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  • छत्तीसगढ़ में 31 सौ 59 सैंपल में कुल 18 केस पॉजिटिव मिले, इलाज के बाद 9 लोग हुए स्वस्थ…

    छत्तीसगढ़ में 31 सौ 59 सैंपल में कुल 18 केस पॉजिटिव मिले, इलाज के बाद 9 लोग हुए स्वस्थ…

    रायपुर। छत्तीसगढ़ में अब तक कोरोना वायरस के कुल 3159 संभावित व्यक्तियों की पहचान कर सैंपल जांच किया गया है, अभी तक के 3054 परिणाम निगेटिव प्राप्त हुए हैं तथा 88 की जांच जारी है. बुधवार रात को कटघोरा से 1 पॉजिटिव मरीज भर्ती किया गया. वहीं गुरुवार को कटघोरा से ही नये 7 पॉजिटिव मरीज पाये गए. इस प्रकार वर्तमान में एम्स रायपुर में कटघोरा के कुल 9 मरीज इलाज चल रहा है. वहीं इलाज के बाद स्वस्थ हुए 9 मरीज को मिलाकर राज्य में कुल 18 केस पाये गए।

    गौरतलब है कि स्वास्थ्य सचिव ने आज अधिकारियों की बैठक ली. इसमें निजामुद्दीन क्षेत्र से कटघोरा में आये हुए व्यक्तियों के संपर्क में आये संकमित व्यक्तियों के पाये जाने पर समुचे क्षेत्र में सघन निगरानी एवं जांच के निर्देश दिये गए. प्राथमिकता के आधार पर कटघोरा के वार्ड 11 में 60 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों, कोरोना लक्षण के पाए जाने वाले व्यक्तियों और बार-बार घर से बाहर जाने वाले व्यक्तियों को चिन्हित कर उनके सैंपल लिये जाने के निर्देश दिए।

    पूरे प्रदेश में जहां भी हजरत निजामुद्दीन क्षेत्र से आये हुए व्यक्तियों की जानकारी मिली है एवं चिन्हित किये है, उन क्षेत्रों में वर्तमान निवास के क्षेत्र में सघन जांच के निर्देश दिये है. राज्य से अधिकारियों के दल को तत्काल कटघोरा, जिला कोरबा भेजा गया है।

    मंत्री सिंहदेव ने की समीक्षा

    स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने बिन्दुवार समीक्षा किया. वहीं आवश्यक सामग्री के लिए सीजीएमएससी को तत्काल आपूर्ति के निर्देश दिये गए. मेडिकल कॉलेज रायपुर में शीघ्र कोरोना की जांच कराए जाने संचालक, चिकित्सा शिक्षा को निर्देश दिए है. राज्य के सभी लोगों से अपील की है कि कटघोरा में पिछले 3 सप्ताह में आने-जाने वाले व्यक्तियों की जानकारी टोल फ्री नंबर 104 पर दें. और कोरोना संक्रमण के खिलाफ लड़ाई में सरकार का सहयोग करें और अफवाहों से दूर रहें।

    भारत में 169 व्यक्ति की मौत

    विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार अब तक विश्व में कुल 1353361 व्यक्ति संक्रमित हैं और अभी तक कुल 79235 व्यक्तियों की मृत्यु हो चुकी है.  भारत में वर्तमान में कोरोना वायरस के संक्रमण से 32 राज्य प्रभावित हैं, जिनमें कुल 5865 प्रकरणों की पुष्टि हो चुकी है और कुल 169 व्यक्तियों की मृत्यु हो चुकी है।

  • सरकार की अकर्मण्यता के कारण एम्स चिकित्सकों की मेहनत पर फिरा पानी, प्रदेश में जमातियों को रोक नहीं पाना शासन की विफलता,  : डा. रमन सिंह

    सरकार की अकर्मण्यता के कारण एम्स चिकित्सकों की मेहनत पर फिरा पानी, प्रदेश में जमातियों को रोक नहीं पाना शासन की विफलता, : डा. रमन सिंह

    रायपुर। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष औ पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने राज्य सरकार पर जमातियों को प्रदेश में नहीं रोक पाने का आरोप लगाते हुए उसे सरकार की विफलता बताया है। रमन सिंह ने कहा कि सरकार की अकर्मण्यता, प्रशासनिक विफलता और स्तरहीन राजनीति के कारण एम्स के डॉक्टरों की सारी मेहनतों पर पानी फिर गया है।

    उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ दिए सीएम भूपेश बघेल के बयान को उथला, हल्का, बेतुका और महज़ डींगें हाँकने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि बघेल न तो रत्ती भर राजनीतिक मर्यादा का पालन कर रहे और न ही परिस्थियों के अनुरूप परिपक्वता का परिचय दे रहे हैं। डा. सिंह ने कहा कि सच तो यह है कि पीएम मोदी को इस असाधारण परिस्थिति से निपटने में उनके विजन के लिए सारी दुनिया से तारीफ़ मिल रही है, वहां प्रदेश में इससे निपटने के मामले में सीएम बघेल पूरी तरह विफल साबित हुए हैं। उन्होंने प्रदेश में सात नए मरीजों का पता चलने का जिक्र करते हुए कहा कि काफी पीड़ा की बात है कि एम्स के कुशल और निष्ठावान चिकित्सकों और चिकित्साकर्मियों की दिन-रात की मेहनत से हम छत्तीसगढ़ में इस महामारी के खिलाफ जीत के करीब पहुँच गए थे. लेकिन प्रदेश शासन जमातियों को रोक पाने में नाकाम रहे हैं जिसके चलते एक बार फिर स्थिति वही हो गई है।

    इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी बयान देती हैं कि लॉकडाउन जल्दबाज़ी में किया गया, राहुल गांधी कहते हैं कि काफ़ी पहले यह किया जाना चाहिये था। ऐसे में अपना मूल कार्य छोड़कर सीएम अपने राष्ट्रीय नेतृत्व के विरोधाभासी बयानों में संतुलन क़ायम करने में ही जुटे रहते हैं। एक तरफ़ राष्ट्रीय अध्यक्षा सोनिया गांधी अजीब सलाह देते हुए इस महामारी के लिए मीडिया को ज़िम्मेदार ठहराते हुए विज्ञापन रोकने की सलाह देती हैं, तो दूसरी तरफ़ प्रदेश का ख़ज़ाना एक संदिग्ध राष्ट्रीय समाचार चैनल के लिए लुटा कर बघेल अपने मूंह मियां मिट्ठु बन रहे हैं।

    वहीं उन्होंने कहा कि इस संकट के समय सबसे ज्यादा अभाव पीपीई किट का दुनिया भर में है, जबकि छत्तीसगढ़ को कल ही दो हज़ार किट्स उपलब्ध कराये गए हैं। और ज़रूरत का हर साजो-सामान उपलब्ध कराया जा रहा है। सीएम के मांगने पर मनरेगा का सात सौ करोड़ तुरत जारी करने की बात हो या फिर जीएसटी में राज्य के हिस्से का पैसा। इससे पहले अन्य तमाम फंड एवं सहायता देने में कभी भी केंद्र ने कोताही या भेदभाव नहीं किया। बावजूद इसके सीएम द्वारा अपने राष्ट्रीय नेतृत्व को खुश करने के लिए उटपटांग बयान देना निंदनीय है।

    डा. सिंह ने कहा कि कोरोना के खिलाफ शुरू से ही कांग्रेस सरकार लापरवाह दिख रही है. अगर ऐसा नहीं होता तो उन्हें तब्लीगियों के प्रदेश में पहुँचने पर नज़र रखनी थी। उन्होंने याद दिलाया कि सरकार की गंभीरता का अभाव तो उस दिन दिखा था जब स्वयं स्वास्थ्य मंत्री यह शिकायत करते हुए दिखे थे कि विभागीय बैठक में ही उन्हें नहीं बुलाया जा रहा है। उसके बाद स्वास्थ्य मंत्री मुंबई चले गए और विभागीय मंत्री के बिना ही ऐसी विषम परिस्थियों में काम चल रहा था।

    डा. सिंह ने कहा कि इस विषम परिस्थिति में सबको एकजुट होकर काम करना चाहिए। प्रदेश के अनगिनित सामाजिक संगठन और भाजपा के सभी नेतागण आपदा राहत कार्यों में जुटे हुए हैं। यह समय ऐसे सभी योद्धाओं, चिकित्साकर्मियों, पत्रकारों, आरक्षी बलों, बैंक-डाकघरकर्मियों समेत सभी कोरोना वारियर्स का मनोबल बढाने का है, इसके उलट कांग्रेस का राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व अपने ऊल-जुलूल बयानों से योद्धाओं के मनोबल को गिरा रही है। डा. सिंह ने इससे बचते हुए कांग्रेस को सलाह दी है कि वह इस असाधारण संकट के समय परिपक्वता और मानवता का परिचय दे।

  • खांसी, बुखार और नाक बहने पर भी होगा कोरोना वायरस टेस्ट….

    खांसी, बुखार और नाक बहने पर भी होगा कोरोना वायरस टेस्ट….

    भारत में दुनिया का सबसे बड़ा लॉकडाउन जारी है। बावजूद इसके लगातार नए केस सामने आ रहे हैं। आशंका है कि कहीं देश का कुछ हिस्सा कोरोना वायरस फैलने के तीसरे चरण तो प्रवेश नहीं कर गया है। इस बीच, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च यानी आईसीएमआर ने कोरोना वायरस के खिलाफ अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। आईसीएमआर के अनुसार, देश में जहां-जहां कोरोना वायरस के हॉटस्पॉट नजर आ रहे हैं, वहां हर उस शख्स की जांच होगी जिसे बुखार, खासी, गले में दर्द है या नाक बह रही है। किसी भी शख्स में ये संकेत नजर आने के 7 दिन के अंदर कोरोना वायरस की जांच अनिवार्य होगी।

    अभी तक श्वसन की गंभीर बीमारी से ग्रसित, सांस लेने में तकलीफ और बुखारी-खांसी वाले अस्पताल में भर्ती सभी मरीजों की कोरोना जांच की जा रही थी। संक्रमित व्यक्ति के प्रत्यक्ष संपर्क में आने वाले बिना लक्षण वाले और हाई रिस्क वाले व्यक्तियों का भी संपर्क में आने के पांचवें और 14वें दिन टेस्ट किया जा रहा है।

    इसके अलावा गाइडलाइंस के मुताबिक, ऐसे व्यक्तियों की भी जांच की जा रही थी जिन्होंने पिछले 14 दिनों में अंतरराष्ट्रीय यात्रा की और जिनमें पहले लक्षण नहीं थे और बाद में दिखने लगे, संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने वाले ऐसे सभी व्यक्ति जिनमें लक्षण दिखाई दिए और ऐसे सभी स्वास्थ्यकर्मी जिनमें लक्षण दिखाई दिए हैं। दरअसल, आइसीएमआर की इस नई रणनीति का मकसद प्रभावी रूप से कोरोना संक्रमण की रोकथाम करना और ऐसे सभी व्यक्तियों की विश्वसनीय जांच करना है जो कोराना जांच के मानदंडों के दायरे में आ रहे हैं।

    पीपीई की उपलब्धता को लेकर भयभीत होने की जरूरत नहीं

    इससे पहले स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना संकट से निपटने के लिए चिकित्सा कर्मियों के निजी सुरक्षा उपकरणों (पीपीई) सहित अन्य संसाधन पर्याप्त संख्या में उपलब्ध होने का भरोसा जताया है। मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि पीपीई की उपलब्धता को लेकर भयभीत होने की जरूरत नहीं है। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने पर्सनल प्रोटेक्शन इक्विपमेंट (पीपीई) की कमी की आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा कि भारत में 20 घरेलू कंपनियां इसका निर्माण कर रही हैं। उन्होंने कहा कि 1.7 करोड़ रुपये के पीपीई की खरीद के आर्डर दिए जा चुके हैं। साथ ही 49 हजार वेंटिलेटर भी खरीदे जा रहे हैं।

    इस दौरान भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के वरिष्ठ वैज्ञानिक मनोज मुरहेकर ने संक्रमण के मामले सामने आने की गति स्थिर होने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देश में अब तक कोरोना संक्रमण की जांच के लिए 1.30 लाख परीक्षण किए जा चुके हैं। मुरहेकर ने कहा कि इनमें पिछले 24 घंटों में किए गए 13,143 परीक्षण भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि परीक्षण में संक्रमित मामले सामने आने की दर तीन से पांच फीसद के स्तर पर बरकरार है। इसमें कोई इजाफा नहीं हुआ है।

  • कोरोना के खिलाफ चल रही जंग में सीएम भूपेश बघेल की अपील पर हाईकोर्ट के न्यायाधीशों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री राहत कोष में दिये 52,44,689 रुपये दान

    कोरोना के खिलाफ चल रही जंग में सीएम भूपेश बघेल की अपील पर हाईकोर्ट के न्यायाधीशों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री राहत कोष में दिये 52,44,689 रुपये दान

    रायपुर। कोरोना के खिलाफ चल रही जंग में सीएम भूपेश बघेल की अपील पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के सभी न्यायाधीश, अधिकारी और कर्मचारियों ने भी अपने एक दिन का वेतन 52,44,689 मुख्मंत्री राहत कोष में दान दिया है।

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हाईकोर्ट के न्यायाधीशों, अधिकारियों और कर्मचारियों के अपने एक दिन का वेतन दान करने पर आभार जताया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि कोविड 19 के खिलाफ चल रही लड़ाई इससे मजबूत होगी।

    सीएम ने ट्वीट कर कहा, “सीसीएम राहत कोष में एक दिन का वेतन दान करने के लिए सभी माननीय न्यायाधीशों, सीजी उच्च न्यायालय के न्यायिक अधिकारियों और अधीनस्थ न्यायपालिका के कर्मचारियों / कर्मचारियों के प्रति आभार। 52,44,689 रुपये की यह राशि COVID-19 के खिलाफ हमारी लड़ाई को मजबूत करेगी।”

  • कोरोना पर SC का निर्देश- निजी लैब में भी हो मुफ्त जांच

    कोरोना पर SC का निर्देश- निजी लैब में भी हो मुफ्त जांच

    कोरोना टेस्ट पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को कहा कि जांच फ्री में होनी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार को एक तंत्र बनाना चाहिए, जिससे जो लोग प्राइवेट लैब में अपना टेस्ट कराएं, उनका पैसा रिइम्बर्स किया जा सके।

    कोरोना टेस्ट पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को कहा कि जांच फ्री में होनी चाहिए. बुधवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार को एक प्रक्रिया बनानी चाहिए, जिससे जो लोग प्राइवेट लैब में अपना टेस्ट कराएं, उनका पैसा रिइम्बर्स किया जा सके. कोर्ट ने कहा कि डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ कोरोना से लड़ाई में योद्धा हैं।
    कोरोना टेस्ट और उसके रोकथाम में लगे डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा के लिए दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये लोग योद्धा हैं और उनकी और उनके परिवार के लोगों की सुरक्षा बेहद जरूरी है. मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी कंसर्न जाहिर किया कि प्राइवेट लैब को कोरोना की जांच के लिए पैसे लेने की अनुमति नहीं होनी चाहिए।
    118 लैब हर दिन कर रहे हैं 15 हजार टेस्ट
    सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि अभी 118 लैब प्रति दिन 15000 टेस्ट क्षमता के साथ काम कर रहे हैं. अब हम 47 प्राइवेट लैब को भी टेस्ट की इजाजत देने वाले हैं. यह एक विकासशील स्थिति है. हमें नहीं पता कि कितने लैब की जरूरत होगी और कब तक लॉकडाउन जारी रहेगा।
    SC के सुझाव पर विचार करेंगे: तुषार मेहता
    सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्राइवेट लैब को कोरोना की जांच के लिए पैसे लेने की अनुमति नहीं होनी चाहिए. टेस्ट के रिइम्बर्स के लिए सरकार की ओर से तंत्र बनाया जाना चाहिए. इस पर एसजी तुषार मेहता ने कहा कि इन सभी सुझावों पर विचार करेंगे. वहीं, मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा पर सरकार की ओर से एसजी तुषार मेहता ने कहा कि पुलिस और सरकारों की ओर से हर बंदोबस्त किए गए हैं।

    मेडिकल इक्विपमेंट का किया जा रहा है इंतजाम
    मामले की सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से एसजी तुषार मेहता ने बताया कि पीपीई किट समेत सभी मेडिकल उपकरण का तेजी से इंतजाम किया जा रहा है। साथ ही पॉजिटिव लोग किसी को प्रभावित न करें, इसका भी पूरा ख्याल रखा जा रहा है. इसके अलावा सरकार ने कोर्ट को यह भी बताया कि डॉक्टरों के वेतन से पैसे काटने की बात में कोई सच्चाई नहीं है।
    दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में निजी लैब में कोरोना की जांच के लिए 4500 रुपए तक लेने कि इजाजत देने वाली अधिसूचना को चुनौती दी गई है. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से कहा कि कोरोना का टेस्ट मुफ्त में होना चाहिए।

  • रायगढ़ पुलिस अब इंस्टाग्राम पर भी……

    रायगढ़ पुलिस अब इंस्टाग्राम पर भी……

    रायगढ़। लॉक डाउन में सोशल मीडिया मनोरंजन के साथ-साथ प्रचार-प्रसार एवं सूचनाओं के आदान प्रदान करने का महत्वपूर्ण साधन रहा है । ऐसे में रायगढ़ पुलिस जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप, फेसबुक ट्विटर पर पहले ही उपलब्ध है । समय के साथ इंस्टाग्राम में बढ़ते यूजर की संख्या को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री संतोष कुमार सिंह द्वारा रायगढ़ पुलिस का इंस्टाग्राम अकाउंट बनवाया गया है ।

    अब इंस्टाग्राम यूजर, इंस्टाग्राम पर भी रायगढ़ पुलिस को फॉलो कर रायगढ़ पुलिस को अपने महत्वपूर्ण सुझाव या अन्य कोई जानकारी दे सकते हैं ।समय-समय पर रायगढ़ पुलिस द्वारा सोशल मीडिया अकाउंट्स पर महत्वपूर्ण जानकारियां एवं रायगढ़ पुलिस की उपलब्धियां शेयर की जाती है जिसे भी इस पेज पर देखा जा सकता है । रायगढ़ पुलिस के इंस्टाग्राम अकाउंट को नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर फॉलो किया जा सकता है ।

    https://www.instagram.com/raigarhpolice/

  • सलमान खान का अनूठा दान, सीधे 25 हजार लोगों को होगा फायदा

    सलमान खान का अनूठा दान, सीधे 25 हजार लोगों को होगा फायदा

    कोरोना वायरस का कहर पूरे देश में जारी है। इस दौरान मदद के लिए बॉलीवुड सितारे आगे आकर दिल खोलकर दान कर रहे है. एक्टर सलमान खान ने कुछ दिनों पहले घोषणा की थी कि वह लॉकडाउन की वजह से बेरोजगार हो चुके इंडस्ट्री के दिहाड़ी मजदूरों की मदद करेंगे. अब सलमान ने अपना ये वादा पूरा किया है और मजदूरों के अकाउंट में पैसे भेजना शुरु कर दिया है.सलमान खान ने मंगलवार को उन्‍होंने फेडरेशन की ओर से भेजे गए 16000 मजदूरों के बैंक अकाउंट में कुल 4 करोड़ 80 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिये हैं. सलमान ने इसके बाद भी आगे मई महीने में 19000 मजदूरों के अकाउंट में 5 करोड़ 70 लाख रुपये ट्रांसफर करने का वादा किया है. इस तरह दो महीनों तक वह मजदूरों का खर्च उठाएंगे और कुल 10 करोड़ 50 लाख रुपये की मदद करेंगे.करीब 10 दिन पहले सलमान खान फिल्म्स प्रॉडक्शन ने फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉयीज के जनरल सक्रेटरी अशोक दुबे से सम्पर्क कर दिहाड़ी मजदूरों के अकाउंट नंबर मांगे थे. सोमवार 6 अप्रैल की शाम सलमान को 19000 मजदूरों का बैंक अकाउंट डिटेल्स दे दिया गया था. सलमान के ऑफिस में जैसे ही वर्कर्स के अकाउंट नंबर पहुंचे, उनकी टीम ने तेजी दिखाते हुए 7 अप्रैल की शाम तक 16000 मजदूरों के अकाउंट में प्रति मजदूर 3000 जमा करवा दिये हैं।

    वहीं, हाल ही में सलमान खान ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वो सोहेल खान के बेटे और अपने भतीजे निर्वान खान के साथ बैठे हैं. इस वीडियो की शुरुआत में ही सलमान खान कबूल करते हैं कि वो बुरी तरह डर गए हैं. सलमान खान इस वीडियो में कहते हैं कि ‘हम लोग यहां पर आए थे कुछ दिनों के लिए और अब हम यहीं पर हैं, तो हम लोग तो भई डर गए हैं. निर्वान सोहेल के बेटे हैं, इन्होंने अपने पिता को 3 हफ्तों से नहीं देखा और मैंने भी अपने पिता को तीन हफ्ते से नहीं देखा. हम लोग यहां पर हैं और मेरे पिता अकेले घर पर हैं’।

    सलमान खान आगे कहते हैं, ‘आपको वो डायलॉग याद है? जो डर गया समझो मर गया…लेकिव वो यहां पर लागू नहीं होता. हम लोग डर गए और बड़ी बहादुरी से कह रहे हैं कि हम लोग डर गए हैं. आप लोग भी ज्यादा ब्रेव मत बनें।
    इस पर निर्वान खान कहते हैं कि ‘बहादुरी दिखाने से बेहतर होगा कि आप सभी घर पर ही रहें. किसी भी तरह के कॉन्टेक्ट से बचें. मुझे लगता है कि जितना हम घर पर रहेंगे उतनी ही जल्दी ये सब ठीक होगा’. सलमान खान कहते हैं कि ‘जो डर गया समझो बच गया और उसने बहुत सारे लोगों को बचाया भी’।

  • इस देश में कोरोना की दवा समझकर पिया ‘जहर’, 600 की मौत, 3000 बीमार

    इस देश में कोरोना की दवा समझकर पिया ‘जहर’, 600 की मौत, 3000 बीमार

    ईरान में कोरोना वायरस से मरने वालों का आंकड़ा अब तक करीब 3800 है. लेकिन जहरीला अल्कोहल पीने से यहां 600 लोगों की मौत हो गई है. वहीं, 3000 लोगों को जहरीला अल्होकल पीने के बाद बीमार होने पर हॉस्पिटल में भी भर्ती कराया गया है. डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार को ईरान के एक प्रवक्ता घोलम हुसैन इस्माइली ने बताया कि लोगों ने कोरोना वायरस की दवा समझकर नीट अल्कोहल पी लिया था. इसके बाद बड़ी संख्या में लोग बीमार हो गए.

    इस्माइली ने कहा कि जहरीले अल्कोहल पीने से होने वाली मौतों का आंकड़ा काफी बड़ा है और ये उनकी आशंकाओं से कहीं ज्यादा है. उन्होंने कहा कि अल्कोहल पीने से बीमार ठीक नहीं होंगे, बल्कि ये जानलेवा हो सकता हैतस्निम न्यूज एजेंसी से बात करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में कई लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है. गिरफ्तार लोगों पर आपराधिक गतिविधि के लिए मुकदमा चलाया जाएगा

    ईरान में कोरोना वायरस से 62 हजार से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं. लेकिन ईरान की ओर से कोरोना वायरस को लेकर जारी आंकड़ों पर सवाल उठ रहे हैं. सरकार पर आरोप है कि वे मृतकों की संख्या कम करके दिखा रही है.ईरान के संसद के कम से कम 31 सदस्यों को भी कोरोना वायरस से पॉजिटिव पाया गया है. वहीं, कोरोना वायरस के मामले सामने आने के बाद संसद को बंद कर दिया गया था, लेकिन मंगलवार को संसद की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई

  • कोरोना से कई दशक पीछे चला जाएगा भारत, इस साल बस 1.6% रहेगी GDP ग्रोथ

    कोरोना से कई दशक पीछे चला जाएगा भारत, इस साल बस 1.6% रहेगी GDP ग्रोथ

    दिल्ली। कोरोना का कहर भारत की अर्थव्यवस्था को तरक्की के लिहाज से कई दशक पीछे ले जाएगा. ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्श ने यह गंभीर चेतावनी दी है कि कोरोना के प्रकोप और लॉकडाउन की वजह से इस वित्त वर्ष यानी 2020—21 में देश के सकल घरेलू उत्पाद में बढ़त दर महज 1.6 फीसदी रह जाएगी. गोल्डमैन सैक्श ने अपने पहले के अनुमान में भारी कटौती की है।

    कोरोना का कहर भारत की अर्थव्यवस्था को भारी झटका देने जा रहा है. ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्श ने यह गंभीर चेतावनी दी है कि कोरोना के प्रकोप और लॉकडाउन की वजह से इस वित्त वर्ष यानी 2020—21 में देश के सकल घरेलू उत्पाद में बढ़त दर महज 1.6 फीसदी रह जाएगी।

    कई दशकों पीछे हो जाएगी ग्रोथ रेट
    इसका मतलब यह है कि आर्थिक तरक्की के लिहाज से देश कई दशक पीछे चला जाएगा. गोल्डमैन सैक्श ने अपने पहले के अनुमान में भारी कटौती की है. इसके पहले उसने अनुमान लगाया था कि भारत की अर्थव्यवस्था में इस वित्त वर्ष में 3.3 फीसदी की बढ़त होगी. कंपनी के अनुसार वर्ष 2020 में अमेरिका में -6.2 फीसदी की बढ़त होगी यानी वहां इतने की गिरावट आएगी।

    पिछले छह दशक की मंदी से भी कमजोर ग्रोथ
    ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि यह बढ़त 70,80 और 2009 के दशक में देखी गई मंदी के दौर से भी कमजोर है. गौरतलब है कि भारत में गत 25 मार्च से पूरी तरह से लॉकडाउन है और इसकी वजह से समूचा कारोबार और उद्योग ठप पड़ा है।

    कब आएगा सुधार
    हालांकि, ब्रोकरेज फर्म ने यह भी कहा है कि इस वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में अर्थव्यवस्था में अच्छा सुधार हो सकता है. गोल्डमैन सैक्श ने अपनी रिपोर्ट में कहा, ‘हमें उम्मीद है कि रिजर्व बैंक अपनी मौद्रिक नीति में नरमी जारी रखेगा और सिस्टम में नकदी डालने के उपाय भी करता रहेगा. हालांकि यदि अगले कुछ महीनों में देश—दुनिया में इस महामारी पर काबू पाने में सफलता नहीं मिली तो अर्थव्यवस्था की गति में सुधार और देरी से होगा।

    कई एजेंसियों ने घटाया है अनुमान
    गौरतलब है कि इसके पहले कई रेटिंग एजेंसियां कोरोना के कहर को देखते हुए भारत के जीडीपी ग्रोथ अनुमान में भारी कटौती कर चुकी हैं. कोरोना वायरस के प्रकोप की वजह से इकोनॉमी को लगातार नुकसान हो रहा है. ऐसे में रेटिंग एजेंसियां दुनिया सहित भारत के जीडीपी ग्रोथ अनुमान को घटाती जा रही हैं. हाल में रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भारत के जीडीपी अनुमान को कैलेंडर वर्ष 2020 के लिए 5.3 फीसदी से घटाकर महज 2.5 फीसदी कर दिया है।

    ग्लोबल क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने पहले भारत के सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी में बढ़त 5.3 फीसदी रहने का अनुमान जताया था. कोरोना वायरस संकट को लेकर मूडीज का कहना है कि इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को बहुत बड़ा झटका लगेगा.
    एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट इकोरैप के अनुसार 2019-20 में जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि दर 5 प्रतिशत से घटकर 4.5 प्रतिशत रह सकती है. रिपोर्ट के अनुसार, इसका कारण चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 2.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है.
    एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने अनुमान जताया है कि वित्त वर्ष 2020 में भारत की आर्थिक विकास दर घटकर महज 4 फीसदी रह सकती है।

  • अमरीकन कंपनी ने किया बड़ा खुलासा, भारत को इस महीने तबाह कर सकता है कोरोना वायरस…..

    अमेरिका। कोरोना के आतंक से पूरी दुनिया जूझ रही है। स्पेन, इटली, अमेरिका और चीन में सबसे ज्यादा हालत खराब है। भारत में भी कोरोना ने पैर पसारने शुरू कर दिए है। ज्यादा लोग इससे प्रभावित न हो इसलिए देशभर में लॉकडाउनकिया गया है। मगर अमेरिकन कंसल्टिंग फर्म बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप की एक नई स्टडी ने देश की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट के अनुसार इंडिया में जून के तीसरे हफ्ते में कोरोना का कहर बढ़ सकता है।

    रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि भारत में जून के तीसरे सप्ताह तक COVID-19 के संक्रमण के मामले बढ़ सकते हैं। बीसीजी ने ये रिपोार्ट कोरोना वायरस महामारी पर रोकथाम के उपायों को ध्यान में रखकर बनाई गई है।

    इसमें 25 मार्च तक देश में कोरोना से निपटने की तैयारी, वर्तमान में संक्रमित होने वाले लोगों के आंकड़े और इससे रिकवर होने वाले लोगों की तादाद आदि को ध्यान में रखा गया है।

    बीजीसी की ये रिपोर्ट जॉन हॉपकिंस विश्वविद्यालय के डेटा का पूर्वानुमान लगाने वाले मॉडल पर आधारित है। इसके अनुसार अगर भारत में लॉकडाउन की अवधि अभी नहीं बढ़ाई जाती है तो कोरोना संक्रमित मरीजों की तादाद में एकदम से इजाफा हो सकता है। इससे महामारी पूरे देश में अपना जाल फैला सकता है। इसलिए लॉकडाउन को सितंबर महीने तक बढ़ा देना चाहिए। अगर जून के बाद हालात सामान्य लगते हैं तो इस बारे में विचार किया जा सकता है। मालूम हो कि मोदी सरकार ने कोरोना से निपटने के लिए 22 मार्च को जनता कर्फ्यू का आवाहन किया था। इसके बाद से पूरे देश को लॉकडाउन कर दिया गया।