कांकेर। सोमवार को लॉक डाउन के बीच कांकेर पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया गया है.कांकेर पुलिस अधीक्षक ने अलग अलग थानों में पदस्थ 14 थाना प्रभारियों का तबादला कर दिया है, देखे सूची…


टाइम्स आफ इंडिया की रिपोर्ट में यह कहा गया है कि दिल्ली की एविएशन कंपनी वीएसआर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के 8 सीटर लियरजेट 35 एयरक्राफ्ट के जरिए चीफ जस्टिस कोच्चि से बिलासपुर पहुंचे. एयरक्राफ्ट शनिवार की सुबह दिल्ली से कोच्चि पहुंचा और करीब 11 बजे बिलासपुर के लिए उड़ान भरा. इस दौरान एय़रक्राफ्ट में सिर्फ जस्टिस मेनन ही एकमात्र पैसेंजर थे. इस पूरी यात्रा के दौरान एयरक्राफ्ट ने करीब 6.5 से 7 घंटे की उड़ान भरी.
अखबार ने अनुमान लगाते हुए कहा है कि करीब 13 से 15 लाख रूपए का भुगतान किया गया है. टाइम्स आफ इंडिया ने यह भी तथ्य अपनी खबर में प्रकाशित किया है कि बाम्बे हाईकोर्ट में हाल ही में नियुक्त हुए जस्टिस दीपांकर दत्ता ने बीते शुक्रवार को ही कोलकाता से मुंबई तक सड़क मार्ग से सफर किया. ठीक इस दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस बिश्वनाथ समद्दर ने मेघालय हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस का पदभार ग्रहण करने के लिए कोलकाता होते हुए शिलांग तक सड़क मार्ग से सफर किया.
कोरोना वायरस संक्रमण के चलते डीजीसीए ने देशभर में विमानों के परिचालन पर रोक लगाई हुई है. केवल राहत कार्यों, मेडिकल उपकरणों की सप्लाई से जुड़े कार्गो विमानों के परिचालन को ही अनुमति दी गई है. ऐसे में चार्टर्ड फ्लाइट को उड़ान की अनुमति देने पर सवाल भी उठ रहे हैं?

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा नोवल कोरोना वायरस (कोविड-19) के संक्रमण से आमजन को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से राज्य के सभी देशी-विदेशी मदिरा दुकानें, छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेजेस कॉरपोरेशन के रायपुर, बिलासपुर स्थित गोदामों सहित सभी जिलों में स्थित देशी मदिरा के मद्य भण्डागारों को आगामी 3 मई तक बंद करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही प्रदेश के सभी रेस्टोरेंट- होटल बार और समस्त एफ. एल. 4/4क क्लब को भी आगामी 3 मई तक बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। पूर्व में 28 अप्रैल तक बंद रखने के आदेश जारी किए गए थे, जिसे बढ़ाकर अब 3 मई तक कर दिया गया है।
वाणिज्यिक कर (आबकारी) विभाग द्वारा मंत्रालय महानदी भवन से इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। राज्य शासन द्वारा सभी जिला कलेक्टरों को इस आदेश का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

रामायण और महाभारत (Ramayana-MahaBharat) के बाद एक बार फिर से दूरदर्शन (Door Darshan) पर शुरू हो रहा श्री कृष्णा को लेकर लोगों में गजब का उत्साह है, लेकिन क्या आप जानते है कि इसको पहली बार दूरदर्शन पर लाने के लिए (Ramananad Sagar) रामानंद सागर और उनके बेटे को कितने प्रयास करने पड़े थे। उन्हें तमाम ऑफिसों के चक्कर काटने के साथ ही हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीमकोर्ट तक जाना पड़ा था। बताया जाता है कि इसकी वजह रामयाण की लोकप्रियता को देखकर सरकार का घबरा जाना था। जिसको लेकर सरकार ने ‘श्री कृष्णा’ (Shri Krishna) को दूरदर्शन पर रिलीज न करने के निर्देश दे दिये थे। इसी के बाद रामानंद सागर ने सारे रास्ते बंद मिलने पर ‘श्री कृष्णा’ की कैसेट (Shri Krishna Video) मार्केट में उतारी। इसके साथ ही श्री कृष्णा का मॉरीशस में प्रीमियर किया गया। यह मामला पार्लियामेंट में गुजा तो तब जाकर कुछ इस तरह श्री कृष्णा को दूरदर्शन पर दिखाया गया। यह जानकारी ‘श्री कृष्णा’ को बनाने वाले रामानंद सागर के बेटे और सिनेमेटोग्राफर प्रेम सागर ने एक अखबार को दी।
रामानंद सागर के बेटे प्रेम सागर ने बताया कि ‘श्री कृष्णा’ को दूरदर्शन पर लाने के लिए बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। उनके अनुसार, ‘रामायण’ (Ramayana) की लोकप्रियता के बाद साफ निर्देश जारी हो गए थे कि इस तरह का कोई धारावाहिक दूरदर्शन (Door Darshan) पर न लाया जाये। वहीं इसके बाद ही एलके आडवाणी के अपनी रथयात्रा शुरू कर दी थी। जिसके चलते सभी पौराणिक शो को कडे तौर पर बंद कर दिया गया। जब कहीं से कुछ नहीं हो पाया तो शुरू किया यह काम।
मार्केट में उतारी श्री कृष्णा की कैसेट और मॉरिशस में किया प्रीमियर प्रेम सागर ने बताया कि जब ‘श्री कृष्णा’ (Shri Krishna) को दूरदर्शन पर नहीं दिखाया गया तो फिर मार्केट में इसकी वीडियो कैसेट निकालने का उपाय निकाला गया। क्योंकि इस पर कोई रोक और नियम नहीं था। जैसे ही मार्केट में ‘श्री कृष्णा’ की वीडियो कैसेट (Shri Krishna Ki Video Cassette) आई। इसकी बिक्री बहुत ही तेजी से शुरू हो गई। इसके बाद वीडियो रथ निकाला गया। जिस पर ‘श्री कृष्णा’ चलाकर लोगों को आकर फ्री में देखने का आमंत्रित किया गया। साथ ही इसके विज्ञापन भी दिये। इसके बाद भी श्री कृष्णा के रिलीज नहीं होने पर मॉरीशस का रूख करना पडा। श्री कृष्णा का प्रीमियर मॉरीशस में किया गया। वहां पर राधा-कृष्णा का भव्य स्वागत किया गया। लोगों ने अपने घरों से बाहर निकलकर फूलों की वर्षा की। इधर यह बात भारत में पता लगते ही यही मामला अब पालियामेंट में गुंज उठा।
संसद में उठा मामला और फिर खुली श्री कृष्णा शो की राह देश की संसद में हंगामा होते ही राज्यसभा में सवाल पूछा गया कि ‘श्री कृष्णा’ (Shri Krishna Show) का प्रसारण इंडिया में क्यों नहीं किया जा रहा है। उसी दौरान चेन्नई की चर्चित एडवरटाइजिंग एजेंसी के आरके स्वामी ने दूरदर्शन के कुछ स्लॉट खरीदे लिये। प्रेम सागर ने कहा कि स्वामी जब मुझसे मिलने आए तब मैंने एक प्लान बनाकर उन्हें दे दिया, लेकिन स्वामी से दूरदर्शन वालों ने पूछा ही नहीं कि वे कौन सा शो लेकर आ रहे हैं। इसबीच ही हमने श्री कृष्णा को सेंसर बोर्ड (Censor Board) से पास करा लिया। इसके बाद वो दिन पास ही आ गया था। जब दूरदर्शन पर ‘श्री कृष्णा’ को रिलीज होना था, लेकिन अभी तक स्लॉट बुक कर चुके दूरदर्शन को कौन सा धारावाहिक के लिए यह बुकिंग हुई है। उसकी जानकारी नहीं थी। जैसे ही दूरदर्शन को पता चला कि जिन स्लॉट को बुक किया गया है। उन पर श्री कृष्णा को रिलीज किया जाएग। इस पर दूरदर्शन ने कहा आप सीरियल ‘श्री कृष्णा’ नहीं ला सकते। इस पर एजेंसी ने कारण पूछा गया। जिसके चलते (DD-2) डीडी-2 पर ‘श्री कृष्णा’ लॉन्च हो सका। इसके बाद भी इस शो को (DD-1) डीडी-1 पर नहीं लाया गया। इस पर भी बहुत हंगामा हुआ। बहुत चिट्ठियां लिखी गईं। तमाम जद्दोजहद के बाद यह धारावाहिक (DD-1) डीडी-1 पर भी प्रसारित किया गया। अब एक बार फिर से श्री कृष्णा को दूरदर्शन पर दिखाया जाएगा।

शूटिंग के समय की तस्वीर. बहुत से किरदार नज़र आ रहे हैं. राम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान, निषादराज आदि. लेकिन साथ में यह बच्चा कौन है? ये है अरुण गोविल का बेटा ‘अमल’.
रामायण की शूटिंग पर सीरियल की कास्ट के साथ अरुण गोविल का बेटा अमल
लक्ष्मण का रोल करने वाले सुनील लहरी को 1984 में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने शुभकामना संदेश भेजा था. सुनील की फिल्म तब आने वाली थी. नाम था – ‘फिर आई बरसात’.
सुनील लहरी अपने भाइयों के साथ इंदिरा जी से मिलते हुए. दूसरी ओर इंदिरा का लिखा शुभकामना संदेश और तीसरी फोटो उनकी फिल्म के पोस्टर की.
कैमरे के सामने ‘राम’ और ‘रावण’ की दुश्मनी. कैमरे के पीछे अरुण गोविल और अरविंद त्रिवेदी हाथ मिलाते हुए.
शूटिंग के समय अरुण गोविल और अरविन्द त्रिवेदी
अरुण गोविल और दीपिका चिखलिया शूटिंग से इतर एक मौके पर.
अरुण गोविल और दीपिका चिखलिया
रामानंद सागर अरुण और दीपिका को सीन समझाते हुए.
रामानंद सागर के साथ अरुण गोविल और दीपिका चिखलिया
दीपिका के साथ दिख रहे हैं भाजपा नेता लाल कृष्ण अडवाणी और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
दीपिका लालकृष्ण अडवाणी और नरेंद्र मोदी के साथ
लक्ष्मण का रोल करने वाले सुनील लहरी की पहली फिल्म थी ‘नक्सली’. इसमें मिथुन चक्रवर्ती और स्मिता पाटिल ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं.
नक्सली’ फिल्म के सीन में सुनील लहरी और स्मिता पाटिल
सुनील लहरी और दीपिका चिखलिया ‘रामायण’ सीरियल से पहले भी इकट्ठे काम कर चुके थे. रामानंद सागर द्वारा निर्देशित सीरियल ‘विक्रम और बेताल’ में.
‘विक्रम और बेताल’ सीरियल के सीन में सुनील लहरी और दीपिका चिखलिया
सुनील लहरी फूल दे रहे हैं जूही चावला को. जूही 1984 में मिस इंडिया बनी थीं.
सुनील लहरी एक्ट्रेस जूही चावला के साथ
राम और कृष्ण को कभी एक साथ देखा है? एक दुर्लभ तस्वीर में गायक अनूप जलोटा के साथ नितीश भारद्वाज (कृष्ण) और अरुण गोविल (राम).
गायक अनूप जलोटा के साथ नितीश भारद्वाज और अरुण गोविल

रतनपुर के पास मौजूद खैरा में सोमवार शाम को दो व्यक्ति कार में सवार होकर पहुंचे इसमें से एक ने खुद को एसआई और दूसरे ने सिपाही बताया. इनमें से एक सादी वर्दी में था तो वहीं दूसरे ने पुलिस की वर्दी पहन रखी थी. दोनों ने ग्रामीणों को बिलासपुर एसपी ऑफिस से पहुंचने की बात कहते हुए जमकर तमाशा किया. सबसे पहले इन लोगों ने श्रीकांत नाम के एक युवक का शर्ट फाड़कर उससे अपनी गाड़ी पोंछने लगे. इसके बाद गांव के ही एक अन्य युवक प्रीतम का मोबाइल दोनों ने लूट लिया. जब प्रीतम की मां हंगामा मचाने लगी तो दोनों ने मोबाइल वापस किया. इसके बाद रतनपुर क्षेत्र में संचालित कृष्णा ट्रेडर्स के ट्रक को रोककर पूछताछ के नाम पर चालक से सारे दस्तावेज छिन लिए और उसे वापस तक नहीं किया. दोनों गांव में घूम-घूम कर सबसे विवाद करते रहे.
इसके बाद वे राम दुलारी नाम के व्यक्ति को अपने साथ गाड़ी में बिठा कर पचरा के पीछे ले गए, जहां दोनों ने उससे खरीदवाकर जमकर महुआ शराब पिया. शराब के नशे में आकर दोनों फिर से ग्रामीणों के साथ मारपीट करने लगे. दोनों की हरकतों से परेशान ग्रामीणों पुलिस को इत्तला दी गई, जिसके बाद रतनपुर थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और दोनों की कुंडली खंगालने लगे.
ग्रामीणों का कहना है कि रतनपुर पुलिस ने उन्हें दोनों के बिलासपुर आईजी कार्यालय में कार्यरत होने की जानकारी दी, लेकिन जब मीडिया ने इस बात की तस्दीक करनी चाही तो रतनपुर पुलिस ने खामोशी ओढ़ ली. इधर ग्रामीणों ने पूरे घटनाक्रम की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दी, जिसके बाद रतनपुर से लेकर बिलासपुर तक हंगामा मच गया.
एक एसआई तो दूसरा है सिपाही
इस मामले में बिलासपुर एसपी प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि रतनपुर में दो सिपाहियों के उत्पात मचाने की सूचना मिली थी, जिसके बाद रतनपुर थाने की टीम को मौके पर भेजा गया था, जहां से इन दोनों को गिरफ्तार किया गया है. सब इंस्पेक्टर दिलीप तिवारी आईजी ऑफिस में पदस्थ है, वहीं सिपाही प्रेम उपाध्याय सरकंडा थाने में पदस्थ है. दोनों के खिलाफ थाने एफआईआर दर्ज करा दिया गया है. इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी जाएगी. कानून सबके लिए एक बराबर है.
देखिये वीडियो …

कांकेर। कोरोना वैश्विक महामारी के कारण छत्तीसगढ़ में भी शराबबंदी लागू की गई है, जिनके लिए पुलिस जवान अपनी जान जोखिम में डाल लोगों नियमों का पालन करना सीखा रहे है। तो वहीं कुछ वर्दीधारी पुलिस की वर्दी को दागदार करने में लगे है। ऐसा ही ताजा मामला कांकेर जिले के चारामा थाना क्षेत्र में सामने आया है। बीती रात एक सब इंस्पेक्टर अपने तीन साथियों के साथ अवैध रूप से शराब परिवहन करते गिरफ्तार किया गया है। पूरा मामला चारामा थाना क्षेत्र का है दरअसल चारामा पुलिस को सूचना मिली थी कि माचांदुर गांव के पास दुर्ग के पाटन थाना में पदस्थ एक सब इंस्पेक्टर देवानंद पटेल 55 लीटर देशी महुआ शराब अपने तीन सहयोगियों के साथ स्विफ्ट डिजायर कार में अवैध शराब लेकर जा रहे हैं। पुलिस ने सूचना मिलते ही माचांदुर गांव के नाका के पास घेराबंदी की और स्विफ्ट डिजायर वाहन क्रमांक सी जी 07 बी एच 0697 में जांच के बाद 55 लीटर शराब पाया गया पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों देवानंद पटेल सब इंस्पेक्टर, पप्पू लहरे, सुरेश बंछोर, बल्लभ को चारामा थाना ले आई जहां विवेचना के बाद चारों आरोपियों के ऊपर आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कर आगे की कार्रवाई कर रही है।

नोवल कोरोना वायरस (COVID-19) के संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम के लिए दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 के अंतर्गत धारा 144 के पालन के दौरान कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी के.एल. चौहान द्वारा केवल स्थापना अधिनियम के तहत रजिस्टर्ड दुकान, प्रतिष्ठानों को जिले में 27 अपै्रल से चिन्हित अनुमति प्राप्त गतिविधियों के संचालन के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं, जिसके अनुसार आयात, निर्यात हेतु पैकहाऊस जैसी संरचनाएं, बीज एवं उद्यानिकी उत्पाद के निरीक्षण एवं ट्रीटमेंट सुविधाएं, वृक्षारोपण, वन संवर्धन एवं सहायक गतिविधियों को छूट प्रदान की गई है। इसके अलावा जिले में अन्य व्यवसायिक दुकान, प्रतिष्ठानो को खोलने की अनुमति प्रदान की गई है।
सप्ताह में केवल 02 दिवस खुलने वाले दुकान, प्रतिष्ठान
(समय दोपहर 12.00 बजे से 4.00 बजे तक)
बर्तन, कपड़ा ज्वेलरी, मोबाईल रिचार्ज (मोबाईल विक्रय की अनुमति नहीं है)
(सोमवार एवं गुरूवार)
स्टेशनरी मार्ट एवं फैंसी स्टोर्स, प्रोव्हीजन स्टोर्स- (मंगलवार एवं शुक्रवार)
बिजली के पंखे, कुलर एवं इलेक्ट्रानिक सामग्री के विक्रय तथा मरम्मत एवं जूते-चप्पल (बुधवार एवं शनिवार)
प्रत्येक दिवस खुलने वाली दुकानें (समय प्रातः 8.00 बजे से सायं 4.00 बजे तक)
सब्जी, फल, अनाज, डेली नीड्स, खाद्यान्न, किराना दुकान (सभी प्रकार), कृषि संबंधित मशीनरी, स्पेयर पार्ट विक्रय एवं मरम्मत, छात्रों के लिए शैक्षणिक किताबों की दुकानें, पशुआहार एवं खाद उर्वरक, कीटनाशक एवं बीज विक्रय, चिकन, मटन, मछली, अंडा विक्रय, निर्माण संबंधी हार्डवेयर, ऑप्टीकल्स (चश्मा), दुपहिया एवं चारपहिया वाहनों के पंचर, रिपेयर, स्प्रेयर पार्टस, आटा मिल, दाल मिल इत्यादि। मिस्त्री, बढ़ाई प्लम्बर, इलेक्ट्रीशियन, मोटर मैकेनिक, कम्प्यूटर रिपेयर की केवल सेवाएं की अनुमति दी गई है। पेट्रोल पम्प गैस एजेंसी एवं मेडिकल दुकान, प्रतिष्ठान के अतिरिक्त, लॉकडाउन के दौरान छूट प्राप्त अन्य समस्त दुकान, प्रतिष्ठान को प्रातः 8.00 बजे से दोपहर 4.00 बजे तक ही खोलने की अनुमति होगी।
जिले के ग्रामीण क्षेत्र में सभी पंजीकृत प्रतिष्ठान (निजी एवं व्यवसायिक) को 50 प्रतिशत कर्मचारियों की उपस्थिति के साथ उक्त दुकानों के परिचालन की अनुमति दी गई है। इन क्षेत्रों में भी सेलून, ब्यूटी पार्लर, पान, गुटखा एवं तम्बाकु, सभी मॉल, सामुदायिक भवन, सामाजिक भवन, वैवाहिक भवन का उपयोग एवं परिचालन प्रतिबंधित होगा।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी चौहान ने कहा है कि जिले में किसी भी स्थान पर दुकान संचालन एवं अन्य गतिविधियों के दौरान इस बात का ध्यान रखा जाए कि जिले में धारा 144 प्रभावशील है। महामारी अधिनियम के तहत् हर कार्यवाही को अंजाम देने के लिए मास्क पहनना अनिवार्य है तथा न्यूनतम 01 मीटर की सामाजिक दूरी के साथ कार्य करना होगा। कलेक्टर ने कहा कि दुकानों में आने वाले ग्राहकों के लिए सोशल डिस्टेंसिंग हेतु 01-01 मीटर के अंतर पर मार्किंग किया जाए तथा मार्किंग के बगैर दुकानों का संचालन न किया जाए। संबंधित दुकानदार द्वारा मार्किंग किया जाकर सोशल डिस्टेंसिंग से क्रय-विक्रय की कार्यवाही की जाए।
मास्क का उपयोग नहीं करना, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करना, हाथ धुलाई की व्यवस्था न होना, निर्धारित मानक से अधिक कर्मचारियों का उपस्थित होना इस आदेश का उल्लघंन माना जाएगा तथा संबंधित के विरूध्द अर्थदण्ड आरोपित किया जायेगा। प्रथम उल्लंघन पर 500 रूपये अर्थदण्ड तथा द्वितीय उल्लंघन पर 2000 रूपये के अर्थदण्ड से अधिरोपित किया जाएगा, इसके पश्चात् भी उल्लंघन पाया जाता है तो दुकान बंद करने हेतु कार्यवाही की जायेगी।
समस्त दुकानों, प्रतिष्ठानों में केवल आवश्यक 50 प्रतिशत कर्मियों के साथ ही कार्य किया जाएगा तथा दुकानों, प्रतिष्ठानों में दुकानदार, कर्मचारी एवं ग्राहक सभी को मास्क अथवा कपड़े से मुंह एवं नाक को ढंकना अनिवार्य होगा। बिना मास्क लगाये ग्राहक को दुकानदार सामग्री विक्रय नहीं करेंगे। दुकान में सेनेटाइजर एवं हाथ धुलाई की व्यवस्था की जाएगी। दुकानों, प्रतिष्ठान के सामने सार्वजनिक आवागमन के मार्ग पर कोई भी ग्राहक अपने वाहन नहीं रखेंगे, यह जिम्मेदारी दुकानदारों की होगी। सभी दुकानदार यह सुनिश्चित करेंगें कि सामग्री लोडिंग-अनलोडिंग अपने दुकान की परिधि के भीतर करेंगे, यह कार्य सार्वजनिक आवागमन के मार्ग पर नहीं किया जाएगा। कलेक्टर ने कहा कि लॉकडाउन के संबंध में शासन-प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। किसी भी स्थिति में ब्यूटी पार्लर, पान, गुटखा एवं तम्बाकु विक्रय की दुकान, व्यायाम शाला, तरणताल, सिनेमाघर, मॉल, सामाजिक समारोह के भवन, वैवाहिक भवन, गार्डन, खेल मैदान एवं खेल से संबंधित क्षेत्र, बैठक व्यवस्था के साथ संचालित रेस्टोरेंट का परिचालन प्रतिबंधित होगा।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी चौहान ने कहा है कि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव एवं रोकथाम हेतु आवश्यक निर्देश यथा फिजिकल डिस्टेंस, मास्क लगाना इत्यादि के पालन की जिम्मेदारी दुकानदार की होगी। निर्देशों के किसी भी प्रकार का अवहेलना किया जाना पाये जाने की स्थिति में दुकानदार के विरूध्द प्रथमतः चालानी की कार्यवाही की जाएगी एवं उसके बाद दुकान, प्रतिष्ठान को सील करने की कार्यवाही की जाएगी। उपरोक्त समस्त गतिविधियॉ दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 (1) के अधीन होंगे तथा एपिडेमिक एक्ट 1897 के तहत जारी आदेश की परिधि में होंगे।

अंबिकापुर। माल ढोने वाली गाड़ियों को आवाजाही के लिए जांच से छूट देना भारी पड़ सकता है. इन गाड़ियों में लोग क्लीनर बनकर एक राज्य से दूसरे राज्य में जा रहे है. कोरोना की वजह से आवाजाही एक राज्य से दूसरे राज्य में बंद है. जिससे कोरोना को आइसोलेट किया जा सके. लेकिन अब लोगों ने मालवाहक गाड़ियों के माध्यम से एक राज्य से अपने राज्य पहुंच रहे हैं, जिससे उन राज्यों में खतरा बढ़ गया है जो कोरोना से ज़्यादा प्रभावित नहीं है।
कुछ ऐसे ही लोग सरगुजा के अलग-अलग हिस्सों में है. जो बिहार की ओर जा रहे हैं. देर शाम अम्बिकापुर के बंगाली चौक से बड़ी संख्या में लोग राजपुर के लिए एक हाइवा में रवाना हुए. इनमे से कुछ बिहार भी जाएंगे. बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में लोग झारखंड बॉर्डर की ओर जा रहे हैं।
हमने एक पटना जाने वाले व्यक्ति से बात की. वो कुछ पैदल और एक ट्रक में लिफ्ट लेकर रायपुर से अम्बिकापुर आया है और बिहार में छपरा जाने के लिए मालवाहक गाड़ी खोज रहा है. उसका कहना है कि मालिक ने कहा कि घर वाले चिन्ता कर रहे हैं. इसलिए जाना पड़ रहा है. हालांकि बाद में वो ठेकेदार पर भी इसका ठीकरा फोड़ता नज़र आया. उसने बताया कि उसके बाकी साथी भी इसी तरह अपने-अपने घर जा रहे हैं।
राज्य ने कोरोना को रोकने के लिए अपनी सीमाओं पर रोक लगा दी थी, लेकिन अब उसमें सेंधमारी हो रही है. कहीं ऐसा न हो कि कोरोना इसी तरह बॉर्डर के इस पार आ जाये और जो बीमारी यहां नियंत्रित है, उसे अनियंत्रित कर दे।


दिल्ली। लॉकडाउन के दौरान सिर्फ ज़रूरी मामलों की सुनवाई के लिए बैठ रहे सुप्रीम कोर्ट के सामने कई ऐसी मांगें आ जाती हैं कि जज भी हैरान रह जाते हैं. आज ऐसा ही एक मामले में हुआ जिसमें याचिकाकर्ता फोन कॉल, इंटरनेट, डीटीएच के साथ नेटफ्लिक्स के वीडियो भी मुफ्त में उपलब्ध कराने की मांग कर रहा था. वकील की बातें सुन कर जज भी चौंक गए.
मुफ्त मनोरंजन की मांग
वकील मनोहर प्रताप की याचिका में कहा गया था कि लोग कोरोना जैसी गंभीर बीमारी से घबराए हुए हैं. उन पर मनोवैज्ञानिक दबाव है. इसलिए उन्हें अनलिमिटेड कॉलिंग और इंटरनेट की सुविधा दी जाए. मोबाइल कंपनियों से यह कहा जाए कि लोगों से इनके पैसे न लें.
इस याचिका में यह मांग भी की गई है कि डीटीएच कंपनियों से कहा जाए कि लोग जो चैनल देखना चाहते हैं, उन्हें फ्री में देखने दिया जाए. नेटफ्लिक्स, अमेज़न प्राइम वगैरह पर जिस वीडियो कंटेंट के पैसे लिए जाते हैं, उन्हें भी अभी फ्री कर दिया जाए.
जस्टिस रमन्ना संजय किशन कौल और बी आर गवई की बेंच ने याचिका पर विचार से मना कर दिया. बेंच ने नाराजगी जताते हुए कहा, “यह किस तरह की याचिका है? क्या आप कुछ भी दाखिल कर देंगे?”
पीएम फंड के खिलाफ याचिका
पीएम केयर्स फंड को अवैध बताने वाले याचिकाकर्ता को भी कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाई. इलाहबाद के शाश्वत आनंद समेत 4 वकीलों की याचिका में कहा गया था कि बिना किसी कानूनी प्रावधान के इस फंड को शुरू किया गया है. इसमें जमा सारा पैसा राष्ट्रीय आपदा राहत कोष में ट्रांसफर किया जाए.
जज इस याचिका पर आश्वस्त नहीं थे. लेकिन वकील ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाने लगे. इस पर जस्टिस कौल ने टिप्पणी की, “आपकी याचिका राजनीति से प्रेरित लग रही है. या तो आप इसे वापस लीजिए या हम आप पर जुर्माना लगाते हैं.”
इस याचिका में घर घर जाकर कोरोना टेस्ट की भी मांग की गई थी. जजों ने इसे अव्यवहारिक बताते हुए आदेश देने से इंकार कर दिया.
2 और याचिकाएं खारिज
आज एक याचिका में बिना लक्षण वाले यानी asymptomatic कोरोना मरीज़ों की जांच के लिए अलग से दिशानिर्देश बनाए जाने की मांग की गई. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “ऐसे मामलों को सरकार पर छोड़ देना बेहतर है.“
एक और याचिका में आरोप लगाया गया था कि देश में कोविड 19 की महामारी के बीच दलित, मुस्लिम, उत्तर पूर्व भारत के लोगों से इलाज में भेदभाव किया जा रहा है. जजों ने याचिका पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इस तरह का कोई तथ्य सामने नहीं आया है. वकीलों ने घर बैठे याचिका तैयार कर दी है.