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  • हनी ट्रैपः मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव ने भी ‘हनी’ से अपना मन बहलाया, की अश्लील बातें…

    हनी ट्रैपः मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव ने भी ‘हनी’ से अपना मन बहलाया, की अश्लील बातें…

    रायपुर। मध्यप्रदेश का हनी ट्रैप मामला एक बार फिर से सुर्खियों में है. फिर इसलिए क्योंकि एक मीडिया संस्थान ने कथित रूप से मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यालय के प्रमुख सचिव रहे सीनियर आईएएस एसके मिश्रा की अश्लील बातचीत का ऑडियो वायरल हुआ है।

    ये है पूरा मामला17 सितंबर को मध्यप्रदेश के इंदौर जिला नगर निगम में कार्यरत इंजीनियर हरभजन सिंह ने पलासिया थाने में खुद को ब्लैकमेल किए जाने की एफआईआर दर्ज कराई थी तो उन्हें भी इसका अंदाजा नहीं था कि यह मामला इतना बड़ा बन सकता है. जैसे-जैसे प्रदेश में फैली हनीट्रैप मामले की कहानियां उजागर होनी शुरू हुईं हैं वैसे-वैसे इसमें कई नौकशाह, राजनेता और पत्रकारों की संदिग्ध भूमिका सामने आने लगी।

    एफआईआर में हरभजन सिंह ने दावा किया था कि उन्हें 29 वर्षीय आरती दयाल नाम की एक महिला द्वारा ब्लैकमेल किया जा रहा था. उक्त महिला ने तीन करोड़ रुपये की रंगदारी की मांग की थी और रकम न चुकाने पर इंजीनियर के कथित अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी भी दी गई थी।

    पुलिस ने जब जांच शुरू की तब पता चला कि एक गैर सरकारी संगठन ने कथित तौर पर राजनेताओं, नौकरशाहों और कई बड़े रसूखदारों को ब्लैकमेल करने के लिए उनके अश्लील वीडियो बनाए हैं. जिन्हें सार्वजनिक करने की धमकियों के एवज में जबरन वसूली की जाती थी।

  • घरवालों से बगावत कर पड़ोस के लड़के से की शादी, 13 दिन बाद दूसरे युवक के साथ भाग गई बीवी

    घरवालों से बगावत कर पड़ोस के लड़के से की शादी, 13 दिन बाद दूसरे युवक के साथ भाग गई बीवी

    दिल्ली। आजकल के नौजवानों में प्यार भी दो मिनट के मैगी की तरह होता है. जितनी जल्दी प्यार होता है, उससे कहीं जल्दी खत्म भी हो जाता है. कम से कम उत्तर प्रदेश के मैनपुरी के युवक के साथ तो ऐसा ही कांड हो गया।

    दरअसल उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में ऐसा मामला सामने आया है. जिसके बारे में सुनकर लोग हैरान हैं और मजे भी ले रहे हैं. यहां एक युवती ने 16 नवंबर को अपने घर वालों से बगावत कर पड़ोस में रहने वाले युवक से शादी कर ली थी. अभी शादी की खुमारी उतरी भी नहीं थी कि युवती दूसरे युवक के साथ भाग गई।

    मैनपुरी की इस युवती ने भले ही अपने प्रेमी से शादी करने के लिए घरवालों से बगावत कर दी हो लेकिन सिर्फ 13 दिन में ही उसके प्रेम का भूत उतर गया और दूसरे के साथ फरार हो गई. अब पीड़ित युवक पुलिसवालों से मदद की गुहार लगा रहा है।

  • हैदराबाद के बाद अब छत्तीसगढ़ में गैंगरेप की वारदात पर बोले सीएम भूपेश बघेल- यह बेहद दुखद, पुलिस गुनहगारों को जल्द ही ढूँढ निकालेगी

    हैदराबाद के बाद अब छत्तीसगढ़ में गैंगरेप की वारदात पर बोले सीएम भूपेश बघेल- यह बेहद दुखद, पुलिस गुनहगारों को जल्द ही ढूँढ निकालेगी

    रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कोरबा दौरे से पहले सिविल लाइन स्थित हेलीपैड में अलग-अलग मुद्दों पर मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि निकाय चुनाव में प्रत्याशियों के नाम पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से रायशुमारी कर जल्द ही लिस्ट जारी की जाएगी. वहीं गैंगरेप पर कहा कि पुलिस गुनाहगारों को जल्द ही ढूंढ निकालेगी. साथ ही नान घोटाले में कहा कि रमन सिंह को बताना चाहिए सीएम सर कौन है और सीएम मैडम कौन है। पुलिस पर विश्वास है गुनहगारों को जल्द ही ढूंढ निकालेगीहैदराबाद के बाद छत्तीसगढ़ में हो रहे गैंगरेप और रेप पर भूपेश ने कहा कि ये सभी मामले बेहद दुखद है. पुलिस तत्परता से लगी हुई है. क़ानून व्यवस्था अपना काम कर रही है. पूरा विश्वास है कि पुलिस गुनहगारों को जल्द ही ढूँढ निकालेगी।
  • बाइक सवार 4 बदमाश बैंक के सामने 13 लाख छीनकर हुए फरार, जांच में जुटी पुलिस

    बाइक सवार 4 बदमाश बैंक के सामने 13 लाख छीनकर हुए फरार, जांच में जुटी पुलिस

    खरसिया। रायगढ़ जिले के खरसिया थाना क्षेत्र स्थित स्टेट बैंक के सामने दिन दहाड़े लूट की वारदात हुई है. स्टेट बैंक से पीड़ित जैसे ही 13 लाख रूपए निकालकर बाहर निकला कि उसके हाथ से 4 अज्ञात युवक पैसे छीनकर फरार हो गए. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर रही है।

    जानकारी के अनुसार पुलिस काम के एवज में ठेकेदार राठौर ने सेल्फ चेक जारी किया गया था. जिसको एसबीआई बैंक खरसिया से कार्तिक राम रात्रे उसके सहयोगी स्कॉर्पियो क्रमांक सीजी 11 एएन 3999 बैंक से पैसा आहरण कर पैदल बैंक से आ रहे थे. अपनी स्कार्पियों में चढ़ने ही वाले थे कि रायगढ़ चौक से अग्रसेन चौक की तरफ दो बाइक में चार युवक आए और रुपयों से भरा थैला छीनकर शहर की ओर नौ दो ग्यारह हो गए।

    पुलिस लूट की सूचना देने वाले नगर पंचायत अध्यक्ष कन्हैया, चेक जारी करने वाले ठेकेदार राठौर और बैंक के कुछ कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है. घटना स्थल पर खरसिया एसडीओपी पीताम्बर पटेल और चौकी प्रभारी नन्द किशोर गौतम मौजूद है. इसके अलावा बैंक और आस-पास में लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है।

  • डीजीपी ने पुलिस अधीक्षकों को चिटफण्ड कंपनी संचालकों पर सख्त कार्रवाई के दिये निर्देश, निवेशकों का पैसा लौटाने की प्रक्रिया जल्द होगी शुरु

    डीजीपी ने पुलिस अधीक्षकों को चिटफण्ड कंपनी संचालकों पर सख्त कार्रवाई के दिये निर्देश, निवेशकों का पैसा लौटाने की प्रक्रिया जल्द होगी शुरु

    रायपुर। डीजीपी डी. एम. अवस्थी ने बुधवार को वीडियो काॅन्फ्रेंसिंह के जरिये सभी पुलिस अधीक्षकों को चिटफण्ड कंपनियों के संचालकों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिये हैं. वीडियो काॅफ्रेंसिंग में जानकारी दी गई की राजनांदगांव में चिटफण्ड कंपनी के संचालक प्रेम देवांगन की संपत्ति कुर्क कर 7 करोड़ 61 लाख से अधिक की राशि शासन के खाते में जमा कर दी गई हैै. उक्त राशि निवेशकों को शीघ्र ही लौटाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है. इसी प्रकार बिलासपुर जिले में चिटफण्ड कंपनी के संचालक कमलेश सिंह की संपत्ति कुर्क कर 2 लाख 80 हजार की राशि निवेशक को प्रदान की गई है. अवस्थी ने निर्देश दिए कि चिटफण्ड कंपनियों के एजेंटों पर चल रहे प्रकरणों को न्यायालय के माध्यम से शीघ्र ही वापस लेे, साथ ही कंपनियों के संचालकों की संपत्तियां कुर्क कर निवेशकों को शीघ्र ही राशि लौटाने की प्रक्रिया शुरू की जाये।

    वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग में पुलिस महानिदेशक डी.एम. अवस्थी ने चिटफण्ड कंपनियों के एजेंटों के विरूद्ध न्यायालय एवं पुलिस के समक्ष विवेचनाधीन प्रकरणों की समीक्षा की। राज्य के सभी जिलों में कुल 38 प्रकरणों में 113 एजेंटों के नाम पृथक करने की कार्यवाही की गई है. जिनमें न्यायालय में विचाराधीन 33 प्रकरणों से 102 एजेंट और पुलिस के समक्ष विवेचनाधीन 5 प्रकरणों से 11 एजेंटों के नाम पृथक करने की कार्यवाही की गई है. न्यायालय में विचाराधीन प्रकरणों में रायपुर जिले में 16 प्रकरणों से 42 एजेंट, धमतरी जिले में 4 प्रकरणों से 7 एजेंट, महासमुन्द जिले में 3 प्रकरणों से 12 एजेंट, दुर्ग जिले में 11 एजेंट, बालोद जिले मेें 1 प्रकरण से 2 एजेंट, बिलासपुर जिले में 2 प्रकरण से 6 एजेंट, मुंगेली जिले से 1 एजेंट, जांजगीर जिले में 8 एजेंट और कोरबा जिले में 2 प्रकरणों से 6 एजेंट के नाम पृथक किये गये हैं. पुलिस के समक्ष विवेचनाधीन प्रकरणों में से महासमुन्द जिले में 3 प्रकरणों में 9 एजेंट, बिलासपुर जिले में 2 प्रकरणों से 2 एजेंटों के नाम पृथक किये गये हैं।

  • बैंको में  चाहे कितना भी जमा हो पैसा…बैंक डूबा तो मिलेंगे केवल एक लाख ही…

    बैंको में चाहे कितना भी जमा हो पैसा…बैंक डूबा तो मिलेंगे केवल एक लाख ही…

    कोई बैंक कारोबार में विफलता की वजह से यदि बंद होता है तो उसमें धन जमा रखने वाले जमाकर्ताओं को बीमा सुरक्षा के तहत केवल एक लाख रुपये ही मिलेगा। भले ही उसने उससे ज्यादा पैसे जमा करा रखे हों। भारतीय रिजर्व बैंक की कंपनी डिपोजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (डीआईसीजीसी) ने यह जानकारी दी है।सूचना के अधिकार कानून के तहत पूछे गये सवाल के जवाब में रिजर्व बैंक की पूर्ण अनुषंगी डीआईसीजीसी ने कहा कि यह सीमा बचत, मियादी, चालू और आवर्ती हर प्रकार की जमा के लिए है।

    डिपोजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन के अनुसार, डीआईसीजीसी कानून की धारा 16 (1) के तहत अगर बैंक विफल होता है या उसे बंद करना पड़ता है, डीआईसीजीसी प्रत्येक जमाकर्ता को परिसमापक के जरिये बीमा कवर के रूप में एक लाख रुपये तक देने के लिये जवाबदेह है।इसमें विभिन्न शाखाओं में जमा मूल राशि और ब्याज दोनों शामिल हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या पीएमसी बैंक धोखाधड़ी को देखते हुए एक लाख रुपये की सीमा को बढ़ाने का प्रस्ताव है, डीआईसीजीसी ने कहा, कॉरपोरेशन के पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है।

    डीआईसीजीसी कानून के तहत सभी पात्र सहकारी बैंक भी आते हैं। आरटीआई के जवाब में उसने कहा, बैंक में जो भी पैसा जमा करता है, उसे अधिकतम एक लाख रुपये तक बीमा कवर मिलता है. इसका मतलब है कि अगर किसी कारण से बैंक विफल होता है या उसे बंद किया जाता है अथवा बैंक का लाइसेंस रद्द होता है, उस स्थिति में उसे एक लाख रुपये हर हाल में मिलेगा।भले ही बैंक में आपने कितनी भी ज्यादा राशि क्यों न जमा कर रखी हो। बैंकों में धोखाधड़ी के विभिन्न मामले तथा लोगों की बचत राशि को जोखित को देखते हुए यह जवाब महत्वपूर्ण है. उल्लेखनीय है कि आरबीआई ने पीएमसी बैंक मामले में कथित वित्तीय अनियमितताओं को देखते हुए परिचालन में कुछ पाबंदियां लगायी और प्रशासक नियुक्त किया।मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के अनुसार बैंक प्रबंधन ने उद्योग घराने से मिलकर एचडीआईएल समूह की कंपनियों द्वारा कर्ज में चूक को छिपाया। बैंक ने कुल कर्ज का 70 प्रतिशत एचडीआईएल समूह को दिया और जब रीयल्टी कंपनी ने भुगतान में चूक किया तब बैंक में संकट उत्पन्न हो गया।

  • पदोन्नति में आरक्षण में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का नहीं हुआ पालन,

    पदोन्नति में आरक्षण में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का नहीं हुआ पालन,

    बिलासपुर। हाईकोर्ट में पदोन्नति में आरक्षण के मामले में सरकार ने अपनी गलती मान ली है. सरकार का पक्ष रखते हुए महाधिवक्ता ने स्वीकार किया कि आदेश जारी करते समय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं किया गया. मामले में शासन ने जवाब पेश करने के लिए समय मांगा है. अब अगली सुनवाई सोमवार को होगी।

    बता दें कि राज्य शासन ने नोटिफिकेशन जारी कर प्रथम श्रेणी से चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के लिए प्रमोशन में आरक्षण लागू किया है.  एस.संतोष कुमार ने राज्य के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी है, जिस पर चीफ जस्टिस की डिवीजन बेंच द्वारा मामले की सुनवाई.की गई. महाधिवक्ता सतीशचंद्र वर्मा ने लल्लूराम डॉट कॉम से चर्चा में बताया कि शासन की ओर से सुप्रीम कोर्ट के इस संबंध में जो भी निर्देश हैं, उनका पालन करने की बात कही गई है।

    वहीं याचिकाकर्ता की ओर कोर्ट में पक्ष रखने वाले अधिवक्ता योगेश्वर शर्मा ने बताया कि इस मामले के साथ अन्य याचिका भी लगी है, सब की सुनवाई चीफ जस्टिस ने सोमवार को एक साथ रखने का निर्देश दिए हैं. मामले में शासन सोमवार को जवाब पेश करने के लिए समय लिया है।

  • शख्स ने मोबाइल पर 100 से ज्यादा महिलाओं का किया उत्पीड़न, गिरफ्तार

    शख्स ने मोबाइल पर 100 से ज्यादा महिलाओं का किया उत्पीड़न, गिरफ्तार

    मुंबई। यह शख्स महिलाओं या लड़कियों को अक्सर VIDEO CALL किया करता था। वीडियो कॉल कर वो महिलाओं से गंदी बातें करता और अपना प्राइवेट पार्ट दिखाता था। पुलिस के मुताबिक 26 साल का सांभाजी हुसैनकर मुंबई के वर्ली इलाके का रहने वाला है और उसने अब तक 100 से ज्यादा महिलाओं और लड़कियों के साथ VIDEO CALL पर गंदी हरकत की है। यह भी जानकारी सामने आई है कि सांभाजी हुसैनकर एक ऐप का इस्तेमाल कर व्हाट्सऐप पर लड़कियों का प्रोफाइल चेक करता था और फिर उनके साथ यह बेहद ही गंदी हरकत करता था। जानकारी के मुताबिक हुसैनकर मुख्य रूप से कोल्हापुर का रहने वाला था और ग्रैंड रोड पर स्थित एक गैराज में मकैनिक के तौर पर काम करता था।

    हुसैनकर पिछले कई दिनों से यह गंदी हरकत कर रहा था। लेकिन इस बार 17 साल की एक नाबालिग लड़की के साथ गंदी हरकत करने के बाद इस युवक को पुलिस ने धर दबोचा है। वडाला के एक कॉलेज में बीकॉम प्रथम वर्ष में पढ़ने वाली इस छात्रा को बीते शनिवार से हुसैनकर लगातार फोन कर रहा था। कई बार इस लड़की ने इस अनजान नंबर पर ध्यान नहीं दिया। लेकिन फिर उसने सोचा कि शायद यह उसके किसी रिश्तेदार का फोन हो लिहाजा उसने एक दिन हुसैनकर का फोन रिसीव कर लिया।

    डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस रश्मि करणदिकर ने बताया कि ‘फोन पर हुसैनकर ने पहले थोड़ी देर तक लड़की से इधर-उधर की बातें कि और फिर अचानक वो उससे गंदी बातें करने लगा। इससे पहले यह लड़की फोन को काट पाती वो लड़की को VIDEO CALL पर अपना प्राइवेट पार्ट दिखाने लगा।’

    लड़की ने तुरंत फोन काट दिया लेकिन यह युवक लगातार उसे फोन कर रहा था। इसके बाद पीड़िता ने अपना मोबाइल डाटा बंद कर दिया और परिवार वालों को इस बात की जानकारी दी। परिजनों की मदद से लड़की ने तुरंत थाने में जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया।

    पुलिस कमिश्नर ने बताया कि ‘फोन नंबर के बारे में तकनीकि जानकारियां हासिल कर पुलिस हुसैनकर तक पहुंच गई।’ पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि इससे पहले भी यह शख्स छेड़खानी के एक केस में गिरफ्तार हो चुका है। पुलिस के मुताबिक लड़कियों का फोन नंबर हासिल करने के लिए यह शख्स एक ऐप इस्तेमाल करता था और वो सिर्फ लड़कियों को ही फोन किया करता था।

    पुलिस ने बताया कि हुसैनकर शादीशुदा है और उसे ऐसे गंदे कॉल करने की आदत पड़ चुकी है। वो ज्यादातर रात के समय ऐसे कॉल किया करता था। अब पुलिस इस मामले में आरोपी हुसैनकर पर कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है। साथ ही साथ हुसैनकर के द्वारा VIDEO CALL पर प्रताड़ित की गई अन्य महिलाओं के बारे में भी पता लगाने में जुटी हुई है। 

  • उपभोक्ता फोरम ने लगाया हर्जाना,

    उपभोक्ता फोरम ने लगाया हर्जाना,

    दुर्ग। बैंक ने मशीन से रकम जमा करने का ट्रांजैक्शन फेल होने पर रकम नहीं लौटाई तो परिवादी ने इसकी शिकायत उपभोक्ता फोरम से की. बैंक के इस आचरण को सेवा में निम्नता मानते हुए जिला उपभोक्ता फोरम के सदस्य राजेन्द्र पाध्ये और लता चंद्राकर ने बैंक पर 5198 रूपये का हर्जाना लगाया है।

    वैशाली नगर भिलाई निवासी अरुण कुमार मिश्रा ने अपने एक्सिस बैंक के खाते में रकम जमा करने के लिए बैंक के एटीएम मशीन के द्वारा दिनांक 21.11.2017 को रु.500 के 30 नोट कुल रु.15000 जमा करने का प्रयास किया लेकिन रकम मशीन में डालने पर ट्रांजैक्शन फेल हो गया, ट्रांजैक्शन फेल होने की रसीद भी परिवादी को मशीन से प्राप्त हुई, जिसके बाद परिवादी ने बैंक शाखा में संपर्क किया तो बैंक द्वारा दो-तीन दिन में पैसा मिलने की बात कही गई लेकिन ऐसा नहीं हुआ इसके बाद परिवादी लगातार कई महीनों तक बैंक के चक्कर लगाता रहा इसके बावजूद उसे उसकी राशि रु. 15000 रूपये वापस नहीं मिली।

    बैंक ने प्रकरण में उपस्थित होकर जवाब दिया कि परिवादी के शिकायत की जांच पश्चात उसे आश्वासन दिया गया था एवं बैंक ने अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए परिवादी की राशि उसके खाते में दिनांक 11.10.2018 को जमा कर उसकी सूचना परिवादी को दे दी थी।

    फोरम का फैसला

    दोनों पक्षों के तर्को और दस्तावेजों के आधार पर जिला उपभोक्ता फोरम के सदस्य राजेन्द्र पाध्ये और लता चंद्राकर ने यह पाया कि परिवादी ने अपने खाते में दिनांक 21.11.2017 को मशीन द्वारा रकम जमा करने का प्रयास किया जिसका ट्रांजैक्शन फेल होने पर उसने बैंक से संपर्क किया और जब परिवादी ने जिला उपभोक्ता फोरम में परिवाद प्रस्तुत कर दिया तत्पश्चात प्रकरण के लंबन के दौरान दिनांक 11.10.2018 को बैंक ने परिवादी की रकम लौटाई गई जो कि ट्रांजैक्शन फेल होने के बाद 324 दिन विलंब से लौटाई गई। यदि परिवादी उपभोक्ता फोरम के समक्ष परिवाद प्रस्तुत नहीं करता तो संभवतः बैंक द्वारा परिवादी को उसकी राशि लौटाई ही नहीं जाती. प्रकरण में यह प्रमाणित हुआ कि बैंक ने परिवादी की समस्या के समाधान हेतु तत्परतापूर्वक कार्यवाही नहीं की और 324 दिनों तक परिवादी को भटकाने के बाद उसे उसकी राशि लौटाई जो कि सेवा में निम्नता की पराकाष्ठा है।जिला उपभोक्ता फोरम ने बैंक के इस तर्क को खारिज कर दिया कि बैंक के किसी कर्मचारी की कोई मानवीय भूल नहीं थी अपितु तकनीकी त्रुटि से परिवादी के खाते में रकम जमा नहीं हुई थी. जिला उपभोक्ता फोरम के सदस्य राजेन्द्र पाध्ये और लता चंद्राकर ने माना कि बैंक की शाखा पूर्णतः कंप्यूटराइज्ड है और  तकनीकी त्रुटि होने के बाद जब ग्राहक द्वारा बार-बार बैंक का ध्यानाकर्षण उसकी गलती के लिए कराया गया, तब बैंक की ये जिम्मेदारी बनती थी कि वह गलती संज्ञान में लाने के बाद तत्परतापूर्वक कार्यवाही करें जो कि उसने नहीं किया और 324 दिन का लंबा समय व्यतीत करने के बाद परिवादी को उसकी राशि तब वापस की जब वह फोरम में शिकायत प्रस्तुत कर चुका था.बैंक को सेवा में निम्नता का जिम्मेदार मानते हुए जिला उपभोक्ता फोरम के सदस्य राजेन्द्र पाध्ये और लता चंद्राकर रु. 5198 हर्जाना लगाया, जिसमें विवादित रकम पर 324 दिनों का ब्याज रु. 1198, मानसिक वेदना की क्षतिपूर्ति स्वरूप रु. 3000 तथा वाद व्यय रु. 1000 परिवादी को भुगतान करने का आदेश दिया गया।

  • देखिये पूरी सूची कौन कौन गए दुबई थाईलैंड, और आखिर दुबई और थाईलैंड में ऐसा क्या है कि वहाँ बार-बार जाते हैं छत्तीसगढ़ के IAS ? ऋचा शर्मा तो अकेले 19 बार दुबई गईं, 63 अधिकारियों ने किया 129 बार कई देशों की यात्राएँ…

    देखिये पूरी सूची कौन कौन गए दुबई थाईलैंड, और आखिर दुबई और थाईलैंड में ऐसा क्या है कि वहाँ बार-बार जाते हैं छत्तीसगढ़ के IAS ? ऋचा शर्मा तो अकेले 19 बार दुबई गईं, 63 अधिकारियों ने किया 129 बार कई देशों की यात्राएँ…

    रायपुर। छत्तीसगढ़ के विधानसभा में सत्र के अंतिम दिन विदेश जाने वाले अधिकारियों के आँकड़ों का खुलासा हुआ तो सबकों चौंक गए. यह आँकड़ा इसलिए चौंकाने वाला है क्योंकि छत्तीसगढ़ के 63 आईएएस अधिकारियों ने 4 साल में 129 विदेश यात्राएँ पूरी कर ली. चौंकाने वाली बात तो ये है कि दुबई और थाईलैंड जाने वाले आईएएस अधिकारियों की कमी नहीं है. सर्वाधिक यात्रा तो अकेले ऋचा शर्मा ने की. उसमें उन्होंने 19 बार तो दुबई की यात्रा की. अब समझ परे हैं कि आईएएस अफसर दुबई और थाईलैंड क्यों-क्यों बार जाते रहे है ? आखिर दुबई और थाईलैंड में ऐसा क्या है जो वहाँ पर उनका आना-जाना लगा रहा है ? आईएएस ऋर्चा शर्मा ने एक बार साल में 8 बार दुबई की यात्रा कर ली. ऐसा नहीं कि अधिकारी कभी भी विदेश जा सकते हैं ? उन्हें विदेश यात्रा जाने से पहले विधिवत अनुमति लेनी होती है।

    विधानसभा में जो आंकड़े निकलकर सामने आए हैं. उसमें अधिकारियों ने दुबई और थाईलैंड के अलावा फ्रांस, नीदरलैंड, यूएई, अमेरिका, जापान, कोरिया की भरपूर यात्राएँ की है. ऋचा शर्मा ने 19 बार दुबई तो 5 बार यूएई की यात्रा की है. इस तरह से उन्होंने चार साल में 24 बार विदेश दौरा पूरा किया. ऋचा शर्मा के दुबई दौरे के आंकड़े को देखें तो 2015 में दो बार दुबई, 2016 में आठ बार दुबई, 2017 में 7 बार दुबई एक बार नींदरलैंड, 2018 में 2 बार दुबई, तीन बार यूएई, 2019 में एक बार दुबई और दो बार यूएई।

    मुख्यमंत्री ने लिखित जवाब में बताया है कि 2015-19 के बीच अलग-अलग सालों में 63 आईएएस अफसरों ने 129 बार विदेश दौरा किया। उनमें कई अफसर ने बार-बार विदेश जाने का परमिशन लिया है. 2015 में 19 आईएएस ने 21 बार, 2016 में 14 आईएएस अफसरों ने 23 बार, 2017 में 24 अफसरों ने 31 बार, 2018 में 23 अफसरों ने 29 बार और 2019 में 20 आईएएस ने 25 बार विदेश दौरा किया।

    ऋचा शर्मा के अलावा जिन अधिकारियों ने विदेश दौरे पर जाते रहे हैं उनके नाम इस सूची में देख सकते हैं-