पर हाईकोर्ट ने दायर जनहित याचिका पर राज्य को दिया आदेश…

    सरकारी ज़मीन नीलामी नीति पर हाईकोर्ट ने दायर जनहित याचिका पर राज्य को दिया आदेश…

    रायगढ। सरकारी ज़मीनों की नीलामी वाली राज्य सरकार की नीति के विरोध में हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से इस नीति के प्रभावी होने के बाद नीलामी और आबंटन से जूड़े सभी रिकॉर्ड तलब किए हैं।यह याचिका सुशांत शुक्ला की ओर से दायर की गई थी। याचिका में राज्य सरकार की इस नीति का इस आधार पर विरोध था कि, राज्य सरकार के विभिन्न कार्यों के लिए ज़मीनों की कमी है।

    भविष्य में जब विस्तार होगा तो ज़मीनों की और आवश्यकता पड़ेगी और इस नीति/योजना से नुक़सान है जबकि इस योजना का लाभ प्रभावशाली लोग ले रहे हैं। इस योजना से ग़रीबों को कोई लाभ नहीं है और बाद में राज्य सरकार को ज़मीनों की कमी होगी।
    इस मसले पर दायर जनहित याचिका पर पर प्रभारी चीफ़ जस्टिस प्रशांत मिश्रा और जस्टिस पी पी साहू की बेंच ने सुनवाई की और राज्य सरकार से प्रदेश के सभी ज़िलों में इस योजना के तहत नीलामी और आबंटन का पूरा ब्यौरा देने का निर्देश राज्य सरकार को दिया है। हाईकोर्ट में अगली सुनवाई चार हफ़्ते बाद होगी।

  • एंटीलिया बम मामले में एनआईए ने की बड़ी कार्रवाई, एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा गिरफ्तार…

    एंटीलिया बम मामले में एनआईए ने की बड़ी कार्रवाई, एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा गिरफ्तार…

    राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा के मुंबई स्थित आवास पर छापेमारी की. एंटीलिया बम मामले में प्रदीप शर्मा से पूछताछ की गई. एनआईए अधिकारियों द्वारा प्रदीप शर्मा के आवास की तलाशी भी लगी गई. कई घंटों की पूछताछ के बाद प्रदीप शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया. मुंबई पुलिस के पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा के घर पर सुबह-सुबह एनआईए की टीम पहुंची. एनआईए की टीम जेबी नगर इलाके के अंधेरी स्थित प्रदीप शर्मा के घर पर घंटों तलाशी लेती रही. प्रदीप शर्मा को सचिन वाज़े का मेंटर भी कहा जाता है. उससे पहले एनआईए ने पूछताछ की थी. फिलहाल प्रदीप शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है।

  • हाइकोर्ट के आदेश और विधि मंत्री के विधानसभा में दिए बयान के विपरीत,चिंतामणि ने ली बैठक.. FIR को लेकर भी कर गए टिप्पणी.. 

    हाइकोर्ट के आदेश और विधि मंत्री के विधानसभा में दिए बयान के विपरीत,चिंतामणि ने ली बैठक.. FIR को लेकर भी कर गए टिप्पणी.. 

    रायपुर। विधानसभा में 21 दिसंबर 2020 को संसदीय सचिवों के कार्य अधिकार को लेकर विपक्ष के सवालों और व्यवस्था के प्रश्न को लेकर विधि मंत्री मोहम्मद अकबर ने हाईकोर्ट के निर्देशों को पढ़ा, इस निर्देश में यह स्पष्ट था कि संसदीय सचिव को कोई भी अधिकार हासिल नहीं है। वे विधानसभा में मंत्री की ओर से जवाब तक नहीं दे सकते, और ना ही कोई विभागीय बैठक ले सकते हैं। इस विस्तृत जवाब के बाद संसदीय सचिव के कार्य अधिकार को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई लेकिन सामरी से विधायक चिंतामणि इस मसले पर ऐसी कारआमद कर गुजरे हैं कि विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं।
    दरअसल बीते 24 जून सामरी के विधायक और संसदीय सचिव पद से नवाज़े गए चिंतामणि महाराज ने जशपुर ज़िले के बगीचा में बैठक ले ली जिसमें पुलिस विभाग के साथ साथ ज़िला प्रशासन की मौजुदगी रखी गई। इस बैठक को लेकर यह खबरें आईं कि चिंतामणि महाराज ने इलाक़े में फ़र्ज़ी FIR किए जाने को लेकर चिंता जताई और इस पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। 24 जून को ही इस बैठक को लेकर जारी जनसंपर्क विभाग की प्रेस रिलीज़ में उल्लेखित जानकारी इस निर्देश की पुष्टि करती है।
    विधानसभा में विधि मंत्री मोहम्मद अकबर ने जो जानकारी दी और संदर्भ के रुप में उच्च न्यायालय के जो आदेश पढ़ें उसके अनुसार चिंतामणि यह बैठक नहीं ले सकते थे, वहीं FIR को लेकर जो उन्होंने निर्देश दिए वह अलग बवाल का सबब बन गया है।
    दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने ललिता कुमारी प्रकरण में यह व्यवस्था दी कि यदि संज्ञेय अपराध की सूचना दी जाती है तो तत्काल FIR करना होगा। पुलिस विवेचना के दौरान यदि सूचना ग़लत पाती है तो खात्मा खारिजी का अधिकार रखती है।
    इस मसले को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने विधानसभा में दी गई जानकारी का हवाला देते हुए बैठक को प्रश्नांकित किया है। वहीं भाजपा प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास ने इस बैठक और बैठक में दिए FIR से संबंधित निर्देश को लेकर कहा है
    “यह बैठक संसदीय सचिव चिंतामणि महाराज ने आहूत की, जिसकी उन्हें अधिकारिता नहीं है, और FIR को लेकर दिए निर्देश जिसमें यह कहा गया कि झूठी शिकायत कराते हैं पुलिस पहले तस्दीक़ करें तो यह सुप्रीम कोर्ट के निर्देश की अवमानना है, पुलिस पहले ही आरोपों के घेरे में है कि वह राजनैतिक प्रभाव में अपराध तक दर्ज नहीं करती, वहीं यह भी व्यवस्था है कि FIR ग़लत हो तो खात्मा या खारिजी करे, सीधे कैसे निर्देश दिया जा सकता है, जबकि विधानसभा में विधि मंत्री जानकारी दे चुके हैं और हाईकोर्ट ने इसे लेकर व्यवस्था और दिशा निर्देश जारी किए हैं..यह गंभीर मसला है”

  • दुर्ग निगम एमआईसी का बड़ा फैसला, प्रॉपर्टी टैक्स में छूट के साथ दुकानों पर लगने वाले अधिभार में दी राहत…

    दुर्ग निगम एमआईसी का बड़ा फैसला, प्रॉपर्टी टैक्स में छूट के साथ दुकानों पर लगने वाले अधिभार में दी राहत…

    दुर्ग। दुर्ग निगम शहरवासियों को राहत देते हुए प्रॉपर्टी टैक्स में छूट देने जा रहा है. इसके अलावा लॉकडाउन के कारण बंद दुकानों के किराया राशि में पेनाल्टी नहीं वसूली की जाएगी. इस संबंध में मेयर धीरज बाकलीवाल की अध्यक्षता में मेयर इन काउंसिल की बैठक में फैसला लिया गया।

    दुर्ग महापौर धीरज बाकलीवाल की अध्यक्षता में हुई मेयर इन काउंसिल की बैठक में बड़ा फैसला लिया गया. लोगों को प्रॉपर्टी टैक्स में राहत प्रदान करते हुए 30 जून तक 6%, अक्टूबर में 4% और नवंबर में 2% की छूट देने का निर्णय लिया गया. इसके अलावा दुकानों की अप्रैल-मई मासिक किराया में 10% लगने वाले अधिभार पर भी छूट का ऐलान किया गया है।

    महापौर धीरज बाकलीवाल ने बताया कि निगम की मेयर इन काउंसिल की 15 विषयों को लेकर बैठक हुई. कायाकल्प योजना के तहत विगत दस सालों से बंद शहर के मध्य में स्थित चौपाटी का पुनर्निर्माण कराया जाएगा. चौपाटी के पुर्ननिर्माण से शहर और आस पास के नागरिकों के लिए मनोरंजन के लिए बड़े स्थल का उपयोग किया जा सकता. चौपाटी को नए सिरे से विकसित किया जाएगा।

  • कांग्रेस जिला अध्यक्ष का पीडब्ल्यूडी को पत्र, सरकारी व्यवस्था पर कब्जे की कोशिश…

    कांग्रेस जिला अध्यक्ष का पीडब्ल्यूडी को पत्र, सरकारी व्यवस्था पर कब्जे की कोशिश…

    महासमुंद। जिले की कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. रश्मि चंद्राकर के एक पत्र ने इन दिनों पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों में हडकंप मचा रखा है। कार्यपालन अभियंता के नाम इस पत्र में डॉ. रश्मि ने लिखा है कि सड़क, पुल और पुलिया निर्माण का पहले कांग्रेस के कार्यकर्ता या फिर उनके प्रतिनिधि जांच करेंगे। इसके बाद ही ठेकेदारों को भुगतान किया जाए।

    इस मामले में पीडब्लूडी के अधिकारियों ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है, लेकिन पूर्व विधायक विमल चोपड़ा ने बताया है कि पत्र कमीशनखोरी के लिए लिखा गया है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस के लोग प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए इस तरह की कोशिश कर रहे हैं। इस पर कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए और सरकार और कांग्रेस पार्टी को अपने कार्यकर्ताओं को चेतावनी देना चाहिए। इस तरह का दबाव अगर दुबारा बनाया जाए तो एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

    इस मामले में पीडब्ल्यूडी मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा है कि मेरे पास ये मामला नहीं आया है| मैं दिखवा लेता हूँ फिर इस पर कुछ बता पाऊंगा| वहीं इस मामले में रश्मि चंद्राकर ने कहा है कि लगातार गुणवत्ताहीन निर्माण की शिकायत आ रही थी, ऐसे में मेरा पत्र लिखा जाना कैसे गलत हो सकता है।

  • छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जारी किया आदेश… बड़े पैमाने पर जजों का हुआ तबादला… सूची में 64 नाम शामिल… 

    छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जारी किया आदेश… बड़े पैमाने पर जजों का हुआ तबादला… सूची में 64 नाम शामिल… 

    बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बड़े पैमाने पर सिविल जज वर्ग-1 और सिविल जज वर्ग-2 के जजों का तबादला आदेश जारी किया है. हाईकोर्ट के रजिस्टार जनरल दीपक कुमार तिवारी ने सिविल न्यायाधीश वर्ग- II के 64 जजों का तबादला आदेश जारी किया है. जनरल दीपक कुमार तिवारी ने साथ ही 6 सिविल जज वर्ग-I-सह-मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) का भी ट्रांसफर किया है. वहीं राजस्व जिले के लिए सिविल जज वर्ग- I के 13 जजों का ट्रांसफर किया गया है।

  • कोविड-19 टीकाकरण कार्ड में त्रुटि के चलते जांजगीर-चांपा जिला कलेक्टर ने सामुदायिक स्वास्थ्य शक्ति के खंड चिकित्सा अधिकारी को हटाया

    कोविड-19 टीकाकरण कार्ड में त्रुटि के चलते जांजगीर-चांपा जिला कलेक्टर ने सामुदायिक स्वास्थ्य शक्ति के खंड चिकित्सा अधिकारी को हटाया

    सक्ती। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शक्ति द्वारा कोविड-19 के टीकाकरण कार्ड में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के पदनाम में स्वास्थ्य मंत्री की जगह मुख्यमंत्री प्रकाशित कर दिए जाने की घटना को संज्ञान में लेते हुए जांजगीर-चांपा जिला कलेक्टर जितेंद्र कुमार शुक्ला ने 29 जून को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शक्ति के खंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर अनिल कुमार चौधरी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है, तथा उक्तआशय की जानकारी जिला जनसंपर्क कार्यालय जांजगीर चांपा द्वारा दी गई है।

  • “कार्य ऐसा हो कि वर्दी की गरिमा रहे बरकरार” कहने के साथ डीजीपी अवस्थी ने 2013 बैच के डीएसपी को लगाया अशोक स्तंभ….

    “कार्य ऐसा हो कि वर्दी की गरिमा रहे बरकरार” कहने के साथ डीजीपी अवस्थी ने 2013 बैच के डीएसपी को लगाया अशोक स्तंभ….

    रायपुर। डीजीपी डीएम अवस्थी ने आज 2013 बैच के डीएसपी की एएसपी के पद पर पदोन्नति होने पर अशोक स्तंभ लगाया और शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पुलिस में रैंक का बहुत महत्व है। आप सभी अधिकारी इसकी गरिमा बनाये रखें। हमारा काम ऐसा होना चाहिये कि वर्दी की गरिमा बरकरार रहे। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार के गृह विभाग द्वारा 2013 बैच के 26 डीएसपी को पदोन्नति प्रदान की गयी है।

    इन्हें लगाया अशोक स्तंभ

    सम्मानित करते हुए डीएम अवस्थी ने विजय कुजूर, सबा अंजुम, मीता पवार, आदित्य पांडे, राहुल देव शर्मा, देवचरण पटेल, चंचल तिवारी, विवेक शुक्ला, शोभराज अग्रवाल, प्रशांत शुक्ला, अभिषेक माहेश्वरी, आकाश राव गिरपून्जे, चंद्रेश ठाकुर, कवि गुप्ता, पीतांबर सिंह पटेल, गौरव मंडल, धीरेंद्र कुमार पटेल, राकेश कुमार पाटनवार, खोमन लाल सिन्हा, योगेश कुमार देवांगन, पंकज पटेल, सुशील कुमार नायक, रामगोपाल करियारे, निमेश कुमार बरैया, पुपलेश कुमार, नितीश कुमार, आकाश मरकाम को सम्मानित किया गया.