Blog

  • देश में पहली FIR कब, किसने और क्यों दर्ज कराई थी, किस पुलिस थाने में लिखी गई थी रिपोर्ट?

    देश में पहली FIR कब, किसने और क्यों दर्ज कराई थी, किस पुलिस थाने में लिखी गई थी रिपोर्ट?

    आख़िरकार भारत में 6 अक्टूबर, 1860 में ‘ताज-ए-रात-ए हिंद’ यानी इंडियन पीनल कोड (Indian Penal Code) की शुरुआत हुई. साल 2021 में इस सिस्टम को अपनाये पूरे 160 साल हो चुके हैं. भारत में आज भी आईपीसी की बहुत सी धाराएं वहीं हैं, जो 160 साल पहले हुआ करती थीं. इस दौरान अंग्रेज़ों ने आईपीसी बनाने के साथ ही दिल्ली में 5 थाने भी बनाये थे. इनमें कोतवाली, सदर बाज़ार, सब्जी मंडी, महरौली और मुंडका (नांगलोई) शामिल थे.

    भारतीय पुलिस विभाग के पुराने रेकॉर्ड्स के मुताबिक़, ‘इंडियन पीनल कोड’ सिस्टम के तहत देश की पहली एफ़आईआर (India’s First FIR) 18 अक्टूबर, 1861 को दिल्ली के ‘सब्जी मंडी थाने’ में दर्ज की गई थी. इस दौरान कटरा शीशमहल निवासी मयुद्दीन, पुत्र मुहम्मद यार ख़ान ने चोरी की FIR दर्ज कराई थी.

    इस FIR के मुताबिक़,17 अक्टूबर की रात मयुद्दीन के घर से 3 डेगचे, 3 डेगची, 1 कटोरा, 1 कुल्फी बनाने का फ्रेम, 1 हुक्का और घर की औरतों के कपड़े चोरी हो गये थे. इस दौरान चोरी हुए सामान की क़ीमत उस समय 45 आने थी. 16 आने का 1 रुपया होता है. इस हिसाब से ये क़रीब 2 रुपये 70 पैसे की चोरी हुई.

    First FIR Report Lodged by Delhi Police in British India: साल 2017 में दिल्ली पुलिस ने ‘खास है इतिहास’ टैगलाइन के साथ अपने ट्विटर हैंडल से इस रोचक जानकारी को साझा किया था. इस दौरान पुलिस विभाग ने तारीख के साथ-साथ उस पहली FIR की फ़ोटो भी शेयर की थी. 18 अक्टूबर, 1861 को दर्ज की गई ये FIR उर्दू में लिखी गई थी.

  • विभागों को कहा, रॉयल्टी के बजाय काटें बाजार मूल्य…

    विभागों को कहा, रॉयल्टी के बजाय काटें बाजार मूल्य…

    रॉयल्टी क्लीयरेंस की प्रक्रिया में हर विभाग से हो रही गड़बड़ी, सही करने पत्र

    रायगढ़। खनिज विभाग के अधिकार क्षेत्र में दखल देकर कुछ विभाग जमकर गड़बड़ी कर रहे हैं। ठेकेदारों के हाथों में खेलने वाले अफसर नियम विरुद्ध काम करने से भी नहीं हिचक रहे हैं। खनिज विभाग ने अब ऐसे करीब दर्जन भर कार्यालयों को पत्र लिखकर रॉयल्टी क्लीयरेंस की प्रक्रिया का पालन करने का आदेश दिया है।


    शासकीय निर्माण कार्यों में मटेरियल का पेमेंट ठेकेदार को तभी होता है जब वह खनिज विभाग से उपयोग की गई मात्रा का रॉयल्टी क्लीयरेंस सर्टिफिकेट जमा करता है। इसे पाने के लिए गौण खनिज की टीपी होनी चाहिए। अगर कोई ठेकेदार क्लीयरेंस सर्टिफिकेट नहीं देता तो विभाग को अलग कार्रवाई करनी है। अभी सरकारी विभाग रॉयल्टी काटकर ठेकेदार को भुगतान कर रहे हैं, जो गलत है। इस मामले में खनिज अधिकारी योगेंद्र सिंह ने निर्माण विभागों को पत्र लिखकर नियमों का पालन करने को कहा है। पत्र में उन्होंने कहा है कि क्लीयरेंस सर्टिफिकेट प्रस्तुत न कर पाने पर ठेकेदार के कुल भुगतान में से गौण खनिज के बाजार मूल्य के बराबर राशि काटकर रखी जानी है। जबकि विभाग रॉयल्टी काट रहे हैं, जिसका उन्हें अधिकार ही नहीं है। अवैध खनिजों का उपयोग रोकने के लिए ही प्रकाशित अधिसूचना में प्रावधान किए गए हैं। अब खनिज अधिकारी ने सभी विभागों को इस एक्ट का पालन करने का आदेश दिया है। अन्यथा ऐसी राशि खनिज विभाग स्वीकार नहीं करेगा। साथ ही विभाग पर कार्रवाई भी हो सकती है।

    इसीलिए लौटाई फाइल
    खनिज अधिकारी योगेंद्र सिंह ने हाउसिंग बोर्ड ईई द्वारा भेजी गई रॉयल्टी कराीब 21 लाख रुपए को फाइल सहित वापस कर दिया है। ब्लॉक मुख्यालयों में सरकारी आवास बनाने का ठेका मोहन पोद्दार को दिया गया था। गिट्टी 6580.84 घन मीटर और रेत 25198.62 घन मीटर उपयोग की गई। हाउसिंग बोर्ड ईई एसके शर्मा ने दोनों खनिजों की रॉयल्टी काटकर ठेकेदार को भुगतान कर दिया है। अब खनिज विभाग ने इसे गलत बताते हुए फाइल वापस कर दी है। साथ ही बाजार मूल्य वसूल कर जमा करने को भी कहा है।

  • ओरेवा ग्रुप ने कॉन्ट्रैक्ट की शर्तें तोड़ीं, 12 में होनी थी मरम्मत, 7 महीने में ही कर डाली…

    ओरेवा ग्रुप ने कॉन्ट्रैक्ट की शर्तें तोड़ीं, 12 में होनी थी मरम्मत, 7 महीने में ही कर डाली…

    जनवरी 2020 में मोरबी कलेक्टर के ऑफिस में एक मीटिंग हुई. इस मीटिंग में अजंता कंपनी (ओरेवा ग्रुप) और मोरबी नगर पालिका के बीच एक कॉन्ट्रैक्ट तैयार होता है. ये कॉन्ट्रैक्ट था मच्छु नदी पर बने केबल ब्रिज को लेकर. अब आता है 30 अक्टूबर 2022 का दिन. इस दिन मोरबी में केबल ब्रिज टूटने (Morbi Bridge Collapse) से भयानक हादसा हुआ. हादसे में 140 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई.
    अब हादसे के बाद ओरेवा ग्रुप पर कई सवाल उठ रहे हैं. ओरेवा ग्रुप के पास ही मोरबी के केबल ब्रिज के देखभाल की जिम्मेदारी थी. ब्रिज मरम्मत के लिए लगभग 7 महीने से बंद था. इसके बाद हाल ही में 26 अक्टूबर को इसे आम लोगों के लिए खोला गया था. लेकिन हादसे के बाद मोरबी नगर पालिका ने बताया कि कंपनी ने ब्रिज खोलने से पहले प्रशासन से फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं लिया था.
    अब मोरबी पुलिस ने मामले में 9 लोगों को गिरफ्तार किया है, इनमें 2 ओरेवा ग्रुप के मैनेजर भी शामिल हैं. प्रशासन ने हादसे के बाद बताया कि ओरेवा ग्रुप को ब्रिज की मरम्मत के लिए 8 से 12 महीने का समय लेना था, लेकिन जल्दबाजी में ब्रिज 7 महीने में ही खोल दिया गया. ब्रिज की मरम्मत के लिए ओरेवा ग्रुप और प्रशासन के बीच एक कॉन्ट्रैक्ट भी हुआ था.

    कॉन्ट्रैक्ट क्या था?

    गुजरात की राजधानी गांधीनगर से 300 किलोमीटर दूर मोरबी में मच्छु नदी पर बना ये केबल ब्रिज 143 साल पुराना था. इस ग्रुप की मरम्मत की जानी थी, इसका जिम्मा मार्च 2022 में अजंता मैनुफैक्चरिंग को मिला था. ये कंपनी घड़ियां, एलईडी लाइट, सीएफएल बल्ब, ई-बाइक बनाती है. अहमदाबाद में अजंता कंपनी का हेडक्वार्टर है, जिसे ‘ओरेवा हाउस’ कहा जाता है.
    जनवरी 2020 में तैयार नगर पालिका और अजंता कंपनी के बीच तैयार ये कॉन्ट्रेक्ट इसी साल मार्च 2022 में साइन हुआ. मोरबी नगरपालिका के चीफ ऑफिसर संदीप सिंह ने आजतक को बताया कि मार्च में हुए कॉन्ट्रैक्ट में अजंता कंपनी को 15 साल के लिए पुल के रखरखाव और मरम्मत का ठेका दिया गया था. इसके तहत, ओरेवा ग्रुप 2037 तक इस केबल ब्रिज का कामकाज और रखरखाव का जिम्मा संभालेगी.


    कॉन्ट्रैक्ट के हिसाब से सफाई, रखरखाव और टिकट कलेक्शन का काम भी प्राइवेट कंपनी को ही करना था. इसके साथ ही टिकट की कीमत का जिक्र भी कॉन्ट्रैक्ट में था. इसके मुताबिक टिकट की कीमत हर साल 2 रूपये बढ़नी थी. उदाहरण के लिए, पहले साल में टिकट की कीमत 15 रूपये, दूसरे साल 17 रूपये और तीसरे साल 19 रूपये.
    हादसे के बाद टिकट की भी कई तस्वीरें सामने आईं, जिसमें टिकट की कीमत कॉन्ट्रैक्ट से ज्यादा दिखी. कॉन्ट्रैक्ट के हिसाब से टिकट की कीमत 12 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए 10 रूपये और बड़ों के लिए 15 रूपये होनी चाहिए थी, लेकिन ये बच्चों के लिए 12 रूपये और बड़ों के लिए 17 रूपये थी.

    हालांकि ये पहली बार नहीं है, जब ओरेवा ग्रुप को इस ब्रिज का कॉन्ट्रैक्ट मिला हो. इससे पहले साल 2008 में पुल का कॉन्ट्रैक्ट भी इसी कंपनी को दिया गया था. ये कॉन्ट्रैक्ट 10 साल यानी 2018 तक था. 2018 के बाद इस पुल का कॉन्ट्रैक्ट किसी को नहीं दिया गया. फिर इसी साल मार्च में दोबारा ओरेवा ग्रुप को कॉन्ट्रैक्ट मिला. 

  • Twitter पर ब्लू टिक के लिए हर महीने देने होंगे ₹660, मस्क का ऐलान, मिलेंगी ये चार सुविधाएं…

    Twitter पर ब्लू टिक के लिए हर महीने देने होंगे ₹660, मस्क का ऐलान, मिलेंगी ये चार सुविधाएं…

    Tesla के मालिक और अरबपति Elon Musk ट्विटर खरीदने के बाद एक के बाद एक बड़े फैसले ले रहे हैं. इस बीच उन्होंने मंगलवार देर रात (भारतीय समयानुसार) ट्विटर पर वैरिफाइड एकाउंट्स के लिए फीस तय कर दी है.

    मस्क ने एक के बाद एक कई ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है. दरअसल, अपने ट्वीट में ट्विटर के नए मालिक मस्क ने कहा कि ब्लू टिक के लिए यूजर्स को 8 डॉलर फीस के रूप में देने होंगे. हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि फीस हर देश में अलग-अलग होगी.

    भारत में Twitter Blue सब्सक्रिप्शन की कीमत कितनी होगी फिलहाल साफ नहीं है. आम तौर पर दूसरे सब्सक्रिप्शन सर्विस अमेरिका में महंगे होते हैं, लेकिन भारत में उनकी कीमत कम होती हैं. उदाहरण के तौर पर Netflix की सबस्क्रिप्शन सर्विस सबसे सस्ती है.

    दिलचस्प ये है कि Twitter के ओनर Elon Musk ने खुद ट्वीट करके Twitter Blue सब्सक्रिप्शन की प्राइसिंग का ऐलान किया है. इसके साथ ही उन्होंने ये भी बताया है कि ब्लू सब्सक्रिप्शन के तहत लोगों को क्या फायदे मिलेंगे.

    Twitter Blue सब्सक्रिप्शन के तहत ये फीचर्स मिलेंगे:

    रिप्लाई, मेंशन और सर्च में प्रायॉरिटी मिलेगी. Elon Musk के मुताबिक इस फीचर की वजह से स्पैम और स्कैम पर लगाम कसी जा सकेगी.

    ट्विटर ब्लू सब्सक्रिप्शन के तहत यूजर्स अब लंबे वीडियो और ऑडियो पोस्ट कर सकेंगे.

    ट्विटर ब्लू सब्सक्राइबर को नॉर्मल यूजर्स के मुकाबले आधे ऐड्स देखने को मिलेंगे.

    मस्क ने ये भी कहा है कि अगर पब्लिशर्स ट्विटर के साथ कॉन्ट्रैक्ट करते हैं तो Twitter Blue सब्सक्राइबर्स पेड आर्टिकल भी फ्री में पढ़ सकते हैं.

    Elon Musk के मुताबिक ट्विटर ब्लू सब्सक्रिप्शन की वजह से ट्विटर का रेवेन्यू बढ़ेगा और कॉन्टेंट क्रिएटर्स को रिवॉर्ड भी मिलेगा.

    Twitter से रेवेन्यू जेनेरेट करने के लिए सब्सक्रिप्शन सर्विस
    ट्विटर ब्लू सब्सक्रिप्शन के बाद भी मस्क रूकेंगे नहीं. क्योंकि उन्होंने ट्विटर खरीदने में काफी पैसा लगाया है. ऐसे में वो चाहेंगे कि ट्विटर से वो पैसे कमाएं. चूंकि काफी समय से ट्विटर ज्यादा फायदे में नहीं था, इसलिए अब वो नए नए फैसले लेकर पैसे कमाने की कोशिश करेंगे.

  • हेड कांस्टेबल ने की आत्महत्या: जवान ने खुद को मारी गोली, मौके पर ही मौत, फैली सनसनी, जांच में जुटी पुलिस…

    हेड कांस्टेबल ने की आत्महत्या: जवान ने खुद को मारी गोली, मौके पर ही मौत, फैली सनसनी, जांच में जुटी पुलिस…

    हेड कॉन्स्टेबल ने आत्महत्या कर ली. मामला छत्तीसगढ़ के नारायणपुर का है. गोली चलने की आवाज सुनते ही हड़कंप मच गया. बैरक में सुरक्षा बल के जवान ने अपने सर्विस रायफल से खुद को गोली मार ली. मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस अधिकारियों ने जांच का आदेश दे दिया हैं. दूसरे जवानों ने लहुलूहान हालत में हेड कांस्टेबल को देखा. नारायणपुर के कोहकामेटा थाना में अरूण उईके की हेड कांस्टेबल के पद पर पोस्टिंग थी।

    धमतरी जिला के सिहावा का रहने वाला था. सुरक्षा बल का जवान अरूण उईके सुबह के वक्त बैरक में मौजूद था. मौके पर मौजूद जवान कुछ समझ पाते इसी बीच उसने एकांत में जाकर अपने सर्विस रॉयफल से खुद को गोली मार ली. बैरक में गोली चलने की आवाज सुनने के बाद दूसरे जवान मौके पर पहुंचे, तो उन्होने लहुलूहान हालत में अरूण उईके को जमीन पर पड़ा देखा. आनन फानन में जवान उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

  • 10 साल पुराना हो गया है आधार कार्ड तो करवा लें अपडेट, UIDAI ने कहा- सिंपल है प्रोसेस….

    10 साल पुराना हो गया है आधार कार्ड तो करवा लें अपडेट, UIDAI ने कहा- सिंपल है प्रोसेस….

    आज के समय में किसी भी व्यक्ति के लिए आधार कार्ड सबसे जरूरी डॉक्यूमेंट बन चुका है. बैंक में अकाउंट खुलवाने से लेकर एक सिम कार्ड तक लेने में आधार कार्ड का इस्तेमाल हर जगह होता है. लगभग सभी सारी सरकारी सब्सिडी और सेवाओं का फायदा लेने के लिए भी आधार कार्ड दिखाना होता है. ऐसे में आपका आधार कार्ड आपके लिए बहुत ही जरूरी है. लेकिन अगर आपका आधार कार्ड 10 साल से अधिक पुराना हो चुका है तो आपको इसे अपडेट करा लेना चाहिए. UIDAI ने लोगों को हर 10 साल में अपना आधार कार्ड अपडेट कराने को कहा है. UIDAI का कहना है कि इससे फर्जी आधार पर लगाम लगेगी और लोगों का डाटा भी पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा।

    एक प्रेस रिलीज में UIDAI ने कहा है कि पिछले 10 में, आधार नंबर व्यक्ति की पहचान के प्रमाण के रूप में उभरा है. आधार नंबर का उपयोग विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ उठाने के लिए किया जा रहा है. इन योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ उठाने के लिए, सर्वसाधारण को व्यक्तिगत नवीनतम विवरण से आधार डाटा को अपडेट रखना है ताकि आधार प्रमाणीकरण / सत्यापन में असुविधा न हो।

    UIDAI ने आगे कहा कि ऐसे व्यक्ति जिन्होंने 10 साल पहले आधार बनवाया था और इसके बाद उसमें कभी कोई अपडेट नहीं कराया, उन्हें अपना आधार अपडेट करा लेना चाहिए. आधार अपडेट कराने का यह प्रोसेस पूरी तरह से निशुल्क है. जिसके लिए आप My Aadhaar Portal (https://myaadhaar.uidai.gov.in/) पर जा सकते हैं।

    आधार सेंटर से भी करा सकते हैं अपडेट

    अगर आपको भी अपना आधार कार्ड अपडेट करवाना है तो आप नजदीकी आधार केंद्र पर जाकर करा सकते हैं. इसके अलावा आधार के दुरुपयोग को रोकने के लिए UIDAI उसे लॉक करने की सलाह देता है. ये एक तरह का खास फीचर है जिसमें अस्थायी तौर पर आधार नंबर को लॉक और अनलॉक किया जाता है. इससे कार्ड होल्डर का सारा डाटा सुरक्षित रहता है और गोपनीयता बनी रहती है।

    93% से ज्यादा युवाओं का बन चुका है आधार

    सरकारी आंकड़ों की बात करें तो देश में 0-5 साल के वित्तीय वर्ष अप्रैल से जुलाई के बीच 79 लाख एनरोल किए हैं. इसके अलावा 5 साल से ज्यादा उम्र के 2.64 करोड़ बच्चों के पास 31 मार्च 2022 तक बाल आधार था. हालांकि ये आंकड़ा जुलाई में बढ़कर 3.43 करोड़ हो गया. इसके अलावा देश में अभी तक 93.41 फीसदी 18 साल से ज्यादा आयु के लोगों का आधार कार्ड बनाया जा चुका है।

  • चलती कार मे गर्लफ्रेंड के साथ नशा, फिल्मी स्टाइल में पुलिस बैरिकेड को उड़ा कर भाग रहे थे, फिर जो हुआ, SSP ने बीच सड़क लगाई क्लास…..

    चलती कार मे गर्लफ्रेंड के साथ नशा, फिल्मी स्टाइल में पुलिस बैरिकेड को उड़ा कर भाग रहे थे, फिर जो हुआ, SSP ने बीच सड़क लगाई क्लास…..

    शराब पीकर तेज गति से वाहन चलाते हुए पुलिस बैरिकेड को ठोकर मारकर भागने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। कार चालक शराब पीकर तेज गति से वाहन भगाने एवं युवती बीयर पीते मिली। युवक युवती को सख्त लहजे में चेतावनी दी गई। आरोपी के विरुद्ध अपराध दर्ज कर वाहन को जप्त किया गया। शराब पीकर वाहन चलाने के खिलाफ धारा पृथक से 185 मोटर व्हीकल एक्ट की कार्यवाही की गई। थाना तोरवा जिला बिलासपुर का मामला है।

    नाम आरोपी शुभम अग्रवाल उम्र 27 साल पता भाटिया रेसिडेंसी मुंगेली रोड थाना सिविल लाइन है। कल रात्रि उ.पू.म. एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर पारुल माथुर के निर्देशन पर शहर के विभिन्न चौक चौराहों पर चेकिंग पॉइंट पुलिस द्वारा लगाकर वाहनों की सघन जांच की जा रही थी की कोतवाली थाना क्षेत्र से सूचना मिली कि एक सफेद रंग की कार गांधी चौक चेकिंग पॉइंट से तेज गति से गुरुनानक चौक की ओर भाग रही है। 

    वाहन को गुरु नानक चौक में पुलिस द्वारा रुकवाने की कोशिश की गई किंतु खतरनाक ढंग से वाहन चलाते हुए बैरिकेड को ठोकर मारकर धान मंडी रोड पर भाग रहे थे जिसे पॉइंट पर उपस्थित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर राजेंद्र कुमार जयसवाल एवं थाना तोरवा प्रभारी पुलिस टीम द्वारा पीछाकर उस वाहन के सामने पेट्रोलिंग वाहन अड़ाकर वाहन को रोका वाहन बलेनो कार में शुभम अग्रवाल एवं तरुणा नाम की युवक-युवती मिले जिसमें कार चालक शराब पीकर तेज गति से वाहन भगाने एवं युवती बीयर पीते मिली।

    इसी दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को कार चालक की उद्दंडता की जानकारी मिलने पर स्वयं चेकिंग पॉइंट पर पहुंच कर उद्दंडता कर रही युवक युवती को सख्त लहजे में चेतावनी दी गई तथा तोरवा पुलिस को उक्त दोनों के खिलाफ विधिसम्मत सख्त कार्रवाई करने हेतु निर्देशित किए। निर्देशन के परिपालन में तोरवा पुलिस द्वारा युवक के खिलाफ लोक मार्ग पर खतरनाक ढंग से वाहन हांकने के संदर्भ में अपराध पंजीबद्ध किया गया एवं मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कारवाही कर ब्लेनो वाहन जप्त की गई।

  • ACB की कार्रवाई, रिश्वत लेते जनपद CEO को रंगे हाथों पकड़ा, बोरवेल के काम के एवज में मांगी थी रिश्वत, कार्रवाई से हड़कंप….

    ACB की कार्रवाई, रिश्वत लेते जनपद CEO को रंगे हाथों पकड़ा, बोरवेल के काम के एवज में मांगी थी रिश्वत, कार्रवाई से हड़कंप….

    एन्टी करप्शन ब्यूरो की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है. एसीबी की टीम ने 20 हजार की रिश्वत लेते जनपद CEO को रंगे हाथों पकड़ा है. डिप्टी कलेक्टर का नाम करुन डहरिया है. गरियाबंद जनपद में सीईओ के पद पर पदस्थ हैं. सीईओ ने 15 वे वित्त मद से कराये गये बोरवेल खनन के बिल पास कराने के एवज में उसने रिश्वत की मांग की थी. 

    ठेकेदार ने इसकी शिकायत एसीबी से की. जिसके बाद एसीबी की टीम ने मामले की तस्दीक करते हुए आरोपी को आज 20 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया. रिश्वत की राशि 20 हजार बताई जा रही हैं. एसीबी की टीम ने रंगे हाथों पैसा लेते हुए उसे दबोच लिया है.

  • एक बड़े कारोबारी ईडी के निशाने पर हैं….

    एक बड़े कारोबारी ईडी के निशाने पर हैं….

    रायपुर। प्रदेश में एक बार फिर से ईडी सक्रिय हो गई है. एक के बाद एक बड़े कारोबारी ईडी के निशाने पर हैं. इस बार ईडी हीरा ग्रुप के सिद्धार्थ अग्रवाल, महावीर कोलवाशरी के विक्की जैन और हिन्द एनर्जी के राजीव अग्रवाल को समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया है. इतना ही नहीं ये जानकारी भी मिल रही है कि ईडी कई और कारोबारियों से पूछताछ कर सकती है. बता दें कि, महावीर कोलवाशरी और हिन्द एनर्जी बड़े कोलवासरी का संचालन करते हैं. जिन पर ईडी ने शिंकजा कसते हुए समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया गया है. ऐसे में कयास ये भी लगाए जा रहे हैं कि ईडी आगे और भी कारोबारियों पर शिकंजा कस सकती है. बताया जा रहा है कि, कोयला कोरोबारी सूर्यकांत तिवारी के इन कारोबारियों के साथ गहरे संबंध हैं।

  • मुख्यमंत्री के आदेश के पालन में जुटी पीडब्ल्यूडी …रायगढ़ से घरघोड़ा और खरसिया से धरमजयगढ़ के बीच सड़क निर्माण प्रारंभ करने का दावा….

    मुख्यमंत्री के आदेश के पालन में जुटी पीडब्ल्यूडी …रायगढ़ से घरघोड़ा और खरसिया से धरमजयगढ़ के बीच सड़क निर्माण प्रारंभ करने का दावा….

    रायगढ़। जिले की प्रमुख सड़कों के निर्माण और मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है। इनमें खरसिया से छाल और हाटी होते हुए धरमजयगढ़ तथा रायगढ़ से घरघोड़ा होते हुए धरमजयगढ़ तक सड़क के विभिन्न हिस्सों में लोक निर्माण विभाग द्वारा कार्य शुरू कराया गया है। कलेक्टर श्रीमती रानू साहू ने निर्देश पर निर्माण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। इसी क्रम में आज सीईओ जिला पंचायत श्री अबिनाश मिश्रा सड़कों पर चल रहे कार्य का जायजा लेने पहुंचे। अपर कलेक्टर श्री राजीव पांडे, एसडीएम घरघोड़ा श्री रोहित सिंह, एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री दीपक मिश्रा, ईई पीडब्ल्यूडी श्री आर. के.खांबरा भी इस दौरान साथ रहे। सीईओ श्री मिश्रा ने सड़कों के निर्माण की स्टेटस रिपोर्ट की जानकारी पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से ली। उन्होंने कार्य में गुणवत्ता के कार्य की गति पर विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। ईई पीडब्ल्यूडी श्री आर.के.खांबरा ने सड़कों के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे कार्य के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डभरा-खरसिया-छाल-हाटी-धरमजयगढ़ पत्थलगांव मार्ग अंतर्गत खरसिया से छाल मार्ग तथा छाल से हाटी मार्ग में सड़क निर्माण कार्य चल रहा है। इसी तरह हाटी से धरमजयगढ़ मार्ग के बायसी में मिट्टी कार्य एवं पत्थलगांव से धरमजयगढ़ मार्ग में स्क्रेपिंग एवं बेड रोलिंग कार्य चल रहा है। इसी प्रकार रायगढ़ से धरमजयगढ़ सड़क मार्ग में जामपाली मार्ग में सरिया नाला के पास पेच एवं डीबीएम, जामपाली से घरघोड़ा मार्ग में कंचनपुर के पास तथा घरघोड़ा से पूंजीपथरा मार्ग में डब्ल्यूएमएम कार्य, पूूंजीपथरा से रायगढ़ मार्ग में स्टार ढाबा गेरवानी से गेरवानी बस्ती तथा छाल से घरघोड़ा मार्ग में जीएसबी कार्य गेरवानी बस्ती में प्रगति पर है एवं बीटी स्केरीफाइंग का कार्य तराईमाल एवं बंजारी के मध्य तथा छाल से घरघोड़ा मार्ग में देवारमार के पास तथा घरघोड़ा से लैलूंगा मार्ग में रिटेनिंग वाल का कार्य, शोल्डर में मिट्टी का कार्य, डामर स्केरीफाइंग, डब्लयूएमएम एवं नाली कार्य कराया जा रहा है। सभी पैचेज के निर्माण और मरम्मत कार्यों की मॉनिटरिंग के लिए अलग-अलग अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है।