Blog

  • हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश मेनन के हाथों देश का विधिक सेवा मोबाइल एप लांच

    हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश मेनन के हाथों देश का विधिक सेवा मोबाइल एप लांच

    हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश मेनन के हाथों देश का विधिक सेवा मोबाइल एप लांच वकील गरीबों के प्रकरणों का निपटारा कर उनकी दुआ लें और अपना प्रचार भी प्राप्त करें: प्रशांत मिश्रा जिला न्यायालय परिसर में नवनिर्मित वैकल्पिक विवाद समाधान केंद्र का शुभारंभ छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश माननीय पी आर रामचंद्र मेनन के मुख्य आतिथ्य एवं न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा न्यायाधीश छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यवाहक चेयरमैन की अध्यक्षता में किया गया। इस अवसर पर न्यायाधीश द्वय गौतम भादुड़ी, मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव एवं पी पी साहू विशिष्ट अतिथि बतौर उपस्थित रहे।इस अवसर पर विधिक सेवा द्वारा जानकारी युक्त मोबाइल एप मुख्य न्यायाधीश श्री मेनन ने लांच करते हुए कहा कि पीड़ित पक्ष को तत्काल समय पर न्याय दिलाना हम सबकी जिम्मेदारी है, प्रकरण लम्बे समय तक न्यायालय में चलते हैं,जिससे पक्षकार कुंठित हो जाता है,वह शीघ्र न्याय चाहता है,इसमें एडीआर भवन बहुत उपयोगी लाभकारी सिद्ध होगा।इस एडीआर भवन में सभी प्रकार की सुविधा मुहैया कराई जाएगी।श्री मेनन ने आगे कहा कि राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वारा जो मोबाइल एप लांच किए गए है वह भी न्याय दान के क्षेत्र में बहुत उपयोगी साबित होगा।कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे न्यायमूर्ति एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यवाहक अध्यक्ष श्री प्रशांत कुमार मिश्रा ने कहा कि आजका दिन बड़ा गौरवशाली है, इससे आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है,माननीय मुख्य न्यायाधीश की उपस्थिति में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वारा मोबाइल एप लांच की गई है, जो भारत देश का प्रथम एप है , जिसके माध्यम से लोगों को विधिक सेवा योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे।मैं सभी अधिवक्ताओं से आग्रह करूंगा कि वे सब इसे डाउनलोड करें और पीड़ितों को न्याय के क्षेत्र में आगे बढ़ने का रास्ता साफ होगा। श्री मिश्रा ने कहा कि अधिवक्ता ओं के ब्यवसाय में एक हिस्सा कमाई का है वही दूसरा हिस्सा पीड़ितों की सेवा करना भी है। उन्होंने आगे कहा कि सेवा लीगल एड के जरिए और न्याय सब के लिए नारे को चरितार्थ करने के लिए कोई भी कार्य कर सकता है।वकीलों से कहा कि उनके द्वारा गरीब के लिए किया गया एक प्रकरण आपको दुआ देगा और आपका प्रचार भी करेगा।कार्यक्रम को न्यायमूर्ति मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव एवं गौतम भादुड़ी ने भी सम्बोधित किया।कार्यक्रम के प्रारम्भ में स्वागत भाषण एन डी तिगाला ने जिला न्यायाधीश ने दिया। कार्यक्रम में न्यायमूर्ति पी पी साहू, रजिस्ट्रार जनरल नीलम चन्द्र सांखला, एल चारयानी डायरेक्टर एव न्यायिक एकेडमी ,अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी श्री अग्रवाल सहित शशांक दुबे भी उपस्थित थे।
  • रायगढ़ शहर कांग्रेस अध्यक्ष जयंत ठेठवार सहित 5 जिलाध्यक्ष हटाये गए, इन्हें मिली नई जिम्मेदारी

    रायगढ़ शहर कांग्रेस अध्यक्ष जयंत ठेठवार सहित 5 जिलाध्यक्ष हटाये गए, इन्हें मिली नई जिम्मेदारी

    रायगढ़। निकाय चुनाव के बीच में हो कांग्रेस ने पांच जिलाध्यक्षों को बदल दिया है, उनके जगह पर नए व्यक्ति को कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त किया है। जिनमे रायगढ़ के शहर कांग्रेस अध्यक्ष जयंत ठेठवार का भी नाम है। उनकी जगह अजय प्रताप सिंह को कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया है। इससे पहले राजनांदगांव शहर, बिलासपुर शहर व ग्रामीण, कवर्धा शहर, रायगढ़ शहर अध्यक्ष का नाम शामिल है। इन पर आरोप है कि निकाय चुनाव के बीच में ये अध्यक्ष या तो पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल हो गए या निष्क्रिय हो गए। हालांकि जयंत ठेठवार खुद चुनाव लड़ रहे हैं ।
  • WhatsApp Call में हुआ बड़ा बदलाव! जानें कैसे आपके लिए हो गया काम आसान

    WhatsApp Call में हुआ बड़ा बदलाव! जानें कैसे आपके लिए हो गया काम आसान

    वॉट्सऐप ने (WhatsApp) अपने यूज़र्स की एक बहुत परेशानी दूर कर दी है. वॉट्सऐप ने ऐप में करीब चार साल पहले वॉइस कॉलिंग फीचर पेश किया था, और अब कंपनी ने इसमें एक बड़ा बदलाव पेश किया है. दरअसल वॉट्लऐप ने कॉलिंग को लेकर ऐसा फीचर रोलआउट (whatsapp new feature rollout to android users) कर दिया है, जिससे यूज़र्स की एक बड़ी समस्या हल हो जाएगी. आइए जानते हैं कौन सा है नया फीचर…WhatsApp ने एंड्रॉयड यूज़र्स के लिए नया फीचर कॉल वेटिंग (Call Waiting) पेश कर दिया गया है. वॉइस कॉलिंग के साथ पहले जो सबसे बड़ी दिक्कत थी, वह यह कि पहले जब यूज़र जब किसी कॉल पर होता था तो उसे किसी और की कॉल आती नहीं दिखाई देती थी. मगर अब कॉल वेटिंग आती दिखाई देगी.उदाहरण के तौर पर जब भी कोई यूज़र किसी वॉट्सऐप कॉल पर होगा और दूसरा उसे कॉल करने की कोशिश करता है. तो ऐसे में उसे कॉल वेटिंग आती दिखाई देगी. इसमें वह कॉल वेटिंग में आती हुई कॉल को काट भी सकता है, या फिर चल रही कॉल को काट कर दूसरी कॉल को उठा भी सकता है.ध्यान रहे कि बाकी करियर कॉल की तरह फिलहाल इसमें कॉल को होल्ड पर डालने का या फिर मर्च करने का ऑप्शन नहीं दिया गया है.
  • हैदराबाद एनकाउंटर पर CJI का बड़ा बयान…बदले की भावना से किया गया न्याय इंसाफ नहीं…

    हैदराबाद एनकाउंटर पर CJI का बड़ा बयान…बदले की भावना से किया गया न्याय इंसाफ नहीं…

    हैदराबाद में गैंगरेप के आरोपियों के एनकाउंटर पर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस शरद अरविंद बोबडे ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने गैंगरेप के आरोपियों के एनकाउंटर में मारे जाने की घटना की आलोचना की है।जोधपुर में एक कार्यक्रम में जस्टिस शरद अरविंद बोबडे ने कहा कि न्याय कभी भी आनन-फानन में किया नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर न्याय बदले की भावना से किया जाए तो अपना मूल चरित्र खो देता है।न्याय में जल्दबाजी नहींजोधपुर में राजस्थान हाईकोर्ट की नई इमारत के उद्घाटन समारोह में जस्टिस एस ए बोबड़े ने कहा, “मैं नहीं समझता हूं कि न्याय कभी भी जल्दबाजी में किया जाना चाहिए, मैं समझता हूं कि अगर न्याय बदले की भावना से किया जाए तो ये अपना मूल स्वरूप खो देता है”। उन्होंने कहा कि न्याय को कभी भी बदले का रूप नहीं लेना चाहिए।एनकाउंटर में मारे गए थे 4 आरोपीबता दें कि हैदराबाद की एक पशु चिकित्सक युवती से सामूहिक दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी। इस कांड के चार आरोपियों को पुलिस ने शुक्रवार को एक मुठभेड़ में मार गिराया था।रिपोर्ट के मुताबिक हैदराबाद से करीब 50 किलोमीटर दूर शादनगर के पास चटनपल्ली में पुलिस से ये आरोपी हथियार छीनने की कोशिश के बाद भाग रहे थे। इस दौरान पुलिस की कार्रवाई में ये चारों आरोपी मारे गए। पुलिस ने कहा कि दुष्कर्म की रात मौका-ए-वारदात का क्राइम सीन समझने के लिए वो इन आरोपियों को लेकर वहां गई थी।
  • चीनी ई-कॉमर्स कंपनी क्लब फैक्ट्री ने बेचा नकली सामान, एफआईआर दर्ज

    चीनी ई-कॉमर्स कंपनी क्लब फैक्ट्री ने बेचा नकली सामान, एफआईआर दर्ज

    दिल्ली. चीनी ई-कॉमर्स कंपनी क्लब फैक्ट्री, उसके निदेशकों जियालुन ली, गर्वित अग्रवाल और सीएफओ अश्विनी रस्तोगी पर प्रसिद्ध ब्रांड्स के नकली सामान बेचने पर आईपीसी की धारा 420 और 406 के तहत धोखाधड़ी करने को लेकर एफआईआर दर्ज की गई है। यह शिकायत लखनऊ निवासी आलोक कक्कड़ ने वजीराबाद पुलिस थाने में दर्ज कराई है। शिकायत में उन्होंने कहा है कि क्लब फैक्ट्री ने लोकप्रिय ब्रांडों पर भारी छूट का विज्ञापन देकर एक आपराधिक षड्यंत्र के तहत ग्राहकों को नकली उत्पाद दिए हैं।25 नवंबर को मिला था ऑर्डरशिकायतकर्ता ने क्लब फैक्ट्री से टाइटन घड़ी खरीदी थी, जिस पर 86 प्रतिशत की छूट थी, और रे-बन के दो सनग्लासेज ऑर्डर किए थे, जिस पर 90 प्रतिशत की छूट दी गई थी। उन्हें 25 नवंबर को ऑर्डर मिला, जिसे खोलने पर उन्हें पता चला कि ऑर्डर किए गए दोनों उत्पाद नकली हैं। इसके बाद उन्होंने कंपनी द्वारा उपलब्ध कराए गए टोलफ्री नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की। हालांकि इस पर उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली। वहीं, क्लब फैक्ट्री की वेबसाइट पर सेलर का नाम महाकाल एंटरप्राइज और परफेक्ट टाइम्स दिया गया था। शिकायतकर्ता ने कंपनी को इन्वॉइस की एक प्रति के लिए ईमेल किया था, लेकिन उन्हें इन्वॉइस की वह प्रति नहीं दी गई।

    पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मामले की आगे की जांच की जा रही है

    क्लब फैक्ट्री से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर शिकायतकर्ता ने टाइटन और रे-बन के कस्टमर केयर से संपर्क साधा। इसके बाद उन्हें पता चला कि दोनों कंपनियों का क्लब फैक्ट्री से कोई संबंध नहीं है और न ही वे अपने उत्पादों को क्लब फैक्ट्री के जरिए बेचते हैं। वहीं कक्कड़ ने अपनी शिकायत में यह भी बताया कि क्लब फैक्ट्री के टोलफ्री नंबर पर दोबारा बात करने पर उनके प्रतिनिधियों ने समस्या का समाधान करने के बजाय उन्हें धमकी दे दी। शिकायतकर्ता को कंपनी से मिली आपराधिक धमकी से संबंधित आईपीसी की धारा 506 के तहत भी कंपनी के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। एफआईआर में कंपनी के दो निदेशकों, जियालुन ली और गर्वित अग्रवाल, कंपनी के सीएफओ अश्विनी रस्तोगी और क्लब फैक्ट्री के शिकायत अधिकारी के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 406, 506 और 120 बी के तहत धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और आपराधिक धमकी देने को लेकर मामला दर्ज कराया गया है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि मामले की आगे की जांच की जा रही है।
  • रेप, छेड़खानी के बढ़ते मामलों पर DGP सख्त, महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध की मानिटरिंग अब पीएचक्यू से होगी, स्पेशल सेल गठित, डीआईजी नेहा चंपावत होंगी प्रभारी

    रेप, छेड़खानी के बढ़ते मामलों पर DGP सख्त, महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध की मानिटरिंग अब पीएचक्यू से होगी, स्पेशल सेल गठित, डीआईजी नेहा चंपावत होंगी प्रभारी

    रायपुर। महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधिक मामलों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस मुख्यालय में स्पेशल सेल फार क्राइम मानिटरिंग अगेंस्ट वूमेन का गठन किया गया है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश के बाद डीजीपी डी एम अवस्थी ने इस सेल के गठन की योजना तैयार कर इसे तत्काल प्रभाव से शुरू किया है. इस सेल के जरिए महिलाओं के विरूद्ध होने वाले अपराध जैसे हत्या, बलात्कार, छेड़छाड़, एसिड अटैक और दहेज प्रताड़ना जैसे प्रकरणों की मानिटरिंग की जाएगी।

    डीआईजी नेहा चंपावत इस सेल की प्रभारी बनाई गई हैं. डीजीपी ने सभी जिलों में सेल गठित करने के निर्देश जारी किए हैं. उन्होंने अपने निर्देश में कहा है कि राजपत्रित स्तर के पुलिस अधिकारी को नोडल इंचार्ज बनाया जाए.जिले में गठित सेल के द्वारा प्रतिदिन महिलाओं के विरूद्ध घटित अपराधों की विवेचना की  प्रोग्रेस रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय भेजी जायेगी. डीजीपी डी एम अवस्थी ने बताया कि पीड़ित महिला जिले में गठित सेल में प्रभावी कार्यवाही ना होने पर पुलिस मुख्यालय में गठित सेल के हेल्प लाईन नम्बर 9479191667 और ईमेल आईडी smcphq@gmail.com पर संपर्क कर सकती हैं. डीजीपी ने कहा है कि वे खुद प्रत्येक 15 दिन में सेल की कार्यवाही की समीक्षा करेंगे।

    राज्य में बढ़ते अपराधों को लेकर डीजीपी डीएम अवस्थी ने आज बड़े पुलिस अधिकारियों के साथ वीडियो कॉंफ्रेंस करते हुए नाराजगी जाहिर की. डीजीपी ने सख्त लहजे में सभी रेंज के आईजी-एसपी को अपराधों की रोकथाम और उनके निराकरण जल्द से जल्द करने के निर्देश दिए हैं।

    तत्काल FIR दर्ज कर आरोपियों की करें गिरफ्तारी

    डीजीपी ने बलरामपुर के राजपुर में महिला के साथ रेप और हत्या के बाद अब तक पहचान नहीं होने पर भी नाराजगी जताते हुए जल्द से जल्द निराकरण कर आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए है. सभी रेंज के आईजी और एसपी को महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध पर संजीदा रहने को कहा और तत्काल एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी करने पर बल दिया. साथ ही सभी अधिकारियों को सभी थानों का माहौल सुधारने के भी निर्देश दिए है. डीजीपी डी एम अवस्थी ने कहा है कि प्रदेश के थानों में जितने भी पेंडिंग मामले हैं, उनका निराकरण 31 दिसंबर तक कर दिया जाए.डीजीपी अवस्थी ने निर्देश दिये है कि प्रत्येक थाना में एक महिला सेल का गठन करें, जिसमें महिला पुलिस अधिकारी की ड्यूटी लगायें. जिससे पीड़ित महिला आसानी से अपनी बात रख सकें. उन्होंने निर्देश दिये कि जिले में संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर महिला हेल्प लाईन नम्बर 1091 और डाॅयल 112 का होर्डिंग्स/ फ्लैक्स लगाकर व्यापक प्रचार-प्रसार करें. ग्रामीण क्षेत्रों में भी उक्त नम्बरों के संबंध में जागरूकता फैलाई जाये. महिला पेट्रोलिंग टीम संवेदनशील स्थानों में लगातार भ्रमण करें एवं किसी प्रकार शिकायत मिलने पर तत्काल कार्यवाही करें. उन्होंने कहा कि राज्य के 6 जिलों रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा एवं रायगढ़ में महिला विरूद्ध अपराध अनुसंधान इकाई (IUCAW) संचालित है. इन इकाईयों द्वारा महिला अपराधों की शत-प्रतिशत माॅनिटरिंग कर विवेचना की प्रगति से प्रतिदिन पुलिस मुख्यालय को अवगत करायें।

    इस बैठक में एडीजी आर के विज, अशोक जुनेजा, हिमांशु गुप्ता, रायपुर आईजी आनंद छाबड़ा, डीआईजी ओपी पाल, एआईजी मयंक श्रीवास्तव समेत सभी जिलों के पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

  • पुलिस कर्मियों के लिए खुशखबरी: सिपाही से लेकर डीएसपी तक जल्द होंगे प्रमोट, DGP अवस्थी बोले, वक्त पर मिलना चाहिए प्रमोशन

    पुलिस कर्मियों के लिए खुशखबरी: सिपाही से लेकर डीएसपी तक जल्द होंगे प्रमोट, DGP अवस्थी बोले, वक्त पर मिलना चाहिए प्रमोशन

    रायपुर। राज्य के पुलिस कर्मियों के लिए बड़ी खुशखबरी है. अरसे से प्रमोशन की बांट जोह रहे पुलिस कर्मियों को अब जल्द प्रमोशन मिलेगा. पुलिस मुख्यालय में प्रमोशन की फाइलें तेजी से चल रही है. सिपाही से लेकर डीएसपी स्तर तक के प्रमोशन बड़े पैमाने पर किए जाएंगे. डीजीपी डी एम अवस्थी ने कहा है कि जनवरी तक प्रमोशन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी.बता दें कि बीते कई सालों से पुलिस महकमे में प्रमोशन लंबित है, खासतौर पर निचले स्तर पर प्रमोशन पर पिछले कई सालों में प्रयास भी नहीं किए गए. डीजीपी डी एम अवस्थी ने प्रमोशन के लंबित मामलों पर रूचि दिखाई है. अवस्थी ने बताया है कि पुलिस महकमे में हर स्तर पर प्रमोशन दिए जाने का काम मिशन मोड पर चल रहा है. वैकेंसी डिटरमिनेशन का काम पूरा हो चुका है. इसे मैंने व्यक्तिगत तौर पर देखा है. जल्द ही प्रमोशन की सूची जारी करने की दिशा में कदम आगे बढ़ाएंगे।

    डीजीपी ने कहा कि डीएसपी के करीब 70 पद आईडेंटिफाई किए गए हैं. इंस्पेक्टर से डीएसपी के इन पदों को प्रमोट करने के लिए पीएससी और गृह विभाग से अनुमति लेकर जल्द डीपीसी की जाएगी. डीएसपी से एडिशनल एसपी के प्रमोशन के लिए भी डीपीसी की जाएगी. उन्होंने कहा कि आगामी शुक्रवार को डीपीसी की बैठक प्रस्तावित है. इसके बाद शासन स्तर पर आदेश जारी किए जाएंगे।

    डी एम अवस्थी ने कहा कि छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल में सारे प्रमोशन हो गए हैं, सिपाही से हवलदार के साढ़े चार सौ लोगों की लिस्ट तैयार है. हमने निर्वाचन आयोग से अनुमति मांगी है. यदि आचार संहिता के दौरान अनुमति मिल जाएगी, तो हम प्रमोशन लिस्ट जारी कर देंगे. अवस्थी ने कहा कि प्रमोशन सबको वक्त पर मिलना चाहिए. हम इस दिशा में काम कर रहे हैं।

  • कंपनी में 30 प्रतिशत का फायदा दिलाने का लालच देकर दंपत्ति ने ठग लिए करोड़ों रुपए, थाने में रिपोर्ट दर्ज

    कंपनी में 30 प्रतिशत का फायदा दिलाने का लालच देकर दंपत्ति ने ठग लिए करोड़ों रुपए, थाने में रिपोर्ट दर्ज

    निजी कंपनी में शेयर होल्डर बनाने और लाभांश दिलाने का झांसा देकर दंपत्ति द्वारा ठगी का एक मामला सामने आया है. आरोपियों ने चौबे कालोनी निवासी दिलीप कौशिक से ठगी का शिकार बनाया है. जिसके बाद दिलीप कौशिक ने आरोपियों की कंपनी में चार करोड़ रुपए का निवेश किया था. आरोपी मनीष शाह और ऋचा शाह ने चार करोड रुपए हड़पने के साथ- साथ लाभांश भी नहीं दिया. आरोपियों के खिलाफ खम्हरडीह थाने में ठगी का केस दर्ज किया गया है।

    खम्हारडीह थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनसार 24 अक्टूबर 2013 से 27 जुलाई 2016 के बीच आरोपी दंपत्ति मनीष शाह और ऋचा शाह ने अपने कंपनी में शेयर होल्डर बनाने एवं रकम लगाने पर 30 प्रतिशत फायदा होने का प्रलोभन प्रार्थी दिलीप कौशिक को दिया. जिसके बाद आरोपियों के झांसे में आकर प्रार्थी दिलीप कौशिक ने कंपनी में 4 करोड़ रुपये लगा दिया. आरोपी दंपती कंपनी के मेन डायरेक्टर है और प्रार्थी दिलीप कौशिक भी इस कंपनी का डायरेक्टर है. दिलीप कौशिक द्वारा कंपनी में पैसा लगाने के बाद भी उसको न तो शेयर दिया गया और न लाभांश दिया गया. आरोपी उसको लगातार घुमा रहे थे जिससे परेशान होकर उसने थाने में शिकायत दर्ज कराई है।

  • गोदावरी डबल मर्डर मामला: आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस, नया खुलासा आया सामने…

    गोदावरी डबल मर्डर मामला: आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस, नया खुलासा आया सामने…

    रायपुर। राजधानी के टिकरापारा थाना क्षेत्र अंतर्गत गोदावरी नगर में एक निजी हॉस्टल में दोहरे हत्याकांड मामले में एक के बाद एक नए खुलासे सामने आ रहे हैं.रायगढ़ का रहने वाला संदेही आरोपी सैफ खान का मृतिका मंजू सिदार से संबंध था. दोनों ने कोर्ट मैरिज की थी. शादी के बाद दोनों में ब्रेकअप हो गया था. इसके बाद से दोनों के बीच तनातनी चल रही थी. आरोपी घटना वाले दिन मंगलवार को गोदावरी नगर पहुंचा था. जहां मंजू और उसकी बहन से आरोपी का विवाद हुआ था. इसके बाद आरोपी ने अपने दोस्त के साथ मिलकर दोनों बहनों की हत्या कर दी. वहीं इस मामले में घटना में तीसरे आरोपी का फुटेज भी सामने आया है. तीसरे आरोपी ने हत्यारों को बाइक में लेकर भागने में मदद की थी।


    सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग अलग टीम पेंड्रा,रायगढ़ और बिलासपुर गयी है. इन इलाकों में छापेमार कार्रवाई की जा रही है।


    बता दें कि टिकरापार इलाके के गोदावरी नगर में एक तीन मंजिला मकान है. इसमें कई छात्राएं अलग-अलग कमरों में रहती हैं. इसी कमरे में रायगढ़ निवासी मनीषा सिधार भी रहकर पढ़ाई करती थी. वह रावतपुरा कॉलेज में नर्सिंग द्वितीय वर्ष की छात्रा थी. सोमवार को उससे मिलने के लिए उसकी सगी बहन मंजूलता भी पहुंची थी. वहीं, मंगलवार सुबह दो युवक लड़कियों से मिलने के लिए कमरे में आए. इसके बाद लड़कों ने दोनों लड़किय़ों की हत्या कर मौके से फरार हो गए थे।

  • जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों समेत ‘कंसोल’ के खिलाफ धोखाखड़ी का मामला दर्ज, नियमों को दरकिनार कर पहुंचाया करोड़ों का फायदा…

    जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों समेत ‘कंसोल’ के खिलाफ धोखाखड़ी का मामला दर्ज, नियमों को दरकिनार कर पहुंचाया करोड़ों का फायदा…

    रायपुर। प्रदेश की नामी पीआर कंपनी कंसोल और जनसंपर्क अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है. आर्थिक अपराध अन्वेषण विंग में दर्ज मामले के मुताबिक जनसंपर्क अधिकारियों ने 2016-2018 के बीच सरकारी योजनाओं के प्रचार के लिए टेंडर किया था. लेकिन ठेके की शर्तों में बदलाव कर कंसोल ग्रुप को करोड़ों का फायदा पहुंचाया गया. एफआईआर में बतौर आरोपी किसी व्यक्ति के बजाय कंसोल का ही नाम है।

    दर्ज एफआईआर के अनुसार, 2016 में जनसंपर्क से सरकारी योजनाओं के प्रचार के लिए तीन तरह के टेंडर निकले गए. बल्क एमएमएस, वाइस कॉल और एसमएस के माध्यम से प्रचार के लिए. टेंडर खुलने पर कंसोल ग्रुप एल-3 था, याने दो और समूहों ने टेंडर डाला. जनसंपर्क ने टेंडर खुलने के बाद इसमें शामिल होने वाली तीनों कंपनियों को विकल्प दिया कि वे तीनों एल-1 की दर से प्रचार प्रसार करें, तीनों राजी हो गईं. जांच में खुलासा हुआ है कि जनसंपर्क अधिकारियों ने केवल कंसोल को ही काम सौंपा और करीब 2 करोड़ 51 लाख का भुगतान किया।

    2017 में एसएमएस से प्रचार के लिए टेंडर निकाला गया. इस बार कंसोल ने हिस्सा ही नहीं लिया. अधिकारियों ने टेंडर खुलने के बाद उसे निरस्त कर दिया. फिर नए सिरे से टेंडर निकला गया, इस बार सिर्फ कंसोल ने टेंडर जमा किया. इकलौता टेंडर होने के बावजूद कंसोल को टेंडर दे दिया गया. जांच में पता चला कंसोल को जिस दर पर ठेका मिला, उससे कम पर दूसरी कंपनी तैयार थी. फिर भी कंसोल को करीब 2 करोड़ का भुगतान हुआ. ईओडब्ल्यू अब यह जांच कर रही है कि इस घोटाले में कौन-कौन जिम्मेदार शामिल हैं।