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  • मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को दिए सख्त निर्देश, कहा शासकीय छात्रावासों का करें आकस्मिक निरीक्षण…

    मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को दिए सख्त निर्देश, कहा शासकीय छात्रावासों का करें आकस्मिक निरीक्षण…

    रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जशपुर जिले के छात्रावास में घटी अप्रिय घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए सभी जिले के कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को अपने जिले के अंतर्गत समस्त छात्रावासों के समय समय पर आकस्मिक निरीक्षण के निर्देश दिए हैं।
    उन्होंने सभी जिला कलेक्टरों को शासकीय छात्रावासों के निरीक्षण के लिए जिला शिक्षा अधिकारी, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास सहित अन्य वरिष्ठ जिला स्तरीय अधिकारियों की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए हैं। निरीक्षण के दौरान निरीक्षणकर्ता अधिकारी छात्रावास में रहने वाले बच्चों से बातचीत कर छात्रावास में संचालित गतिविधियों से संबंधित फीडबैक लेकर रिपोर्ट में प्रस्तुत करेंगे।

    उन्होंने कहा कि निरीक्षण में यदि शासकीय छात्रावासों में कार्यरत किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को अपने कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही करते हुए पाया जाता है या अनैतिक गतिविधियो में संलिप्तता पाई जाती है, तो सम्बन्धित अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध निलंबन/एफआईआर आदि की त्वरित कार्रवाई की जानी जाए।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही बरतने वाले या अनैतिक गतिविधियो में शामिल अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कारवाई सुनिश्चित की जाए जिस से अप्रिय घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

  • निलंबित एडीजी जीपी सिंह की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की खरी-खरी….

    निलंबित एडीजी जीपी सिंह की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की खरी-खरी….

    दिल्ली। निलंबित एडीजी जीपी सिंह को राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने चार हफ्ते तक राजद्रोह और आय से अधिक संपत्ति के मामले में उनकी गिरफ्तार पर रोक लगाई है. इसके साथ राज्य सरकार को नोटिस भी जारी किया गया है. लेकिन याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी कर पूरी व्यवस्था को आईना दिखाया है।

    जानकारी के अनुसार, याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने कहा कि आप हर मामले में सुरक्षा नहीं ले सकते. आपने पैसा वसूलना शुरू कर दिया क्योंकि आप सरकार के करीब हैं. यही होता है अगर आप सरकार के करीब हैं और इन चीजों को करते हैं तो आपको एक दिन वापस भुगतान होगा।

    निलंबित एडीजी जीपी सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 124-ए के तहत राजद्रोह और आय से अधिक संपत्ति के मामले दर्ज किए गए हैं. जीपी सिंह ने अलग-अलग याचिकाओं में राजद्रोह के मामले को रद्द करने के साथ दूसरी में मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है।

    बता दें कि 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी जीपी सिंह राज्य पुलिस अकादमी में निदेशक पदस्थ थे. इस दौरान एसीबी और ईओडब्ल्यू की संयुक्त टीम ने उनके निवास पर छापा मारा था. करीबन 64 घंटे तक चली कार्रवाई में 10 करोड़ से अधिक की चल-अचल संपत्ति का खुलासा हुआ था. इस छापे की जद में एडीजी सिंह के करीबी लोग भी आए हैं।

  • दिल्ली दौरे से लौटे स्वास्थ्य मंत्री TS सिंहदेव,बिलासपुर विधायक शैलेश पांडेय के निष्कासन प्रस्ताव पर कही यह बात…

    दिल्ली दौरे से लौटे स्वास्थ्य मंत्री TS सिंहदेव,बिलासपुर विधायक शैलेश पांडेय के निष्कासन प्रस्ताव पर कही यह बात…

    रायपुर। सूबे के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव दिल्ली दौरे से लौट आए हैं. टीएस सिंहदेव ने एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत की. पंजाब की तर्ज पर अचानक मुख्यमंत्री बदले जाने के सवाल पर TS सिंहदेव ने कहा कि अचानक नहीं एक प्रक्रिया है, जो चल रही है. लोग ढाई-ढाई साल की बात कर रहे हैं, ढाई साल भी बीत गया. कहीं न कहीं चर्चा चलती रहती है. चर्चा को अंजाम तक ले जाने की जो बात है, वो निर्णय के रूप में आ जाता है।

    वहीं स्वास्थ्य मंत्री ने बिलासपुर(Bilaspur) विधायक शैलेश पांडेय(Shailesh Pandey) के निष्कासन प्रस्ताव पर कहा कि हम सब कांग्रेस के व्यक्ति हैं, हाईकमान सोनिया जी उनके साथ जुड़े हुए हैं. नीति और आदर्शों के साथ चलने वाले हैं.स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भावनाओं में आकर कोई कुछ भी कह देते हैं. पार्टी के अन्दर की बात है, जहां तक करवाई की बात है तो पीसीसी के पास बात जाएगी. शैलेश पांडेय भावनात्मक व्यक्ति हैं, मन की जो बातें रहती है कई बार सामने आ जाती है. सार्वजनिक जीवन में हम जितना संयमित रहे उतना अच्छा है।

  • मुख्यमंत्री भूपेश बघेल लेंगे राज्य के आईजी और एसपी की बैठक…

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल लेंगे राज्य के आईजी और एसपी की बैठक…

    रायगढ़। आगामी पाँच अक्टूबर को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल राज्य के सभी आई जी और पुलिस अधीक्षकों की बैठक लेंगे। यह बैठक राजधानी के न्यू सर्किट हाउस आडिटोरियम में आयोजित है।
    सभी आईजी और कप्तानों को एजेंडा भेज दिया गया है।तीस सितंबर तक प्रश्न के जवाब और जानकारियों को माँगता यह पत्रक ब्यौरे के साथ पीएचक्यू मँगा रहा है।
    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस बैठक के ज़रिए राज्य की क़ानून व्यवस्था की समीक्षा करेंगे और बेहतर पुलिसिंग को लेकर कड़े निर्देश दे सकते है।

  • 82 नायब तहसीलदारों का प्रमोशन, बनाया गया तहसीलदार, कइयों का तबादला भी तो कई रखे गए यथावत….

    82 नायब तहसीलदारों का प्रमोशन, बनाया गया तहसीलदार, कइयों का तबादला भी तो कई रखे गए यथावत….

    रायपुर। राज्य शासन ने प्रदेश के 82 नायाब तहसीलदारों को पदोन्नत करके तहसीलदार बना दिये गए। इनमें से ज्यादातर को यथावत उसी जगह रकह गया है तो कइयों को पदोन्नति के साथ-साथ तबादला भी कर दिया गया है। इस लिस्ट के कई नायाब तहसीलदार प्रमोशन के बाद भी अपने ही जिले में बने रहेंगे।

    सरकार द्वारा जारी इस लिस्ट में रायगढ़ जिले के चार और जशपुर के एक नायाब तहसीलदार का प्रमोशन किया गया है। जशपुर के जहां प्रमोद चंद्रवंशी हैं वहीं रायगढ़ के माया अंचल, अनुज पटेल, विवेक पटेल आदि का नाम इस लिस्ट में है। रायगढ़ के सभी नायाब तहसीलदारों को प्रमोशन के बाद भी उन्हें इसी जिले में रखा गया है।

  • अब इन लोगों को नहीं मिलेगा सिम,सिम कार्ड लेने के नियम में बड़ा बदलाव…

    अब इन लोगों को नहीं मिलेगा सिम,सिम कार्ड लेने के नियम में बड़ा बदलाव…

    दिल्ली। दूरसंचार विभाग ने कहा है कि भारत में नाबालिगों को सिम कार्ड जारी नहीं किए जाने चाहिए। इसका सीधा मतलब यह है कि अब 18 साल से कम उम्र का कोई भी व्यक्ति देश के किसी भी टेलीकॉम ऑपरेटर से सिम कार्ड नहीं खरीद सकता है। दूरसंचार विभाग ने कहा है कि किसी नाबालिग को सिम कार्ड बेचना दूरसंचार ऑपरेटर द्वारा एक अवैध गतिविधि होगी।

    नया सिम खरीदने के लिए ग्राहकों को एक कस्टमर एक्विजिशन फॉर्म भरना होता है। यह आमतौर पर टेलीकॉम कंपनी और ग्राहक के बीच एक समझौता होता है। इस फॉर्म में अब संशोधन किया गया है जिसके मुताबिक सिम कार्ड खरीदने की उम्र 18 साल से कम नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा यदि किसी व्यक्ति की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है तो उसे भी सिम कार्ड नहीं बेचा जा सकता।

    यह एक बेहद ही आम सवाल है जिसे हर बार पूछा जाता है लेकिन सटीक जवाब नहीं मिलता है। आमतौर पर कहा जाता है कि एक व्यक्ति अपने नाम पर अधिकतम 9 सिम कार्ड खरीद सकता है, जबकि ऐसा नहीं है। एक व्यक्ति अपने नाम पर अधिकतम 18 सिम कार्ड खरीद सकता है। इनमें से 9 का इस्तेमाल मोबाइल कॉल्स के लिए और अन्य 9  का इस्तेमाल मशीन-टू-मशीन कम्युनिकेशन के लिए होगा।

  • 46 न्यायाधीशों को मिली पदोन्नति, बनाए गए सीनियर सिविल जज…

    46 न्यायाधीशों को मिली पदोन्नति, बनाए गए सीनियर सिविल जज…

    बिलासपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने निचली अदालतों में पदस्थ 46 न्यायाधीशों को नियमों के तहत वरिष्ठ सिविल न्यायाधीशों के तौर पर पदोन्नत किया है. आदेश रजिस्ट्रार जनरल इंचार्ज संजय कुमार जायसवाल की ओर से जारी किया गया है।

  • चापलूसी, चाटुकारिता एक आधुनिक कलयुगी हथियार है….

    चापलूसी, चाटुकारिता एक आधुनिक कलयुगी हथियार है….

    त्रिभुवन सिंह जी के फेस बुक वॉल से…

    यह एक ऐसा हथियार है ,जो इस्तेमाल करने वाले अक्षम निष्क्रिय ग़ैरउत्त्पादक आदमी के प्रभाव को ज़मीन से आसमान तक उठा कर महिमा मण्डित कर देता है।
    इस हथियार  का इस्तेमाल किसी दूसरे के क्षमता दक्षता और ,प्रभाव-मण्डल का अनुचित लाभ लेने के लिये पाखण्ड पूर्ण होता है।
    चापलूसी एक उपक्रम है,एक मिशन, एक तपस्या है,इसमें जादूगर की तरह मायाजाल ,नजरबन्द के हावभाव,भाठों की भाव-भंगिमा, अंग-प्रत्यंग से आकर्षण की कला, नाटक-नौटंकी का प्रयोग होता है ।

    चापलूस एक अहिंसक चालबाज और भ्रमजाल फैलाने में माहिर मासूम परोपजीवी की तरह होता है। उसे मात्र बेअक्ल ,बेशर्म और निहित स्वार्थी होने की  जरूरत के बाद. सिर्फ़ अपने आका और महामना की हर इक्छा ,असंगत जो कहे, उसकी हर बात पर निःशर्त सहमति/समर्थन जताना परमकर्तव्य हो जाना जरूरी है। दरअसल चापलूसी चाटुकारिता का यही मूलाधार है।

    चापलूसी की कोइ सीमा नहीं होती है। हालाँकि इसकी शुरूआत से ही गुमराह और अति के बाद भ्रान्तियाँ बढ़ जाती हैं अंततःकूशल नेतृत्व भी अलोकप्रिय एवं अहंकारी हो जाता है ,एकाधिकार के लिए हठी और तानाशाही रवैया अपनाता है, संवादहीनता बढ़ते जाने से वास्तविकता से दूर हो जाता है।सक्षम, गुनी, ज्ञानी, उपेक्षा के कारण दूर हो जाते हैं, लेकिन इसके बाद भी चापलूसी का प्रभाव/प्रचलन कम नहीं होता। बल्कि ऐसे में चापलूसी ही एकमात्र सहारा बचता है। जनसंपर्क का दायरा निष्प्रभावी हो जाने से असफलताओं का सामना करना पड़ता है । लोकप्रियता धीरे धीरे समाप्त जाती है।  
                           
    चापलूसों की क्षमता/दक्षता की महिमा ही अलग है। यह स्वार्थ पूरा करने का ब्रह्मास्त्र है, हर समस्या की रामबाण औषधि है। इसके गिरफ़्त में जो आ जाता है वह महिमामंडित होकर भ्रमित हो जाता है, उचित-अनुचित का बोध नहीं कर पाता और अंततः विपरीत परिणाम भोगना ही पड़ता है ।

    इसलिए कहा गया है कि प्रतिक्रिया और व्यवहार स्वाभाविक होनी चाहिए और ऐसा अगर ना हो तो चाटुकारिता होती है चापलूसी होती है ।                    
    चापलूसी से व्यक्ति प्रोत्साहित तो होता है लेकिन इसके कुचक्र में फँस कर भ्रमित हो जाता है और अपने कर्तव्य/दायित्व का निर्वाह नहीं कर पाता। वास्तविकता से परे चापलूसों ,चाटुकारों से घिरा नेतृत्व समाज व राष्ट्र के लिए अहितकर हो जाता है ।        

    जैसे अमरबेल किसी हरे-भरे वृक्ष को कमजोर कर देता है वैसे ही चापलूस,चाटुकार, सदा स्वपोषण के चक्कर में परजीवी हो सामाजिक,आर्थिक, एवं राजनैतिक परिवेश, और जन सरोकार को क्षतिग्रस्त करते रहते है।

    ये मात्र चाटुकार और चापलुस ही नहीं ,कलिकाल के,कलुयग में कालनेमी हैं पद प्रतिष्ठा, मान, मर्यादा के मर्दन अवतार हैं।यही तो महामना आका भक्त हैं ।

  • अब सड़कों पर नहीं सुनाई देगा गाड़ियों का बेसुरा हॉर्न, गाड़ियों में फिट किए जाएँगे बांसुरी और वायोलिन की धुन….

    अब सड़कों पर नहीं सुनाई देगा गाड़ियों का बेसुरा हॉर्न, गाड़ियों में फिट किए जाएँगे बांसुरी और वायोलिन की धुन….

    सुबह घर से बाहर निकलने पर ही सड़कों पर गाड़ियों के हॉर्न हम सभी को परेशान करता है। सड़क पर गाड़ियों की हॉर्न के पी-पी आवाज सभी का दिमाग खराब कर देते है। कई बार तो मात्र हॉर्न की आवाज ही लोगों को लड़ाई करने के लिए मजबूर कर देती है। कई बार तो वाहन चालक यह भी ध्यान नहीं देते की वह प्रतिबंधित क्षेत्र में हॉर्न बजाए जा रहे है। लगातार हॉर्न के बजाए जाने से कई लोगों को तकलीफ होती है। ऐसे में सरकार ने इस बारे में एक काफी शानदार उपाय निकाला है।

    केंद्र सरकार द्वारा जल्द ही नए नियम बनाए जा सकते है। इसके अनुसार केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन हॉर्न के आवाज से लोगों को बचाने के लिए नए नियम लाने की तैयारी कर रहे है। इस बारे में जानकारी देते हुये केन्द्रीय मंत्री ने कहा की जल्द ही लोगों को हॉर्न के परेशान कर देने वाले आवाज से छुटकारा मिल सकेगा। केन्द्रीय मंत्री के अनुसार, मंत्रालय के अधिकारी कार के हॉर्न का आवाज बदलने पर काम कर रहे है। 

    इसके तहत सरकार द्वारा सभी कारों में बांसुरी या वायोलिन की धुन लगाई जाये इस बारे में तैयारी चल रही है। इस बारे में अपने अनुभवों को साझा करते हुये नितिन ने कहा कि वह नागपूर में अपने अपार्टमेंट के 11वें माले पर रहते है। हर दिन सुबह वह एक घंटे के लिए योगा करते है। हालांकि योगा के दौरान उन्हें उनके अपार्टमेंट के बाहर से जाने वाली गाड़ियों के हॉर्न सुनाई देते है। उन्होंने सोचा कि यह दिक्कत तो हर किसी को आती है, खास करके सड़क पर गाड़ियों में चलने वाले लोगों को तो खास तौर पर सामना करना पड़ता है। 

    नितिन गडकरी ने कहा उन्होंने इस बारे में सोचना शुरू किया और सोचा कि हॉर्न के आवाज योग्य होने चाहिए। यदि हॉर्न बजते समय बांसुरी, वायोलिन या तबले जैसे किसी भी वांजित्र का आवाज आए तो इससे किसी को खलेल भी नहीं पहुंचेगी। इसलिए उन्होंने इस बारे में नया निर्णय लेते हुये नाय वाहन उत्पादकों को गाड़ियों में हॉर्न की जगह बांसुरी, वायोलिन, तबला या किसी भी तरह की वांजित्र का इस्तेमाल करना होगा। जिससे की आवाज का प्रदूषण भी कम किया जा सकेगा।

  • कई जरूरी दवाएं जीएसटी मुक्त, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दी जानकारी…

    कई जरूरी दवाएं जीएसटी मुक्त, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने दी जानकारी…

    दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर काउंसिल की आज अहम बैठक हुई. बैठक में पेट्रोल एवं डीजल को जीएसटी में शामिल होने पर विचार मे की गई चर्चा दिल्ली के डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री मनीष सिसौदिया ने बैठक में हुए फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि पेट्रोल और डीजल को जीएसटी में रखने पर कोई आमराय नहीं बन पाई. इसी तरह राज्यों को जून 2022 के बाद भी मुआवजा देने पर आज फैसला नहीं हो पाया, लेकिन इसके लिए एक ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स द्वारा विचार किया जाएगा. यह समिति दो महीने के भीतर अपनी सिफारिश देगी. अच्छी खबर यह है कि कोरोना की दवा को 31 दिसंबर 2021 तक जीएसटी से छूट मिलती रहेगी. इसमें कुछ और दवाओं को शामिल किया गया. कई महंगी लाइफ सेविंग दवाओं को जीएसटी से मुक्त कर दिया गया है. इनमें दो काफी महंगी दवाएं हैं. बायोडीजल पर जीएसटी घटाकर 12 से 5 फीसदी कर दिया गया है. सभी तरह के पेन पर अब जीएसटी 18 फीसदी रहेगी.

    GST council की बैठक आज यानी शुक्रवार को लखनऊ में हुई. बैठक में ऐसे कई अहम निर्णय हुए जिनका असर आम आदमी की जेब पर पड़ने वाला है. कई अहम प्रस्तावों पर विचार हुआ. यह मार्च 2020 के बाद (जब कोरोना का कहर शुरू हुआ था) सदस्यों की भौतिक रूप से मौजूदगी वाली पहली बैठक है. इसके पहले कई बैठकें ऑनलाइन आयोजित की गईं. इस साल जून में केरल हाई कोर्ट ने जीएसटी काउंसिल को यह आदेश दिया था कि वह पेट्रोल एवं डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने पर विचार करे. काउंसिल को इसके लिए 6 माह का समय दिया गया. दिल्ली में पेट्रोल के 101 रुपये कीमत में लोग करीब 60 रुपये टैक्स के रूप में ही दे रहे हैं. लेकिन इस प्रस्ताव का राज्य ही विरोध कर रहे हैं क्योंकि उनके राजस्व को भी इससे भारी नुकसान पहुंचने वाला है. कोरोना संकट में राजस्व को पहले ही चोट है, इसी वजह से कर्नाटक, केरल और महाराष्ट्र सरकार ने पहले ही इस प्रस्ताव का विरोध किया है.

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में सुबह 11 बजे शुरू होने वाली इस बैठक में 28 राज्यों और 3 केंद्र शासित राज्यों के प्रतिनिध‍ि शामिल हुए. आज की बैठक में असल में 50 से ज्यादा वस्तुओं एवं सेवाओं पर दरों में बदलाव पर विचार हुआ. बैठक में विचार के लिए एक प्रमुख मसला यह भी था कि जीएसटी लागू होने से राज्यों को हो रहे नुकसान की पूरी तरह से भरपाई कैसे हो. असल में 1 जुलाई 2017 को लागू जीएसटी एक्ट में कहा गया था कि जीएसटी लागू होने के बाद यदि राज्यों के जीएसटी में 14 फीसदी से कम ग्रोथ होती है तो उन्हें अगले पांच साल तक इस नुकसान की भरपाई ऑटोमोबिल और टोबैको जैसे कई उत्पादों पर विशेष सेस लगाकर करने की इजाजत होगी.