Blog

  • US-Iran War: हत्या की धमकी पर डोनाल्ड ट्रंप का तेहरान को अल्टीमेटम, बोले- ईरान की ओर ‘1000 मिसाइलें लॉक्ड एंड लोडेड’

    US-Iran War: हत्या की धमकी पर डोनाल्ड ट्रंप का तेहरान को अल्टीमेटम, बोले- ईरान की ओर ‘1000 मिसाइलें लॉक्ड एंड लोडेड’

    पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार गहराता जा रहा है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उनके खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई या हत्या का प्रयास किया गया तो अमेरिका उसका करारा जवाब देगा। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

    डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में लिखा, ‘इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की ओर 1,000 मिसाइलें ‘लॉक्ड एंड लोडेड’ हैं। अगर ईरानी सरकार दुनिया के किसी भी हिस्से में दी गई उस धमकी को अमल में लाती है, जिसमें अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति यानी मेरी हत्या या हत्या के प्रयास की बात कही गई है, तो तत्काल हजारों अतिरिक्त मिसाइलें दागी जाएंगी। इसके लिए आदेश पहले ही जारी किए जा चुके हैं। अमेरिकी सेना कम से कम एक वर्ष तक, जिसे आवश्यकता पड़ने पर बढ़ाया भी जा सकता है, ईरान के हर हिस्से को पूरी तरह तबाह करने की क्षमता, तैयारी और इच्छाशक्ति रखती है।’

    डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान ऐसे वक्त में आया है, जब इजरायल द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति के खिलाफ हत्या की साजिश से जुड़ी खुफिया जानकारी साझा की गई है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ता नजर आ रहा है।

  • अब बिना नोटिस नहीं हटा सकेंगे सरकारी जमीन से कब्जा, बिलासपुर हाईकोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला…

    अब बिना नोटिस नहीं हटा सकेंगे सरकारी जमीन से कब्जा, बिलासपुर हाईकोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला…

    छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सरकारी और रेलवे की जमीन से अवैध कब्जा हटाने की प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति को सरकारी या रेलवे की जमीन से बेदखल करने से पहले कानून के तहत स्पष्ट कारणों वाला नोटिस देना अनिवार्य है। बिना उचित नोटिस के की गई बेदखली की कार्रवाई प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं मानी जाएगी। इसी के साथ हाईकोर्ट ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) की ओर से दायर रिट याचिका को खारिज कर दिया।

    Bilaspur High Court: क्या है पूरा मामला?

    मामला बिलासपुर के बुधवारी बाजार क्षेत्र से जुड़ा है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने एक स्थानीय निवासी को रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जाधारी बताते हुए लोक परिसर (अनधिकृत कब्जाधारियों की बेदखली) अधिनियम, 1971 के तहत बेदखली का आदेश जारी किया था। इसके खिलाफ संबंधित व्यक्ति ने जिला न्यायालय में अपील दायर की।

    जिला कोर्ट ने रद्द किया था बेदखली आदेश

    15 मई 2026 को जिला कोर्ट ने अपील स्वीकार करते हुए रेलवे का बेदखली आदेश रद्द कर दिया था। अदालत ने मामले को सक्षम अधिकारी के पास वापस भेजते हुए निर्देश दिया था कि अधिनियम की धारा 4 के तहत स्पष्ट और वैध नोटिस जारी किया जाए तथा उसके बाद कानून के अनुसार दोबारा फैसला लिया जाए।

    रेलवे ने हाईकोर्ट में दी थी चुनौती

    जिला कोर्ट के फैसले को रेलवे ने हाईकोर्ट में चुनौती दी। रेलवे की ओर से दलील दी गई कि संबंधित व्यक्ति को पहले ही नोटिस दिया जा चुका था और उसे अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर भी मिला था। इसलिए मामले को दोबारा सक्षम अधिकारी के पास भेजना अनावश्यक देरी पैदा करेगा।

    हाईकोर्ट ने क्यों खारिज की याचिका?

    हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड और जिला कोर्ट के आदेश का परीक्षण करने के बाद पाया कि रेलवे द्वारा जारी प्रारंभिक नोटिस में बेदखली के आधार और कारणों का स्पष्ट उल्लेख नहीं था। अदालत ने कहा कि केवल औपचारिक नोटिस देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसमें कार्रवाई के स्पष्ट कारण भी बताए जाने चाहिए, ताकि संबंधित व्यक्ति प्रभावी ढंग से अपना पक्ष रख सके।

    प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत पर दिया जोर

    अपने फैसले में हाईकोर्ट ने कहा कि प्राकृतिक न्याय (Natural Justice) का मूल सिद्धांत यह है कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ दंडात्मक या प्रतिकूल आदेश पारित करने से पहले उसे स्पष्ट कारणों के साथ नोटिस देकर जवाब देने का उचित अवसर दिया जाए। यदि नोटिस कानून के अनुरूप नहीं है, तो उस पर आधारित बेदखली की कार्रवाई भी वैध नहीं मानी जा सकती।

    क्या होगा इस फैसले का असर?

    इस फैसले के बाद सरकारी विभागों और रेलवे जैसी एजेंसियों को अवैध कब्जा हटाने की कार्रवाई से पहले नोटिस जारी करने की कानूनी प्रक्रिया का सख्ती से पालन करना होगा। साथ ही यह निर्णय स्पष्ट करता है कि बेदखली की कार्रवाई में भी कानून द्वारा निर्धारित प्रक्रिया और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन अनिवार्य है।

  • महादेव सट्टा एप पर ED की बड़ी कार्रवाई, 940.77 करोड़ की संपत्तियां जब्त, कुल अटैचमेंट 3,800 करोड़ रुपये पहुंचा….

    महादेव सट्टा एप पर ED की बड़ी कार्रवाई, 940.77 करोड़ की संपत्तियां जब्त, कुल अटैचमेंट 3,800 करोड़ रुपये पहुंचा….

    महादेव ऑनलाइन सट्टा एप मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी विकास गर्ग और उनके परिवार के सदस्यों के स्वामित्व एवं नियंत्रण वाली संस्थाओं की करीब 940.77 करोड़ रुपये मूल्य की चल और अचल संपत्तियां जब्त कर ली हैं। इस कार्रवाई के साथ ही मामले में अब तक जब्त की गई संपत्तियों का कुल मूल्य लगभग 3,800 करोड़ रुपये हो गया है।

    ईडी के रायपुर जोनल कार्यालय ने यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की है। जब्त की गई संपत्तियों में आवासीय भवन, भूमि, इक्विटी शेयर और अन्य प्रतिभूतियां (सिक्योरिटीज) शामिल हैं।

    ईडी ने अपनी जांच छत्तीसगढ़ के दुर्ग, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल समेत विभिन्न राज्यों में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। इन मामलों में अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म के संचालकों, प्रमोटरों और सहयोगियों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप लगाए गए हैं।
    जांच में सामने आया कि यह सट्टेबाजी सिंडिकेट विदेश से संचालित फ्रेंचाइजी आधारित ‘पैनल’ नेटवर्क के जरिए काम कर रहा था। एजेंसी के अनुसार, इस नेटवर्क के माध्यम से हर महीने 450 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई की जा रही थी।

    ईडी की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज से अर्जित अवैध धन को शेल कंपनियों और फर्जी वित्तीय लेन-देन (अकोमोडेशन एंट्री) के जटिल नेटवर्क के जरिए वैध दिखाने का प्रयास किया गया। इस धन का उपयोग शेयर, सिक्योरिटीज और अन्य संपत्तियों में निवेश के लिए किया गया।

    जांच के अनुसार, करीब 940.77 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित आय को विकास गर्ग के स्वामित्व एवं नियंत्रण वाली विभिन्न संस्थाओं तक पहुंचाया गया। इन फंड्स को कई कंपनियों के माध्यम से घुमाकर अलग-अलग परिसंपत्तियों में निवेश किया गया।

    ईडी ने बताया कि इस मामले में अब तक सात प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किए जा चुके हैं। साथ ही विशेष PMLA न्यायालय, रायपुर में अभियोजन शिकायतें और पूरक अभियोजन शिकायतें भी दाखिल की गई हैं। अदालत ने मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध का संज्ञान ले लिया है।
    गौरतलब है कि इससे पहले ईडी इस मामले में लगभग 2,825 करोड़ रुपये मूल्य की चल-अचल और विदेशी संपत्तियां जब्त कर चुकी है। ताजा कार्रवाई के बाद कुल जब्त संपत्तियों का मूल्य करीब 3,800 करोड़ रुपये पहुंच गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
  • “फरियाद लेकर आए… इंसाफ लेकर लौटे”: एसएसपी रजनेश सिंह के शिकायत निवारण शिविर में 43 में 41 शिकायतों का मौके पर ही समाधान

    “फरियाद लेकर आए… इंसाफ लेकर लौटे”: एसएसपी रजनेश सिंह के शिकायत निवारण शिविर में 43 में 41 शिकायतों का मौके पर ही समाधान

    बिलासपुर। पुलिस और जनता के बीच भरोसे की दूरी कम करने की दिशा में बिलासपुर पुलिस ने शुक्रवार को एक ऐसी पहल की, जिसने फरियादियों को सिर्फ सुनवाई का भरोसा ही नहीं, बल्कि मौके पर समाधान का विश्वास भी दिया। बिलासगुड़ी स्थित चेतना भवन में आयोजित वृहद शिकायत निवारण शिविर में पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह स्वयं अधिकारियों के साथ फरियादियों के बीच बैठे, एक-एक शिकायत सुनी और कई मामलों में तत्काल निर्णय लेकर कार्रवाई के निर्देश दिए। परिणाम यह रहा कि शिविर में प्राप्त 43 शिकायतों में से 41 का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया।

    शिविर में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी और थाना प्रभारी मौजूद रहे। शिकायतें मुख्य रूप से जमीन विवाद, पारिवारिक कलह, साइबर ठगी, लेन-देन से जुड़े विवाद और महिला संबंधी मामलों की थीं। प्रत्येक शिकायत पर संबंधित थाना प्रभारी और अधिकारियों से मौके पर ही जानकारी लेकर समाधान कराया गया, जिससे फरियादियों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़े।

     

    सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि आठ मामलों में प्रथम दृष्टया संज्ञेय  अपराध पाए जाने पर एसएसपी रजनेश सिंह ने तत्काल एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। संबंधित थाना प्रभारियों को स्पष्ट कहा गया कि ऐसे मामलों में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और  कानून के अनुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

    शिविर के दौरान पुलिस कप्तान ने कई फरियादियों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनकी समस्याओं की पूरी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल शिकायत दर्ज करना नहीं, बल्कि यथासंभव उसका प्रभावी और समयबद्ध समाधान करना भी है। उन्होंने दोहराया कि आम नागरिक को न्याय पाने के लिए बार-बार थाने या कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए ऐसे शिकायत निवारण शिविर आगे भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे।

    एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा, पुलिस का असली दायित्व केवल अपराधियों पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि कानून के दायरे में रहते हुए पीड़ित व्यक्ति को समय पर न्याय का भरोसा दिलाना भी है। जब नागरिक बिना भय और बिना भटकाव के अपनी बात पुलिस तक पहुंचा सके, तभी पुलिसिंग का उद्देश्य सार्थक होता है।”

    शिविर में महिला थाना से सबसे अधिक 8, कोतवाली से 7, सिरगिट्टी से 4, कोनी, रतनपुर और तोरवा से 3-3, जबकि सिविल लाइन, सरकंडा, तखतपुर, चकरभाठा, सीपत और मस्तूरी से 2-2 शिकायतें प्राप्त हुईं।

    शिविर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मधुलिका सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर पंकज पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रामगोपाल करियारे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आईयूसीएडब्ल्यू रश्मित कौर चावला, सीएसपी, एसडीओपी तथा जिले के सभी थाना प्रभारी उपस्थित रहे।

     

  • गृह विभाग से आदेश जारी,बड़े पैमाने में कई जिले के SP बदले गए,देखिए आदेश..

    गृह विभाग से आदेश जारी,बड़े पैमाने में कई जिले के SP बदले गए,देखिए आदेश..

    छत्तीसगढ़ में 24 आईपीएस अफसरों के हुए तबादले हुए हैं, कई जिलों के SP बदले गए… देखिए आदेश…

  • छत्तीसगढ़ मेँ IPS अधिकारीयों का थोक मेँ तबादला,जानें किसे कंहा भेजा गया…

    छत्तीसगढ़ मेँ IPS अधिकारीयों का थोक मेँ तबादला,जानें किसे कंहा भेजा गया…

    अजय कुमार यादव बने आईजी, राजनांदगांव रेंज।

    सुनील शर्मा को सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले का नया एसपी नियुक्त किया गया।

    अजय कुमार यादव बने आईजी, राजनांदगांव रेंज।

    बालाजी राव सोमावर को पुलिस मुख्यालय भेजा गया।

    प्रशांत कुमार अग्रवाल भी पुलिस मुख्यालय में पदस्थ।

    चंद्रमोहन सिंह बने दंतेवाड़ा के नए एसपी।

    हरीश राठौर कोरिया के नए एसपी होंगे।

    भावना पांडेय को धमतरी का एसपी बनाया गया।

    राय गौरव रामप्रवेश को बलौदाबाजार-भाटापारा की जिम्मेदारी मिली।

    उमेश प्रसाद गुप्ता बीजापुर के एसपी होंगे।

    मयंक को सुकमा का एसपी बनाया गया।

    संदीप कुमार पटेल नारायणपुर के एसपी नियुक्त किए गए।

    जितेंद्र कुमार यादव को कबीरधाम का एसपी बनाया गया

    योगेश कुमार पटेल को सूरजपुर और चव्हाण किरण गंगाराम को बलोद का एसपी बनाया गया।

  • मंच से BJP विधायक शकुंतला पोर्ते ने कहा – मेरा बस चले तो पूरे क्षेत्र को शराब मुक्त कर दूं… वीडियो वायरल

    मंच से BJP विधायक शकुंतला पोर्ते ने कहा – मेरा बस चले तो पूरे क्षेत्र को शराब मुक्त कर दूं… वीडियो वायरल

    सूरजपुर। प्रतापपुर की भाजपा विधायक शकुंतला पोर्ते का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में विधायक पोर्ते शराबबंदी और नशामुक्त समाज को लेकर अपनी स्पष्ट राय रखती नजर आ रही हैं। मंच से संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मेरा बस चले तो पूरे विधानसभा क्षेत्र को शराब-मुक्त कर दूं।

    विधायक शकुंतला पोर्ते ने कहा कि किसी व्यक्ति पर यह दबाव नहीं बनाया जा सकता कि वह शराब का सेवन न करे, लेकिन समाज और परिवार की भलाई के लिए लोगों को स्वयं आगे आकर नशे से दूरी बनानी चाहिए। उन्होंने लोगों से शराब और अन्य बुरी आदतों को छोड़कर सकारात्मक जीवन अपनाने की अपील की।

    अपने संबोधन में विधायक ने कहा कि यदि एक व्यक्ति भी गलत रास्ते पर जाने से बचता है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे समाज पर पड़ता है। नशामुक्त समाज ही मजबूत और विकसित समाज की नींव है, जिससे क्षेत्र के विकास को भी नई गति मिलेगी।

    विधायक शकुंतला पोर्ते ने विधानसभा क्षेत्र को नशामुक्त बनाने की अपनी इच्छा जताई और लोगों से इस दिशा में जनभागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया। विधायक शकुंतला पोर्ते के इस बयान के बाद छत्तीसगढ़ में एक बार फिर शराबबंदी की मांग को लेकर चर्चा तेज हो गई है। वहीं क्षेत्र में विधायक के इस विचार की खूब तारीफ हो रही है।

  • BSNL ने लॉन्च किया ₹1,34,166 का फोन, किसे इसकी जरूरत है, और यह क्या कर सकता है?

    BSNL ने लॉन्च किया ₹1,34,166 का फोन, किसे इसकी जरूरत है, और यह क्या कर सकता है?

    सरकारी दूरसंचार कंपनी BSNL ने भारत में एक नया सैटेलाइट फोन पेश किया है, लेकिन यह आम स्मार्टफ़ोन खरीदारों के लिए नहीं है। ₹1,34,166 (टैक्स सहित) की कीमत वाला यह हैंडसेट उन यूज़र्स के लिए बनाया गया है जो अक्सर ऐसी जगहों पर काम करते हैं, या यात्रा करते हैं, जहाँ पारंपरिक मोबाइल नेटवर्क नहीं होते।

    सेल्युलर टावरों पर निर्भर रहने के बजाय, यह फ़ोन सैटेलाइट नेटवर्क से कनेक्ट होता है, जिससे देश की सबसे दूर-दराज़ जगहों पर भी वॉइस कम्युनिकेशन संभव हो पाता है। यहाँ BSNL के नए सैटेलाइट फोन के बारे में सब कुछ बताया गया है – यह किसके लिए है, और इसकी कीमत इतनी ज़्यादा क्यों है।

    BSNL के सैटेलाइट फ़ोन में क्या खास है?

    आम स्मार्टफ़ोन के उलट, नया BSNL हैंडसेट एक इनमारसैट (Inmarsat) सैटेलाइट फ़ोन है, जिसे जरूरी कम्युनिकेशन (mission-critical communication) के लिए बनाया गया है। BSNL के अनुसार, यह डिवाइस डिफेंस, समुद्री ऑपरेशन, आपदा प्रबंधन, माइनिंग, दूर-दराज़ के इंडस्ट्रियल साइट्स और एडवेंचर ट्रैवल जैसे सेक्टर के लिए डिज़ाइन किया गया है, जहाँ अक्सर मोबाइल कनेक्टिविटी नहीं होती।

    इसकी सबसे बड़ी खासियत सैटेलाइट कनेक्टिविटी है, जो यूज़र्स को पारंपरिक मोबाइल टावरों की पहुँच से बाहर होने पर भी वॉइस कॉल करने की सुविधा देती है। इस हैंडसेट में SOS इमरजेंसी सपोर्ट फीचर, मुश्किल हालात में भी काम करने लायक मज़बूत डिज़ाइन और लंबे समय तक इस्तेमाल के लिए अच्छी बैटरी लाइफ़ भी मिलती है।

    क्योंकि यह फोन ज़मीनी नेटवर्क के बजाय सीधे सैटेलाइट से कम्युनिकेट करता है, इसलिए यह उन अलग-थलग इलाकों में भी काम करता रहता है, जहाँ आम टेलीकॉम सर्विस काम नहीं करतीं।

    इसे कौन और कैसे खरीद सकता है?

    उम्मीद है कि यह सैटेलाइट फोन आम स्मार्टफ़ोन रिटेलर्स या ऑनलाइन मार्केटप्लेस के ज़रिए नहीं बेचा जाएगा। जैसा कि TechDekhoji ने X पर बताया है, इच्छुक खरीदारों को सीधे BSNL से संपर्क करना होगा और बताना होगा कि वे इसका इस्तेमाल किसलिए करना चाहते हैं, क्योंकि सैटेलाइट फोन आम ग्राहकों के बजाय खास कामों के लिए होते हैं।

    BSNL ने इस डिवाइस की कीमत ₹1,34,166 (सभी टैक्स सहित) रखी है। ज़्यादा जानकारी चाहने वाले ग्राहक कंपनी से संपर्क कर सकते हैं, या खरीद से जुड़ी जानकारी और ज़रूरी शर्तों के लिए अपने नज़दीकी BSNL ऑफ़िस जा सकते हैं।

  • नाबालिग लड़की ने कार से तीन लोगों को कुचला : पुलिस ने पिता को बनाया सह आरोपी, हाईकोर्ट ने माना सही

    नाबालिग लड़की ने कार से तीन लोगों को कुचला : पुलिस ने पिता को बनाया सह आरोपी, हाईकोर्ट ने माना सही

    बिलासपुर। सड़क हादसे में 3 लोगों की मौत के मामले में नाबालिग बेटी को वाहन की चाबी देने वाले पिता की याचिका को हाईकोर्ट के डिवीजन बेंच ने खारिज कर दिया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने आरोपी पिता रायगढ़ निवासी घनश्याम महिलाने के खिलाफ दर्ज एफआईआर, चार्जशीट और निचली अदालत द्वारा लिए गए संज्ञान को निरस्त करने से इनकार कर दिया है। घटना 30 अक्टूबर 2025 की है।

    रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत कापू रोड स्थित छाल मोड़ खमहार के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। इसमें कार की चपेट में आने से 3 लोगों की मौत हो गई थी। इसमें एक महिला और दो पुरुष शामिल हैं। पुलिस जांच में यह बात सामने आई, दुर्घटना के समय कार को आरोपी घनश्याम महिलाने की नाबालिग बेटी लापरवाहीपूर्वक चला रही थी। मामले में पिता को पुलिस ने सह आरोपी बनाया है। पुलिस के मुताबिक यह जानते हुए भी कि बेटी नाबालिग है, कार की चाबी सौंपने और उसे गाड़ी चलाने की अनुमति देना खतरनाक है।

    सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पूरी कार्यवाही निरस्त करने की मांग
    पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 105 व धारा 3 ( 5 ) और मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 199, 184,3/181 व 4/181 के तहत आरोप पत्र दाखिल किया है। मामले में घनश्याम महिलाने की ओर से हाईकोर्ट में कहा गया कि, याचिकाकर्ता न तो वाहन का पंजीकृत मालिक है और न ही दुर्घटना के समय गाड़ी चला रहा था।

    अधिवक्ता ने घटना स्थल के पास के एक रेस्टोरेंट में लगे सीसीटीवी कैमरे के फूटेज और फॉरेंसिक रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया, घटना के समय गाड़ी नाबालिग बेटी नहीं, बल्कि अभिषेक भास्कर नामक बालिग व्यक्ति चला रहा था और बेटी बगल की सीट पर बैठी थी। याचिकाकर्ता शासकीय कर्मचारी है और एकतरफा जांच के कारण उसके कैरियर पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है, उसके खिलाफ पूरी कार्यवाही निरस्त की जाए।

    हाईकोर्ट साक्ष्यों का परीक्षण या मिनी ट्रायल नहीं कर सकता
    मामले की सुनवाई करते हुए डिवीजन बेंच ने कहा, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 528 के तहत हाईकोर्ट साक्ष्यों का परीक्षण या मिनी ट्रायल नहीं कर सकता। कोर्ट ने कहा, याचिकाकर्ता द्वारा पेश किया गया सीसीटीवी फूटेज और फॉरेंसिक रिपोर्ट उसके बचाव का हिस्सा है। इनकी प्रमाणिकता और सत्यता का फैसला निचली अदालत में ट्रायल के दौरान ही हो सकता है।

    डिवीजन बेंच ने कहा कि पुलिस चार्जशीट में स्पष्ट आरोप है कि पिता ने जानते हुए, नाबालिग को चाबी सौंपी थी। प्रथम दृष्टया अपराध की सामग्री मौजूद होने के कारण कार्यवाही रद्द नहीं की जा सकती। हाईकोर्ट ने निचली अदालत के संज्ञान लेने के आदेश को सही ठहराते हुए याचिकाकर्ता को छूट दी है कि वह अपनी सभी दलीलें ट्रायल कोर्ट के समक्ष रख सकता है।

  • CG : पुलिसकर्मी की बेटी पर चोरी का आरोप, आहत में सुसाइड …

    CG : पुलिसकर्मी की बेटी पर चोरी का आरोप, आहत में सुसाइड …

    कोरिया। जिले के बैकुंठपुर में 17 वर्षीय छात्रा की आत्महत्या का मामला सामने आने के बाद पूरे शहर में सनसनी फैल गई है। घटना के बाद परिजनों ने IC मार्ट प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने संबंधित मार्ट को सील कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, छात्रा अपनी बड़ी बहन के साथ IC मार्ट में खरीदारी करने गई थी। परिजनों का आरोप है कि दोनों पर चोरी का आरोप लगाकर काफी देर तक रोका गया। दावा किया गया है कि उनसे सामान की सूची बनवाई गई और छात्रा से लिखित रूप में यह स्वीकार भी कराया गया कि उसने और उसकी बहन ने दुकान से चोरी की है।

    मृतका के पिता, जो पुलिस विभाग में कार्यरत हैं, का कहना है कि जब वे मार्ट पहुंचे तो उनसे पहले 20 हजार और बाद में 50 हजार रुपये देने की मांग की गई। उनका यह भी आरोप है कि छात्रा की स्कूटी भी मार्ट प्रबंधन ने अपने कब्जे में रख ली और पैसे दिए बिना लौटाने से इनकार कर दिया। परिवार का कहना है कि घटना के बाद छात्रा गहरे मानसिक तनाव में चली गई थी। बुधवार 8 जुलाई दोपहर उसने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का आरोप है कि कथित अपमान, दबाव और वसूली की मांग से आहत होकर छात्रा ने यह कदम उठाया।