











जांजगीर-चाम्पा। सालों बाद कांग्रेस का शासन आया तो लोगों ने सोचा कि अब कुछ भ्रष्टाचार कम होगा। भाजपा शासन में हालत यह थी कि सरकारी दफ्तर में कोई भी काम बिना रिश्वत नहीं होता था। अब कांग्रेस शासन में हालत यह है कि रिश्वत तो ली ही जा रही है, लेकिन कोई यदि इसकी शिकायत करता है तो उसे जान से मरवा देने तक की दमकी दी जा रही है। ऐसी ही घटना एक पत्रकार के साथ हुई। आप धमकी का आडियो और रिश्वत का वीडियो सुन और देख सकते हैं।जांजगीर-चांपा जिले के बम्हनीडीह विकासखंड में रहने वाले एक पत्रकार ने थाने में इसकी लिखित शिकायत की है। शिकायतकर्ता पत्रकार आजम खान ने शिकायत मे बताया की वह 15 नवम्बर को दोपहर 12 बजे एसडीएम कार्यालय चांपा गया हुआ था। उसे शिकायत मिली थी कि वहां पदस्थ बाबू चेतेश्वर साहू बिना रिश्वत के कोई काम नहीं करता है और रिश्वत न मिलने के कारण काफी समय से उसके रिश्तेदार और दोस्त का फटाका लाईसेंस नहीं दे रहा है।
आजम पीड़ित बनकर बाबू चेतेश्वर के पास गया और फटाका लाईसेंस का कागज मांगा। चेतेश्वर ने दीवाली का खर्च मांगा तो उसने उसे 500 रुपए बतौर रिश्वत दी। दूसरा लाइसेंस मांगने पर बाबू ने फिर रिश्वत की मांग की। यह सब आजम ने अपने फोन में रिकार्ड कर लिया। इसका वीडियो भी खबर के साथ है। जब बाबू को इसकी जानकारी हुई तो उसने आजम को फोन करके धमकी दी कि उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। उसकी पहुंच काफी ऊपर तक है। आजम ने कहा कि वह खबर प्रकाशित करेगा, बाकी क्या होगा यह शासन प्रशासन तय करेगा। इस पर बाबू ने उसे साफ कहा कि उसे कुछ हुआ तो वह उसे गोली से मरवा देगा। इससे आजम और उसके परिवार वाले काफी डरे हुए हैं। उसने बम्हनीडीह थाने में लिखित शिकायत करके अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई है।
वर्जन
एसडीएम चांपा के बाबू चेतेश्वर साहू ने मुझे गोली से उड़वा देने की धमकी दी है। मैं और मेरा परिवार काफी डरे हुए हैं। मैं शासन प्रशासन से मांग करता हूं कि इस मामले की जांच कर ऐसे भ्रष्ट बाबू के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करें, नहीं तो पूरा शासकीय तंत्र भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाएगा। मुझे यदि कुछ हो भी गया तो मुझे लगेगा कि मैं छत्तीसगढ़ की जनता के हक की इस लड़ाई में कुछ तो काम आया।


रायपुर। दिल्ली से सबक लेते हुए छत्तीसगढ़ में दो महीनों तक पटाखे फोड़ने, पराली और लकड़ी जलाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। पर्यावरण संरक्षण मंडल दिल्ली में वायू प्रदूषण से सबक लेते हुए ये फरमान जारी किया है।न्यू ईयर हो या शादी, या फिर कोई जीत का जश्न पर्यावरण ने सख्त चेतावनी के मुताबिक आप पटाखे नहीं जला पाएंगे। इस पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाया गया है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की भी बात कही गई है।
ठंड से बनने वाले प्रदूषण को देखते हुए ये निर्णय लिया गया है। 1 दिसंबर से 31 जनवरी तक ये प्रतिबंध लागू रहेगा। नगरीय निकाय चुनाव जीतने वाले प्रत्याशी भी पटाखे नहीं जला पाएंगे।

रायपुर। आगामी नगरीय निकायों के चुनाव में पार्षद पद के उम्मीदवार ऑनलाइन नाम निर्देशन पत्र भर सकेंगे । ऑनलाइन सॉफ्टवेयर ओनो के माध्यम से नाम निर्देशन पत्र प्राप्त की व्यवस्था स्थापित करने वाले राज्यों में अब छत्तीसगढ़ भी शामिल हो गया हैं ।ऑनलाइन नाम निर्देशन पत्र भरने तथा निर्वाचन से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी देने के लिए आज रायपुर में जिलों के उप जिला निर्वाचन अधिकारियों और मास्टर्स ट्रेनर्स के प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में राज्य निर्वाचन आयुक्त ठाकुर रामसिंह तथा राज्य निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे ।
प्रशिक्षण में राज्य निर्वाचन आयुक्त ठाकुर ने कहा कि इस सॉफ्टवेयर के कारण रिटर्निंग अधिकारी संबंधित उम्मीदवार का नाम निर्देशन पत्र पहले ही ऑनलाइन देखकर प्रारम्भिक जांच कर सकेगा । इससे अंतिम तिथि को अधिक संख्या में आने वाले नाम निर्देशन पत्र के कारण होने वाली कठिनाई से बचा जा सकेगा ।
उन्होंने निर्देश दिए कि नाम निर्देशन पत्र भरने में कोई असुविधा न हो इसके लिए जिले में स्थित लोक सेवा केंद्र , जोन कार्यालय , नगर निगम , नगर पालिका और अन्य सुविधाजनक स्थानों पर कंप्यूटर के साथ डाटा एंट्री ऑपरेटर की व्यवस्था कराने के निर्देश दिये ।
प्रशिक्षण के दौरान नगरपालिका नियमों में हाल ही में हुए संशोधनों की जानकारी देते हुए उनके अनुरूप चुनाव प्रक्रिया संचालित करने की जानकारी दी गयी। प्रशिक्षण के दौरान पार्षद पद के लिये निर्वाचन व्यय सीमा तय होने के कारण अभ्यर्थियों के व्यय लेखा की जांच के लिए निर्वाचक व्यय संपरीक्षक की नियुक्ति और उनके कार्यों के संबंध में भी जानकारी दी ।

बदलती जीवन-शैली ने स्तन कैंसर का खतरा और बढ़ा दिया है। आम तौर पर स्तन कैंसर 45 से 50 साल की उम्र की महिलाओं को होता था, लेकिन अस्वास्थ्यकर जीवन-शैली के चलते आज यह उम्र घटकर लगभग 24 से 33 साल तक हो गई है।
देर से माँ बनना, बच्चे को कम समय तक दूध पिलाना और माहवारी का कम उम्र में ही शुरू होना स्तन कैंसर के कुछ प्रमुख कारण हैं। इसके अलावा रजोनिवृत्ति (मैनोपॉज) देर से होना, मोटापा और हार्मोन से संबंधित दवाएं भी स्तन कैंसर का कारण बन सकती हैं।
20 साल की उम्र से हर महिला को हर महीने माहवारी शुरू होने के 5 से 7 दिनों के बीच किसी दिन खुद ब्रेस्ट की जांच करनी चाहिए। शीशे के सामने खड़े होकर अपने हाथों को धीरे-धीरे स्तनों पर ऊपर से नीचे की तरफ लाएं। कोई गांठ होगी तो महिलाओं को इसका अहसास होगा। 20 से 39 वर्ष की आयु की महिलाएं विशेषज्ञ से परीक्षण प्रत्येक तीन वर्ष में और 40 वर्ष की आयु के बाद हर वर्ष कराएं। डॉक्टर के परामर्श पर 40 वर्ष की आयु के बाद मैमोग्राफी (डिजिटल/ अल्ट्रासोनिक मैमोग्राफी अवश्य कराएं।
इलाज के बारे में :कैंसर का इलाज इस मर्ज की अवस्था के अनुसार सर्जरी, रेडिएशन थेरेपी, कीमोथेरेपी, हार्मोनल थेरेपी और टार्गेटेड थेरेपी से मिलाजुलाकर किया जाता है।
हार्मोनल थेरेपी: कैंसर कोशिकाओं पर कुछ रिसेप्टर्स होते हैं। जैसे ‘ई आर’ और ‘पी आर’, जिसकी जांच बॉयोप्सी के दौरान कर लेनी चाहिए। हार्मोनल थेरेपी इन्हीं रिसेप्टर्स (जिनके कारण कैंसर फैलता है) के विरुद्ध काम करती है।
टार्गेटेड थेरेपी:टार्गेटेड थेरेपी का कीमोथेरेपी की तरह साइड इफेक्ट नहीं होता। यह थेरेपी सिर्फ कैंसर ग्रस्त भाग के समीप वाली स्वस्थ कोशिकाओं या टिश्यूज पर खराब प्रभाव नहीं डालती है।

रायपुर। राजधानी के डेंटल डॉक्टर को रेप केस में फंसाने की धमकी और ब्लैकमेलिंग कर 30 लाख मांगने वाले महिला के आरोप को राज्य उपभोक्ता फोरम ने बेबुनियाद माना है. पैसों के लालच में झूठे आरोप लगाने की बात कही गई है.महिला ने जूठे तथ्यों को लेकर जिला उपभोक्ता फोरम में डेंटल चिकित्सक के ऊपर मामला पंजीबद्ध कराया था. जिस पर आज राज्य उपभोक्ता फोरम ने आदेश पारित करते हुए जिला उपभोक्ता फोरम के मामले को खारिज कर दिया।
महिला द्वारा प्रस्तुत किए गए समस्त तथ्यों को आधारहीन बताया है. महिला द्वारा प्रस्तुत किए गए आवेदन में प्रस्तुत तथ्यों की पुष्टि महिला द्वारा नहीं की जा सकी है.मामले की जाँच में पुलिस ने पाया कि महिला के आरोप झूठे हैं, वह 30 लाख रूपए में डेंटिस्ट को ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रही है. पुलिस ने इसके बाद महिला और उसकी सहयोगी बहन के खिलाफ अपराध दर्ज किया।बता दें कि डॉक्टर अरविंद जैन के क्लीनिक में आरोपी महिला 28 जुलाई 2015 को दात का इलाज कराने आई थी. कई बार क्लिनिक में इलाज हुआ. इस दौरान उन्होंने गलत इलाज करने का आरोप लगाया और पैसे की मांग करने लगी. जब मांग पूरी नहीं की तो झूठे केस में फंसा देते हुए धमकी देकर ब्लैकमेलिंग कर 30 लाख रुपए की मांग की थी. बाद में डॉक्टर के खिलाफ रेप का केस भी दर्ज करा दिया था. जिसके बाद डॉक्टर अरविंद जैन में महिला के खिलाफ 14 अक्टूबर को ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाते हुए राजेंद्र नगर थाने में एफआईआर दर्ज कराया था.

जशपुर जिले के पत्थलगाँव विकासखंड में इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के एक पत्रकार का कैमरा छीनकर जेल भिजवाने की धमकी देने का गम्भीर मामला सामने आया है।पत्थलगाँव के एक पंचायत में स्कूली बच्चों द्वारा मजबूरी में गंदा पानी पीने की खबर पर पत्थल गाँव जनपद सीईओ सीईओ से बाईट लेने गए आईएन एच न्यूज़ चैनल के पत्रकार जितेंद्र सोनी ने सीईओ बीएल सरल की बाईट लेने जैसे ही मोबाईल का कैमरा ऑन किया सीईओ भड़क गए और सीधे पत्रकार के कैमरे पर हमला कर दिया और चपरासी को आवाज लगाने लगे ।
सीईओ का कहना था कि वो बाईट देना नही चाहते क्योंकि समय नही है और बगैर उनकी इजाजत कैमरा ऑन नही करना था लेकिन सवाल स्कूली बच्चों का था इसलिए जशपुर कलेक्टर ने इस मामले को गम्भीरता से लिया है ।कलेक्टर नीलेश क्षीर सागर ने इस मामले में दूरभाष पर चर्चा के दौरान बताया कि मामला गम्भीर है और सीईओ के विरुद्ध पत्रकार सुरक्षा कानून के तहत कार्यवाही की जाएगी।

दिल्ली। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है, मधु कोड़ा झारखंड विधानसभा चुनाव नहीं लड़ पाएंगे, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अभी आपकी अयोग्यता का एक साल बाकी है आप चुनाव नहीं लड़ सकते. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है, लेकिन कोड़ा को अंतरिम राहत देने से मना कर दिया।
कोर्ट ने कहा कि मधु कोड़ा की याचिका के मेरिट पर सुनवाई होगी, बता दें कि चुनाव आयोग के आदेश के खिलाफ मधु कोड़ा ने सप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर विधानसभा चुनाव लड़ने की इजाजत मांगी थी। गौरतलब है कि 2017 में चुनाव आयोग ने उन्हें विधानसभा चुनाव में किए खर्च का ब्यौरा छुपाने के लिए चुनाव लड़ने के अयोग्य करार दिया था।
बता दें मधु कोड़ा अपनी पारंपरिक सीट जगन्नाथपुर विधानसभा से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ना चाहते थे, इसकी तैयारी में मधु कोड़ा और उनकी पत्नी और सांसद गीता कोड़ा पूरे जोर-शोर से जुट भी गई थी, हाल ही में मधू कोड़ा ने कहा था कि उनकी इच्छा है कि वे चुनाव लडें और प्रयास भी कर रहे हैं, केवल कोर्ट का फैसला आने की देरी है।