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  • पूर्व IPS राहुल शर्मा को इंसाफ देने की सीएम से जांच हेतु SIT का गठन करने की मांग, पाटन के पत्रकार का पत्र वायरल..

    पूर्व IPS राहुल शर्मा को इंसाफ देने की सीएम से जांच हेतु SIT का गठन करने की मांग, पाटन के पत्रकार का पत्र वायरल..

    रायपुर। साल 2012 में बिलासपुर एसपी के पद पर पदस्थ राहुल शर्मा ने सर्विस रिवाल्वर से खुद के सिर में गोली मार ली थी. जिससे उनकी मौत हो गई थी।

    मामला सामने आने के बाद पूरे देश में जमकर हंगामा हुआ था. तब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल विपक्ष में थे. उन्होंने भी राहुल शर्मा के लिए इंसाफ की मांग की थी. हालांकि सत्ता में आने के बाद उन्होंने इस मसले पर कुछ नहीं बोला।

    पाटन के पत्रकार नारायण लाल शर्मा का एक पत्र वायरल हो रहा है जिसमें पाठक ने बिलासपुर के पूर्व एसपी राहुल शर्मा की जांच के लिए एसआईटी के गठन की मांग की थी।

    हालांकि ये पत्र दिसंबर 2019 को लिखा गया था. एक्टर सुशांत शर्मा की आत्महत्या के बाद एक बार फिर से इस पत्र का हवाला देकर राहुल शर्मा के इंसाफ की मांग की जाने लगी है।

    दिल्ली के कई पत्रकारों ने भी राहुल शर्मा की मौत की जांच की फाइल फिर से खोलने की मांग की है।

    पत्र में राहुल शर्मा के परिजनों, सुरक्षा गार्डों, कुक, ड्राइवर और पुलिस विभाग के जांच अधिकारियों के नार्को टेस्ट की मांग की गई है।

    पाटन के इस पत्रकार  के पत्र के वायरल होने के बाद दिल्ली और देश के कई पत्रकारों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मांग की थी कि वे इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन करें. लेकिन बघेल सरकार ने इस पर कोई फैसला नहीं लिया है।

    इस मामले रमन सिंह सरकार ने सीबीआई जांच कराई. सीबीआई ने जांच के बाद क्लोज़र रिपोर्ट लगा दी थी. सीबीआई ने इस रिपोर्ट में कहा था कि राहुल शर्मा ने उकसावे में आकर आत्महत्या की हो, इस बात का कोई सबूत नहीं मिलता कि किसी उकसावे में आकर उन्होंने आत्महत्या की हो. हालांकि सीबीआई ने माना था कि तात्कालीन आईजी जीपी सिंह अतिक्रमण करके एसपी राहुल शर्मा के अधिकार क्षेत्र को कमतर कर रहे थे।

    मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में आरोप लगाया गया है कि राहुल शर्मा ने अपने सुसाइड नोट में अपने तात्कालीन वरिष्ठ अधिकारी जीपी सिंह पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था. पत्र के मुताबिक सीबीआई के अधिकारियों ने जीपी सिंह के खिलाफ विभागीय जांच की अनुशंसा की थी।

  • मोदी सरकार समिति ने शुरु की IPC और CRPC में तब्दीली की कवायद.. माँगे सुझाव, 9 अक्टूबर अंतिम तिथि…

    मोदी सरकार समिति ने शुरु की IPC और CRPC में तब्दीली की कवायद.. माँगे सुझाव, 9 अक्टूबर अंतिम तिथि…

    रायपुर। मोदी सरकार ने देश में चल रहे आईपीसी और सीआरपीसी में व्यापक परिवर्तन की ओर अहम कदम बढ़ा दिया है। देश में जो IPC और CRPC है जिससे कि पुलिस व्यवस्था संचालित होती है उनके आधार में ब्रिटिश इंडिया ही नही बल्कि कंपनी इंडिया समय है। विधि छात्र मानते हैं कि कई क़ानून या तो अब अर्थ खो चुके हैं या कि उनका उपयोग अप्रासंगिक माना जाता है।
    राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय दिल्ली की समिति केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर IPC और CRPC में आवश्यक परिवर्तन पर काम कर रही है। इस समिति ने विधि विशेषज्ञों, इस क्षेत्र में काम करने वाली संस्थाओं तथा उनसे राय आमंत्रित की है जिनकी संबंधतता इस क्षेत्र से है।
    इस रायशुमारी और सलाह सुझाव को तीन भागों में बाँटा गया है पहला है IPC दूसरा CRPC और तीसरा है साक्ष्य अधिनियम। प्रत्येक को दो दो खंडों में बाँटा गया है। यह प्रक्रिया 9 अक्टूबर तक जारी रहेगी।
    केंद्रीय गृह मंत्रालय के प्रवक्ता के अधिकृत ट्विटर हैंडल से विस्तृत जानकारी देते हुए इस संबंध में बताया गया है कि criminallawreforms.in/expert-consultation में जाकर सलाह दे सकते हैं।
    जिस विधि से यह तय होता है कि किस अपराध के लिए क्या धारा और उसकी क्या सजा होगी वह IPC कहलाती है, और जिस प्रक्रिया का पालन करते हुए इस विधि की स्थापना होती है उसे CRPC कहा जाता है।

  • मीडिया कर्मी पर जानलेवा हमला करने वाला आरोपी गिरफ्तार, साथ में नाबालिग अपचारी दोस्त भी…

    मीडिया कर्मी पर जानलेवा हमला करने वाला आरोपी गिरफ्तार, साथ में नाबालिग अपचारी दोस्त भी…

    रायपुर। राजधानी रायपुर में 2 अगस्त की रात मीडिया कर्मी के ऊपर जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने एक नाबालिग सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, साथ ही पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात को अंजाम देने के लिए प्रयुक्त किया गया चाकू और मोटरसाइकिल बरामद कर लिया है।

    गिरफ्तार किये गए आरोपी का नाम बबलू खान है, जो कि मौदहापारा का निवासी है, घटना 2 अगस्त रात की है, एक अखबार में प्रोडक्शन मैनेजर के पद पर कार्यरत अश्वनी मिश्रा प्रेस कार्यालय से बाहर निकलकर अपने घर मोबाइल से बात कर रहे थे, उसी दौरान तीन युवक मोटर साइकिल से पहुंचे, जिनमें से एक युवक उनके पास पहुंचा और राजा तालाब का रास्ता पूछा, अश्वनी मिश्रा ने उन्हें रास्ता बताया, युवक द्वारा उनसे पुनः सरल रास्ता बताने के लिए कहा, फिर उन्होंने उसे रास्ता बताया और उसे जाने के लिए कहा, लेकिन वह उनके साथ गाली गलौच करने लगा और चाकू निकालकर उनके ऊपर जानलेवा हमला कर दिया, अश्वनी मिश्रा के द्वारा शोर मचाने पर प्रेस के अन्य कर्मचारियों को आता देख आरोपी वहां से फरार हो गए, घटना के बाद उन्हें इलाज के लिए मेकाहारा ले जाया गया |

    मामले में गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने एसएसपी को आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिये थे, जिसके बाद एक्शन में आई पुलिस को आरोपी बब्लू खान की जानकारी मिली, आरोपी से पूछताछ में उसने अपना जुर्म कुबूल कर लिया, आरोपी ने बताया कि मोबाइल लूटने के फिराक में उन्होंने मीडिया कर्मी के ऊपर हमला किया था लेकिन शोर मचाने की वजह से वहां लोग पहुंच गए जिसकी वजह से उन्हें भागना पड़ा, मामले में पुलिस ने आरोपी बब्लू खान और उसके अपचारी दोस्त को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ  धारा 294, 307, 324, 34 भादवि. के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है |

  • बिहार सरकार ने केंद्र से की सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले में CBI जांच की सिफारिश…

    बिहार सरकार ने केंद्र से की सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले में CBI जांच की सिफारिश…

    पटना। बिहार सरकार ने अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच की सिफारिश कर दी है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सीबीआई जांच की सिफारिश केंद्र से की है. सुशांत के पिता केके सिंह ने मंगलवार को ही सीएम नीतीश कुमार से बात करके सीबीआई जांच की मांग की थी।

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि मेरी बात सुशांत सिंह राजपूत के पिता से हुई. उन्होंने सीबीआई जांच की मांग की है. उनकी मांग के आधार पर बिहार सरकार सीबीआई जांच की सिफारिश करेगी. आज शाम तक सभी कार्रवाई की जाएगी. इससे पहले नीतीश कुमार ने कहा था कि सुशांत सिंह राजपूत के पिता के के सिंह अगर सीबीआई जांच की मांग करते हैं तो केस CBI को दिया जा सकता है।

    बता दें कि सुशांत की मौत के बाद पिता ने पटना में मुकदमा दर्ज कराया था. इसके बाद बिहार पुलिस की एसआईटी मुंबई गई. मुंबई पहुंचने के बाद पटना सिटी एसपी को बीएमसी ने क्वारंटाइन कर दिया. इस घटना पर बिहार पुलिस ने मुंबई पुलिस पर सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया है।

    इस आरोप पर मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने कहा था कि ये उनका अधिकार क्षेत्र है. हमसे केस के लिए डॉक्यूमेंट्स मांगे है. हमने उनसे कहा कि यह हमारा अधिकार क्षेत्र है. कमिश्नर ने आगे कहा कि उन्हें यह साझा करना चाहिए कि कैसे वे हमारे अधिकार क्षेत्र में आ गए. हम इसकी जांच के लिए कानूनी राय ले रहे हैं।

  • 2013 बैच की महिला IAS ने थाने में दर्ज कराई एफआइआर, पति पर लगाए गंभीर आरोप…

    2013 बैच की महिला IAS ने थाने में दर्ज कराई एफआइआर, पति पर लगाए गंभीर आरोप…

     

    वर्ष 2013 बैच की आईएएस अधिकारी शैलजा शर्मा(37) ने अपने पति पर घर में घुसकर उसके और उसके पिता का गला घोंटने का आरोप लगाया है. उन्होंने मुजफ्फरनगर में अपने पति राजीव नयन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है. राजीव हरियाणा सरकार के वरिष्ठ अधिकारी हैं. शिकायत के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है. शैलजा वर्तमान में सड़क निर्माण विभाग में संयुक्त सचिव के रूप में बिहार में तैनात हैं।

    नई मंडी पुलिस स्टेशन में शैलजा द्वारा दायर शिकायत के बाद हरियाणा के अधिकारी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 307, 452, 352, 504, 506 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की 66इ के तहत मामला दर्ज किया गया है।

    पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) धनंजय कुशवाहा ने मीडिया से बातचीत में कहा है कि आरोपी हरियाणा सरकार के श्रम विभाग में एक क्षेत्रीय उपायुक्त है और गुरुग्राम में तैनात है. उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. आगे की जांच जारी है और उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

    मुजफ्फरनगर पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में शैलजा ने कहा, मैं 31 जुलाई को मुजफ्फरनगर में अपने घर आई थी. 1 अगस्त को मेरे पति राजीव नयन ने दरवाजा खोला और गलत इरादे से घर में घुस गए. उन्होंने हमारे साथ दुर्व्यवहार किया. जब मेरे पिता ने उसे रोकने की कोशिश की, तो उसने हम पर हमला किया और मेरा गला घोंटने की कोशिश की।

    शैलजा ने यह भी आरोप लगाया कि उनके पति का किसी अन्य महिला के साथ अवैध संबंध है और वह उन्हें और उनकी बेटी को परेशान कर रहा था।

    नई मंडी पुलिस स्टेशन में शैलजा द्वारा दायर शिकायत के बाद हरियाणा के अधिकारी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 307, 452, 352, 504, 506 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की 66इ के तहत मामला दर्ज किया गया है।

  • लाकडाउन में चावल घोटाले के आरोप में रतनपुर नगर पालिका अध्यक्ष घनश्याम रात्रे गिरफ्तार….

    लाकडाउन में चावल घोटाले के आरोप में रतनपुर नगर पालिका अध्यक्ष घनश्याम रात्रे गिरफ्तार….

    बिलासपुर। रतनपुर नगर पालिका अध्यक्ष घनश्याम रात्रे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि घनश्याम रात्रे ने लाकडाउन के दौरान अत्यावश्यक सेवाओं में शामिल चावल वितरण मामले में जांच के दौरान दोषी पाया गया है। घनश्याम रात्रे को तालापारा से सिविल लाइन पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

                      बताते चलें कि लाकडाउन प्रथम के दौरान शासन के निर्देश पर गरीबों के बीच चावल वितरण का आदेेश दिया गया था। रतनपुर नगर पालिका अध्यक्ष घनश्याम रात्रे ने पार्षद निधि  से चावल खरीदा। इसी दौरान सूचना पर जिला कांग्रेस इकाई अध्यक्ष विजय केशरवानी ने साथियों और पार्षदों के साथ घनश्याम रात्रे के कार्यालय और वाशरूम से 72 बोरी पीडीएस चावल जब्त किया। बोरी में पीडीएस चावल पाया गया। बोरी पर आनन्द राइस मिल और लाट नम्बर 3223 दर्ज पाया गया। इसके बाद खाद विभाग ने जांच पड़ताल कर रिपोर्ट एसडीएम कोटा को दिया।

                  भाजपा नेताओ के लगातार दबाव के बीच कांग्रेिसयों ने मामले की शिकायत पुलिस प्रशासन से की। कांग्रेस  नेताओं के साथ रतनपुर नगर पालिका के भाजपा पार्षदों ने कलेक्टर से मामले में अलग से जांच की मांग की। इसके बाद आईजी से भी मिलकर मामले को गंभीरता से लेने का निवेदन किया। इसके पहले कलेक्टर की जांच रिपोर्ट के आधार पर घनश्याम रात्रे के खिलाफ रतनपुर थाना में अत्यावश्यक सेवा वस्तुओं में शामिल पीडीएस चावल की कालाबाजारी करने समेत 420 के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया। 

                      अपराध दर्ज होने के बाद भाजपा नेता अमर अग्रवाल, विधानसभा नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, प्रदेश भाजपा प्रवक्ता और हर्षिता पाण्डेय समेत विधायक रजनीश सिंह ने आईजी से मुलाकात कर घनश्याम के खिलाफ रतनपुर में दर्ज अपराध को लेकर नाराजगी जाहिर की। भाजपा नेताओं ने आईजी से समूचे मामले में कांग्रेस की साजिश बताया। साथ ही पुलिस जांच की मांग भी की।

                  सूत्रों के अनुसार पुलिस जांच में पाया गया कि नगर पालिका अध्यक्ष ने फर्जी बिल बनाकर पीडीएस चावल वितरण में घोटाले से बचने का प्रयास किया है। चावल आनन्द राइस मिल कोटा से उठाया गया है। बोरी पर राइस मिल का लाट नम्बर 3223 सही पाया गया है। दान का चावल होने का तर्क भी गलत है। चावल पीडीएस का होना भी साबित पाया गया है। जांच पूरी होने और रिपोर्ट मिलने के बाद पुलिस कप्तान ने घनश्याम रात्रे को गिरफ्तार करने का आदेश दिया।

    जांच में शिकायत को सही पाया गया

                        पुलिस कप्तान प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि पुलिस के आलाधिकारियों ने घनश्याम रात्रे के खिलाफ लगाए गए आरोपो की जांच की है। घनश्याम रात्रे ने अत्यावश्यक सेवाओं में शामिल चावल की कालाबाजारी की है। साथ ही रात्रे के खिलाफ दर्ज 420 का भी अपराध सही है। आज पुलिस ने घनश्याम रात्रे को गिरफ्तार कर लिया है।

  • छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट जज के पुत्र की हुई मौत, ट्रेलर ने मारी टक्कर…

    छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट जज के पुत्र की हुई मौत, ट्रेलर ने मारी टक्कर…

    राजनांदगांव। नेशनल हाईवे पर बर्फानी आश्रम के पास एक बड़ा सड़क हादसा हो गया । जिसमें छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के जज गौतम चौरडिया के पुत्र प्रियांश चौरडिया की मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।



    मिली जानकारी के अनुसार प्रियांश चौरडिया अपनी कार सीजी 07 ए आर 1300 में पेट्रोल डालने के लिए कामठी लाइन स्थित अपने निवास से निकला था। बर्फानी आश्रम के पास पहुंचा ही था कि ट्रेलर से उनकी गाड़ी की जबरदस्त टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी, कि गाड़ी के सामने के परखच्चे ही उड़ गए । प्रियांश को जैसे- तैसे गाड़ी से बाहर निकाला गया और उन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल बसंतपुर ले जाया गया । जहां उसे डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

  • फिर एक ऑनलाइन ठगी का शिकार हुए रिटायर्ड कर्मचारी, दुर्ग साइबर सेल ने किया ये…

    फिर एक ऑनलाइन ठगी का शिकार हुए रिटायर्ड कर्मचारी, दुर्ग साइबर सेल ने किया ये…

    रायपुर। भिलाई के सेक्टर-1 में रहने वाले महेंद्र कुमार वाघेला करीब दो महीने पहले ही भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) से रिटायर्ड हुए. रिटायरमेंट के बाद उनके खाते में पूरी जिंदगी की गाढ़ी कमाई के पैसे आए. लेकिन एक झंटके में उनके खाते से 8 बार 9999 रुपए के ट्राजेक्शन होने से वे ठगी का शिकार हो गए।

    परेशान रिटायर्ड कर्मी दुर्ग के साइबर सेल मदद मांगने पहुंचे. वहां उन्होंने अपनी पीड़ा बताई. बिना देरी किए दुर्ग एसपी प्रशांत ठाकुर के नेतृत्व में काम कर रहे दुर्ग साइबर सेल प्रभारी गौरव तिवारी ने उनकी मदद की और साइबर सेल के स्टॉफ को ट्रांजेक्शन हुए पेमेंट को रुकवाने के लिए ऑफिशियली कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
    दुर्ग साइबर सेल से ही जिस वॉलेट में पैसे जमा हुए थे उसके नोडल अफसर को वाट्सअप, टेलीग्राम और ई-मेल के माध्यम से संपर्क किया गया और प्रार्थी के बैंक खाते से कटे पैसे को अनाधिकृत ट्रांजेक्शन बताया गया.
    महज 4 दिनों के अंदर दुर्ग साइबर सेल की मेहनत रंग लाई और सोमवार रात को खाते से निकले पैसे पुनः जमा हुए. लेकिन प्रार्थी को यह यकीन नहीं हुआ कि उसके पैसे खाते में लौट आए है. प्रार्थी ने पैसे जमा होने का मैसेज पुनः अपने परिजनों को भेजा. जिसके बाद सभी ने उन्हें ये कहा कि एक बार पैसे बैंक से कट जाए तो कभी जमा ही नहीं होते.
    संभवतः वह मैसेज फेक हो. लेकिन अगले ही दिन यानी 4 अगस्त (आज) प्रार्थी बैंक पहुंचा और खाते की जांच की तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं था, क्योंकि उसके खाते से निकले पैसे पुनः बैंक में जमा हो गए थे।

    दुर्ग साइबर सेल के इंस्पेक्टर गौरव तिवारी ने ऐसी किसी भी ठगी का शिकार होने वाले लोगों से अपील की है कि वे जैसे ही किसी ठगी का शिकार हो, बिना देरी किए अपने जिले के साइबर सेल जाकर शिकायत दर्ज कराएं.
    जिससे पुलिस जल्द कार्रवाई पूरी कर सके. उन्होंने कहा कि पेमेंट यदि प्रार्थी के बैंक खाते से अनाधिकृत तरीके से निकलने के बाद आरोपी के वॉलेट में जमा पूरी तरीके से नहीं होता है तो इस बात की उम्मीद रहती है कि पैसे वापस आ जाएं।

  • 161 फीट ऊंचे राम मंदिर के प्रस्तावित मॉडल की तस्वीरें जारी, अयोध्या के हर कोने से दिखेगा शिखर

    161 फीट ऊंचे राम मंदिर के प्रस्तावित मॉडल की तस्वीरें जारी, अयोध्या के हर कोने से दिखेगा शिखर

    राम मंदिर 70 एकड़ में बनेगा, तीन एकड़ में मंदिर और कॉरिडोर होगा
     67 एकड़ भूमि में म्यूजियम, सीता, लक्ष्मण, भरत और भगवान गणेश के मंदिर बनेंगे
     श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 1989 में राम मंदिर का मॉडल बनाया गया था।


    अयोध्या। अयोध्या में कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भगवान राम के मंदिर का भूमि पूजन करेंगे। इससे पहले मंगलवार को राम मंदिर के मॉडल की तस्वीरें सामने आई हैं। 161 फीट ऊंचे राम मंदिर में पांच मंडप और एक मुख्य शिखर है। दावा है कि अयोध्या के हर कोने से यह मंदिर दिखेगा। साल 1989 में राम मंदिर का मॉडल बनाया गया था। जिसमें श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बदलाव किया है। यह मंदिर साढ़े तीन साल में बनकर तैयार होगा।

    राममंदिर का नक्शा तैयार करने वाले चीफ आर्किटेक्ट सोमपुरा के बेटे निखिल सोमपुरा ने बताया कि मंदिर के पास 67 एकड़ जमीन होगी। लेकिन, मंदिर 2 एकड़ में ही बनेगा। बाकी 65 एकड़ की जमीन पर मंदिर परिसर का विस्तार किया जाएगा।
    राम मंदिर के लिए 12 से 14 फीट ऊंचाई का प्लेटफार्म बनाया जाएगा।
    एक अनुमान के मुताबिक, मंदिर में एक दिन में एक लाख राम भक्त पहुंच सकेंगे। इसी को ध्यान में रखकर मंदिर के मॉडल में बदलाव किया गया है। यह मंदिर नागर शैली में बनेगा। इसमें सीमेंट या सरिया का इस्तेमाल नहीं होगा।



    पहले मंदिर में दो गुबंद बनने थे। मूल मॉडल में बिना परिवर्तन किए इन्हें पांच कर दिया है। गर्भगृह से 200 फीट नीचे की मिट्टी का परीक्षण किया गया था। जिस जगह मिट्टी मंदिर का भार (वजन) सहने में कमजोर मिलेगी, उसके आगे तक मंदिर के आधार का प्लेटफार्म बढ़ाया जाएगा।
     
    मंदिर में सिंहद्वार, रंग मंडप, नृत्य मंडल, पूजा कक्ष और गर्भगृह के ऊपर पांचों गुंबद बनेंगे। शिलापूजन के बाद मशीनें लगाकर नींव खुदाई का काम शुरू हो जाएगा। मंदिर के फर्श में संगमरमर लगाया जाएगा। यह मंदिर लगभग 318 पिलर पर खड़ा होगा।
    यह एक मंडप का दृश्य है। नक्काशी नुमा खंभों पर मंडप को बनाया जाएगा।

    पूरे मंदिर के निर्माण में करीब 1.75 लाख घन फुट पत्थर की जरूरत बताई गई थी। कारसेवकपुरम् में मंदिर के लिए पत्थर तराशे गए हैं, जिनसे एक मंजिला भवन तैयार हो जाएगा। बाकी दो मंजिला भवन के लिए पत्थर तराशे जाएंगे। मंदिर के नींव के प्लेटफार्म को तैयार करने में तीन-चार महीने लग सकते हैं।
     
    यह नागर शैली में बना अष्टकोणीय मंदिर होगा। इसमें भगवान राम की मूर्ति और राम दरबार होगा। मुख्य मंदिर के आगे-पीछे सीता, लक्ष्मण, भरत और भगवान गणेश के मंदिर होंगे।



    मंदिर निर्माण के लिए राम जन्मभूमि न्यास और विश्व हिन्दू परिषद की ओर से पत्थरों को मंगाने और तराशने का काम सितंबर 1990 में शुरू किया गया था।
     
    70 एकड़ भूमि में तीन एकड़ में मंदिर और कॉरिडोर बनेगा। इसके अलावा 67 एकड़ भूमि में कई म्यूजियम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत और भगवान गणेश के मंदिर बनेंगे। पूरा परिसर हरा-भरा होगा।

  • UPSC में लहराया छत्तीसगढ़ का परचम, 5 छात्र छात्राओं ने बनाई अपनी जगह, सीएम भूपेश ने दी बधाई…

    UPSC में लहराया छत्तीसगढ़ का परचम, 5 छात्र छात्राओं ने बनाई अपनी जगह, सीएम भूपेश ने दी बधाई…

    रायपुर। आज संघ लोक सेवा आयोग ने (UPSC) सिविल सर्विस परीक्षा-2019 का रिजल्ट जारी किया है. छत्तीसगढ़ से भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के लिए 5 छात्र-छात्राओं का चयन हुआ है. जिसमें सिमी करण ने 31वां रैंक, उमेश प्रसाद गुप्ता ने 162वां रैंक, सूथान ने 209वां रैंक, आयुष खरे ने 267वां रैंक और योगेश कुमार पटेल ने 434वां रैंक हासिल किया है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सभी को और उनके परिजनों को बधाई दी है।

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि आप सभी ने अपने परिवार के साथ-साथ देश भर में प्रदेश का नाम रौशन किया है. यह सब आपकी मेहनत, लगन और आपके गुरुजनों के मार्गदर्शन का परिणाम है. देश सेवा के लिए अपनी नवीन जिम्मेदारी को आप सब कुशलता से निभाएँगे. इस विश्वास के साथ सीएम ने सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।