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  • छग में पत्रकारों को जान का खतरा, भ्रष्टाचार के खिलाफ खबर छापने से आग बबूला हुए कांग्रेस नेता, दिलाई जान से मारने की धमकी….

    छग में पत्रकारों को जान का खतरा, भ्रष्टाचार के खिलाफ खबर छापने से आग बबूला हुए कांग्रेस नेता, दिलाई जान से मारने की धमकी….

    छत्तीसगढ़। दंतेवाड़ा में निर्माण कार्य में हो रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ खबर छपने से कांग्रेस जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुभाष सुराना गुस्से से आग बबूला हो गए. पत्रकारों ने कांग्रेस नेता सुभाष सुराना पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. पत्रकारों ने कहा कि नेता ने कुछ लोगों को खिला-पिलाकर पत्रकार कार्यालय का घेराव करा दिया. पत्रकार को गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी भी दिलाई, जिसके बाद पत्रकारों में नाराजगी देखने को मिली.

    जिले के सभी पत्रकारों ने ठेकेदार सुभाष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. पत्रकारों ने उनके सारे निर्माण कार्यों की जांच की मांग की है.  साथ ही कार्यालय घेराव मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है, जिस पर कलेक्टर दीपक सोनी और एसपी डाॅ पल्लव ने उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।

    गौरतलब है कि शुक्रवार की दोपहर सुभाष सुराना के इशारे पर कुछ लोगों ने समाचार पत्र के कार्यालय का घेराव किया था. घेराव से पहले ये सारे लोग सुभाष सुराना के घर पहुंचे थे. यहीं से इस घटनाक्रम की रूपरेखा तैयार की गई थी. इस तरह कार्यालय घेराव की घटना देखते ही देखते सारे प्रदेश में फैल गई. प्रदेश स्तर पर भी सुराना के इस कृत्य की किरकिरी हो रही है।
    काॅल डिटेल खंगालेंगे- एसपी
    एसपी डाॅ पल्लव ने बताया कि इस मामले में संबंधित ठेकेदार के कॉल डिटेल खंगाले जाएंगे. कॉल डिटेल में इस घेराव से संबंधित तथ्य मिलने पर न्यायोचित कार्रवाई की जाएगी. प्रेस कार्यालय के घेराव को एसपी ने गलत बताया है. एसपी ने कहा कि जिले के पत्रकार स्वतंत्र हैं. उनकी स्वतंत्रता का हनन किसी भी सूरत में नहीं होने दिया जाएगा।
    प्रेस कार्यालय को दी सुरक्षा –
    घेराव की घटना की जानकारी मिलने के बाद एसपी डाॅ पल्लव ने बस स्टैंड स्थित प्रेस कार्यालय में सुरक्षा मुहैया कराई है. उन्होंने शनिवार की सुबह से ही कार्यालय के आसपास सुरक्षाकर्मियों को तैनात कर दिया है. एसपी ने यह भी कहा कि जब भी पत्रकारों से ऐसा लगता है कि उन्हें सुरक्षा की जरूरत है, हम सुरक्षा देने के लिए तत्पर हैं।
    पत्रकार विकास के सहभागी हैं- कलेक्टर
    पत्रकारों ने शनिवार को कलेक्टर दीपक सोनी से भी मुलाकात की. कलेक्टर सोनी ने पत्रकारों को विकास का सहभागी बताते उनके सुरक्षा की संपूर्ण जिम्मेदारी ली है. सोनी ने कहा कि जिले के किसी भी पंचायत में कवरेज के दौरान कोई परेशानी हो तो इसकी जानकारी तत्काल प्रशासन को दें. मामले में त्वरित कार्रवाई की जाएगी. कलेक्टर ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

  • एसड़ीएम अभिषेक गुप्ता ने किया पदभार ग्रहण…

    एसड़ीएम अभिषेक गुप्ता ने किया पदभार ग्रहण…

    खरसिया। जिले के संयुक्त कलेक्टर अभिषेक गुप्ता ने आज खरसिया अनुविभागीय अधिकारी (रा.) का पदभार ग्रहण कर लिया है। विदित हो कि जिला कलेक्टर ने 19 जुलाई को ही खरसिया के विवादीत एसड़ीएम गिरीश रामटेके का तबादला आदेश जारी कर दिया था।

    गौरतलब है कि नवपदस्थ एसड़ीएम अभिषेक गुप्ता ने आज तहसील कार्यालय पहुँचकर विधिवत कार्यभार ग्रहण कर लिया। उन्होंने पदभार ग्रहण करते ही अनुविभाग स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर उन्हे महत्वपूर्ण दिशा निर्देश दिये। इस दौरान तहसील कार्यालयीन कर्मचारियों ने नवपदस्थ अधिकारी का स्वागत किया। नवपदस्थ एसड़ीएम अभिषेक गुप्ता ने बताया कि राजस्व संबंधित पुराने प्रकरणों का निपटारा सहित अनुविभाग के पेंड़िंग मामलों को निपटाना उनकी प्राथमिकता होगी वहीं जिला कलेक्टर के मंशानुरूप क्षेत्र के विकास के लिये सदैव तत्पर रहूंगा। वहीं उन्होंने बताया कि क्षेत्र में हो रहे अवैध उत्खनन, अवैध रूप से गिराये जा रहे फ्लाई ऐश सहित अन्य अवैध मामलों पर तत्परता से कार्यवाही की जायेगी। इस दौरान बीएमओ ड़ाॅ. अभिषेक पटेल, नगर पालिका खरसिया के मुख्य नगर पालिका अधिकारी टाॅमसन रात्रे सहित अनुविभाग स्तरीय अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

  • मिजोरम पुलिस की कार्रवाई, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के खिलाफ एफआईआर दर्ज…

    मिजोरम पुलिस की कार्रवाई, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के खिलाफ एफआईआर दर्ज…

    गुवाहाटी। असम और मिजोरम सरकार सीमा विवाद को लेकर आमने सामने हैं. सीमा पर हिंसक झड़प को लेकर दोनों राज्यों में तनाव जारी है. वहीं मिजोरम पुलिस ने कोलासिब जिले वैगेंगते नगर पर हुई हिंसा के मामले में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. मुख्यमंत्री बिस्वा सरमा के खिलाफ हत्या की साजिश रचने के आरोप में केस दर्ज किया है. इसके अलावा असम के 6 अन्य अधिकारियों पर भी मामला दर्ज कर किया गया है. पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

    मिजोरम ने आरोप लगाया कि सीमा विवाद की शुरुआत असम से हुई है. असम की ओर से पहली फायरिंग की गई, जिसके बाद मिजोरम पुलिस ने जवाब दिया. वहीं मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरमथंगा ने कहा कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा उनके भाई की तरह हैं और वे इस विवाद को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझा लेंगे।


    बता दें कि 26 जुलाई को असम-मिजोरम सीमा पर हिंसक झड़प हुई थी. इस घटना में असम के 6 पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे. इसके अलावा कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे.

  • जज की मौत मामले में 12 घण्टे की मैराथन बैठक, जानिए बड़ा अपडेट…

    जज की मौत मामले में 12 घण्टे की मैराथन बैठक, जानिए बड़ा अपडेट…

    जिला एवं सत्र न्यायाधीश-8 उत्तर आनंद की मौत के मामले में साजिश का एंगल खंगालने के लिए एसआईटी ने शुक्रवार को मैराथन बैठक की। एडीजी अभियान संजय आनंद लाटकर की अगुवाई में टीम ने एसएसपी ऑफिस में सुबह 10 बजे से रात आठ बजे तक लगातार बैठक की। इस दौरान गिरफ्तार ऑटो चालक लखन वर्मा और राहुल वर्मा को अलग-अलग कमरे में बैठाकर टीम के सदस्यों ने उनपर सवाल की बौछार की। बताया जा रहा है कि अबतक की जांच में एसआईटी को कोई नया एंगल नहीं मिल पाया है। एसआईटी ने सीआईडी की फोरेंसिक टीम के साथ भी अलग से बैठक की।

    घटनास्थल और ऑटो से जब्त साक्ष्य की बारीकी से समीक्षा की गई। एसआईटी के निर्देश पर धनबाद के अलग-अलग डीएसपी की अगुवाई में मोबाइल सीडीआर और कॉल डंप को खंगाला जा रहा है। मोबाइल सीडीआर के आधार पर सरायढेला थाने में बुलाकर कई लोगों से पूछताछ भी की गई। दोनों आरोपियों के पास से चार मोबाइल नंबरों के हाल के दिनों का कॉल डिटेल्स निकाला गया है। आरोपियों के नंबरों पर आए फोन और उनके द्वारा किए गए कॉल के संबंध में जांच चल रही है। कातिल ऑटो के पीछे सीसीटीवी में दिखे बाइक सवार की भी तलाश की जा रही है। अन्य सड़कों पर मिले सीसीटीवी से भी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

    एसआईटी ने गिरिडीह जाने के दौरान ऑटो में बैठे सवारी से भी पूछताछ की है। इस यात्री को आमाघाटा के पास उतार दिया गया था। एसआईटी ने जज की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर भी विस्तार से चर्चा की। एसआईटी में आईजी प्रिया दुबे, डीआईजी कन्हैया मयूर पटेल, एसएसपी संजीव कुमार, सिटी एसपी आर रामकुमार, एएसपी मनोज स्वर्गियारी सहित अन्य शामिल हैं। एडीजी सहित अन्य अधिकारी फिलहाल धनबाद में ही कैंप कर रहे हैं। एक सप्ताह में यह टीम अपनी रिपोर्ट उच्च न्यायालय को सौंपेगी।

    एडीजी अभियान संजय आनंद लाटकर ने कहा, ‘हर बिंदु पर जांच चल रही है। कई प्रकार की टीमें बनाई गई हैं। टीमें विभिन्न एंगल पर काम कर रही हैं। जानकारी और साक्ष्य जुटाया जा रहा है। जांच के पहलुओं को जल्द ही साझा किया जाएगा।’ एसआईटी ने पहले दिन जांच की दिशा तय की। निर्देशित दिशा में साक्ष्य जुटाने के लिए एडीजी ने इंस्पेक्टरों की अगुवाई में 11 टीमें बनाई हैं। शनिवार को एडीजी सभी टीमों के साथ बैठक करेंगे। बताया जा रहा है कि सभी टीम को अलग-अलग टास्क सौंपी गई है। मोबाइल सीडीआर सहित अन्य जांच के लिए कई टीमों का गठन हुआ है।

    जज उत्तम आनंद की ओर से धनबाद व अन्य जिलों के न्यायालयों में सुनाए गए अहम फैसलों से जुड़ी जानकारी एकत्रित करने की जिम्मेवारी भी टीमों को सौंपी गई है। पता लगाया जा रहा है कि जज ने किस-किस मामले में आरोपियों को सजा सुनाई थी। किन-किन मामलों में बेल रिजेक्ट किया था। टीम आरोपियों के बैकग्राउंड और ऑटो मालिक का विवरण भी जुटाएगी। अन्य पहलुओं पर भी जांच चल रही है। देवघर में भीड़ नियंत्रण के लिए प्रतिनियुक्त झरिया थाना के पूर्व इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार सिंह और इंस्पेक्टर संतोष गुप्ता को वापस धनबाद बुला लिया गया है। इन दोनों अधिकारियों को भी जांच टीम में जगह दी गई है।

  • डिजिटल ठगी, मैं इंडियन एयरलाइंस के HR डिपार्टमेंट से बोल रहा हूं आपका सलेक्शन हो गया है…

    डिजिटल ठगी, मैं इंडियन एयरलाइंस के HR डिपार्टमेंट से बोल रहा हूं आपका सलेक्शन हो गया है…

    रायपुर। रायपुर की एक महिला टीचर को डिजिटल ठगी का शिकार बनाया गया है। बातों में ठग ने इन्हें ऐसा फंसाया कि मैडम ने उसके एकाउंट में 2.5 लाख रुपए जमा करा दिए। महिला को अपनी बातों में फंसाने के लिए ठग ने उन्हें हवा में उड़ने वाली नौकरी यानी एक एयरलाइंस में मोटी सैलेरी वाली जॉब के बारे में बताया। ठगी का शिकार होने के बाद महिला की शिकायत पर कबीर नगर की पुलिस ने केस दर्ज किया है। ठग ने कुछ खातों में रुपए जमा करवाए थे उन बैंक अकाउंट्स की जानकारी भी पुलिस ले रही है।

    जी मैं इंडियन एयरलाइंस का एचआर बोल रहा हूं

    कबीर नगर में रहने वालीं शम्पा धरगुप्ता पिछले 25 सालों से टीचिंग की जॉब में थीं। पिछले दिनों नौकरी छूट गई तो नौकरी डॉट कॉम नाम की वेबसाइट पर अप्लाय किया था। 8 जुलाई को इन्हें मोबाइल नंबर 9933011568 से फोन आया। कॉल करने वाले ने कहा कि मैं इंडियन एयरलाइंस से बोल रहा हूं। उसने कहा कि आपका सलेक्शन इंडियन एयरलाइंस में हो चुका है, हमें आप जैसे पढ़े-लिखे और अनुभवी लोगों की जरूरत है। अब आपका टेलीफोनिक इंटरव्यू होगा। इसके बाद एक और नंबर 8923830312 से महिला के पास फोन आया। उसने महिला से बात की। कहा कि आपको हम जॉब दे रहे हैं।

    ये सुनकर महिला खुश हो गई। मगर यहीं असली पेंच था। ठग ने महिला से कहा कि उन्हें रजिस्ट्रेशन के 2000, डॉक्यूमेंटेशन के 7000, मेडिकल के 15000, ट्रेनिंग के 28 हजार 600, ड्रेस कोड के 24000, इंश्योरेंस के 39999, बॉन्ड के 59999, मुंबई में ट्रेनिंग के 79999 के 256597 रुपए जमा कराने होंगे। ठग ने भरोसा दिया कि सैलेरी मिलने पर इनमें से रुपए लौटा दिए जाएंगे। ठग ने यूको बैंक के खाते की डीटेल महिला को भेजी और फोन पे के जरिए रुपए ले लिए। लगातार 10 दिनों तक महिला से ठग इधर-उधर की बातें करते रहे न रकम लौटाई न जॉब का कोई कंफर्मेशन मिला। ठगी का शक होने पर इसके बाद महिला थाने चली गई और शिकायत दर्ज करवाई।

    बैंक में डिजिटल डकैती करने वाले फरार

    रायपुर के आईडीबीआई बैंक में कर्मचारी को फोन करके डिजिटल डकैती की जा चुकी है। इसमें डकैत बैंक में नहीं आए सिर्फ एक फोन किया और उड़ा लिए 23 लाख। 2 जुलाई को बैंक मैनेजर राजेश प्रसाद की टीम को एक शख्स का फोन आया। कॉलर ने खुद को कारोबारी संयम बैद बताया। संयम स्टील के कारोबारी हैं इनका खाता बैंक में है। ठग ने कहा कि मैं संयम बोल रहा हूं एक मेडिकल इमरजेंसी है मैंने मेल पर डिमांड की डीटेल भेजी है मुझे 23 लाख रुपए दें। बातों में आकर बैंक के कर्मचारी ने रुपए दे दिए। कुछ देर बाद असली संयम बैद बैंक आए और शिकायत की। पुलिस अब तक इस ठग को पकड़ नहीं पाई है।

  • गंगाजल हाथ में लिए शराबबंदी का संकल्प भी नहीं हो सका पारित, विधान सभा में 13 के मुकाबले 58 से गिरा….

    गंगाजल हाथ में लिए शराबबंदी का संकल्प भी नहीं हो सका पारित, विधान सभा में 13 के मुकाबले 58 से गिरा….

    रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानूसत्र के आखिरी दिन शुक्रवार को 1 जनवरी 2022 से पूर्ण शराबबंदी पर भाजपा विधायक शिवरतन शर्मा के अशासकीय संकल्प पर जोरदार बहस हुई। इस पहले कि सदन में यह मुद्दा गरमाता विधानसभा अध्यक्ष ने शायराना अंदाज में माहौल को हल्का फुल्का कर दिया। चर्चा के दौरान सत्ता और विपक्ष में जोरदार बहस हुई।

    चर्चा में शिवरतन शर्मा ने कहा कि 2018 के चुनाव में कांग्रेस ने गंगा जल हाथों में लेकर शपथ लिया था कि राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू होगी।​ जिस पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि शिवरतन शर्मा ने अपनी बात ग़लत कथन के साथ रख रहे हैं, इन्हें ट्रेनिंग ही यही मिली है कि किसी झूठ को सौ बार बोला जाये तो वह सच लगे। ये लोग गिरीश देवांगन के लेटरपैड पर फर्जी दस्तखत कर पत्र वायरल कराया था, जिसके चलते 25 सौ रुपए धान का समर्थन मूल्य देंगे उसके लिए हमारे नेताओं ने गंगाजल की कसम खायी थी।

    चर्चा को आगे बढ़ाते हुए शिवरतन शर्मा ने कहा कि अरबी में शराब का अर्थ है ख़राब पानी, विधायक शिवरतन शर्मा के इस ​कथन को आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने अरबी को हल्बी समझ लिया और कहा कि ग़लत अर्थ बता रहे हैं. ऐसा नहीं है। हल्बी में ऐसा नहीं कहते हैं. मैं वहीं से आता हूँ. हल्बी में ऐसा कोई शब्द नहीं है और ऐसा कोई अर्थ नहीं है, यह अपमान है।

    शिवरतन शर्मा ने आगे कहा कि नशे की वजह से राज्य में अपराध बढ़ा है। कांग्रेस ने जब घोषणा पत्र में पूर्ण शराबबंदी का वादा किया था तब ख़ासकर महिलाओं ने सोचा था कि अब कलह दूर होगी, झगड़े ख़त्म होंगे, आर्थिक कमजोरी दूर होगी। इससे पहले कई राज्यों में दलों ने चुनावी घोषणा पत्र में पूर्ण शराबबंदी का वादा किया था, जनता का समर्थन मिला और सरकार बनते ही वादा पूरा किया।

    भाजपा विधायक ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ढाई साल बीत जाने के बाद भी वादा पूरा किया गया, छत्तीसगढ़ में 898 हत्या के प्रयास हुए हैं, 10 हजार से ज़्यादा आत्महत्या हुई है। हर अपराध की पृष्ठभूमि में नशा है। पूरे प्रदेश में सरकारी संरक्षण में अवैध शराब की सप्लाई की जा रही है।

    विधायक ने कहा, सरकार का लक्ष्य साल में 5200 करोड़ रुपए अर्जित करना है। मेरा आरोप है कि सरकार के वैध-अवैध कमाई का सबसे बड़ा ज़रिया शराब है।

    चर्चा के दौरान मंत्री मो. अकबर ने कहा कि शिवरतन शर्मा ने घोषणा पत्र से बातचीत शुरू की थी, ज़रा अपना घोषणा पत्र भी देख लेते। हर आदिवासी परिवार को गाय और एक नौकरी देने का वादा किया था, पांच हार्स पावर पंप फ़्री, बेरोज़गार युवाओं को भत्ता देंगे।

    इस दौरान, मो. अकबर ने शराबबंदी को लेकर बनाई गई समितियों का ज़िक्र किया। इस पर नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि शराबबंदी को लेकर बनाई गई कमेटी की बैठक तक नहीं हुई।

    इस पर अकबर ने कहा कि राजनीतिक समिति 19 अगस्त 2019 को बैठक हुई थी, प्रशासनिक समिति की बैठक भी हुई थी। राजनीतिक समिति के लिए बीजेपी, जेसीसी और बीएसपी दलों से नाम माँगे गये थे, लेकिन नहीं दिए गए। पिछली सरकार के आबकारी मंत्री अमर अग्रवाल ने कहा था कि पूर्ण शराबबंदी कहीं भी सफल नहीं है।

    मो. अकबर ने कहा कि मणिपुर, केरल, तमिलनाडु में पूर्ण शराबबंदी लागू की गई थी लेकिन, सफल नहीं हुआ। कोरोना के वक़्त सेनिटाइज़र और स्पिरिट पीकर कई लोगों की मौत हो गई थी, राज्य सरकार ने तीन समितियाँ गठित की है। पूर्ण शराबबंदी के लिए अध्ययन किया जा रहा है।

    चर्चा के दौरान विपक्ष ने मतविभाजन की मांग उठा दी। मत विभाजन में अशासकीय संकल्प के पक्ष में जहां 13 वोट पड़े, वहीं विपक्ष में 58 वोट पड़े। इसके साथ ही अशासकीय संकल्प अस्वीकृत होने की घोषणा की गई।

  • शिल्पा शेट्टी की अर्जी पर हाईकोर्ट ने पूछा- आप रोईं थीं, ये खबर मानहानि कैसे हो गई?

    शिल्पा शेट्टी की अर्जी पर हाईकोर्ट ने पूछा- आप रोईं थीं, ये खबर मानहानि कैसे हो गई?

    बॉलीवुड एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी ने अपने पति राज कुंद्रा की पोर्नोग्राफी मामले में गिरफ्तारी के बाद चल रही खबरों पर रोक के लिए हाईकोर्ट में अर्जी दी है। शिल्पा ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा है कि कई मीडिया हाउस में ऐसी खबरें चल रही हैं, जो उनकी मानहानि कर रही हैं। इस याचिका पर शुक्रवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई है। मामले पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा शिल्पा के वकील से कहा कि किसी ने पुलिस सूत्रों के हवाले से या शिल्पा शेट्टी के रोने की खबर चलाई तो इसे आप मानाहनि कैसे कह रहे हैं।

    अगली सुनवाई 20 सितंबर को

    मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस जीएस पाटिल ने कहा कि पुलिस सूत्र ने जो कहा है उस पर मीडिया में आई कोई रिपोर्ट कभी भी मानहानि नहीं होती है। कायदे से ऐसा मानने की कोई वजह नहीं है। कोर्ट ने कहा कि आपकी मुवक्किल (शिल्पा शेट्टी) का रोना कैसे एक मानहानि करने वाली खबर है? इस पर शिल्पा शेट्टी के वकील बीरेंद्र सराफ ने अदालत से एक आदेश पारित करने की गुजारिश की।
    इसके बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक अंतरिम आदेश पारित कर दिया।हाईकोर्ट ने जिन लोगों को अपने लेख हटाने के लिए कहा गया है, उनके अलावा अन्य प्रतिवादियों को एक हलफनामा दाखिल करना होगा। अगली सुनवाई 20 सितंबर को होगी।

    राज के केस में दखल से इनकार

    सुनवाई के दौरान अदालत ने शिल्पा के वकील से कहा कि आपकी क्लाइंट के पति के खिलाफ एक मामला चल रहा है। इस केस को मीडिया कवर कर रहा है और मीडिया को इसकी पूरी आजादी है। हाईकोर्ट इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करेगा। आपका क्लाइंट कोई भी हो लेकिन मानहानि को लेकर एक निश्चित कानून है, जिसके तहत अदालत काम करती है।

    मीडिया के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंचीं हैं शिल्पा

    शिल्पा ने बॉम्बे हाईकोर्ट में मानहानि याचिका दायर की है, जिसमें 29 मीडिया हाउस/पत्रकारों का नाम शामिल है। शिल्पा का आरोप है कि जब पुलिस ने राज को गिरफ्तार किया तो कई वेबसाइट, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, चैनल ने उनके खिलाफ झूठी, दुर्भावनापूर्ण, मानहानिकारक जानकारी का प्रकाशन किया। जिस वजह से उनको बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख करना पड़ा। इसमें द न्यू इंडियन एक्सप्रेस, इंडिया टीवी, फ्री प्रेस जर्नल, एनडीटीवी, फेसबुक, इंस्टाग्राम समेत कई को पक्षकार बनाया गया है।
    शिल्पा ने अपनी याचिका में आगे कहा कि आरोपी मीडिया संस्थान खबरों को सनसनीखेज बनाने और पाठकों/दर्शकों की संख्या बढ़ाने के लिए उनकी छवि धूमिल कर रहे हैं। ऐसे में कोर्ट तुंरत उन्हें झूठी या मानहानिकारक सामग्री का प्रकाशन रोकने का आदेश दे। साथ ही पक्षकारों के प्लेटफॉर्म से मानहानिकारक सामग्री को तुरंत हटवाकर उनसे बिना शर्त माफीनामा जारी करने को कहा जाए। इस याचिका में फेसबुक और यूट्यूब का भी नाम शामिल है, क्योंकि राज की गिरफ्तारी के बाद उस पर लगातार शिल्पा के खिलाफ पोस्ट/वीडियो डाले जा रहे हैं। ऐसे में शिल्पा चाहती हैं कि तुरंत वहां से आपत्तिजनक कंटेंट को हटाया जाए।

    19 जुलाई को गिरफ्तार हुए थे शिल्पा के पति राज कुंद्रा

    शिल्पा के पति राज कुंद्रा को मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 19 जुलाई को अश्लील फिल्में बनाने और बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया था। जिसके बाद राज मुंबई की आर्थर रोड जेल में बंद हैं। राज कुंद्रा को तीन बार कोर्ट में पेश किया जा चुका है और तीनों बार अदालत ने उनकी हिरासत को बढ़ा दिया है। जमानत के लिए राज कुंद्रा ने कोर्ट में अपील की थी लेकिन उनको कामयाबी नहीं मिल सकी।

  • खरसिया क्षेत्र के ग्राम बांसमुड़ा में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के मितानिनों के लिए हुआ 2 दिवसीय गैर आवासीय आयुष प्रशिक्षण का आयोजन…

    खरसिया क्षेत्र के ग्राम बांसमुड़ा में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के मितानिनों के लिए हुआ 2 दिवसीय गैर आवासीय आयुष प्रशिक्षण का आयोजन…

    खरसिया। खरसिया ब्लॉक के ग्राम बांसमुड़ा में ब्लाक के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के सभी मितानिनो का 2 दिवसीय गैर आवासीय आयुष प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण के दौरान मितानिनों को जड़ी बूटी की जानकारी दी गई ।

    प्रशिक्षण के दौरान ब्लॉक के मास्टर ट्रेनरो द्वारा हमारे आस पास होने वाले जड़ी बूटी के पहचान एवं उनके उपयोग बाताया गया । विभिन्न बीमारियों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं एवं बचाव व उपचार में जड़ी-बूटी के उपयोग एवं जीवनशैली से जुड़ी परामर्श का उपयोग कराना सिखाया गया। योग पर प्रारंभिक जानकारी वह अभ्यास कराना इस प्रशिक्षण का प्रमुख उद्देश्य था । इसके अलावा स्वस्थ जीवन, आहार, पानी हमारी दिनचर्या, यनिचर्या, ऋतु चर्या आदि के बारे में भी प्रशिक्षण दिया गया ।

    इस प्रशिक्षण में हमारे ब्लाक के सभी आयुर्वेदिक डॉक्टर भी शामिल हुए। हमारे ब्लॉक के मास्टर ट्रेनरो द्वारा बहुत ही सरल एवं सहज तरीकों से मितानिनो का प्रशिक्षण कराया गया ।

    मीडिया से बातचीत में बीसी प्रेमलता महंत ने बताया कि यह पूरा प्रशिक्षण कार्यक्रम D.c.रायगढ़ प्रदीप कुमार डनसेना जी एवं खरसिया
    बीएमओ अभिषेक पटेल जी के आदेशानुसार हमारे ब्लाक के समन्वयक के द्वारा आयोजित किया गया था।
    जिनके लिए मैं उन सभी का आभार व्यक्त करती हूं। साथ ही उन्होंने सभी मितानिनो के कार्यों की प्रशंसा करते हुए उनको बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी।
    बीसी प्रेमलता महंत ने मीडिया से बातचीत में आगे बताया कि इस दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने में D.c.रायगढ़ प्रदीप कुमार डनसेना, बीएमओ अभिषेक पटेल, मनोज कुमार त्रिपाठी, डॉक्टर महापात्रे, मृत्युंजय कुमार राठौर, एवं समस्त उपस्थित शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के मितानिनों का विशेष सहयोग रहा ।

  • बिना कार्य ठेकेदार को भुगतान, CMO, सब इंजीनियर, आरआई और लेखापाल सस्पेंड…कलेक्टर को FIR दर्ज कराने का आदेश….

    बिना कार्य ठेकेदार को भुगतान, CMO, सब इंजीनियर, आरआई और लेखापाल सस्पेंड…कलेक्टर को FIR दर्ज कराने का आदेश….

    नगर पालिका परिषद मुंगेली अंतर्गत परमहंस वार्ड में 300 मीटर नाली निर्माण किए बिना ही ठेकेदार को 13 लाख रुपए से अधिक का भुगतान किए जाने के मामले को नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने गंभीरता से लिया है। प्रकरण के संज्ञान में आते ही मंत्री ने नगर पालिका परिषद मुंगेली के मुख्य नगर पालिका अधिकारी विकास पाटले, उप अभियंता जोयस तिग्गा, लेखापाल आनंद निषाद, सहायक राजस्व निरीक्षक सियाराम साहू को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में नगर पालिका परिषद मुंगेली अध्यक्ष संतूलाल सोनकर को कारण बताओं सूचना जारी करने के साथ ही सम्पूर्ण प्रकरण की जांच और दोषियों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराने कलेक्टर मुंगेली को पत्र प्रेषित किया गया हैं।

    गौरतलब है कि नगर पालिका परिषद मुंगेली अंतर्गत परमहंस वार्ड में होरीलाल शर्मा के घर से गार्डन की बाउण्ड्रीवाल होते हुए स्टेडियम तक 300 मीटर नाली निर्माण कार्य होना नहीं पाया गया, तथा मेसर्स सोफिया कंस्ट्रक्शन एण्ड सप्लायर अकलतरा जिला जांजगीर-चांपा को बिना कार्य कराए, उक्त कार्य हेतु राशि 13,21,818 रुपए का भुगतान कर दिया गया है। इस मामलें की जानकारी लगते ही नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. डहरिया ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नगर पालिका परिषद मुंगेली के मुख्य नगर पालिका अधिकारी, उप अभियंता, लेखापाल, सहायक राजस्व निरीक्षक सहित इस प्रकरण में संलिप्त सभी के विरूद्ध कार्यवाही करने के निर्देश दिए। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा सभी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश भी जारी कर दिया गया है। निलंबित सभी अधिकारी और कर्मचारियों का निलंबन अवधि में मुख्यालय,कार्यालय संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास, क्षेत्रीय कार्यालय बिलासपुर नियत किया गया है।

  • बाबा की नाराजगी खत्म, वापस लौटे सदन में, बृहस्तपति सिंह ने भी खेद प्रकट किया….

    बाबा की नाराजगी खत्म, वापस लौटे सदन में, बृहस्तपति सिंह ने भी खेद प्रकट किया….

    रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव की नाराजगी खत्म हो गई है। वे सदन में वापस आ गए है। इसके पहले विधायक बृहस्पति सिंह ने सदन के अंदर पूरी घटना पर खेद प्रकट किया है। गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि पूरे घटना क्रम में स्वास्थ्य मंत्री का कहीं भी कोई नाम नहीं है। उनके नाम पर हो रही चर्चा निरर्थक है। सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि सदन उच्च परंपराओं से चलता है। बृहस्पति सिंह की प्रशंसा करता हूं कि भावावेश में आकर उन्होंने जो कहा था उसपर सदन में अपनी स्थिति स्पष्ट की है।

    विधानसभा में सिंहदेव-बृहस्पति सिंह प्रकरण पर गृहमंत्री के बयान के बाद अब मामला सुलझता दिख रहा है। नाराज चल रहे मंत्री टीएस सिंहदेव विधानसभा पहुंच गए हैं। आपको बता दें कि कल उस वक्त मंत्री टीएस सिंहदेव नाराज होकर विधानसभा से निकल गये थे, जब गृहमंत्री ने इस मामले में अपना वक्तवय दिया था। सिंहदेव ने सदन में कहा था कि जो परिस्थिति है, उसमें जब उनकी स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती, तब तक वो सदन में खुद को बैठने के योग्य नहीं समझते हैं। इससे पहले अब से कुछ देर पहले विधायक बृहस्पति सिंह ने सदन में बयान दिया। उन्होंने अपने सदन में कहा कि इस घटना को लेकर मैंने पूर्व में जो व्यक्तव्य दिया था, उस घटना में मंत्री टी एस सिंहदेव का कोई संबंध नहीं है, उन पर लगाए तमाम आरोप झूठे और असत्य हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बृहस्पत सिंह को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने भावावेश में कहे गये कथन को वापस लिया है। गृहमंत्री ने भी स्थिति स्पष्ट कर दी है। मैं TS सिंहदेव से भी बात करूँगा, वो सदन में आएंगे।उन्होंने कहा कि ये सदन राज्य की साढ़े तीन करोड़ जनता का प्रतिनिधित्व करता है। सदन में बाक़ी मुद्दों पर भी चर्चा ज़रूरी है। आसंदी ने इस समस्या को सुलझाने में बड़ी भूमिका निभाई उसकी मैं प्रशंसा करता हूँ।

    बंगले से सदन के लिए निकलने से पहले मीडिया से चर्चा में सिंहदेव ने कहा कि मामले का पटाछेप हो गया है, आगे की ज़िमेदारी सामूहिक रूप में टीम के रूप में निभानी है। विपक्ष को मौके का लाभ लेना होता है। उनकी भूमिका हो ना हो, मुझे टीम के रूप में निभाना है। लेकिन सिंहदेव बृहस्पत सिंह को माफी देने के सवाल पर चुप्पी साध गए। अब देखना होगा मंत्री टीएस सिंहदेव की नाराजगी सदन के अंदर के लिए तो दूर हो गई है, लेकिन सदन के बाहर बृहस्पति सिंह को माफ़ करेंगे की नहीं।