Author: Sunil Agrawal

  • बेकार के इमेल भर देते हैं आपका इनबॉक्स, ऐसे मिनटों में पाएं इनसे छुटकारा

    बेकार के इमेल भर देते हैं आपका इनबॉक्स, ऐसे मिनटों में पाएं इनसे छुटकारा

    आपका Gmail भी प्रमोशनल या फिर स्पैम मेल्स की वजह से जल्दी-जल्दी भर जाता है. कई बार हम गलती से किसी सर्विस को सब्सक्राइब कर लेते हैं और फिर उसके मेल्स आने शुरू होते हैं. आज हम आपको ऐसे ही मेल्स से छुटकारा पाने का तरीका बताते हैं।

    • किसी सेंडर को ब्लॉक करने पर उसका मैसेज स्पैम में चला जाता है.
    • अपने कंप्यूटर या लैपटॉप पर Gmail ओपन करें.
    • आपको जिसे ब्लॉक करना है उसके मैसेज पर जाएं.
    • मेल के ऊपर राइट कॉर्नर में More पर क्लिक करना होगा.
    • इसके बाद Block (Sender Name) ऑप्शन पर क्लिक कर दें.
    • आपने गलती से किसी को ब्लॉक कर दिया है तो इसी प्रोसेस से उसे अनब्लॉक किया जा सकता है.

    किसी ऐसी साइट को अगर आपने साइन अप कर दिया है जो बहुत से ई-मेल्स आपको भेजती है तो आप इसे अनसब्सक्राइब भी कर सकते हैं.  

    • Gmail ओपन करने के बाद इस तरह के मेल भेजने वाले सेंडर के मेल को ओपन करें.
    • सेंडर के नाम के बराबर में Unsubscribe or Change preferences दिया गया होगा. इस पर क्लिक करें.
    • अगर आप को यह विक्लप नहीं दिखे तो आप ऊपर दिए गए तरीके से सेंडर को ब्लॉक कर सकते हैं.
    • इस बात का ध्यान रखें कि मेल्स को अनसब्सक्राइब करने पर इसे पूरी तरह से अनसब्सक्राइब होने में कुछ दिन का समय लग सकता है.

    वैसे तो Gmail  इनबॉक्स से स्पैम को दूर रखने की कोशिश करता है. लेकिन स्पैम मेल्स आ ही जाते हैं. इनसे निपटने के लिए ये करें.

    • स्पैम मेल को खोलकर मैसेज ओपन करें.
    • पेज के टॉप पर दिए गए Report Spam पर टैप कर दें.

    किसी मेल को स्पैम रिपोर्ट करने पर या मैनुअली किसी मेल को स्पैम फोल्डर में मूव करने पर Google को एक कॉपी मिलती है. इस कॉपी को कंपनी एनेलाइज करती है और यूजर्स को इस तरह से मेल्स से सुरक्षा प्रदान की जाती है.

    आपको अगर इनबॉक्स में कोई संदेहास्पद ईमेल दिखे जिसमें आपकी पर्सनल जानकारी मांगी जा रही है तो ऐसे मेल को फिशिंग के तौर पर रिपोर्ट कर सकते हैं. यह है तरीका

    • Gmail ओपन करने के बाद जिस मेल पर शक है उस पर जाएं.
    • मेल के टॉप राइट कॉर्नर में More पर क्लिक करें.
    • इसके बाद Report phishing पर टैप कर दें.
  • निलंबित IPS जीपी सिंह पर राजद्रोह का केस दर्ज, सरकार के खिलाफ साजिश रचने का आरोप

    निलंबित IPS जीपी सिंह पर राजद्रोह का केस दर्ज, सरकार के खिलाफ साजिश रचने का आरोप

    रायपुर। एसीबी के पूर्व चीफ एडीजी जीपी सिंह के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने राजद्रोह का केस दर्ज किया है। एसीबी की लिखित शिकायत पर एफआईआर दर्ज हुआ है। वहीं अब जल्द ही पूर्व आईपीएस जीपी सिंह की गिरफ्तारी हो सकती है।

    बता दें कि एंटी करप्शन ब्यूरो के छापे के दौरान एडीजी के सरकारी बंगले से कुछ चिट्ठियां और पेन ड्राइव मिले थे। वहीं उनकी जांच के बाद अब कोतवाली पुलिस ने जीपी सिंह के खिलाफ राजद्रोह का केस दर्ज किया है। सरकार के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगा है।

    सरकार के खिलाफ साजिश रचने का आरोप

    जीपी सिंह के सरकारी बंगले और सहयोगियों के ठिकानों में छापेमारी के दौरान जो दस्तावेज मिले हैं, उसमें ऐसी बातें सामने आई हैं, जो सरकार के खिलाफ साजिश रचने की ओर इशारा कर रही है। फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है।

    राजद्रोह का यह पहला मामला
    छत्तीसगढ़ में भारतीय सेवा यानी आईएएस, आईपीएस और आईएफएस के किसी अधिकारी के खिलाफ राजद्रोह का यह पहला है। इससे पहले भारतीय सेवा के किसी अधिकारी पर यह केस दर्ज नहीं किया गया है।

    ADG सिंह ने बलि देने के लिए मंगाया था 20 पैर वाला कछुआ…

    तंत्र-मंत्र में भी था भरोसा

    जांच टीम के अधिकारियों को यहां से कुछ दस्तावेज और पुराने फटे पन्ने मिले हैं। इस डायरी में जादू-टोने से जुड़ी बातें लिखी हुई हैं। कुछ ऐसा अजीबो-गरीब सामान भी सिंह के यहां से मिला है जो अमूमन तंत्र-मंत्र के काम आया करता है। एक डायरी में कोड वर्ड में कुछ अधिकारियों के बारे में अजीबो-गरीब बात लिखी हैं। जादू-टोने की बातें ये Police महकमे के ही बड़े अधिकारियों के बारे में हैं। डायरी में लिखा है- वह थाईलैंड से 20 पैर वाला कछुआ मंगवा चुका है।उसकी बलि देने के बाद कुछ भी कर सकेगा। इनमें से एक अफसर का नाम “छोटा टकला” अंकित किया गया है। लिखा है कि छोटा टकला ने एक अफसर का बाल काट लिया है, इसलिए सब कुछ बिगाड़ सकता है। ऐसा अनुमान है कि छोटा टकला प्रदेश के ही एक सीनियर अफसर का कोड वर्ड है। ये बहरहाल, कई मामलों में फंसे हुए हैं और इनके खिलाफ जांच जारी है।

    दो अधिकारियों के लिए अनोपचंद- तिलोकचंद

    दो और अधिकारियों के लिए अनोपचंद- तिलोकचंद अंकित है। कुछ IAS अफसरों, सचिव स्तर के अफसरों, कांग्रेस-BJP के नेताओं का नाम भी कोड वर्ड में लिखा है। इन सभी दस्तावेज को बारीकी से जांच किया जा रहा है। एसीबी की जांच टीम को GP सिंह के विदेशी बैंकों में कई खातों की जानकारी मिली है। उन खातों की लिस्टिंग, रुपए कहां से आया किसने दिया, इन पहलुओं की जांच ACB की टीम कर रही है। कनाडा, ब्रिटेन और कुछ देशों में बसे परिजनों के माध्यम से निवेश की जानकारी की भी जांच हो रही है। शुक्रवार शाम तक की स्थिति में Odisha में संपत्ति, कंस्ट्रक्शन के काम में इस्तेमाल होने वाले आधा दर्जन वाहन, कई बैंक अकाउंट्स, 75 से अधिक बीमा पॉलिसी के सबूत टीम को मिले थे। ये सब GP सिंह उनकी धर्म पत्नी और उनके पुत्र के नाम पर हैं।

  • कोई फेसबुक अकाउंट हैक कर आपके नाम पर मांग रहा है पैसा तो जानें क्‍या करें…

    कोई फेसबुक अकाउंट हैक कर आपके नाम पर मांग रहा है पैसा तो जानें क्‍या करें…

    फेसबुक ने इस तरह के अकाउंट हैक के मामलों के लिए हेल्प पेज बना रखा है. यदि आपको लगता है कि आपका अकाउंट हैक हो गया है तो आप वहां जाकर स्टेप-बाय-स्टेप निर्देशों को मानकर उसे दोबारा एक्टिवेट और सिक्योर कर सकते है

    दिल्ली। इन दिनों कई लोग फेसबुक पर अजीब दिक्कत का सामना कर रहे है. दरअसल, काफी लोगों का फेसबुक अकाउंट हैक हो रहा है और उनके नाम पर पैसा मांगा जा रहा है. सबसे आश्चर्य की बात तो यह है कि उन्हें इस बात का पता तब चल रहा है, जब जानकार व्यक्ति पैसों की जरूरत की बात उनसे करता है. बात करने पर पता चलता है कि किसी दूसरे व्‍यक्ति ने यह मैसेज भेजा है. साथ ही जो नंबर पैसा ट्रांसफर करने के लिए भेजा वो उनका है ही नहीं।

    कई लोगों ने ट्रांसफर किए पैसे
    दिल्ली में रहने वाले जीतेश श्रीवास पेशे से इंजीनियर हैं. उन्हें अपने फेसबुक अकाउंट का हैक होने का पता तब चला जब उनके दोस्त ने उन्हें फोन करके कहा पैसे मिल गए क्या? उन्हें कुछ समझ में नहीं आया. उन्होंने कहा कि मैंने तो कोई पैसे मांगे ही नहीं, तुमने कितने पैसे डाले और किसने कहा. सामने वाले व्यक्ति ने कहा कि एक हजार क्योंकि फेबसुक मैसेंजर से उसे मैसेज आया था कि तुम कही फंस गए हो तो तुरंत एक हजार की जरूरत है. उन्होंने वो नंबर पूछा, जिसमें पैसा ट्रांसफर किया लेकिन जब कॉल लगाया तो वह नंबर अस्तित्व में नहीं था. जीतेश ऐसे अकेले शख्स नहीं हैं, जो इस झांसे में कई लोग आ रहे हैं. वहीं, अकाउंट हैक होने के बारे में समय से पता चल जाने पर लोग अपने फेसबुक वॉल पर इसकी सूचना दूसरों को भी दे रहे हैं.

    फेसबुक पेज पर रिपोर्ट करें
    फेसबुक ने इस तरह के अकाउंट हैक के मामलों के लिए हेल्प पेज बना रखा है. आपको लगता है कि आपका अकाउंट हैक हो गया है तो आप वहां जाकर स्टेप-बाय-स्टेप निर्देशों को मानकर उसे दोबारा एक्टिवेट और सिक्योर कर सकते हैं. आप इस लिंक को क्लिक करके सीधे फेसबुक के हेल्प पेज पर पहुंच सकते हैं – https://hi-in.facebook.com/help/

    हैकिंग का ऐसे लगाएं पता
    अगर आपको ये चीज़ें दिखाई देती हैं तो हो सकता है कि आपका अकाउंट हैक किया गया हो.


    आपका ईमेल और पासवर्ड बदल गया है.


    आपका नाम और जन्मदिन की तारीख बदल गई है.


    उन लोगों को फ़्रेंड रिक्वेस्ट भेजी गई है, जिन्हें आप नहीं जानते.


    ऐसे मैसेज भेजे गए हैं, जो आपने न भेजे हों.


    ऐसी पोस्ट होना, जो आपने न बनाई हों.

    कभी न करें ये काम
    अगर आप ऐसे हैकर्स का शिकार बनने से बचना चाहते हैं तो आपको कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है…

    • आप अपना अकाउंट लॉगइन करते समय पासवर्ड ध्यान से डालें और उसको सिक्योर रखें. ओपन वाईफाई का इस्तेमाल न करें क्योंकि इससे हैकिंग आसानी से हो सकती है.
    • फेसबुक पर हमें जन्मदिवस की तारीख डालने से बचें. ऐसा करना आपके लिए परेशानी खड़ी कर सकता है, क्योंकि हम में से कई यूज़र्स अपने डेट ऑफ बर्थ को पासवर्ड भी बनाकर रखते हैं. ऐसे में हैकर्स आसानी से यूज़र्स का अकाउंट हैक कर लेते हैं. इतना ही नहीं कई बार तो ये तारीख पाकर हैकर बैंक खाते तक भी पहुंच सकते हैं.
    • मोबाइल नंबर फेसबुक पर ना डालें. इससे यूज़र की सिक्योरिटी को खतरा हो सकता है. मान लें कि आप ऐसा करना भी चाहते हैं तो इसके लिए ‘Only Me’ सेटिंग्स का इस्तेमाल करें, जिससे किसी को पता नहीं चलेगा कि आपका मोबाइल नंबर क्या है
  • डीजीपी अवस्थी ने राज्य भर के सभी पुलिस अधीक्षकों की ली वर्चुअल बैठक, कहा “थोड़े कहे को ज्यादा समझिए”…

    डीजीपी अवस्थी ने राज्य भर के सभी पुलिस अधीक्षकों की ली वर्चुअल बैठक, कहा “थोड़े कहे को ज्यादा समझिए”…

    रायपुर। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के निर्देश पर डीजीपी डीएम अवस्थी ने समीक्षा बैठक में सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को जुआ ,सट्टा ,अवैध शराब के कारोबार के विरुद्ध ऑपरेशन क्लीन चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी प्रकार के अवैध कारोबार पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसा पाये जाने पर संबंधित जिले के एसपी जिम्मेदार होंगे साथ ही समन्धित क्षेत्र के पुलिस अधिकारी के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी। श्री अवस्थी ने सभी पुलिस अधिकारियों से कहा कि ‘थोड़े कहे को ज्यादा समझिए’।
    डीजीपी श्री डी एम अवस्थी ने आज वीडियो काॅन्फ्रेसिंग के जरिए अपराधों की समीक्षा की। समीक्षा बैठक में सभी आईजी और एसपी मौजूद रहे।

    उन्होंने कहा कि महिला विरूद्ध अपराधों पर तत्काल कार्यवाही होनी चाहिए। महिला एवं बाल विरुद्ध अपराधों के लिए बनाई गई सेल शीघ्रता से कार्रवाई करें। जिससे महिला विरुद्ध अपराधों को रोका जा सके। शहर के ऐसे इलाके जो सुनसान हो एवं जहां छेड़खानी की घटनाएं अधिक होती हों वहां पर महिला पुलिस अधिकारियों की ड्यूटि लगायें।अपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस अधीक्षक स्वयं ऐसे पुलिसकर्मियों की ड्यूटि लगायें जिनका सूचना तंत्र मजबूत हो।

    डीजीपी ने चिट फण्ड प्रकरणों में शीघ्र कार्यवाही के निर्देश दिये। चिटफंड कम्पनी के संचालकों के विरुद्ध सख्त कारवाई के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि सायबर अपराधों पर तत्काल कार्रवाई करें। पुराने प्रकरणों को शीघ्रता से जांच कर निराकरण के निर्देश दिए। श्री अवस्थी ने विभागीय जांचों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए।
    बैठक में आईजी गुप्तवार्ता डॉ आनंद छावड़ा, डीआईजी सीआईडी श्रीमती हिमानी खन्ना, एआईजी श्री राजेश अग्रवाल, एआईजी श्री यू बी एस चौहान उपस्थित रहे।

  • सरकारी ज़मीन नीलामी नीति पर हाईकोर्ट ने दायर जनहित याचिका पर राज्य को दिया आदेश…

    सरकारी ज़मीन नीलामी नीति पर हाईकोर्ट ने दायर जनहित याचिका पर राज्य को दिया आदेश…

    रायगढ़। सरकारी ज़मीनों की नीलामी वाली राज्य सरकार की नीति के विरोध में हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से इस नीति के प्रभावी होने के बाद नीलामी और आबंटन से जूड़े सभी रिकॉर्ड तलब किए हैं।यह याचिका सुशांत शुक्ला की ओर से दायर की गई थी। याचिका में राज्य सरकार की इस नीति का इस आधार पर विरोध था कि, राज्य सरकार के विभिन्न कार्यों के लिए ज़मीनों की कमी है।

    भविष्य में जब विस्तार होगा तो ज़मीनों की और आवश्यकता पड़ेगी और इस नीति/योजना से नुक़सान है जबकि इस योजना का लाभ प्रभावशाली लोग ले रहे हैं। इस योजना से ग़रीबों को कोई लाभ नहीं है और बाद में राज्य सरकार को ज़मीनों की कमी होगी।
    इस मसले पर दायर जनहित याचिका पर पर प्रभारी चीफ़ जस्टिस प्रशांत मिश्रा और जस्टिस पी पी साहू की बेंच ने सुनवाई की और राज्य सरकार से प्रदेश के सभी ज़िलों में इस योजना के तहत नीलामी और आबंटन का पूरा ब्यौरा देने का निर्देश राज्य सरकार को दिया है। हाईकोर्ट में अगली सुनवाई चार हफ़्ते बाद होगी।

  • ACB ने किया बड़ा खुलासा,करोड़ों का आसामी निकला ADG..आज जीपी सिंह के यहां सुबह से लेकर शाम तक क्या-कुछ मिला

    ACB ने किया बड़ा खुलासा,करोड़ों का आसामी निकला ADG..आज जीपी सिंह के यहां सुबह से लेकर शाम तक क्या-कुछ मिला

    रायपुर, दुर्ग रेंज के IG रहे और ACB के पूर्व चीफ जीपी सिंह के सरकारी बंगले सहित 15 ठिकानों पर बेहिसाब अवैध संपत्ति, बड़े लेन-देन और शेल कंपनियों में निवेश करके मनी लॉन्ड्रिंग के सबूत मिले हैं। ACB (एंटी करप्शन ब्यूरो) की टीम उनके यहां 35 घंटों से कार्रवाई कर रही है। टीम ने गुरुवार सुबह 6 बजे रेड डाली थी। इसके बाद अफसर रातभर उनके घर डटे रहे। ACB को ओडिशा में बेहिसाब बेनामी संपत्ति के सबूत मिले हैं। गुरुवार देर रात तक जांच के बाद जीपी सिंह पर भ्रष्टाचार के मामले में FIR दर्ज कर ली गई है। कार्रवाई शुक्रवार को भी जारी है।
    राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं एन्टी करप्शन ब्यूरो, मुख्यालय रायपुर के अपराध क्रमांक 22/2021 धारा 13(1)बी 13(2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 यथासंशोधित 2018 के तहत अनुसंधान के अनुक्रम में श्री गुरजिंदर पाल सिंह, आईपीएस वर्तमान पदस्थापना निदेशक, राज्य पुलिस अकादमी चंदखुरी, रायपुर के प्रकरण में ईओडब्ल्यू की विभिन्न टीमों द्वारा छापामार एवं तलाशी कार्यवाही आज भी निरंतर जारी है।

    अब तक मिले दस्तावेजों, तथ्यों व अन्य साक्ष्यों के अवलोकन से निम्न तथ्य प्रकट हुए हैं:-

     

    1श्री गुरजिंदर पाल सिंह, उनकी धर्मपत्नी एवं पुत्र के नाम पर 75 से भी अधिक बीमा संबंधी दस्तावेज मिले हैं, जिनमें प्रीमियम के रूप में लाखों रूपये भुगतान किया जाना ज्ञात हुआ है।
    2. एक से अधिक एफयूएफ एकाउंट बनाये गये हैं जिनके आय एवं व्यय की गणना अभी की जा रही है। इसी तरह बैंकों एवं डाकघरों में कई खातों की जानकारी मिली है,जिसकी गणना की जा रही है।

    3 अब तक की जांच में 35 अवसरों पर शेयर एवं म्युचुअल फंड में बड़ी राशि का निवेशकिया गया है। अब तक की गणना में 1.5 करोड़ से अधिक रकम शेयर एवं चुअल फंड में निवेश किये जाने की जानकारी मिली है। गणना निरंतर जारी है।

    4 अब तक की जांच में पोस्ट ऑफिस में विभिन्न सावधि जमा के कई खाते पाये गयेहैं। गणना की प्रक्रिया निरन्तर जारी है। आकड़ों में और वृद्धि की सम्भावना है।
     
    5 ,अब तक की जांच में परिजनों के नाम पर हाइवा, जेसीबी, कांकीट मिक्सचर वाहनमशीन लगभग 75 लाख की जानकारी मिली है, जो परिजनों के नाम पर खरीदी गई

    6 अब तक की जांच में जमीन, मकान व फ्लैट में राज्य एवं राज्य के बाहर बड़ी मात्रामें निवेश की जानकारी मिली है। जिसका आकलन किया जा रहा है।https://googleads.g.doubleclick.net/pagead/ads?client=ca-pub-2599739909253663&output=html&h=343&adk=3778279294&adf=2298874321&pi=t.aa~a.1097654583~i.27~rp.4&w=412&lmt=1625318941&num_ads=1&rafmt=1&armr=3&sem=mc&pwprc=5138987475&psa=1&ad_type=text_image&format=412×343&url=https%3A%2F%2Fnayabharat.live%2Fcg-acb-raid-update-big-breaking-acb-raids-on-15-locations-of-adg-gp-singh-continues-till-now-2410&flash=0&fwr=1&pra=3&rh=319&rw=382&rpe=1&resp_fmts=3&sfro=1&wgl=1&fa=27&adsid=ChAI8JWAhwYQvI_58anDp45EEjkAO0PTJyqaTs_19QNdfgtR0FfXKGr9rV8qSewNRjyG54q4Zle4uGxPu2D3rZP-ZFu0KkiJO2won40&uach=WyJBbmRyb2lkIiwiMTAiLCIiLCJTTS1BNzUwRiIsIjkxLjAuNDQ3Mi4xMjAiLFtdLG51bGwsbnVsbCxudWxsXQ..&tt_state=W3siaXNzdWVyT3JpZ2luIjoiaHR0cHM6Ly9hZHNlcnZpY2UuZ29vZ2xlLmNvbSIsInN0YXRlIjo2fSx7Imlzc3Vlck9yaWdpbiI6Imh0dHBzOi8vYXR0ZXN0YXRpb24uYW5kcm9pZC5jb20iLCJzdGF0ZSI6N31d&dt=1625318941092&bpp=15&bdt=8077&idt=-M&shv=r20210630&ptt=9&saldr=aa&abxe=1&cookie=ID%3D26e752b21af7e596-22645bb91aca001f%3AT%3D1625230241%3ART%3D1625230241%3AS%3DALNI_Ma6HP1xjvRXV4Kk_XyHILecd8D9nw&prev_fmts=0x0%2C412x343%2C412x343%2C412x343&nras=5&correlator=5750941098411&frm=20&pv=1&ga_vid=993718417.1625230239&ga_sid=1625318940&ga_hid=1450355788&ga_fc=0&u_tz=330&u_his=1&u_java=0&u_h=846&u_w=412&u_ah=846&u_aw=412&u_cd=24&u_nplug=0&u_nmime=0&adx=0&ady=3280&biw=412&bih=718&scr_x=0&scr_y=0&eid=21067496%2C31061661&oid=3&pvsid=3792236355297691&pem=100&eae=0&fc=1408&brdim=0%2C0%2C0%2C0%2C412%2C0%2C412%2C718%2C427%2C744&vis=1&rsz=%7C%7Cs%7C&abl=NS&fu=1152&bc=31&jar=2021-07-01-07&ifi=5&uci=a!5&btvi=4&fsb=1&xpc=V8x6nC1Yjz&p=https%3A//nayabharat.live&dtd=341

    7. अब तक की जांच में कई बहुराज्यीय कंपनियों से परिजनों के बैंक खातों में 1 करोड़ से अधिक की जमा होने का पता चला है। अग्रिम जांच पर यह रकम और बढ़ने की संभावना है।

    8. इस प्रकार अब तक की जांच में कुल 5 करोड़ से अधिक की चल-अचल सम्पत्तियों का पता लगाया गया है।

    9. जांच के तारतम्य में आज भी प्राप्त दस्तावेजों एवं जानकारियों के आधार पर अनेक व्यक्तियों से पूछताछ की गई और उनके कथन लिये गये हैं, जिससे और नये तथ्य प्रकट होने के सम्भावना है।

    10. जांच दल को निवास स्थान पर लगे सीसीटीवी के डीवीआर का अब तक पता नहीं चला है, जिसकी निरन्तर खोज जारी है। तलाशी कार्यवाही निरन्तर जारी है।

  • आईपीएस GP सिंह के घर तीसरे दिन भी कार्रवाई जारी रही, करोड़ो के निवेश का पता चला , पत्नी और बेटे के नाम पर भी …

    आईपीएस GP सिंह के घर तीसरे दिन भी कार्रवाई जारी रही, करोड़ो के निवेश का पता चला , पत्नी और बेटे के नाम पर भी …

    रायपुर। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम की ओर से दूसरे दिन भी IPS GP सिंह के घर में और उनके ठिकानों पर कार्रवाई जारी रही। जीपी सिंह के अलग-अलग ठिकानों से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज सहित कई बैंक अकाउंट, शेयर और म्युचुअल फंड में निवेश की जानकारी मिली है।

    मिली जानकारी के अनुसार गुरजिंदर पाल सिंह, उनकी धर्मपत्नी और बेटे के नाम पर 75 से भी अधिक बीमा संबंधी दस्तावेज मिले हैं, जिनमें प्रीमियम के रूप में लाखों रूपये भुगतान किया गया। एक से अधिक एफयूएफ एकाउंट बनाए गए हैं, जिनके आय एवं व्यय की गणना अभी की जा रही है। इसी तरह बैंकों और डाकघरों में कई खातों की जानकारी मिली है। जिसकी गणना की जा रही है।

    अब तक की जांच में 35 अवसरों पर शेयर और म्युचुअल फंड में बड़ी राशि का निवेश किया गया है। अब तक की गणना में 1.5 करोड़ से अधिक रकम शेयर और म्युचुअल फंड में निवेश किए जाने की जानकारी मिली है।

  • आईपीएस GP सिंह के कई संबंधितों के घर भी दबिश, कंप्यूटर ऑपरेटर, CA के घर छापेमारी के बाद चर्चा का बाजार गर्म, सरकार ने निलंबन की…

    आईपीएस GP सिंह के कई संबंधितों के घर भी दबिश, कंप्यूटर ऑपरेटर, CA के घर छापेमारी के बाद चर्चा का बाजार गर्म, सरकार ने निलंबन की…

    छत्तीसगढ़ के ताकतवर अफसरों में शुमार आईपीएस अफसर जीपी सिंह के ठिकानों पर ACB के छापों के बाद अब उनको लेकर कई कहानियों के साथ चर्चाओं का बाजार गर्मा रहा है। सरकार के द्वारा इन्हें निलंबित किये जाने की तैयारी की भी चर्चा जोर शोर से की जा रही है।
    सूत्रों के मुताबिक, जीपी सिंह का पैसा ओडिशा की आयरन ओर (लोह अयस्क) खदानों में लगा है। बड़बिल इलाके की कुछ खदानों में रायपुर के व्यापारियों के माध्यम से यह निवेश करने की बात सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि जीपी सिंह के नाम पर या उनके करीबियों के नाम पर कई एकड़ जमीन बस्तर में मिल सकती है।

    इसके अलावा, एसीबी की एक टीम ने जीपी सिंह के कंप्यूटर ऑपरेटर मनी भूषण के एसबीआई के पास स्थित मकान में छापा मारा है। वहां से कंप्यूटर ऑपरेटर का पूरा सिस्टम जब्त कर लिया गया है।

    बताया जा रहा है कि खुफिया सिस्टम से फोन सुनने के शक के चलते ऐसा किया गया है। वहीं राजनांदगांव में भी सिंह के CA के घर पर कार्रवाई चल रही है। वीआईपी रोड स्थित शगुन फार्म हाउस और प्रीतपाल सिंह के घर पार भी रेड की गई है।

  • चंदे को लेकर चैटिंग का लीक हुआ स्क्रीन शॉट! सांसद गोमती के हाथ लगा बड़ा मामला, सांसद बोली -छोड़ूंगी नहीं ,सबूत है…

    चंदे को लेकर चैटिंग का लीक हुआ स्क्रीन शॉट! सांसद गोमती के हाथ लगा बड़ा मामला, सांसद बोली -छोड़ूंगी नहीं ,सबूत है…

    जिले के राईस मिलरों से काँग्रेस पार्टी के द्वारा पैसे की मांग किये जाने का नया मामला सामने आया है । मामले को सामने लाने वाले कोई और नहीं बल्कि विपक्षी पार्टी भाजपा है ।भाजपा की ओर से कहा जा रहा है कि काँग्रेस पार्टी जिले के राईस मिलरो से चंदा वसूल रही है।
    दरअसल, भाजपा को राईस मिलर्स एशोसिएसन व्हाट्सएप्प ग्रुप में चंदे को लेकर राईस मिलरो के द्वारा आपसी बात चीत का स्क्रीन शॉट हाथ लग रहा है । इस स्क्रीन शॉट में अंग्रेजी में लिखा है -list of Miller’s quantity if if rice for @ 600 0er lot send by reprentetive of Congress party “इसके बाद हिंगलिश में लिखा है ye collection bhi jld se jld karna hai ji ‘bar bar khabar aa rahi hai.

    भाजपा नेताओं के हाथ मे स्क्रीन शॉट आने के बाद यह स्क्रीन शॉट जब क्षेत्रीय सांसद गोमती साय को लगा तो उन्होंने पूरी पार्टी को घेरना शुरू कर दिया ।

    गोमती साय ने मुनादी डॉट कॉम को बताया कि यह दुर्भाग्यजनक है और इसकी जितनी भी भर्त्सना की जाय कम है ।राईस मिलरो पर राजनीतिक दबाव बनाकर चंदा मांगना इनकी नीयत और नियति को स्पष्ट करता है । 600 प्रति लॉट के हिसाब से लाखों की वसूकी का खेल खुल्लम खुल्ला चल रहा है।जिले में 37 राईस मिल है इससे अनुमान लगाया जा सकता है वसूली का दर क्या होगा।

    उन्होंने कहा कि वह इस मामले से पार्टी के बड़े नेताओं को अवगत करा रही है । पार्टी के आला नेताओं से चर्चा करके इस पर रणनीति तैयार की जाएगी ।

    इस मामले में जब राईस मिलर्स एशोसिएशन के प्रवीण अग्रवाल से दूरभाष पर सम्पर्क किया गया तो उन्होंने चंदे वाली बात से इंकार किया है ।उन्होंने ज्यादा कुछ तो नही बताया लेकिन इतना जरूर कहा कि इस तरह की कोई बात नही है ।

    आपको बता दें कि स्क्रीन शॉट में जिस नम्बर से मैसेज है वो नम्बर प्रवीण अग्रवाल का ही है । बहरहाल , मामले को सामने आने के बाद राईस मिलर्स भले ही चंदे की बात से इनकार कर रहे हों लेकिन भाजपा हाथ आये मुद्दे को शियासी हवा देकर काँग्रेस को अच्छे से घेरने की तैयारी में जरूर जुट गयी है । देखना यह है कि बात कितने दूर तलक जाएगी ।

    कोषाध्यक्ष का ये है बयान

    इस मामले में काँग्रेस पार्टी के कोषाध्यक्ष महेंद्र अग्रवाल ने पूछने पर बठाया कि अभी तक तो किसी ने एक रुपये भी नहीं दिए बाद में उन्होंने चंदा सम्बंधित किसी भी मामले से इनकार कर दिया ।उन्होंने कहा किसी से पैसे नहीं मांगे गए हैं।

  • कार पर Covid -19 इमरजेंसी ड्यूटी का स्टीकर लगाकर घूमता था तस्कर….अपने मकान के सामने लगा रखा था होम्योपैथी डॉक्टर का बोर्ड…

    कार पर Covid -19 इमरजेंसी ड्यूटी का स्टीकर लगाकर घूमता था तस्कर….अपने मकान के सामने लगा रखा था होम्योपैथी डॉक्टर का बोर्ड…

    छत्तीसगढ़ के बिलासपुर पुलिस ने एक शातिर गांजा तस्कर को गिरफ्तार किया है। वह बकायदा कोविड-19 में एक अस्पताल कर्मचारी के लिए ड्यूटी कर रहा था। वह कार भी उसी कर्मचारी की है। पुलिस ने उसके खंडहरनुमान मकान से करीब एक करोड़ रुपए का गांजा बरामद किया है। खास बात यह है कि उस मकान के बाहर भी होम्योपैथिक डॉक्टर का बोर्ड लगा था। मामला तखतपुर थाना क्षेत्र का है।

    जानकारी के मुताबिक, पुलिस को सूचना मिली कि एक गांजा तस्कर स्विफ्ट कार में घूम रहा है। इसके बाद पुलिस ने पीछा शुरू किया और देवरी खमरिया के पास घेराबंदी कर पकड़ लिया। जांच के दौरान पता चला कि कार चालक मोपका निवासी हरीश साहू गांजा तस्कर है। वह साल 2016 में भी पकड़ा जा चुका था। कार की तलाशी में कुछ नहीं मिला, लेकिन तस्करी से तार पुराने जुड़े होने के कारण पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।

    सुबह मकान में छापा मारा तो मिला गांजे का भंडार


    पूछताछ के दौरान जानकारी सामने आने पर पुलिस ने शनिवार सुबह तखतपुर पॉलिटेक्लिक कॉलेज के पास ग्राम खपरी में एक खंडहरनुमान मकान पर छापा मारा। इस मकान से पुलिस को 24 बोरी और अलग-अलग बैग में 9 क्विंटल गांजा बरामद हुआ है। यह मकान आरोपी हरीश साहू का ही है। इसे उसने दो साल पहले खरीदा था। पुलिस का कहना है कि मकान में गांजा होने की सूचना मिली थी, लेकिन किसका था यह स्पष्ट नहीं था।

    सब्जी की पिकअप में ओडिशा से लाता था गांजा


    तखतपुर SDOP रश्मित कौर चावला ने बताया कि कार के आधार पर अस्पताल प्रबंधन और उसकी बहन से भी पूछताछ की जाएगी। अभी तक पता चला है कि वह ओडिशा से सब्जियों के साथ पिकअप में गांजा लेकर आता था। उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र का सबसे बड़ा गांजा डीलर है। इस मकान में गांजा भरा है, इसकी जानकारी थी। यह भी आशंका थी कि मकान हरीश का ही है, लेकिन वह स्वीकार नहीं कर रहा था। फिर पूछताछ के दौरान स्वीकार कर लिया।