Blog

  • कांग्रेस ने जारी की तीन सौ से अधिक ब्लाक अध्यक्षों की सूची…

    कांग्रेस ने जारी की तीन सौ से अधिक ब्लाक अध्यक्षों की सूची…

    रायपुर। प्रदेश कांग्रेस ने तीन सौ से अधिक ब्लाक अध्यक्षों की सूची जारी कर दिया है। बताया गया कि प्रदेश प्रभारी पी एल पुनिया की अनुमति के बाद सूची जारी कर दी गई है।

  • सुप्रीम कोर्ट के 2020 के वो अहम फैसले जिससे बदली हमारी दुनिया…

    सुप्रीम कोर्ट के 2020 के वो अहम फैसले जिससे बदली हमारी दुनिया…

    निर्भया के दोषियों की अर्जी खारिज..फांसी पर लटकाया गया

    फांसी से बचने के लिए आखिरी वक्त तक निर्भया के गुनाहगारों ने प्रयास किया। सुप्रीम कोर्ट ने गुनाहगार पवन की याचिका 20 मार्च को तड़के साढ़े तीन बजे खारिज की और सुबह साढ़े पांच बजे चारों मुजरिमों को फांसी के तख्त पर चढ़ा दिया गया। मुजरिमों ने गुरुवार को लगातार पटियाला हाउस कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक अलग-अलग अर्जियां दाखिल की और एक-एक कर तमाम अर्जियां खारिज होती गई। देखा जाए तो आखिरी सांस तक निर्भया के गुनाहगारों ने तमाम तिकड़म और कानूनी दांव पेंच का सहारा लिया लेकिन फिर भी वह अपने आखिरी अंजाम तक पहुंच गए।

    महिलाओं को परमानेंट कमीशन

    17 फरवरी को दिए महत्वपूर्ण फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने आर्म्ड फोर्स में महिलाओं के साथ भेदभाव को खत्म कर दिया। और कहा है कि सभी महिला ऑफिसरों को परमानेंट कमिशन मिलेगा और उनके लिए कमांड पोजिशन का रास्ता भी साफ कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली बेंच ने केंद्र सरकार से कहा था कि वह महिला ऑफिसरों को तीन महीने के भीतर परमानेंट कमिशन प्रदान करें। जस्टिस चंद्रचूड़ की बेंच ने कहा कि महिलाओं ने अतीत में तमाम बहादुरी के कारनामे किए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने लिंग समानता के मामले में मील का पत्थर साबित करने वाले फैसले में कहा है कि सरकार को मामले में अपनी विचारधारा और माइंडसेट बदलने की जरूरत है।

    सुशांत केस में सीबीआई जांच पर मुहर

    सुशांत सिंह राजपूत केस में सुप्रीम कोर्ट ने 19 अगस्त को अपना फैसला दिया कि मामले में सीबीआई जांच हो और कहा है कि महाराष्ट्र सरकार सीबीआी को सहयोग करे। महाराष्ट्र सरकार तमाम जांच संबंधित दस्तावेज में मदद करे। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई से कहा है कि वह भविष्य में सुशांत केस से संबंधित मामले को अपने हाथों में ले। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सीबीआई न सिर्फ पटना के एफआईआर मामले की जांच के लिए सक्षम है बल्कि आगे भी कोई केस दर्ज होता है इस मामले में तो वह सीबीआई देखेगी।

    कोरोना काल में विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सुनवाई का आदेश

    6 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि देश भर की अदालतों में विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सुनवाई किया जाए। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने देश भर के हाई कोर्ट से कहा है कि वह इसके लिए उपाय करें ताकि विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये सुनवाई सुनिश्चित हो सके। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कोरोना के कारण कोर्ट में भीड से बचना होगा ताकि महामारी न फैले।

    देश भर के थानों में सीसीटीवी लगाए जाएं

    2 दिसंबर 2020 देश भर के थानों में सीसीटीवी लगाने का सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने देश भर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि सही भावना से कोर्ट के आदेश को लागू कराया जाए। थाने का एसएचओ तमाम डाटा और सीसीटीवी के रखरखाव के लिए जिम्मेदार होगा और एसएचओ इस बात को सुनिश्चित करेगा कि सीसीटीवी वर्किंग कंडिशन में रहे। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि वह सीबीआई, ईडी, एनआईए, एनसीबी, डीआरआई, सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन आदि के दफ्तर में भी सीसीटीवी लगाए जाएं।

    प्रशांत भूषण अवमानना के दोषी करार

    14 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने जानेमाने एडवोकेट प्रशांत भूषण को कंटेप्ट ऑफ कोर्ट में दोषी करार दिया है। भूषण ने दो टि्वट में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। वहीं 31 अगस्त को भूषण को कंटेप्ट ऑफ कोर्ट मामले में सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत भूषण पर एक रुपये का जुर्माना लगाया और कहा है कि अगर वह जुर्माने की रकम जमा नहीं करते तो उन्हें तीन महीने की जेल होगी और प्रैक्टिस पर तीन साल के लिए बैन लग जाएगा।

    बेटे के बराबर बेटी को अधिकार

    11 अगस्त को दिए सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक अहम फैसले में कहा है कि बेटी को अपने पैतृक संपत्ति में बेटे के बराबर का अधिकार है और हिंदू उत्तराधिकार (संशोधन) अधिनियम 2005 के वक्त चाहे बेटी के पिता जिंदा रहे हों या नहीं बेटी को हिंदू अनडिवाइडेड फैमिली (एचयूएफ) में बेटे के बराबर संपत्ति में अधिकार मिलेगा। बेटी को पैदा होते ही जीवनभर बेटे के बराबर का अधिकार मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अरुण मिश्रा की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि हिंदू उत्तराधिकार संशोधन अधिनियम 2005 की धारा-6 के तहत प्रावधान है कि बेटी पैदा होते ही कोपार्सनर (हम वारिस या सहदायिकी) हो जाती है। हिंदू उत्तराधिकार संशोधन अधिनियम 2005 के बाद बेटी पैदा हुई हो या पहले पैदा हुई हो उसका बेटे के बराबर हिंदू अनडिवाइडेड फैमिली (एचयूएफ) के संपत्ति में अधिकार होगा।

    बहू को ससुराल में रहने का अधिकार

    15 अक्टूबर 2020 को दिए अहम फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि संपत्ति मालिक अगर डोमेस्टिक रिलेशनशिप में हो तो बहू को संपत्ति में रहने का अधिकार है। यानी सास-ससुर अगर डोमेस्टिक रिलेशनशिप में हैं तो बहू शेयर्ड हाउस होल्ड प्रॉपर्टी में रह सकती है। सुप्रीम कोर्ट के एक अहम फैसले में बहू को ससुराल में रहने का अधिकार दिया गया। दरअसल डोमेस्टिक वायलेंस एक्ट के तहत दिए गए प्रावधान की सुप्रीम कोर्ट ने व्याख्या की है और कहा कि डोमेस्टिक रिलेशन में बहू अगर रह चुकी है या रह रही है तो उसे डीवी एक्ट के तहत वहां रहने का अधिकार है।

    राइट टु हेल्थ मौलिक अधिकार

    18 दिसंबर को दिए अपने महत्वपूर्ण आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राइट टु हेल्थ मौलिक अधिकार है और संविधान के अनुच्छेद-21 इसकी गारंटी करता है। सरकार की जिम्मेदारी है कि वह लोगों के सस्ते इलाज की व्यवस्था करे। अपने अहम फैसले में कहा है कि राइट टु हेल्थ मौलिक अधिकार है और संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत जो जीवन का अधिकार है उसी में राइट टु हेल्थ शामिल है। इसके तहत सस्ते इलाज की व्यस्था होनी चाहिए। राइट टु हेल्थ में इलाज आम लोगों के जेब के दायरे में होना चाहिए। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी है कि वह आम लोगों के लिए सस्ते इलाज की व्यवस्था करे। राज्य की ये भी जिम्मेदारी है कि सरकार और स्थानीय एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा चलाए जाने वाले अस्पतालों की संख्या ज्यादा से ज्यादा बनाई जाए और इसकी व्यवस्था की जाए।

    लोगों की लिबर्टी सर्वोपरि

    27 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि क्रिमिनल केस में निष्पक्ष जांच जरूरी है लेकिन अदालतों को सुनिश्चित करना होगा कि किसी नागरिक को प्रताड़ित करने के लिए क्रिमिनल लॉ का इस्तेमाल हथियार के तौर पर न हो। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि मानवीय लिबर्टी बहुमूल्य संंवैधानिक अधिकार है। हाई कोर्ट को असीम अधिकार मिले हुए हैं ताकि लोगों के संवैधानिक मूल्यों और स्वच्छंदता (लिबर्टी) संरक्षित रहे। मानवीय लिबर्टी महत्वपूर्ण और बहुमूल्य अधिकार है। इसमें संदेह नहीं है कि ये कानून के दायरे में है। आजादी के बाद संसद ने हाई कोर्ट के असीम अधिकार को मान्यता दे रखी है ताकि लोगों के संवैधानिक मूल्य और लिबर्टी संरक्षित रहे। संवैधानिक तानेबाने के जरिये लिबर्टी का रिट मिला हुआ है।

  • अभियुक्त को जमानत देना जज को पड़ा महंगा,हाईकोर्ट ने किया सस्पेंड…

    अभियुक्त को जमानत देना जज को पड़ा महंगा,हाईकोर्ट ने किया सस्पेंड…

    बिहार। एक अभियुक्त को जमानत देना बिहार के एक जज को महंगा पड़ गया। विवादस्पद रुप से जमानत देने के इस मामले में पटना हाइकोर्ट ने मोतिहारी के सीजेएम पर एक्शन लिया है,वहीं बगैर अनुमति उन्हें मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे का भी आदेश दिया गया है।
    मोतिहारी के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) सुधीर कुमार सिन्हा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पटना हाइकोर्ट प्रशासन द्वारा जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक सीजेएम श्री सिन्हा के विरुद्ध यह कार्रवाई बिहार ज्यूडिशियल सर्विस (क्लासिफिकेशन, कंट्रोल और अपील) रूल्स, 2020 के रूल 6 के सब – रूल में दी गयी अधिकारों का प्रयोग करते हुए न्यायालय द्वारा की गयी है।


    आदेश में कहा गया है कि इस आदेश के प्रभाव में रहने तक सिन्हा बगैर पूर्व अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे।निलंबन की अवधि के दौरान वे बिहार सर्विस कोड के रूल 96 के तहत सब्सस्टिेंस अलाउंस यानी जीवन निर्वाह भत्ता लेने के हकदार होंगे।
    सीजेएम,मोतिहारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई अभी लंबित है।हाईकोर्ट की कमेटी इस बात की भी अब जांच करेगी कि अभियुक्त को जमानत देना कहां तक न्यायोचित था।

  • राजधानी में जनवरी से कार चालकों के लिए सीट बेल्ट और दोपहिया चालकों के लिए हेलमेट अनिवार्य होगा….

    राजधानी में जनवरी से कार चालकों के लिए सीट बेल्ट और दोपहिया चालकों के लिए हेलमेट अनिवार्य होगा….

    मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने सड़क सुरक्षा समिति की बैठक ली इसमें सभी विभागों की जिम्मेदारियां तय की गई। इस बैठक के तत्काल बाद पुलिस अधिकारियों ने मंत्रालय की पार्किंग में सभी ड्राइवरों को इस फैसले की जानकारी दी 10 दिन बाद बाकी लोगों पर कार्रवाई की जाएगी इसके बाद राजधानी में कार्रवाई शुरू होगी फिर पूरे प्रदेश भर में कार्रवाई की जाएगी।

    राज्य सड़क सुरक्षा समिति के बैठक के दौरान जब मुख्य सचिव अमिताभ जैन के सामने दुर्घटनाओं की जानकारी रखी गई, तो बिना हेलमेट और सीट बेल्ट नहीं लगाने की वजह से हुए हादसों की संख्या देख कर चौक गए, उन्होंने इसके लिए पूरी गंभीरता से प्रदेश भर में अभियान चलाने को कहा कि शुरुआत पहले खुद से ही होनी चाहिए। यही वजह है कि उन्होंने लीड एजेंसी के अध्यक्ष संजय शर्मा और डीएसपी सतीश ठाकुर को निर्देश दिए कि वे मंत्रालय के ड्राइवरों को अभियान के बारे में बताएं। अधिकारियों ने समझाया कि बिना सीट बेल्ट के गाड़ी चलाने पर ड्राइवर को जुर्माना देना पड़ेगा, सामने बैठने वाले गनमैन को भी सीट बेल्ट लगाना अनिवार्य होगा, इस दौरान सीएस जैन ने सभी विभागों के लिए जिम्मेदारियां तय की है पीडब्ल्यूडी विभाग बैंक की सपोर्ट पर सुधार करेगा, परिवहन विभाग कार्रवाई करेगा, स्वास्थ्य विभाग ट्रामा सेंटर की व्यवस्था ठीक करेंगे वहीं शिक्षा विभाग बच्चों में जागरूकता लाएंगे।

  • ओपी जिंदल स्कूल तराईमाल के प्रिंसिपल के खिलाफ राज्य महिला आयोग की जनसुनवाई में मिली शिकायत…

    ओपी जिंदल स्कूल तराईमाल के प्रिंसिपल के खिलाफ राज्य महिला आयोग की जनसुनवाई में मिली शिकायत…

    24 दिसम्बर को राज्य महिला आयोग की जनसुनवाई रायगढ़ जिले में आयोजित की गई थी,आयोग में एक शिकायत ओपी जिंदल स्कूल ताराईमाल की प्रिंसिपल के खिलाफ एक शिकायत आई थी जिसमे पूर्णिमा गायकवाड़ ने अपनी 6वीं कक्षा में पढ़ने वाली 11 वर्षीय पुत्री के साथ स्कूल में हुई मारपीट के सम्बन्ध में शिकायत की थी,राज्य महिला आयोग ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच टीम को 24 जनवरी तक अपनी जांच रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे,  आयोग के निर्देशानुसार रेस्ट हाउस में बैठक का आयोजन किया गया, आयोग के निर्देशानुसार ओपी जिंदल स्कूल प्रबंधन समिति के सभी सदस्यों को बैठक के लिए सूचित किया गया था परन्तु

    ओपी जिंदल स्कूल के प्रचार्य आर के त्रिवेदी ने पत्र के माध्यम से सूचना दी कि उन्हें उक्त प्रकरण के सम्बंध में कोई जानकारी नही है,जबकि स्कूल समिति से बैठक में उपस्थित रहे स्कूल प्रिंसिपल सहित अन्य सदस्यों ने भी लिखित में यह जानकारी दी कि आर के त्रिवेदी सहित स्कूल समिति के सभी सदस्यों को इस प्रकरण के विषय मे पूरी जानकारी है,इससे यह तो तय हो गया कि स्कूल प्रबंधन समिति पूरे मामले में लीपापोती कर रही है,आवेदिका को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का क्रम लगातार जारी है आयोग की सुनवाई 24 दिसम्बर को हुई और 31 दिसम्बर को पूर्णिमा गायकवाड़ को स्कल से टर्मिनेट कर दिया गया,  पूर्णिमा गायकवाड़ ओपी जिंदल स्कूल ताराइमाल में विगत कई वर्षों से शिक्षिका के पद पर है और जब उनकी 11 वर्षीय बेटी के साथ स्कूल प्रिंसिपल द्वारा मारपीट की गई जिससे बच्ची के कान का पर्दा डेमेज हो गया लगातार पूर्णिमा को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा जिससे परेशान हो कर पूर्णिमा गायकवाड़ ने इसकी शिकायत राज्य महिला आयोग से की,आयोग छठवीं कक्षा की नाबालिग बच्ची के साथ हुए अमानवीय व्यवहार को लेकर सख्त हुआ और इसकी जांच के लिए टीम गठित की।दोपहर 12 बजके से शाम 5 बजे तक चली बैठक बेनतीजा निकली और जांच समिति ने स्कूल प्रबंधन को कुछ समय दिया ताकि इस मामले का सुखद पटाक्षेप हो सके,बैठक में शिकायतकर्ता,अनावेदिका, महिला आयोग अध्यक्ष की तरफ से प्रतिनिधि के तौर पर तपन घोष और अधिवक्ता  दीपक शर्मा, स्थानीय पत्रकार सुरजीत कौर,समाजसेवी और स्कूल समिति के सदस्य आर एन प्रसाद, राम कुमार त्रिपाठी, प्रिंसिपल अलका गोडबोले व अन्य अधिवक्ता मौजूद थे।

  • WhatsApp और Facebook की पॉलिसी के खिलाफ उतरे व्यापारी, ऐप्स पर बैन लगाने की उठी मांग, जानें पूरा मामला….

    WhatsApp और Facebook की पॉलिसी के खिलाफ उतरे व्यापारी, ऐप्स पर बैन लगाने की उठी मांग, जानें पूरा मामला….

    व्यापारियों के संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने वॉट्सऐप की नई गोपनीयता नीति पर कड़ी आपत्ति जताई है जिसके माध्यम से वॉट्सऐप का उपयोग करने वाले व्यक्ति के सभी प्रकार के डेटा, भुगतान लेनदेन, संपर्क, स्थान और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी को वॉट्सऐप नई नीति के जरिए हासिल कर उसे अपने किसी भी उद्देश्य के लिए उपयोग कर सकता है।

    इस मुद्दे पर सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद को भेजे गए एक पत्र में कैट ने मांग की है कि सरकार को वॉट्सऐप को नई गोपनीयता नीति को लागू करने से तुरंत रोकना चाहिए तथा वॉट्सऐप और उसकी मूल कंपनी फेसबुक पर तुरंत प्रतिबंध लगाना चाहिए. भारत में फेसबुक के 20 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता हैं और कंपनी द्वारा प्रत्येक उपयोगकर्ता के डेटा को अपनी नीति के माध्यम से जबरन प्राप्त करने से न केवल अर्थव्यवस्था बल्कि देश की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।

    बताया ईस्ट इंडिया कंपनी जैसा व्यवहार

    एक बयान में कैट ने कहा, यह हमें ईस्ट इंडिया कंपनी के उन दिनों की याद दिलाता है जब इस कम्पनी ने केवल नमक का व्यापार करने के लिए भारत में प्रवेश किया और देश गुलाम हुआ, लेकिन वर्तमान समय में डेटा ही अर्थव्यवस्था एवं देश की सामाजिक संरचना के लिए महतवपूर्ण है. बिना किसी शुल्क के फेसबुक और वॉट्सऐप का उपयोग करने के लिए भारतीयों को पहले सुविधा देने के पीछे उनका असली मकसद अब सामने आ रहा है. उनका उद्देश्य प्रत्येक भारतीय के डाटा को हासिल करना है और अपने छिपे हुए एजेंडे के साथ भारत के व्यापार और अर्थव्यवस्था को नियंत्रित करना है।

    कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी. भरतिया एवं राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि, वॉट्सऐप की बदली हुई निजता नीति एक व्यक्ति की निजता का अतिक्रमण है और भारत के संविधान के मूल बुनियादी सिद्धांतों के खिलाफ है और इसलिए कैट ने सरकार से इस मुद्दे पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

    भरतिया और खंडेलवाल ने कहा कि अपनी नई गोपनीयता नीति में, वॉट्सऐप उपयोगकर्ता को नई शर्तों को स्वीकार करने के लिए मजबूर कर रहा है और यह अक्सर देखा जाता है कि बिना शर्तों को पढ़े ज्यादातर लोग बिना जाने केवल सामान्य व्यवस्था मानकर उन शर्तों को स्वीकार कर लेते हैं और उन्हें मालूम ही नहीं होता कि उन्होंने अपने लिए क्या मुसीबत मोल ले ही है. अगर कोई व्यक्ति संशोधित शर्तों को स्वीकार नहीं करता तो उस स्थिति में वो वॉट्सऐप का उपयोग नहीं कर सकता. उन्होंने कहा कि यह व्यक्ति की स्वतंत्रता पर अतिक्रमण भी है. भारत में काम करने वाली कंपनी उपयोगकर्ताओं को अपनी मनमानी और एकतरफा शर्तों को स्वीकार करने के लिए कैसे बाध्य कर सकती है? दोनों व्यापारी नेताओ ने ये सवाल उठाया. नए नियम अगले महीने से लागू किए जाएंगे।

    यूजर्स के हर एक्शन पर होगी वॉट्सऐप की नजर

    उन्होंने कहा की वॉट्सऐप किसी भी यूजर की लोकेशन, यूसेज और फोन के मॉडल की जानकारी आसानी से ले सकता है यही नही नई नीतियों के माध्यम से वॉट्सऐप उपयोगकर्ता के बैंक खाते को भी एक्सेस कर पायेगा. इतना ही नहीं बल्कि वॉट्सऐप को यह भी पता होगा कि यूजर किसको और कितना भुगतान कर रहा है, साथ ही दूसरी जानकारियां जैसे कि यूजर ने क्या खरीदा और उसकी डिलीवरी कहां हो रही है, इसकी भी जानकारी वो आसानी से हासिल कर पायेगा. यह प्रत्येक उपयोगकर्ता को ट्रैक कर सकता है. ऐसे विशाल डेटा को प्राप्त करने के बाद, वे उपयोगकतार्ओं की खरीद और खर्च करने के व्यवहार के साथ साथ, वे क्या खाते हैं, विभिन्न वस्तुओं की आवश्यकताओं की मात्रा, यात्रा और गंतव्य, उड़ानों का उपयोग, रेलवे, टैक्सी, सड़क परिवहन आदि की सटीक जानकारी हासिल कर पायेगा।

  • गूगल पर पब्लिक हो चुकी हैं ढेरों ग्रुप चैट लिंक, कोई भी सर्च कर इसमें जुड़ सकता है; प्रोफाइल पर भी खतरा

    गूगल पर पब्लिक हो चुकी हैं ढेरों ग्रुप चैट लिंक, कोई भी सर्च कर इसमें जुड़ सकता है; प्रोफाइल पर भी खतरा

    वॉट्सऐप प्राइवेसी से जुड़ा एक नया मामला सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक वॉट्सऐप ग्रुप की लिंक अब दोबारा गूगल सर्च रिजल्ट पर दिखाई दे रहे हैं। इसका मतलब यह है कि कोई भी व्यक्ति सिर्फ गूगल पर सर्च करके प्राइवेट वॉट्सऐप ग्रुप को ढूंढ सकता है और उसमें शामिल हो सकता है। इससे पहले 2019 में भी यह सामने आया था, जिसके बाद कंपनी ने इसे खामी को ठीक कर दिया था। एक और पुराना मुद्दा जिसे पहले फिक्स किया जा चुका है, वो भी सामने आ रहा है जिसमें वॉट्सऐप प्रोफाइल अब सर्च रिजल्ट पर दिखाई दे रही हैं। इस खामी के कारण लोगों के फोन नंबर और प्रोफाइल फोटो सिर्फ एक साधारण गूगल सर्च से सामने आ सकते हैं।

    फोन नंबर और प्रोफाइल फोटो भी एक्सेस कर सकते हैं
    ग्रुप चैट इनवाइट्स की इंडेक्सिंग की अनुमति देकर, वॉट्सऐप अब वेब पर कई प्राइवेट ग्रुप उपलब्ध करा रहा है, क्योंकि उनके लिंक गूगल पर एक सिंपल सर्च क्वेरी का उपयोग करके एक्सेस किया जा सकते हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि जिसे भी यह लिंक मिलती है, वो ग्रुप में न सिर्फ शामिल हो सकते हैं बल्कि मेंबर्स और द्वारा ग्रुप में शेयर किए जा रहे हैं पोस्ट के साथ उनके फोन नंबर भी देख सकते हैं।

    कुछ ग्रुप पोर्न शेयर करने वाले थे
    साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर राजशेखर राजहरिया ने गूगल पर वॉट्सऐप ग्रुप चैट इनवाइट के इंडेक्सिंग की जानकारी दी। खबर लिखते समय तक, सर्च रिजल्ट्स में लगभग 1,500 से अधिक ग्रुप इनवाइट लिंक उपलब्ध थे।
    गूगल द्वारा इंडेक्स की गईं कुछ लिंक पोर्न शेयर करने वाले वॉट्सऐप ग्रुप को लीड करते हैं। कुछ अन्य मामलों में, कुछ खास समुदाय या इंटरेस्ट वाले वॉट्सऐप ग्रुप्स के लिंक थे। इसके अलावा बंगला और मराठी यूजर्स के लिए मैसेज शेयर करने वाले ग्रुप्स मिले। इस लिंक के साथ, जिन लोगों को इनवाइट नहीं किया गया था, वे भी आसानी से ग्रुप्स में शामिल हो सकते हैं।

    पहली बार 2019 में सामने आया था मामला
    यह पहली बार नहीं है कि जब इस तरह की खामी सामने आई है। नवंबर 2019 में, वॉट्सऐप ग्रुप चैट इनवाइट गूगल सर्च रिजल्ट पर पाए गए थे। एक सिक्योरिटी रिसर्चर ने इस मुद्दे को फेसबुक को बताया था, हालांकि मामला सुर्खियों में आने के बाद कंपनी ने इसे तुरंत ठीक भी कर दिया था।
    रिवर्स इंजीनियर जेन मानचुन वोंग ने बताया कि वॉट्सऐप ने चैट इनवाइट लिंक पर ‘नो-इंडेक्स’ मेटा टैग जोड़कर ग्रुप चैट इंडेक्स को फिक्स किया था। हालांकि, ताजा लिंक में नो-इंडेक्स मेटा टैग शामिल है। हालांकि, 2019 में पाए गए ग्रुप चैट लिंक गूगल पर दिखाई नहीं देते थे, इसलिए यह एक अलग मुद्दा हो सकता है जिससे समान परिणाम हो सकते हैं, या यह पुरानी समस्या को वापस ला सकता है।

    एक सबडोमेन के कारण पब्लिक हुई ग्रुप चैट लिंक
    राजहरिया ने बताया कि वॉट्सऐप ने खास तौर पर chat.whatsapp.com सबडोमेन के लिए robots.txt फाइल को शामिल नहीं किया था, जिसके कारण गूगल और अन्य सर्च इंजन पर ग्रुप चैट इनवाइट की इंडेक्सिंग हुई है। वेब डेवलपर्स सामान्यतः सर्च इंजन क्रॉलर को बताने के लिए robots.txt फाइल का उपयोग करते हैं कि वे किन पेजों या फाइलों को क्रॉल कर सकते हैं और किन्हें नहीं।

    यूजर्स की प्रोफाइल भी गूगल पर पब्लिक हुईं
    ग्रुप चैट इनवाइट लिंक के साथ लगता है कि वॉट्सऐप ने गूगल को फिर से यूजर्स की प्रोफाइल इंडेक्स करने की अनुमति दी है ताकि कोई भी यूजर्स के साथ चैट कर सके या उसकी प्रोफाइल फोटो देख सके। वॉट्सऐप के डोमेन पर कंट्री कोड की खोज करके, लोगों के प्रोफाइल के यूआरएल सामने आ सकते हैं, जिसमें फोन नंबर और प्रोफाइल फोटो शामिल थे। यह मुद्दा पिछले साल जून में वॉट्सऐप द्वारा फिक्स किया गया था। कंपनी ने उस समय इसे लेकर कोई सफाई नहीं दी थी लेकिन कई रिपोर्ट्स में इसकी पुष्टि हुई थी।

    गूगल पर लगभग 5000 प्रोफाइल दिखाई दे रही हैं
    रिपोर्ट्स के मुताबिक, ग्रुप चैट इंडेक्सिंग की तरह वॉट्सऐप यूजर्स की प्रोफाइल भी पिछले कुछ घंटों से गूगल पर फिर से उपलब्ध हैं। सर्च इंजन पहले से ही 5,000 प्रोफाइल लिंक पर इंडेक्स है। राजहरिया ने गूगल पर वॉट्सऐप यूजर्स प्रोफाइल की इंडेक्सिंग की खोज की। उन्होंने देखा कि जैसा ग्रुप चैट इनवाइट में देखा गया था, प्रोफाइल के मामले में वैसा कोई api.whatsapp.com सबडोमेन के लिए कोई विशेष robots.txt फाइल नहीं है, जो सर्च इंजन क्रॉलर को अपने संबंधित लिंक क्रॉल नहीं करने के लिए कहता है।

  • महिला पायलटों ने पहली बार रचा इतिहास,चार महिला चालकों का दल पहली बार 16 हजार किलोमीटर लंबी उड़ान भर कर पहुचेगा बंगलुरु….

    महिला पायलटों ने पहली बार रचा इतिहास,चार महिला चालकों का दल पहली बार 16 हजार किलोमीटर लंबी उड़ान भर कर पहुचेगा बंगलुरु….

    दिल्ली। सुबह जब आपकी आंख खुलेगी, तब तक देश की चार बेटियां उत्तरी ध्रुव के ऊपर से दुनिया का सबसे लंबा हवाई सफर पूरा कर इतिहास रच चुकी होंगी। चार महिला चालकों का दल पहली बार 16 हजार किलोमीटर लंबी उड़ान के बाद सोमवार तड़के 3.45 बजे बंगलूरू पहुंचेगा।

    दिल्ली की जोया अग्रवाल करेंगी दल का नेतृत्व, बोइंग 777 उड़ाने वाली सबसे युवा पायलट हैं
    एयर इंडिया के दिल्ली बेस पर तैनात कैप्टन जोया अग्रवाल सैन फ्रांसिस्को से बंगलूरू आने वाले इस दल का नेतृत्व कर रही हैं। इस उड़ान में चालक दल के साथ पूरे क्रू में भी सिर्फ महिलाएं हैं।

    एयर इंडिया से मिली जानकारी के मुताबिक शनिवार रात 8:30 बजे उड़ान भरने वाला यह बयान सोमवार तड़के 3:45 बजे बंगलूरू पहुंचेगा। इस उड़ान पर जोया के साथ कैप्टन तनमई पपागिरी, कैप्टन आकांक्षा सोनावने और कैप्टन शिवानी मन्हास हैं। जोया ने उड़ान से पहले कहा, यह शानदार सपने सच होने जैसा है।

    हर पायलट इसके लिए जीतोड़ मेहनत करता है, लेकिन मौका मिलना मुश्किल होता है। एयर इंडिया और उड्डयन मंत्रालय ने मुझे यह मौका देकर बड़ी जिम्मेदारी दी है। जोया दुनिया के सबसे लंबे हवाई रूट पर चालक दल का नेतृत्व करने वाली एयर इंडिया की पहली महिला कमांडर होंगी। एयर इंडिया के पायलट पहले भी इस रूट पर चल चुके हैं लेकिन पहली बार पूरा चालक दल महिलाओं का है।

    यह सोचकर सातवें आसमान पर पहुंच जाती हूं कि मैं उत्तरी ध्रुव के ऊपर से सबसे बड़े हवाई सफर पर विमान उड़ा रही हूं। जब हम उत्तरी ध्रुव के ऊपर से गुजरेंगे तो कैंपस की सुइयां 180 डिग्री पर घूम जाएंगी और हमारे जिंदगी में नया कीर्तिमान जुड़ जाएगा।   – कैप्टन जोया अग्रवाल, पायलट

    2013 में उड़ाया था बोइंग 777
    जोया 2013 में बोइंग 777 उड़ाने वाली दुनिया की सबसे युवा महिला पायलट बनीं थीं। अब यह नया कीर्तिमान उनकी दूसरी बड़ी उपलब्धि होगी।

    पोलर रूट चुनौतियों से भरा…
    एयर इंडिया के अधिकारी ने बताया कि उत्तरी ध्रुव के ऊपर से होकर गुजरने वाला पोलर रूट चुनौतियों से भरा है। विमानन कंपनियां इस पर अपने सबसे कुशल और अनुभवी पायलट को ही भेजती हैं। एयर इंडिया ने इस बार यह जिम्मेदारी बेटियों को सौंपी है।

    बेटियों को सलाम – केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री
    पेशेवर आत्मविश्वास से भरी नारी शक्ति इतिहास रच रही है। ये इनकी मंजिल नहीं हमारी बेटियों को अभी और आगे जाना है। हमारी बेटियां यूं ही देश का गौरव बढ़ाती रहेंगी।  – हरदीप सिंह पुरी, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री

  • बिना तलाक के आर्य समाज में दूसरी शादी करना गंभीर अपराध – डॉ किरणमयी नायक….

    बिना तलाक के आर्य समाज में दूसरी शादी करना गंभीर अपराध – डॉ किरणमयी नायक….

    रायपुर। सूरजपुर निवासी की राज्य से बाहर रांची में आत्महत्या के प्रकरण में परिजनों ने राज्य महिला आयोग में मृत्यु पर कार्रवाई करने आवेदन प्रस्तुत किया गया था. इस प्रकरण में उपस्थित मृतक के सहपाठियों ने मृतक छात्रा के संबंध में अध्यक्ष को विस्तार पूर्वक जानकारी दी. दोनों पक्षों को सुनने के बाद प्रकरण को नस्तीबद्ध किया गया. इसके बाद उपस्थित छात्राओं को अध्यक्ष ने महिला आयोग के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई. अध्यक्ष ने छात्राओं को महिला अधिकारों से अवगत कराते हुए, इन अधिकारों का भविष्य में गलत उपयोग नहीं करने की सलाह दी।

    एक अन्य प्रकरण में पति-पत्नी आपसी सहमति से विवाह बंधन से मुक्त होने पर सहमति दी. विवाह बंधन से मुक्त होने के लिए पति ने पत्नि को एकमुश्त भरण पोषण की राशि नौ लाख रुपए को सहर्ष देने पर सहमत हुए. आयोग ने दोनों पक्षों को निर्देशित किया कि भविष्य में इस प्रकरण से संबंधित आवेदन कही और प्रस्तुत नहीं किया जाएगा. इस शर्त के उल्लंघन पर आयोग द्वारा जारी आदेश स्वमेव निरस्त माना जाएगा।

    इसी तरह एक अन्य प्रकरण में महिला द्वारा बिना तलाक के आर्य समाज में दूसरी शादी करने को गंभीर अपराध माना. इसके लिए आयोग के अध्यक्ष ने महिला को न्यायालय के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करने कहा. इसके साथ-साथ महिला को उनके दोनों बच्चों से मिलने के लिए महिला के सुविधानुसार अधिवक्ता की मध्यस्थता में एक घंटा मिलने देने पर सहमत हुए।

    इसी तरह तीन माह पूर्व विवाह संबंध में बंधे दम्पति आयोग की समझाइश पर भी एक साथ रहने सहमत नहीं होने पर, उन्हें न्यायालय के शरण में जाने की सलाह दी गई. एक अन्य प्रकरण में आयोग के अध्यक्ष ने महिला और बुजुर्ग के अधिकारों का सम्मान करने की बात कही. बच्चे अपने कर्तव्यों से दूर न भागे. माता-पिता की संपत्ति पर उनके बच्चों का अधिकार होता है. यह अधिकार माता-पिता के जीवित होने पर इच्छा के विरुद्ध बच्चों को नहीं दिया जा सकता।

    आयोग के समक्ष प्रस्तुत ऐसे प्रकरण जो पहले से पुलिस या न्यायालय में दर्ज किया जा चुका है. ऐसे प्रकरणों को नस्तीबद्ध किया गया. इसी तरह अतिक्रमण, निजी संस्थानों में वेतन, नियुक्ति आदि के संबंध में अनावश्यक आवेदन देकर आयोग का समय बर्बाद न करें. ऐसे विविध मामलों की लिए शासन द्वारा अलग संस्थान है,जहां पर प्रकरण को प्रस्तुत किया जा सकता है।

    छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ किरणमयी नायक ने आज विभिन्न जिलों की महिलाओं द्वारा दिए गए. आवेदनों की आयोग कक्ष में जन सुनवाई की. आज प्रस्तुत प्रकरण में शारीरिक शोषण, मानसिक प्रताड़ना, दहेज प्रताड़ना, सम्पत्ति विवाद आदि से संबंधित थे. सुनवाई के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग व फिजिकल डिस्टेंसिंग एवं सैनिटाईजर का प्रयोग करते हुए कार्रवाई प्रारंभ की गई।

  • छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री बोले- ट्रायल पूरा होने तक नहीं लगना चाहिए भारत बायोटेक का टीका, केंद्र से नहीं लेंगे वैक्सीन

    छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री बोले- ट्रायल पूरा होने तक नहीं लगना चाहिए भारत बायोटेक का टीका, केंद्र से नहीं लेंगे वैक्सीन

    कोरोना का टीकाकरण की तिथियां नजदीक आने के साथ ही वैक्सीन पर विवाद बढ़ता जा रहा है। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा, को-वैक्सीन ने तीसरे चरण का ट्रायल पूरा नहीं किया है। ऐसे में सामान्य जनों को लगाने के लिए भारत बायोटेक की इस वैक्सीन को अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। सिंहदेव ने कहा, अगर केंद्र सरकार इस वैक्सीन को छत्तीसगढ़ भेजेगी तो हम मना कर देंगे।

    टीएस सिंहदेव ने कहा, भारत में दो वैक्सीन को अनुमति मिली है। इसमें एक ऑक्सफोर्ड में विकसित वैक्सीन कोविशील्ड है। जिसका ट्रायल वहीं हुआ है। उसके ट्रायल के सभी आंकड़े मौजूद हैं। यहां सीरम इंस्टीस्च्यूट इसको बना रहा है। दूसरा भारत बायोटेक की देश में ही विकसित को-वैक्सीन है। इसके दो चरण के ट्रायल हुए हैं। आपातकालीन इस्तेमाल मिलने की तारीख तक इसके ट्रायल का तीसरा चरण पूरा नहीं हुआ था।

    टीएस सिंहदेव ने कहा, अभी सामने आया है कि को-वैक्सीन का ट्रायल डोज लेने वाले एक व्यक्ति की मौत हो गई है। इससे वैक्सीन के सुरक्षित होने के दावों पर सवाल उठ रहे हैं। सिंहदेव ने कहा, केंद्र सरकार को इस मामले में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। देश में कम से कम 500से 700 दिन तक वैक्सीनेशन चलना है। ट्रायल के नतीजों के आधार पर फैसला होगा तो लोगों का भरोसा बढ़ेगा।

    ऐसे अनुमति मिली तो दूसरी कंपनियां भी आ जाएंगी

    टीएस सिंहदेव ने कहा, को-वैक्सीन को तीसरे ट्रायल में 28 हजार सैंपल लेने थे, लेकिन 23 हजार सैंपल ही लिए जा सके थे। ऐसे में उसके परिणाम संदिग्ध हैं। अगर बिना ट्रायल और सुरक्षा मापदंडों को पूरा किए वैक्सीन के इस्तेमाल की अनुमति मिल गई तो दूसरी कंपनियां भी अधूरे ट्रायल के साथ अनुमति लेने आ जाएंगी।

    दाे दिन पहले संसदीय सचिव ने उठाए थे सवाल

    दो दिन पहले छत्तीसगढ़ के संसदीय सचिव और विधायक विकास उपाध्याय ने को-वैक्सीन को अनुमति देने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। विकास ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार ने ड्रग रेग्युलेटर पर दबाव डालकर इस वैक्सीन को अनुमति दिलवाई है। ऐसा इसलिए ताकि खुद को दूसरे देशों की प्रतिस्पर्धा में दिखाया जा सके।