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  • कोलकाता अस्पताल का डार्क स्पॉट सील होता तो डॉक्टर से नहीं हो पाती दरिंदगी, देश में 1000 लोगों पर 11 CCTV कैमरे…सुरक्षा कैसे?

    कोलकाता अस्पताल का डार्क स्पॉट सील होता तो डॉक्टर से नहीं हो पाती दरिंदगी, देश में 1000 लोगों पर 11 CCTV कैमरे…सुरक्षा कैसे?


    कोलकाता डॉक्टर केस में आरोपी की जांच की जा रही है। पीड़िता को इंसाफ दिलाने के लिए कैंडल मार्च निकाले जा रहे हैं और धरना-प्रदर्शन किए जा रहे हैं। मगर, बड़ा सवाल यह है कि क्या निर्भया केस के 12 साल बाद भी महिलाओं समेत आम लोगों की सुरक्षा के लिए क्या उपाय किए गए? क्या स्कूल, अस्पताल या दफ्तरों या गली-मोहल्लों के मोड़ पर बियाबान हो चुके ऐसे डार्क स्पॉट की पहचान की गई, जहां अपराध होने की गुंजाइश सबसे ज्यादा होती है। आइए-एक्सपर्ट से जानते हैं कि ये क्या बला है और इसे लेकर क्या थ्योरी दी जाती है।

    नई दिल्ली: कोलकाता डॉक्टर केस में सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी की सरकार ने तीन पुलिस अफसरों को सस्पेंड कर दिया। कहा जा रहा है कि डॉक्टर ने दिनभर काम करने के बाद रात को बेकार पड़े अस्पताल के सेमिनार हॉल में अपने सहकर्मियों के साथ खाना खाया था और सबके जाने के बाद थकने की वजह से वहां आराम करने लग गई थी। उसी वक्त शराब पीकर अस्पताल के पिछले दरवाजे से आरोपी घुसा और उसने मौका पाकर डॉक्टर पर हमला कर दिया। उसने दरिंदगी की हद पार करते हुए डॉक्टर का रेप करने के बाद उसे मार डाला। डॉक्टर का बेजान शरीर रात भर वहीं पड़ा रहा। अगले दिन जब सुबह सफाई करने वाला वहां गया तो उसने डॉक्टर के शव को देखा। इस केस में बड़ा सवाल ये उठ रहा है कि आरजी कर मेडिकल अस्पताल के डार्क स्पॉट को यों ही क्यों छोड़ दिया गया। क्या यही हालत पूरे देश की है। यह भी कहा जा रहा है कि दिसंबर, 2012 में निर्भया गैंगरेप के बाद भी हम क्यों नहीं चेत पाए हैं? क्यों नहीं अस्पताल, स्कूल जैसी जगहों पर और गली-मोहल्लों के सुनसान इलाकों या मोड़ पर सुरक्षा के उपाय क्यों नहीं किए गए? क्यों नहीं सीसीटीवी या लाइटें लगाई गईं। जानते हैं सारे सवालों के जवाब।



    अस्पताल का सेमिनार हॉल बन गया था डार्क स्पॉट, अस्पताल की लापरवाही
    डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल के जिस सेमिनार हॉल में इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया गया, उसे सील किया जाना चाहिए था। डॉक्टरों का कहना था कि अस्पताल के सेमिनार हॉल को सील क्यों नहीं किया गया? डॉक्टरों का कहना है कि सेमिनार हॉल खुला रखने के पीछे तर्क दिया जा रहा है कि वहां रिपेयरिंग का काम होना था। मगर, रिपेयरिंग का काम सेमिनार हॉल के बगल वाले कमरे में होना था। सेमिनार हॉल के भीतर सीसीटीवी कैमरा भी नहीं था। ये एक तरह की लापरवाही है। दरअसल, 9 अगस्त को आरजी कर अस्पताल के सेमिनार हॉल में ही महिला रेजिडेंट डॉक्टर का शव मिला था।

    क्राइम हॉटस्पॉट या डार्क स्पॉट क्या होते हैं, यह जानना जरूरी
    दिल्ली में एडवोकेट शिवाजी शुक्ला कहते हैं कि क्राइम हॉटस्पॉट या डार्क स्पॉट वो इलाके होते हैं, जहां सबसे ज्यादा अपराध होने की आशंका रहती है। तकरीबन हर थाना क्षेत्र में पुलिस ऐसे इलाकों की पहचान करती है। रिसर्चरों और एनालिस्ट की मदद से इसका मैप बनाया जाता है और ऐसे इलाकों की पहचान की जाती है जहां अपराध होने की गुंजाइश सबसे ज्यादा होती है। ऐसी जगहों पर जाना खतरे को दावत देना होता है। ऐसे सुनसान इलाकों या मोड़ या पुलिया से होकर गुजरना खतरे से खाली नहीं रहता है।

    क्राइम पैटर्न थ्योरी से समझिए, क्यों खास क्षेत्र में ही करते हैं अपराध
    क्राइम पैटर्न थ्योरी के अनुसार, कोई अपराध आकस्मिक नहीं होता है। यह या तो प्लांड होता है या परिस्थितिजन्य होता है। इस थ्योरी के अनुसार, कोई अपराध तब घटित होता है, जब पीड़ित की गतिविधियां और अपराधी एक खास जगह पर अचानक मिल जाते हैं। किसी व्यक्ति की गतिविधि स्थान में रोजमर्रा की जिंदगी के स्थान शामिल होते हैं। जैसे कि घर, कार्यस्थल, स्कूल, बाजार, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स वगैरह। इन जगहों पर जाने के लिए जब कोई व्यक्ति किसी सुनसान रास्ते से गुजरता है, उसे नोड्स कहा जाता है।

    अपराध के अवसर से भी अपराधियों के हौसले होते बुलंद
    क्राइम पैटर्न थ्योरी के अनुसार, कोई अपराध तभी घटित होगा, जब कोई क्षेत्र अपराध के लिए अवसर प्रदान करता है और यह अपराधी के अपराध करने वाले इलाके में होना चाहिए। जैसे शॉपिंग मॉल या किसी मार्केट के आसपास में कार चोरी और पर्स छीनने, जेब काटने और चेन स्नेचिंग की घटनाएं होने की आशंका सबसे ज्यदा रहती हें, क्योंकि उस इलाके में इस तरह के अपराध के लिए काफी अवसर मिलते हैं।

    अपराधी कैसे किसी को बनाते हैं शिकार, इनका पैटर्न क्या है
    साइकोलॉजी के प्रोफेसर अखिलेंद्र कहते हैं कि आमतौर पर अपराधी अकेले में काम नहीं करते हैं। वो इस काम में अपने परिवार या दोस्तों को भी शामिल करते हैं। अपराध के लिए एक नेटवर्क बनाते हैं। कोई भी अपराधी अगर अकेले ही अपराध तब करता है, जब उसे कोई ट्रिगरिंग इवेंट मिलता है। यानी उसे ऐसा अवसर मिलता है। क्योंकि ऐसे लोगों की मानसिकता अपराधी प्रकृति की रहती है। उनके लिए जब ऐसे अवसर पैदा हो जाते हैं तो वह अपराध कर बैठते हैं। कोलकाता केस में भी यही हुआ होगा। सेमिनार हॉल में अपराधी जब आया तो वह शराब पिए हुए था और सुनसान में डॉक्टर को अकेला पाकर उसकी पाशविकता जाग उठी। उसने अपराध को अंजाम दिया।

    किसने दिया था क्राइम पैटर्न थ्योरी, क्या है इसका मतलब
    कनाडाई पर्यावरण अपराधविज्ञानी पैट और पॉल ब्रेंटिंघम ने 1981 और 1993 के बीच क्राइम पैटर्न थ्योरी विकसित की। इसके अनुसार, कोई भी जो अपराधी होता है, वो अपनी रोजाना की लाइफ में पहले मकसद तलाशते हैं। वो घर से करीब 1 या 2 मील के भीतर अपराध को अंजाम देते हैं। इसके लिए वह कई बार अपराध के समय और जगह को भी चुनते हैं।

    ब्रिटेन की पुलिस ने किया है सफल इस्तेमाल
    ब्रिटेन की वेस्ट मिडलैंड्स पुलिस ने क्राइम पैटर्न थ्योरी का सफल इस्तेमाल किया है। 2 साल की 2,58,074 आपराधिक घटनाओं के आकलन के बाद पुलिस ने ये पाया कि किन जगहों पर सबसे ज्यादा अपराध होते हैं और कितनी दूरी पर किए जाते हैं। इसमें सबसे दिलचस्प बात ये पता चली कि ज्यादातर अपराधी कोई अपराध अपने घर से करीब 1 किलोमीटर के दायरे में ही करते हैं। इससे पुलिस को क्राइम कंट्रोल करने में कामयाबी मिली।

    देश में अभी 1000 लोगों पर 11 सीसीटीवी कैमरे
    दिल्ली में एडवोकेट शिवाजी शुक्ला कहते हैं कि मार्च 2023 तक 15 भारतीय शहरों में 15 लाख से अधिक सुरक्षा कैमरे थे। यानी हर 1,000 लोगों पर औसतन 11 कैमरे हैं। वहीं, देश के अलग-अलग शहरों के बीच कैमरों की संख्या अलग-अलग है। देश के 91% सीसीटीवी कैमरे हैदराबाद, दिल्ली, चेन्नई और इंदौर में हैं। जून 2023 तक, ये शहर दुनिया के सबसे अधिक निगरानी वाले शहरों में से थे। हैदराबाद में प्रति 1,000 लोगों पर कैमरों की संख्या सबसे अधिक 83.32 थी। इसके बाद इंदौर में 60 और दिल्ली में 19.96 थी।

    कोलकाता में 3 हजार कैमरे, अस्पतालों में क्यों नहीं
    21 सितंबर, 2023 तक कोलकाता पुलिस क्षेत्राधिकार में शहर के कई स्थानों पर लगभग 3,000 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। कोलकाता पुलिस शहर भर में 3,500 और कैमरे लगाने की योजना बना रही है, जिसका मकसद हर 1 किलोमीटर के दायरे में 1 कैमरा लगाया जाए। महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भीड़-भाड़ वाले इलाकों में कैमरे लगाए जाएंगे। कैमरों में सामान्य सीसीटीवी कैमरे और आईपी-आधारित विशेष इन्फ्रारेड बुलेट कैमरे शामिल होंगे जो कम रोशनी की स्थिति में स्पष्ट तस्वीरें ले सकते हैं और वीडियो रिकॉर्ड कर सकते हैं। हालांकि, अस्पतालों और स्कूलों में ऐसे कैमरे मामूली तौर पर ही लगाए गए हैं।

    दिल्ली में 12 हजार डार्क स्पॉट, 4,15,000 सीसीटीवी कैमरे हो जाएंगे
    दिल्ली में 2016 तक करीब 12 हजार ऐसे डार्क स्पॉट्स की पहचान की गई थी, जो महिला सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माने गए। दिसंबर, 2012 में निर्भया गैंगरेप केस के बाद ऐसे डार्क स्पॉट पर बिजली खंभे और LED लाइट्स लगाए गए थे। इसी तरह भोपाल में 125 से ज्यादा डार्क स्पॉट पहचाने गए, जहां क्राइम होने की आशंका सबसे ज्यादा रहती है। दिल्ली में दिसंबर, 2023 तक करीब 2.5 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाए जा चुके थे। एक बार यह अभियान पूरा हो गया तो दिल्ली में करीब 4.15 लाख सीसीटीवी कैमरे लगे होंगे। यह दुनिया के किसी शहर के मुकाबले सबसे ज्यादा होगा।

    डॉक्टर के हत्यारे की कहीं प्रीडेटर पर्सनालिटी तो नहीं
    दिल्ली में एडवोकेट शिवाजी शुक्ला कहते हैं कि मेरे पास भी रेप और मर्डर के ऐसे कई केस आए हें, जिनमें कोलकाता जैसा ही केस था। जो लोग ऐसे अपराध करते हें, उनकी प्रीडेटर पर्सनालिटी होती है। ये दिखने में अच्छे होते हैं और आम लोगों के बीच इतना घुल-मिलकर रहते हैं कि आसानी से पहचाने नहीं जाते। हालांकि, इनकी पर्सनालिटी बायपोलर होती है। ये घात लगाकर अंधेरे में अपने शिकार को ताड़ते हैं और उनकी रेकी करते हैं। मौका पाकर अपनी हवस पूरी करने के बाद उसे मार डालते हैं।

    क्यों जरूरी है डार्क स्पॉट्स की पहचान, हर घंटे 51 महिलाओं से अपराध
    राष्‍ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में महिलाओं के खिलाफ अपराध दिनोंदिन बढ़ रहे हैं। 2022 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के कुल 4,45, 256 मामले दर्ज किए गए, जो 2021 की तुलना में 4 प्रतिशत अधिक हैं। यानी हर एक घंटे में 51 महिलाओं के साथ अपराध हुआ।
    एनसीआरबी की रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 में देश में कुल 58,24,946 आपराधिक मामले दर्ज किए गए, जिनमें से 4,45, 256 मामले महिलाओं के खिलाफ हुए अपराध के हैं, जबकि साल 2021 में 4, 28,278 केस दर्ज किए गए थे।

    रेप के मामले में राजस्‍थान तो हत्‍या में यूपी आगे
    रिपोर्ट के मुताबिक, देश में रेप के कुल 31,516 मामले दर्ज किए गए, जिनमें सबसे अधिक मामले 5399 राजस्थान के हैं। इसके बाद उत्तर प्रदेश में 3690 केस, मध्‍यप्रदेश में 3029 , महाराष्ट्र में 2904 और हरियाणा में 1787 दुष्‍कर्म के मामले दर्ज किए गए। वहीं, महिलाओं के लिए दिल्ली और राजस्थान सबसे असुरक्षित राज्य हैं। हालांकि, दहेज के लिए जान लेने वालों में पहले नंबर पर उत्तर प्रदेश और दूसरे नंबर पर बिहार है। दहेज के लिए उत्तर प्रदेश में 2138 और बिहार में 1057 महिलाओं की हत्‍या कर दी गई। वहीं मध्‍यप्रदेश में 518, राजस्थान में 451 और दिल्‍ली में 131 महिलाओं की दहेज के लिए हत्‍या कर दी गई।


    वर्कप्लेस पर भी महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे अपराध
    भारत में वर्कप्लेस पर महिलाओं के खिलाफ यौन अपराधों में बढ़ोतरी हुई है। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार, 2018 से 2022 के बीच ऐसे अपराध 402 से बढ़कर 422 हो गए। ये हालात तब हैं, तब वर्कप्लेस पर महिलाओं से यौन अपराध अधिनियम, 2013 कब का पारित हो चुका है। कोलकाता केस भी वर्कप्लेस पर बढ़ते अपराध का उदाहरण है।

  • डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए छत्तीसगढ़ में बड़ी पहल : कोलकाता में महिला डॉक्टर के साथ हुए जघन्य अपराध से अलर्ट हुआ छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग, डॉक्टर्स और नर्स के लिए जारी करेगा टोल फ्री नंबर…

    डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए छत्तीसगढ़ में बड़ी पहल : कोलकाता में महिला डॉक्टर के साथ हुए जघन्य अपराध से अलर्ट हुआ छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग, डॉक्टर्स और नर्स के लिए जारी करेगा टोल फ्री नंबर…

    रायपुर। कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुए जघन्य अपराध के बाद छत्तीसगढ़ में भी स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। रात में काम करने वाले डॉक्टर और नर्स के लिए टोल फ्री नंबर जारी किया जाएगा।

    स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि बंगाल में दिवंगत डॉक्टर को हम श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं। इस घटना की मैं कड़ी निंदा करता हूं। इस घटना में दोषियों को फांसी की सजा होनी चाहिए। हम लोग जल्द ही नजदीकी पुलिस स्टेशन से कनेक्ट करके टोल फ्री नंबर जारी करेंगे, जिससे रात को काम करने वाले डॉक्टर और नर्स नजदीक पुलिस स्टेशन को तत्काल खबर कर सकेंगे।

    स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि डॉक्टर धरती के भगवान होते हैं। डॉक्टर की सुरक्षा और सम्मान सबकी प्राथमिकता होनी चहिए। छत्तीसगढ़ में डॉक्टर और नर्सों से अभद्रता करने का कोई सोचेगा भी तो उसे कठोर दंड देंगे।

  • भिलाई में भारी हंगामे शोरगुल के बाद MLA देवेंद्र यादव को बलौदाबाजार पुलिस ने गिरफ़्तार किया….

    भिलाई में भारी हंगामे शोरगुल के बाद MLA देवेंद्र यादव को बलौदाबाजार पुलिस ने गिरफ़्तार किया….

    बलौदा बाजार में 10 जून को सतनामी समाज के आंदोलन में बलवाइयों के हिंसक उत्पात मामले में पुलिस पूछताछ का सामना कर चुके MLA देवेंद्र यादव को बलौदा बाजार पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है। पीसीसी चीफ़ दीपक बैज और कई समर्थकों से पुलिस की तीखी बहस हुई। बलौदा पुलिस ने MLA देवेन्द्र यादव को बलौदा बाज़ार कोतवाली में दर्ज अपराध क्रमांक 386/2024 में गिरफ्तार किया है।

    रायपुर। बलौदा बाजार उपद्रव मामले में बलौदाबाजार पुलिस ने भिलाई विधायक देवेंद्र यादव को गिरफ़्तार कर लिया है। देवेंद्र यादव के घर बलौदा बाजार पुलिस सुबह ही पहुँच गई थी लेकिन गिरफ़्तारी की कार्यवाही होते होते शाम हो गई। समर्थकों के उग्र प्रदर्शन और हंगामे के बीच पीसीसी चीफ दीपक बैज भी विधायक देवेंद्र यादव के घर पहुँचे थे। समर्थकों से घिरे विधायक देवेंद्र यादव ने कहा है उन्हें राजनीतिक कारणों से फंसाया जा रहा है।

    क्या है मसला

    बीते 10 जून को बलौदा बाजार में सतनाम पंथ का विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम था। प्रदर्शन हिंसक उपद्रव में तब्दील हो गया। भीड़ ने कलेक्ट्रेट और एसपी कार्यालय को जला दिया। पुलिसकर्मियों पर प्राणघातक हमला किया। पुलिस का दावा है कि, भीड़ को सभा स्थल पर उत्तेजक भाषणों के द्वारा हिंसा के लिए भड़काया गया। जिस सभा स्थल पर उत्तेजक और विषैले भाषण हुए, वहाँ भिलाई विधायक देवेंद्र यादव अपने समर्थकों के साथ मौजूद थे। विधायक देवेंद्र यादव को बलौदा बाजार पुलिस ने इस मामले में नोटिस देकर बुलाया था। विधानसभा सत्र के दौरान विधायक देवेंद्र यादव ने 22 जुलाई को बलौदा बाजार पुलिस थाने जाकर बयान दर्ज कराया था।

    बलौदा बाजार पुलिस ने फिर भेजा नोटिस

    विधायक देवेंद्र यादव को पुलिस ने बीते 11 अगस्त को धारा 160 के तहत फिर नोटिस दिया और 16 अगस्त को तलब किया। नोटिस में पुलिस ने लिखा-“22 जुलाई को आपका कथन दर्ज किए जाने के पश्चात साक्ष्य संकलन में प्राप्त तथ्यात्मक बिंदुओं पर आपसे अग्रिम पूछताछ की स्थिति उत्पन्न हुई है। इन तथ्यात्मक बिंदुओं पर आपसे सूक्ष्म एवं प्रभावी पूछताछ कर जानकारी प्राप्त किये जाने के संबंध में आपकी उपस्थिति आवश्यक है।”

    MLA देवेंद्र यादव ने नोटिस का जवाब भेजा

    विधायक देवेंद्र यादव ने इस नोटिस का जवाब बलौदा बाजार पुलिस को भेजा। विधायक यादव ने पत्र में लिखा- “मैंने पूर्व में उपस्थित होकर कथन दर्ज कराया था तथा भविष्य में भी आपके अनुसंधान में हर संभव सहयोग करना चाहता हूँ। किंतु आज दिनांक 16 अगस्त से एक सप्ताह तक मैं पार्टी के एवं पूर्व निर्धारित अतिआवश्यक कार्यक्रमों में अत्यंत व्यस्त रहूँगा तथा कार्यक्रम भिन्न भिन्न स्थानों पर होने के कारण आपके समक्ष उपस्थित होने हो पाने में असमर्थ हूँ। अंतः आगामी सूचना पश्चात अनिवार्य हो तो आप मेरा कथन वीडियो कॉफ्रेंस के माध्यम से या मेरे कार्यालय में उपस्थित होकर के प्राप्त कर सकते हैं।”

    लेकिन पुलिस ने विधायक निवास घेरा

    बलौदा बाजार पुलिस तड़के विधायक देवेंद्र यादव के घर पहुँच गई। बलौदा पुलिस के आने की खबर मिलते ही विधायक देवेंद्र यादव के समर्थक भी बड़ी संख्या में पहुँच गए। पुलिस और समर्थकों के बीच बहस इसलिए हुई क्योंकि समर्थकों का आरोप है कि, पुलिस बगैर सूचना के आई और सीधे अंदर घुसने की कोशिश कर रही थी।

    पीसीसी चीफ़ बैज भी पहुँचे

    विधायक देवेंद्र यादव के घर पुलिस के आने की सूचना पर पीसीसी चीफ दीपक बैज भी पहुँचे। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने पुलिस कार्यवाही को तानाशाही कार्यवाही निरुपित किया है।

    घंटों मशक़्क़त के बाद MLA देवेंद्र गिरफ़्तार

    विधायक देवेंद्र यादव अपने निवास पर ही लगातार मौजूद रहे। घंटों मशक़्क़त के बाद पुलिस देर शाम देवेंद्र यादव को गिरफ़्तार कर बलौदा बाजार के लिए रवाना हो गई है।

  • बलौदाबाजार आगजनी मामले में गिरफ्तार विधायक देवेंद्र यादव को लेकर मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने दिया बड़ा बयान…

    बलौदाबाजार आगजनी मामले में गिरफ्तार विधायक देवेंद्र यादव को लेकर मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने दिया बड़ा बयान…

    मनेन्द्रगढ़। बलौदा बाजार मामले में विधायक देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी को लेकर मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल का बड़ा बयान, भारत के संविधान व कानून में सब बराबर है । कोई भी व्यक्ति कितना भी शक्तिशाली क्यो न हो जो गलत करेगा कानून उसे सजा देगा । बलौदा बाजार में कांग्रेस के नेताओ का भड़काऊ भाषण हुआ है जिसकी वीडियो फ़ोटो सारे सीसीटीवी फुटेज ये बता रहे थे उनके सारे नेता वहां मौजूद थे । देखिये चाहे जितनी भी गाड़िया जाये कानून अपने हिसाब से कार्यवाही करेगा । छत्तीसगढ़ में बहु बल से किसी प्रकार की घटना नही हो सकती किसी को दबाया नही जा सकता है । विष्णु देव साय की ये सुशासन कि सरकार है सब के साथ एक बराबर है ।

  • जीएसटी डिपाटमेंट ने आईआईटी दिल्ली को भेजा डिमांड नोटिस तो मोहनदास पई को फिर आई ‘टैक्स टेररिज्म’ की याद….

    जीएसटी डिपाटमेंट ने आईआईटी दिल्ली को भेजा डिमांड नोटिस तो मोहनदास पई को फिर आई ‘टैक्स टेररिज्म’ की याद….

    देश की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस के पूर्व सीएफओ एवं बोर्ड मेंबर मोहनदास पई ने एक बार फिर से देश में टैक्स टेररिज्म का मुद्दा उठाया है. इस बार उन्होंने आईआईटी दिल्ली को जीएसटी डिपार्टमेंट की ओर से भेजे गए डिमांड नोटिस को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की है.सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट एवं उद्यमी मोहनदास पई ने जीएसटी नोटिस के इस मुद्दे पर अपडेट शेयर किया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक खबर शेयर करते हुए टैक्स टेररिज्म की बात दोहराई है. इससे पहले जब इंफोसिस को जीएसटी डिपार्टमेंट की ओर से टैक्स डिमांड नोटिस भेजा गया था, तब भी उन्होंने सरकार की आलोचना की थी.

    रिसर्च ग्रांट पर 120 करोड़ की डिमांड
    ताजा मामला आईआईटी दिल्ली से जुड़ा हुआ है, जिसमें देश के शीर्ष शैक्षणिक संस्थानों में से एक को जीएसटी नोटिस भेजा गया है. खबरों के अनुसार, आईआईटी दिल्ली से जीएसटी डिपार्टमेंट ने 120 करोड़ रुपये के बकाए जीएसटी की डिमांड की है. यह मामला विवादों में घिर चुका है, क्योंकि बकाए का नोटिस आईआईटी दिल्ली को मिले रिसर्च ग्रांट के लिए भेजा गया है.

    आईआईटी दिल्ली से पूछा गया कारण
    आईआईटी दिल्ली को साल 2017 से 2022 के बीच मिले रिसर्च ग्रांट को लेकर जीएसटी डिपार्टमेंट ने 120 करोड़ रुपये की डिमांड की है, जिसमें बकाया टैक्स के अलावा ब्याज व पेनल्टी भी शामिल है. नोटिस में आईआईटी दिल्ली को कारण बताने के लिए 30 दिनों का समय दिया गया है और उससे पूछा गया है कि संबंधित ग्रांट पर पेनल्टी समेत टैक्स क्यों नहीं वसूल किया जाना चाहिए.

    शिक्षा मंत्रालय करेगा नोटिस का विरोध
    यह मुद्दा पहले ही विवादित हो चुका है. आईआईटी दिल्ली ने इस मामले पर आधिकारिक रूप से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन शिक्षा मंत्रालय ने नोटिस को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है. टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट में शिक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि सरकार से फंड पाने वाले रिसर्च पर जीएसटी नहीं लग सकता है. अधिकारी के अनुसार, मंत्रालय आईआईटी दिल्ली को मिले नोटिस का विरोध करने वाला है.

    क्या टैक्स टेररिज्म की नहीं है कोई हद?’
    मोहनदास पई ने खबर शेयर करते हुए लिखा है- आईआईटी दिल्ली को मिले रिसर्च ग्रांट पर जीएसटी की डिमांड से शिक्षा पर टैक्स लगाने का विवाद शुरू हो गया है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए कहा कि टैक्स टेररिज्म फिर से सबसे खराब स्तर पर है. उन्होंने साथ ही सवाल उठाया कि आखिर जीएसटी डिपार्टमेंट और सीबीआईसी के साथ दिक्कत क्या है? क्या टैक्स टेररिज्म की कोई लिमिट नहीं है? यह दुखद है.इससे पहले इंफोसिस को जीएसटी डिपार्टमेंट की ओर से नोटिस मिलने पर भी मोहनदास पई ने उसे टैक्स टेररिज्म करार दिया था. मोहनदास पई को मोदी सरकार के समर्थक उद्यमियों में गिना जाता रहा है, लेकिन इधर वह लगातार सरकार की नीतियों खासकर टैक्स पॉलिसी की कड़ी आलोचना कर चुके हैं.

  • अस्पतालों में बेहतर होंगे सुरक्षा इंतजाम, 12 बिंदुओं में जानिए स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश…

    अस्पतालों में बेहतर होंगे सुरक्षा इंतजाम, 12 बिंदुओं में जानिए स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश…


    नई दिल्ली। कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या के बाद हुए विरोध के बाद स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने बड़ी पहल की है। एम्स समेत केंद्र सरकार के सभी अस्पतालों में सुरक्षा इंतजाम बेहतर करने के लिए मंत्रालय ने निर्देश जारी किए हैं।

    स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि अस्पतालों में अनाधिकृत लोगों के प्रवेश पर रोक लगाई जाए। क्योंकि कई बार अस्पतालों में मेडिकल सहायता को लेकर असहमति के चलते विवाद और हिंसा तक होती है। स्टाफ के साथ अभद्रता की जाती है। इसलिए स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा अति आवश्यक है। मंत्रालय ने कहा कि अस्पतालों में स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा के लिए कई कदम उठाने होंगे। अस्पतालों को जरूरी निर्देशों का पालन करना होगा।

    ये निर्देश किए गए जारी

    अस्पतालों में राज्य सरकार द्वारा हिंसा को रोकने के लिए बनाए गए कानूनों की जानकारी को प्रदर्शित किया जाए।

    अस्पतालों के प्रवेश, निकास, कॉरिडोर, ब्लैक स्पॉट और संवेदनशील इलाकों में में उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी लगाए जाएं। इसके अलावा आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए कंट्रोल रूम बनाया जाए। इसमें एक प्रशासनिक कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी की 24 घंटे तैनाती की जाए। अस्पताल में गश्त और निगरानी के लिए पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की जाए।

    प्रवेश और निकास द्वारों पर अधिकृत कर्मचारियों के प्रवेश पर सख्त नजर रखी जाए। स्टाफ, मरीज और उनको देखने आने के वालों के लिए पहचान पत्र जारी किया जाए। अस्पताल के स्टाफ के लिए काम के दौरान आई कार्ड पहनना अनिवार्य हो। मरीज को देखने और विजिट करने वालों की निगरानी के लिए आवश्यक इंतजाम किए जाएंगे। मरीज के साथ केवल एक या दो तीमारदार ही रहें। साथ ही उनके पास भी आईकार्ड होगा।
    अलग-अलग तरह की आपात स्थिति से निपटने के लिए विस्तृत योजना बनाई जाए। इसे समय-समय पर अपडेट करने के साथ ही दोहराया जाए। स्टाफ, सुरक्षा कर्मियों को आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया जाए और मॉकड्रिल की जाए।

    सुरक्षा संबंधी खतरों से निपटने के लिए अस्पताल के स्टाफ, डॉक्टर, नर्स और प्रशासनिक कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाए। उनको आपात स्थिति से निपटने के लिए जरूरी कौशल से परिपूर्ण किया जाए।

    आपात स्थिति के दौरान हालात पर नियंत्रण बनाने के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम को मजबूत किया जाए। अस्पताल परिसरों के ब्लैक स्पॉट की पहचान करने के साथ वहां पर रोशनी के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं। इसमें खासकर महिला स्वास्थ्य कर्मी के कार्यस्थल, पार्किंग स्थल और प्रवेश-निकास को शामिल किया जाए।

    अस्पताल प्रबंधन को ऐसे मामलों के लिए आपात सेवाओं और पुलिस से समन्वय बनाना जरूरी है। सुरक्षाकर्मियों को सुझावों और घटनाओं के आधार पर अपडेट किया जाए। महिला स्वास्थ्यकर्मियों को सभी सुविधाओं के साथ सुरक्षित ड्यूटी रूम मुहैया कराया जाए। रात के वक्त कम से कम एक से अधिक महिला स्वास्थ्यकर्मी को बुलाया जाए। साथ ही उनको पूरी सुरक्षा दी जाए। रात में उनके परिवहन के लिए भी आवश्यक उपाय किए जाएं।

    अस्पताल में मरीज को पर्याप्त सुविधा, सूचना देने और गाइड करने के लिए मरीज सेवक और मरीज समन्वयक पर्याप्त संख्या में तैनात किए जाएं।

  • स्कॉर्पियो की टक्कर से युवक की मौत, 11 वर्षीय बच्ची गंभीर.आक्रोशित ग्रामीणों ने बोतल्दा के पास नेशनल हाईवे में शव रखकर किया चक्काजाम…

    स्कॉर्पियो की टक्कर से युवक की मौत, 11 वर्षीय बच्ची गंभीर.आक्रोशित ग्रामीणों ने बोतल्दा के पास नेशनल हाईवे में शव रखकर किया चक्काजाम…


    खरसिया। खरसिया थाना क्षेत्र में सोमवार को रक्षाबंधन के दिन एक भीषण सड़क हादसा हुआ। मदनपुर चौक के पास दोपहर 2 बजे स्कॉर्पियो क्रमांक सीजी एई 8412 और बाइक की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में बाइक सवार युवक निखिल दास महंत (21) की मौके पर ही मौत हो गई। बाइक पर सवार 11 वर्षीय मेघावी महंत को गंभीर हालत में रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां से उसे रायपुर रेफर किया गया है वहीं 14 वर्षीय मयंक दास को मामूली चोटें आई हैं। बताया जा रहा है कि घटना के समय बाइक सवार रक्षाबंधन के अवसर पर कोरबा के बालको से खरसिया के बांगो कालोनी जा रहे थे। हादसे के बाद मृतक युवक के परिजनों और ग्रामीणों ने मंगलवार को 25 लाख रुपये मुआवजे की मांग करते हुए बोतल्दा तिराहा पर शव रखकर चक्का जाम कर दिया ,उन्होंने स्कॉर्पियो चालक पर कड़ी कार्रवाई की भी मांग की।
    ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने आरोपी चालक को रात को ही छोड़ दिया और कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे उनकी नाराजगी और बढ़ गई। चक्का जाम होने के कारण नेशनल हाईवे 49 पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। खरसिया पुलिस ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया।

    हो रही है कार्यवाही

    मामले के संबंध में खरसिया पुलिस ने बताया कि स्कॉर्पियो चालक को देर रात गिरफ्तार किया गया है और स्कॉर्पियो को जप्त कर आरोपी चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विधि अनुरूप कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

  • सावन के अंतिम सोमवार को शिवालयों में रही धूम..देर रात तक चलता रहा भजनों का दौर..

    सावन के अंतिम सोमवार को शिवालयों में रही धूम..देर रात तक चलता रहा भजनों का दौर..


    खरसिया। सावन माह के अंतिम सोमवार को नगर भगवान भोलेनाथ की भक्ति से सरोबार रहा, नगर के विभिन्न शिवालयों में भक्तों ने भोलेनाथ का पूजन कर अभिषेक किया। इसी तारतम्य में नगर के प्रसिद्व तथा पुरातन भगत तालाब स्थित शिव मन्दिर में शिव परिवार के सदस्यों के साथ सैंकड़ों भक्तों ने शिव पूजन किया।


    समूचे नगर में सावन के आखिरी सोमवार को हर कोई भगवान भोलेनाथ की भक्ति से सराबोर रहा, कहीं पर भोलेनाथ की प्रिय वस्तुओं से अभिषेक किया गया तो कहीं पर दुग्ध और जलाभिषेक की धूम रही। भक्तों की श्रद्धा भक्ति देखते ही बन रही थी, सुबह होते ही श्रद्धालुओं के जत्थे जब शिवालयों की ओर उमड़े तो समूचे नगर का माहौल शिवमय हो गया था। देर शाम तक शिवालयों में आस्था का ज्वार उमड़ता रहा। सावन के आखिरी सोमवार को सुबह से ही भक्त भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए जुट गए थे। विदित हो कि इस बार शिव के प्रिय मास सावन में 5 सोमवार थे। सावन मास के अंतिम सोमवार को भोलेनाथ की कृपा पाने को भक्तों ने सुबह से ही व्रत रखकर शिवालयों में जाकर दर्शन किए। शिव चालीसा आदि का पाठ करते हुए सुख समृद्धि की कामना की। शहर के प्रसिद्व भगत तालाब स्थित शिव मन्दिर की छटा देखते ही बन रही थी, भोलेनाथ का भव्य अभिषेक भक्तों को आकर्षित कर रहा था।  शिव भक्तों ने नारियल पर द्वादश ज्योतिर्लिंग का नाम लिख कर बाबा का श्रृंगार किया था।

    यहां पर छह बजे से ही भक्त भोलेनाथ की एक झलक पाने के लिए उतावले दिखाई पड रहे थे। शाम को भगवान शिव की आरती के साथ भजन संध्या का आयोजन भी किया गया था, नगरके प्रसिद्ध भजन गायक शेरू शर्मा और सुनील अग्रवाल के भजनों से भक्तजन शिव भक्ति में झूमते रहे। आरती पश्चात प्रसाद वितरण किया गया, इस दौरान देर रात तक शिव मन्दिर में भगवान भोलेनाथ के जयकारे गुंजते रहे। इस दौरान मन्दिर के पुजारी सुरेन्द्र तिवारी, दिनदयाल अग्रवाल, विजय अग्रवाल, श्याम सुन्दर अग्रवाल, सुनील अग्रवाल, नारायण चक्रधारी, मुकेश अग्रवाल, भरत दादू, विनोद अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, प्रवीण अग्रवाल, शेरू शर्मा, दिलीप शर्मा, आशीष शर्मा, सतीष अग्रवाल सहित शिव परिवार के सभी सदस्य उपस्थित रहे तथा श्रद्वालुओं को देर रात तक प्रसाद का वितरण किया गया।

  • धूमधाम से मनाया गया राखी का त्यौहार..बहनों ने भाईयों की कलाई पर राखी बांधकर लिया रक्षा का वचन..

    धूमधाम से मनाया गया राखी का त्यौहार..बहनों ने भाईयों की कलाई पर राखी बांधकर लिया रक्षा का वचन..



    खरसिया। सावन माह के अंतिम दिन 20 अगस्त को जिला मुख्यालय सहित जिले भर में भाई और बहन के स्नेह का पर्व रक्षाबंधन हर्ष उल्लास के साथ मनाया गया, रिमझिम फुहारों के बीच बहनों ने अपने भाईयों की कलाई पर विश्वास व जिम्मेदारी का धागा बांधा। खास बात यह रही कि इस बार बहनों को भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिये दोपहर तक का इंतजार करना पड़ा, भद्रा पड़ने से दोपहर 1:34 के बाद रखी बांधने का शुभ मुहूर्त था, जिससे बहनों ने दोपहर डेढ़ बजे के बाद अपने भाइयों की कलाइयों पर राखी बांधी। रक्षाबंधन पर्व को लेकर अंचल में धूम रही भाइयों की कलाई पर बहनों ने प्यार का धागा बांधा इसके साथ बाजार में भी जमकर रौनक रही।



    रक्षाबंधन भाई बहन के स्नेह व प्रेम की ड़ोर में बंधा एैसा पर्व है जिसे परस्पर विश्वास की ड़ोर ने सदियों से बांध रखा है। भाई बहन का स्नेह और लगाव हमेशा बरकरार रहता है, क्योंकि बहन कभी बाल सखा, कभी मां, तो कभी पथ प्रदर्शक बन भाई को रास्ता दिखाती है, तो वहीं भाई कभी पिता तो कभी मित्र बनकर बहन को आगे बढ़ने का हौंसला देता है। रक्षाबंधन का त्यौहार इस वर्ष 20 अगस्त को मनाया गया बाहर रहने वाले भाइयों को बहने कुरियर और डाक के माध्यम से राखी भेज चुकी थीं वही शहर के बाजारों में भी राखियों की दुकानें सजी रही बाजार के साथ घरों में भी इसकी तैयारियां शुरू हो चुकी थी इसके अलावा बस और ट्रेनों के जरिए आवाजाही भी पिछले हफ्ते से बढी़ रही ज्योतिषियों के अनुसार रक्षाबंधन सावन मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है, इस वर्ष भद्रा के कारण दोपहर डेढ़ बजे के बाद शुभ मुहूर्त रहा। राखी के त्यौहार के लिये भाईयों में जहां विशेष उत्साह देखा गया वहीं बहनें भी इस पर्व के लिये पहले से तैयारी में जुटी हुयीं थी। राखी के त्यौहार में बाजार में रौनक रही, मिठाईयों के साथ साथ उपहारों के दुकानों में भी भारी भीड़ देखी गयी।

  • खरसिया में आन बान शान से लहराया तिरंगा, जगह जगह हुआ ध्वजारोहण…

    खरसिया में आन बान शान से लहराया तिरंगा, जगह जगह हुआ ध्वजारोहण…



    खरसिया। राष्ट्रीय पर्व 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के 78 वीं जयंती के शुभ अवसर पर खरसिया सहित संपूर्ण विकासखंड के शैक्षणिक परिसरों एवं शासकीय कार्यालयों में आन बान शान के साथ तिरंगा फहराकर आजादी का पर्व मनाया गया। इस दौरान विभिन्न स्थानों में जहां जनप्रतिनिधियों ने ध्वजारोहण किया वहीं अधिकाष शासकीय कार्यालयों में विभाग प्रमुखो द्वारा ध्वजारोहण कर स्वतंत्रता दिवस का पर्व मनाया गया।



    विदित हो कि 14 एवं 15 अगस्त 1947 की मध्य रात्रि  को हमारा देश सैंकड़ों वर्षों की दासता से मुक्त हुआ था, तब से लेकर आज तक इस दिन को राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाया जाता है। इस दिन पूरे भारत में उत्सव सा माहौल रहता है, खरसिया नगर में भी आजादी का यह पर्व बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, जगह जगह ध्वजारोहण कर राष्ट्रगान किया गया। इसी क्रम में खरसिया विकासखंड मुख्यालय के तहसील कार्यालय परिसर, एसड़ीओपी कार्यालय, पुलिस थाना, विद्युत विभाग, सिविल अस्पताल, नगर पालिका, पुलिस चौकी सहित पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय, लोक निर्माण विश्राम गृह, वन परिक्षेत्र कार्यालय सहित अन्य विभागों में विभाग प्रमुखों के द्वारा ध्वजारोहण किया गया, तथा राष्ट्रगान का गान किया गया।



    नगर सरकार ने किया नगर के पत्रकारों का सम्मान



    स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नगर पालिका में अध्यक्षा श्रीमती राधा सुनील शर्मा के द्वारा ध्वजारोहण करने के पश्चात नगर के पत्रकारों का सम्मान समारोह के कार्यक्रम का आयोजन नगर सरकार के द्वारा किया गया था, जिसमें नगर के पत्रकारों को शाल, श्रीफल तथा मोमेंटो देकर उनका सम्मान किया गया। इस दौरान योग प्रशिक्षकों, एनसीसी कैड़ेटों सहित सफाई कर्मचारी, गौ सेवक का भी सम्मान किया गया। कार्यक्रम में अध्यक्षा श्रीमती राधा सुनील शर्मा तथा कांग्रेस नेता सुनील शर्मा ने नगर के पत्रकारों को उनके सहयोग के लिये धन्यवाद ज्ञापित करते हुये कहा कि कलमकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं, और सरकार के द्वारा किये जा रहे कार्यों को जनता तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम हैं, खरसिया के कलमकारों ने हमेशा अपनी जिम्मेदारियों को निभाया है। खरसिया नगर के विकास के लिये अपने कार्यकाल में किये गये कार्यों को बताते हुये उन्होंने नगरवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी। मंच संचालन धीरज राठौर ने किया।



    शिवमंदिर में तीन रंगों से किया गया भोले का श्रृंगार

    नगर के ख्याति प्राप्त भगत तालाब स्थित शिव मंदिर में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भगवान शिव को तिरंगे के रंगों से सजाया गया तथा उनका श्रृंगार किया गया था, गौरतलब है कि शिव भक्तों के द्वारा सावन मास में प्रतिदिन अलग अलग प्रकार से भगवान का श्रृंगार किया जा रहा है।