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  • केंद्र सरकार ने किया साफ, कोरोना पर लगाम के बाद ही हटेगी विमान सेवा से रोक…

    केंद्र सरकार ने किया साफ, कोरोना पर लगाम के बाद ही हटेगी विमान सेवा से रोक…

    केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि कोरोना पर लगाम लगने से पहले विमान सेवा को दोबारा शुरू करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। नागरिक उड्यन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोमवार को कहा कि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय विमान सेवा से प्रतिबंध तभी हटाया जाएगा जब सरकार विश्वास में आ जाएगी कि कोरोना को नियंत्रित कर लिया गया है और भारतीय के लिए कोई खतरा नहीं है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब कई कंपनियों ने 4 मई से घरेलू विमानों के लिए टिकट बुकिंग शुरू कर दी है।

    ‘तभी रोक हटेगी जब नहीं होगा खतरा’
    एक के बाद एक कई ट्वीट में मंत्री ने कहा कि एयरलाइंस कंपनियों के लिए रविवार को आदेश जारी किया गया है और उन्हें बुकिंग शुरू करने से रोका गया है। उन्होंने कहा, ‘मैं एक बार फिर करना चाहता हूं कि कोरोना वायरस से लड़ने के लिए देश में विमान सेवा पर प्रतिबंध लगाया गया है और इसे तभी हटाया जाएगा जब हम विश्वास में होंगे कि कोरोना वायरस के प्रसार को नियंत्रित कर लिया गया है और इससे हमारे देश और लोगों को कोई खतरा नहीं है।’

    ‘बुकिंग शुरू करने का दिया जाएगा समय’
    मंत्री ने कहा, ‘क्योंकि कुछ एयरलाइंस कंपनियों ने हमारी सलाह को नहीं माना और बुकिंग शुरू कर दी और यात्रियों से पैसे एकत्रित करने लगे, उन्हें ऐसा करने से रोकने के लिए 19 अप्रैल को आदेश जारी किया गया है। उन्हें यह भी बताया गया है कि बुकिंग शुरू करने के लिए उन्हें पर्याप्त समय और नोटिस दिया जाएगा।’

    डीजीसीए ने जारी किया आदेश
    गौरतलब है कि सरकार की अडवाइजरी के बाद सरकारी विमान कंपनी एयर इंडिया ने टिकटों की बुकिंग रोक दी थी, लेकिन कई प्राइवेट कंपनियों ने इसे नजरअंदाज करते हुए बुकिंग चालू रखी। इसके बाद डीजीसीए ने रविवार को एक सर्कुलर जारी किया। इसमें कहा गया, ‘सभी एयरलाइंस को निर्देशित किया जा रहा है कि अभी टिकट बुकिंग ना करें।’

    कोरोना लॉकडाउन की वजह से है रोक
    लॉकडाउन लागू किए जाने की वजह से देशभर में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय विमान सेवाओं पर रोक है। इस दौरान केवल मालवाहक विमानों को उड़ान की छूट है। इस बीच कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर यह भी शिकायत की है कि एयरलाइन कंपनियां विमान रद्द होने के बावजूद किराया नहीं लौटा रही हैं और उन्हें इस पैसे से भविष्य में यात्रा करने को कह रही हैं।

  • आईपीएस पत्नी का साथ निभाने पति ने पेश की ये अनूठी मिसाल, कोरोना योद्धा बन मैदान में जंग लड़ रही पत्नी…

    आईपीएस पत्नी का साथ निभाने पति ने पेश की ये अनूठी मिसाल, कोरोना योद्धा बन मैदान में जंग लड़ रही पत्नी…

    मुंबई। दुनिया की तरह भारत भी कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रहा है। कोरोना के कारण हर तरफ सन्‍नाटा हैं, हमें अपने घर से बाहर निकलने में भी डर लग रहा है वहीं देश में ऐसे भी लाखों की संख्‍या में कोरोना वॉरियर्स जान जोखिम में डाल कर दिन-रात एक कर देश के नागरिकों की सेवा में लगे हुए हैं। अपनी सारी इच्‍छाओं को त्यागकर और परिवार से दूर रहते हुए दिल में सारा दर्द भुला कर कोरोना वायरस को हराने के लिए योद्धा की तरह लगातार लड़ रहे हैं। पुलिस, हेल्थ वर्कर्स और अन्य विभाग कंधे से कंधा मिलाकर देश को महामारी से बचाने में दिन-रात जुटे हैं। इन कोरोना वॅरियर्स के साथ जो उनका परिवार तकलीफें सह कर उनका साथ दे रहा हैं वो भी एक अनूठी मिसाल ही हैं।

    छोटी सी बच्‍ची के साथ संभल रहे सारी जिम्मेदारी

    छोटी सी बच्‍ची के साथ संभाल रहे सारी जिम्मेदारी

    ऐसी ही एक मिसाल महाराष्ट्र के सातारा की एसपी तेजस्विनी सातपुते और उनकी पति की है। मुश्किल घड़ी में परिवार कैसे कंधे से कंधा मिलाकर साथ देता हैं ये देखना हैं तो इस परिवार को देखिए। तेजस्विनी कोरोना के खिलाफ मोर्चा संभाल रही हैं वहीं उनके पति अपने काम को बेहतर तरीके से अंजाम दे सकें, घर की चिंताओं से मुक्त रहें। इसलिए उनके पति किशोर ने छोटी सी बच्‍ची के साथ पूरे घर की जिम्मेदारी खुद संभाल रहे हैं। लॉकडाउन के चलते उनके घर में एक भी मेड सर्वेन्‍ट नहीं आ रही ऐसे में पति किशोर पांच साल की बेटी को संभालने के साथ घर की साफ-सफाई, बरतन माजना, कुकिंग भी कर रहे हैं।

    पत्नी की वर्दी तक कर रहे प्रेस

    किशोर पुणे में रहते हैं और सोशल मीडिया कंसल्टेंट, लेखक, फ्रीलांस जर्नलिस्ट हैं। उनकी पत्‍नी अपनी जिम्मेदारी निभा सके इसलिए वो हर कदम पर उनका साथ दे रहे हैं। यहां तक ड्यूटी पर जाने वाली अपनी आईपीएस पत्नी की ड्रेस तक प्रेस कर तैयार रखते हैं। खुद तेजस्विनी ने फेसबुक पर वीडियो पोस्ट कर यह अनूठी मिसाल दुनिया के सामने पेश की।

    तेजस्विनी के आईपीएस बनने से पहले ही किशोर ने किया था प्रपोज

    तेजस्विनी के आईपीएस बनने से पहले ही किशोर ने किया था प्रपोज

    बता दें किशोर अहमदनगर के शेवगांव के रहने वाले हैं और उनकी आईपीएस पत्नी तेजस्विनी नेवासा से हैं। तेजस्विनी के आईपीएस बनने से पहले ही दोनों की मुलाकात हुई थी। किशोर सोशल मीडिया कंसल्टेंट, लेखक, फ्रीलांस जर्नलिस्ट हैं और वो पुणे में रहते हैं। एक ही शहर में रहने के कारण दोनों की पहले फोन और ई-मेल पर बातें हुईं फिर दोस्‍ती हो गई फिर किशोर ने तेजस्विनी को प्रपोज कर दिया। कुछ वक्त के बाद परिवार वालों की मदद से 2012 में दोनों की शादी के बंधन में बंध गए शादी के दो महीने बाद तेजस्वनी को आईपीएस की ट्रेनिंग में जाना पड़ा। पोस्टिंग कई जगह होती रही, इसी बीच दोनों की एक प्‍यारी सी बिटिया हुई जो अब पांच साल की है।

    लॉकडाउन में अपना काम छोड़ खुद सभी जिम्मेदारियां

    लॉकडाउन में अपना काम छोड़ खुद सभी जिम्मेदारियां

    तेजस्विनी घर पर ज्यादा वक्त नहीं दे पाती थीं। इसलिए किशोर ने नौकरी छोड़कर कारोबार शुरू किया। इस समय बेटी ईरा के साथ तेजस्विनी सातारा में रहती है और किशोर पुणे में। वीकेंड्स पर परिवार ही उनका परिवार साथ होता हैं। जनता कर्फ्यू के समय किशोर सातारा चले गए थे और लॉकडाउन लगने पर वहीं रुक गए और कोरोना का डर से सभी हेल्‍पर को छुट्टी दे दी। घर की सभी जिम्मेदारियां खुद संभाल लीं।

    दिल छू लेना वाला जवाब तेजस्विनी ने वीडियो के जरिए दिया

    दिल छू लेना वाला जवाब तेजस्विनी ने वीडियो के जरिए दिया

    पिछले दिनों सोशल मीडिया पर दोस्तों ने किशोर से पूछा कि क्या चल रहा है। इसका दिल छू लेना वाला जवाब तेजस्विनी ने वीडियो के जरिए दिया । मराठी भाषा में जारी वीडियो को जारी करते हुए उन्‍होंने लिखा कि मुझे अपने पति पर गर्व है। तेजस्‍विनी ने कहा जिस समय घर पर रहती हूं, तब उनकी मदद करती हूं। उन्होंने कभी मुझसे कोई काम करने को नहीं कहा। कहते भी नहीं हैं। वो मन में भी कुछ नहीं रखते। जिस आनंद से मुझे खाना खिला रहे हैं, उससे उनके प्रति मेरा आदर कई गुना बढ़ गया है। तेजस्विनी ने कहा कि मेरी गैरमौजूदगी में पति सभी कामों के साथ बेटी का भी ध्यान रखते हैं। किशोर के कई दोस्त उन्हें चिढ़ाते भी हैं। लेकिन, वो इसका भी बुरा नहीं मानते। कई लोग कहते हैं कि महिलाओं को सम्मान मिलना चाहिए। लेकिन, हकीकत में वो खुद ऐसा नहीं करते। उन्हें मेरे पति से सीखना चाहिए। गृहस्थी में सब सामंजस्य पर निर्भर होता है।

    बेटी रोती है, अब वो कहती है- मम्मी अपना ध्यान रखिए

    बेटी रोती है, अब वो कहती है- मम्मी अपना ध्यान रखिए

    तेजस्विनी बताती हैं कि आम दिनों में बेटी का ख्‍याल उसकी केयरटेकर रखती हैं। मेरे लौटते ही वह दौड़कर गले लग जाती है। लेकिन, पिछले एक महीने से मैंने बेटी को करीब नहीं आने दिया। शुरू से ही मैंने उसे बताया कि कोरोना बहुत भयानक बीमारी है। अब वो कहती है- मम्मी अपना ध्यान रखिएगा। तेजस्विनी कहती हैं- दूर करने पर रोती भी है। भावुक हो कर तेजस्विनी कहती हैं कि अभी पांच साल की ही तो है। कभी-कभी मेरी आंखें भी भर आती हैं। लेकिन, यह दूरी बेहद जरूरी है।

  • मजदूर लेकर गए एक 1 किलो आटे के पैकेट हर पैकेट में निकले 15 हजार….

    मजदूर लेकर गए एक 1 किलो आटे के पैकेट हर पैकेट में निकले 15 हजार….

     गुजरात। गुजरात के सूरत में दान का अनूठा मामला सामने आया है, जहां एक शक्श ट्रक लेकर पहुंचा और गरीबों को 1 किलो आटा देने का ऐलान किया।

    कई गरीब वहां जुटे और आटा ले कर चल दिए घर पहुंच कर उन्होंने आटे का पैकेट खोला तो ₹15000 मिले जिसके बाद दानदाता की तारीफ हो रही है।

    दरअसल कई लालची जरूरत नहीं होने पर भी दान ले लेते हैं लिहाजा उसने 1 किलो आटा देने की बात थी जिसके बाद वहां सिर्फ जरूरतमंद लोग जुटे।

  • सीएम भूपेश बघेल ने ट्वीट कर कहा…पिछले 72 घंटों में छत्तीसगढ़ में नहीं मिला एक भी कोरोना पॉजिटिव…पूरा प्रदेश जल्द ही ग्रीन जोन घोषित किया जाएगा…

    सीएम भूपेश बघेल ने ट्वीट कर कहा…पिछले 72 घंटों में छत्तीसगढ़ में नहीं मिला एक भी कोरोना पॉजिटिव…पूरा प्रदेश जल्द ही ग्रीन जोन घोषित किया जाएगा…

    रायपुर। पिछले 72 घंटों में छत्तीसगढ़ में एक भी कोरोना पॉजिटिव मरीज नहीं मिला है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खुशी जताते हुए एक ट्वीट किया है।

    टवीट में श्री बघेल ने लिखा कि ये बताते हुए बहुत खुशी हो रही है की प्रदेश में सिर्फ एक जिला ही है जो रेड जोन है। इसके बावजूद पिछले 72 घंटों में एक भी कोरोना पॉजिटिव मरीज नहीं मिला है। मैं अपेक्षा करता हूं की पूरा प्रदेश जल्द ही ग्रीन जोन घोषित किया जाएगा।

     

    ज्ञात हो कि कोरोना को लेकर प्रदेश में लगातार राहत भरी खबर मिल रही है। पिछले 24 घंटों में हुई जांच में कोरबा जिले के 429 सेम्पलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव मिली है। इसे मिलाकर जिले में अब तक एक हजार 867 लोगों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है। वहीं पिछले 72 घंंटों में प्रदेश में कोई भी कोरोना पॉजिटिव मरीज नहीं मिले हैं।

    ज्ञात हो कि कोरोना संक्रमण की जांच के लिए जिले से भेजे गए एक हजार 953 सेम्पलों में से अब तक एक हजार 895 सेम्पलों की जांच रिपोर्ट प्राप्त हो गई है। केवल 28 लोग ही अब तक इस जांच में संक्रमित पाये गये हैं। अभी भी जिले से भेजे गये 58 नमूनों की कोरोना जांच रिपोर्ट आना बाकी है। अब तक कोरबा जिले के 17 मरीज कोरोना मुक्त होकर वापस लौट आए हैं। जिनमें से एक कोरबा शहर और बाकी 16 कटघोरा के हैं। रायपुर एम्स में वर्तमान में कटघोरा के 11 कोरोना संक्रमितों का ईलाज चल रहा है।

  • रायपुर नगर निगम के कर्मचारी चौक-चौराहों पर तैनात… मास्क नहीं पहनने वालों का काटा गया चालान…

    रायपुर नगर निगम के कर्मचारी चौक-चौराहों पर तैनात… मास्क नहीं पहनने वालों का काटा गया चालान…

    रायपुर। कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए पुलिस के साथ प्रशासन मस्तैदी से जुटा हुआ है। प्रदेश में लॉकडाउन के बीच तीन दिनों के लिए लॉकडाउन को और सख्त किया गया था।

    तीन दिनों की इस अवधि के समाप्त होने के बाद भी राजधानी में लोगों की कार्रवाई पर कड़ी नजर रखी जा रही है। सोमवार को राजधानी में मास्क नहीं पहनने वालों का चालान काटा गया।

    नगर निगम द्वारा चौक-चौराहों पर पाइंट बनाकर जांच की जा रही है। इस बीच घर से बगैर मास्त के निकलने वाले लोगों का चालान काटा गया।

    बगैर मास्क पहने या मुंह ढके निकलने वालों से 100 रुपये जुर्माना के रूप में वसूला जा रहा है। साथ ही मौके पर नया मास्क भी दिया जा रहा है।

  • छत्तीसगढ़ सरकार ने लॉन्च की वेबसाइट cghaat.in, ऑनलाइन ऑर्डर पर फल और सब्जियों की होम डिलीवरी….

    छत्तीसगढ़ सरकार ने लॉन्च की वेबसाइट cghaat.in, ऑनलाइन ऑर्डर पर फल और सब्जियों की होम डिलीवरी….

    कोरोना वायरस महामारी के संक्रमण को रोकने के लिए पूरे देश में लॉकडाउन को 3 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया है। लॉकडाउन की अवधि में यह ऑनलाइन सेवा लोगों के लिए काफी उपयोगी सिद्ध हो सकती है। वेबसाइट के लॉन्च होने के बाद अब तक लगभग 27 शहरों से 8524 से ज्यादा ग्राहकों, 1047 विक्रेताओं और 183 डिलीवरी करने वालों ने इस वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीयन कराया है और 3 लाख 21 हजार से ज्यादा लोग इसे विजिट कर चुके हैं। इस वेबसाइट पर 39 तरह के फल और 63 तरह की सब्जियां अभी तक उपलब्ध हैं।

    स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला ने आज यह जानकारी राजधानी रायपुर के सिविल लाइन्स रायपुर स्थित चिप्स कार्यालय के वीडियो कांफ्रेंसिंग हाल में इस ऑनलाइन पोर्टल के लिए राज्य के सभी जिलों में नियुक्त किये गये डिस्ट्रिक्ट एडमिन और सिटी एडमिन के प्रशिक्षण के दौरान दी। इस अवसर पर रायपुर शहर के 50 से अधिक विक्रेताओं और सिटी एडमिन को भी स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आलोक शुक्ला और चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री समीर विश्नोई की उपस्थिति में प्रशिक्षण दिया गया। चिप्स के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री रवि सिंह ने भी प्रशिक्षण दिया।

    चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री समीर विश्नोई ने प्रशिक्षण देते हुए बताया कि डिस्ट्रिक्ट एडमिन लॉग इन कर सिटी एडमिन बना सकते है, इच्छुक वेण्डर स्वयं अपना पंजीयन करेंगे, जिसका अनुमोदन सिटी एडमिन द्वारा किया जायेगा। सिटी एडमिन यह ध्यान रखेगा कि वेण्डर के पास घर पहुंच हेतु पर्याप्त स्टॉक और डिलीवरी बॉय रहें। वेण्डर अपने स्टॉक एवं रेट को प्रतिदिन सुबह नियमित रूप से भरेंगे।

    प्रत्येक सुबह स्टॉक एवं रेट नहीं भरने पर ग्राहक को वह वेण्डर वेब पोर्टल पर नहीं दिखाई देगा। डिलिवरी बॉय का पंजीयन वेण्डर द्वारा किया जायेगा। डिलिवरी के समय ग्राहक को प्राप्त ओटीपी डिलिवरी बॉय द्वारा स्वंय के लॉग इन से भरा जायेगा, जिसके पश्चात् ही आर्डर डिलीवर माना जायेगा।

    फल एवं सब्जी की क्वालिटी अच्छी होने की जिम्मेदारी वेण्डर की होगी। क्वालिटी संबंधी शिकायत होने पर सिटी एडमिन द्वारा उसका निराकरण किया जायेगा. सिटी एडमिन द्वारा प्रतिदिन नियमित रूप से शिकायत पेज का अवलोकन कर उसका निराकरण पश्चात् पोर्टल में दर्ज किया जायेगा।

     

  • रामायण के इन 4 सीन्स को एडिट करने पर मचा बवाल…

    रामायण के इन 4 सीन्स को एडिट करने पर मचा बवाल…

    डीडी नेशनल पर इन दिनों रामायण सीरियल दिखाया जा रहा है। रावण का वध कर श्रीराम अयोध्या वापस जा चुके हैं। लेकिन दर्शन पहले प्रसारित किए गए रामायण के कई सीन्स को एडिट करने का आरोप लगा रहे हैं। दर्शकों का कहना है कि रामानंद सागर के इस ऐतिहासिक शो के कई सीन्स को नहीं दिखाया गया है।

    इनमें से चार सीन्स प्रमुख हैं। हम आज आपको वो कौन-कौन से सीन्स है जिसे नहीं दिखाया गया उसके बारे में बता रहे हैं।  रामानंद सागर की रामायण के साथ लोगों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। मर्यादा पुरुषोत्तम राम की जीवनी को टीवी पर दिखाने वाला ये पहला सीरियल था। इसीलिए शायद इसे 33 सालों बाद भी लोगों का भरपूर प्यार मिल रहा है।

     

    रामायण को लॉकडाउन में दोबारा से टेलीकास्ट करना फैंस के लिए बड़ी सौगात बनकर आया। दिन में 2 बार टेलीकास्ट होने वाली रामायण के साथ पुराने और नए दोनों दर्शक जुड़े। शो में राम-रावण का वध कर अयोध्या वापस जा चुके हैं। लेकिन इस दौरान शो के क्लाइमेक्स को लेकर फैंस ने आवाज उठाई है।

    उनका आरोप है कि रामानंद सागर के इस ऐतिहासिक शो के कई सीन्स को नहीं दिखाया गया है। चलिए जानते हैं उन सीन्स के बारे में जिन्हें टीवी पर ना दिखाए जाने से फैंस काफी निराश हैं। बात करते हैं क्लाइमेक्स सीन की। लोगों का आरोप है कि दूरदर्शन के प्रोड्यूसर्स ने राम-रावण के युद्ध के दौरान के कई सीन्स को एडिट किया है।

    एक यूजर ने लिखा कि मेकर्स ने राम-रावण के बीच फिल्माए गए जंग के कई अल्टीमेट सीन्स को एडिट किया। लोगों को ऐसा करने की वजह समझ नहीं आ रही है। एक यूजर ने लिखा- डीडी नेशनल ने रामायण के कई सारे सीन्स काटे, एक सीन में राम-लक्ष्ण को पाताललोक में अहिरावण ने किडनैप कर लिया था। ये सीन नहीं दिखाया गया।

    हनुमान का बेटा मकरद्वज भी नहीं दिखाया। चौथा सीन तब का है जब 14 सालों बाद लक्ष्मण अपनी पत्नी उर्मिला से मिलते हैं। सालों बाद एक-दूजे को देख वे दोनों ही काफी इमोशनल हो जाते हैं। इस इमोशनल सीन को ना दिखाने से फैंस काफी निराश हैं। हालांकि विवादों के तूल पकडऩे के बाद प्रसार भारती के सीईओ शशि शेखर ने रामायण के सीन्स को एडिट किए जाने पर अपनी सफाई दी है।

    उन्होंने ट्वीट कर लिखा- कोई कट्स नहीं लगाए गए हैं। वे ओरिजनल प्रोड्क्शन का हिस्सा नहीं थे। दूसरे ट्वीट में उन्होंने लिखा- हमारे महाकाव्यों की सुंदरता कई कहानियां, साइड स्टोरीज, और व्याख्याएं हैं। हर बारीकियों को सिंगल टेलीविजन स्क्रिप्ट में नहीं दिखाया जा सकता है, लेकिन ये भविष्य के प्रोडक्शन के लिए रास्ता खोल सकते हैं।

  • छत्तीसगढ़ के 270 लोगों को भेजा गया क्वारेंटाईन सेंटर…अलग-अलग जगहों पर रखा गया है…सर्वाधिक 52 लोग सीटीआई गेवरा गेस्ट हाउस में…

    छत्तीसगढ़ के 270 लोगों को भेजा गया क्वारेंटाईन सेंटर…अलग-अलग जगहों पर रखा गया है…सर्वाधिक 52 लोग सीटीआई गेवरा गेस्ट हाउस में…

    कोरबा। कटघोरा के एक सीमित क्षेत्र में ही कोरोना संक्रमण को नियंत्रित रखने और कोर एरिया के अधिक से अधिक लोगों को इस संक्रमण से बचाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी कार्य योजना पर अमल शुरू कर दिया है। हाई रिस्क वाले सभी लोगों को संक्रमित क्षेत्र से निकालकर सुरक्षित चरेंटाईन सेंटरों में रखा जा रहा है।

    जिले में अब तक 270 लोगों को नौ विभिन्न चरेंटाईन सेंटरों में रखा गया है। इन चरेंटाईन सेंटरों में रूकने वाले लोगों के लिए रहने, खाने की पूरी व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा कर दी गई है। गेवरा के सी टी आई गेस्ट हाउस में तबलीगी जमात से जुड़े 52 लोगों को रखा गया है, वहीं कोरबा के रसियन हॉस्टल में बने अस्थाई चरेंटाईन सेंटर में संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए 26 लोगों को निगरानी में रखा गया है।

    शहर के टाप इन टाउन होटल में बने चरेंटाईन सेंटर में 36 लोगों को रखा गया है। उरगा के रिलेक्स इन होटल में 35, ग्रीन पार्क होटल में 46, प्रगति नगर दीपका में 13, कटघोरा के प्री मैट्रिक कन्या छात्रावास में तीन लोगों को चरेंटाईन किया गया है। जिला दण्डाधिकारी किरण कौशल ने कोरोना के नियंत्रण के लिए चरेंटाईन सेंटर के रूप में बालाजी ट्रामा सेंटर अस्पताल को भी तत्काल प्रभाव से अधिग्रहित कर लिया है।

    इसमें कटघोरा के संक्रमित एरिया से गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं तथा बीमार बुजुर्गों को लाकर सुरक्षित रखा गया है। ट्रामा सेंटर में वर्तमान में 47 लोग चरेंटाईन किये गये हैं। इसी प्रकार एनटीपीसी के अस्पताल में भी 12 लोगों को चरेंटाईन किया गया है। इनमें से कुछ बुजुर्ग उम्रदराज बीमारियों जैसे लकवा, मधुमेह आदि से पीडि़त हैं और लंबे समय से इनका ईलाज किसी न किसी अन्य अस्पताल में चल रहा है।

    कटघोरा के संक्रमित क्षेत्र को पूरी तरह लॅाक डाउन करने के बाद और इलाके के सभी लोगों को होम आइसोलेशन में रखने के कारण इन बुजुर्गों के सामने अपनी स्वास्थ्यगत देखभाल की समस्या खड़ी हो गई थी जिसे ध्यान में रखते हुए इन बुजुर्गों को जरूरी देखभाल और लगातार चल रहे ईलाज के लिए एनटीपीसी अस्पताल के वार्ड में भर्ती किया गया है। ऐसे बुजुर्ग जिनको लगातार देखभाल की आवश्यकता है उनके साथ एक-एक परिजन को भी सहायक के रूप में अस्पताल में रहने की अनुमति दी गई है।

  •  पिता की मौत के बाद भी अंतिम यात्रा में शामिल नहीं होंगे योगी ‘मां’ को भावुक चिट्ठी लिखकर कहा, कोरोना से जूझते राज्य को छोड़कर नहीं आ सकता ‘मां’…

     पिता की मौत के बाद भी अंतिम यात्रा में शामिल नहीं होंगे योगी ‘मां’ को भावुक चिट्ठी लिखकर कहा, कोरोना से जूझते राज्य को छोड़कर नहीं आ सकता ‘मां’…

    दिल्ली। यूपी के सीएम और भाजपा के दिग्गज नेता योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद सिंह बिष्ट का लंबी बीमारी के बाद दिल्ली स्थित एम्स में निधन हो गया।

    अब कोरोना से लड़ाई में डटे योगी ने अपने परिवार को खत लिखा है। इसमें उन्होंने लिखा कि एक बेटा अपने पिता के अंतिम संस्कार में क्यों नहीं जा रहा है। योगी ने कहा कि कोरोना से लड़ाई बहुत जरूरी है। इसलिए वे पहले इससे निपटेंगे।
    इतना ही नहीं एक जिम्मेदार नागरिक का फर्ज निभाते हुए योगी ने घरवालों से अपील की कि अंतिम संस्कार में कम से कम लोग शामिल हों। CM योगी का कर्तव्यबोध कितना अडिग है यह समझने के लिए ये पत्र काफी है। पत्र के वायरल होने के बाद लोग उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं।

    योगी आदित्यनाथ के पिता के निधन पर CM भूपेश बघेल ने जताया शोक, ट्वीट कर दी श्रद्धांजलि

    उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के  पिता के छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गहरा शोक जताया है. उन्होंने ट्वीट योगी के पिता को श्रद्धांंजलि दी है. भूपेश बघेल ने ट्वीट करते हुए कहा

    उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के पूज्य पिताजी के दिवंगत होने की दुखद ख़बर मिली. इस दुःख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं योगी आदित्यनाथ जी एवं उनके परिवारजनों के साथ हैं. मैं ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति हेतु प्रार्थना करता हूँ.

    गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पिता आनंद सिंह बिष्ट का निधन आज अस्पताल में इलाज के दौरान हुआ. वे 89 साल के थे. उनका इलाजा दिल्ली के एम्स में इलाज चल रहा था. वे पिछले कई दिनों से वेंटिलेटर पर थे और उन्होंने आज सुबह 10 बजकर 40 मिनट पर अंतिम सांस ली. उन्हें किडनी और लिवर की समस्या थी. तबीयत खराब होने पर उन्हें 13 मार्च को एम्स में भर्ती कराया गया था.

  • राज्य शासन ने जिलों में राहत पर फैसला लेने के लिए कलेक्टरों को दिया अधिकार

    राज्य शासन ने जिलों में राहत पर फैसला लेने के लिए कलेक्टरों को दिया अधिकार

    रायपुर। छत्तीसगढ़ में लॉकडाउन को लेकर एक बड़ी खबर है। प्रदेश के कई जिलों में कल से लॉकडाउन में छूट मिलने लगेगी। हालांकि राजधानी में अभी छूट के लिए लोगों को इंतजार करना होगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार शाम प्रदेश के नाम संदेश में इस बात की तरफ इशारा कर दिया था कि लॉकडाउन में छूट के लिए राज्य सरकार विचार कर रही है। मुख्यमंत्री के संबोधन के 24 घंटे बाद प्रदेश के अलग-अलग जिलों से छूट के मद्देनजर आदेश जारी होना शुरू हो गया है।

    राज्य सरकार ने कलेक्टरों को इस बाबत अधिकृत किया है कि वो अपने जिलों की परिस्थिति और सुविधाओं के अनुरूप फैसला लें। राज्य सरकार के इस निर्देश के बाद सभी जिलों में कलेक्टर की तरफ से आदेश जारी होना शुरू हो गया है। अब तक बस्तर, नारायणपुर, दुर्ग सहित कई जिलों ने आदेश जारी भी कर दिया है। इन आदेशों में गृहमंत्रालय की तरफ से जारी गाइडलाइन के मुताबिक छूट दी गयी है। दुर्ग में मिठाई दुकान खुलेगी, लेकिन वहां सिर्फ दूध से बने सामान की बिक्री की ही इजाजत होगी। उसी तरह इस जिले में बेकरी भी खुलेगी।

    दुकानों में हाथ धोने और सेनेटाइजर का सामान रखना होगा
    कलेक्टर की तरफ से छूट के निर्देश के साथ इस बात की सख्त हिदायत दी गयी है कि जिन दुकानों को खोलने की इजाजत दी जायेगी, वहां साफ सफाई का पूरा ख्याल रखा जायेगा। वहीं दुकान के बाहर हाथ धोने का सामान और सेनेटाइजर को अनिवार्य रूप से रखना होगा। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा और एक ही वक्त में ज्यादा लोगों की भीड़ जुटने नहीं दी जायेगी।

    सरकारी सूत्रों के मुताबिक राजधानी के नगरीय क्षेत्रों में फिलहाल राहत की उम्मीद नहीं है, हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में नियम के मुताबिक छूट दी जायेगी। प्रशासन की तरफ से अभी इस बात का फैसला लिया गया है कि राजधानी में पूर्व की भांति लॉकडाउन कड़ाई के साथ जारी रहेगी, अगर परिस्थिति बेहतर रही तो आने वाले दिनों में छूट पर विचार किया जा सकता है, नहीं तो 3 मई तक लॉकडाउन को राजधानी में उसी कड़ाई से लागू करने का निर्णय भी लिया जा सकता है।

    कल से कुछ जिलों में कूलर मैकनिक, एसी मैकनिक, पलंबर और बाइक मैकनिक को भी काम करने की छूट मिलेगी। हालांकि पूर्व के जारी आदेश में इन्हें शामिल नहीं किया गया था, लेकिन अब नयी गाइडलाइन में इन मैकनिक्स को भी शामिल कर दिया गया है।