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  • शाम को बस के साथ रवाना होंगे कोटा से छात्रों को लाने दो नोडल अधिकारी…

    शाम को बस के साथ रवाना होंगे कोटा से छात्रों को लाने दो नोडल अधिकारी…

    रायपुर। राजस्थान के कोटा में फंसे बच्चों को वापस छत्तीसगढ़ के रायपुर लाने के लिए राज्य सरकार ने दो नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की है. रायपुर डिप्टी कलेक्टर मुकेश कोठारी और नायाब तहसीलदार कृष्ण कुमार साहू को नोडल अधिकारी बनाया गया है.छत्तीसगढ़ के करीब 3 हजार छात्र कोटा में फंसे हैं।

    जिन्हें लाने के लिए करीब 80 बसों को राजस्थान के कोटा के लिए रायपुर से शाम को रवाना किया जाएगा। इसके बाद मजदूरों को भी वापस अपने राज्य लाने की बात मुख्यमंत्री ने कही है।

    सुबह मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट कर कहा था कि लाॅकडाउन के कारण राजस्थान के कोटा में फंसे विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ लाने के लिए बस भेजी जा रही है. विद्यार्थियों को जल्द छत्तीसगढ़ लाया जाएगा. इसके साथ ही प्रदेश से बाहर फंसे हर नागरिक, चाहे वे पढ़ने गए बच्चे हों, पर्यटक हों या फिर श्रमिक सभी को वापस लाने की बात कही थी. केंद्र सरकार के दिशा निर्देशों के अनुसार इन्हें वापस लाने का इंतज़ाम किया जाएगा।

  • देश का पहला राज्य जहां वीडियो कांफ्रेंसिंग से अदालतें करेंगी मुकदमों की सुनवाई….

    देश का पहला राज्य जहां वीडियो कांफ्रेंसिंग से अदालतें करेंगी मुकदमों की सुनवाई….

    दिल्ली। देश के सबसे बड़े सूबे यानि उत्तर प्रदेश में अब अदालतों में सभी मुकदमों की सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये की जाएगी। ऐसा करने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है।

    इस बारे में हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि यह सुविधा पूरी तरह से सुरक्षित एवं निर्बाध है। यह तैयारी कोरोना वायरस से निपटने के लिए की गई है। उन्होंने बताया कि इसके लिए अलग से संसाधनों की जरूरत नहीं पड़ी। उपलब्ध संसाधनों से ही सॉफ्टवेयर तैयार कर यह सुविधा सभी कोर्ट में शुरू कर दी गई है। इस सेवा को पूरे प्रदेश की सभी कोर्ट में लागू करने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है।

    दरअसल, उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है यहां रोजाना लाखों मुकदमों की सुनवाई की जाती है। अब लॉकडाउन के दौरान हाईकोर्ट और जिला अदालतों में मुकदमों की सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिंग से करने का निर्णय लिया गया है। अभी तक राज्य में जो व्यवस्था लागू थी उसमें सीमित मुकदमों की सुनवाई ही हो सकती थी। नई व्यवस्था में इसका व्यापक उपयोग हो सकेगा और प्रदेश की ज्यादातर कोर्ट में मुकदमों की सुनवाई अब वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये की जा सकेगी।

  • कोरोना का कहरः भारत में कब और कैसे खत्म होगा लॉकडाउन, एक्सपर्ट की राय!

    कोरोना का कहरः भारत में कब और कैसे खत्म होगा लॉकडाउन, एक्सपर्ट की राय!

    जब कोरोना अपने पीक पर होगा तो लॉकडाउन का क्या होगा? ये वो सवाल हैं, जिनका जवाब हर देशवासी जानना चाहता है. मगर ये सवाल जितने आसान हैं, जवाब उतने ही पेचीदा. देश और दुनिया के तमाम एक्सपर्ट और वैज्ञानिकों की नज़र भी इसी सवाल पर है, पर जवाब अलग-अलग तरीक़े से सामने आ रहे हैं.

    तीन मई के बाद भारत में क्या होगा?

    क्या 3 मई के बाद लॉकडाउन ख़त्म हो जाएगा?

    दो चरणों में 40 दिनों के लिए भारत बंद है. भारत बंद की फिलहाल आखिरी तारीख 3 मई है. पर तीन मई के बाद क्या होगा? क्या 3 मई के बाद लॉकडाउन खत्म हो जाएगा और भारत खुल जाएगा? तो इस सवाल का जवाब आप जानें उससे पहले एक अहम जानकारी. देश और दुनिया के तमाम एक्सपर्टस ये कह रहे हैं कि भारत में कोरोना की असली तस्वीर अप्रैल के आखिर और मई के पहले दो-तीन हफ्ते में सामने आएगी. शायद इस दौरान कोरोना अपने पीक पर होगा. तो जब कोरोना अपने पीक पर होगा तो लॉकडाउन का क्या होगा? ये वो सवाल हैं, जिनका जवाब हर देशवासी जानना चाहता है. मगर ये सवाल जितने आसान हैं, जवाब उतने ही पेचीदा. देश और दुनिया के तमाम एक्सपर्ट और वैज्ञानिकों की नज़र भी इसी सवाल पर है. पर जवाब अलग-अलग तरीक़े से सामने आ रहे हैं।

    भारत में जुलाई के बाद हटेगा लॉकडाउन?
    अमेरिका की बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप यानी बीसीजी ने जॉन हॉप्किंस यूनिवर्सिटी से मिले डेटा के आधार पर दुनिया के 20 देशों का ये कोराना चार्ट तैयार किया है. इसके मुताबिक चीन को छोड़कर किसी भी देश में जुलाई से पहले लॉकडाउन हटने वाला नहीं है. और अगर हटता है तो हालात बिगड़ सकते हैं. रही बात चीन की तो जिस हुबेई प्रांत में कोरोना का सबसे ज़्यादा असर हुआ. और जिस प्रांत में कोरोना का एपिसेंटर वुहान है. वो इसी सूबे में पड़ता है. यहां 8 अप्रैल को लॉकडाउन खुलने का अनुमान लगाया गया था. और हुआ भी यही. चीन ने हुबेई में वुहान को छोड़कर 8 अप्रैल को लॉकडाउन हटा दिया. क्योंकि यहां उसके बाद कोरोना के मामले ही आने बंद हो गए थे. मगर दुनिया के प्रेशर और चीन में मौत के आंकड़ों पर उठ रहे सवाल के बाद यहां अचानक करीब 1300 मौत के आंकड़े दर्ज किए गए।


    बीसीजी ऐसा अनुमान लगा रही है कि भारत में ये लॉकडाउन जून के आखिरी हफ्ते से लेकर सितंबर के दूसरे हफ्ते तक चल सकता है. इसके बाद भी हालात की संवेदनशीलता को ही देखकर भारत सरकार को ये लॉकडाउन हटाना या उसमें रियायत देने का फैसला लेना होगा. मगर इससे पहले लॉकडाउन हटाना भारत के लिए मुश्किल भरा फैसला हो सकता है. क्योंकि अगर ऐसा हुआ तो भारत में कोरोना पॉज़िटिव केसेज़ की बाढ़ सी आ जाएगी और देश के मौजूदा मेडिकल सिस्टम के हिसाब से इसे संभाल पाना मुश्किल होगा


    बीसीजी ने ये अनुमान भारत में कोरोना के संक्रमण के फैलने के अब तक के डेटा के आधार पर लगाया है. इन्हीं आंकड़ों के आधार पर ये रिपोर्ट बता रही है कि देश में कोरोना की पीक पर कब पहुंचेगा. कब यहां आंशिक तौर पर लॉकडाउन हटाया जा सकता है और कब भारत पूरी तरह से लॉकडाउन हटाने की स्थिति में होगा।
    बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप यानी बीसीजी के चार्ट की मानें तो किस देश में कब लॉक डाउन किया गया. कब वहां कोरोना के मामले पीक पर पहुंचे. कब वहां आंशिक तौर पर लॉकडाउन को हटाना शुरु किया गया और कब कहां लॉकडाउन को पूरी तरह से हटाना सुरक्षित माना गया. इसमें इन सब का अनुमान लगाया गया है. इस चार्ट के मुताबिक जिस देश में मौजूदा वक्त में कोरोना के मामले पीक पर हैं उनमें अभी सिर्फ इटली है. जहां ये मामले 2 लाख के आंकड़े को छूने वाले हैं।
    हालांकि उसकी आबादी के लिहाज़ से काफी मामले हैं. वहीं यूएस, स्पेन, फ्रांस, जर्मनी और यूके जहां कोरोना सबसे ज़्यादा तबाही मचा रहा है. वहां भी अभी कोरोना अपनी पीक पर नहीं पहुंचा है. यहां अप्रैल के आखिरी हफ्ते और मई के तीसरे हफ्ते तक ये मामले अपनी पीक पर पहुंच सकते हैं।
    बीसीजी के मुताबिक भारत ने कोरोना से निपटने के लिए जिस तरह वक्त रहते लॉकडाउन की घोषणा की उससे उसने इस बीमारी से निपटने के लिए कुछ वक्त ज़रूर खरीद लिया है. मगर बावजूद इसके भारत में कोरोना के मामले पीक पर ज़रूर पहुंचेंगे. और इस रिपोर्ट के मुताबिक जून के तीसरे हफ्ते तक भारत में कोरोना के मामले अपनी पीक पर होंगे. और जून के आखिरी हफ्ते तक ही भारत लॉकडाउन हटाने की स्थिति में होगा।
    मगर वो भी सिर्फ आंशिक तौर पर. जबकि हिंदुस्तान में पूरी तरह से लॉकडाउन हटाना सितंबर के दूसरे हफ्ते के बाद ही मुमकिन हो पाएगा. हालांकि भारत को कोरोना से पूरी तरह से आज़ादी पाने में ये पूरा साल भी गुज़र सकता है. हां मगर उससे पहले वैक्सीन आ गई तो ये बहुत बड़ी कामयाबी होगी।

  • विधायक अजीत जोगी की मांग पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महुआ का समर्थन मूल्य 17 से बढ़ाकर 30 रुपये किलो किया

    विधायक अजीत जोगी की मांग पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महुआ का समर्थन मूल्य 17 से बढ़ाकर 30 रुपये किलो किया

    छत्तीसगढ़ सरकार ने महुआ का न्यूनतम समर्थन मूल्य 17 रुपये से बढ़ाकर 30 रुपये प्रति किलो कर दिया है। वन एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर ने इसकी घोषणा की। उल्लेखनीय है कि महुआ के समर्थन मूल्य को बढ़ाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने शासन से मांग की थी।

    वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि महुआ का समर्थन मूल्य कम है जबकि खुले मार्केट में इसकी कीमत ज्यादा है। जिसके कारण महुआ बीनने वालों की परेशानियों को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने फौरन इसके समर्थन मूल्य को 13 रुपये और बढ़ाने की घोषणा की।

    बता दें कि छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री एवं मरवाही के विधायक अजीत जोगी ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखकर शासन द्वारा महुआ का समर्थन मूल्य मात्र 17 रुपये निर्धारित किए जाने व महुआ संग्राहकों के साथ अव्यवहारिक एवं गलत निर्णय है। महुआ का समर्थन मूल्य तत्काल 40 रुपये किया जाना चाहिए क्योंकि 17 रुपए की कीमत बाजार मूल्य से भी आधे से कम कीमत है। उन्होंने बकायदा पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश का उदाहरण भी दिया था जहां इस वर्ष महुए का समर्थन मूल्य 35 रुपये प्रति किलो पर दिया गया है। महुआ की कीमत में शुरु हुई राजनीति पर विराम लगाते हुए राज्य सरकार ने इसकी कीमत को तत्काल बढ़ाते हुए 30 रुपये किलो कर दिया है।

    आदिवासियों की आय का प्रमुख स्रोत

    गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के वनांचल क्षेत्र के अलावा गांव-गांव में आदिवासियों द्वारा बड़ी मात्रा में महुआ फूल एकत्रित किया जाता है जो कि इनके आय का प्रमुख स्रोत है। स्थानीय स्तर पर हर साल लगभग 30 से 40 करोड़ रूपये के महुए का संग्रहण होता है। इस साल मौसम की मार के कारण महुआ का उत्पादन कम होगा। जिससे बाजार में नया महुआ 40 रुपये किलो तक है तथा इसका भाव और तेज होने की संभावना है।

  • छत्तीसगढ़ में हुआ रिपब्लिक टीवी के संपादक और पत्रकार अर्णव गोस्वामी पर गैरजमानती धाराओं के तहत अपराध दर्ज…

    छत्तीसगढ़ में हुआ रिपब्लिक टीवी के संपादक और पत्रकार अर्णव गोस्वामी पर गैरजमानती धाराओं के तहत अपराध दर्ज…

    रायपुर। रिपब्लिक टीवी के संपादक और पत्रकार अर्णव गोस्वामी के ख़िलाफ़ राजधानी की सिविल लाइन पुलिस ने अपराध दर्ज किया है। शिकायतकर्ता के रुप में स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंहदेव और प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम आज सिविल लाईंस थाने पहुँचे। उनके आवेदन के आधार पर थाना प्रभारी सुशांत बैनर्जी ने यह FIR दर्ज की है।
    पत्रकार अर्णव गोस्वामी के ख़िलाफ़ राज्य सरकार ने धारा 153 (क),295 (क), और धारा 505 की धाराओं में अपराध क्रमांक 176/2020 दर्ज किया है।
    यह धाराएं धर्म के आधार पर विद्वेष बढ़ाने, धर्म जाति के आधार पर कटुता फैलाने के मामले में प्रभावी होती हैं। ये धाराएँ ग़ैर ज़मानती हैं।
    पत्रकार अर्णव गोस्वामी ने अपने टीव्ही शो में कांग्रेस अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी को लेकर टिप्पणी की थी। जिस पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी नाराजगी व्यक्त की थी।

  • बालिका जमलो मड़कम की मृत्यु,एजेंट और नियोजक के विरूद्ध FIR दर्ज,CM भूपेश बघेल के निर्देश पर श्रम सचिव सोनमणि बोरा की त्वरित कार्रवाई

    बालिका जमलो मड़कम की मृत्यु,एजेंट और नियोजक के विरूद्ध FIR दर्ज,CM भूपेश बघेल के निर्देश पर श्रम सचिव सोनमणि बोरा की त्वरित कार्रवाई

    रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई करते हुए श्रम विभाग के सचिव सोनमणि बोरा ने बीजापुर जिले की मृतक बालिका जमलो मड़कम की मृत्यु पर तेलंगाना के संबंधित नियोजक और एजेंट कुमारी सुनीता मरकामी के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए। बीजापुर की श्रम निरीक्षक द्वारा कोतवाली बीजापुर में आज प्राथमिकी दर्ज (एफआईआर) करायी गई है। उल्लेखनीय है कि मृतक बालिका जमलो मड़कम को सुनीता मरकाम (एजेंट) द्वारा अन्य 11 श्रमिकों के साथ तेलंगाना के संतोष मंचाल नियोजक के संस्थान में मिर्ची तोड़ने के कार्य के लिए लेकर गई थी। जिसकी सूचना श्रम विभाग को नहीं दी गई थी।

    लॉकडाउन होने के कारण जंगल के रास्ते से सभी श्रमिक सुनीता मरकामी के माध्यम से वापस ग्राम आदेड जिला बीजापुर आ रहे थे। मृत्यु होने की जानकारी के बाद श्रम निरीक्षक के द्वारा पृथक जांच उपरांत ज्ञात हुआ कि कुमारी सुनीता मरकामी के द्वारा श्रम विभाग जिला बीजापुर को बिना कोई सूचना दिए 5 नाबालिक बच्चों को तेलंगाना लेकर गई है। जो अवैध मानव तस्करी के श्रेणी में आता है। 

    गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बीजापुर जिले के ग्राम आदेड़ की 12 वर्षीय कुमारी जमलो मड़कम की मृत्यु पर तात्कालिक सहायता के रूप में कुमारी मड़कम के परिवारजनों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से एक लाख रूपए की सहायता राशि स्वीकृत की थी। इसके पश्चात बीजापुर कलेक्टर से चर्चा उपरांत मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान कोष से 4 लाख रूपए की अतिरिक्त स्वीकृति दी है। इस प्रकार कुमारी मड़कम के परिवारजनों को कुल 5 लाख रूपए की आर्थिक सहायता मंजूर की गई है। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर बीजापुर को इस मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए थे। 

  • ट्रंप ने कोरोना वायरस पर कहा, ‘अमेरिका पर हमला हुआ, यह कोई फ्लू नहीं था’

    ट्रंप ने कोरोना वायरस पर कहा, ‘अमेरिका पर हमला हुआ, यह कोई फ्लू नहीं था’

    वाशिंगटन। कोरोना वायरस के कारण देश में आए संकट से निपटने की कोशिश कर रहे अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि देश पर हमला हुआ था। अमेरिका में कोविड-19 से 47,000 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और 8,52,000 से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं. ट्रंप ने बुधवार को व्हाइट हाउस में डेली हो रहे प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘हम पर हमला हुआ है. यह हमला था, यह कोई फ्लू नहीं था. कभी किसी ने ऐसा कुछ नहीं देखा, 1917 में ऐसा आखिरी बार हुआ था।’

    चीन से बेहतर अमेरिका की अर्थव्यवस्था

    अमेरिका पर कई हजार अरब डॉलर के बढ़ते ऋण के सवाल पर उन्होंने ये जवाब दिया. ट्रंप ने कहा कि उनका प्रशासन वैश्विक महामारी से प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हुए लोगों और उद्योगों की मदद के लिए सामने आया है. हमारे पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है. मुझे हमेशा हर चीज की चिंता रहती है. हमें इस समस्या से पार पाना ही होगा. विश्व के इतिहास में हमारी अर्थव्यवस्था सबसे बड़ी रही है, चीन से भी बेहतर या यह कह लो किसी भी अन्य देश से बेहतर।

    हमने पिछले तीन साल में इसे खड़ा किया और फिर अचानक एक दिन उन्होंने कहा कि तुम्हे इसे बंद करना होगा. अब, हम इसे दोबारा खोल रहे है और हम बेहद मजबूत होगें लेकिन दोबारा खोलने के लिए आपको उस पर कुछ धन लगाना होगा. हमनें अपनी एयरलाइन्स बचा लीं. हमनें कई कम्पनियां बचा लीं, जो बड़ी कम्पनियां हैं और दो महीने पहले उनका बेहतरीन साल चल रहा था… और फिर अचानक से बाजार से बाहर हो गई।

    कई जगहों पर आई मामलों में कमी
    देश में नए मामलों में लगातार कमी आ रही है. जिन जगहों पर सबसे ज्यादा मामले देखने में आ रहे थे अब उनकी स्थिति स्तिर बनी हुई है. वे सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं. बॉस्टन इलाके में मामलों में गिरावट आई है.

    शिकागों में मामले स्थिर बने हैं

    डेट्रायट में सबसे खराब समय निकल गया है. यह दिखाता है कि वायरस से निपटने की अक्रामक रणनीति रंग ला रही है और कई राज्य धीरे-धीरे दोबारा खुलने की स्थिति में है।

  • छत्तीसगढ़ में अब एक्टिव केस 10,प्रदेश में 888 टेस्ट की रिपोर्ट का इंतजार,जिनमें सर्वाधिक 173 कोरबा जिले से, रायपुर में भर्ती 2 कोरोना पॉज़िटिव मरीज डिस्चार्ज….

    छत्तीसगढ़ में अब एक्टिव केस 10,प्रदेश में 888 टेस्ट की रिपोर्ट का इंतजार,जिनमें सर्वाधिक 173 कोरबा जिले से, रायपुर में भर्ती 2 कोरोना पॉज़िटिव मरीज डिस्चार्ज….



    रायपुर। रायपुर एम्स मे भर्ती 2 कोरोना पॉज़िटिव मरीजो को डिस्चार्ज कर दिया गया है।

    अब पॉजिटिव एक्टिव मरीजों की संख्या 8 हो गई है।बताते चले कि कोरोना के पॉजिटिव मामलों की संख्या 36 है। वही 28 मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ शासन राज्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा मिली जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ में अब तक कोरोनावायरस के कुल 9220 संभावित व्यक्तियों की पहचान कर सैंपल जांच किया गया है।अभी तक के 8296 परिणाम नेगेटिव मिले हैं और 888 की जांच जारी है। आज दिनांक तक टोटल एक्टिव केस की संख्या 10 है।

    छत्तीसगढ़ शासन राज्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा मिली जानकारी के अनुसार एम्स रायपुर में मंगलवार को एक मरीज स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज हुआ है।35666 व्यक्ति होम क्वारेंटीन में है। राज्य में कुल 127 क्वारेंटीन सेंटर हैं।जिनकी क्षमता 2532 है और वर्तमान में 330 लोग क्वारेन्टीन में रखे गए हैं।

  • केंद्र सरकार के जिस फैसले को राहुल गांधी ने बताया गरीब विरोधी, उसी पर बलिहारी हुए भूपेश सरकार के दो मंत्री

    केंद्र सरकार के जिस फैसले को राहुल गांधी ने बताया गरीब विरोधी, उसी पर बलिहारी हुए भूपेश सरकार के दो मंत्री

    राहुल गांधी ने सुबह ही अपने सोशल मीडिया अकाउंट से केंद्र सरकार के इस निर्णय पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे गरीब विरोधी बताया. उन्होंने इसे गरीबों का हक़ मारने वाला बताया.
    राहुल गांधी ने अपने फेसबुक और ट्विटर पर लिखा – “हिंदुस्तान का गरीब कब जागेगा. आप भूखे मर रहे हैं और वह आपके हिस्से के चावल से सैनिटाइजर बनाकर अमीरों के हाथ की सफाई में लगे हैं.”

    लेकिन शाम होते-होते छत्तीसगढ़ में वरिष्ठ मंत्री रविन्द्र चौबे ने इस फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए इसे राज्य सरकार की कामयाबी के रूप में दर्ज कराने की कोशिश की.

    रविन्द्र चौबे शाम को वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग में प्रदेश की मीडिया के साथ मुखातिब थे. चौबे के साथ सरकार के दूसरे मंत्री अमरजीत भगत भी थे. चौबे ने बताया कि राज्य की मांग एक तरह से आंशिक रूप से पूरी हो गई है. राज्य एथेनॉल से बायो फ्यूल बनाने की मांग लंबे समय से कर रही है। अब केंद्र ने एफसीआई को इसकी अनुमति देकर राज्य के लिए रास्ता खोल दिया है.

    दूसरे मंत्री अमरजीत ने बताया कि राज्य सरकार लंबे समय से मांग कर थी कि केंद्र सरकार चावल से एथेनॉल युक्त बायो फ्यूल बनाने की मंजूरी दे. अब एफसीआई को इसकी इजाजत मिलने के बाद वे छत्तीसगढ़ को भी इसकी इजाज़त देने की मांग करेगे.

    दरअसल, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनकी सरकार लंबे समय से राज्य में वो धान जिसे केंद्र नहीं खरीद रही है, उसका एथेनॉल बनकर बायो फ्यूल में इस्तेमाल की मांग कर रहे हैं. जिससे अतरिक्त धान में लगने वाले खर्च को वहन किया जा सके.

    लेकिन कोरोना के प्रकोप में हालात जुदा हैं. अभी लॉक डाउन की वजह से राज्य सरकारों को अपने नागरिकों को अतिरिक्त अनाज देना पड़ रहा है. चिंता इस बात की है कि कई राज्यों में अनाज नहीं पंहुच पा रहा है और वे राज्य केंद्र से अतिरिक्त अनाज की मांग कर रहे हैं. जिसे देखते हुए खुद छत्तीसगढ़ ने और चावल केंद्र को देने का प्रस्ताव दिया था. इसी बीच केंद्र ने चावल से एथेनॉल बनाने की अनुमति दे दी. सरकार का ये फैसला सवालों के घेरे में हैं और सबसे बड़ा सवाल राहुल गांधी ने ही खड़ा किया था. अब उन्ही के पार्टी के मंत्रियों ने कांग्रेस के सबसे बड़े नेता के रुख़ पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

  • सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने मीडियाकर्मियों के लिए जारी किया परामर्श….

    सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने मीडियाकर्मियों के लिए जारी किया परामर्श….

    मंत्रालय ने कोविज-19 की कवरेज़ के दौरान कंटेनमेंट ज़ोन, हॉट स्पॉट और प्रभावित इलाकों की कवरेज़ करने वाले पत्रकारों को स्वास्थ्य का ध्यान रखने और सावधानी बरतने की हिदायत दी है. मीडिया हाउसों को लिए जारी परामर्श में फील्ड स्टाफ के साथ-साथ ऑफिस स्टाफ का भी विशेष ध्यान रखने की बात कही गई है.

    दरअसल, मुंबई में कार्यरत 53 पत्रकार कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. इस ख़बर के बाद से मीडिया जगत में हड़कंप मच गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुंबई शहर स्थित पत्रकार संस्था की ओर से स्वास्थ परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया था. इस शिविर में 167 पत्रकारों की जाँच की गई थी. जाँच के बाद सोमवार को जो रिपोर्ट सामने आई है उसमें 53 पत्रकार पॉजिटिव पाए गए हैं. जबकि 114 की रिपोर्ट निगेटिव आई है. फिलहाल सभी पत्रकारों को अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है. वहीं पत्रकारों के संपर्क में आने वाले लोगों की पहचान की जा रही है.

    चेन्नई में मंगलवार को एक तमिल समाचार टेलीविजन चैनल के लिए काम करने वाले पत्रकारों सहित कम से कम 25 व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए. स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने पीटीआई से कहा, ’90 से अधिक नमूने जांच के लिए गए थे, जिसमें से कम से कम 25 व्यक्ति संक्रमित पाए गए हैं’

    यह घटनाक्रम शहर में एक टेलीविजन चैनल के लिए काम करने वाले तीन पत्रकारों के संक्रमित पाए जाने के बाद हुआ है. अधिकारी ने कहा कि टेलीविजन चैनल से जुड़े लोगों की जांच रिपोर्ट एकत्रित की जा रही है और आशंका जताई जा रही है कि संक्रमितों की संख्या 27 हो सकती है.

    सूचना और प्रसारण मंत्रालय की एडवाइजरी-