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  • कोरोना काल में महामारी एक्ट में दर्ज मुकदमे होंगे वापस….

    कोरोना काल में महामारी एक्ट में दर्ज मुकदमे होंगे वापस….

    उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कोरोना काल में महामारी एक्ट में दर्ज मुकदमे वापस लेने का फैसला किया है। सीएम योगी ने कहा कि व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए कोविड महामारी एक्ट के उल्लंघन से जुड़े दर्ज मुकदमों को समाप्त किया जाना चाहिए। गृह विभाग द्वारा इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही की जाए।
    सीएम योगी ने कहा कि थाना और सर्किल सहित फील्ड में तैनात अवैध गतिविधियों में संलिप्त, खराब रिकॉर्ड वाले दागी पुलिसकर्मियों की सूची यथाशीघ्र तैयार कर प्रस्तुत की जाए। ऐसे लोग उत्तर प्रदेश पुलिस की छवि खराब करने वाले हैं। सभी के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। सीएम योगी ने दो टूक शब्दों में गृह विभाग के अपर मुख्स सचिव और डीजीपी से कहा है कि भ्रष्टाचार में संलिप्त एक भी पुलिसकर्मी यूपी पुलिस का हिस्सा नहीं रहना चाहिए।


    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कल्याणकारी सरकार और सुशासन की धुरी थाना और तहसील हैं। नए नायब तहसीलदारों के आने से जनसुनवाई को गति मिलेगी। राजस्व वादों का निस्तारण हो जाए तो राज्य में आधे से अधिक विवाद समाप्त हो जाएं। सुशासन के साथ ही विकास में भी नायब तहसीलदारों की अहम भूमिका होती है। नवनियुक्त नायब तहसीलदारों से कहा कि हमने पारदर्शी भर्ती की है सरकार की भी आपसे अपेक्षा है कि पारदर्शी तरीके से काम करें। पहले दिन से ही काम में ईमानदारी नजर आए। संवेदनशील होकर काम करें, शिकायतें नहीं आनी चाहिए।

  • बेटियां होती हैं माँ का स्वरूप करें इनका सम्मान

    बेटियां होती हैं माँ का स्वरूप करें इनका सम्मान

    खरसिया। नवरात्रि के नौ दिनों में हम नौ देवियों की पूजा करते हैं। हममें से न जाने कितने लोग नौ दिन व्रत, तप आराधना, इत्यादि देवी को प्रसन्न करने के लिये विभिन्न तरीकों से जतन करते हैं। बावजूद इसके जो इस धरती पर देवी के रूप में नारी है, उसके अस्तित्व को खत्म करने की कोशिश भी करते हैं।

    आरंभ ही से जिस नारी शक्ति की पूजा होती आई, फिर क्यों नारियों पर अत्याचार की तादाद बढ़ती जा रही है। आज भी नारी पर होने वाले अत्याचार चाहे वह कन्या भ्रूण के रूप में हो या बलात्कार, गैंगरेप, जैसे जघन्य अपराध द्वारा, नारी के अस्तित्व को नोचा जाता है। एक तरफ नवरात्रि में नौ देवियों की पूजा की जाती है, तो दूसरी तरफ धरती पर जीती जागती नारी के वजूद को धुधलाने का प्रयास किया जाता है। नारी जाति को बार-बार असुरक्षित महसूस करवाकर उसे प्रताड़ित और अपमानित किया जाता है।

    इस नवरात्रि से यदि हर व्यक्ति ये प्रण ले कि मुझे नौ दिन नौ नारी या बेटी को बचाना है, जो हमारे आस पास ही कन्या भूण, गैंगरेप, बलात्कार, तेजाब, दहेज प्रथा, इत्यादि जैसे अपराधों से पीडि़त है, तो न जाने कितनी बेटियों और नारियों का अस्तित्व बच जाएगा।

    सही मायने में नवरात्रि को नया अर्थ तब ही मिलेगा जब यह नारी रक्षा अभियान का रूप लेगा। स्वतंत्र भारत में आज भी महिलाओं से जुड़ी हिंसक घटनाओं ने बार-बार हम भारतीयों को शर्मसार किया है। नवरात्रि के नौ दिन नारियों के साथ हुई नाइंसाफियों की स्थितियों पर मंथन कर उस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करने का समय है। और जो महिलाएँ अब तक अत्याचार से संघर्ष कर समाज मेें बदलाव लायी है वह पूजनीय है। ऐसी नारी स्वयं इस बदलाव की मिसाल देकर दूसरी नारी के लिये प्रेरणा का स्त्रोत बन सकती हैं। बस आवश्यकता है तो एक सही सोच और सही कदम की। जो इन्सान अपने घर या अपने घर के पास से ही पहल कर सकता है। फिर कहीं न कहीं एक अच्छी पहल एक अभियान का रूप लेती है।

    कन्या में देखें मां का रूप सफल होगी देवी आराधना-पंडित कान्हा शास्त्री

    हमें इस नवरात्र पर संकल्प लेना चाहिए कि दिखावा के लिए नहीं, वास्तविकता में विरोध करेंगे। तभी मां दुर्गा की आराधना पूर्ण होगी। कुछ आस्थावान लोग कन्या में देवीजी का रूप देखकर उनका सम्मान करते है। लेकिन जब घर में कन्या पैदा होती है, तो परिवार में खुशी की जगह गम जैसा माहौल व्याप्त हो जाता है।

    इस छोटी सोच को.. इस कुरीति को मिटाने की जरूरत है। क्योंकि बेटा और बेटी दोनों ही परिवार को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक है। अगर बेटियां नही रहेंगी, तो यह दुनिया समाप्त हो जाएगी।

    बेटी जो एक खूबसूरत एहसास होती है
    निश्छल मन से परी का रूप होती है
    कड़कती धूप में शीतल हवाओं की तरह
    वो उदासी के हर दर्द का इलाज़ होती है !

  • हितेश साहू ने ग्रहण किया तहसीलदार का पदभार…

    हितेश साहू ने ग्रहण किया तहसीलदार का पदभार…


    खरसिया। खरसिया तहसील में हितश साहू ने तहसीलदार का पदभार ग्रहण कर लिया है, प्रभारी तहसीलदार विवेक पटेल के तबादले के बाद युवा और उर्जावान तहसीलदार को खरसिया तहसील की कमान सौंपी गयी है।
    विदित हो कि 25 सितंबर को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने 82 नायब तहसीलदारों को पदोन्नति प्रदान किया था, जिसमे खरसिया तहसील के प्रभारी तहसीलदार विवेक पटेल को भी पदोन्नत कर जिला रायगढ़ से बलौदाबाजार भांठापारा जिला स्थानांतरित किया गया था, उनके रिलीव होने के बाद घरघोड़ा में पदस्थ युवा और उर्जावान तहसीलदार हितश साहू को खरसिया तहसील की कमान सौंपी गयी है। युवा अधिकारी के आगमन से क्षेत्रवासियों में उम्मीद जगी है कि राजस्व मामलों के निपटारे में तेजी आयेगी और आवेदकों को शीघ्र न्याय मिलेगा। गौरतलब है कि जिला कलेक्टर भी खरसिया तहसील के अपने दौरे के दौरान राजस्व प्रकरणों में विलंब, पंजी संधारण जैसे अनेक मामलों में नाराजगी जाहिर कर चुके हैं, हितेष साहू ने बताया कि शासन और जिला कलेक्टर के मंशानुरूप कार्य करते हुये राजस्व प्रकरणों के निपटारे में तेजी लायी जायेगी तथा आम जनता को तहसील संबंधित कार्यों के लिये परेशान न होना पड़े इसके लिये प्रयास किया जायेगा। ज्ञात हो कि हितेश साहू इससे पूर्व भी कुछ़ दिनों के लिये खरसिया तहसील की कमान संभाल चुके है।

  • नगर सरकार ने किया वृद्ध जनों का सम्मान….

    नगर सरकार ने किया वृद्ध जनों का सम्मान….


    खरसिया। वृद्धजन दिवस सप्ताह में नगर पालिका अध्यक्ष सहित सभी पार्षदों ने वृद्ध जनों का किया सम्मान किया और उन्हें शाल और श्रीफल भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया।

    विदित हो की भारत का अमृत महोत्सव के अंतर्गत 6 अक्टूबर को नगर पालिका क्षेत्र के बुजुर्गों का सम्मान समारोह नगर पालिका के पंडित दीनदयाल सभा भवन खरसिया में आयोजित किया गया, जिसमे नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती राधा सुनील शर्मा सहित समस्त पार्षद तथा मनोनीत पार्षदों ने नगरीय क्षेत्र के वृद्धजनों  को सम्मानित किया गया और उन्हें शाल और श्रीफल भेंट किया। इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेसी नेता  तथा अध्यक्ष प्रतिनिधि सुनील शर्मा ने कहा कि हमें अत्यंत हर्ष हो रहा है जो वृद्धजनों का सम्मान करने का अवसर प्राप्त हुआ है, बुजुर्ग हमारे परिवार तथा समाज की धुरी हैं, नगर पालिका अध्यक्ष ने कहा की शासन की सभी जनहित की योजनाओ को जरूरतमंदों तक पहुंचने के लिए खरसिया नगर पालिका की पूरी टीम तत्पर है उन्होने अपील भी की है की किसी भी व्यक्ति को अगर शासन की योजनाओ का लाभ नहीं मिल रहा है या और भी कोई समस्या है तो नगर पालिका के सीएमओ अध्यक्ष तथा पार्षदों को तत्काल जानकारी दें अतिशीघ्र उनकी समस्या का समाधान किया जाएगा। कार्यक्रम में नगरपालिका परिषद के पार्षद  रिया रीतेश श्रीवास्तव, राजेश सहिस (उपाध्यक्ष) श्वेता सुनील विश्वकर्मा, हेमा मनोज अग्रवाल, अमिता  लाला राठौर, शकुंतला परीक्षित राठौर, ज्योति सिदार, अनुसूया सन्यासी मेहर, सरिता रमेश अग्रवाल, रेशम लाल मुन्ना गवेल, परदेशी यादव, दीनदयाल अग्रवाल, हरेराम चंद्रा, रीता विकास जायसवाल,एल्डरमैन हरिशंकर दर्शन, संतोष राठौर, जमील कुरैशी,गणेश फोटवानी, राजू  सारथी एवं मुख्य नगरपालिका अधिकारी टॉमसन  रात्रे व नगर पालिका के कर्मचारी उपस्थित रहे।

  • युवा डॉक्टरों से फुटबॉल जैसा व्यवहार न हो, नीट परीक्षा में अंतिम समय में बदलाव पर SC…

    युवा डॉक्टरों से फुटबॉल जैसा व्यवहार न हो, नीट परीक्षा में अंतिम समय में बदलाव पर SC…

    दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सोमवार को पोस्ट ग्रेजुएट नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (PG NEET-SS) को लेकर बेहद सख्त टिप्पणी की है. कोर्ट ने केंद्र सरकार, नेशनल बोर्ड ऑफ एक्जामिनेशन (NBE) और नेशनल मेडिकल कमिशन (NMC) को झिड़कते हुए कहा है कि PG NEET-SS परीक्षा में आखिरी वक्त पर बदलाव न किए जाएं. जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस बीवी नागरत्ना की बेंच ने कहा- युवा डॉक्टरों को असंवेदशील ब्यूरोक्रेट्स की दया पर नहीं छोड़ा जा सकता. इसके साथ फुटबॉल की तरह व्यवहार नहीं होना चाहिए।

    बेंच ने गौर किया है कि नया सिलेबस एंट्रेंस टेस्ट के बजाए फाइनल परीक्षा की तरह लग रहा है. दरअसल NEET-SS 2021 की एंट्रेंस परीक्षा में आखिरी वक्त बदलाव पर पोस्ट ग्रेजुएट डॉक्टरों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था.

    परीक्षा से दो महीने पहले कर दिया गया पैटर्न में बदलाव
    इस परीक्षा का नोटिफिकेशन 23 जुलाई को जारी किया गया था. बाद में 31 अगस्त को एक और नोटिफिकेशन जारी कर परीक्षा के पैटर्न में बदलाव की जानकारी दी गई. यानी 13-14 नवंबर को प्रस्तावित परीक्षा से महज दो महीने पहले पैटर्न बदल दिया गया. सरकार, NBE, NMC के वकीलों से कोर्ट ने कहा- कृप्या स्वास्थ्य मंत्रालय से इस मामले में देखने को कहें. युवा डॉक्टरों के साथ फुटबॉल जैसा व्यवहार मत कीजिए।

    खेल की शुरुआत होने के बाद नियम नहीं बदले जाते’
    ये याचिका 41 पोस्ट ग्रेजुएट डॉक्टरों की तरफ से दायर की गई थी. इस याचिका में पैटर्न के बदलाव के निर्णय को चैलेंज किया गया था. डॉक्टरों के वकील श्याम दीवान ने कहा कि खेल की शुरुआत होने के बाद नियम नहीं बदले जाते, ये सर्वमान्य नियम है. पुराने पैटर्न को लेकर ही युवा डॉक्टर अब तक तैयारी कर रहे थे।

  • मीना बाजार का हुआ भव्य शुभारंभ

    मीना बाजार का हुआ भव्य शुभारंभ

    खरसिया। 7 अक्टूबर को नवरात्र पर्व के प्रारंभ होने के साथ ही नगर के टाउनहाल मैदान में मीना बाजार का भव्य शुभारंभ किया गया। इस दौरान नगर के गणमान्य नागरिक तथा पत्रकार गण मौजूद थे।
    विदित हो कि विगत दो वर्ष से कोरोना काल मे कोरोना की वजह से बंद रहे बाजारों में रौनक लौटनी शुरू हुई है, और प्रशासन ने भी गाईड़ लाईन का पालन करने की हिदायतों के साथ मीना बाजार तथा नवरात्र पर्व के लिये दुर्गाेत्सव समितियों को अनुमति देकर जनमानस के मन से कोरोना का भय निकालने का प्रयास किया है। विगत दो वर्षो से क्षेत्र की ख्यातिप्राप्त नवरात्र भी फीकी ही रही थी, इस बार नगरवासियों में इस पर्व को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है।

    इसी तारतम्य में नवरात्र तथा दशहरा पर्व के दौरान लगने वाला मीना बाजार भी आज से प्रारंभ हो चुका है, मीना बाजार के संचालक उमेश गुप्ता ने बताया कि इस बार बड़े झूलों के साथ ही बच्चों के लिये छ़ोटे झूले भी लगाये गये है, साथ ही विभिन्न प्रकार की दुकानें भी लगायी गयी है। मीना बाजार का शुभारंभ खरसिया प्रेस क्लब तथा चेंबर अध्यक्ष रामनारायण सोनी (संटी) के हाथों किया गया, इस दौरान नगर के पत्रकार गण सहित गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही।

  • नवगठित सक्ती जिले में 2 उपखंड, 5 तहसीलें शामिल होंगी, बम्हनीडीह तहसील यथावत जांजगीर-चांपा जिले में ही रहेगी…

    नवगठित सक्ती जिले में 2 उपखंड, 5 तहसीलें शामिल होंगी, बम्हनीडीह तहसील यथावत जांजगीर-चांपा जिले में ही रहेगी…

    नवगठित सक्ती ज़िले में 02 उपखंड, 05 तहसील, 04 विकासखंड, 465 ग्राम और 6,45,254 की आबादी होंगी शामिल, जांजगीर चांपा,5 सितंबर, 2021/ नागरिकों और आमजनता की सहुलियत के मद्देनजर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा 15 अगस्त 2021 को जांजगीर-चांपा से अलग कर सक्ती को नया जिला बनाने की घोषणा कर क्षेत्र के लोगों की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी की है।

    सक्ती को नया जिला बनाने से इस क्षेत्र के लोगों के समन्वित विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। आम लोगों को अपने प्रशासनिक और विभागीय कामकाज के लिए अधिक दूरी तय करने से मुक्ति मिलेगी वहीं आने जाने में होने वाले खर्च की बचत होगी।
    जांजगीर चांपा जिला प्रशासन द्वारा नवगठित सक्ती जिले के प्रशासनिक क्षेत्र का प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भेजा जा रहा है। प्रस्ताव के मुताबिक बम्हनीडीह तहसील पूर्ववत जांजगीर-चांपा जिले में ही शामिल रहेगी।
    प्रस्तावित नए जिले सक्ती में उपखंड सक्ती की तहसील सक्ती, मालखरौदा, जैजैपुर और उपखंड डभरा की तहसील डभरा सहित कुल 5 तहसीलें शामिल होंगी।

    सक्ती जिले की सीमाएं –

    नवगठित सक्ती जिले के उत्तर में करतला तहसील (जिला कोरबा), दक्षिण में सारंगढ़ (जिला-रायगढ़), पूर्व में खरसिया (जिला-रायगढ़) और पश्चिम में सारागांव, बम्हनीडीह तहसील (जांजगीर चांपा) होंगी।
    सक्ती जिले में 02 उपखंड (सब डिवीजन) सक्ती और डभरा (नवीन जिला सक्ती में मालखरौदा और जैजैपुर प्रस्तावित उपखंड सम्मिलित है) की 05 तहसीलें क्रमशः – सक्ती, डभरा, जैजैपुर, मालखरोदा और नया बाराद्वार (प्रस्तावित तहसील अड़भार) उप तहसील – चंद्रपुर, हसौद, भोथिया,4 विकासखंड/ जनपद पंचायत क्रमशः सक्ती जैजैपुर, मालखरौदा और डभरा शामिल होंगे।

    18 राजस्व निरीक्षक मंडल,153 पटवारी हल्का और 465 ग्राम – सक्ती जिले में 18 राजस्व निरीक्षक मंडल शामिल होंगे। इनमें जाजंग, सक्ती, पोरथा, नया बाराद्वार, नगरदा, सकर्रा, अड़भार, छपोरा, मालखरौदा, ठठारी, जैजैपुर, बेलादूला, हसौद, देवरघटा, धुरकोट, डभरा, सपोस और चंद्रपुर शामिल हैं।

    जिले में राजस्व प्रकरणों की संख्या 4,833, कुल मकबूजा रकबा- 1,23,094 और गैर मकबूजा रकबा- 28,882 है।
    जिले का कुल राजस्व क्षेत्रफल 1,51,976 वर्ग किलोमीटर है।
    जिले में कुल खातेदार 2,24,256 है। 2011 जनगणना के अनुसार जिले की आबादी 6,47,254 है। कुल ग्रामों की संख्या 465, आबाद ग्राम 463, विरान ग्राम 02, कुल पटवारी हल्कों की संख्या 153 हैं। सक्ती जिले में 319 ग्राम पंचायतें, 6 नगरीय निकाय शामिल होंगे।जिले में 513 कोटवार और 365 पटेल होंगे।

  • जब हाईकोर्ट में प्रकरण चल रहा तो हम क्यूं करें सुनवाई ?…. जीपी सिंह मामले में सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी….

    जब हाईकोर्ट में प्रकरण चल रहा तो हम क्यूं करें सुनवाई ?…. जीपी सिंह मामले में सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी….

    दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के निलंबित IPS जीपी सिंह मामले में सुनवाई की है. जीपी सिंह मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दो टूक कहा है कि इस पूरे मामले की सुनवाई जब हाईकोर्ट कर रहा है तो फिर हम क्यूं करें? कोर्ट ने जीपी सिंह के तीन अलग-अलग प्रकरणों में दी गई अंतरिम राहत पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की है।

    सुप्रीम कोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में ईओडब्ल्यू की ओर से दर्ज किए गए एफआईआर पर राहत देने से इंकार कर दिया है. ऐसे में अब जी पी सिंह पर गिरफ़्तारी की तलवार लटक गई है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ईओडब्ल्यू के अधिकारियों ने बताया कि, कोर्ट में पूर्व में अंतरिम राहत देते हुए गिरफ़्तारी पर रोक लगाई थी, अब यह रोक हट गई है, ऐसे में गिरफ़्तारी की जा सकती है।

    इधर छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से पैरवी करते हुए मुकुल रोहतगी ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट से गिरफ़्तारी में मिली राहत की वजह से जी पी सिंह जाँच में सहयोग नहीं कर रहे हैं. इसी वजह से हाईकोर्ट ने उन्हें राहत नहीं दी थी. रोहतगी ने जी पी सिंह को राहत देने का अंतरिम आदेश वापस लेने की मांग की थी।

    कोर्ट ने जीपी सिंह के तीन अलग-अलग प्रकरणों में दी गई अंतरिम राहत पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की है. सुप्रीम कोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में ईओडब्ल्यू की ओर से दर्ज किए गए एफआईआर पर राहत देने से इनकार कर दिया है. ऐसे में अब जीपी सिंह पर गिरफ़्तारी की तलवार लटक गई है।

    सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ईओडब्ल्यू के अधिकारियों ने बताया कि, कोर्ट में पूर्व में अंतरिम राहत देते हुए गिरफ़्तारी पर रोक लगाई थी, अब यह रोक हट गई है, ऐसे में गिरफ़्तारी की जा सकती है।

    सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने बताया कि हाईकोर्ट पांच हफ्ते बाद सुनवाई करेगा और सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है, और अब वह जांच में सहयोग नहीं कर रहे. इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि मामले पर जब हाईकोर्ट सुनवाई कर रहा है तो फिर हम क्यों सुनवाई करें।

    इस पर रोहतगी ने कहा कि राज्य सरकार के पक्ष को सुन लें. जीपी सिंह अतिरिक्त एजीडी के पद पर कार्यरत थे, और सरकार के खिलाफ काम कर रहे थे. वह मुस्लिम-हिन्दू को एक-दूसरे के खिलाफ भड़का रहे थे, जिससे सरकार गिर जाए. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से मिले गिरफ्तारी से संरक्षण की वजह से वह जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं. यही वजह थी कि हाईकोर्ट ने राहत नहीं दी थी. इसके साथ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट ने जीपी सिंह को राहत देने का अंतरिम आदेश वापस लेने की मांग की।

    जीपी सिंह की ओर से अधिवक्ता फली नारिमन ने कोर्ट को कहा कहा कि उन्हें बिना किसी मीटिंग के सस्पेंड कर दिया गया था. उन्होंने कहा कि कोई साक्ष्य नहीं है. यह सब प्लांटेड है, और मुख्यमंत्री इसलिए मुझसे खफा हैं, क्योंकि मैंने पूर्व सीएम के खिलाफ कदम उठाने को मना कर दिया था।

  • दिवाली पर लोगों को किया आगाह, कोरोना संक्रमण को लेकर गृह मंत्रालय ने राज्यों को लिखी चिट्ठी….

    दिवाली पर लोगों को किया आगाह, कोरोना संक्रमण को लेकर गृह मंत्रालय ने राज्यों को लिखी चिट्ठी….

    केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस के स्थानीय संक्रमण और देश में बीमारी के सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बने रहने के मद्देनजर राष्ट्रव्यापी कोविड-19 नियंत्रण उपायों को मंगलवार को 31 अक्टूबर तक बढ़ा दिया. सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को लिखी चिट्ठी में केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने चेताया कि आगामी त्योहारों के मौसम में कोविड उपयुक्त व्यवहार का कड़ाई से पालन नहीं किए जाने का अंदेशा है जिससे संक्रमण के मामलों में फिर से बढ़ोतरी हो सकती है. उन्होंने कहा कि कोविड-19 मामलों की संख्या में कमी आने के बावजूद दिशा-निर्देशों को लागू करना अहम है ताकि त्योहार को सावधानी, सुरक्षित तरीके से और कोविड उपयुक्त व्यवहार के साथ मनाया जा सके. भल्ला ने कहा कि कोविड के दैनिक मामले और मरीजों की कुल संख्या देश में तेजी से कम हो रही है लेकिन चंद राज्यों में स्थानीय तौर पर वायरस का फैलाव हो रहा है और देश में कोविड-19 सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बनी हुई है.

    पत्र में कहा गया है, ” उन कार्यक्रमों में काफी सतर्कता बरती जाए जिनमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे ताकि कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी की आशंका से बचा जा सके.” उसमें कहा गया है, ” मेलों, त्यौहारों और धार्मिक कार्यक्रमों में बड़े पैमाने पर लोगों के जमा होने से देश में कोविड-19 के मामले बढ़ सकते हैं.” गृह सचिव ने कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपने यहां हर जिले में संक्रमण दर और अस्पताल व आईसीयू में बिस्तरों की संख्या पर करीब से निगाह रखनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जिन जिलों में संक्रमण दर अधिक है, वहां पर संबंधित प्रशासन को अति सक्रिय उपाय करने चाहिए ताकि मामलों में वृद्वि को रोका जा सके और वायरस के फैलाव को काबू किया जा सके.

    भल्ला ने कहा कि यह भी जरूरी है कि मामलों में बढ़ोतरी की आशंका की चेतावनी देने वाले संकेतों को जल्दी पहचाना जाए और प्रसार को काबू करने के उपाय किए जाएं. उन्होंने कहा, ” इसके लिए स्थानीय दृष्टिकोण की जरूरत पड़ेगी जिसका जिक्र स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के 21 सितंबर 2021 के परामर्श में है.” गृह सचिव ने कहा कि ‘टेस्ट-ट्रैक-ट्रीट- वैक्सीनेट’ (जांच, पता लगाना, इलाज करना, टीकाकरण) एवं कोविड उपयुक्त व्यवहार की पांच सूत्री रणनीति पर ध्यान दिया जाए, ताकि त्योहारी मौसम सुरक्षित तरीके से गुजर जाए और मामलों में बढ़ोतरी भी न हो.

    भारत में एक दिन में कोविड-19 के 18,795 नए मामले सामने आने के बाद कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 3,36,97,581 हो गई. देश में 201 दिन बाद संक्रमण के 20 हजार से कम नए मामले सामने आए हैं. वहीं, उपचाराधीन मरीजों की संख्या कम होकर 2,92,206 हो गई, जो 192 दिनों बाद सबसे कम है. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से मंगलवार को सुबह आठ बजे जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, संक्रमण से 179 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 4,47,373 हो गई. संक्रमण से मौत के ये मामले 193 दिन में सबसे कम है. इससे पहले 19 मार्च को संक्रमण से मौत के 154 मामले सामने आए थे.

  • महज 25 किलोमीटर की दूरी के लिए CM चन्नी ने इस्तेमाल किया सरकारी हेलिकॉप्टर, CMO ने दी सफाई

    महज 25 किलोमीटर की दूरी के लिए CM चन्नी ने इस्तेमाल किया सरकारी हेलिकॉप्टर, CMO ने दी सफाई

    पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के एक फैसले के बाद विवाद बढ़ गया है. इस मुद्दे को लेकर विपक्ष हमलावर हो गया है जिसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय को सफाई देनी पड़ी है. दरअसल, हुआ ये कि पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को अमित शाह से मिलने के लिए दिल्ली रवाना होना था. दिल्ली रवाना होने के लिए चन्नी को  मोहाली हवाई अड्डा पहुंचना था.  मोहाली हवाई अड्डा पहुंचने के लिए उन्होने सरकारी हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल किया. जबकि, उनके आवास से मोहाली हवाई अड्डे की दूरी महज 25 किलोमीटर है.

    सीएमओ ने दी सफाई

    अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने बताया कि मामला बढ़ने के बाद पंजाब मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से इस घटना को लेकर सफाई दी गई. सीएमओ ने बताया कि चार्टर्ड प्लेन पकड़ने के लिए मुख्यमंत्री ने हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल किया. सीएमओ की ओर से यह भी कहा गया है कि चूंकि मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के पास समय कम था, इसलिए वह मोहाली में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक पहुंचने के लिए सीएम के आवास के सामने स्थित राजिंदर पार्क से सरकारी हेलिकॉप्टर ले गए. 

    CM के हेलिकॉप्टर में खराबी की फैली अफवाह

    मिली जानकारी के मुताबिक सीएमओ की ओर से कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने राजिंदर पार्क से उड़ान भरी और मोहाली हवाई अड्डे पर उतरे. बता दें कि यह काफी कम दूरी थी इस कारण हेलिकॉप्टर उतरने के बाद अफवाह भी फैली कि मुख्यमंत्री के हेलिकॉप्टर में खराबी आ गई है. हालांकि, सूत्रों ने बताया कि एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए सीएम चन्नी की ये एक छोटी सी उड़ान थी.

    अमित शाह से करनी थी मुलाकात

    दरअसल, पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी मंगलवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात करने के लिए दिल्ली स्थित उनके आवास पहुंचे. सीएम चन्नी चार्टर्ड फ्लाइट पकड़ कर दिल्ली पहुंचे. इस दौरान उनके साथ पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष कुलजीत सिंह नागरा और कांग्रेस सांसद रवनीत सिंह बिट्टू भी थे.

    चार्टर्ड विमान को लेकर सीएमओ ने दी जानकारी

    मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों की ओर से जानकारी दी गई कि सीएम को रात 8 बजे अमित शाह से मिलना था और मीटिंग के बाद रात को ही वापस लौटना था. हेलिकॉप्टर रात में नहीं उड़ सकता था इसलिए एक चार्टर्ड प्लेन किराए पर लिया गया. पहले से ही चार्टर्ड विमान किराए पर लिया गया था इस कारण उन्होंने कुलजीत सिंह नागरा और रवनीत सिंह बिट्टू को भी साथ ले गए