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  • हाई कोर्ट ने रेलवे बोर्ड से पूछा- छत्तीसगढ़ में क्यों नहीं चलाई जा रहीं पैसेंजर ट्रेनें

    हाई कोर्ट ने रेलवे बोर्ड से पूछा- छत्तीसगढ़ में क्यों नहीं चलाई जा रहीं पैसेंजर ट्रेनें

    बिलासपुर। कोरोना काल में छत्तीसगढ़ में पैसेंजर ट्रेनें चलाने की मांग व स्पेशल ट्रेनों में सीनियर सिटीजन को किराए में छूट नहीं देने को लेकर हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। प्रकरण की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश पीआर रामचंद्र मेनन व जस्टिस पीपी साहू की युगलपीठ ने केंद्र सरकार व रेलवे बोर्ड से पूछा है कि प्रदेश में पैसेंजर ट्रेनें क्यों नहीं चलाई जा रही हैं। उन्होंने मामले में 21 दिन के भीतर जवाब पेश करने का आदेश दिया है।

    मुंगेली नाका के पास रहने वाले वकील सुदीप श्रीवास्तव ने वकील संदीप दुबे के जरिए हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। इसमें कहा गया है कि कोरोना महामारी के चलते मार्च में घोषित लाकडाउन के समय से पूरे देश में केंद्र सरकार के निर्देश पर रेलवे ने ट्रेनों का संचालन बंद कर दिया था। लाकडाउन के बाद देशभर में करीब 151 स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। इन ट्रेनों का नंबर बदल दिया गया है। जबकि, ट्रेन का नाम और रूट वही रखा गया है। वहीं, रेलवे ने किराया बढ़ा दिया है। साथ ही यात्रियों को दी जाने वाली सुविधाओं को समाप्त कर दिया है। स्पेशल ट्रेनों में सामान्य श्रेणी की बोगी हटा दी गई है। सामान्य वर्ग के अलावा गरीब व ग्रामीणों को जरूरत के समय भी महंगी यात्रा संभव नहीं है। पैसेंजर ट्रेन नहीं चलाने से छत्तीसगढ़ के आदिवासी व ग्रामीणों को परेशानी हो रही है। केंद्र सरकार ने महामारी अधिनियम के तहत जारी निर्देश में कहा है कि देश में कोई भी कहीं भी बिना रोकटोक यात्रा कर सकता है। इसके बाद भी रेलवे पैसेंजर ट्रेन छत्तीसगढ़ व आसपास के लिए क्यों नहीं चला रही है। रेलवे का यह निर्णय संविधान में प्रदत्त अनुछेद 19 (1)(ग) का स्पष्ट उल्लंघन है। इस बारे में युगलपीठ के सवाल पर केंद्र सरकार की तरफ से असिस्टेंट सालिसिटर जनरल रमाकांत मिश्रा ने कहा कि याचिका के उठाए गए सवालों का विस्तार से जवाब देने के लिए समय चाहिए। लेकिन, यह विषम स्थिति कोरोना महामारी के चलते उत्पन्न हुई है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने केंद्र सरकार व रेलवे बोर्ड को नोटिस जारी कर तीन सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने को कहा।


    महानगरों में चल रही हैं लोकल ट्रेनें

    याचिकाकर्ता ने यह भी सवाल उठाया है कि रेलवे की ओर से महानगरों में लोकल व मेट्रो ट्रेन शुरू कर दी गई है। जबकि, छत्तीसगढ़ के आदिवासी व ग्रामीणों को लोकल ट्रेन की सुविधा से वंचित रखा गया है।

  • रायपुर ड्रग्स तस्करी मामले में बिलासपुर के 5 रईसजादे गिरफ्तार,नशे का व्यापार करने में मुख्य किरदार निभा रहा था बिलासपुर का आरक्षक!

    रायपुर ड्रग्स तस्करी मामले में बिलासपुर के 5 रईसजादे गिरफ्तार,नशे का व्यापार करने में मुख्य किरदार निभा रहा था बिलासपुर का आरक्षक!

    एसएसपी ने किया खुलासा

    रायपुर ड्रग्स तस्करी मामले में बिलासपुर के 5 रईसजादे गिरफ्तार,नशे का व्यापार करने में मुख्य किरदार निभा रहा था बिलासपुर का आरक्षक, एसएसपी ने किया खुलासा


    नशा के विरूद्ध रायपुर पुलिस का अभियान लगातार जारी अवैध रूप से नशीली एम.डी.एम.ए. का व्यापार करने वाले मुख्य तस्कर सहित 07 आरोपी गिरफ्तार,
    आरोपियों के कब्जे से 93 ग्राम एम.डी.एम.ए. कीमत लगभग 15,00,000/- रूपये किया गया जप्त
    थाना कोतवाली क्षेत्रांतर्गत बैरन बाजार स्थित पाॅलीटेक्निक कालेज पास दिनांक 30.09.2020 को नशीला पदार्थ एम.डी.एम.ए. के साथ आरोपी श्रेयांस झाबक एवं विकास बंछोर को किया गया था गिरफ्तार।
    आरोपियों ने गिरफ्तारी पश्चात् पूछताछ में किया था एम.डी.एम.ए. का अवैध व्यापार करने वाले कुछ बड़े नामों का खुलासा।
    आरोपियों से प्राप्त जानकारी के आधार पर पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री अजय कुमार यादव द्वारा सायबर सेल एवं थाना कोतवाली की संयुक्त टीम का किया गया था गठन।
    टीम द्वारा आरोपियों से प्राप्त जानकारी के आधार पर ड्रग्स रैकेट के सभी कड़ियांे को जोड़ने का किया जा रहा था लगातार प्रयास।
    टीम को इस दौरान जानकारी प्राप्त हुई कि ड्रग्स पैडलर्स इस व्यापार के लिये करते है अपने लिये एक तरह के विशेष नाम का उपयोग।
    आरोपी श्रेयांस झाबक को ‘‘जैक‘‘ अभिषेक शुक्ला को ‘‘डेविड‘‘ एवं मिन्हाज मेमन को ‘‘हनी‘‘ दिया गया था ।
    श्रेयांस झाबक ‘‘जैक‘‘, अभिषेक शुक्ला ‘‘डेविड‘‘ एवं मिन्हाज मेमन ‘‘हनी‘‘ है मुख्य आरोपी।
    टीम द्वारा प्राप्त जानकारी के आधार पर अभिषेक शुक्ला उर्फ डेविड़ को किया गया गिरफ्तार और उसके कब्जे से 93 ग्राम एम.डी.एम.ए. किया गया जप्त।
    आरोपी अभिषेक शुक्ला उर्फ डेविड से प्राप्त जानकारी के आधार पर मोह.मिन्हाज उर्फ हनी, एलेन सोरेन, रोहित आहूजा, राकेश अरोरा, अब्दुल अजीम उर्फ सद्दाम एवं लक्ष्मण गाईन को किया गया गिरफ्तार।
    सभी आरोपी ड्रग्स पैडलर्स के रूप में करते थे काम और राज्य के अलग – अलग जिलों में करते थे ड्रग्स की सप्लाई।
    आरोपी लक्ष्मण गाईन जी.आर.पी. बिलासपुर में है आरक्षक के पद पर पदस्थ।
    दिनांक 30.09.2020 को सूचना प्राप्त हुई थी कि थाना कोतवाली क्षेत्रांतर्गत बैरन बाजार स्थित शासकीय पाॅलीटेक्निक के सामने रोड पर 02 व्यक्ति एम.डी.एम.ए. जैसे वस्तु विक्रय हेतु रखें है। सूचना को श्रीमान् पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय श्री अजय यादव द्वारा गंभीरता से लेते हुये अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर श्री लखन पटले, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अपराध श्री अभिषेक माहेश्वरी, नगर पुलिस अधीक्षक कोतवाली श्री डी.सी. पटेल, प्रभारी सायबर सेल श्री रमाकांत साहू एवं थाना प्रभारी कोतवाली श्री आर.के.पात्रे को आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ने के निर्देश दिये गये। जिस पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम द्वारा उक्त स्थान पर जाकर आरोपियों को चिन्हांकित किया जाकर घेराबंदी कर आरोपी श्रेयांस झाबक पिता रमेश झाबक उम्र-36 वर्ष निवासी पंचशील नगर सिविल लाइन्स रायपुर एवं विकास बंछोर पिता सुरेन्द्र बंछोर उम्र-40 वर्ष निवासी मेन रोड कोटा रायपुर को एम.डी.एम.ए. के साथ रंगे हाथ पकड़ा गया।

    जिस पर टीम द्वारा आरोपियों से प्राप्त जानकारी के आधार पर ड्रग्स के काले कारोबार से जुड़े सभी कड़ियों को जोड़ना प्रारंभ किया गया। टीम द्वारा लगातार 10 दिनों तक काम करते हुये इस काले कारोबार से जुड़े आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की गई इस दौरान टीम को जानकारी प्राप्त हुई कि ड्रग्स के कारोबार से जुड़े हुये आरोपियों द्वारा इस कारोबार को करने हेतु अपने लिये एक विशेष नाम का उपयोग किया जाता है और वे आपस में एक-दूसरे को उस विशेष नाम से ही जानते है। ड्रग्स के कारोबार सबसे पहले मिन्हाज मेमन बिलासपुर में प्रारंभ किया था और कुछ दिनों पश्चात् ही उसने अभिषेक उर्फ डेविड को अपने साथ इस व्यवसाय में शामिल कर लिया।

    दोनों इसी दौरान पुणे जाकर 02 – 03 बार ड्रग्स लेकर रायपुर व बिलासपुर में बिक्री किये थे परंतु पैसे की विवाद को लेकर दोनों के मध्य कुछ दिनों पश्चात् अनबन हो गई थी इसलिये दोनों एक – दूसरे से अलग – अलग कारोबार करने लगे। इसी दौरान ड्रग्स के कारोबार में अभिषेक का अच्छा संपर्क बन चुका था। अलग कारोबार करने के दौरान अभिषेक अपने अन्य साथी एलिन सोरेन के संपर्क में आया। एलिन सोरेन गोवा में रहकर होटल मैजेनमेंट की पढ़ाई करता है इसी दौरान वह गोवा में ड्रग्स का कारोबार करने वाले नाइजीरियन (नीग्रो) के संपर्क में आया तथा वह भी इस व्यवसाय में जुड़ गया। एलिन सोरेन ने गोवा में अभिषेक शुक्ला उर्फ डेविड़ का संपर्क नाइजीरियन (नीग्रो) से कराया तब से अभिषेक अपने पेडलर रोहित आहूजा और राकेश अरोरा के साथ कई बार जाकर ड्रग्स गोवा से लेकर आये और बिक्री करने लगे। लक्ष्मण गाईन जो जी.आर.पी. में आरक्षक के पद पर बिलासपुर में कार्यरत है ने अभिषेक को ड्रग्स के लिये पैसा फायनेंस प्रारंभ कर दिया। अभिषेक और लक्ष्मण बिलासपुर में क्रिकेट खेलने के दौरान संपर्क में आये थे तब से कई बार लक्ष्मण की वर्ना कार से भी ड्रग्स लेने गोवा गये है। दिनांक 27.09.2020 केा भी लक्ष्मण और अभिषेक रायपुर में ड्रग्स की डिलीवरी करने आये थे जो पुलिस को भनक लगने पर भाग गये थे। रोहित और राकेश अरोरा को रायपुर व बिलासपुर में एक बार का ड्रग्स सप्लाई करने पर 1,000/- रूपये अभिषेक द्वारा दिया जाता था। चूंकि राकेश और रोहित गरीब तपके से है इसलिये अभिषेक ने उनको पैसा उधार लेने पर 08 प्रतिशत ब्याज लेकर दबा रखा था और राकेश की एक्टिवा वाहन को भी रख लिया था। दिनांक 27.9.2020 को अभिषेक और लक्ष्मण गाईन के रायपुर आने की भनक सायबर सेल को लग जाने के पश्चात् और विकास बंछोर और श्रेयांस झाबक की गिरफ्तारी पश्चात् पकड़े जाने के डर से अपना मोबाईल फोन रास्ते में फेंक दिये और नया मोबाईल नंबर लेकर अपने रिश्तेदारी में इलाहाबाद जाकर छिप गया था, जिसे तत्परता पूर्वक सायबर सेल की टीम द्वारा इलाहाबाद से हिरासत में लेकर रायपुर लाकर पूछताछ किया गया तो उसने संपूर्ण ड्रग्स रैकेट का खुलासा किया और उसके निशानदेही पर आरोपी अभिषेक उर्फ डेविड द्वारा तिफरा बिलासपुर स्थित घर से 93 ग्राम एम.डी.एम.ए. कीमती लगभग 15,00,000/-रूपये जप्त किया गया। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसके साथ इस काले कारोबार में मिन्हाज मेमन उर्फ हनी एलिन सोरेन, रोहित आहूजा, राकेश अरोरा उर्फ सोनू, लक्ष्मण गाईन एवं अब्दुल अजीज उर्फ सद्दाम जुड़े है।

    जिसके आधार पर आरोपी मोह0 मिन्हाज उर्फ हनी, एलेन सोरेन, रोहित आहूजा, राकेश अरोरा, अब्दुल अजीम उर्फ सद्दाम एवं लक्ष्मण गाईन को बिलासपुर के अलग – अलग स्थानों से पकड़कर गिरफ्तार किया गया। अभिषेक शुक्ला उर्फ डेविड़ आरोपी रोहित आहूजा और राकेश उर्फ सोनू अरोरा के माध्यम से राज्य के बिलासपुर एवं रायपुर जिलों में सप्लाई करते थे। आरोपी लक्ष्मण गाईन के कब्जे से घटना मंे प्रयुक्त हुण्डई वर्ना कार क्रमांक सी जी/04/एच क्यू/1011 को भी जप्त किया गया है। इस तरह से रायपुर पुलिस द्वारा इस ड्रग्स के काले कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क को तोड़ते हुये सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। रायपुर के 05 अन्य ड्रग्स कारोबारी का नाम सामने आया है जो आरोपी श्रेयांस झाबक एवं विकास बंछोर की गिरफ्तारी के बाद से फरार हो गये है, जिनकी पतासाजी की जा रही है। इसके अलावा कई अन्य ग्राहक जो ड्रग्स क्रय करते थे सभी फरार हो गये है, जिनकी पतासाजी की जा रही है। ऐसी जानकारी प्राप्त हुई कि आरोपी मिन्हाज मेमन अपने साथी सद्दाम के साथ रायपुर के कई क्लबों में भी ड्रग्स की सप्लाई करता था, जिसके संबंध में विस्तृत पूछताछ करते हुये जानकारी एकत्रित की जा रही है। आरोपियों द्वारा ड्रग्स की लत लगाने के लिये ग्राहकों को पहले सस्ते दाम में ड्रग्स दिया जाता है और लत लगने के बाद अधिक दामों में बिक्री किया जाता था। रायपुर पुलिस द्वारा ड्रग्स कारोबारियों के विरूद्ध अब तक की पहली व सबसे बड़ी कार्यवाही की गई। नशा का कारोबार करने वाले कारोबारियों के विरूद्ध रायपुर पुलिस का अभियान लगातार जारी रहेगा।

    गिरफ्तार आरोपी

    1. अभिषेक शुक्ला उर्फ डेविड पिता शशिकांत शुक्ला उम्र 26 साल निवासी यदुनंदन नगर तिफरा बिलासपुर।
    2. मोह0 मिन्हाज उर्फ हनी पिता फजल मेमन उम्र 26 साल निवासी राज किशोर नगर बिलासपुर।
    3. एलेन सोरेन पिता जार्ज सोरेन उम्र 22 साल निवासी बंधवापारा सरकण्डा बिलासपुर।
    4. रोहित आहूजा पिता कन्हैया लाल आहूजा उम्र 21 साल निवासी खान बाड़ा जबड़ापारा बिलासपुर।
    5. राकेश अरोरा उर्फ सोनू पिता अशोक अरोरा उम्र 28 साल निवासी कपिल नगर सरकण्डा बिलासपुर।
    6. अब्दुल अजीम उर्फ सद्दाम पिता अब्दुल वहीद उम्र 27 साल निवासी पुराना बस स्टैण्ड बिलासपुर।
    7. लक्ष्मण गाईन पिता सुधांशु गाईन उम्र 32 साल निवासी सिरगिट्टी बिलासपुर
  • गृहमंत्रालय ने सभी राज्यों को जारी की एडवाइजरी, महिला अपराध पर FIR दर्ज करना हुआ अनिवार्य…

    गृहमंत्रालय ने सभी राज्यों को जारी की एडवाइजरी, महिला अपराध पर FIR दर्ज करना हुआ अनिवार्य…

    देश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ रहे अपराधिक मामलों को देखते हुए गृहमंत्रालय ने सभी राज्यों के लिए एडवाइजरी जारी की है।

    जारी एडवाइजरी के मुताबिक अब महिला अपराध पर एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य होगा। मंत्रालय ने आईपीसी और सीआरपीसी के प्रावधान गिनाते हुए कहा कि राज्‍य/केंद्रशासित प्रदेश इनका पालन सुनिश्चित करें। गृह मंत्रालय की ओर से साफ किया गया है कि एडवाइजरी में जारी बातों पर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी.

    गृहमंत्रालय की ओर से जारी एडवाइजरी में क्या है खास

    सरकार की ओर से जारी एडवाइजरी में साफ किया गया है कि संज्ञेय अपराध की स्थिति में एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य है। सरकार ने याद दिलाया है कि कानून में भी जीरो एफआईआर का प्रावधान है। जीरा एफआईआर तब दर्ज की जाती है, जब अपराध थाने की सीमा से बाहर हुआ हो।

    IPC की धारा 166 A(c) के तहत अगर एफआईआर दर्ज नहीं की जाती है तो अधिकारी को सजा का भी प्राधान है।

    सीआरपीसी की धारा 173 में दुष्कर्म से जुड़े किसी भी मामले की जांच दो महीने के अंदर पूरी करने का प्रावधान है। अपराध में जांच की प्रगति जानने के लिए गृह मंत्रालय की ओर से ऑनलाइन पोर्टल बनाया है।

    सीआरपीसी के सेक्‍शन 164-A के अनुसार दुष्कर्म के किसी भी मामले की सूचना मिलने के 24 घंटे के अंदर पीड़िता की सहमति से एक रजिस्‍टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर मेडिकल जांच करेगा।

    सरकार की ओर से बताया गया है कि दुष्कर्म, यौन शोषण व हत्या जैसे संगीन अपराध होने पर फोरेंसिंक साइंस सर्विसिज डायरेक्‍टोरेट ने सबूत इकट्ठा करने गाइडलाइन बनाई है। ऐसे मामलों में फॉरेंसिक सबूत इकट्ठा करने के लिए गाइडलाइन का पालन करना अनिवार्य है।
    इसके साथ ही एडवाइजरी में बताया गया है कि इंडियन एविडेंस एक्‍ट की धारा 32(1) के तहत मृत व्‍यक्ति का बयान जांच में अहम तथ्‍य होगा।

  • प्रदेश के 42 लाख से अधिक परिवारों को मिलेगा मुफ्त नल कनेक्शन, पेयजल आपूर्ति के लिए कार्य योजना तैयार

    प्रदेश के 42 लाख से अधिक परिवारों को मिलेगा मुफ्त नल कनेक्शन, पेयजल आपूर्ति के लिए कार्य योजना तैयार

    रायपुर। राज्य के वनांचलों, अनुसूचित जाति बहुल गांवों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले 42 लाख 54 हजार परिवारों को घर-घर नल कनेक्शन देने काम अगले तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य है। जल जीवन मिशन के तहत इन परिवारों को निशुल्क नल कनेक्शन दिए जाएंगे। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरु रुद्र कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मार्गदर्शन में इस कार्य को तेजी से पूरा करने की कार्ययोजना लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा बनाई गई है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में शुध्द पेयजल की आपूर्ति के लिए कार्ययोजना के अनुसार निविदाकारों को प्रशासकीय स्वीकृति के आधार पर कार्य दिए जा रहे हैं।

    मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल सुविधा के लिए 9485.60 करोड़ रुपए के लागत वाले उच्चस्तरीय जलागार निर्माण, पाईप लाइन विस्तार, सिविल वर्क, घरेलू कनेक्शन, क्लोरिनेटर एवं पॉवर पंप स्थापना के कार्य के लिए निविदाकारों को काम दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में पहली बार मंत्रिमण्डल के अनुमोदन के उपरांत निविदाकारों के लिए रूचि की अभिरूचि के माध्यम से दरें प्राप्त कर औचित्य दर प्रतिपादित की गई। उन्होंने बताया कि राज्य के ग्रामीण परिवारों को घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से तय समय-सीमा सितंबर 2023 तक पेयजल प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। द्वितीय चरण में जल जीवन मिशन के कार्यों के लिए दर अनुबंध (कान्ट्रेक्ट) करने वाले 1326 इम्पेनल्ड निविदाकारों की सूची विभाग द्वारा जारी की गई है, इन निविदाकारों को जल्द ही प्रशासकीय स्वीकृति के आधार पर 7080 करोड़ रुपए के कार्य दिए जाएंगे।

    मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सभी विभागों को निर्माण कार्यों के लिए नए एसओआर लागू करने कहा था लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा सबसे पहले राज्य में अपना नया यूएसओआर-2020 जारी कर निर्माण-संधारण संबंधी कार्य में लागू किया गया है। नए एसओआर की दरें लागू होने से पेयजल आपूर्ति संबंधी अद्योसंरचना के निर्माण में कम राशि खर्च होगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था के लिए पहली बार वृह्द स्तर पर टंकी निर्माण, पाईपलाइन बिछाने के कार्य और घरेलू कनेक्शन इत्यादि कार्य तेजी से होगा। प्रमुख अभियंता एम.एल. अग्रवाल ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए दर अनुबंध (कान्ट्रेक्ट रेट) करने वाले 1326 निविदाकारों में 872 सी और डी श्रेणी, 454 ए और बी श्रेणी के निविदाकार शामिल हैं। उन्होंने बताया कि सी और बी श्रेणी के निविदाकारों को यथासंभव उनके स्वयं के जिले में ही कार्य आबंटित किए जाएंगे।

  • 100 करोड़ से ज्यादा टर्नओवर पर ई-इनवॉइस जरूरी, 1 जनवरी, 2021 से होगा लागू

    100 करोड़ से ज्यादा टर्नओवर पर ई-इनवॉइस जरूरी, 1 जनवरी, 2021 से होगा लागू

    नए साल से ई-इनवॉइस प्रणाली में बदलाव होने जा रहा है। अब 1 जनवरी, 2021 से 100 करोड़ रुपये से ज्यादा टर्नओवर वाले कारोबारियों के लिए बिजनेस-टू-बिजनेस लेनदेन पर ई-इनवॉइस जरूरी हो जाएगा।विज्ञापनवित्त सचिव अजय भूषण पांडेय ने शुक्रवार को कहा, ई-इनवॉइसिंग प्रणाली वर्तमान में जीएसटी रिटर्न दाखिल करने के लिए सिस्टम से चल रहे छोटे कारोबारियों और सूक्ष्म, लघु एवं मझोले कारोबारियों के लिए लाभकारी होगी।

    इसके अलावा, 1 अप्रैल, 2021 से सभी करदाताओं के लिए बिजनेस-टू-बिजनेस लेनदेन पर ई-इनवॉइस जरूरी होगा। जीएसटी कानून के तहत ऐसे लेनदेन के लिए 1 अक्तूबर से 500 करोड़ से अधिक टर्नओवर वाली कंपनियों के लिए ई-इनवॉइस जरूरी किया गया है।

    पांडेय ने कहा, यह फिजिकल इनवॉइस की जगह लेगा और जल्द ई-वे बिल प्रणाली को हटा देगा। ई-इनवॉयस प्रणाली लागू होने के 7 दिन में इनवॉइस रिफरेंस नंबर जेनरेशन 163 फीसदी बढ़ गया है।

    जीएसटी में 61 करोड़ की धोखाधड़ी का खुलासा
    जीएसटी खुफिया महानिदेशालय (डीजीजीआई) ने कुछ निर्यातक कंपनियों की ओर से धोखाधड़ी से इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) और नकद रिफंड के रूप में 61 करोड़ हथियाने का खुलासा किया है।

    शुक्रवार को बयान में कहा गया कि आईटीसी का फायदा उठाकर उसका इस्तेमाल निर्यात की गई वस्तुओं पर आईजीएसटी चुकाने के लिए हुआ। बाद में उसके नकद रिफंड का दावा किया गया। इस तरह सरकारी खजाने को दोहरा नुकसान पहुंचा।

  • SP ने वसूली कर रहे SI को फोन पर ही किया सस्पेंड, बोले- तुम पुलिस के नाम पर कलंक हो

    SP ने वसूली कर रहे SI को फोन पर ही किया सस्पेंड, बोले- तुम पुलिस के नाम पर कलंक हो

    सागरकुछ दिन पहले ही सागर जिले के देवरी पहुंचे SI विवेक शर्मा को SP अतुल सिंह ने तत्काल सस्पेंड कर दिया। मामला तब का है जब SI विवेक अपनी निजी कार से देवरी से 10 किलोमीटर दूर डोंगर सलैया रोड पर रेत डंफरों से पैसे वसूल रहे थे। इस बीच किसी डम्फर ड्राइवर से विवेक शर्मा ने 50 हजार की मांग कर दी। ड्राइवर ने यह बात अपने मालिक को बता दी। मौके पर पहुंचे मालिक ने अपने मोबाइल का कैमरा ऑन कर SI की रिकॉर्डिंग करना शुरू कर दी, और डम्फर मालिक ने ऑन स्पॉट SP अतुल सिंह को पूरे मामले की जानकारी दी। इस बीच SP ने फोन पर ही SI को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया साथ ही कहा कि 5 मिनट में उस जगह से चले जाओ वरना गिरफ्तार करवा दूंगा।
    SP अतुल सिंह ने फोन पर SI से कहा कि प्रोबेशन पीरियड में तुम क्या काम कर रहे हो, किसने अधिकार दिया तुम्हें ट्रकों को चेक करने का। SI के पास SP के इन सवालों का जवाब नहीं था, लेकिन उसने कहा कि उसके सामने से रेत से भरे ट्रक जा रहे थे जिस पर उन्होंने कार्रवाई की है। यह सुनकर SP ने फिर पूछा कि आखिर आपको आदेश दिया किसने ये कार्रवाई करने का, इसके बाद एसपी ने तत्काल प्रभाव से फोन पर ही एसआई को सस्पेंड कर दिया साथ ही कहा कि तुम जैसे लोग कलंक हैं पुलिस के नाम पर।

    बता दें कि ये घटना सुबह करीब सात बजे की है जब देवरी में नए पहुंचे SI विवेक शर्मा ने तीन रेत के डम्फर बिना किसी आदेश के रोक लिये और इनकी रॉयल्टी उन्होंने अपने पास रख ली। इस दौरान ट्रक मालिकों ने एस.आई. विवेक शर्मा से मोबाइल की वीडियो रिकॉर्डिंग चालू कर बात की और उनसे इस बात को जानना चाहा कि जब कोई आदेश नहीं है तब किस आधार पर ट्रकों को रोक रहे हैं साथ ही तीन ट्रकों के अलावा बाकी ट्रकों को किस आधार पर जाने दे रहे हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि वह 50 हजार किस आधार पर मांग रहे हैं जिसका वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद ही डम्फर मालिकों ने एसपी को मामले की जानकारी दी और एसपी ने तुरंत ही एसआई विवेक शर्मा को सस्पेंड कर दिया। साथ ही ये भी कहा कि भोपाल हेडक्वार्टर में बात करके तुम्हारी सेवा ही समाप्त करवा दूंगा।

  • हमले के खिलाफ जुटे पत्रकार, इंसाफ की आस में निकाली न्याय यात्रा, राज्यपाल के आग्रह के बाद आंदोलन स्थगित

    हमले के खिलाफ जुटे पत्रकार, इंसाफ की आस में निकाली न्याय यात्रा, राज्यपाल के आग्रह के बाद आंदोलन स्थगित

    • कांकेर के पत्रकार कमल शुक्ला और सतीश यादव के साथ कांग्रेस नेताओं ने की थी मारपीट
    • कमल शुक्ला की बेटी ने जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया, कार्रवाई करने की तैयारी में सरकार

    रायपुर की सड़कों पर रविवार को पत्रकार एकता जिंदाबाद के नारे गूंज रहे थे। बस्तर, सरगुजा समेत ओडिशा और एमपी से भी पत्रकार रायपुर पहुंचे थे। कांकेर में पत्रकारों पर हुए हमले के खिलाफ शहर में पत्रकार न्याय यात्रा निकाली गई। धरना स्थल से होती हुई यह यात्रा राजभवन की ओर निकली।

    आकाशवाणी के पास पुलिस ने पत्रकारों को रोका। इसके बाद पत्रकारों का एक प्रतिनिधी मंडल राज्यपाल अनुसुइया उइके से मिलने राजभवन पहुंचा। राज्यपाल ने पत्रकारों की बात को सुनकर मामले में दोषियों पर कार्रवाई का समर्थन किया। उन्होंने पिछले 9 दिनों जारी पत्रकार कमल शुक्ला के अनशन को खत्म करने का आग्रह किया। इसे स्वीकारते हुए कमल शुक्ला की बेटी ने जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया ।

    कमल शुक्ला ने अनशन खत्म किया। - Dainik Bhaskar
    कमल शुक्ला ने अनशन खत्म किया

    आप निडर होकर काम करें
    राज्यपाल ने कहा कि मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है। आप सभी निडर होकर काम करें और जनसमस्याओं को सामने लाएं। राज्यपाल ने कहा कि पत्रकारों के द्वारा सुदूर एवं संवेदनशील क्षेत्र में कार्य कर शासन के समक्ष जिस प्रकार जनसमस्याओं को सामने लाया जाता है, वह सराहनीय है। साथ ही मीडिया के माध्यम से जनता तक शासन की कल्याणकारी नीतियां भी पहुंचती है। इस प्रकार मीडिया शासन और जनता के मध्य सेतु की भूमिका निभाते हैं।

    राज्यपाल से मिला पत्रकारों का प्रतिनिधी मंडल। - Dainik Bhaskar
    राज्यपाल से मिला पत्रकारों का प्रतिनिधी मंडल

    राज्यपाल ने कहा कि आप लोगों के साथ न्याय होगा। कांकेर में पत्रकारों के साथ जो घटना घटित हुई है, इस संबंध में शासन से रिपोर्ट मंगाकर न्यायोचित और निष्पक्ष कार्यवाही की जाएगी और दोषियों को कड़ा से कड़ा दंड दिलाया जाएगा। राज्यपाल से मिले सकारात्मक आश्वासन के बाद फिलहाल पत्रकारों का आंदोलन स्थगित हो गया है। करीब 14 दिन पहले कांग्रेस नेता गफ्फार मेमन ने अपने साथियों के साथ मिलकर कमल शुक्ला और सतीश यादव को बीच बाजार पीट दिया था। इस मामले में सरकार ने अब कांकेर थाने के प्रभारी को हटाया है, पुलिस अधिकारियों की एसआईटी गठित की है।

  • सर्वे के अनुसार आज भी टीवी से ज्यादा अखबार भरोसेमंद….

    सर्वे के अनुसार आज भी टीवी से ज्यादा अखबार भरोसेमंद….

    दिल्ली। देश में दो-तिहाई या 66.5 फीसदी लोगों का मानना है कि अखबार अभी भी सूचना का सबसे महत्वपूर्ण स्रोत हैं। हालांकि 29.2 फीसदी लोग इससे सहमत नहीं थे। आईएएनएस और सी वोटर मीडिया ट्रैकर के सर्वे में यह बात सामने आई है। सर्वे में शामिल 63.1 फीसदी लोगों ने माना कि कोरोना के बाद पाठकों के लिए अखबार अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं, जबकि 31.2 फीसदी इससे असहमत थे। 75.5 फीसदी ने कहा कि वे अखबार पढऩा इसलिए पसंद करते हैं कि उसमें सभी खबरें और घटनाक्रम सही ढंग से दी जाती हैं, जबकि 12.5 फीसदी ऐसा नहीं मानते हैं। सर्वे में 72.90 फीसदी लोगों ने कहा कि टीवी न्यूज चैनलों की बहस की तुलना में अखबार की रिपोर्ट अधिक जानकारी देती है, जबकि 21.50 फीसदी लोग इससे असहमत थे। सर्वे में पाया गया कि न्यूज को फोन पर सक्रिय रूप से साझा किया जाता है। सर्वे में 68.1 फीसदी लोगों ने कहा, जब मैं कुछ महत्वपूर्ण पढ़ता हूं, तो मैं इसे फोन पर अन्य लोगों से साझा करता हूं। हालांकि, टीवी की पहुंच को देखते हुए 40 फीसदी लोगों ने टीवी न्यूज चैनलों को सूचना के सबसे भरोसेमंद स्रोत के रूप में पहचाना। वहीं 29.2 फीसदी ने इस मामले में अखबार को तवज्जो दी।

  • आधार अब एटीएम कार्ड की तरह दिखेगा, पाने का यह है आसान तरीका…

    आधार अब एटीएम कार्ड की तरह दिखेगा, पाने का यह है आसान तरीका…

    मौजूदा समय में आधार कार्ड सबसे अहम दस्तावेजों में से एक है। पहोले यह एक कागज का कार्ड होता था लेकिन, अब आपका आधार कार्ड बैंक एटीएम की तरह होगा। अब यह एक नये अवतार में दिखने लगेगा। अब इसे रखने के लिए अलग से लैमिनेट नहीं कराना पड़ेगा। आधार बनाने वाली संस्था UIDAI ने ट्वीट कर बताया है कि अब आधार कार्ड को PVC कार्ड पर रिप्रिंट कराया जा सकता है। यह कार्ड आपके एटीएम या डेबिट कार्ड की तरह आसानी से वॉलेट में आ जाएगा। यूआईडीएआई ने एक ट्वीट कर लिखा, ‘आपका आधार अब सुविधाजनक साइज में होगा, जिसे आप आसानी से अपने वॉलेट में रख सकेंगे।

    नए आधार कार्ड में क्या है खास

    आधार पीवीसी कार्ड पूरी तरह से मौसम प्रूफ, शानदार प्रिंट और लैमिनेटेड है। आप अब इसे हर जगह ला सकते हैं,  इसके बारे में चिंता किए बिना कि बारिश से भी इसे नुकसान हो सकता है। अपने आधार पीवीसी को अब ऑनलाइन ऑर्डर कर मंगवा सकते हैं। वहीं प्लास्टिक कार्ड के रूप में नया आधार टिकाऊ है, दिखने में आकर्षक है और लेटेस्ट सिक्योरिटी फीचर्स से लैस है। सिक्योरिटी फीचर्स में होलोग्राम, गिलोच पैटर्न, घोस्ट इमेज और माइक्रोटेक्स्ट होगा। इस कार्ड को बनाने के लिए 50 रुपये का खर्च देना होगा।

    ऐसे पा सकते हैं नया आधार पीवीसी कार्ड

    • नया आधार पीवीसी कार्ड के लिए आपको यूआईडीएआई की वेबसाइट पर जाएं।
    • यहां ‘My Aadhaar’ सेक्शन में जाकर ‘Order Aadhaar PVC Card’ पर क्लिक करें।
    • इसके बाद आप आधार का 12 डिजिट का नंबर या 16 डिजिट का वर्चुअल आईडी या 28 डिजिट का आधार एनरोलमेंट आईडी (EID) डालें।
    • अब आप सिक्योरिटी कोड या कैप्चा भरें और ओटीपी के लिए ​Send OTP पर क्लिक करें।
    • इसके बाद रजिस्टर्ड मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी को दी गई खाली जगह में भरें और सबमिट करें।
    • अब आपको आधार पीवीसी कार्ड का एक प्रीव्यू आपको सामने होगा।
    • इसेक बाद आप नीचे दिए गए पेमेंट ऑप्शन पर क्लिक करें।
    • इसके बाद आप पेमेंट पेज पर चले जाएंगे, यहांआपको यहां 50 रुपये की फीस जमा करनी होगी।
    • पेमेंट पूरा करने के बाद आपके आधार पीवीसी कार्ड का ऑर्डर प्रोसेस पूरा हो जाएगा

    पूरी प्रोसेस कंप्लीट हो जाने के बाद यूआईडीएआई पांच दिन के अंदर आधार प्रिंट करके भारतीय डाक को सुपुर्द कर देगा। इसके बाद डाक विभाग स्पीड पोस्ट के जरिए उसे आपके घर तक पहुंचा देगा। इसके अलाव आप नीचे दिए गए लिंक के जरिए सीधे ऑनलाइन आर्डर कर सकते हें

  • छत्तीसगढ़ व्यापारी के 17 साल के पुत्र का आधी रात IPL मैच में हारे पैसों के लेनदेन को लेकर अपरहण आशंका…माँगी 50 लाख की फिरौती..

    छत्तीसगढ़ व्यापारी के 17 साल के पुत्र का आधी रात IPL मैच में हारे पैसों के लेनदेन को लेकर अपरहण आशंका…माँगी 50 लाख की फिरौती..

    छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में 17 साल के नाबालिग बच्चे का अपहरण का मामला सामने आया है. अपहृत बच्चा उड़ता पंजाब नाम के ढाबा संचालक बलजीत सिंह सेठिया का बेटा है।
    इस मामले पर सोमानी पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के
    ख़िलाफ़ अपराध दर्ज कर बच्चे की खोजबीन शुरू कर दी है।

    सोमनी थाना प्रभारी राजपूत ने बताया कि अपरहणकर्ताओं ने नाबालिग के पिता को फोन कर 40 से 50 लाख की फिरौती की मांग की है. पीड़ित के शिकायत के आधार पर अपरहण का अपराध पंजीबद्ध कर जांच की जा रही है. जल्द ही इस मामले में आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।

    IPL से जुड़ा मामला

    जानकारी के अनुसार आईपीएल मैच में हारे पैसों की देनदारी
    के चलते रायपुर, भिलाई, महासमुंद और सरायपाली के
    खाईवालों के द्वारा अपहरण की आशंका है. फ़िलहाल सोमानी
    थाना में धारा 363, 364 (A), 384 के तहत अपराध दर्ज
    कर लिया गया है।

    तलाश में दो ज़िले की पुलिस टीम

    इधर अपराध दर्ज होने के बाद 17 साल के नाबालिग बच्चे की तलाश में दुर्ग, राजनांदगांव पुलिस की कई टीमें जुट गई है.
    सूचना है कि भिलाई के ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ लल्लू का नाम
    सामने आया है।

    कल रात में ही ढाबा संचालक की पत्नी को दूरभाष पर किसी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह उर्फ लल्लू के द्वारा 50 लाख रुपए की फिरौती मांगी एवं कहां कि…

    “भाभी जी भैया का फोन लग नहीं रहा है। इसलिए आपको जानकारी दे रहा हूं। आपका बेटा हमारे पास सुरक्षित है।”

    इस मामले में सोमनी पुलिस के द्वारा जिस नंबर से फिरौती की मांग की गई थी। उसे ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है। दूसरी ओर अपहृत बालक के संबंध में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। दूसरी ओर घटना के बाद से ही बच्चे की मां का रो – रो कर बुरा हाल है । लगातार घर पर परिजन पहुंच रहे हैं।