Author: Sunil Agrawal

  • बिना हाई कोर्ट की इजाजत MP/MLAs के खिलाफ मुकदमे वापस नहीं ले सकेंगी राज्य सरकारें…

    बिना हाई कोर्ट की इजाजत MP/MLAs के खिलाफ मुकदमे वापस नहीं ले सकेंगी राज्य सरकारें…

    सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने संसदों और विधायकों (MP/MLA) के खिलाफ मुकदमों को लेकर एक अहम आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा है कि बिना हाई कोर्ट की इजाजत के बिना राज्य सरकारें सांसदों और विधायकों के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस नहीं ले सकेंगी।

    सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने संसदों और विधायकों (MP/MLA) के खिलाफ मुकदमों को लेकर एक अहम आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा है कि हाई कोर्ट की इजाजत के बिना राज्य सरकारें सांसदों और विधायकों के खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस नहीं ले सकेंगी.
    दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी जिसमें कहा गया था कि मौजूदा सांसदों और विधायकों के खिलाफ दर्ज मुकदमों का स्पेशल कोर्ट में स्पीडी ट्रायल होना चाहिए. मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी हाई कोर्ट के रजिस्टार जनरल अपने चीफ जस्टिस को सांसद और विधायकों के खिलाफ लंबित, निपटारे की जानकारी दें।
    इसके अलावा सीबीआई कोर्ट और अन्य कोर्ट सांसदों और विधायकों के खिलाफ लंबित मामलों की सुनवाई जारी रखें. सांसदों/ विधायकों के खिलाफ आपराधिक ट्रायल के जल्द निपटारे की निगरानी के लिए सुप्रीम कोर्ट ने स्पेशल बेंच का गठन करने का फैसला किया है।

    नेताओं के खिलाफ आपराधिक मामलों के जल्द निपटारे का मामला के मामले में CJI ने ED की स्टेटस रिपोर्ट अखबारों में छपने पर नाराजगी जताई. नाराजगी जताते हुए कोर्ट ने कहा कि आज हमने पेपर में रिपोर्ट पढ़ी. सब मीडिया को पहले ही मिल जाता है. CBI की तरफ से SG तुषार मेहता ने कहा कि CBI ने इस मामले में अभी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल नहीं की हैय कुछ समय चाहिए रिपोर्ट दाखिल करने के किये. सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए एक हफ्ते का समय दिया है।

     ED की स्टेटस रिपोर्ट पर सुप्रीम कोर्ट ने असंतुष्टि जताते हुए कहा कि ये तो केवल कागज़ का दस्ता है. कोई प्रॉपर फॉर्मेंट में नहीं है. इसमें पूरी जानकारी नहीं दी गई है. SG तुषार मेहता ने कोर्ट से समय मांगा और फॉर्मेंट के हिसाब से स्टेटस रिपोर्ट दाख़िल करने की इजाजत देने को कहा है. सीजेआई ने दो हफ्ते का समय दिया है।

  • महिला जिला उपाध्यक्ष से अश्लील बातें और गाली गलौज, प्रदेश कांग्रेस महासचिव के खिलाफ दर्ज हुई FIR…

    महिला जिला उपाध्यक्ष से अश्लील बातें और गाली गलौज, प्रदेश कांग्रेस महासचिव के खिलाफ दर्ज हुई FIR…

    दिल्ली से सटे गौतमबुद्धनगर में कांग्रेस की महिला जिला उपाध्यक्ष ने पार्टी के दो पदाधिकारियों पर अश्लील बातचीत, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है. महिला नेता ने इस मामले में पार्टी के रवि भाटी और प्रदेश महासचिव विदित चौधरी के खिलाफ ग्रेटर नोएडा के बीटा-2 थाने में केस दर्ज करवाया है. पुलिस ने आईपीसी की धारा 504, 506 और 509 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और आगे की जांच में जुट गई है.

    ग्रेटर नोएडा के कोतवाली बीटा-2 में शिकायत दर्ज कराने पहुंची महिला मोर्चा की जिला उपाध्यक्ष ने कहा कि दादरी के रहने वाले पार्टी पदाधिकारी रवि भाटी ने 24 जनवरी की शाम उन्हें फेसबुक मैसेंजर पर अश्लील सामग्री भेजी थी. इसकी शिकायत उन्होंने जिले के सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों से की थी. पदाधिकारियों ने आश्वासन दिया कि रवि भाटी को पार्टी से निष्कासित किया जाएगा, लेकिन महीनों बीत गए और कोई कार्रवाई नहीं की गई. उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक रवि भाटी के खिलाफ कोई भी एक्शन नहीं लिया गया है. इस वजह से उसका हौसला बढ़ता जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि रवि भाटी को प्रदेश महासचिव का संरक्षण हासिल है. प्रदेश महासचिव विदित चौधरी पर भी अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगा है. इसके अलावा तीन अन्य लोगों के खिलाफ भी मुकदमा कराया गया है.

  • राजस्व विभाग ने की बड़ी कार्रवाई…. तहसीलदार और पटवारी को किया निलंबित….

    राजस्व विभाग ने की बड़ी कार्रवाई…. तहसीलदार और पटवारी को किया निलंबित….

    शासकीय कार्य में गंभीर लापरवाही और अनियमितता बरतने पर बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के सिमगा तहसील के पटवारी कोमल चंद कोसले और प्रभारी नायब तहसीलदार ममता ठाकुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार तहसील सिमगा के अंतर्गत पटवारी हल्का नंबर 31 आमाकोनी के हल्का पटवारी कोमल चंद कोसले जो पटवारी हल्का नंबर 27 जांगड़ा के अतिरिक्त प्रभार में हैं। 
     
     
    उनके द्वारा एक नामंतरण प्रकरण को निराकृत करने के लिए 8 हजार रूपए की मांग की गई, जिसमें से 5 हजार रूपए प्रभारी तहसीलदार सिमगा ममता ठाकुर को देने के संबंधी एक वीडियो वायरल होने के कारण प्रशासन द्वारा इसे गंभीरता से लेते हुए दोनों के विरूद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही करते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियंत्रण एवं अपील नियम 1966 के नियम 9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। 

    नायब तहसीलदार ममता ठाकुर को संभागायुक्त रायपुर ने तत्काल प्रभाव से निलंबन आदेश जारी कर निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कलेक्टर कार्यालय बलौदाबाजार निर्धारित किया है। इसी तरह से अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सिमगा द्वारा निलंबन आदेश जारी कर पटवारी कोमल चंद कोसले को निलंबन अवधि में मुख्यालय तहसील कार्यालय सिमगा नियत किया है। निलंबन अवधि में नायब तहसीलदार ममता ठाकुर और पटवारी कोमल चंद कोसले को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते देय होंगे।

  • अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन खरसिया ने धूमधाम से मनाया तीज उत्सव

    अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन खरसिया ने धूमधाम से मनाया तीज उत्सव

    खरसिया। अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन शाखा खरसिया ने बड़े ही धूमधाम से तीज उत्सव मनाया गया। समिति की अध्यक्ष राखी अग्रवाल ने बताया कि तीज के कार्यक्रम में कोरोना के दौरान जिन्होंने भी अपनों को खोया है उनको श्रद्धांजलि देने 1 मिनट का मौन धारण किया गया। समिति के सदस्यों के द्वारा डांस कंपीटीशन रखा गया था जिसमें सभी ने बढ़-चढ़कर भाग लिया, जिससे प्रोग्राम बहुत ही मनोरंजक हो गया। संगीता नूतन का मंच संचालन बहुत ही आकर्षक था। तीज के लिए सभी सदस्यों द्वारा किया गया आकर्षक परिधान, खूबसूरत सिंगार प्रोग्राम में चार चांद लगा रहा था। खानपान का भी पूरा प्रबंध था। सभी सदस्यों को सिंधारा रूपी उपहार भी दिया गया।

  •  इन पंचायत सचिवों के विरुद्ध शुरू हुई सरकारी मुहिम,जारी हुआ ऐसा आदेश ,पढिये पूरी खबर

     इन पंचायत सचिवों के विरुद्ध शुरू हुई सरकारी मुहिम,जारी हुआ ऐसा आदेश ,पढिये पूरी खबर

    कई सालों से एक ही पंचायत में अंगद की पांव की तरह पैर जमाये बैठे पंचायत सचिवों के लिए बुरी खबर है।खबर है कि अब इन्हें दूसरे जगह तबादला करने के आदेश जारी हो गए है।

    उपसंचालक पंचायत के द्वारा जिले भर के जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को शसकीय पत्र जारी कर उनके जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायतों के ऐसे सचिवों की सूची तैयार करने को कहा गया है जो या तो अपने गृह ग्राम में पदस्थ हैं या एक ही पंचायत में 10 वर्षो से जमे है।

    उपसंचालक पंचायत द्वारा जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अदिकारियों से 7 दिवस के भीतर सूची तैयार करने को कहा है।पत्र में लिखा गया है कि एक ही पंचायत मे जमे होने के कारण पंचायत सचिव मनमानी करते है और पंचायत का कार्य शुचारु ढंग से नही हो पाता ।

  • DGP कार्यालय की सच्चाई! आरक्षक ने रिश्वतखोरी, ट्रांसफर में सेटिंग और उगाही का खोला कच्चा चिट्ठा, फिर सौंप दिया इस्तीफा

    DGP कार्यालय की सच्चाई! आरक्षक ने रिश्वतखोरी, ट्रांसफर में सेटिंग और उगाही का खोला कच्चा चिट्ठा, फिर सौंप दिया इस्तीफा

    रायपुर। राजधानी रायपुर के पुलिस विभाग पर बदनुमा दाग लग रहा है. एक पुलिस आरक्षक ने DGP कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारियों के कई राज खोले हैं. आरक्षक ने प्रताड़ित होकर बाबुओं के काले कारनामों की कहानी पेश की है. आरक्षक ने सोशल मीडिया पर अपना दर्द बयां कर इस्तीफा सौंप दिया. DGP कार्यालय के अंदरखाने में जो होता है, उसे सुन और देखकर हर कोई चौंक गया है. सोशल मीडिया पर भी कई तरह की बातें की जा रही है।

    दरअसल, पीड़ित आरक्षक संजीव मिश्रा DGP कार्यालय अपराध अनुसंधान शाखा पुलिस मुख्यालय रायपुर में पदस्थ है, जिसने इस्तीफा सौंपकर सोशल मीडिया पर दर्द बयां किया है. आरक्षक ने लिखा कि ऐसी भी क्या मजबूरी सरकार या अधिकारियों की, जिसके कर्मचारी अपने विभाग प्रमुख से नहीं मिल सकते हैं. अपनी परेशानी अधिकारी के समक्ष नहीं रख सकते हैं।

    आरक्षक ने लिखा कि ट्रांसफर के लिए लोग नेताओं के चक्कर लगा रहे हैं. बाबुओं को लाखों रुपए दे रहे हैं. पुलिस विभाग में पुलिस मुख्यालय के लोग खुद विभाग प्रमुख से नहीं मिल पा रहे हैं, तो जिला वालों की क्या स्थिति होगी. सोच कर रूह कांप जाती है. बस अपना दुख बताने के लिए रोज 50 लोग दूर जिलों से आते हैं. अपने बुजुर्ग माता-पिता को लेकर, प्रेगनेंट बीवी को लेकर निराशा ही हाथ लगती है. यहां बैठे बाबू, कर्मचारी पैसे उगाही में लगे हुए हैं।

    आरक्षक संजीव मिश्रा ने बताया कि शुक्रवार की शाम मुझे पता चला कि पुलिस मुख्यालय के कुछ अधिकारी अपने मनमानी तरीके से गुप्त रूप से कंप्लेंट लिस्ट तैयार कर रहे हैं, जिसमें मेरा और कई लोगों का नाम भी बिना पृष्टि के डाल दिया गया था, लेकिन जब मैं शनिवार को डीजीपी साहब को नामजद पत्र लिखकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी देनी चाही तो मेरा पत्र वहां तक पहुंचता ही नहीं है।

    आरक्षक ने कहा कि मेरे पत्र को कुछ अधिकारी वहां पर रोक देते हैं. पुलिस मुख्यालय के उच्च अधिकारी अपने लोगों का ट्रांसफर रोककर हम जैसे लोगों को जबरदस्ती भेज देते हैं. पुलिस मुख्यालय के कुछ चुनिंदा अधिकारियों के रवैये से तंग आकर मैं इस्तीफा दिया हूं. भविष्य में अगर डीजीपी साहब से मुलाकात नहीं होती है, तो मैं अधिकारियों के नाम का भी खुलासा करूंगा

  • रायगढ़ में रविन्द्र चौबे, जशपुर चिन्तामणि महाराज तो उमेश पटेल बलौदाबाजार में करेंगे ध्वजारोहण

    रायगढ़ में रविन्द्र चौबे, जशपुर चिन्तामणि महाराज तो उमेश पटेल बलौदाबाजार में करेंगे ध्वजारोहण

    स्वतंत्रता दिवस पर कौन मंत्री कहाँ झंडारोहण करेगा इसकी सूची सरकार ने जारी कर दी है। रायपुर राजधानी मेम जहां स्वयं मुख्यमंत्री ध्वजारोहण करेंगे वहीं रायगढ़, जशपुर सहित सभी जिलों मेम ध्वजारोहण के लिए सरकार ने मंत्रियों और संसदीय सचिवों की सूची जारी कर दी है।

    रायगढ़ में जहां मंत्री रविन्द्र चौबे ध्वजारोहण करेंगे वहीं जशपुर जिले के लिए चिन्तामणि महाराज को ध्वजारोहण की जिम्मेदारी दी गई है। बिलासपुर में मंत्री जय सिंह अग्रवाल, कोरबा में प्रेम सिंह टेकाम ध्वजारोहण करेंगे वहीं रायगढ़ जिले के मंत्री उमेश पटेल बलौदाबाजार में ध्वजारोहण करेंगे। उत्तमदन मिंज को ध्वजारोहण के लिए बलरामपुर जाएंगे।

  • राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल बिलासपुर एवं CM भूपेश राजधानी में करेंगे ध्वजारोहण…

    राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल बिलासपुर एवं CM भूपेश राजधानी में करेंगे ध्वजारोहण…

    रायपुर। प्रदेश में 15 अगस्त 2021 को स्वतंत्रता दिवस पूरी गरिमा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राऊण्ड में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वजारोहण करेंगे। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत कोरिया जिला मुख्यालय में एवं उपाध्यक्ष श्री मनोज सिंह मण्डावी कोण्डागांव जिला मुख्यालय में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वजारोहण करेंगे। अन्य जिला मुख्यालयों में मंत्रीगण और संसदीय सचिव राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और मुख्यमंत्री का प्रदेश की जनता के नाम संदेश का वाचन करेंगे।

    राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा प्रदेश के जिला मुख्यालयों में ध्वजारोहण हेतु मुख्य अतिथियों की सूची जारी कर दी गई है। गृह एवं लोक निर्माण मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू महासमुंद में, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव कबीरधाम में, कृषि एवं जल संसाधन मंत्री श्री रविन्द्र चौबे रायगढ़ में, वन एवं परिवहन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर दुर्ग में, स्कूल शिक्षा तथा अनुसूचित जाति तथा आदिम जाति विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम कोरबा में, उद्योग एवं आबकारी मंत्री श्री कवासी लखमा बस्तर में, नगरीय प्रशासन एवं श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया सरगुजा में, खाद्य एवं संस्कृति मंत्री श्री अमरजीत भगत राजनांदगांव में, उच्च शिक्षा एवं खेल मंत्री श्री उमेश पटेल बलौदाबाजार-भाटापारा में, राजस्व एवं वाणिज्यिक कर मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल बिलासपुर में तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं ग्रामोद्योग मंत्री श्री गुरू रूद्रकुमार मुंगेली मंे, महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंड़िया कांकेर जिला मुख्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में ध्वजारोहण करने के पश्चात मुख्यमंत्री का प्रदेश की जनता के नाम संदेश का वाचन करेंगे।

    इसी प्रकार संसदीय सचिव श्री यू.डी. मिंज बलरामपुर में, श्री विकास उपाध्याय बेमेतरा में, श्री रेखचंद जैन सुकमा में, श्री इन्द्रशाह मंडावी दंतेवाड़ा में, श्री विनोद सेवनलाल चन्द्राकर धमतरी में, श्री चिन्तामणि महाराज जशपुर में, श्री द्वारिकाधीश यादव गरियाबंद में, श्री शिशुपाल सोरी बीजापुर में, श्री पारसनाथ राजवाड़े गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में, सुश्री शकुंतला साहू सूरजपुर में, श्री गुरूदयाल सिंह बंजारे नारायणपुर में, डॉ. श्रीमती रश्मि आशीष सिंह बालोद में एवं श्री चन्द्रदेव प्रसाद राय जांजगीर-चांपा जिला मुख्यालय में आयोजित 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में ध्वजारोहण करने के बाद मुख्यमंत्री का प्रदेश की जनता के नाम संदेश का वाचन करेंगे।

  • शिकायत के बाद दिल्ली से जांच के आदेश, मेडिकल कॉलेज में जूनियर छात्रों की रैगिंग , प्रबंधन ने 7 छात्रों को किया सस्पेंड…

    शिकायत के बाद दिल्ली से जांच के आदेश, मेडिकल कॉलेज में जूनियर छात्रों की रैगिंग , प्रबंधन ने 7 छात्रों को किया सस्पेंड…

    जगदलपुर। संभाग के सबसे बड़े डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में जूनियर छात्रों की रैगिंग लेने का मामला प्रकाश में आया है. शिकायत मिलने पर मामले की जांच की गई. जांच में शिकायत सही पाए जाने पर कॉलेज प्रबंधन ने 7 सीनियर छात्रों को एक साल के लिए सस्पेंड कर दिया है।

    जानकारी के मुताबिक, बीते 8 अगस्त की देर रात डिमरापाल मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल के एक कमरे में कुछ सीनियर छात्र अपने जूनियर छात्रों की रैगिंग ले रहे थे. इस दौरान सीनियर छात्रों ने कुछ छात्रों की रैगिंग का नाम पर मारपीट भी कर दिया. रैगिंग से परेशान होकर एक जूनियर छात्र ने इसकी ऑनलाइन शिकायत एन्टी रैगिंग सेंट्रल कमिटी (दिल्ली) को कर दी. शिकायत मिलने के बाद डिमरापाल मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को दिल्ली से इस मामले की जांच करने का आदेश जारी हुआ।

     आदेश के बाद मेकॉज प्रबंधन की एक टीम ने मामले की जांच शुरू की. जांच में दोषी पाए जाने के बाद कॉलेज प्रबंधन ने 7 सीनियर छात्रों को एक साल के लिए सस्पेंड कर दिया है. जिसकी पुष्टि डिमरापाल मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ यूएस पैकरा ने की है।

    मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ यूएस पैकरा ने बताया कि इस मामले की ऑनलाइन शिकायत किसी छात्र ने एन्टी रैगिंग सेंट्रल कमेटी दिल्ली को की थी. एंटी रैगिंग सेंट्रल कमेटी के द्वारा आदेश जारी होने के बाद मेडिकल कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी की मीटिंग बुलाई गई, और मामले में जांच की गई. जांच में दोषी पाए जाने पर 7 सीनियर छात्रों को एक साल के लिए सस्पेंड कर दिया गया है. उनका कहना था कि एंटी रैगिंग बीयूरो में अगर सीनियर द्वारा दी गई छोटी सी गाली की शिकायत पर भी तत्काल कार्यवाई करने का प्रावधान है।

  • ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी समेत 6 टीएमसी नेताओं पर FIR…

    ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी समेत 6 टीएमसी नेताओं पर FIR…

    पश्चिम बंगाल के बाद अब त्रिपुरा में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच सियासी घमासान शुरू हो गया है। हाल ही में हुई राजनीतिक हिंसा की घटनाओं को लेकर जारी आरोप-प्रत्यारोप के बीच त्रिपुरा पुलिस ने बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और सांसद अभिषेक बनर्जी समेत तृणमूल नेताओं डोला सेन, ब्रत्य बसु, कुणाल घोष, सुबल भौमिक और श्रीप्रकाश दास के खिलाफ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इन पर अतिरिक्त एसपी और एसडीपीओ खोवाई के साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार करने और उनकी ड्यूटी में बाधा पहुंचाने का आरोप है।

    प्राथमिकी में कहा गया है कि रविवार सुबह 14 तृणमूल नेताओं और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद मंत्री ब्रत्य बसु और सांसद डोला सेन के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं का एक समूह खोवाई थाने पहुंचा। इसके तुरंत बाद ही अभिषेक बनर्जी भी थाने पहुंच गए। टीएमसी नेताओं ने एडिशनल एसपी और अन्य पुलिसकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया। अब त्रिपुरा पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई है।

    क्या है मामला
    पिछले दिनों टीएमसी के तीन युवा नेताओं, देबांग्शु भट्टाचार्य, सुदीप राहा और जया दत्ता पार्टी के काम से त्रिपुरा गए थे। इस दौरान रास्ते में रोककर इन लोगों पर हमला किया गया। युवा नेताओं ने आरोप लगाया कि उनकी कारों को अंबासा रोड पर रोका गया और हमला किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अगरतला के बाद धर्मनगर में गोलियां चलाई गईं और एक टीएमसी कार्यालय में तोड़फोड़ की गई। इसके बाद त्रिपुरा पहुंचे अभिषेक बनर्जी को भी काले झंडे दिखाए गए। आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ता ने उनकी कार पर डंडे से हमला किया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    इसके बाद खोवई थाने पर प्रदर्शन कर रहे तृणमूल के 14 नेताओं और कार्यकर्ताओं को कोरोना नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। इनमें बीते दिन भाजपा कार्यकर्ताओं के कथित हमलों में घायल कार्यकर्ता भी शामिल हैं। इन सभी को खोवाई में सीजेएम अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत भी दे दी गई।