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  • Corona इलाज में कारगर Remdesivir के लिए इस तरह करें अप्लाई…

    Corona इलाज में कारगर Remdesivir के लिए इस तरह करें अप्लाई…

    कोरोना पॉजिटिव मरीजों के इलाज में रेमडेसिवीर (Remdesivir) दवा और काफी कारगर साबित हो रही है. अगर आप या आपका कोई रिलेटिव कोरोना से संक्रमित हो गया है तो उनका इलाज भी इससे किया जा सकता है. आइए जानते हैं कि इस दवा और प्लाजमा के लिए कैसे ऑर्डर कर सकते हैं।

    भारत में ये 4 कंपनियां बनाती हैं रेमडेसिवीर

    रेमडेसिवीर का पेटेंट अमेरिका की कंपनी गिलिएड साइंसेस के पास है. उसने चार भारतीय कंपनियों से इस दवा को बनाने का एग्रीमेंट किया है. इन चार कंपनियां में सिप्ला, हेटेरो लैब्स, जुबलिएंट लाइफसाइंसेस और मिलान का नाम शामिल है. ये कंपनी बहुत बड़े पैमाने पर रेमडेसिवीर का प्रोडक्शन करती हैं और दुनिया के तकरीबन 126 देशों में इसे एक्सपोर्ट भी करती हैं.

    इन नंबरों पर कॉल कर मंगाएं रेमडेसिवीर

    इन चार कंपनियों ने अपने नंबर जारी किए हैं, जिसपर कॉल कर आप दवा का ऑर्डर दे सकते हैं. आप Cipla को 8657311088 पर कॉल कर सकते हैं. इसके अलावा Hetero को 040-40473535 पर, Jubiliant को 9819857718 पर और Mylan को 7829980066 पर कॉल कर सकते हैं।

    इबोला के दौरान सुर्खियों में आई रेमडेसिवीर

    बताते चलें कि रेमडेसिवीर (Remdesivir) ड्रग्स का इस्तेमाल पहले हेपेटाइटिस सी (Hepatitis C) के इलाज में होता था. ये ड्रग उस वक्त ज्यादा सुर्खियों में आया जब 2014 में इबोला नाम का वायरस अफ्रीकी देशों में महामारी फैल गया. उस वक्त इलाज के लिए रेमडेसिवीर का इस्तेमाल किया गया क्योंकि ये एक सबसे ज्यादा असरदार एंटीवायरल दवा है।

    कई डॉक्टर्स ने बताया कि रेमडेसिवीर का इंजेक्शन कोरोना का सीधा उपचार या लाइफ सेविंग ड्रग नही है। किन मरीजों को यह इंजेक्शन देना है इसका निर्णय डॉक्टर द्वारा मरीज की स्थिति और ऑक्सीजन सेचुरेशन लेवल को देखकर लिया जाता है। यह गंभीर से अति गंभीर मरीजों में संक्रमण को बढऩे से रोकने के लिए दिया जाता है। हल्के या बिना लक्षणों वाले मरीज को इस इंजेक्शन की जरूरत नही होती है। कई शोध में यह बात भी सामने आयी है कि बिना जरूरत वाले मरीजों को इसे लगाने से उनके लिवर में इसका काफी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।


    अभी यह देखने को मिल रहा है कि ऐसे मरीज जिनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है लेकिन उन्हें कोई लक्षण नही है या बेहद हल्के लक्षण हैं तथा सांस लेने में भी कोई तकलीफ नही है वे भी इस इंजेक्शन को खरीदने के लिए प्रयासरत हैं। ऐसे में वास्तविक रूप से जिन मरीजों को अभी तत्काल में इसकी जरूरत है उन्हें यह इंजेक्शन नही मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि कोविड वायरस के उपचार के लिये ऑक्सीजन थेरेपी के साथ अभी जो दवाइयां दी जा रही हैं उसमें स्टीरॉयड व एंटीबायोटिक का कॉम्बिनेशन है जो हल्के या बिना लक्षणों वाले मरीजों में वायरस के खिलाफ पर्याप्त एंटीबॉडी बनाने में सक्षम है। इसके साथ ही जिंक और मल्टी विटामिन और विटामिन सी का सप्लीमेंट दिया जाता है, जो इम्युनिटी बूस्टर का काम करती है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है।


    ऑक्सीजन लेवल है सबसे महत्वपूर्ण
    विशेषज्ञ डॉक्टर का बताना है कि कोविड में सांस से जुड़ी दिक्कतें होती है। ऐसे में मरीज के शरीर में ऑक्सीजन का सेचुरेशन लेवल सबसे महत्वपूर्ण होता है। इसी से मरीज के स्थिति की गंभीरता तय होती है। उन्होंने बताया कि अभी मुख्यत: दो वजहों से मरीजों में कॉम्प्लिकेशन बढ़ रहे हैं। पहला इंफ्लमेशन की वजह से जिससे फेफड़ों में समस्या आ रही है। दूसरा खून के नसों में थक्के जमने की वजह से दिक्कत हो रही है। इस स्थिति में रुटीन दवाइयों के साथ हेपरिन (ब्लड थिनर) दिया जाता है जिससे मरीजों की स्थिति में सुधार आया है। इन दवाओं की अभी पर्याप्त आपूर्ति है। रेमडेसिवीर ऐसे गंभीर मरीज जिनका ऑक्सीजन सेचुरेशन लेवल 90 से नीचे हो उन्हें ही दिया जाता है। वह भी संक्रमित होने के शुरुआती 7 से 9 दिनों में यह लगे तो ही फायदेमंद है। उन्होंने कहा कि अभी आम धारणा यह बन गयी है कि पॉजिटिव आते ही रेमडेसिवीर लगाने से ही स्थिति में सुधार होगा। जबकि ऐसा नही है। होम आईसोलेट या अस्पताल में भर्ती मरीज जिनका ऑक्सीजन लेवल 94 से ऊपर है उन्हें इस इंजेक्शन की जरूरत नही है। ऐसे में उन्हें इसको लेकर किसी प्रकार का पैनिक नही करना चाहिए। वे नियमित इलाज लेकर बिल्कुल स्वस्थ हो सकते हैं। जैसा कि हमने पहले देखा है हजारों लोग बिना इस इंजेक्शन के बिल्कुल ठीक हुए हैं।

  • छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने बनाया फेक न्यूज मॉनिटरिंग सेल, देखिये किसे किया शामिल…

    छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने बनाया फेक न्यूज मॉनिटरिंग सेल, देखिये किसे किया शामिल…

    रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना काल के बीच फेक न्यूज हॉवी हो गया है. सरकार के आदेश से लेकर अन्य दस्तावजों को फर्जी तरीके से वायरल करने की खबरें तेजी से आ रही थी. इसी कड़ी में पीसीसी चीफ मोहन मरकाम ने चार सदस्यीय टीम गठित की है. ये कमेटी फेक न्यूज पर कड़ी निगरानी रखेगी. इस कमेटी में शैलेष नितिन, जयवर्धन बिस्सा, आरपी सिंह और आयुष पांडेय शामिल है. पीसीसी चीफ ने चार सदस्यीय अनुभवी टीम का गठन किया है

    कोरोना योद्धा लोगों को बचा रहे

    कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थिति में हमारे कोरोना योद्धा जनता के जीवन को बचाने में दिन-रात लगे हुए हैं. ऐसे में देखा गया है कि कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाहें और फर्जी खबरें तेजी से वायरल कर रहे हैं. इससे न केवल जनता को मानसिक रूप से नकारात्मक कर रहीं हैं, बल्कि हमारे कोरोना योद्धाओं का मनोबल भी प्रभावित कर रहीं हैं.

    कांग्रेस फेक न्यूज मॉनिटरिंग सेल

    इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सहमति से प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम के निर्देशानुसार ‘छत्तीसगढ़ कांग्रेस फेक न्यूज मॉनिटरिंग सेल’ का गठन किया गया है, जो जनता के बीच फैलाई जा रही भ्रामक खबरों पर नजर रखेंगे. उनकी पुष्टि करके जनता को सच से अवगत कराएंगे. यह सेल आगामी आदेश तक अस्तित्व में रहेगी.

    “छत्तीसगढ़ कांग्रेस फेक न्यूज मॉनिटरिंग सेल” में निम्न सदस्य होंगे

    • शैलेष नितिन त्रिवेदी (प्रदेश अध्यक्ष, संचार विभाग) Mo. 9303391000
    • जयवर्धन बिस्सा (प्रदेश अध्यक्ष, आईटी सेल) Mo. 9827048406
    • आर. पी सिंह (प्रदेश प्रवक्ता)
    • आयुष पांडेय (प्रदेश महासचिव, आईटी सेल) Mo. 94255 03988,  Mo. 9958647470

    देखें आदेश की कॉपी-

  • निजी अस्पताल में आग से अबतक 4 की मौत की खबर, मुख्यमंत्री ने की 4-4 लाख मुआवजे का एलान….

    निजी अस्पताल में आग से अबतक 4 की मौत की खबर, मुख्यमंत्री ने की 4-4 लाख मुआवजे का एलान….

    रायपुर मुनादी।। राजधानी रायपुर के टिकरापारा स्थित एक निजी अस्पताल में आज लगी आग से 4 लोगों की मृत होने की सूचना मिली है। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यजनक बताया है । उन्होंने शोक संतप्त परिवार के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त की है । मुख्यमंत्री ने इस हादसे में मृत सभी 4 लोगों के परिजनों को 4- 4 लाख रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा भी की है।

    दुर्घटना की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर डॉ एस भारतीदासन और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री अजय यादव घटनास्थल पर पहुंच गए हैं, वे यहां सहायता और मदद की कार्यों का व्यक्तिगत रूप से अवलोकन कर रहे हैं। इस दुर्घटना में एक मरीज की मृत्यु आग से जलने से हुई है तथा 3 की मृत्यु दम घुटने से हुई है।

    दुर्घटना में आग से जलने से श्री रमेश साहू की मृत्यु हुई है । श्री ईश्वर राव, वंदना गजमाला और देविका सोनकर की दम घुटने से मृत्यु हुई है।

  • कोरोना इलाज के लिए रिटायर्ड एवं निजी चिकित्सकों समेत इनकी ली जा सकेंगी सेवाएं… CM ने लॉकडाउन के मद्देनजर कलेक्टरों को दिए कई निर्देश… 

    कोरोना इलाज के लिए रिटायर्ड एवं निजी चिकित्सकों समेत इनकी ली जा सकेंगी सेवाएं… CM ने लॉकडाउन के मद्देनजर कलेक्टरों को दिए कई निर्देश… 

    रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य में कोरोना संक्रमण की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिलों में स्थापित डेडिकेटेड हॉस्पिटल, कोविड केयर सेंटर में मानव संसाधन की आपूर्ति के लिए सेवानिवृत्त चिकित्सकों सहित प्राईवेट चिकित्सकों, नर्स तथा पैरामेडिकल स्टाफ की आवश्यकता संविदा भर्ती के निर्देश दिए हैं। यह संविदा भर्ती तीन माह अथवा अधिकतम कोविड संक्रमण अवधि तक के लिए होगी। नियुक्त चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ को संविदा दर के अनुसार मानदेय का भुगतान डीएमएफ फंड से किया जाएगा।
    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोरोना संक्रमण की वर्तमान स्थिति को देखते हुए कई जिलों में जारी लॉकडाउन की अवधि में जन सुविधा के मद्देनजर कलेक्टरों को अत्यावश्यक सेवाओं सहित फल, सब्जी, दूध, रसोई गैस की डोर-टू-डोर डिलिवरी की अनुमति एवं इसके लिए आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देेश दिए हैं।

    मुख्यमंत्री ने लॉकडाउन अवधि में पेट्रोल पम्प, दवाई दुकान, रसोई गैस एजेंसी, हॉस्पिटल एवं पशुओं के आहार से संबंधित दुकानों को खोलने की अनुमति देने को कहा है। उन्होंने गांवों में सब्जी एवं फल की खेती करने वाले किसानों को यदि वह शहर आकर कालोनियों एवं मोहल्लों में डोर-टू-डोर सब्जी-फल बेचना चाहते हैं तो उन्हें भी इसकी अनुमति दिए जाने के निर्देश दिए हैं।
    मुख्यमंत्री सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राज्य के राशन दुकानों को खोलने तथा उपभोक्ताओं को टोकन आधार पर खाद्यान्न का वितरण सुनिश्चित करने को कहा है। राशन दुकान संचालकों द्वारा उपभोक्ताओं को इसके लिए पूर्व में टोकन दिया जाना होगा। प्रतिदिन अधिकतम 50 से 80 उपभोक्ताओं को टोकन के आधार पर राशन उपलब्ध कराने को कहा गया है। उन्होंने कलेक्टरों को जिला खाद्य अधिकारियों के माध्यम से उक्ताशय की सूचना जिले के समस्त उचित मूल्य दुकान के संचालकों को देने और इसका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

    मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को दिए गए अपने निर्देश में इस बात का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि लॉकडाउन की अवधि में कोई भी सब्जी एवं फल की दुकान नहीं खुलेगी। सब्जी-फल उत्पादक किसानों से सीधे सब्जी-भाजी, फल क्रय कर स्ट्रीट वेन्डर उन्हें कालोनियों, गली-मोहल्लों में घर-घर जाकर बेच सकेंगे। लॉकडाउन के अवधि में बैंक खोलने की अनुमति सिर्फ इस शर्त पर दी गई है कि बैंक के अधिकारी-कर्मचारी बैंकिंग सेवा से संबंधित कार्याें का निष्पादन कर सकेंगे। यहां बैंक पब्लिक डिलिंग की अनुमति नहीं होगी। एटीएम को चौबीसों घंटे क्रियाशील रखने के लिए बैंक से राशि निकालकर एटीएम में फीड की जा सकेगी।

  • होम आईसोलेशन पूर्णता प्रमाण-पत्र जिले की वेबसाईट से कर सकते है डाउनलोड….

    होम आईसोलेशन पूर्णता प्रमाण-पत्र जिले की वेबसाईट से कर सकते है डाउनलोड….

    रायगढ़। कोविड संक्रमित पाये जाने वाले मऐसे मरीज जिनका होम आईसोलेशन में उपचार चल रहा था, वे 17 दिनों के बाद अपना होम आइसोलेशन पूर्णता प्रमाण-पत्र जिला प्रशासन की वेबसाईट से डाउनलोड कर सकते हैं। प्रमाण पत्र डाउनलोड करने के लिए raigarh.gov.in में जाना होगा। जिसके पश्चात ड्रापडाउन मेनू में क्लिक कर ‘नोटिस ‘ ऑप्शन चुनना होगा। जिससे एक और ड्रॉपडाउन मेनू खुलेगा, उसमें से ‘कोरोना संबंधित आदेश ‘ विकल्प पर क्लिक करना होगा। यहां से एक नया पेज खुलेगा जिसमें ‘होम आइसोलेशन पूर्णता प्रमाण पत्र ‘ शीर्षक के अंतर्गत तिथिवार मरीजों के पूर्णता प्रमाण पत्र अपलोड किए गए हैं। अपनी होम आइसोलेशन में जाने से लेकर 17 दिन बाद की पूर्णता तिथि पर क्लिक करने पर वह फाइल डाउनलोड हो जाएगी। जिसमें से संबंधित व्यक्ति अपना प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकेगा। इसके साथ ही

    https://raigarh.gov.in/notice_category/

    कोरोना/ लिंक में जाकर सीधे पूर्णता प्रमाण पत्र डाउनलोड किया जा सकता है।
    24×7 संचालित है होम आईसोलेशन कंट्रोल रूम
    कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच स्वास्थ्य विभाग रायगढ़ ने होम आइसोलेटेड कोविड मरीज और उनके परिजनों के उचित देखभाल हेतु आपातकालीन स्वास्थ्य सहायता व परामर्श के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया है। यह कंट्रोल रूम 24×7 संचालित किया जा रहा है। इसमें 03 पालियों में चिकित्सकों की ड्यूटी लगायी गयी है। जिनके नंबर्स स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी किए गए हैं। जिस पर होम आईसोलेशन के दौरान सहायता के लिये काल कर संपर्क किया जा सकता है। होम आईसोलेशन सहायता केन्द्र सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक 7647921193, 7647921146, दोपहर 2 बजे से रात्रि 8 बजे तक 7647921172, 7647921147, रात्रि 8 बजे से सुबह 8 बजे तक 7647921175, 7647921184 एवं 24×7 व्हाट्सअप्प पर परामर्श हेतु 7647921154, 7647921157 नंबर है। आपात काल एम्बुलेंस सेवा 108 एवं छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य हेल्प लाईन नंबर 104 है। किसी भी आपातकालीन स्थिति में लैंडलाइन नंबर 07762-232668, 07762-228000 संचालित है जिसमें संपर्क कर सकते है।

  • राजधानी अस्पताल में लगी भीषण आग, आईसीयू में भर्ती मरीजों को किया गया शिफ्ट, चारो तरफ अफरा-तफरी

    राजधानी अस्पताल में लगी भीषण आग, आईसीयू में भर्ती मरीजों को किया गया शिफ्ट, चारो तरफ अफरा-तफरी

    रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर (Raipur) स्थित राजधानी हॉस्पिटल के कोविड आईसीयू में आग (Fire In ICU) लगने से दो मरीजों की मौत (Covid Patients Death) हो गयी. बताया जा रहा है कि शनिवार की शाम पांच बजे अस्पताल के ऊपरी फ्लोर में आईसीयू में अचानक आग लगी जिससे अफरा-तफरी मच गयी. घटना के वक्त अस्पताल के आईसीयू में लगभग 50 मरीज भर्ती थे. आग लगने से सभी कमरों में धुंआ भर गया जिससे मरीजों का दम घुटने लगा. अस्पताल का फायर सिस्टम काम नहीं कर रहा था इसलिए फायर ब्रिगेड की टीम को तुरंत इसकी सूचना दी गयी. इसके बाद वार्ड में लगे कांच को तोड़कर धुआं बाहर निकलने की जगह बनायी गयी.

    दरअसल अस्पताल में जितने भी मरीज भर्ती थे उनमें से अधिकतर कोविड के मरीज थे. फायर ब्रिगेड की टीम आने के बाद आग पर काबू पाया गया लेकिन इस दौरान दम घुटने से दो मरीजों की मौत हो गयी. वहीं, रेस्क्यू किए गए बाकी मरीजों को शहर के अलग-अलग अस्पतालों में शिफ्ट किया गया है. लेकिन अधिकतर मरीज वेंटिलेटर और ऑक्सीजन बेड पर थे ऐसे में शिफ्टिंग के दौरान कई मरीजों की जान पर खतरा बना हुआ है. हैरानी की बात है कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा जिन मरीजों को शिफ्ट किया गया उनके परिजनों को इसकी खबर नहीं दी गयी.

    अस्पताल ने मरीजों के परिजनों को शिफ्ट करने की नहीं दी जानकारी
    कवर्धा जिला से आये प्रिय प्रकाश साहू ने बताया कि उनके भाई नरेश साहू कोरोना के मरीज हैं जिन्हें वो इलाज के लिए राजधानी हॉस्पिटल लेकर आये थे. प्रिय प्रकाश ने बताया कि आग लगने के जानकारी उन्हें अस्पताल प्रबंधन द्वारा नहीं दी गयी, अस्पताल में ही भर्ती एक दूसरे मरीज द्वारा जानकारी दिये जाने के बाद वो यहां पहुंचे. लेकिन अब तक कोई उन्हें यह नहीं बता पा रहा है कि उनके भाई को किस अस्पताल में शिफ्ट किया गया है. प्रिय प्रकाश के मुताबिक वो रायपुर के कई अस्पतालों में जाकर देख चुके हैं लेकिन उनके भाई का अब तक पता नहीं चला है.

    इस बीच मरीजों के परिजनों ने आरोप लगाया है कि निजी अस्पतालों में कोविड मरीजों के इलाज के लिए लाखों रूपए वसूले जा रहे हैं. लेकिन यहां शार्ट सर्किट से आगजनी की घटना के बाद जरूरी फायर सेफ्टी सिस्टम तक काम नहीं कर रहा था. तमाम तरह की कुव्यवस्थाओं के बीच यह अस्पताल चल रहा है.

    वहीं, ग्रामीण एएसपी तारकेश्वर पटेल ने कहा कि अस्पताल में शार्ट सर्किट की वजह से आग लगी है जिससे यहां भर्ती दो मरीजों की मौत हो गयी है. बाकी मरीजों को दूसरे अस्पताल शिफ्ट किया जा रहा है. उन्होंने जांच के बाद आगे की कार्रवाई करने की बात कही.

  • एक दिन में 120 मौत से दहला छत्तीसगढ़… एक्टिव मरीजों का आंकड़ा भी 1 लाख 18 हजार के पार… इन जिलों में हालात बेकाबू… 

    एक दिन में 120 मौत से दहला छत्तीसगढ़… एक्टिव मरीजों का आंकड़ा भी 1 लाख 18 हजार के पार… इन जिलों में हालात बेकाबू… 

    रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस संक्रमण का ग्राफ थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब तक 4 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं। बीते बुधवार के दिन 14250 नए मरीज मिलने की पुष्टि हुई है। प्रदेश में लगातार बढ़ती संक्रमित मरीजों की संख्या चिंता जनक है। अब छत्तीसगढ़ में कुल एक्टिव मरीज 109139 हो गए हैं।

    छत्तीसगढ़ राज्य में अब तक कुल 486244 संक्रमित मिले है,जिसमें 362301 मरीज स्वस्थ्य हो चुके है। 5307 की मृत्यु हो चुकी है। शेष 118636 मरीजों का उपचार जारी है।प्रदेश में लगातार बढ़ती संक्रमित मरीजों की संख्या चिंता जनक है।

  • स्वास्थ्य मंत्री श्री सिंहदेव का कथन, निजी अस्पतालों का दर नियंत्रण कोरोना से राहत के लिये-इसका अक्षरशः हो पालन….

    स्वास्थ्य मंत्री श्री सिंहदेव का कथन, निजी अस्पतालों का दर नियंत्रण कोरोना से राहत के लिये-इसका अक्षरशः हो पालन….

     

    रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को समय पर शिकायतें मिल रही थी कि निजी चिकित्सालयों में कोविड पाजिटिव मरीज की मृत्यु हो जाने पर अस्पतालों द्वारा परिजनों से इस दुखद घड़ी में अत्यधिक राशि की मांग की जाती है । इसे रोकने के लिए विभाग ने हाल ही में आदेश जारी किया था कि निजी अस्पताल ऐसे समय में हैंडलिंग, स्टोरेज  और मैनेजमेंट केे लिए अधिकतम केवल 2500 रूपये ले सकते है , उससे ज्यादा नही ले सकेंगे। यह आदेश पूर्व में भी जारी हुआ था। यह आदेश परिजनों को दुख के समय में राहत पहुंचाने के लिए जारी किया गया  और यह केवल निजी अस्पतालों पर लागू किया गया। शासकीय अस्पतालों में  इस हेतुु पूर्णतः निःशुल्क व्यवस्था रहती है।

  • छत्तीसगढ़ शासन का बड़ा फैसला-प्रदेश में 40 और एम्बुलेंस होंगी संचालित, पहुंचविहीन क्षेत्रों में भेजे जाएंगे एम्बुलेंस….

    छत्तीसगढ़ शासन का बड़ा फैसला-प्रदेश में 40 और एम्बुलेंस होंगी संचालित, पहुंचविहीन क्षेत्रों में भेजे जाएंगे एम्बुलेंस….

    रायपुर। मरीजों को अस्पताल लाने-ले जाने के लिए प्रदेश में 40 और एम्बुलेंस का संचालन किया जाएगा। राज्य के दुर्गम, अति दुर्गम और पहुंचविहीन क्षेत्रों में ये अतिरिक्त एम्बुलेंस संचालित की जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग ने शासन द्वारा खरीदे गए 40 पुराने संचालन योग्य एम्बुलेंस की सेवाएं शुरू करने के लिए प्रदेश में अभी 108-संजीवनी एक्सप्रेस एम्बुलेंस सेवा संचालित करने वाली संस्थाओं को निर्देशित किया है।
    स्वास्थ्य सेवाओं के संचालक श्री नीरज बंसोड़ ने प्रदेश में एम्बुलेंस सेवा का संचालन कर रहीं संयुक्त संस्थाओं के संचालक को पत्र लिखकर इन एन्बुलेंस का संचालन सुनिश्चित करने कहा है। उन्होंने पत्र में बताया है कि एम्बुलेंस के संचालन के लिए संस्था को प्रति माह प्रति एम्बुलेंस एक लाख 33 हजार 350 रूपए का भुगतान किया जाएगा। प्रदेश के दुर्गम, अति दुर्गम और पहुंचविहीन क्षेत्रों में एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध कराने के लिए इन्हें दूरस्थ अंचलों के जिला अस्पतालों, सिविल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से संबद्ध किया गया है