IAS बीव्हीआर सुब्रह्मणयम दिल्ली लौट आये हैं। जम्मू-कश्मीर के चीफ सिकरेट्री रहे सुब्रह्मण्यम केंद्र में अब मिनिस्ट्री आफ कामर्स में ओएसडी बनाये गये हैं। 30 जून को वो सिकरेट्री कामर्स की जिम्मेदारी संभालेंगे। केंद्र सरकार ने आज इस बाबत आदेश जारी कर दिया है। 1987 बैच के IAS सुब्रह्मण्यम छत्तीसगढ़ कैडर के आईएएस अफसर हैं। जम्मू-कश्मीर के चीफ सिकरेट्री बनने से पहले वो छत्तीसगढ़ में एसीएस होम थे।इस नयी जिम्मेदारी के बाद सुब्रह्मण्यम केंद्र में छत्तीसगढ़ से सबसे ऊंची पोस्टिंग पाने वाले अफसर हो गये हैं। अभी तक कई आईएएस सचिव इम्पेनल हुए हैं लेकिन किसी को सचिव बनने का मौका नहीं मिला। लिहाजा, सुब्रमनियम की पोस्टिंग छत्तीसगढ़ की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।मिनिस्ट्री ऑफ कामर्स में ओएसडी बनने वाले IAS सुब्रह्मणयम 30 जून को कामर्स सिकरेट्री की जिम्मेदारी संभालेंगे। बृहस्पतिवार को जारी एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, वह अनूप वधावन की 30 जून को सेवानिवृत्ति के बाद नए वाणिज्य सचिव के तौर पर कार्यभार संभालेंगे। इससे पहले 24 जून 2018 को उन्हें जम्मू-कश्मीर का चीफ सिकरेट्री बनाया गया था।
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केंद्र सरकार का फैसला, कोरोना से मृत 26 पत्रकारों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की देंगे आर्थिक सहायता….
केंद्र सरकार ने कोविड-19 से जान गंवाने वाले 26 और पत्रकारों के परिवारों को वित्तीय सहायता दिए जाने के प्रस्ताव को बृहस्पतिवार को मंजूरी दे दी। सरकार ने एक बयान में कहा कि सूचना और प्रसारण मंत्रालय की ‘पत्रकार कल्याण योजना’ के तहत इन पत्रकारों के आश्रितों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। मंत्रालय ने कहा कि आज केंद्र सरकार ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सचिव अमित खरे की अध्यक्षता वाली पत्रकार कल्याण योजना समिति के एक प्रस्ताव को स्वीकृति दी है, इसके तहत कोविड-19 के कारण जान गंवाने वाले 26 पत्रकारों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद प्रदान की जाएगी।
मंत्रालय के अनुसार समिति ने संक्रमण से इतर अन्य कारणों से मारे गए 11 पत्रकारों के परिवारों के आवेदनों पर भी विचार किया। मंत्रालय ने कहा कि समिति ने साप्ताहिक आधार पर बैठक करने का फैसला किया है ताकि पत्रकार कल्याण योजना के तहत वित्तीय सहायता के आवेदनों पर तत्काल निर्णय लिया जा सके। उसके अनुसार बीते वित्त वर्ष 2020-21 में केंद्र सरकार ने कोविड-19 के कारण जान गंवाने वाले 41 पत्रकारों के परिवारों को इस तरह की सहायता प्रदान की थी। इस तरह से पत्रकारों के कुल 67 परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करने को मंजूरी दी गई है। -

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने परिवहन विभाग की नई सुविधा ‘तुंहर सरकार, तुंहर द्वार’ का किया वर्चुअल शुभारंभ, देखें क्या -क्या हैं सेवाएं….
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में परिवहन विभाग की नई सुविधा ‘तुंहर सरकार, तुंहर द्वार’ का वर्चुअल शुभारंभ किया। इस नयी सुविधा के माध्यम से परिवहन विभाग द्वारा प्रदेशवासियों को परिवहन सेवाएं उनके घर के द्वार पर पहुंचकर दी जाएंगी। इन सेवाओं में स्मार्ट कार्ड आधारित ड्रायविंग लायसेंस और रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र से संबंधित 22 परिवहन सेवाएं शामिल हैं। स्पीड पोस्ट के माध्यम से आवेदकों एवं वाहन स्वामियों के घर के पते पर इन सेवाओं को पहुंचाया जाएगा। आवेदकों को सेवाएं प्राप्त करने के लिए www.parivahan.gov.in पर आवेदन करना होगा।
परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस अवसर पर सांसद श्री दीपक बैज, मुख्यमंत्री के सलाहकार राजेश तिवारी, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, गृह विभाग के अपर मुुख्य सचिव सुब्रत साहू, परिवहन आयुक्त डॉ कमल प्रीत सिंह, अपर परिवहन आयुक्त दीपांशु काबरा उपस्थित थे।

परिवहन विभाग द्वारा शुरू की जा रही इस नई सुविधा में डुप्लीकेट लाइसेंस, ड्राइविंग लाइसेंस नवीनीकरण एवं पता परिवर्तन सहित लाइसेंस से सम्बंधित 10 सेवाएं और स्वामित्व अंतरण एवं पता परिवर्तन सहित वाहनों से सबंधित 12 सेवाएं घर पहुंचाकर दी जाएगी। नये वाहनों का पंजीयन, पुराने वाहनों का आरसीसी में संशोधन, नवीन ड्रायविंग लायसेंस व पुराने लायसेंस में कराए जाने वाले परिवर्तन के बाद ड्रायविंग लायसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) सीधे पंजीकृत पते पर भारतीय डाक के स्पीड पोस्ट के माध्यम से अधिकतम 7 दिवसों में उपलब्ध कराए जाएंगे। इन्हें विभाग द्वारा डिस्पेच करते हुए आवेदकों के दिए गए पते में स्पीड पोस्ट के ट्रेकिंग आईडी सहित एसएमएस भी भेजा जाएगा, जिससे आवेदकों को वस्तु-स्थिति की जानकारी मिल सके। यदि आवेदक घर में उपलब्ध नहीं रहता है तो भी आवेदक को एसएमएस के माध्यम से डिलीवरी के लिए सूचित किया जाएगा।

वाहन से संबंधित आवेदकों से प्राप्त होने वाले प्रकरण जैसे मोटरयानों का नवीन पंजीयन, स्वामित्व अंतरण, मोटरयान का अल्ट्रेशन, पंजीकृत कार्ड में पता परिवर्तन, मोटरयान में परिवर्तन, फायनेंसन के फ्रेश आरसी, हॉइपोथिकेशन जोड़ना-जारी रखना-रद्द करना, पंजीकृत कार्ड की द्वितीय प्रति, पंजीयन क्रमांक पुनःसमानुदेशन, पंजीयन का नवीनीकरण का परिवहन कार्यालय के द्वारा दस्तावेजों का आवश्यक परीक्षण एवं मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार वाहनों का आवश्यक निरीक्षण करने के पश्चात पंजीयन अधिकारी के द्वारा अनुमोदन किया जाएगा। इस नयी व्यवस्था के सुगम संचालन के लिए परिवहन विभाग द्वारा हेल्पलाईन नम्बर 75808-08030 जारी किया जा रहा है। इस हेल्पलाइन के माध्यम से आवेदक परिवहन कार्यालयों को अनुमोदन उपरांत स्मार्ट कार्ड आधारित ड्रायविंग लायसेंस एवं रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र प्रेषण के संबंध में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

इस सुविधा में स्वैच्छिक आधार पर प्रमाणीकरण से परिवहन सेवाएं तत्काल प्राप्त होंगी। इसी तरह ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन मेडिकल प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे। इस सेवा के शुरू होने पर छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है जिसका परिवहन विभाग ड्राइविंग लाइसेंस एवं पंजीयन संबंधित सेवाओं को आधार से एकीकृत कर रहा है। प्रदेश के विभिन्न जिलों से परिवहन विभाग के अधिकारी भी कार्यक्रम से जुड़े।
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जानिए क्या है सच्चाई,वायरल हो रहे व्हाट्सएप मैसेज की, “फोन कॉल्स रिकॉर्डिंग करेगी सरकार”…
दिल्ली। केंद्र सरकार ने सोशल मीडिया मंच पर जारी होने वाली सामाग्री के प्रति कंपनियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय करने को नए आईटी नियम जारी किए थे, जो 25 मई से प्रभावी हो गए हैं. हालांकि, नए नियमों को लेकर अब केंद्र सरकार और सोशल मीडिया कंपनियों में तकरार देखने को मिल रही है. इस बीच सोशल मीडिया पर एक दावा किया जा रहा है कि सरकार नए नियमों के जरिए सोशल मीडिया पोस्ट और फोन कॉल्स पर नजर रखेगी।
इन दिनों एक वाट्सऐप मैसेज तेजी से वायरल हो रहा है. इस मैसेज में कहा जा रहा है कि केंद्र सरकार की तरफ से जल्द ही नए संचार नियम लागू किए जाने वाले हैं. इन नियमों के तहत सरकार अब सोशल मीडिया और फोन कॉल पर भी नजर रखने वाली है. अब सरकार ने इस मैसेज को पूरी तरह से फेक बताकर, इस मैसेज को मानने से इनकार कर दिया है।
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न फटेगा, न कटेगा और न ही गलेगा,जल्द बाजार में आएगा वार्निश लगा 100 रुपये का नोट…
दिल्ली। बहुत जल्द आपकी जेब में 100 रुपये का चमचमाता नया नोट रहेगा। 100 रुपये के इस नए नोट के बारे बताया गया हैं कि यह न तो फटेगा, न कटेगा और न ही पानी में गलेगा। दरअसल, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) 100 रुपये के वार्निश लगे नोट जारी करने की तैयारी में है। आरबीआई इसतरह के 1 अरब नोट छाप रहा है। वार्निश लगे नोट उतारने के पीछे वजह नोटों को टिकाऊ और सुरक्षित बनाना है। हालांकि, अभी इस ट्रायल के आधार पर जारी किया जाएगा।फील्ड ट्रायल सफल रहने के बाद वार्निश लगे नोट बाजार में उतारे जाएंगे और पुराने नोट धीरे-धीरे सिस्टम से बाहर कर दिए जाएंगे।
बता दें कि इस वक्त बाजार में बैंगनी रंग का 100 रुपये के नोट पहले से मौजूद हैं। आरबीआई अब वार्निश लगे 100 रुपये के नए नोट जारी करेगा।यह नोट बैंगनी रंग का ही होगा।नए 100 रुपये के नोट की सबसे बड़ी खासियत होगी कि यह किसी भी तरह खराब नहीं होगा।हजार बार मोड़ने के बाद भी यह नोट कटेगा, फटेगा नहीं। 100 रुपये के नए नोट पर पानी का भी असर नहीं होगा, क्योंकि इन नोटों पर वार्निश पेंट चढ़ा होगा। मौजूदा नोट जल्दी खराब हो जाते हैं. ये जल्दी कट-फट जाते हैं या मैले हो जाते हैं।यह नोट भी गांधी सीरीज का ही नोट होगा। इसकी डिजाइन भी बिल्कुल मौजूदा नए नोट की तरह होगी। वार्निश वाला नया नोट मौजूदा नोट के मुकाबले दोगुना टिकाऊ होगा। वार्निश चढ़े नए नोट की उम्र करीब 7 साल होगी। गौरतलब है कि केंद्र सरकार पहले ही भारतीय रिजर्व बैंक को 100 रुपये के मूल्य वाले एक अरब वार्निश लगे नोट छापने की मंजूरी दे चुकी है।
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कोरोना से दिवंगत मीडिया कर्मी के आश्रितों को मिलेगी पांच लाख रूपए की सहायता….
रायपुर। छत्तीसगढ़ की सरकार कोविड-19 के चलते जान गंवाने वाले मीडियाकर्मियों के परिजन को पांच लाख रुपये का वित्तीय सहयोग देगी. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज सुबह ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी. इसके साथ ही कोरोना होने के बाद अस्पताल में इलाज करवाने का खर्च भी राज्य सरकार देगी।
मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया, ”कोरोना से दिवंगत हुए मीडिया कर्मी के आश्रित परिजनों को छत्तीसगढ सरकार पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान करेगी।”उन्होंने आगे लिखा, ”साथ ही जिन मीडिया कर्मी ने कोविड से पीड़ित होने पर अस्पताल में भर्ती होकर इलाज कराया है, उनके इलाज में आये खर्च की प्रतिपूर्ति भी राज्य शासन करेगा।”
इससे पहले रविवार को राज्य सरकार की तरफ से जारी एक विज्ञप्ति जारी की गयी थी. इसमें कहा गया कि मीडिया प्रतिनिधि कल्याण सहायता नियमों के तहत यह सहयोग राशि दी जाएगी।
प्रेस रिलीज़ में कहा गया कहा, ”कोविड-19 के कारण अस्पतालों में भर्ती मीडियाकर्मियों के उपचार का खर्च भी राज्य सरकार उठाएगी. जनसंपर्क निदेशालय कोविड-19 से प्रभावित मीडियाकर्मियों के परिवार के बारे में सूचना जुटा रहा है.” सहयोग के पात्र लोगों को मानक प्रारूप में आवेदन अपने जिले के जनसंपर्क कार्यालयों में जमा कराना चाहिए।
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बाबा रामदेव के बयान से डॉक्टरों में गुस्सा, आईएमए ने थाने में दर्ज कराई शिकायत…
रायपुर। बाबा रामदेव के बयान से आक्रोशित एलोपैथिक डॉक्टरों ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के बैनर तले सिविल लाइन थाना में शिकायत दर्ज कराई है. डॉ. राकेश गुप्ता ने कहा कि बाबा रामदेव अपना खंडन जारी करें, और खंडन के आधार पर कार्रवाई होनी चाहिए।
आईएमए की ओर से डॉ. राकेश गुप्ता, डॉ. विकास अग्रवाल, डॉ आशा जैन, डॉ. अनिल जैन और अन्य पदाधिकारियों ने थाने में दर्ज कराई शिकायत में बताया कि बाबा रामदेव ने देश के पूरे चिकित्सक समुदाय के साथ भारतीय शासन और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च सहित विभिन्न अग्रणी संस्थाओं द्वारा निर्देशित और पिछले सवा साल से प्रयोग की जा रही कोरोना संक्रमण में प्रयुक्त दवाओं के बारे में दुष्प्रचार कर रहे हैं, जिसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है।

ऐसे समय में जब देश के चिकित्सक और पैरामेडिकल सहित शासन-प्रशासन के सभी अंग कोरोना संक्रमण के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं, बाबा रामदेव भ्रामक वक्तव्य दे रहे हैं. यही नहीं चिकित्सकों के बारे में विद्वेष से भरे अपमानजनक बात कह रहे हैं. इससे चिकित्सक वर्ग अनायास ही उपद्रवी तत्वों के निशाने पर आ जाएगा और देशभर में अशांति फैल जाएगी. परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए आईएमए ने केंद्रीय महामारी एक्ट, राष्ट्रीय राजद्रोह, आईटी एक्ट के तहत बाबा रामदेव के खिलाफ जुर्म दर्ज कर गिरफ्तारी करे, जिससे चिकित्सक, पैरामेडिकल और शासन-प्रशासन कोरोना संक्रमए के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रख सकें।
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टूलकिट मामले में पूर्व CM को नोटिस:डॉ रमन को भेजे गए लैटर में पुलिस ने लिखा – सबूत मिटाने की कोशिश न करें,वरना गिरफ्तार कर लिए जाएंगे…
रायपुर की सिविल लाइंस थाने की पुलिस ने छत्तीसगढ़ पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह को टूलकिट मामले में नोटिस भेजा है। ये नोटिस एक तरह से पुलिस के सवाल-जवाब की प्रक्रिया की पूर्व सूचना है। इस नोटिस में डॉ रमन सिंह से 24 मई की दोपहर साढ़े 12 बजे घर पर ही रहने को कहा गया है। इस वक्त थाने की टीम उनसे पूछताछ करने उनके घर जाएगी। पुलिस ने सवाल भी पहले से लिखकर डॉ रमन को भेजे हैं। 9 तरह के निर्देश भी जारी किए गए हैं, पुलिस की तरफ से ये भी लिखा गया है कि इन बातों को नहीं माना तो गिरफ्तारी भी हो सकती है।
ये पूछेगी पुलिस
- जिस अकाउंट की शिकायत मिली है क्या वो ट्विटर अकाउंट आपका है ?
- आपके टि्वटर अकाउंट का एक्सेस बताएं?
- आप को एआईसीसी रिसर्च प्रोजेक्ट व कांग्रेस का दस्तावेज कहां से मिला ?
- कांग्रेस टूलकिट एक्सपोज्ड हेशटैग का प्रयोग करते हुए आपके द्वारा अन्य आरोपियों (संबित पात्रा) से किए गए संचार-संवाद के संबंध में जानकारी ?
ये बातें नहीं मानीं तो हो जाएंगे गिरफ्तार
- आप भविष्य में कोई अपराध नहीं करेंगे
- आप सबूतों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेंगे
- आप मामले के तथ्य से परिचित किसी भी व्यक्ति को या पुलिस अधिकारी को ऐसे तथ्य का खुलासा करने से रोकने के लिए कोई धमकी प्रलोभन या वादा नहीं करेंगे।
- जब आवश्यक निर्देशित हो आप कोर्ट में पेश होंगे।
- आप आवश्यकता पड़ने पर मामले की जांच में शामिल होने और जांच में सहयोग करेंगे।
- आप प्रकरण के सही निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए जांच में किसी भी हिस्से को छुपाए बिना सभी तथ्यों की सच्चाई से खुलासा करेंगे।
- आप जांच के प्रयोजन के लिए आवश्यक सभी प्रासंगिक दस्तावेज पेश करेंगे।
- अन्य आरोपी को पकड़ने में आप अपना संपूर्ण सहयोग देंगे।
- आप किसी भी तरह से मामले की जांच परीक्षण के उद्देश्य से प्रासंगिक किसी भी सबूत को नष्ट करने की अनुमति नहीं देंगे।
- इन बातों का पालन न करने पर आप को गिरफ्तार किया जा सकता है।
क्या है टूलकिट विवाद
टूलकिट एक तरह की प्लानिंग की जानकारी होती है जिसमें किसी मुद्दे के प्रचार का जिक्र होता है। ये आमतौर पर डिजिटल प्लानिंग की तरह होता है कि जैसे किसी मुद्दे पर किस तरह के बयान देने हैं, कैसे प्रोपेगैंडा करना है। डॉक्टर रमन सिंह ने 18 मई को अपने ट्वीटर अकाउंट से कांग्रेस का कथित लैटर पोस्ट करते हुए दावा किया कि इसमें देश का माहौल खराब करने की तैयारी की प्लानिंग लिखी है। डॉक्टर रमन की तरफ से सोशल मीडिया पर लिखा गया कि कांग्रेस विदेशी मीडिया में देश को बदनाम करने कांग्रेस कुंभ का दुष्प्रचार व जलती लाशों की फोटो दिखाने का षड्यंत्र कर रही है।इसके बाद युवा कांग्रेस के नेता इस मामले की शिकायत लेकर पुलिस के पास गए और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा के खिलाफ FIR दर्ज हो गई। पुलिस ने यह केस NSUI के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा की शिकायत पर दर्ज किया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की ख्याति को नुकसान पहुंचाने के लिए डॉक्टर रमन सिंह, संबित पात्रा और दूसरे भाजपा नेताओं ने सोशल मीडिया के जरिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अनुसंधान विभाग के जाली लेटर हेड पर एक मनगढ़न्त फेक न्यूज साझा कर देश मे सम्प्रदायिकता और हिंसा फैलाने का प्रयास किया है।
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JSW मोनेट प्रबंधन ने अपनी गिरेबान बचाने पीआरओ को बना दिया प्रबंधक, भूपदेवपुर पुलिस ने सीधी कार्रवाई करते हुए….
रायगढ़। कोविड प्रोटोकाल के उल्लंघन के मामले को लेकर भूपदेवपुर पुलिस ने सीधी कार्रवाई करते हुए कम्पनी प्रबंधकों और दो ठेकेदारों के खिलाफ महामारी एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर लिया हैं। इस पूरे प्रकरण में खास बात यह हैं की पुलिस ने जिन्हें प्लांट प्रबंधक मान कर अपराध पंजीबद्ध किया हैं, दरअसल वे दोनों सिर्फ पीआरओ स्तर के कर्मचारी हैं।जिनका मुख्य कार्य लाइजनिंग और सीएसआर के कार्यों को ही देखना हैं। लेकिन आज हुई कार्रवाई में प्लांट प्रबंधन द्वारा पुलिस के सामने दोनों पीआरओ को ही प्रबंधक बता दिया।।
बता दे कोविड के लगातार बढ़ते संक्रमण की रोकथाम को लेकर उद्योगों के खिलाफ सख्ती बरतने संबंधी प्रशासन के आदेश के बाद पुलिस द्वारा औद्योगिक संयंत्रों की ओर जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ धर पकड़ कार्रवाई शुरू कर दी हैं।।इसी मद्देनजर शुक्रवार को भूपदेवपुर पुलिस ने जेएसडब्ल्यू कंपनी जा रहे 6 दर्जन से अधिक कर्मचारियों को हिरासत में लेकर थाने ले आई थी। हिरासत में लिए अधिकांश कर्मचारी ठेकेदारों के थे,जबकि शेष कंपनी के।।हालांकि कंपनी के हस्तक्षेप के बाद हिरासत में लिए गए कर्मचारियों को डांट फटकार के अलावा कड़ी समझाईस के बाद रिहा कर दिया गया।बाद में पुलिस ने संक्रमण को एक तरह से न्यौता देकर फैलाने के मामले में दोनों ठेकेदार टेकलाल और राजेश के खिलाफ जुर्म दर्ज कर लिया जबकि प्रबंधक द्वय शरतेन्दु शेखर और अनुपम मिश्रा के विरुद्ध भी महामारी एक्ट की धारा 269,270 ,34 की धारा के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया।।
क्या कहता है प्रशासन का आदेश
प्रशासन द्वारा जारी आदेश में साफतौर से कोविड प्रोटोकॉल के उल्लंघन पर कम्पनी के प्रबंधक ,मुख्य अधिकारी के खिलाफ एफआईआर करना हैं।ताकि एफआईआर के भय से प्रबंधन छोटे कर्मचारियों पर जारी लॉक डाउन में ड्यूटी को लेकर दबाव न बना सके।इसके साथ ही नियमों के पालन को भी सख्ती से कराए। -

जारी हुआ निर्देश, अब नहीं बढ़ेगा लॉकडाउन …
रायपुर। सरकार अब प्रदेश में लॉकडाउन बढ़ाने के मूड में नहीं है, जिसके लिए बाकायदा कलेक्टरों को निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं, निर्देश में कहा गया है कि जिन जिलों में भी 8% से कम पोजेटिविटी रेट पाई गई हो उन जिलों को अब अनलॉक कर दिया जाए।
गौरतलब है की जिन जिलों में 8 प्रतिशत से ज्यादा पोजेटिविटी रेट है, वहां अभी लॉक डाउन लगा रहेगा। हालांकि अभी प्रदेश में 25 जिलों में पोजेटिविटी रेट 8 से कम है, जबकि 3 जिले सूरजपुर, धमतरी और रायगढ़ में पोजेटिविटी रेट 8 से ज्यादा है, संडे लॉक डाउन सिर्फ उन्ही जिलों में रहेगा, जहां पोजेटिविटी रेट 8 से ज्यादा है, बाकी जगहों पर सातों दिन दुकानें खुलेगी।
राजधानी में खुलेंगे चिन्हांकित 11 बाजार
राजधानी रायपुर में मंगलवार से पूरी छूट के साथ चिन्हांकित 11 बाज़ारों को खोलने की अनुमति दे दी गई है, छत्तीसगढ़ में लॉकडाउन को 31 मई सुबह 6 बजे तक बढ़ा दिया गया था, हालांकि 17 मई से राजधानी रायपुर में बाज़ारों को अनलॉक करने की भी प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी, जिला प्रशासन ने 11 बाज़ारों को चिन्हांकित कर सम-विषम(ऑड-ईवन) या लेफ्ट-राइट नियम लागू किए थे, जिसे अब हटाते हुए दोनों ओर की दुकानों को खुलने की अनुमति रायपुर कलेक्टर ने ज़ारी कर दी है।
खुलने वाले बाज़ार हैं…..
- गोल बाजार
- मालवीय रोड
- रवि भवन
- बंजारी मार्केट
- लाल गंगा कॉम्प्लेक्स
- जयराम कॉम्प्लेक्स
- सदर बाजार
- पंडरी कपड़ा बाजार ( सभी 5)
- बूढ़ा तालाब से लेकर लाखे नगर
10.एमजी रोड
11.गुढियारी बाजार
