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  • छत्तीसगढ़ में होंगे 36 जिले, 4 और नए जिले बनेंगे, घोषणा से पहले तैयारी में जुटे अफसर…

    छत्तीसगढ़ में होंगे 36 जिले, 4 और नए जिले बनेंगे, घोषणा से पहले तैयारी में जुटे अफसर…

    स्पीकर डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 36 जिले होंगे और इन 4 नए जिलों को लेकर उनकी सीएम बघेल से चर्चा हुई है।

    छत्तीसगढ़ में 4 और नए जिलों के गठन की संभावनाएं तेज हो गई हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार प्रतापपुर, वाड्रफनगर, भाटापारा, पत्थलगांव, खैरागढ़, पंडरिया, सरायपाली, भानुप्रतापपुर में से कोई चार संभावित जिले हो सकते हैं। भविष्य में राज्य स्थापना दिवस या चुनाव के ठीक पहले इनका ऐलान हो सकता है।

    दरअसल, इस चर्चा को बल इसलिए मिला, क्योंकि हाल ही में स्पीकर डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि छत्तीसगढ़ में 36 जिले होंगे और इन 4 नए जिलों को लेकर उनकी सीएम बघेल से चर्चा हुई है। इससे सरकार की मंशा है कि छोटे जिलों के जरिए प्रशासन जनता व जनता प्रशासन के करीब हो।

    इनमें से कुछ नए जिले के राजनीतिक कारण हैं। संकेत हैं कि स्वतंत्रता दिवस के दिन 4 नए जिलों व नई तहसीलों के आकार तथा सरहदें तय हो जाने के बाद 4 और जिलों का खाका तैयार होने लगेगा। मंत्रालय के गलियारों में तैर रही खबरों पर यकीन करें तो सरकार के इशारे पर ही अधिकारी नए जिलों की संभावना तलाशने में लगे हैं।

    ये हैं 32 जिले
    रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, बलौदाबाजार-भाटापारा, गरियाबंद, महासमुंद, धमतरी, कांकेर, बस्तर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर, बीजापुर, कबीरधाम, मानपुर-मोहला, राजनांदगांव, मुंगेली, बेमेतरा, बालोद, बलौदाबाजार, बलरामपुर, पेंड्रा-गौरेला-मारवाही, रायगढ़, सरगुजा, मनेंद्रगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, कोरिया, कोरबा, जशपुर, जांजगीर- चांपा।

    इस तरह चलती है जिले के गठन की प्रक्रिया

    • सरकार के फैसले की जानकारी सीएस राजस्व विभाग को लिखित में देंगे।
    • राजस्व विभाग इसके लिए वित्त विभाग से आबंटन मांगेगा।
    • नए जिलों के प्रस्ताव पर कैबिनेट में विचार-विमर्श व संशोधन होगा।
    • राजपत्र में होगा प्रकाशन, किसी अधिकारी को ओएसडी बनाया जाएगा।
    • जनता से दावे-आपत्तियां भी मंगवाई जाएंगी।
    • आवंटन जारी होने पर स्थापना व्यय, अधिकारियों-कर्मचारियों की पदस्थापना
    • खाली नए पदों पर भर्ती, फर्नीचर व अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होगा
    • इसके बाद पहले ओएसडी और फिर नए कलेक्टर नियुक्त होगी।

    इस तरह से बनते गए नए जिले
    स्वतंत्रता दिवस पर सीएम भूपेश बघेल ने चार नए जिले सक्ती, मनेंद्रगढ़, सारंगढ़- बिलाईगढ़, मोहला-मानपुर तथा 18 नई तहसीलें बनाने की घोषणा की है। राज्य बनने के दौरान 16 जिले थे। इसके बाद 11 मई 2007 को बीजापुर व नारायणपुर नए जिले बनाए गए। फिर 1 जनवरी 2012 को सरकार ने सुकमा, कोंडागांव, बालोद, बेमेतरा, बलौदाबाजार-भाटापारा, गरियाबंद, मुंगेली, सूरजपुर व बलरामपुर को जिला घोषित किया। भूपेश सरकार ने 10 फरवरी को 2020 को पेंड्रा-गौरेला-मरवाही को नया जिला बनाया।

    प्रशासन बेहतर होता है: बीकेएस
    प्रदेश में पूर्व एसीएस बीकेएस रे के अनुसार नए जिले जनभावनाओं से जन्म लेते हैं। इसमें क्षेत्रीय संतुलन भी देखा जाता है। इसके पीछे बेहतर प्रशासन देना सरकार का मकसद होता है। शुरू में नए जिलों पर सरकार को पैसे खर्च करने पड़ते हैं, पर जब नया जिला प्रशासन पटरी पर आ जाता है तो करों व राजस्व कलेक्शन से सब ठीक हो जाता है। प्रशासनिक कामों के लिए जनता को ज्यादा दूर नहीं जाना होता है। समय, पैसे और श्रम की बचत।

  • वैज्ञानिक कटोरी में उगा रहे थे इंसानी दिमाग, एक्सपेरिमेंट के दौरान अचानक उग आईं दो आंखें….

    वैज्ञानिक कटोरी में उगा रहे थे इंसानी दिमाग, एक्सपेरिमेंट के दौरान अचानक उग आईं दो आंखें….

    आज विज्ञान ने जितनी तरक्की कर ली है, उसके बारे में 100 साल पहले तक किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी। धरती हो या आसमान, हर जगह इंसानों ने अपनी मौजूदगी दर्ज की है। अभी भी वैज्ञानिक लगातार नई खोज करने में अपना पूरा समय लगा रहे हैं। मेडिकल साइंस की बात करें तो 21वीं सदी में मृत शरीर को जिंदा करने के अलावा लगभग हर चीज संभव हो गई है। हालांकि इस दिशा में लगातार और नए रिसर्च सामने आ रहे हैं, हाल ही में वैज्ञानिकों ने इंसानी दिमाग तैयार करने की कोशिश की।

    वैज्ञानिकों ने लैब में उगाया ‘मिनी ब्रेन’

    गौरतलब है कि दुनियाभर के वैज्ञानिक ऐसी चीजों में लगे रहते हैं जिससे नई क्रांति लाई जा सके, लेकिन कभी-कभी एक्सपेरिमेंट का परिणाम कुछ और ही निकल कर सामने आ जाता है। ऐसा ही कुछ जर्मनी के वैज्ञानिकों के साथ उस समय हुआ जब वह मिनी ब्रेन उगाने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि वह काफी हद तक इस कोशिश में सफल भी रहे लेकिन अंत में जो चीज निकलकर सामने आई उसने सभी को हैरान कर दिया।

    उगा रहे थे दिमाग, उग आई दो आंखें

    आप भी जानकर दंग रह जाएंगे कि जिस मिनी ब्रेन को वैज्ञानिकों ने तैयार किया उसमें आंखें भी उग आई थीं। जर्मनी के यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल डुसेलडॉर्फ के वैज्ञानिकों ने अपनी रिसर्च की रिपोर्ट में बताया कि लैब में उनके द्वारा उगाए जा रहे मिनी ब्रेन में आंखें भी उगने लगी थीं। इस प्रयोग को वैज्ञानिक लैब की कटोरी में कर रहे थे, जिसकी तस्वीरें भी सामने आई हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक शोधकर्ता इसे अपनी बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं और इससे आंखों की बीमारी पर शोध करने का फैसला लिया है।

    आंखें उग आने से बदला रिसर्च का तरीका

    यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल डुसेलडॉर्फ के न्यूरोसाइंटिस्ट जय गोपालकृष्णन का कहना है कि वैज्ञानिकों ने यह शोध इंसानी दिमाग में होने वाली बीमारियों के इलाज के रूप में शुरू किया था, हालांकि आंखें उग आने से अब रिसर्च को अब ब्रेन और आंखों की बीमारियों के इलाज में क्रांति लाने के लिए शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि लैब में मिनी ब्रेन उगाने के लिए वैज्ञानिकों ने एडल्ट इंसान के स्टेम सेल्स का उपयोग किया था।

    लैब में तैयार किया गया दिमाग उगाने का माहौल

    जय गोपालकृष्णन ने आगे कहा कि लैब में मिनी ब्रेन को तैयार करने के लिए सही टेम्पेरेचर और जरूरी माहौल का ध्यान रखा गया था। गोपालकृष्णन बताते हैं कि स्टेम सेल्स में कई तरह के टिश्यू उगाने की क्षमता होती है, इस बार वैज्ञानिक इसकी मदद से मिनी ब्रेन उगाने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि रिसर्च में तैयार हुए दिमाग में अब तक किसी भी प्रकार के इमोशंस और हरकत नहीं है, इसे उगाने में एक महीने का समय लगा है। उगी हुई आंखें साफ-साफ 50 दिनों में नजर आने लगी थीं।

  • बेटे की गलती की सजा भुगतेंगे पिता, ट्रैफिक नियम तोड़ने पर दोनों पर हुई कार्रवाई….

    बेटे की गलती की सजा भुगतेंगे पिता, ट्रैफिक नियम तोड़ने पर दोनों पर हुई कार्रवाई….

    ट्रैफिक नियम तोड़ने पर पिता-पुत्र दोनों का चालान हो गया है। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में ऐसा पहली बार हुआ कि जब ट्रैफिक नियम तोड़ने पर पिता-पुत्र दोनों पर कार्रवाई हुई हो।

    नाबालिग बेटे की एक गलती पिता को काफी भारी पड़ गई। ट्रैफिक नियम तोड़ने पर पिता-पुत्र दोनों का चालान हो गया है। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में ऐसा पहली बार हुआ कि जब ट्रैफिक नियम तोड़ने पर पिता-पुत्र दोनों पर कार्रवार्ई हुई हो। नए नियमों के तहत बुधवार को किशोर को ट्रैफिक पुलिस ने किशोर न्यायालय बोर्ड के समक्ष पेश किया। लापरवाही के चलते उसके पिता को सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। नए नियम के मुताबिक पिता पर 25 हजार तक का जुर्माना लग सकता है। बिलासपुर में मंगलवार शाम पुलिस ने 16 साल के किशोर को तेज रफ्तार बाइक चलाते हुए पकड़ा था। किशोर ने बचने के लिए झूठ बोला और बालिग बताया था। 

    ट्रैफिक पुलिस को पुराना बस स्टैंड के पास मंगलवार शाम तेज रफ्तार में बाइक जाती हुई दिखाई दी। रफ्तार ज्यादा होने और नाबालिग की आशंका से सिविल लाइन प्रभारी एस. एक्का ने उसे रोक लिया। उम्र पूछी तो पहले उसने खुद को 18 साल से अधिक बताया। पुलिस ने उसके बर्थ सर्टिफिकेट और बोर्ड एग्जाम का सर्टिफिकेट मंगाया। इससे पता चला कि वह 16 साल का है। इसके बाद पुलिस ने उसके पिता को बुलाया। पर दबाव बनाने के लिए किशोर के पिता नेताओं व व्यापारियों से कॉल कराते रहे।  

    पूरे मामले में ट्रैफिक पुलिस ने अदालती कार्रवाई की है। ट्रैफिक पुलिस बुधवार को नाबालिग को सरकंडा स्थित किशोर न्यायालय बोर्ड के सामने पेश किया। किशोर के पिता को जिला न्यायालय में पेश किया गया।  

    बढ़ती दुर्घटनाओं को देखते हुए केंद्र सरकार लाई है नया नियम
    केंद्र सरकार ने बढ़ते सड़क दुर्घटना को देखते हुए ट्रैफिक नियम में बदलाव किए हैं। इसके तहत 18 साल से कम उम्र के बच्चों को गियर वाली गाड़ी जान बूझकर देना अपराध की श्रेणी में आता है। इसके लिए 25 हजार जुर्माना और बच्चे का 25 साल की उम्र तक लाइसेंस नहीं बन सकता। ऐसा नए यातायात के नए नियम में प्रावधान है।ट्रैफिक ASP रोहित बघेल ने बताया कि स्कूल खुलने के साथ ही बच्चों को अभिभावकों द्वारा उनकी जीत पूरी करने के लिए मोटरसाइकिल दे दी जाती है। नाबालिगों द्वारा मोटरसाइकिल चलाने के दौरान गंभीर सड़क दुर्घटनाएं पूर्व में घट चुकी हैं। ऐसी घटना आगे न हो इसके लिए SP दीपक झा ने कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। पुलिस अब रोजाना ऐसे नाबालिकों और उनके पेरेंट्स के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
    आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई-ट्रैफिक ASP

  • सुराग देने वाले को सीबीआई देगी 5 लाख का इनाम, गुप्त रहेगी पहचान…

    धनबाद। धनबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश उत्तम आनंद (uttam anand) की बीते दिनों हत्या कर दी गई थी. इस मामले के बाद सीबीआई (CBI) ने इसकी जांच शुरू की. इसको लेकर सीबीआई ने धनबाद जज हत्याकांड के साजिशकर्ताओं के बारे में विश्वसनीय जानकारी देने वाले को 5 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है.जानकारी के अनुसार धनबाद के जिला एवं सत्र न्यायाधीश-8 उत्तम आनंद की 28 जुलाई को सुबह करीब 5 बजे धनबाद में सैर पर जाते टक्कर मारकर हत्या कर दी थी. सैर पर निकले उत्तम आनंद को एक ऑटो ने पीछे से आकर जोरदार टक्कर मारी थी, जिसके बाद उनकी मौत हो गई।

    यह पूरी वारदात घटना स्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी. इस मामले की जांच सीबीआई द्वारा की जा रही है.धनबाद जज हत्याकांड मामले में सीबीआई पिछले कई दिनों से जांच कर रही है, लेकिन उसे हत्यारोपियों तक पहुंचने में सफलता नहीं मिली है. अब इस मामले में सीबीआई की ओर से बड़ी घोषणा करते हुए कहा गया है कि जो भी शख्स साजिशकर्ताओं की जानकारी देगा उसे सीबीआई 5 लाख रुपये इनाम देगी. सीबीआई ने पिछले दिनों ही एसआईटी की जांच के बाद धनबाद जज हत्याकांड मामले का जिम्मा संभाला था. सीबीआई ने जज उत्तम आनंद की हत्या मामले में 20 अधिकारियों की टीम गठित की थी।

    झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने धनबाद के न्यायाधीश 49 वर्षीय उत्तम आनंद की वाहन की टक्कर से हुई मौत की जांच सीबीआई के हवाले करने का फैसला किया था. वहीं इस घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था, जिसमें धनबाद के रणधीर वर्मा चौक के पास चौड़ी सड़क के किनारे वॉक करने जज उत्तम आनंद को पीछे आ रहे ऑटो रिक्शा ने सड़क खाली होने के बावजूद टक्कर मारी और वहां से फरार हो गया. इस घटना के बाद जज उत्तम आनंद को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था. मुख्य न्यायाधीश डॉ.रवि रंजन और न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की पीठ ने सीबीआई को मामले की जांच यथाशीघ्र करने का निर्देश दिया था।

    सुप्रीम कोर्ट ने 30 जुलाई को धनबाद के न्यायाधीश के ‘दुखद निधन’ पर स्वत: संज्ञान लेते हुए प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने झारखंड के मुख्य सचिव ओर पुलिस महानिदेशक से एक सप्ताह में मामले की जांच से संबंधित स्थिति रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया था. हांलाकि एसआईटी और सीबीआई की जांच के बावजूद अब तक कोई ठोस सबूत हाथ नहीं लग पाया है।

  • स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव ने सीएम को पत्र लिख संबंधित न्यूज पोर्टलों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही करने की मांग की…

    स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव ने सीएम को पत्र लिख संबंधित न्यूज पोर्टलों के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही करने की मांग की…

    रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंह देव ने पत्र के माध्यम से खंडन करते हुए जानकारी दी है कि दिनांक 15 अगस्त, 2021 से टी.सी.पी. 24 न्यूज वेब पोर्टल द्वारा भ्रामक न्यूज “”टी. एस. सिंहदेव का दावा 17 को मुख्यमंत्री देंगे इस्तीफा, इधर दबाव से बेपरवाह मुख्यमंत्री बघेल लंबी पारी खेलने के अंदाज में ले रहे है कई बड़े फैसले प्रसारित किया जा रहा है जो कि पूर्णतः असत्य एवं तथ्यहीन है मेरे द्वारा इस तरह का कोई भी स्टेटमेंट / वक्तव्य नहीं दिया गया है। इस प्रकार के भ्रामक न्यूज सुनियोजित षड़यंत्र के तहत राजनीतिक वातावरण को दुषित करने हेतु फैलाया जा रहा है, जो सर्वथा अनुचित है।

    कृपया, उपरोक्त वस्तुस्थिति को संज्ञान में लेते हुए संबंधित न्यूज पोर्टल में प्रसारित न्यूज पर तुरन्त रोक लगाते हुए संबंधित न्यूज पोर्टल के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही करने का कष्ट करेंगे।

  • MMS वीडियो लीक होने पर ट्रोल हुईं भोजपुरी एक्‍ट्रेस तृषा कर मधु…

    MMS वीडियो लीक होने पर ट्रोल हुईं भोजपुरी एक्‍ट्रेस तृषा कर मधु…

    दिल्‍ली। लोकप्रिय भोजपुरी अभिनेत्री तृषा कर मधु का निजी एमएमएस वीडियो ऑनलाइन लीक हो गया है जिसने उनकी मुसीबत बढ़ा दी है । वीडियो में मधु अपने तथाकथित बॉयफ्रेंड के साथ प्राइवेट टाइम स्पेंड करती नजर आ रही हैं। वीडियो के लीक होने के बाद, मधु ने सोशल मीडिया पर उन लोगों को चेतावनी देने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया, जिन्होंने कथित तौर पर वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था। इसके बाद वो जमकर ट्रोल हो रही हैं।

    ट्रोल होने पर एक्‍ट्रेस तृषा ने दिया ये जवाब

    वीडियो वायरल होने के बाद, अभिनेत्री को सोशल मीडिया पर ट्रोल भी किया गया था, कई लोगों ने कहा कि उसने जानबूझकर प्रचार पाने के लिए ऐसा किया। उसी पर रिएक्ट करते हुए तृषा ने फेसबुक पर एक और पोस्ट शेयर करते हुए कहा, ‘आप सब कह रहे हैं कि मैंने वीडियो बनाया है। हां, हमने वीडियो बनाया था लेकिन मुझे नहीं पता था कि कोई मुझे बैकस्टैब करेगा। मुझे नीचा दिखाया जाएगा, मैंने कभी नहीं सोचा था या मैं कभी नहीं जानती थी लोग ऐसा करेंगे।

    “दावा किया कि इस इंडस्ट्री में कोई भी संत नहीं है।

    एक अन्य पोस्ट में एक्ट्रेस ने भोजपुरी इंडस्ट्री पर प्रतिक्रिया देते हुए दावा किया कि इस इंडस्ट्री में कोई भी संत नहीं है। उसने कहा कि लोग उसे बोलने के लिए मजबूर न करें या वह सच कहेगी। उसने कास्टिंग काउच पर इशारा किया और कहा कि कम से कम वह किसी से प्यार करती थी और काम के लिए किसी के साथ होटल के कमरे में जाने के बजाय उसके साथ थी।

    बता दें लोकप्रिय भोजपुरी अभिनेत्री तृषा कर मधु एक लोकप्रिय अभिनेत्री और डांसर हैं। सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहती हैं और अपने प्रशंसकों को अपने ठिकाने के बारे में अपडेट रखती हैं। हालांकि, वह सभी गलत कारणों से सुर्खियां बटोर रही हैं। तृषा का निजी एमएमएस वीडियो ऑनलाइन लीक हो गया है जिससे वह परेशान हैं। वीडियो में मधु अपने तथाकथित बॉयफ्रेंड के साथ प्राइवेट टाइम स्पेंड करती नजर आ रही हैं। वीडियो के लीक होने के बाद, मधु ने सोशल मीडिया ने वीडियो वायरल करने वालों की जमकर फटकार भी लगाई थी।

    हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वीडियो किसने शूट किया या यह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तक कैसे पहुंचा। मधु ने एक फेसबुक पोस्ट भी डाला जिसमें उन्होंने कहा: “भगवान सब कुछ देख रहे हैं। मुझे बदनाम करने के लिए, कुछ लोगों ने इस वीडियो को वायरल कर दिया। मैंने सोचा भी नहीं था कि बिहार के कुछ लोग इतने निम्न स्तर के हैं।” खुदा सब देख रहा है, मुझे घेरने के लिए मेरा प्राइवेट वीडियो वायरल कर दे, आप की बहन के साथ कोई शादी कर या अगले दिन #सुहागरात का वीडियो वायरल कर दे तो बढि़या लगे गा ना।

    कई आइटम सॉग कर चुकी हैं त्रिशा

    27 वर्षीय अभिनेत्री पश्चिम बंगाल की मूल निवासी हैं और उन्होंने भोजपुरी धारावाहिक “हम है हिंदुस्तानी” से स्क्रीन पर शुरुआत की। उन्होंने भोजपुरी फिल्म उद्योग के प्रमुख अभिनेताओं के साथ कई आइटम गीतों में भी अभिनय किया है।

  • तलाक़ के बाद आईएएस टीना डाबी ने तोड़ी चुप्पी, ट्रोलर्स गैंग को दिया मुँह तोड़ जवाब

    तलाक़ के बाद आईएएस टीना डाबी ने तोड़ी चुप्पी, ट्रोलर्स गैंग को दिया मुँह तोड़ जवाब

    सिविल सर्विस परीक्षा 2015 की टॉपर रही टीना डाबी (IAS Tina Dabi) का नाम शायद ही कोई व्यक्ति हो। जो नही जानता है। टीना डाबी ने जितनी ज़्यादा सुर्खियां यूपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण कर बटोरी थी। इससे कहीं ज़्यादा चर्चा में वह उस दौरान आई थी। जब उन्होंने आईएएस अतहर आमिर खान से शादी की थी। जी हां बता दें कि टीना डाबी आईएएस बन अपने सामाजिक कार्यों से ज्यादा अपनी निजी बातों को लेकर आएं दिन लाइम लाइट में रहती है।

    बता दें कि आईएएस (IAS) अफसर और 2015 में UPSC टॉपर टीना डाबी और आईएएस (IAS) पति अतहर आमिर खान की चर्चित लव स्टोरी का अंत हो चुका है। दोनों की तलाक की अर्जी के 9 महीने बाद मंगलवार को जयपुर फैमिली कोर्ट ने तलाक का फैसला सुनाया। जिसके बाद से सोशल मीडिया पर यूजर दोनों को लेकर कई तरह के कमेंट्स कर रहे हैं। वहीं इसी बीच टीना डाबी ने तलाक के बाद अपना पहला पोस्ट कर दिल की बात कही है।

    गौरतलब हो कि टीना और अतहर की शादी दो साल भी ठीक से नहीं चल सकी। वहीं टीना डाबी ने तलाक के बाद पहली बार पोस्ट लिखी। उन्होंने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा कि, ”लोग आपके बारे में कई बातें करेंगे, लेकिन यह आपकी जिंदगी में मायने नहीं रखता है। आप वही करें जो आपको अच्छा लगे, जो सुकून दे, लोगों की परवाह किए बिना बस खुशी से अपनी जिंदगी जिएं।”

    बता दें कि टीना डाबी और अतहर आमिर खान के तलाक के बाद से ही लोग सोशल मीडिया पर टीना को ट्रोल करते हुए उन पर कई सवाल खड़े करने लगे थे। शायद इसी वजह से उन्होंने यह पोस्ट कर लोगों का मुंह बंद कर दिया है।

    एक समय टीना और अतहर की लव स्टोरी ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं। किस तरह दोनों की मसूरी में आईएएस की ट्रेनिंग के दौरान मुलाकात हुई, फिर दोनों दोस्त बने। इसके बाद खुद टीना ने सोशल मीडिया पर फिल्मी अंदाज में अतहर को प्रपोज करते हुए उनके साथ शादी करने का फैसला कर सबको हैरान कर दिया था। लेकिन जितने समय इस लव स्टोरी की चर्चा रही उससे कहीं कम समय में दोनों के बीच कुछ कड़वाहट आ गई।

    बताया जाता है कि शादी के महज चार महीने बाद ही दोनों ने अलग-अलग रहने का फैसला कर लिया था। इतना ही नहीं दोनों ने एक दूसरो को सोशल मीडिया पर अनफॉलो तक कर दिया था। इतना ही नहीं टीना ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था कि वह अतहर की इंटेलीजेंसी से बेहद इंप्रेस हैं। वह बहुत ही अच्छे और नेक इंसान हैं। शायद इसी वजह से मैं अतहर को पहली ही नजर में दिल दे बैठी थी।

    मालूम हो कि दोनों की शादी साल 2018 में हुई थी। जिसमें कई राजनैतिक और बिजनेसमैन से जुड़ी हस्तियां शामिल हुई थीं। बता दें कि अतहर मूल रूप से कश्मीर के रहने वाले हैं, इस वजह से टीना को लोग ‘कश्मीरी’ बहू कहकर पुकारने लगे थे। टीना ने भी अपने सरनेम में खान जोड़ लिया था।

    वहीं आईएएस टीना के जन्म की बात करें। तो वैसे तो उनका जन्म भोपाल में हुआ है, लेकिन फिलहाल उनका परिवार जयपुर में रहता है। उनके पिता जसवंत डाबी और मां हिमानी इंजीनियर रहे हैं। जब टीना कक्षा 7 में थी तो उनका परिवरा दिल्ली शिफ्ट हो गया था। टीना और अतहर की लवस्टोरी शुरू होने के बाद दोनों अक्सर सोशल मीडिया पर अपने साथ के हर इवेंट और त्यौहार वाले वीडियो शेयर करते थे। अपने डांस वीडियो से लेकर घूमने जाने तक की तस्वीरें भी पोस्ट करते थे, लेकिन यह जोड़ी ज्यादा दिन तक बरकरार नहीं रह पाई।

  • रेलवे की बड़ी लापरवाही उजागर, पटरी छोड़ सड़क पर पहुंचा रेल इंजिन…

    रेलवे की बड़ी लापरवाही उजागर, पटरी छोड़ सड़क पर पहुंचा रेल इंजिन…

    बिलासपुर में रेलवे विभाग की एक बड़ी लापरवाही समने आई है। इलेक्ट्रिक विभाग के लोको पायलट और टेक्निषियन की लापरवाही से ट्रेन का एक इंजन पटरी को छोड़कर सड़क पर जा पहुंजा। दरबार रेलवे फाटक पर यह दुर्घटना हुई है,जिसमें फिलहाल कोई हताहत नहीं हुआ है। बताया जा रहा है,कि इंजिन में लोको पायलट मौजूद नहीं था। हादसा कैसे और किन परिस्थितियों में हुआ है इस बात का पता नहीं चल सका है। लेकिन इंजिन के सड़क पर आने से बिजली के कई खंबे बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए वहीं इंजिन को भी नुकसान पहुंचा है। इस हादसे के बाद मौके पर भगदड़ की स्थिती निर्मित हो गई जिसे नियंत्रित करने मौके पर रेलवे सुरक्षा बल पहुंच चुका है। के्रन की मदद से इंजिन को हटाने का काम जारी है जिसमें इेलक्ट्रिकल डिपार्टमेंट की मदद ली जा रही है।

  • एयरक्राफ्ट के अंदर के नज़ारे ने बयां किया दर्द, इस तस्वीर से दिखी सच्चाई….

    एयरक्राफ्ट के अंदर के नज़ारे ने बयां किया दर्द, इस तस्वीर से दिखी सच्चाई….

    अफगानिस्तान (Afghanistan) की स्थिति हर बदलते मिनट के साथ बदतर होती जा रही है. पूरे मुल्क पर अब तालिबान (Taliban) का राज है और अमेरिका (America) अपनी सेना को वापस बुलाने के फैसले को सही ठहरा रहा है. अफगानिस्तान की आम जनता अपनी जान बचाने के लिए रास्ते खोज रही है. इसी बीच एक तस्वीर सामने आई है, जो दिखाती है कि कैसे अफगानिस्तान में रहने वाले लोग अपनी जान बचाकर यहां से बाहर निकल रहे हैं. पत्रकार इयान ब्रीमर ने अपने ट्विटर अकाउंट पर अमेरिकी एयरक्राफ्ट (Aircraft) के अंदर की तस्वीर साझा की है. इस एयरक्राफ्ट में सैकड़ों लोग बैठे हैं, जो अफगानिस्तान से निकलकर किसी सुरक्षित स्थान पर ले जाए जा रहे हैं. एयरक्राफ्ट के अंदर लोगों की संख्या इतनी ज्यादा है कि कोई कह नहीं सकता है कि एक प्लेन में इतने सारे लोग एक साथ बैठे हैं।

    लेकिन काबुल में जिस तरह के हालात हैं, उस हिसाब से लोग सिर्फ किसी भी तरह यहां से बाहर जाना चाहते हैं फिर चाहे इस तरह की मुश्किल ही क्यों ना उठानी पड़े. सैकड़ों लोगों के चेहरों पर शिकन है और डर दिखाई पड़ रहा है, लेकिन हल्का सुकून ये भी है कि वो किसी तरह यहां से निकल गए हैं।

    बता दें कि बीते दिन भी अफगानिस्तान से ऐसी कई तस्वीरें, वीडियो सामने आए थे जो हैरान करने वाले थे. काबुल एयरपोर्ट पर हज़ारों की भीड़ जुटी हुई थी और किसी भी तरह सिर्फ यहां से बाहर जाना चाहती थी. काबुल एयरपोर्ट से जो वीडियो सामने आए, उनमें देखा जा सकता था कि कैसे लोग प्लेन पर चढ़ने को आतुर थे, मानो कोई रेलवे स्टेशन हो और सिर्फ आखिरी ट्रेन छूट रही हो, इसी तरह लोग प्लेन की छत पर चढ़ गए. वहीं, कई लोग प्लेन के बाहर लटक गए और जब विमान ने उड़ान भरी तो नीचे गिर पड़े. लेकिन अफगानिस्तान के एयरस्पेस की मुश्किल स्थिति के कारण काबुल एयरपोर्ट (Kabul Airport) से विमानों ने उड़ान भरना भी रोक दिया. अमेरिका द्वारा अपने और मित्र देशों के लोगों को निकालने के लिए स्पेशल एयरक्राफ्ट की व्यवस्था की गई है।

  • केंद्र सरकार को निर्देश, ‘पिंजरे’ में कैद सीबीआई को करें आजाद…

    केंद्र सरकार को निर्देश, ‘पिंजरे’ में कैद सीबीआई को करें आजाद…

    चेन्नई। मद्रास हाईकोर्ट ने मंगलवार को याचिका पर सुनवाई के दौरान ‘पिंजरे’ में बंद सीबीआई को स्वायत्ता देने की जरूरत बताई. कोर्ट ने कहा कि विपक्ष के अनुसार सीबीआई केंद्र सरकार के हाथों में एक राजनीतिक उपकरण बन गई है, जिसे आजाद करने की जरूरत है. सीबीआई को नियंत्रक और महालेखा परीक्षक की तरह स्वायत्तता होनी चाहिए।

    हाईकोर्ट ने मौजूदा व्यवस्था में बदलाव को लेकर अपने 12 सूत्री निर्देशों में कहा कि यह आदेश ‘पिंजरे’ में बंद तोते सीबीआई को रिहा करने का प्रयास है. कोर्ट ने कहा कि एजेंसी की स्वायत्तता तभी सुनिश्चित होगी जब उसे वैधानिक दर्जा दिया जाएगा. इसके लिए भारत सरकार को अधिक शक्तियों एवं अधिकार क्षेत्र के साथ वैधानिक दर्जा देने वाले एक अलग अधिनियम के अधिनियमन पर विचार करने और निर्णय लेने का निर्देश दिया जाता है. केंद्र सरकार प्रशासनिक नियंत्रण के बिना कार्यात्मक स्वायत्तता के साथ सीबीआई को स्वतंत्र करे।

    दरअसल, सीबीआई की ओर से याचिका दायर की गई थी, जिसमें जिसमें कहा गया था कि एजेंसी लोगों की कमी जैसे बंधनों के साथ काम कर रही है. इस याचिका पर विचार के दौरान जस्टिस एन. किरुबाकरण और जस्टिस बी. पुगलेंधी की डिवीजन बेंच ने केंद्र सरकार को निर्देश देते हुए सीबीआई के लिए अलग से बजट आवंटित करने की सिफारिश की है. साथ ही एजेंसी के निदेशक को सरकार में सचिव के बराबर पद देने की सलाह दी है।

    बेंच ने कहा कि सीबीआई प्रमुख को संबंधित मंत्री या प्रधानमंत्री को ही रिपोर्ट करना चाहिए. बेंच ने सीबीआई निदेशक को 6 हफ्तों के भीतर एक विस्तृत प्रस्ताव भेजने के साथ इस प्रस्ताव के मिलने के बाद केंद्र को तीन महीनों के भीतर उचित आदेश जारी करने  के लिए कहा. बता दें कि 1941 में गठित एजेंसी प्रधानमंत्री कार्यालय के तहत डीओपीटी (कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग) को रिपोर्ट करती है. इसके निदेशक को तीन सदस्यीय पैनल द्वारा चुना जाता है, जिसमें प्रधानमंत्री, भारत के मुख्य न्यायाधीश और विपक्ष के नेता शामिल होते हैं।