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  • रेणु पिल्ले और सुब्रत साहू प्रिंसीपल सेक्रेटरी से प्रमोट होकर बने एडिशनल चीफ सेक्रेटरी, राज्य शासन ने जारी किया आदेश

    रायपुर। एडिशनल चीफ सेक्रेटरी की कमी के चलते राज्य सरकार ने 1991 बैच की आईएएस रेणु पिल्ले और 1992 बैच के आईएएस सुब्रत साहू को प्रमोट कर दिया है. सामान्य प्रशासन विभाग ने दोनों ही आईएएस अधिकारियों को एडिशनल चीफ सेक्रेटरी बनाए जाने का आदेश जारी कर दिया है. प्रमोशन के बाद अधिकारी अपने मौजूदा प्रभार को यथावत देखते रहेंगे. इसके साथ-साथ अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सरकार ने उन्हें सौंपी है।

    रेणु पिल्ले कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा तथा रोजगार विभाग के साथ-साथ छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी की महानिदेशक की जिम्मेदारी भी संभालेगी. वहीं सुब्रत साहू को गृह एवं जेल के साथ पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग और महानिदेशक, ठाकुर प्यारेलाल पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है. राज्य शासन ने एडिशनल चीफ सेक्रेटरी के तीन रिक्त हुए पदों के निर्धारण के लिए 11 दिसंबर 2019 को केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा था. भारतीय प्रशासनिक सेवा (वेतन) नियम 2016 के नियम 2 के नियम (2)(iii) की व्यवस्था अनुसार केंद्र सरकार से 30 दिनों के भीतर रिक्त निर्धारण की जानकारी अपेक्षित रहने तथा चीफ सेक्रेटरी के वेतनमान में रिक्ति उपलब्ध होने से रिक्तियां निर्धारित मानी गई है।

    बता दें क 1986 बैच के सुनील कुजूर, 1988 बैच के केडीपी राव के रिटायर होने के साथ ही 1987 बैच के आर पी मंडल के मुख्य सचिव बनने और सी के खेतान के राजस्व मंडल में अध्यक्ष बनाए जाने के बाद मंत्रालय में एसीएस स्तर के अधिकारियों की कमी हो गई थी. सिर्फ अमिताभ जैन ही एकमात्र एसीएस रह गए थे।

  • अब छत्तीसगढ़ में राशन कार्ड से होगा इलाज़ डाॅ. खूबचन्द बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना का मिलेगा लाभ

    अब छत्तीसगढ़ में राशन कार्ड से होगा इलाज़ डाॅ. खूबचन्द बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना का मिलेगा लाभ

     राज्य के सभी राशन कार्डधारी परिवारों को डाॅ. खूबचन्द बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना का लाभ लेने के लिए अब राशन कार्ड के साथ कोई भी शासकीय पहचान पत्र अनिवार्य हो गया है। आज 17 जनवरी 2020 से अनुबंधित अस्पतालों में उपचार के लिए राशन कार्ड के साथ कोई भी शासकीय पहचान पत्र लेकर जाना अनिवार्य हो चुका है। अब योजनाओं का लाभ लेने के लिए स्मार्ट कार्ड की अनिवार्यत समाप्त हो चुकी है।
    राज्य सरकार की महत्वकांक्षी डाॅ. खूबचन्द बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना को लेकर 17 जनवरी 2020 से बड़ा परिवर्तन हो गया है। अब पहचान पत्र के लिए योजना में शामिल राज्य के सभी परिवारों को स्मार्ट कार्ड पर निर्भर नहीं रहना होगा। साफ्टवेयर के डेटाबेस से स्मार्ट कार्ड के आंकडे हटा दिये गये हैं। इस तरह अब मरीज व उनके परिजनों को पहचान पत्र के रूप में प्राथमिकता, अंत्योदय, राशन कार्ड के साथ आधार कार्ड अथवा कोई भी शासकीय पहचान पत्र साथ लेकर अनुबंधित अस्पतालों में जाना होगा। साफ्टवेयर इन मरीजों की पहचान अब नये फार्मूले से करेगा। यह नया फार्मूला साफ्टवेयर में अपलोड किया जा चुका है। जो कि 17 जनवरी 2020 से काम करना शुरू कर दिया है।
    अस्पताल में ही बनेगा ई-कार्ड
    राज्य सरकार ने राशन कार्ड को डाॅ. खूबचन्द बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना के लिए अनिवार्य करते हुए मरीजों की राह आसान कर दी है। अब राशनकार्डधारी परिवारों को किसी सदस्य के बीमार पडने पर राशन कार्ड के साथ आधार कार्ड या अन्य शासकीय पहचान पत्र लेकर अनुबंधित अस्पताल जाना होगा। अनुबंधित अस्पतालों में ही तत्काल बीआईएस कर ई-कार्ड बना दिये जायेंगे। परिवार पचास हजार या पाॅच लाख रूपये जिसके भी योग्य होगा। वह लाभ उसे उपचार के दौरान दिया जावेगा।
    एस.एन.ए. का पूरा समन्वय
    इस नयी व्यवस्था के लागू होने के पूर्व ही राज्य नोडल एजेंसी ने पूरा समन्वय बना रखा है। साफ्टवेयर में हुए बड़े बदलाव के लिए सभी साफ्टवेयर इन्जीनियरों के मोबाईल नंबर अस्तपालों को पूर्व से ही मुहैय्या कराके रखे गये है। अस्पतालों व मरीजों को किसी भी तरह की दिक्कत होने पर तत्काल मदद उपलब्ध कराई जा रहीं है।
    सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण 2011 के हितग्राहियों को मिलता रहेगा लाभ
    राशनकार्ड के साथ कोई एक शासकीय पहचान पत्र लाना अनिवार्य किया गया है साथ ही राशनकार्ड के अलावा समाजिक आर्थिक सर्वेक्षण 2011 के हितग्राहियों को योजना का लाभ पूर्ववत् मिलता रहेगा।
    पूर्व में बने ई-कार्ड काम करते रहेंगे
    डाॅ. खूबचन्द बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना लागू होने से पूर्व ही आस्पतालों व कियोस्क केन्द्रों में ई-कार्ड बनाने का काम चल रहा था, जो कि अब भी यथावत् जारी है। पूर्व में बने हुए ई-कार्ड में किसी तरह की दिक्कत आने पर अस्पतालों व कियोस्क केन्द्रों में ई-कार्ड में बदलाव करते हुए नये कार्ड जारी कर दिये जाएगें।

  • एटीएम सिक्योरिटी को लेकर RBI का बड़ा ऐलान..खुद ही बंद और चालू कर सकेंगे ATM कार्ड….

    एटीएम सिक्योरिटी को लेकर RBI का बड़ा ऐलान..खुद ही बंद और चालू कर सकेंगे ATM कार्ड….

    आरबीआई के कदम का फायदा यह होगा कि यदि आपका कार्ड चोरी हो गया या फिर कहीं गिर गया तो आप खुद ही उसे बंद कर सकेंगे.

    आए दिन हो रही धोखाधड़ी की घटनाओं से सबक लेते हुए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने एटीएम कार्डी की सिक्योरिटी को लेकर बड़ा एलान किया है. आमतौर पर क्रेडिट या डेबिट कार्ड के साथ फ्रॉड होने पर लोग बैंक को फोन करते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. आरबीआई के नए आदेश के मुताबिक अब आप खुद ही अपने क्रेडिट, डेबिट या एटीएम कार्ड को बंद और चालू कर सकेंगे.

    फिलहाल आप अपने एटीएम को खुद ही ब्लॉक नहीं कर सकते. इसके लिए आपको बैंक के कस्टमर केयर में कॉल करना पड़ता है. वहीं अब नई सुविधा के तहत आप अपनी जरूरत के हिसाब से अपने क्रेडिट या डेबिट कार्ड को स्विच ऑन और स्विच ऑफ कर सकेंगे. ऐसे मे आपकों बैंक के कस्टमर केयर में कॉल करने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

    रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने तमाम बैंकों और कार्ड जारी करने वाली कंपनियों के कहा है कि वे अपने ग्राहकों को उनके डेबिट या क्रेडिट कार्ड में बंद और चालू करने का फीचर दें. क्रेडिट या डेबिट कार्ड को बंद या चालू करने का विकल्प इंटरनेट बैंकिंग, एटीएम मशीन या फिर मोबाइल एप के जरिए मिल सकता है.

    आरबीआई के मुताबिक यह सुविधा 24 घंटों के लिए होनी चाहिए. नई सुविधा प्रीपेड गिफ्ट कार्ड और मेट्रो कार्ड जैसे कार्ड पर लागू नहीं होगी. ग्राहकों के पास ट्रांजेक्शन लिमिट सेट करने की भी सुविधा होगी. नया नियम 16 मार्च 2020 से प्रभावी होगा.

    आरबीआई के कदम का फायदा यह होगा कि यदि आपका कार्ड चोरी हो गया या फिर कहीं गिर गया तो आप खुद ही उसे बंद कर सकेंगे. साथ ही किसी तरह के फ्रॉड की स्थिति में भी आप बिना कस्टमर केयर को कॉल किए अपने कार्ड को ब्लॉक कर सकेंगे.

  • 3 स्टार होटल में चल रहे हाई प्रोफाइल ग्लैमर सेक्स रैकेट पकड़ाया… सावधान इंडिया की हीरोईन भी निकली कॉलगर्ल

    3 स्टार होटल में चल रहे हाई प्रोफाइल ग्लैमर सेक्स रैकेट पकड़ाया… सावधान इंडिया की हीरोईन भी निकली कॉलगर्ल

    मुंबई। मुंबई पुलिस ने दर्जन भर हाई प्रोफाइल कॉल गर्ल्स को गिरफ्तार किया है, इनमें एक फिल्मी एक्ट्रेस और दो टीवी कलाकार भी शामिल है। गिरफ्त में आई एक्ट्रेस ने बहुत बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि इस धंधे में और भी कई फिल्मी एक्ट्रेस और टीवी कलाकार शामिल हैं, जिनके रेट और गुप्त ठिकानों की जानकारी भी पुलिस को दी है। वैसे, यह पहला मामला नहीं है, जब किसी एक्ट्रेस का नाम सेक्स रैकेट में आया है। इससे पहले भी बॉलीवुड और साउथ की कई एक्ट्रेसेस का नाम सेक्स रैकेट में फंस चुका है। मगर अधिकांश मामलों को दबा दिया गया। जिसके चलते चमड़ी का अवैध कारोबार बराबर चलता आ रहा है।

    मुंबई पुलिस चला रही अभियान –
    मुंबई में सेक्स वर्करों के खिलाफ छेड़े गए अभियान के पहले ही चरण में मुंबई पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पहले सप्ताह में मुंबई पुलिस को अलग अलग इलाकों के हाईप्रोफाइल सेक्स रैकेट और उनके ठिकानों का पता चला, मुंबई पुलिस के मुताबिक इस रैकेट में कई एक्ट्रेस और मॉडल भी शामिल है। ज्यादातर का ठिकाना थ्री और फाइव स्टार होटल है। जांच में जुटी पुलिस को महत्वपूर्ण लीड मिली है। इसके तहत पता चला है कि बॉलीवुड और टीवी कलाकारों की नामी गिरामी कई अभिनेत्रियां इस रैकेट में शामिल है। इनका रेट 1 लाख रूपये से लेकर 10 लाख रूपये तक ओवर नाईट तय है। होटल का किराया और खाने पीने का इंतजाम ग्राहक को करना होता है। सेक्स वर्कर को पिक एंड ड्राप की सुविधा रैकेट में शामिल एजेंट उपलब्ध कराते है। सावधान इंडिया की फेमस अदाकारा प्रिया शर्मा से पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी मिली है।

    3 स्टार होटल में पकड़ाया प्रोफाइल ग्लैमर सेक्स रैकेट –
    पुलिस ने दो दिन पहले एक थ्री स्टार होटल में चल रहे हाई प्रोफाइल ग्लैमर सेक्स रैकेट’ का पर्दाफाश किया था। रैकेट में शामिल टीवी कलाकारों के हम बिस्तर होने के एवज में एजेंट एक रात का एक लाख से ज्यादा वसूलते थे। इंस्पेक्टर संधेश रेवले ने कहा, प्रिया शर्मा नामक की 29 वर्षीय एक महिला को गिरफ्तार किया है, जो इस रैकेट का संचालन कर रही थी और एक लाख रुपये की कीमत पर लड़कियों की आपूर्ति कर रही थी। इससे जुड़े तीन और शख्स – आवेश, विनय और कुलदीप फरार हैं जिनकी तलाश जारी है।

    ट्रेवल एजेंसी की आड़ में सेक्स रैकेट –
    पुलिस के मुताबिक, प्रिया शर्मा कांदीवली पूर्व में विनायक वेकेशंस एंड हॉलीडेज नामक एक ट्रेवल एजेंसी चलाती है, वो इसकी आड़ में सेक्स रैकेट समेत कई और अनैतिक कार्यो में शामिल है। संधेश रेवले ने बताया कि बचाए गए लोगों में दो जूनियर आर्टिस्ट हैं जिनमें से एक रिएलिटी शो ‘सावधान इंडिया’ में काम कर चुकी हैं जबकि नाबालिग ने एक वेब सीरीज में काम किया है और एक मराठी टेलीविजन-सीरियल में भी उसने छोटा-मोटा किरदार निभाया है।

    कुछ दिन पूर्व भी पकड़ी गई फिल्मी दुनिया की कई एक्ट्रेसेस –
    कुछ दिन पहले बिग बॉस 13 के प्रतियोगी रहे अरहान खान की एक्स गर्लफ्रेंड अमृता धनोआ को 5 स्टार होटल से पुलिस ने रेड में पकड़ा था। अमृता के साथ ही स्ट्रगलिंग एक्ट्रेस रिचा सिंह को भी पुलिस ने हिरासत में लिया था।
    वहीं पिछले सप्ताह मुंबई पुलिस ने बॉलीवुड के एक कास्टिंग निर्देशक नवील प्रेमलाल आर्य को वर्सोवा से सेक्स रैकेट चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया था।पुलिस ने कास्टिंग निर्देशक के साथ 18 साल और 3 महीने की उम्र की एक जूनियर कलाकार और 25 वर्षीय एक मेकअप कलाकार को गिरफ्तार किया था। मुंबई पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार की गई दोनों युवतियां नवील प्रेमलाल आर्य के साथ पिछले एक साल से काम कर रही थी। एक अधिकारी ने बताया कि एक पुख्ता सूचना पर सामाजिक सेवा शाखा ने मंगलवार को 32 वर्षीय नवील प्रेमलाल आर्य को गिरफ्तार किया। वह दो पीड़ितों का 60-60 हजार रुपये में सौदा कर रहा था। मुंबई पुलिस ने हफ्तेभर के भीतर दो बड़े सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ कर सनसनी फैला दी है। उसने होटल संचालकों को भी चेतावनी दी है कि अब उन्हें भी आरोपी बनाया जायेगा। पुलिस का मानना है कि होटल संचालकों की देखरेख में ही यह अनैतिक कार्य जारी है।

    तीन साल के दौरान भी हुआ पर्दाफाश मगर मामले को दबा दिया गया –
    अप्रैल 2016, अगस्त 2017 और मार्च व दिसंबर 2018 में भी मुंबई पुलिस ने कई ऐसे मामले का भंडाफोड़ किया था जिस सेक्स रैकेट में फिल्मी और टीवी के कई कलाकार हाई प्रोफ़ाइल कॉल गर्ल्स का काम करती हुई पकड़ी गई थी। मगर अधिकांश मामलों को दबा दिया गया। जिसके चलते चमड़ी का अवैध कारोबार बराबर चलता आ रहा है।
    सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ करने वाले अमित जलाल ने बताया, ‘हमें जानकारी मिली थी कि यहां इस तरह का हाईप्रोफाइल सेक्स रैकेट चल रहा है। पुलिस ने इसके बाद नकली ग्राहक बनकर जाल बिछाया जिसके बाद इस रैकेट का भांडाफोड़ हुआ। इसके जरिए हम रियल सप्लायर साइरा और अशरफ उर्फ अमन तक पहुंच सके। जैसे ही अमन वहां पहुंचा हमने उसे अरेस्ट कर लिया।’ जलाल ने बताया कि ‘मॉडल्स-एक्ट्रेस और सप्लायर की गिरफ्तारी मॉल के बाहर की गईइनमें एक लड़की ‘सावधान इंडिया’ में काम करती है जबकि दूसरी लड़की मराठी हीरोइन है। इन दोनों के अलावा पुलिस ने एक मॉडल को भी गिरफ्तार किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस को सूचना मिली थी कि मशहूर फिल्म सिटी के नजदीक एक जगह सेक्स रैकेट चल रहा है। सेक्स रैकेट चलाने वाले सोशल साइट्स के जरिए लड़कियों की तस्वीर ग्राहकों को दिखाते थे। कन्फर्म होने पर मॉडल्स को भेज दिया जाता था। बताया जा रहा है कि सेक्स वर्कर्स के तौर पर काम करने वाली मॉडल्स और एक्ट्रेस 50 हजार से लेकर 1 लाख रुपए तक चार्ज करती थीं। इन्हें ज्यादातर हाई प्रोफाइल बिजनेस और कॉरपोरेट क्लाइंट्स के पास भेजता था। पुलिस ने बताया कि इस पूरे सेक्स रैकेट के पीछे कबीर नाम के शख्स का दिमाग है।

    उसके इशारे पर काम करने वाला अशरफ फाइनल ईयर का स्टूडेंट है। वह इंडस्ट्री में आने वाले नए लड़के-लड़कियों को पैसे का लालच देकर इस धंधे में लाता है। डिंडोषी पुलिस स्टेशन में इनके खिलाफ केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाने की जानकारी दी गई लेकिन जल्द ही मामला फाइलों में दब गया।

  • स्विस वैज्ञानिकों ने प्लास्टिक के जरिए 18 कैरेट का सोना बनाया, यह 10 गुना हल्का

    स्विस वैज्ञानिकों ने प्लास्टिक के जरिए 18 कैरेट का सोना बनाया, यह 10 गुना हल्का

    लंदनपर्यावरण को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा रहे प्लास्टिक से ईंधन और सड़कें बनाने जैसे बहुत से प्रयोग हो चुके हैं। लेकिन, दुनिया में पहली बार स्विस वैज्ञानिकों ने प्लास्टिक के जरिए सोना बनाने में सफलता हासिल की है। प्लास्टिक के मैट्रिक्स को मिश्र धातु के रूप में इस्तेमाल कर बनाया गया 18 कैरेट का यह सोना वजन में भी काफी हल्का है और इसकी चमक भी असली सोने जैसी ही है। इसे आसानी से पॉलिश भी किया जा सकता है।
    वैज्ञानिकों का कहना है कि हल्का होने के कारण यह सोने की घड़ियों और ज्वैलरी के रूप में काफी लोकप्रिय होगा। यह शोध साइंस जर्नल में प्रकाशित किया गया है।स्विस विश्वविद्यालय ईटीएच ज्यूरिख के वैज्ञानिक राफेल मेजेन्गा ने बताया कि सोने का जो नया रूप विकसित किया है, उसका वजन पारंपरिक 18 कैरेट सोने से लगभग दस गुना कम है। पारंपरिक मिश्रण में आमतौर पर तीन-चौथाई सोना और एक चौथाई तांबा होता है, जिसका घनत्व लगभग 15 ग्राम / सेमी3 होता है। पर प्लास्टिक से बनाए गए इस सोने का घनत्व सिर्फ 1.7 ग्राम / सेमी3 है। फिर भी यह 18 कैरेट का सोना है। इसे बनाने के लिए प्रोटीन फाइबर और एक पॉलिमर लेटेक्स का इस्तेमाल किया। इसमें पहले सोने के नैनोक्रिस्टल की पतली डिस्क को रखा गया। पहले पानी औरबाद में अल्काेहल के जरिए इसका घाेल तैयार किया। इस घाेल काे कार्बन डाइअाॅक्साइड गैस के उच्च दबाव से प्रवाहित कर इसे ठाेस अाकार में बदला गया। शोधकर्ताओं ने इसे बनाने की प्रक्रिया और सामग्री दाेनों के लिए पेटेंट का आवेदन कर दिया है।
    दुनिया के हर शख्स पर 1.2 टन हानिकारक प्लास्टिक का बोझ
    अमेरिका की स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी की हालिया रिसर्च के मुताबिक धरती पर करीब 9.1 अरब टन प्लास्टिक है। इस समय दुनिया की आबादी करीब 7.6 अरब है। यानी हर व्यक्ति के हिस्से में लगभग 1.2 टन का प्लास्टिक है। माइक्रोप्लास्टिक के हानिकारक केमिकल शरीर को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा रहे हैं। हर इंसान प्रतिदिन अनजाने में माइक्रोप्लास्टिक के 200 टुकड़े खा जाता है। इसके कारण आंतों में इंफेक्शन फैल रहा है, इससे आम आदमी किसी न किसी बीमारी का शिकार होता है और इनमें सबसे ज्यादा पेट की बीमारी शामिल है।

  • छत्तीसगढ़: महिला टीआई ने की फिनाइल पीकर खुदकुशी करने की कोशिश…

    छत्तीसगढ़: महिला टीआई ने की फिनाइल पीकर खुदकुशी करने की कोशिश…

    बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में पुलिसकर्मियों और सुरक्षा में तैनात जवानों की खुदकुशी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। जहां एक ओर बस्तर के दूरस्थ माओवाद प्रभावित क्षेत्र में तैनात जवानों की खुदकुशी की खबरें यदा-कदा सामने आ ही जाती है। वहीं दूसरी ओर प्रदेश के मैदानी इलाकों में भी इस तरह की खबरें आने लगी है।
    समाज को सुरक्षा का भरोसा दिलाने वाले आखिर क्यों मौत को गले लगाने तत्पर नजर आ रहे हैं, यह जांच का विषय हो सकता है। ज्यादातर मामलों को पारिवारिक कलह बताकर पुलिस के आला-अधिकारी पल्ला झाड़ लेते हैं।

    इसी बीच खबर मिली है कि बिलासपुर की एक महिला टीआई ने फिनाइल पीकर बीती रात खुदकुशी करने की कोशिश की है, जिसके बाद उपचार के लिए स्थानीय एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उपचार जारी है। हालत स्थिर बनी हुई है। चिकित्सकों ने खतरे से बाहर बताया है। सूचना पर सिविल लाइन बिलासपुर पुलिस जांच कर रही है।

    पुलिस व पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार माया असवाल नाम की महिला अधिकारी बिलासपुर डीएसबी में प्रभारी टीआई के तौर पर पदस्थ हैं। मंगलवार की रात उन्होंने अपने घर में फिनाइल पीकर खुदकुशी करने की कोशिश की है। जब परिजनों को इसकी जानकारी मिली, उन्होंने आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया।

    त्वरित उपचार हो जाने से उनकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। खुदकुशी की वजह का खुलासा नहीं हो पाया है। ऐसी आशंका जाहिर की जा रही है कि पारिवारिक कलह की वजह से माया असवाल ने आत्मघाती कदम उठाया।
    पुलिस परिजनों से पूछताछ कर रही है। विभागीय बदनामी की डर से कारणों का खुलासा करने से पुलिस बच रही है। बहरहाल, यह चर्चा का विषय है कि आखिर ऐसी क्या परेशानी थी जिसकी वजह से टीआई जान देने पर उतारू हो गईं।

  • छत्तीगसढ़: बिना पासपोर्ट, वीजा के घूमते बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार…दो महीने पहले घुसा था देश में…

    छत्तीगसढ़: बिना पासपोर्ट, वीजा के घूमते बांग्लादेशी नागरिक गिरफ्तार…दो महीने पहले घुसा था देश में…

    कवर्धा। पंडरिया नगर में बगैर वीजा पासपोर्ट के अवैध रूप से भारत में घुसा विदेशी नागरिक पुलिस के हत्थे चढ़ गया। मिली जानकारी के अनुसार पंडरिया स्टेट बैंक के सामने एक व्यक्ति मंगलवार सुबह संदिग्ध रूप से घूमते हुए देखा गया।
    पुलिस ने संदेह के आधार पर जब व्यक्ति को हिरासत में लिया तो वह बांग्लादेश का नागरिक निकला। पंडरिया थाना प्रभारी अनिल शर्मा ने बताया कि विदेशी नागरिक से पूछताछ की गई। वह अवैध रूप से देश में घुसा है। आरोपी को दोपहर बाद कोर्ट में पेश किया गया।

    नहीं मिला वीजा और पासपोर्ट
    पुलिस ने संदिग्ध रूप से घूमते विदेशी नागरिक से जब पूछताछ किया तो उसने अपना नाम खर्शीद शेख (आलम) पिता नूर हुसैन निवासी उम्र 33 साल, वार्ड क्रमांक 03 मुजफ्फर नगर (रूस्तम नगर ) थाना-पार्वतीपुर, जिला-दिनाशपुर, बांग्लादेश का निवासी बताया। आरोपी ने बताया कि उसने बगैर वीजा, पासपोर्ट के नवंबर 2019 से पश्चिम बंगाल स्थित भारत-बांग्लादेश सीमा से होते हुए भारत में प्रवेश किया।

    पुलिस कर रही जांच
    पंडरिया थाना प्रभारी ने बताया कि अवैध रूप से घूमते मिले विदेशी नागरिक से पूछताछ की गई है। बगैर किसी वैध दस्तावेज के अवैध रूप से भारत में प्रवेश करना पाया गया जो विदेशीयों विषयक अधिनियम 1946 के धारा 14 का उल्लंघन है।

    आरोपी के खिलाफ विधिवत कार्यवाही कर न्यायिक अभिरक्षा पर न्यायालय में पेश किया गया। बता दें कि देशभर में एनआरसी और सीएए को लेकर बवाल मचा है ऐसे में विदेशी नागरिक के अवैध रूप से जिले में घूमते पाए जाने पर पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया है।

  • इच्छा मृत्यु पर ऐतिहासिक फैसला: सुप्रीम कोर्ट ने दिया ‘मौत’ का अधिकार….. शर्तों के साथ दी जा सकती है मौत की इजाजत

    इच्छा मृत्यु पर ऐतिहासिक फैसला: सुप्रीम कोर्ट ने दिया ‘मौत’ का अधिकार….. शर्तों के साथ दी जा सकती है मौत की इजाजत

    सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसले में मरणासन्न व्यक्ति द्वारा इच्छा मृत्यु के लिए लिखी गई वसीयत (लिविंग विल) को कानूनी मान्यता दे दी है। कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि मरणासन्न व्यक्ति को यह अधिकार होगा कि कब वह आखिरी सांस ले। कोर्ट ने कहा कि लोगों को सम्मान से मरने का पूरा हक है। लिविंग विल’ एक लिखित दस्तावेज होता है जिसमें कोई मरीज पहले से यह निर्देश देता है कि मरणासन्न स्थिति में पहुंचने या रजामंदी नहीं दे पाने की स्थिति में पहुंचने पर उसे किस तरह का इलाज दिया जाए। ‘पैसिव यूथेनेशिया’ (इच्छा मृत्यु) वह स्थिति है जब किसी मरणासन्न व्यक्ति की मौत की तरफ बढ़ाने की मंशा से उसे इलाज देना बंद कर दिया जाता है।

     चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच जजों की पीठ ने पिछले साल 11 अक्टूबर को इस याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रखा था। पांच जजों की बेंच आज इस बात पर फैसला सुनाया। अब कोई मरणासन्न शख्स ‘लिविंग विल’ के जरिए अग्रिम रूप से बयान जारी कर यह निर्देश दे सकता है कि उसके जीवन को वेंटिलेटर या आर्टिफिशल सपॉर्ट सिस्टम पर लगाकर लम्बा नहीं किया जाए।

    गौरतलब है कि एक एनजीओ कॉमन कॉज ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा था कि संविधान के आर्टिकल 21 के तहत जिस तरह नागरिकों को जीने का अधिकार दिया गया है, उसी तरह उन्हें मरने का भी अधिकार है। इस पर केंद्र सरकार ने कहा कि इच्छा मृत्यु की वसीयत (लिविंग विल) लिखने की अनुमति नहीं दी जा सकती, लेकिन मेडिकल बोर्ड के निर्देश पर मरणासन्न का सपॉर्ट सिस्टम हटाया जा सकता है।

  • छत्तीसगढ़ बिजिल विभाग की गाड़ी में 105 पेटी अवैध शराब पकड़ाया

    छत्तीसगढ़ बिजिल विभाग की गाड़ी में 105 पेटी अवैध शराब पकड़ाया

    कुकदूर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

    मध्यप्रदेश से आ रही थी गोवा अंग्रेजी शराब

    कवर्धा। बड़े पैमाने पर मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ में शराब आ रही है कुकदूर पुलिस दो गाड़ियों में 105 पेटी गोवा शराब अवैध परिवहन करते हुए पकड़ने में कामयाब हुई है ।


    थाना प्रभारी कुकदूर से प्राप्त जानकारी के अनुसार टाटा पीकप सी. जी.22 एच 4367 में मध्यप्रदेश से लेकर आ रही वाहन चालक तेजसिंह नायक लतुवा थाना बलौदाबाजार पकड़ने में सफल रही है वही सी. जी.22 जी. 7457 पर 15 पेटी शराब परिवहन करते हुए चालक अनिल गुप्ता को पकड़ने में कामयाबी मिली है । इस समय छत्तीसगढ़ में पंचायत चुनाव चल रहा है इसे ध्यान में रख कर शराब माफिया सक्रिय हैं लगातार कबीरधाम पुलिस इस दिशा में काम कर लाखों रुपये का अवैध शराब पकड़ रही है किंतु कुकदूर पुलिस जिस कार को पकड़ी है वह गौरमेंट सर्वेन्ट की लगता है बिजली विभाग की गाड़ी बकायदा लिखा हुआ है जो इस बात को प्रमाणित कर रहा है । मतलब छत्तीसगढ़ के शराब माफिया मध्यप्रदेश से शराब लेकर बेच रहे हैं । राजनीतिक दल का संरक्षण से इंकार भी नही किया जा सकता है । इस मामले में बलौदाबाजार से बड़ा नेता गाड़ी छुड़ाने आया हुआ था । बताया जा रहा है मध्यप्रदेश में शराब सस्ती दरों में मिलता है ।इसका लाभ शराब माफिया उठा रहे हैं । खबर तो यहां तक की है छत्तीसगढ़ के लेबल लगाकर मध्यप्रदेश का शराब कोचिये आसानी से बेच रहे हैं । बिजली विभाग की दोनों गाड़ी में 105 पेटी अवैध शराब परिवहन करते हुए पकड़ा गया है उसकी कीमत 5 लाख 51 हजार 200रुपये बताया जा रहा है।

    आरोपी तेजसिंह नायक,अनिल गुप्ता के खिलाफ धारा 34 (2) लगाकर न्यायालय भेज दिया है व दोनों गाड़ी को जप्त कर कार्रवाई कुकदूर पुलिस कबीरधाम कर रही है ।

  • शादी की पहली रात खुद को वर्जिन दिखाने के लिए ऑपरेशन करा रही लड़कियां, पकड़े गए सीक्रेट क्लीनिक

    शादी की पहली रात खुद को वर्जिन दिखाने के लिए ऑपरेशन करा रही लड़कियां, पकड़े गए सीक्रेट क्लीनिक

    शादी की पहली रात खुद को वर्जिन दिखाने के लिए कई लड़कियां सीक्रेट क्लीनिक का रुख कर रही हैं. डॉक्टर्स भी प्राइवेट पार्ट का यह छोटा सा ऑपरेशन कर लाखों छाप रहे हैं. लन्दन में ऐसे 22 क्लिनिक मिले हैं जहां महिलाओं ने खुद को वर्जिन दिखाने के लिए हायमन की सर्जरी कराई थी. आइए जानते हैं इस बारे में…
    डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक़, लंदन में ऐसी 22 क्लीनिकों के नाम सामने आए हैं जहां महिलाएं रुढ़िवादी परिवार के दबाव के चलते हायमन की सर्जरी करा चुकी हैं ताकि वो खुद को वर्जिन दिखा सकें . इस ऑपरेशन के जरिए प्राइवेट पार्ट की झिल्लीनुमा संरचना ‘हायमन’ जोकि सेक्स के दौरान टूट जाती है, को दोबारा बना दिया जाता है ताकि जब महिला शादी की पहली रात साथी के साथ संबंध बनाए तो इस दौरान वो खुद को वर्जिन दिखा सके।

    द गाइन सेंटर’ लंदन की एक क्लिनिक है जोकि हायमन की मरम्मत करती है ताकि शादी की पहली रात लड़की वर्जिनिटी साबित करने के बदाव से निकल सके. समाज में कई रूढ़िवादी लोगों का ऐसा मानना है कि अगर लड़की का हायमन फटा हुआ है तो वो वर्जिन नहीं है. यानी कि शादी से पहले किसी अन्य लड़के के साथ संबंध बना चुकी है. कई बार ये कारण शादी टूटने की वजह भी बन जाता है।

    रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि मध्य पूर्वी इलाकों और एशियाई महिलाएं घर वालों और समाज के दबाव के चलते वर्जिनिटी को दोबारा हासिल करने के लिए ये ऑपरेशन करवा रही हैं. डॉक्टर्स भी इस सामाजिक दबाव का फायदा उठाते हुए लाखों की धन उगाही कर रहे हैं।