रायगढ़। शहरी निकायों में सबसे ज्यादा प्लास्टिक वेस्ट निकलता है। इसकी वजह से कचरा सबसे ज्यादा यहीं होता है। सिंगल यूज प्लास्टिक को प्रतिबंधित किया गया है लेकिन अभी भी इसका निर्माण और उपयोग जारी है। इस पर रोक लगाने का काम नगरीय निकायों का था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। नगरीय प्रशासन विभाग ने अब सभी निकायों को अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी प्रपत्र में भेजनी है। तीन दिन का समय दिया गया है|
सिंगल यूज प्लास्टिक ही शहर में कचरे का प्रमुख कारण है। इस बात तो नगरीय निकाय नहीं समझ रहे हैं। तभी तो प्रतिबंध के बावजूद जिले में एसयूपी प्रोडक्ट बनाए और बेचे जा रहे हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग को हर 15 दिनों में की गई कार्रवाई की जानकारी भेजी जानी है। पर्यावरण विभाग के साथ बनी ज्वाइंट टीम ने कोई भी बड़ी कार्रवाई की ही नहीं है।
नगर निगम रायगढ़ क्षेत्र में कई जगहों पर कचरा खुले में डंप किया जा रहा है। रिकॉर्ड में नगर निगम ऐसे डंपिंग स्पॉट की संख्या जीरो बताता है जो सफेद झूठ है। ऐसे डंपिंग स्पॉट इसलिए खत्म नहीं हो सके हैं क्योंकि घर-घर कचरा कलेक्शन का काम नहीं हो पा रहा है। वहीं दूसरी ओर सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक नहीं लग सकी है। बड़े व्यापारिक प्रतिष्ठान जरूर इसका पालन कर रहे हैं।
लेकिन छोटी दुकानों में अब भी यह खुलेआम उपयोग हो रहा है। कई जगहों पर इसकी फैक्ट्री भी है जो बंद नहीं कराई गई। अब विभाग ने सभी नगरीय निकायों से पूछा है कि सिंगल यूज प्लास्टिक पर की गई कार्रवाई की जानकारी तीन दिनों के अंदर उपलब्ध कराई जाए। प्रत्येक 15 दिन में इसकी जानकारी भेजी जानी है।















