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  •  रेप का आरोपी निलंबित कलेक्टर जेपी पाठक फरार 

     रेप का आरोपी निलंबित कलेक्टर जेपी पाठक फरार 

    पुलिस ने तीन ठिकानों में दी दबिश, घर के बाहर चस्पा किया नोटिस
    राज्यपाल, मुख्यमंत्री, डीजीपी से गुहार लगाने के बाद हुई कार्रवाई
    रायपुर। बलात्कार के आरोप में फंसे जांजगीर-चांपा जिले के पूर्व कलेक्टर जेपी पाठक की मुश्किलें कम होने की बजाय बढ़ते ही जा रही है. पुलिस ने आरोपी कलेक्टर के ऊपर शिकंजा कसना शुरु कर दिया है. आरोपी कलेक्टर की तलाश में पुलिस की एक टीम एसपी ने गठित की है. पुलिस की टीम ने जेपी पाठक को गिरफ्तार करने रायपुर सहित तीन ठिकानों पर दबिश दी लेकिन वे कहीं नहीं मिले. पुलिस उनके आवासों में नोटिस चस्पा कर लौट गई है. वहीं पीडिता द्वारा राज्यपाल से गुहार लगाने के बाद पुलिस ने उसको सुरक्षा मुहैया करा दी है। जून को जांजगीर के पूर्व कलेक्टर जनक प्रसाद पाठक के खिलाफ जिले की ही एक महिला ने दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए कोतवाली में मामला दर्ज कराया था. मामला सामने आने के बाद जेपी पाठक को मुख्यमंत्री ने निलंबित करने और उच्च स्तरीय समिति से जांच के आदेश दिये थे. पुलिस विभाग द्वारा मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय टीम का गठन कर एसडीओपी रैंक के अधिकारी को जांच का जिम्मा सौंपा गया है। मामले में पीडि़ता ने फोन रिकॉर्ड, वाट्सअप चैट सहित कई सबूत पुलिस को सौंपे थे. पुलिस ने अपनी जांच में पीडि़ता द्वारा सौंपे गए तमाम साक्ष्यों के साथ ही कलेक्टर परिसर के सीसीटीवी फुटेज को भी जांच में शामिल किया है। मामले की जांच कर कर रही एसडीओपी पद्मश्री तंवर ने बताया कि जाँजगीर से संयुक्त टीम बनाकर उनकी खोजबीन के लिए भेजा गया है. उनके तमाम ठिकानों पर पतासाजी की जा रही है।


    पीडि़ता ने कहा आरोपी को बचाने की जा रही है कोशिश : पूर्व जनपद सदस्य और एनजीओ संचालिका पीडि़त महिला ने पुलिस प्रशासन पर जेपी पाठक को बचाने का आरोप लगाया है। राज्यपाल, मुख्यमंत्री, डीजीपी के नाम सौंपे ज्ञापन में उसने पुलिस पर बयान बदलवाने व आरोपी को बचाने की साजिश रचने का आरोपा लगाकर सनसनी फैला दी है। पीडि़ता में पूर्व कलेक्टर जेपी पाठक पर 15 मई को चेंबर में दुष्कर्म करने का आरोप लगाते हुए एसपी पारूल माथुर को ज्ञापन सौंपा था। इसके बाद उसने अपनी आपबीती बताई और पुलिस ने 3 घंटे के भीतर जिले के पूर्व कलेक्टर एवं आईएएश पर अपराध कायम किया। इस मामले में पुलिस ने पीडि़ता से 164 के तहत कथन भी कराया। मामला दर्ज होने के 2 दिन बाद पीडि़ता रायपुर पहुंची जहां पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए है।


    एएसपी पाठक के संपर्क में : पीडि़ता ने आरोप लगाया है कि फरार आरोपी पूर्व कलेक्टर जेपी पाठक एएसपी के संपर्ख में है और उसी के निर्देश पर मेरा बयान दर्ज करने के लिए उस पर जोर डाला जा रहा है। पीडि़ता का आरोप है कि एएसपी मधुलिका सिंह ने मूल साक्ष्य नष्ट करने के लिए उसका मोबाइल फोन पुलिस कर्मियों के माध्यम से अपने कब्जे में ले लिया है। और गुम होने का बयान देने के लिए बयान दने के लिए दबाव डाल रही है। पीडि़ता ने कहा कि उससे कोरे कागज पर जोर जबरदस्ती कर हस्ताक्षर करवाए है। पीडि़ता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी तत्कालीन कलेक्टर पर एफआईआर दर्ज करने के बाद उसके पति को बगैर किसी ठोस कारण के कई घंटों तक थाने में बैठाकर रखा गया।

  • पति-पत्नी के झगड़े में हुआ वकील का फायदा, बिक गया घर, हो गए कर्जदार, जानिए पूरा मामला…

    पति-पत्नी के झगड़े में हुआ वकील का फायदा, बिक गया घर, हो गए कर्जदार, जानिए पूरा मामला…

    लंदन। अक्सर सुनने को मिलता है कि दो पक्षों की लड़ाई में किसी तीसरे का फायदा हो गया. ऐसे ही एक मामले में वकील का फायदा हो गया. इस लड़ाई में पति-पत्नी की सारी जमा पूंजी खत्म हो गई. वकील की फीस देने के लिए घर तक बेचने पड़े. दरअसल ये पूरा मामला लंदन का है, जहां तलाक के मामले में लंबी सुनवाई के बाद पति और पत्नी दोनों बेरोजगार हो गए और उनका साझा कारोबार भी खत्म हो गया।

    53 वर्षींय पति और 50 वर्षीय पत्नी दोनों केयर होम के मालिक थे और उनकी शादीशुदा जिंदगी खुशहाल चल रही थी, लेकिन शादी के 22 साल बाद दोनों के बीच अचानक मनमुटाव हुआ और फिर उन्होंने अलग होने का फैसला कर लिया. दोनों ने कोर्ट में तालाक की अर्जी लगाई और संपत्ति का अधिक हिस्सा पाने के लिए अपना-अपना पक्ष रखा, ये पूरा मुकदमा दो साल तक चला.
    इस दौरान दंपति का 5 बेडरूम वाला मकान भी बिक गया और दोनों के पास मर्सिडीड कार भी थी, जो बेचने की नौबत आ गई. साथ ही दोनों के अलग होने पर केयर होम भी बंद हो गया. इतना ही नहीं वकीलों की रकम अदा करते हुए परेशान पति का 1.17 करोड़ रुपए का कर्ज भी हो गया।


    बता दें कि दोनों के तलाक को लेकर कुल 13 सुनवाई हुई, जिसमें 5 दिन का ट्रायल भी चला. फीस के खर्च के बाद किराए के घर में रह रहे पति को कर्ज भी चुकाना है. अब दोनो के पास महज 5-5 लाख रुपए ही बचे हैं।

  • नगरीय क्षेत्रों में आवास और व्यवसाय के लिए अब सहजता से मिल सकेगी शासकीय जमीन,सीएम भूपेश बघेल ने लोगों को दी बड़ी राहत….

    नगरीय क्षेत्रों में आवास और व्यवसाय के लिए अब सहजता से मिल सकेगी शासकीय जमीन,सीएम भूपेश बघेल ने लोगों को दी बड़ी राहत….

    रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नगरीय क्षेत्रों में शासकीय भूमि पर काबिज लोगों के साथ ही अन्य लोगों को आवासीय अथवा व्यावसायिक या अन्य प्रयोजन के लिए शासकीय भूमि सहजता से आवंटित हो सके इसके लिए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए है. जिसके तहत शासकीय भूमि के आवंटन एवं व्यवस्थापन के संबंध में राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ राजस्व पुस्तक परिपत्र के खण्ड चार-एक एवं खण्ड चार-2 के प्रावधानों में आंशिक संशोधन करते हुए इसे अब और सरल करते हुए कलेक्टर को अधिकार प्रत्यायोजित किए गये है. इससे जिला स्तर पर भूमि आवंटन एवं व्यवस्थापन के मामलों को पूरी पारदर्शिता के साथ सहजता एवं शीघ्रता से निराकृत किया जा सकेगा. भूमि आवंटन की सरलीकृत प्रक्रिया का लाभ कब्जाधारियों सहित अन्य इच्छुक लोगों को मिल सकेगा

    राज्य शासन द्वारा केन्द्र तथा राज्य के विभागों और निगमों, मंडलों एवं आयोगों को शासकीय भूमि के आवंटन का अधिकार कलेक्टरों को दिया गया है. नगरीय क्षेत्रों में 7500 वर्गफीट तक शासकीय भूमि का 30 वर्षीय पट्टे पर आवंटन तथा अतिक्रमित शासकीय भूमि के व्यवस्थापन का अधिकार भी कलेक्टरों को दिया गया है. 7500 वर्गफीट से अधिक शासकीय भूमि के आवंटन तथा अतिक्रमित शासकीय भूमि के व्यवस्थापन का अधिकार राज्य सरकार को होगा.
    नगर तथा ग्राम निवेश द्वारा अधिसूचित विकास योजना के अनुरूप ही नगरीय क्षेत्रों में शासकीय भूमि का आवंटन तथा अतिक्रमित शासकीय भूमि का व्यवस्थापन हो सकेगा. नगरीय निकायों को व्यावसायिक प्रयोजन के लिए भू-खण्ड का आवंटन के लिए प्रब्याजि का निर्धारण प्रचलित गाईड लाइन के 25 प्रतिशत के बराबर मूल्य पर किया जाएगा. शासकीय भूमि का आबंटन किसी व्यक्ति या संस्था को करते समय देय प्रब्याजि का निर्धारण प्रचलित गाईडलाईन के आधार पर किया जाएगा.

    इसी तरह किसी शासकीय भू-खण्ड के आवंटन के लिए दो या दो से अधिक व्यक्ति अथवा संस्था का आवेदन प्राप्त होने पर प्रचलित गाईडलाईन के दर पर निर्धारित की गई प्रीमियम दर को आफसेट मानते हुए नीलामी के माध्यम से सर्वाधिक बोली लगाने वाले को किया जाएगा. राज्य शासन ने भूमि स्वामी या पट्टेदार को भू-भाटक की अदायगी के मामले में भी विशेष रियायती दी है. भू-भाटक की राशि का 15 वर्ष का एकमुश्त भुगतान करने पर भूमि स्वामी या पट्टेदार को आगामी 15 वर्ष (16वें वर्ष से 30वें वर्ष तक) के भू-भाटक से छूट रहेगी. शासन की इस रियायत से प्रति वर्ष भू-भाटक के भुगतान की कठिनाईयों से भी लोगों को राहत मिलेगी.

    सचिव राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि जिला स्तर पर शासकीय भूमि के आवंटन एवं अतिक्रमित भूमि के व्यवस्थापन के संबंध में सभी कलेक्टरों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं. भूमि आवंटन के संबंध में प्राप्त होने आवेदनों का परीक्षण जिला स्तरीय समिति द्वारा किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि रियायती एवं गैर रियायती दर पर प्राप्त पट्टों की भूमि को भूमि स्वामी हक में परिवर्तन के लिए निर्धारित मूल्य से 2 प्रतिशत अतिरिक्त राशि देनी होगी. भूमि आवंटन अथवा व्यवस्थापन तथा भूमि स्वामी हक में परिवर्तन से संबंधित सभी प्रकरणों में ईश्तहार प्रकाशन, दावा-आपत्ति की प्रक्रिया तथा विधिवत सुनवाई किया जाना है.

    कलेक्टर भूमि आवंटन एवं व्यवस्थापन के मामले में केवल ऐसी भूमि का ही आवंटन कर सकेंगे, जिसे लोक बाधा, स्वास्थ्य सुरक्षा, जन सुविधा, लोक प्रयोजन तथा पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से सुरक्षित रखने की आवश्यकता न हो. आवंटन योग्य भूमि का चिन्हांकन कर भुईंया सॉफ्टवेयर में अपलोड कराकर शासकीय विभागों को उक्त भूमि की आवश्यकता के संबंध में प्रस्ताव प्राप्त कर आवंटित किया जाएगा.

  • वर्षा डोंगरे ने सीएम को लिखा पत्र…. 2003 बैच को आईएएस अवॉर्ड के प्रस्ताव पर आपत्ति

    वर्षा डोंगरे ने सीएम को लिखा पत्र…. 2003 बैच को आईएएस अवॉर्ड के प्रस्ताव पर आपत्ति

    रायपुर। पीएससी-2003 बैच के डिप्टी कलेक्टरों को आईएएस अवॉर्ड के लिए सूचीबद्ध करने का मामला तूल पकड़ रहा है। जेल अफसर वर्षा डोंगरे कुंजाम और उनके पति संतोष कुंजाम ने इस पर आपत्ति की है और इस सिलसिले में उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र भी लिखा है। पत्र में उन्होंने बताया है कि उक्त बैच की चयन परीक्षा में हर स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ है। हाईकोर्ट ने भी गड़बड़ी को माना है। यह प्रकरण सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने तक किसी भी प्रकार का प्रमोशन का लाभ नहीं दिए जाने की गुजारिश की है। 
    सरकार डिप्टी कलेक्टर संवर्ग से आईएएस अवॉर्ड के लिए डीओपीटी को प्रस्ताव भेजने की तैयारी कर रही है। बताया गया कि सात रिक्त पद के लिए 21 अफसरों के नाम भेजे जाने हैं। इसमें वर्ष-2003 बैच के डिप्टी कलेक्टर संवर्ग के अफसर भी हैं। इस पर जेल अफसर श्रीमती वर्षा डोंगरे कुंजाम और संतोष कुंजाम ने पीएससी-2003 में भ्रष्टाचार की तरफ मुख्यमंत्री श्री बघेल का ध्यान आकृष्ट कराया है। कुंजाम दंपत्ति हाईकोर्ट के फैसले पर अमल कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में बताया कि छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अपने 88 पेज के निर्णय में स्पष्ट रूप से उल्लेखित किया है कि राज्य सेवा परीक्षा 2003 में हर स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ है। 

    कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो लोग साक्षात्कार तक के लिए  योग्यता नहीं रखते थे उन्हें चयनित किया गया है एवं चयनित अधिकारीगण अपने मेरिट के आधार पर नहीं बल्कि लोक सेवा आयोग के द्वारा परीक्षा के हर स्तर पर किए गए भ्रष्टाचार के कारण चयनित और सेवारत हैं। प्रकरण में न्यायालय के समक्ष खुद राज्य शासन और छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने लिखित में अपनी गलती होना स्वीकार किए हैं। राज्य शासन व लोक सेवा आयोग छत्तीसगढ़ द्वारा उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ के निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में किसी भी स्तर पर चुनौती नहीं दी गई है। 

    पत्र में यह भी बताया गया कि राज्यपाल द्वारा राज्य शासन और लोक सेवा आयोग छत्तीसगढ़ को अपनी गलती सुधार कर नई चयन सूची जारी करने हेत निर्देशित किया गया है। स्वयं लोक सेवा आयोग ने अपने तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक बीपी कश्यप के खिलाफ चार्जशीट में यह आरोप उल्लेखित किया है कि प्रारंभिक परीक्षा 2003 में अनुत्तीर्ण अभ्यार्थियों का चयन किया गया है एवं परीक्षा केन्द्रों में उन्हें दोषी सिद्ध होने पर राज्य शासन द्वारा दण्डित भी किया गया है।

    खुद सरकार की जांच एजेंंसी एण्टी करप्शन ब्यूरो द्वारा उक्त परीक्षा परिणाम पर हुए व्यापक अनियमितताओंपर एफआईआर दर्ज कर भादवि 13 (1) डी, 13 (2) डी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विस्तृत अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार संबंधी 68 पृष्ठ की जांच रिपोर्ट छत्तीसगढ़ शासन और राज्यपाल को प्रेषित किया गया। जेल अफसर ने कहा कि राज्यसेवा परीक्षा-2003 के भ्रष्टाचार का मामला सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली में वर्ष 2016 से आज तक निर्णय हेतु लंबित है। अतएव भ्रष्टाचार से चयनित ऐसे अफसरों को आईएएस जैसे संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक सेवाओं का दायित्व देना न सिर्फ भारतीय प्रशासनिक सेवा बल्कि देश की सुरक्षा के लिए भी संकट पैदा करना होगा। इसलिए सुप्रीम कोर्ट के अंतिम निर्णय तक उन्हें किसी भी प्रकार का प्रमोशन का लाभ न दिया जाए। 

  • अंबिकापुर कलेक्टर ने ऑनलाइन पढ़ाई पर लगाई रोक, रायगढ़ में भी अभिभावको द्वारा ज्ञापन देने की तैयारी…

    अंबिकापुर कलेक्टर ने ऑनलाइन पढ़ाई पर लगाई रोक, रायगढ़ में भी अभिभावको द्वारा ज्ञापन देने की तैयारी…

    अम्बिकापुर। मिली जानकारी के अनुसार अम्बिकापुर के अभिभावक ने ऑनलाइन पढ़ाई को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा था और बच्चों को हो रही मानसिक रूप से तनाव के बारे कलेक्टर को जनकारी दिया अभिभावक का कहना है कि बच्चो के द्वारा लगातार मोबाइल लैपटॉप के कारण आंख की जलन या कमजोरी से बचा जा सके , घंटो बैठने के कारण रीढ़ की हडडी का दर्द से बचा जा सके , ईयर फोन ज्यादा देर तक कान में रहने से सुनने में तकलीफ हो रही है और ये सब कारण सिर में दर्द भी होता है जिसके कारण मानसिक हालत भी अच्छी नहीं होती है। बच्चे को करोना से बचा कर अभिभावक तो रखे है लेकिन मोबाइल और लैपटॉप के रेडीयेशन में अधिक समय तक बच्चे रहने से जरूर समस्या में आ सकते है।अम्बिकापुर कलेक्टर महोदय के द्वारा बच्चो की सेहत को ध्यान में रखते हुए और अभिभावक की परेशानी को समझते हुए ऑनलाइन क्लास को स्थगित किया है।

    रायगढ़ में भी अभिभावक कलेक्टर को ज्ञापन देने की तैयारी में…

    जनकारी आ रही है कि रायगढ़ में भी अभिभावक की समस्या यही है कुछ अभिभावक का कहना है कि बच्चों को मानसिक रूप से तनाव ऑनलाइन की पढ़ाई की वजह से हो रहा है ईयर फोन लगाकर तीन से चार घँटे एक ही जगह पर बैठना पड़ता है और एक ही बिषय पर ध्यान केंद्रित करना पड़ता है अभिभावक का कहना है कि हम लोग मिलकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंप कर ऑनलाइन पढ़ाई पर रोक लगाने की मांग करेंगे।

  • उरला टीआई द्वारा मारपीट करने वाले वायरल हुए वीडियो के कारण, देशभर में छग पुलिस की किरकिरी’ डीजीपी ने दिए सख्त निर्देश…

    रायपुर। आज डीजीपी डी.एम. अवस्थी ने प्रदेश के सभी आईजी-एसपी को सख्त निर्देश जारी करते हुए दो टूक कहा है कि आम नागरिकों से दुर्व्यवहार एवं मारपीट करने वाले पुलिस कर्मियों पर कठोर नियंत्रण किया जाए. यदि कोई पुलिस कर्मी दुर्व्यवहार करता है, तो उसे सीधे निलंबित करते हुए आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए। अवस्थी ने यह निर्देश राजधानी रायपुर के उरला थाना के टीआई द्वारा एक आम आदमी की पिटाई करने के उस वीडियो के बाद दिए हैं, जिसकी वजह से देशभर में छत्तीसगढ़ पुलिस की जमकर किरकिरी हुई थी। वही खुद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट कर इस घटना को अमानवीय करार दिया था।डी एम अवस्थी ने आईजी-एसपी को कड़ा पत्र जारी करते हुए लिखा है कि पूर्व में भी कई बार यह निर्देश जारी किए गए हैं कि आम नागरिकों से पुलिस का व्यवहार सम्मानपूर्वक एवं सहानुभूतिपूर्ण होना चाहिए. हाल ही में कुछ घटनाएं प्रकाश में आई है, जिनमें पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों के द्वारा आम जनता से दुर्व्यवहार एवं जबरन मारपीट की गई है। उन्होंने कहा है कि इस तरह के मामलों की वजह से विभाग में लंबे समय से मेहनत कर रहे ईमानदार और अनुशासित पुलिसकर्मियों की सारी मेहनत पर पानी फिर जाता है और पुलिस की नकारात्मक छवि जनमानस के सामने आती है।

    वही अवस्थी ने सख्त लहजे में कहा है कि हाल ही में घटित इस प्रकार के प्रकरणों पर विभागीय जांच कर तत्काल कड़ी कार्यवाही कराना सुनिश्चित किया जाए।

  • आपबीती: नितिन उपाध्याय को निलंबित करने की मांग,TI की लाठी का शिकार हुआ युवक मां के साथ पहुंचा CSP दफ्तर…

    आपबीती: नितिन उपाध्याय को निलंबित करने की मांग,TI की लाठी का शिकार हुआ युवक मां के साथ पहुंचा CSP दफ्तर…

    रायपुर। राजधानी के बिरगांव में बीच सड़क राहगीरों की पिटाई मामले में टीआई नितिन उपाध्याय को पुलिस विभाग ने सिर्फ लाइन अटैच किया है, लेकिन पीड़ित मां-बेटे ने उसे निलंबित करने की मांग की है. शिकायत लेकर मंगलवार को दोनों सीएसपी दफ्तर पहुंचे, जहां उनकी मुलाकात सीएसपी से नहीं हो सकी, दोनों ने कहा कि हमारे साथ अन्याय हुआ है, थानेदार को कड़ी से कड़ी सजा देते हुए निलंबित करना चाहिए।

    दरअसल रविवार 7 जून को बिरगांव टीआई नितिन उपाध्याय ने कई लोगों पर लाठी से जमकर पिटाई की थी. पिटाई का वीडियो भी सोशल मीडिया में काफी वायरल हुआ, जो कि पुलिस विभाग से लेकर सूबे के मुखिया तक पहुंच गया. टीआई की लाठी का शिकार हुए पीड़ित मितेश गुप्ता और माँ मीरा गुप्ता पहली बार मीडिया के सामने आए और पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी. पिटाई के कारण शरीर पर उपजे चोट के निशान को भी दिखाया।

    माँ मीरा गुप्ता ने बताया कि बेटे के साथ सब्जी लेने गई थी. इसी बीच रास्ते में टीआई खड़ा हुआ था. उसने हमसे पूछा कहा कि कहा गए थे. तब मेरे बेटे ने थैला दिखाते हुए सब्जी खरीदने जाने की बात कही. इतने में बिना किसी वजह के टीआई ने बेटे पर लाठी बरसाना शुरू कर दिया. मैंने छुड़ाने की कोशिश की, तो मुझे भी उसने धक्का दिया. हमारे साथ जो अन्याय किया है, उसकी सजा मिलनी चाहिए. उन्होंने टीआई नितिन उपाध्याय को सस्पेंड करने की मांग की है।

    पीड़ित मितेश गुप्ता ने बताया कि वो मूलत: बिहार के रहने वाले हैं, लेकिन पिछले लंबे समय से बिरगांव में ही रह रहे हैं. पिता दिव्यांग है, वो अकेला घर में कमाने वाला शख्स है. निजी फैक्ट्री में काम करता है, लेकिन चोटिल होने की वजह से काम भी नहीं कर पा रहा. जिससे उसके घर में कमाई का जरिया खत्म हो गया है।

  • थाना प्रभारी को महंगी पड़ी जनता पर दादागिरी, CM ने एक्शन लेते हुए छुट्टी पर भेजा

    थाना प्रभारी को महंगी पड़ी जनता पर दादागिरी, CM ने एक्शन लेते हुए छुट्टी पर भेजा

    रायपुर। रायपुर में एक पुलिस अधिकारी को जनता के साथ दुर्व्यवहार करना महंगा पड़ा। उरला थाना प्रभारी के दुर्व्यवहार का यह वीडियो सोशल मीडिया वायरल हो गया था। दुर्व्यवहार का वीडियो वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री ने तुरंत जांच के आदेश दिए।

    दरअसल, बीरगांव में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जिसे कोरोना संदिग्ध माना जा रहा है. उसके अंतिम संस्कार के लिए प्रशासन की ओर से तैयारी की जा रही थी, इस बीच लोग जमा होने लगे थे, जिसे हटाने के लिए पुलिस कर्मी को लाठी भांजनी पड़ी थी. लेकिन लाठी भांजने के चक्कर में मर्यादा भूल गए और इस पर बना थाना प्रभारी का जनता के साथ दुर्व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस पर लोगों ने गुस्सा जताया।

    जब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तक यह मामला पहुंचा तो उन्होंने थाना प्रभारी के इस कृत्य को अमानवीय कहा। मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर लिखा कि इस मामले पर विभागीय जांच का आदेश दिया गया है, साथ ही थाना प्रभारी को छुट्टी पर भेज दिया गया है।

  • कोरोना काल मे बचाव के लिए जरूरी है आयुर्वेद औषधि – ड़ाॅ आकाश अग्रवाल

    कोरोना काल मे बचाव के लिए जरूरी है आयुर्वेद औषधि – ड़ाॅ आकाश अग्रवाल



    खरसिया। दुनिया भर में फैली कोरोना वायरस की महामारी भारत व दुनिया के लिए किसी भी चुनौती से कम नहीं है, देश व दुनिया में हर एक व्यक्ति कोरोना महामारी से परेशान है। एक ओर शासन-प्रशासन हरेक सरकार चाहे राज्य हो या केन्द्र, जनता की सेवा में कोई कोर कसर नही रहने दे रहे हैं, वहीं दुसरी ओर चिकित्सक, नर्स कम्पाउंडर, सफाई कर्मचारी, समाज सेवी संस्था भी दिन रात एक कर इस मुश्किल समय में आम जनता के साथ खडा नजर आ रहा है। अधिकांश घरों में कोरोना से बचाव के लिए अनेक घरेलु उपाय व नुस्खें भी आजमाए जा रहें है जो कि बहुत कुछ कारगर भी साबित होते दिख रहे है। इसके साथ ही आयुर्वेद औषधी भी लोगो की प्रतिरोधक क्षमता बढाने व कोरोना से बचाने में अहम भूमिका निभा रही है। डाक्टरों के द्वारा भी आयुर्वेद औशधियों के प्रयोंग की सलाह दी जा रही है जिससे की शरीर की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत की जा सकती है।
    कोरोना के संबंध में चर्चा करते हुये नगर के आयुर्वेंद चिकित्सक डाॅ. आकाश अग्रवाल ने बताया की जहा एक ओर भारत आयुर्वेद के जनक के रूप मे जाना जाता है वही इस भीषण कोरोना काल में कोरोना से बचाव व प्रतिरोधक क्षमता बढाने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी आयुर्वेद का लोहा माना है। आयुर्वेदिक औषधियाॅ कोरोना वायरस से बचाव करने काफी हद तक कारगर साबित हो रही है। डाॅ. आकाश अग्रवाल ने बताया की पूरे विश्व में वर्तमान में कोरोना वायरस की कोई प्रभावी दवा अभी तक तैयार नहीं की जा सकी है परन्तु आयुश मंत्रालय भारत सरकार द्वारा अनुसंधान कर आयुर्वेद औषधियों के उपयोग को बढावा देने की बात कही है, जिसे विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी माना है।
    कोरोना वायरस के लक्षणों के संबंध में चर्चा करते हुये डाॅ. आकाश अग्रवाल ने बताया की इस वायरस के मरीजों के प्रमुख लक्षणो में बुखार व शरीर में दर्द, सुखी खांसी, थकान, गले में खरास, दस्त लगना, सर दर्द, सुंघने एवं स्वाद की प्रतीती ना होना, शरीर की त्वचा का बदरंग होना, सांस लेने में तकलीफ होना, सीने में दर्द एवं बोलने और चलने फिरने में तकलीफ होना आदि के अलावा वर्तमान में भारत में बिना लक्षणों वाले भी रोगी बहुत मात्रा में मिल रहे है, जिसके लिए सावधानी बहुत ही आवश्यक है। यह रोग एक संक्रामक रोग है, अर्थात एक व्यक्ति से दुसरे में फैलने वाला रोग है। इस रोग से बचाव के संबंध में डाॅ. आकाश अग्रवाल ने बताया की अनवश्यक घर से ना निकले, उचित दुरी बना कर रखे, हाथों को समय समय पर साबुन एवं पानी या एल्कोहल युक्त सेनेटाइजर से धोते रहे, मास्क का उपयोग करे, बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा का उपयोग ना करे, साथ ही कोरोना से संबंधित कोई भी लक्षण होने पर तत्काल नजदीकी चिकित्सालय जावें या हेल्पलाइन न. 1075 पर संपर्क करे।
    डाॅ. आकाश अग्रवाल ने आगे बताया की अभी तक इस रोग का कोई प्रमाणिक इलाज खोजा नहीं जा सका है ना ही इसकी कोई वैक्सीन ही बन पाई है फिर भी शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढाकर काफी हद तक रोग से बचा जा सकता है। प्रतिरोधक क्षमता बढाने के लिये नियमित रूप से दिनभर गर्म पानी का सेवन करे, नित्य व्यायाम एवं योग करे, पर्याप्त नींद ले, आयुवेद के गिलोय का काढा, त्रिकटु चूर्ण, तालीसादि चूर्ण, अष्वगंधा चूर्ण, आंवला चूर्ण का सेवन किया जा सकता है, साथ ही विटामिन सी एवं ज़िक सेवन करें एवं खान-पान का विषेश ध्यान रखें इन उपायों से कोरोना महामारी से काफी हद तक बचाव हो सकता है।

  • आईडिया नेटवर्क कर रहा ग्राहकों को परेशान

    आईडिया नेटवर्क कर रहा ग्राहकों को परेशान


    खरसिया। नगर में इन दिनों आईडिया के उपभोक्ता काफी परेशान हो रहे है, ग्राहकों द्वारा डीएनडी की सुविधा लेने के बाद भी आईडिया कंपनी से हर दिन मैसेज भेजे जा रहे है। जिससे ग्राहकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा। कस्टमर केयर में बात करने के बाद भी ग्राहकों की कोई सुनवाई नही होने से ग्राहक लगातार परेशान हो रहे। इस विषय मे हमने नगर के कुछ लोगों से बात की और जानना चाहा तो बहुत से लोगों ने कहाँ हाँ हम परेशान है, आइडिया मोबाइल नेटवर्क की सीम उपयोग कर रहे है, और साथ ही हमारे द्वारा डीएनडी की सुविधा लेने के बाद भी आईडिया कंपनी वाले हमको तंग कर रहे बार बार मैसेज भेजकर। और साथ ही खरसिया में 4जी का नेटवर्क भी बहुत खराब है ठीक से काम नही करता। छत्तीसगढ़ में आइडिया की सिम चलाने वाले उपभोक्ताओं की संख्या अधिक होने से छत्तीसगढ़ के अधिकारियों का अपने ग्राहकों के प्रति संवेदनशील ना होना समझ से परे है। इस तरह आइडिया का ग्राहक अपने आप को ठगा सा महसूस करने लगा हैं। एक तरफ देश में 5 जी नेटवर्क की तैयारी चल रही है तो वही आइडिया कंपनी वाले खरसिया में 4जी की सुविधा पूरा भुगतान लेने के बाद भी ठीक से नहीं दे पा रहे हैं।