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  • जमीन के हेर-फेर के मामले में पूर्व गृहमंत्री कंवर ने की EOW में शिकायत, क्रेता के साथ तत्कालीन पटवारी, तहसीलदार पर दर्ज हुआ मामला

    जमीन के हेर-फेर के मामले में पूर्व गृहमंत्री कंवर ने की EOW में शिकायत, क्रेता के साथ तत्कालीन पटवारी, तहसीलदार पर दर्ज हुआ मामला

    रायपुर। पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर द्वारा की गई शिकायत पर इकानामिक अफेंस विंग (ईओडब्ल्यू) थाना में तत्कालीन शासकीय लोक सेवक तत्कालीन पटवारी हल्का नम्बर-07 ग्राम-महुदा माखन लाल देशमुख, तत्कालीन पटवारी हल्का नम्बर-07 ग्राम-महुदा, सनत कुमार पटेल, तत्कालीन नायब तहसीलदार भिलाई-03 घनश्याम शर्मा और विकेताओं व केताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

    दर्ज मामले के अनुसार, ग्राम महुदा पहन-07 पाटन जिला-दुर्ग में गरीब भूमिहीन किसानों को शासन की योजना अन्तर्गत वर्ष 1975-76 में शासकीय पट्टे पर कृषि कार्य के लिए 15.99 हेक्टेयर (39.97 एकड) भूमि को दी गई थी, जिसे तत्कालीन नायब तहसीलदार भिलाई-03 घनश्याम शर्मा b तत्कालीन पटवारी, हल्का नम्बर-07 ग्राम-महुदा माखन लाल देशमुख एवं सनत कुमार पटेल द्वारा राजस्व दस्तावेजो में हेरफेर कर शासकीय पट्टे की भूमि को भूमि स्वामी हक दर्ज कर बिल्डर्स वसुन्धरा आयुर्वेदिक अनुसंधान प्रालि राजू शुक्ला पिता शिवमूरत निवासी रायपुर एवं विश्वास अग्रवाल, जैनम एग्रो फाईनेंस डायरेक्टर, गोपाल सोनकर पिता रामचंद निवासी रायपुर डायरेक्टर सुनील पारख एवं अन्य से सांठ-गांठ कर केता के पक्ष में रजिस्ट्री कराई गई. 

    रजिस्ट्री के समय तत्कालीन नायब तहसीलदार भिलाई-03 घनश्याम शर्मा, एवं तत्कालीन पटवारी, हल्का नम्बर-07 ग्राम-महुदा माखन लाल देशमुख एवं सनत कुमार पटेल द्वारा रजिस्ट्री के लिये किसानों को शासकीय पट्टेदार की भूमि का “आसामीवार किस्तबंदी खतौनी” में भूमि स्वामी दर्ज करते हुये सत्यापित प्रति जारी किया गया है, जिससे वसुन्धरा आयुर्वेदिक अनुसंधान के.प्रालि एवं जैनम एग्रो फाईनेंस द्वारा भूमि क्रय की गई है इस प्रकार षडयंत्र पूर्वक पटवारी एवं नायब तहसीलदार से मिलकर रजिस्ट्री होना पाया गया
    नामांतरण के समय भी तत्कालीन लोक सेवक नायब तहसीलदार भिलाई-03 घनश्याम शर्मा, एवं तत्कालीन पटवारी, हल्का नम्बर-07 ग्राम-महुदा माखन लाल देशमुख एवं सनत कुमार पटेल ने अपने-अपने शासकीय कार्य का लोप करते हुये मिसल रिकार्ड चेक न करते हुये शासकीय पट्टेदार की भूमि का नामांतरण जारी किया गया है. कृषि भूमि का स्वरूप परिवर्तित किया जाकर षडयंत्र के तहत भूमि की बिक्री की गई है.

    मामले में तत्कालीन शासकीय लोक सेवक तत्कालीन पटवारी हल्का नम्बर-07 ग्राम-महुदा माखन लाल देशमुख, तत्कालीन पटवारी हल्का नम्बर-07 ग्राम-महुदा, सनत कुमार पटेल, तत्कालीन नायब तहसीलदार भिलाई-03 घनश्याम शर्मा, एवं विकेताओं एवं केताओं के विरूद्ध धारा-409, 467, 468, 471, 120 (बी) भादवि एवं 13(1) ए भ्रनिअधि 1988 संशोधन अधिनियम 2018 के तहत अपराध  दर्ज किया गया है.

  • कोर्ट में दिखा पुलिस का भयावह चेहरा… रेप पीड़िता ने कहा कि ये आरोपी नही लेकिन पुलिस के दबाव में इसका नाम लिया..

    कोर्ट में दिखा पुलिस का भयावह चेहरा… रेप पीड़िता ने कहा कि ये आरोपी नही लेकिन पुलिस के दबाव में इसका नाम लिया..

    रायपुर। राजधानी के विधानसभा थाना में दर्ज क्राईम नंबर 212/19 जिसमें कि पुलिस ने यह दावा किया था कि, चौदह वर्षीय किशोरी को बंधक बनाकर उससे देह व्यापार कराया गया था,और प्रकरण में धारा 366,376(3),370,370(क),34 के साथ साथ 6 पॉस्को एक्ट और अजाजजा अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3(2)(V)(क) जैसी भारी भरकम धाराएँ लगाई गई थीं, और प्रकरण में एक महिला समेत दो लोगों को गिरफ़्तार किया था। उस मामले में पीडिता के कोर्ट में दिए बयान के बाद विधानसभा थाने की कार्यप्रणाली पर ही सवाल खड़े हो गए हैं।

    पीडिता की बीते 3 अक्टूबर को इस मामले में अजाजजा अत्याचार निवारण के विशेष न्यायाधीश विजय कुमार होता के न्यायालय में गवाही हुई जिसमें पीडिता ने पुलिस की डायरी के अनुसार बलात्कार के आरोपी को यह कहते हुए पहचानने से इंकार कर दिया कि

    “वह बलात्कार करने वाले व्यक्ति को पहचानती है, यह वो व्यक्ति नहीं है जिसने मेरे साथ बलात्कार किया था,वह व्यक्ति जिसने मेरे साथ ग़लत काम किया, उसकी क़द काठी तक इससे नहीं मिलती”

    पीड़िता के इस बयान के बाद उससे यह पूछा गया कि, पुलिस के सामने आपने इसी व्यक्ति को आरोपी के रुप में क्यों पहचाना तो पीडिता ने कोर्ट से कहा

    मुझे पुलिस ने कहा था कि हमने तुम्हें ले जाने वाली महिला से इसकी पहचान कराई है,यही है तुम पहचान करो तो मैंने कर दिया.. जबकि यह नहीं था”

    पीड़िता से इस मसले पर देर तक सवाल जवाब होते रहे लेकिन वह इस बयान पर अडिग रही कि, न्यायिक हिरासत में बलात्कार के आरोप में गिरफ़्तार यह वह व्यक्ति नहीं है जिसने उसका रेप किया था।
    प्रकरण में पुलिस की डायरी यह कहानी बताती थी कि, किशोरी को उसके परिजन हॉस्टल भेजना चाहते थे और वह वहाँ नहीं जाना चाहती थी तो उसने अपनी पूर्व परिचित महिला से संपर्क किया जो उसे रात को ले गई और एक परिचित के मकान में रख छोड़ा। जहां दो दिनों तक एक व्यक्ति आते रहा और उससे रेप करता रहा। पुलिस की केस डायरी के अनुसार रेप करने वाला एक ही व्यक्ति था और महिला ने रक़म लेकर किशोरी से दुष्कर्म कराया।
    यह इसी बरस के मई महीने का बहुचर्चित मामला है, और पुलिस की यह समूची कार्यवाही मीडिया की सुर्ख़ियाँ भी बनी थीं। हालाँकि जबकि यह मामला दर्ज किया गया था, प्रकरण पर सवाल तब भी उठे थे। बहरहाल पीड़िता के कोर्ट में दिए बयान के बाद अब विधानसभा पुलिस ही सवालों के घेरे में है।

  • नान घोटाला — IAS आलोक शुक्ला की अग्रिम जमानत मंजूर

    नान घोटाला — IAS आलोक शुक्ला की अग्रिम जमानत मंजूर

    रायपुर। प्रदेश के बहुचर्चित नान घोटाला मामले में आरोपी बनाए गए आईएएस अधिकारी अलोक शुक्ला को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने आलोक शुक्ला के आवेदन पर सुनवाई करते हुए उन्हें अग्रिम जमानत दे दी है। इससे पहले अप्रैल में एक और आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा को भी कोर्ट ने राहत देते हुए उन्हें भी अग्रिम जमानत दे दी थी।

    ये था पूरा मामला

    एंटी करप्शन ब्यूरो और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा ने 12 फरवरी 2015 को नागरिक आपूर्ति निगम के 28 ठिकानों में छापा मारकर करोड़ों रूपए बरामद किए थे, इस मामले में 27 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। आईएएस अधिकारी डा.आलोक शुक्ला और नान के तत्कालीन एमडी अनिल टुटेजा के खिलाफ अभियोजन चलान के लिए राज्य सरकार ने केंद्र को चिट्ठी लिखी थी। 4 जुलाई 2016 को केंद्र ने अभियोजन की अनुमति दे दी थी, बावजूद इसके राज्य शासन ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। ऐन चुनाव के पहले करीब ढाई साल बीतने के बाद राज्य सरकार ने पूरक चालान पेश करते हुए दोनों ही आईएएस अधिकारियों के नाम शामिल किए थे।

  • सुन्नी वक्फ बोर्ड ने विवादित जमीन पर अपना दावा छोड़ा, राम मंदिर सुनवाई का आज अंतिम दिन

    सुन्नी वक्फ बोर्ड ने विवादित जमीन पर अपना दावा छोड़ा, राम मंदिर सुनवाई का आज अंतिम दिन

    दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में हिन्दू महासभा ने जो दस्तावेज पेश किए उनमें बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष रहे किशोर कुणाल की पुस्तक ‘अयोध्या रीविजिटेड’ के कुछ अंश का जिक्र था। इसमें कहा गया है कि विवादित स्थल पर शुरू से ही मंदिर का अस्तित्व था।

    सुप्रीम कोर्ट में मुस्लिम पक्षकार राजीव धवन अचानक से उग्र हो उठे। सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड के 72 वर्षीय वकील राजीव धवन ने हिन्दू महासभा के कुछ कागज़ात फाड़ डाले। हिन्दू महासभा ने उन्हें कुछ कागज़ात और नक़्शे दिए थे। अदालत में ही धवन ने उन्हें एक-एक कर फाड़ना शुरू कर दिया। जब मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने उन्हें टोका तो उन्होंने कुछ और पन्ने फाड़ डाले।

    बता दें कि सुन्नी वक्फ बोर्ड ने विवादित जमीन पर अपना दावा छोड़ दिया है। सुन्नी वक्फ बोर्ड इस संबंध में शीर्ष अदालत में हलफनामा दायर कर सकती है। मध्यस्थता पैनल ने इसकी पुष्टि की है। इस ख़बर के बाद अयोध्या मामले का घटनाक्रम तेजी से बदलता नज़र आ रह है।

    बुधवार को राम मंदिर मामले की सुनवाई का 40वाँ और अंतिम दिन है। सीजेआई ने साफ़-साफ़ कह दिया है कि सभी निर्धारित पक्षों को निश्चित समयावधि से अधिक नहीं दी जाएगी और आज शाम 5 बजे तक सुनवाई पूरी कर ली जाएगी। हिन्दू पक्ष की ओर से दलील पेश करते हुए वकील सीएस वैद्यनाथन ने इस तरफ कोर्ट का ध्यान दिलाया कि मुस्लिम पक्ष ने अभी तक ऐसा कोई भी सबूत नहीं दिया है, जिससे पता चले कि विवादित भूमि पर उनका एकाधिकार है। उन्होंने कहा कि 1857 से 1934 के बीच मुस्लिम पक्ष ने वहाँ नमाज़ पढ़ी होगी, लेकिन उसके बाद ऐसा कुछ भी होने का कोई सबूत नहीं है।

    वैद्यनाथन ने ये कहते हुए अपनी दलीलें समाप्त की कि नमाज़ पढ़ने के लिए तो काफी सारी जगहें हो सकती हैं, लेकिन राम जन्मभूमि सिर्फ़ एक ही जगह है और उसे बदला नहीं जा सकता। वहीं राम मंदिर पर पहली याचिका दाखिल करने वाले गोपाल सिंह विशारद के वकील ने इस बात पर जोर दिया कि उस स्थल पर पहले से पूजा होती रही है। वकील रंजीत कुमार ने सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड की याचिका खरिज करने की अपील के साथ अपनी बात समाप्त की। वहीं निर्मोही अखाड़ा ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि बाबा अभिराम दास विवादित स्थल पर स्थित स्ट्रक्चर में मुख्य पुजारी थे।

    हिन्दू महासभा ने जो दस्तावेज पेश किए उनमें बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष रहे किशोर कुणाल की पुस्तक ‘अयोध्या रीविजिटेड’ के कुछ अंश का जिक्र था। इसमें कहा गया है कि विवादित स्थल पर शुरू से ही मंदिर का अस्तित्व था। राजीव धवन ने जब आपत्ति जताई तो सीजेआई राजन गोगोई ने कहा कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो सभी जज उठ कर चले जाएँगे। हिन्दू महासभा के वकील विकास ने जब सीजेआई को पुस्तक देने की बात कही तो उन्होंने कहा कि पुस्तक उन्हें दे दी जाए ताकि वो दिवाली तक पढ़ते रहें और नवम्बर तक पढ़ते रहें। सीजेआई ने उन्हें पुस्तक पर हस्ताक्षर कर के देने को कहा। सीजेआई ने धवन को फटकारते हुए कहा कि चिल्लाना व्यर्थ है।

    वहीं, विवादित ज़मीन पर अपना दावा छोड़ने के एवज में सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड ने विचित्र शर्तें रखते हुए माँग किया कि अयोध्या में 22 मस्जिदों के रख-रखाव की जिम्मेदारी सरकार उठाए। सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड ने अंतिम शर्त रखी है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के नियंत्रण में जितने भी धार्मिक स्थल हैं, उनकी स्थिति की जाँच करने के लिए सुप्रीम कोर्ट एक समिति बनाए। मुख्य न्यायाधीश आज सुनवाई के दौरान समय को लेकर एकदम सजग दिखे और निर्मोही अखरा के वकील ने जब डेढ़ घण्टे माँगे तो उन्हें समय की कमी का हवाला देकर 1 बजे तक का समय दिया गया।

  • इस मामले में पाकिस्तान से पीछे रह गया भारत…

    इस मामले में पाकिस्तान से पीछे रह गया भारत…

    नई दिल्ली। वैश्विक भूख सूचकांक (ग्लोबल हंगर इंडेक्स) (Global Hunger Index) में भारत 102वें स्थान पर पिछड़ गया है। बता दें कि यह दक्षिण एशियाई देशों का सबसे निचला पायदान है। इस लिस्ट में भारत पाकिस्तान (India Pakistan) से भी पीछे हो गया है।

    पाकिस्तान इस वर्ष भारत से आगे निकलकर 94वां स्थान हासिल किया है। 2015 में भारत की ग्लोबल हंगर इंडेक्स (जीएचआई) रैंकिंग 93 थी। उस वर्ष दक्षिण एशिया में सिर्फ पाकिस्तान ही ऐसा देश था जो इस इंडेक्स में भारत से नीचे आया था।

    2014 से 2018 के बीच जुटाए गए आंकड़ों से तैयार ग्लोबल हंगर इंडेक्स विभिन्न देशों में कुपोषित बच्चों की आबादी, उनमें लंबाई के अनुपात में कम वजन या उम्र के अनुपात में कम लंबाई वाले पांच वर्ष तक के बच्चों का प्रतिशत और पांच वर्ष तक के बच्चे की मृत्यु दर पर आधारित हैं।

    ब्रिक्स देशों में सबसे खराब इस देश का प्रदर्शन
    बाकी दक्षिण एशियाई देश 66वें से 94 स्थान के बीच हैं। भारत ब्रिक्स के बाकी देशों से बहुत पीछे है। (BRICKS- ब्राजील, रूस, इंडिया, चीन और साउथ अफ्रीका)। इसके अलावा ब्रिक्स देशों में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला देश दक्षिण अफ्रीका है, उसकी 59वीं रैंक है।

    साल 2000 के बाद से नेपाल ने की अच्छी प्रगति
    जीएचआई पर पेश एक रिपोर्ट कहती है कि भारत में 6 से 23 महीनों के सिर्फ 9.6% बच्चों को ही न्यूनतम स्वीकृत भोजन उपलब्ध हो पाता है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी हालिया रिपोर्ट में तो यह आंकड़ा 6.4% ही बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2000 के बाद से नेपाल ने इस मामले में सबसे ज्यादा सुधार किया है।

    भूख की स्थिति के आधार पर देशों को 0 से 100 अंक दिए गए और जीएचआई तैयार किया गया। इसमें 0 अंक सर्वोत्तम यानी भूख की स्थिति नहीं होना है। 10 से कम अंक का मतलब है कि देश में भूख की बेहद कम समस्या है।

    इसी तरह, 20 से 34.9 अंक का मतलब भूख का गंभीर संकट, 35 से 49.9 अंक का मतलब हालत चुनौतीपूर्ण है और 50 या इससे ज्यादा अंक का मतलब है कि वहां भूख की बेहद भयावह स्थिति है।

    भारत को 30.3 अंक मिला है जिसका मतलब है कि यहां भूख का गंभीर संकट है। चुनौतीपूर्ण स्थिति वाली श्रेणी में सिर्फ चार देश हैं जबकि सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक बेहद भयावह स्थिति वाली कैटिगरी में है।

    इस वजह से बढ़ रही है भूखमरी
    इस रिपोर्ट में दी गई चेतावनी के मुताबिक जलवायु परिवर्तन के कारण भूख का संकट उच्च स्थर पर पहुंच गया है। इससे दुनिया के पिछले क्षेत्रों में लोगों के लिए भोजन की उपलब्धता और कठिन हो गया। इतना ही नहीं, जलवायु परिवर्तन से भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई भी प्रभावित हो रही है।

    फसलों से मिलने वाले भोजन की पोषण क्षमता भी घट रही है। रिपोर्ट कहती है कि दुनिया ने वर्ष 2000 के बाद भूख के संकट को कम तो किया है, लेकिन इस समस्या से पूरी तरह निजात पाने की दिशा में अब भी लंबी दूरी तय करनी होगी।

  • दिनेश्वरी नंद जांजगीर एसडीओपी, एडिशनल एसपी जय प्रकाश और 3 डीएसपी का तबादला निरस्त,

    दिनेश्वरी नंद जांजगीर एसडीओपी, एडिशनल एसपी जय प्रकाश और 3 डीएसपी का तबादला निरस्त,

    रायपुर। गृह विभाग ने एडिशनल एसपी और तीन डीएसपी रैंक के अधिकारियों का तबादला आदेश निरस्त कर दिया है. वहीं एक डीएसपी रैंक के अधिकारी का तबादला किया गया है।राजनांदगांव जिले में डोंगरगढ़ एसडीओपी के पद पर पदस्थ मणिशंकर चंद्रा का तबादला डीएसपी आप्स बीजापुर किया गया था, जिसे गृह विभाग ने निरस्त कर दिया है। चंद्रा सीएसपी राजनांदगांव के पद पर पदस्थ रहेंगे।

    इसी तरह दंतेवाड़ा मुख्यालय में डीएसपी के पद पर पदस्थ दिनेश्वरी नंद का तबादला राजनांदगांव जिले में एसडीओपी गण्डई के पद पर किया गया था। दिनेश्वरी का भी तबादला आदेश गृह विभाग ने निरस्त करते हुए उन्हें जांजगीर जिले में एसडीओपी के पद पर पदस्थ किया है।

    इसके साथ ही गृह विभाग ने जय प्रकाश बढ़ई एडिशनल एसपी कोरबा का तबादला गैर कानूनी चिटफंड एवं वित्तीय कंपनियों के नियंत्रण प्रकोष्ठ दुर्ग किया था, जिसे निरस्त कर दिया गया है, वे पूर्व की भांति कोरबा एएसी के पद पर पदस्थ रहेंगे।

  • DSP सुनील डेविड होंगे बिलासपुर के नगर पुलिस अधीक्षक

    DSP सुनील डेविड होंगे बिलासपुर के नगर पुलिस अधीक्षक

    रायपुर। मंगलवार को राज्य शासन ने राज्य पुलिस सेवा सँवर्ग के सुनील डेविड उप पुलिस अधीक्षक का नवीन पदस्थापना आदेश जारी किया है। जारी आदेश के तहत बेमेतरा के डीएसपी सुनील डेविड अब बिलासपुर के सीएसपी होंगे।

    गृह विभाग ने आज देर शाम उनका आदेश जारी कर दिया है।

  • दिवाली के मौके पर बढ़ा नकली नोटों का चलन! ऐसे पहचानें आपका 500 और 2000 का नोट असली हैं या नकली

    दिवाली के मौके पर बढ़ा नकली नोटों का चलन! ऐसे पहचानें आपका 500 और 2000 का नोट असली हैं या नकली

    नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी यानी NIA ने कहा है कि भारत में बिल्कुल असली नोट की तरह दिखने वाले जाली नोट (Fake Note) फिर से आ गए हैं. ऐसे में आपको दिवाली की शॉपिंग करते वक्त 500 और 2000 रुपये के असली-नकली नोट की आसानी से पहचान करना आना बहुत जरूरी है. इसीलिए हम आपको इससे जुड़ी जानकारी दे रहे है…

    आपको बता दें कि हाल में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में बताया है कि बाजार में सबसे ज्‍यादा 500 रुपए के नकली नोट चल रहे हैं. वहीं 2000 रुपए के जाली नोटों में 21.9 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. RBI की रिपोर्ट के मुताबिक 500 रुपए के नोट की जालसाजी में वित्त वर्ष 2018-19 में पिछले साल की तुलना में 121 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

    आपके हाथ में आए 2000 के नोट असली हैं या नहीं, ऐसे पहचानें



    2000 के नोट का बेस कलर मैजेंटा है और इसका साइज 66 मिमी गुणा 166 मिमी है. नोट के फ्रंट पर महात्मा गांधी और पीछे की तरफ मंगलयान की तस्वीर लगी है

    पहचान नंबर-1 नोट को लाइट के सामने रखने पर यहां 2000 लिखा दिखेगा.
    पहचान नंबर-2 आंख के सामने 45 डिग्री के एंगल पर रखने पर यहां 2000 लिखा दिखेगा.
    पहचान नंबर-3 देवनागरी में 2000 लिखा दिखेगा पहचान नंबर-4 सेंटर में महात्मा गांधी की तस्वीर है.
    पहचान नंबर-5 छोटे-छोटे अक्षरों में RBI और 2000 लिखा है.
    पहचान नंबर-6 सिक्योरिटी थ्रीड है इसपर भारत, RBI और 2000 लिखा है. नोट को हल्का से मोड़ने पर इस थ्रीड का कलर हरा से नीला हो जाता है.
    पहचान नंबर-7 गारंटी क्लॉज, गवर्नर के सिग्नेचर, प्रॉमिस क्लॉज और आरबीआई का लोगो दाहिनी तरफ है.
    पहचान नंबर-8 यहां महात्मा गांधी की तस्वीर और इलेक्ट्रोटाइप (2000) वाटरमार्क है.
    पहचान नंबर-9 ऊपर में सबसे बाईं तरफ और नीचे में सबसे दाहिने तरफ लिखे नंबर बाएं से दाएं तरफ बड़े होते जाते हैं.
    पहचान नंबर-10 यहां लिखे नंबर 2000 का रंग बदलता है. इसका कलर हरा से नीला हो जाता है.
    पहचान नंबर-11 दाहिनी तरफ अशोक स्तम्भ है.
    पहचान नंबर-12 दाहिनी तरफ आयताकार बॉक्स जिसमें 2000 लिखा है.
    पहचान नंबर-13 दाहिनी और बाईं तरफ सात ब्लीड लाइंस हैं जो खुरदरे हैं.पीछे की तरफ
    पहचान नंबर-14 नोट की प्रिंटिंग का साल लिखा हुआ है.
    पहचान नंबर-15 स्लोगन के साथ स्वच्छ भारत का लोगो.
    पहचान नंबर-16 सेंटर की तरफ लैंग्वेज पैनल
    पहचान नंबर-17 मंगलयान का नमूना

    दृष्टिहीनों के लिए
    महात्मा गांधी की तस्वीर, अशोक स्तम्भ के प्रतीक, ब्लीड लाइन और पहचान चिन्ह खुरदरे से हैं.

    आपके हाथ में आए 500 रुपये के नए नोट असली हैं या नहीं, ऐसे पहचानें…

    पहचान नंबर-1 नोट को लाइट के सामने रखने पर यहां 500 लिखा दिखेगा.
    पहचान नंबर-2 आंख के सामने 45 डिग्री के एंगल पर रखने पर यहां 500 लिखा दिखेगा.
    पहचान नंबर-3 देवनागरी में 500 लिखा दिखेगा.
    पहचान नंबर-4 पुराने नोट की तुलना में महात्मा गांधी की तस्वीर का ओरिएंटेशन और पोजिशन थोड़ा अलग है.
    पहचान नंबर-5 नोट को हल्का से मोड़ने पर सिक्योरिटी थ्रीड का कलर हरा से नीला हो जाता है.
    पहचान नंबर-6 पुराने नोट की तुलना में गारंटी क्लॉज, गवर्नर के सिग्नेचर, प्रॉमिस क्लॉज और आरबीआई का लोगो दाहिनी तरफ शिफ्ट हो गया है.
    पहचान नंबर-7 यहां महात्मा गांधी की तस्वीर और इलेक्ट्रोटाइप वाटरमार्क है.
    पहचान नंबर-8 ऊपर में सबसे बाईं तरफ और नीचे में सबसे दाहिने तरफ लिखे नंबर बाएं से दाएं तरफ बड़े होते जाते हैं.
    पहचान नंबर-9 यहां लिखे नंबर 500 का रंग बदलता है. इसका कलर हरा से नीला हो जाता है.
    पहचान नंबर-10 दाहिनी तरफ अशोक स्तम्भ है.दाहिनी तरफ सर्कल बॉक्स जिसमें 500 लिखा है.
    दाहिनी और बाईं तरफ 5 ब्लीड लाइंस हैं जो खुरदरे हैं.

    पीछे की तरफ
    पहचान नंबर-11 नोट की प्रिंटिंग का साल लिखा हुआ है.
    पहचान नंबर-12 स्लोगन के साथ स्वच्छ भारत का लोगो.
    पहचान नंबर-13 सेंटर की तरफ लैंग्वेज पैनल
    पहचान नंबर-14 भारतीय ध्वज के साथ लाल किले की तस्वीर
    पहचान नंबर-15 देवनागरी में 500 लिखा है.

    दृष्टिहीनों के लिए
    महात्मा गांधी की तस्वीर, अशोक स्तम्भ के प्रतीक, ब्लीड लाइन और पहचान चिन्ह खुरदरे से हैं.

  • केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के चेहरे पर फेंकी गई स्याही, मरीजों का हाल जानने गए थे पटना मेडिकल कॉलेज

    केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के चेहरे पर फेंकी गई स्याही, मरीजों का हाल जानने गए थे पटना मेडिकल कॉलेज

    बिहार की राजधानी पटना में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे पर काली स्याही फेंकने का मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि पीएम मोदी के मंत्री चौबे  पटना के पीएमसीएच हॉस्पिटल में डेंगू से पीड़ित मरीजों को देखने गए थे। उस दौरान 2 युवकों ने उनके चेहरे पर काली स्याही फेंकी और फरार हो गए. जानकारी के मुताबिक, मंत्री की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने दोनों युवकों को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन असफल रहे।

    माना जा रहा है कि बिहार में बाढ़ को लेकर लोगों में काफी नाराजगी है. इसके विरोध में ही अश्विनी चौबे पर स्याही फेंकी गई है. बता दें कि चौबे बक्सर लोकसभा सीट से सांसद हैं. वह मंगलवार को पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में डेंगू पीड़ित मरीजों से मिलने गए थे।

    ऐसे हुई घटना
    जानकारी के मुताबिक, यह घटना उस वक्त हुई, जब अश्विनी चौबे मरीजों से मिलने के बाद अपनी गाड़ी में बैठने जा रहे थे. 2 युवक अचानक उनकी तरफ आए और उनके चेहरे पर काली स्याही फेंककर फरार हो गए। फिलहाल यह पता नहीं चल पाया है कि दोनों युवक कौन थे। साथ ही, अब तक इस मामले में किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।


    बताया जा रहा है कि 2 युवकों ने अश्विनी चौबे पर स्याही फेंकी. मंत्री की सुरक्षा में तैनात जवानों ने आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन असफल रहे. इस घटना पर अश्विनी चौबे ने कहा, ‘‘यह स्याही जनता, लोकतंत्र और लोकतंत्र के स्तंभ पर फेंकी गई है। स्याही फेंकने वाले वही लोग हैं, जो अपराध जगत से नाता रखते हैं।’

  • अजब गजब- युवक के पेट मे दर्द होने पर डॉक्टर ने लिख दिया प्रेग्नेंसी टेस्ट…

    अजब गजब- युवक के पेट मे दर्द होने पर डॉक्टर ने लिख दिया प्रेग्नेंसी टेस्ट…

    दिल्ली. अब आप इस गलतफहमी में मत रहिये कि डॉक्टर भगवान का रुप होते हैं. इनकी हरकतें देख और सुनकर कम से कम आप अपनी राय जरूर बदल लेंगे। झारखंड में एक डॉक्टर साहब ने ऐसा कारनामा कर दिखाया कि लोग हैरत में पड़ गए. दरअसल राज्य के चतरा जिले के दो युवकों को पेट दर्द की शिकायत थी. जब वे इसके लिए डॉक्टर  के पास गए तो उन्होंने दोनों को प्रेग्नेंसी टेस्ट कराने के लिए कहा।


    सरकारी अस्पताल के डॉक्टर मुकेश कुमार ने दोनों युवकों गोपाल गंझू और कामेश्वर जानू को प्रेग्नेंसी टेस्ट के अलावा एचआईवी और हीमोग्लोबिन टेस्ट कराने को भी कहा. इसके बाद दोनों युवकों ने डॉक्टर के खिलाफ चतरा जिले के सिविल सर्जन से शिकायत की है. जो भी डॉक्टर साहब की हरकत के बारे में सुन रहा है वो हैरान हो जा रहा है।