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  • रिटायर्ड IAS विवेक ढांड और MK राउत मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले को किया रद्द….

    रिटायर्ड IAS विवेक ढांड और MK राउत मामले में सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले को किया रद्द….

    दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी विवेक ढांड और एम के राउत के द्वारा स्पेशल लीव पिटीशन दायर की गई थी, जिसमें सर्वोच्च न्यायालय के तीन न्यायधीशों ने एक आदेश जारी किया है. जिसमें छत्तीसगढ उच्च न्यायालय के द्वारा एक जनहित याचिका में पारित किए गये आदेश को रद्द कर दिया है।

    इस आदेश में माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने छत्तीसगढ़ शासन के समाज कल्याण विभाग विभाग में आरोपित भ्रष्टाचार के सदंर्भ में केंद्र सरकार की जॉच एजेंसी सीबीआई को एफआईआर दर्ज कर इस मामले की जांच करने के लिए निर्देशित किया था. वरिष्ठ अधिवक्ता परमजीत सिंह पटवालिया और अधिवक्ता अवि सिंह अपीलार्थीगण की ओर से बहस करते हुए तर्क पेश किए कि उपरोक्त आदेश अरक्षणीय है. इसमें प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन किया गया है, क्योंकि इसमें न्यायालय में अफसरों के खिलाफ आदेश जारी करने के पूर्व उन्हें नोटिस जारी नहीं किया था।

    उन्होंने कहा कि उसी विभाग के असंतुष्ट कर्मचारियों ने यह जनहित याचिका लगाकर न्यायालय के क्षेत्राधिकारिता का दुरूपयोग किया है. वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने यह तर्क पेश किया कि उच्च न्यायालय बिना किसी जांच के आरोपित कई हजार करोड़ रूपये के फंड के दुरूपयोग के निष्कर्ष पर पहुंच गई, जो कि जनहित याचिकाकर्ताओं के महज कपोलकल्पित आंकड़ों पर आधारित है. छत्तीसगढ़ शासन की ओर से वष्ठि अधिवक्ता सतीशचंद्र वर्मा महाधिवक्ता और मुकुल रोहतगी ने तर्क पेश किए।

    तर्कों को सुनने बाद सर्वोच्च न्यायालय ने यह मानते हुए कि माननीय उच्च न्यायालय के द्धारा आदेश जारी करने की प्रकिया का त्रुटिपूर्ण थी, अमान्य कर दिया. मामले को सर्वोच्च न्यायालय को रिमांड बैक करते हुए सभी पक्षों को सुनते हुए विधिसम्मत तरीके से मामले की सुनवाई करने का निर्देश दिया है. वहीं इस दौरान सीबीआई को भी किसी भी तरह की विपरीत कार्रवाई करने से रोकने का आदेश दिया है।

  • महिला इंस्पेक्टर ने एस पी पर लगाया गंभीर आरोप, तंग आकर गृह विभाग से की वीआरएस की मांग…

    महिला इंस्पेक्टर ने एस पी पर लगाया गंभीर आरोप, तंग आकर गृह विभाग से की वीआरएस की मांग…

    पटना। सीनियर इंस्पेक्टर अजय सिंह के बाद अब बिहार पुलिस के स्पेशल ब्रांच के एसपी (ए) दीपक वर्णवाल के खिलाफ महिला इंस्पेक्टर सामने आई हैं. ये मामला और भी गंभीर है. महिला इंस्पेक्टर अंशु कुमारी ने एसपी पर विभागीय कार्रवाई के दौरान मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है. महिला इंस्पेक्टर एसपी के व्यवहार से इतनी परेशान हो गई हैं कि उन्होंने रिटायरमेंट से नौ साल पहले ही विभाग को वोलंटरी रिटायरमेंट के लिए पत्र लिखा है और जल्द से उन्हें वीआरएस दे देने की मांग की है.

    दरअसल, महिला इंस्पेक्टर पर साल 2012 के एक मामले में विभागीय कार्रवाई चल रही है. इस कार्रवाई के संचालन प्रभारी एसपी (ए) दीपक वर्णवाल हैं. अंशु का आरोप है कि कार्रवाई के दौरान एसपी (ए) काफी परेशान करते हैं. साथ ही असंसदीय भाषा का भी प्रयोग करते हैं. उनके इस व्यवहार से उनसे साथ ही उनका पूरा परिवार परेशान और दुखी है। बड़े डॉक्टर की बीवी हैं अंशु अंशु ने कहा, ” दीपक वर्णवाल बड़े अधिकारी हैं और महिलाकर्मी होकर मैं उनसे लड़ नहीं सकती. साथ बेईज़्ज़त और जलील होकर काम भी नहीं कर सकती. ऐसे में मैंने चुपचाप वीआरएस लेने का फैसला लिया और इस बाबत 26 जुलाई, 2021 को ही बेगूसराय के एसपी को एक पत्र लिखा. पत्र की कॉपी डीजीपी, आईजी हेडक्वार्टर और बेगूसराय के डीआईजी को भेज दी गई थी. लेकिन फिर शुक्रवार को सीनियर इंस्पेक्टर अजय सिंह का मामला सामने आया, जिसके बाद मुझमें हिम्मत मिली और मैंने सारी बातें सबके सामने रख दीं.” बता दे कि अंशु पटना के एक बड़े डॉक्टर की बीवी हैं. पहले वो पुलिस विशेष शाखा में ही पदस्थापित थी. बीते दिनों उनका तबादला बेगूसराय हुआ था. इधर, इस पूरे मामले को बिहार पुलिस एसोसिएशन ने गंभीरता से लिया है. इस संबंध में एसोसिएशन के अध्यक्ष मृत्युंजय सिंह ने कहा, ” पुलिस निरीक्षक अंशु कुमारी ने फ़ोन पर उनके साथ हुए दुर्व्यवहार के बारे में जानकारी दी. यह घटना काफी ही गंभीर है. एक महिला पुलिस इंस्पेक्टर के साथ इस तरह का अभद्र व्यवहार करना, जिससे मजबूरन उसे वीआरएस के लिए आवेदन देना पड़े, काफ़ी गंभीर और पहला मामला है. इस गम्भीर मुद्दों को बिहार पुलिस एसोसिएशन का शिष्टमंडल पुलिस मुख्यालय और सरकार में रखेगा.”

  • डेथ सर्टिफिकेट में कोविड मौत जरूरी नही, कोरोना से मरने वाले के परिजनों को 30 दिनों के भीतर मिलेगी अनुग्रह राशि – SC

    डेथ सर्टिफिकेट में कोविड मौत जरूरी नही, कोरोना से मरने वाले के परिजनों को 30 दिनों के भीतर मिलेगी अनुग्रह राशि – SC

    सुप्रीम कोर्ट में कोविड से मौत (Covid Death) पर मुआवजे को लेकर चल रहे मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति एमआर शाह (Justice MR Shah) और न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना (Justice AS Bopanna) की पीठ ने कहा कि मृतक के परिजन को न्यूनतम 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी।

    पीठ ने कहा कि राज्य या केंद्र सरकार अलग से भी मुआवजे (compensation) की राशि बढ़ा सकती हैं। यह राशि आधार लिंक होगी और डायरेक्टर बेनिफिट ट्रांसफर प्रोसेस से मृतक के परिजनों को राशि मिलेगी। लाभार्थियों की सूची प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रकाशित करनी होगी।

    कोरोना के चलते आत्महत्या करने वालों के परिवारों को मिलेगा लाभ

    सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि कोरोना होने के चलते आत्महत्या करने वालों के परिवार को भी मदद मिलेगी। यह राशि राज्य सरकार अपने आपदा प्रबंधन कोश (disaster management fund) से देंगी। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को आवेदन करने के 30 दिन के भीतर मुआवजे की राशि उपलब्ध करानी होगी।

    डेथ सर्टिफिकेट में कोविड मौत जरूरी नही

    एक अहम व्यवस्था में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कोई सरकार इस आधार पर मुआवजा (compensation) देने से मना नहीं कर सकती कि डेथ सर्टिफिकेट में कोविड को मौत (Covid death) की वजह  नही बताया गया है। अगर सर्टिफिकेट पहले ही जारी किया जा चुका है और परिवार के किसी सदस्य को आपत्ति है तो वह संबंधित अवॉरिटी में अपील कर सकते हैं।

    कैसे मिलेगा मुआवजा राशि

    केंद्र की ओर से पिछली सुनवाई पर सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि अनुवाह राशि के लिए कोविड डेथ (Covid death) सर्टिफिकेट पेश करना होगा। राज्य सरकारें एसडीआरएफ से यह पैसे देगी और डिस्ट्रक्ट डिजास्टर मैनेजमेंट अथोरिटी (disaster management authority) पैसे का वितरण करेगी। इसके लिए जो भी दावेदार होगा वह संबंधित अथॉरिटी के सामने जरूरी दस्तावेज और डेथ सर्टिफिकेट (death certificate) पेश करेगा और दस्तावेज पेश होने के बाद उसे वेरिफाई किया जाएगा और 30 दिनों के भीतर उसे अनुग्रह राशि दी जाएगी।

  • शिविर लगाकर बिजली बिल संबंधी समस्याओं का किया गया निराकरण….

    शिविर लगाकर बिजली बिल संबंधी समस्याओं का किया गया निराकरण….


    रायगढ़। “घर में एक टीवी, पंखा व 4 एलईडी बल्ब, भेज दिया 50 हजार का बिल” के संबंध में समाचार पत्र में खबरे प्रकाशित हुई थी। जिसके संबंध में कार्यपालन यंत्री छ.ग. स्टे.पॉ.डिस्ट्री.कं.लिमि.रायगढ़ श्री गुंजन शर्मा ने बताया कि रायगढ़ के कोड़ातराई उपसंभाग के दो ग्राम मिड़मिड़ा एवं लंहगापाली में कुछ उपभोक्ताओं को एकमुश्त खपत के विद्युत देयक जारी होने की शिकायत में आने पर इसकी सूक्ष्म जांच करायी गई। जिसमें मेसर्स-इन्फो-सॉफ्ट डाटा सर्विसेस प्रा.लिमिटेड द्वारा ग्राम मिड़मिड़ा के 17 घरेलू प्रकाश-पंखे उपभोक्ता एवं ग्राम लंहगापाली के 2 घरेलू प्रकाश-पंखे उपभोक्ताओं को एकमुश्त वाचन/खपत के आधार पर माह जुलाई 2021 का देयक भेजा गया। विगत कुछ माहों में उपभोक्ताओं को उनके परिसर में दिए गए स्पॉट बिल में अंकित वर्तमान वाचन तथा कंपनी द्वारा संचालित सॉफ्टवेयर-मिडिलवेयर में अंकित वाचन में अंतर पाया गया है। जिसकी पुष्टि हेतु प्राथमिक तौर पर कोड़तराई उपसंभाग के ग्राम-मिड़मिड़ा एवं ग्राम-औरदा के उपभोक्ताओं के विद्युत देयक की जांच की गई।
    जिनके अवलोकन से यह स्पष्ट हो रहा है कि मेसर्स इन्फो-सॉफ्ट डाटा सर्विसेस लिमिटेड द्वारा स्पॉट पर दिए जा रहे विद्युत देयक एवंं उनके सॉफ्टवेयर-मिडिलवेयर में अंकित वाचन में बड़ा अंतर पाया गया। जिसके परिणाम स्वरूप ही उपभोक्ताओं को एकमुश्त खपत का विद्युत देयक जारी हुआ है। कार्यपालन यंत्री श्री शर्मा ने बताया कि इस संबंध में कंपनी को नोटिस जारी किया गया। नोटिस जारी करने के 24 घंटे के अंदर उत्तर प्राप्त नहीं होने की स्थिति में कंपनी के विरूद्ध कार्यवाही करने पुलिस को पत्र लिखा गया है। उन्होंने आगे बताया कि उपभोक्ताओं के समस्याओं का निराकरण की दृष्टि से ग्राम-मिड़मिड़ा में 22 सितम्बर 2021 को शिविर आयोजित कर सभी उपभोक्ताओं की समस्याओं का निराकरण कर दिया गया है। इसके साथ ही ग्राम-मिड़मिड़ा के कुछ उपभोक्ताओं के परिसर की जांच की गई। जांच में घरों में उपभोक्ता के द्वारा भोजन पकाने हेतु हीटर का उपयोग किया जाना पाया गया। जिसके कारण उनके खपत में वृद्धि हुई। चूंकि उपभोक्ता बीपीएल श्रेणी के अंतर्गत आते है जिससे वर्ष भर में 1200 यूनिट से अधिक खपत करने के पश्चात कंपनी नियमानुसार उपभोक्ताओं की श्रेणी बीपीएल से घरेलू में स्वत: ही परिवर्तित हो गई। उक्त बात की जानकारी उपभोक्ताओं को दी गई। उपभोक्ताओं को राहत देते हुए उनके विद्युत देयक का स्लैब में बिलिंग कर बिल की राशि में कमी की गई तथा उपभोक्ताओं को भुगतान हेतु किश्ती की भी सुविधा प्रदान की गई।

  • शाहरुख ने अपने बेटे को धैर्य रखने की दी सलाह, शाहरुख खान और पत्नी गौरी खान को भी था पता कि उनका बेटा लेता है ड्रग्स….

    शाहरुख ने अपने बेटे को धैर्य रखने की दी सलाह, शाहरुख खान और पत्नी गौरी खान को भी था पता कि उनका बेटा लेता है ड्रग्स….

    एनसीबी की जांच में नया खुलासा हुआ है कि आर्यन खान बीते चार साल से ड्रग्स ले रहा था। अभिनेता शाहरुख खान और उनकी पत्नी गौरी खान को भी पता था कि उनका बेटा ड्रग्स लेता है। एनसीबी सूत्रों के अनुसार आर्यन ने सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि दुबई, यूके और अन्य कई देशों की ट्रिप में भी उसने ड्रग्स का सेवन किया है। एनसीबी की पूछताछ में यह सामने आया है कि आर्यन खान अपने करीबी दोस्त अरबाज मर्चेंट के साथ ड्रग्स का सेवन करता था। यह भी खबर है कि एनसीबी की पूछताछ में आर्यन रोता-गिड़गिड़ाता रहा। जब एनसीबी ने आर्यन की शाहरुख खान से बात कराई तब भी वह रो रहा था। हालांकि शाहरुख ने अपने बेटे को धैर्य रखने के सलाह दी।

    क्रूज ड्रग्स पार्टी में एक राजनीतिक पार्टी के नेता के भी शामिल होने की चर्चा है। लेकिन उस नेता के बारे में एनसीबी की तरफ से कोई खुलासा नहीं हुआ है। समीर वानखेडे ने भी ड्रग्स पार्टी में किसी नेता के शामिल होने के सवाल का जवाब नहीं दिया। उन्होंने मीडिया के सवालों के जवाब में कहा कि कृपया करके ऐसे सवाल न करें। इस पूरे मामले की जांच जारी है। जांच के हर पहलुओं का खुलासा नहीं किया जा सकता। लेकिन जांच में जो भी तथ्य सामने आयेंगे उसका खुलासा किया जाएगा।

  • इस डिप्टी कलेक्टर के खिलाफ FIR, 8 साल की नौकरी में बनाया करीब 2 करोड़ की संपत्ति….

    इस डिप्टी कलेक्टर के खिलाफ FIR, 8 साल की नौकरी में बनाया करीब 2 करोड़ की संपत्ति….

    बिलासपुर में पदस्थ रहे तहसीलदार और वर्तमान में बस्तर में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर नारायण प्रसाद गबेल के खिलाफ एसीबी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज किया है. उन पर महज 8 साल की नौकरी में करीब 2 करोड़ रुपए की संपत्ति जुटाने का आरोप है. उनके खिलाफ 5 महीने तक चली जांच के बाद मामला दर्ज किया गया है।

    बता दें करीब 8 साल पहले सरकारी नौकरी में आने वाले डिप्टी कलेक्टर नारायण प्रसाद गबेल की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं. उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति इकट्ठा करने की शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो को मिली थी. बिलासपुर एसीबी दफ्तर के अधिकारियों ने करीब पांच माह तक गबेल की चल-अचल संपत्ति की बारीकी से जांच की. जिसके बाद उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

  • व्हाट्सएप कॉलिंग कर हर ट्रक का 500 रुपये महीना मांगते हैं ट्रैफिक डीएसपी, नहीं तो चालान की धमकी

    व्हाट्सएप कॉलिंग कर हर ट्रक का 500 रुपये महीना मांगते हैं ट्रैफिक डीएसपी, नहीं तो चालान की धमकी

    कोरबा। बीते दो दिन पहले ट्रांसपोर्टरों द्वारा ट्रैफिक डीएसपी शिवचरण सिंह परिहार (DSP Shivcharan Singh Parihar) पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप के बाद सोमवार को दीपका और हरदीबाजार के ट्रक मालिक एकजुट होकर डीएसपी की शिकायत करने एसपी के पास पहुंचे. उन्होंने एसपी से पूरे मामले की शिकायत की है. शिकायत पत्र में ट्रक मालिकों ने उल्लेख किया है कि ट्रैफिक डीएसपी उन्हें व्हाट्सएप कॉलिंग (Whatsapp Calling) करते हैं और प्रत्येक ट्रक के लिए 500 रुपये महीना देने को कहते हैं नहीं देने पर ट्रकों को जिले में चलने नहीं देने की धमकी देते हैं. यहां तक कि डीएसपी अपने आदमी हमारे पास भेजकर रकम की मांग करते हैं. इसलिए हम चाहते हैं कि डीएसपी पर इस नाजायज वसूली (Illegitimate Recovery) के लिए वैधानिक कार्रवाई की जाए.

    ट्रक मालिक हुए लामबंद

    ट्रैफिक पुलिस की कार्यशैली से ट्रक मालिकों में गहरा असंतोष है. कोरबा कोयला खदानों के लिए जाना जाता है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों की तादात में ट्रक चालक कोयला लेकर आवाजाही करते हैं. दीपका, हरदीबाजार, गेवरा और कुसमुंडा के कोयलांचल इलाकों से ही प्रतिदिन करीब 2 से 3 हजार ट्रक कोयला लेकर गंतव्य की ओर जाते हैं. ट्रक मलिकों ने सोमवार को एसपी से ट्रैफिक डीएसपी शिवचरण सिंह परिहार की लिखित शिकायत कर दी है. इसमें उल्लेख किया गया है कि ट्रैफिक डीएसपी परिहार हरदीबाजार के ग्राम सरईश्रृंगार, पाली के डूम कछार और उरगा के बाईपास में ट्रकों को पहले तो रोकते हैं फिर ड्राइवर से कहते हैं कि अपने मालिक को बोलो 500 रुपये प्रति ट्रक हर माह दें, नहीं तो चालान कर गाड़ी को थाने के अंदर कर दूंगा.


    क्या है पूरा मामला ?

    जानकारी के अनुसार पिछले शुक्रवार की रात ट्रैफिक डीएसपी ने अपनी टीम के साथ उरगा फाटक के पास कुछ ट्रकों को रुकवाया था. इनमें से एक को छोड़कर बाकी ट्रकों को बिना चालान काटे ही जाने दिया, लेकिन कोयला लदे ट्रकों से जुड़े परमिशन वाले पत्र (बिल्टी) को अपने पास रख लिया. जबकि एक ट्रक को शनिवार की सुबह और दोपहर तक भी पुलिस लाइन में खड़ा करके रखा. रविवार तक इस ट्रक को नहीं छोड़ा गया और कहा कि ओरिजिनल दस्तावेज लाकर ट्रक ले जाएं. अब सवाल यह है कि जब सारे ट्रक नो एंट्री में प्रवेश कर गए थे तो सिर्फ इसी ट्रक को क्यों रोका गया.

    सारे प्रमाणपत्र मौजूद, फिर रुकवाया ट्रक

    इधर, ट्रक संचालित करने वाले ट्रांसपोर्टर और ट्रकों के सुपरवाइजर मो आरिफ का कहना है कि रविवार रात हमारे 6 से 7 ट्रकों को डीएसपी परिहार ने रुकवा लिया. सभी कागज कंप्लीट हैं, इंश्योरेंस के साथ ही परमिट व प्रदूषण प्रमाण पत्र भी मौजूद है. सभी ट्रक पूरी तरह से एक नंबर में नियमों के अनुसार ही संचालित हो रहे हैं. जो कि कोयला लदान का काम करते हैं. ट्रैफिक डीएसपी ने जान-बूझकर ट्रकों को रुकवाया और 500 रुपये प्रति ट्रक प्रति महीना की डिमांड कर रहे हैं. इसके अनुसार हमारे मालिक के पास 70 से 75 ट्रक के हिसाब से महीने का 40 हजार रुपये देना पड़ेगा.


    शिकायत के बाद अब क्या होगी कार्रवाई ?

    ट्रैफिक डीएसपी पर उगाही के गंभीर आरोप के बाद अब लिखित शिकायत भी हो चुकी है. ट्रैफिक डीएसपी जैसे संवेदनशील पद पर बैठे अधिकारी पर एसपी किस तरह की कार्रवाई करते हैं, कार्रवाई होती भी है या फिर मामला रफा-दफा कर दिया जाएगा यह तो आने वाला समय ही बताएगा. शिकायत करने वाले ट्रक मालिकों में मुकेश कुमार नामदेव, अमित मिश्रा, राहुल कुमार, दुर्गा प्रसाद राठौर, विशाल अग्रवाल, रवि कुमार, अखलेश कुमार पांडे, महेंद्र यादव व महताब आलम आदि के नाम शामिल हैं.

  • हाईप्रोफाइल ‘बार’ पार्टी में हंगामा मामला…. बार में हंगामा करने वाली दो DSP का आधी रात ट्रांसफर….

    हाईप्रोफाइल ‘बार’ पार्टी में हंगामा मामला…. बार में हंगामा करने वाली दो DSP का आधी रात ट्रांसफर….

    बिलासपुर। अफसरों की बार पार्टी में बवाल हो गया था। बिलासपुर के भूगोल बार में हंगामा करने वाली दो DSP का तबादला कर दिया। CM भूपेश बघेल निर्देश के बाद दोनों को आधी रात ही नई पोस्टिंग पर रवानगी डालने के निर्देश दिए गए। कोटा डीएसपी रश्मित कौर चावला को गौरेला पेंड्रा मरवाही और सृष्टि चंद्राकर को कोंडागांव में बालक विरुद्ध अपराध अन्वेषण शाखा भेजा गया है। शासन से आदेश मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने तत्काल रिलीव कर दिया है। 
    इस पूरे मामले के बाद जिस तरह से हंगामा हुआ। उस पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नाराजगी जताई और तत्काल डीजीपी डीएम अवस्थी को रिपोर्ट देने कहा। अवस्थी ने बिलासपुर एसपी से घटनाक्रम के बारे में जानकारी ली और कार्रवाई में देरी नहीं की। सृष्टि के पति सोनाल डेविड के खिलाफ जेल विभाग कार्रवाई करेगा। सोनाल और सृष्टि इस बार पीएससी के टॉपर हैं और डिप्टी कलेक्टर बनेंगे। डीजीपी ने कहा था कि बियर-बार में पार्टी करके पुलिस की साख खराब करने वाले अफसरों पर निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी। 

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बिलासपुर में रविवार की रात एक बार पार्टी में हुए हंगामे के मामले को गंभीरता से लिया था। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक डी. एम. अवस्थी से इस घटना के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा था।



    क्या था मामला
    रामा मैग्नेटो मॉल स्थित भूगोल बार में अफसरों की पार्टी चल रही थी। पार्टी में शामिल कुछ लोगों से मिलने के लिए वहां जब पुलिस अफसर दंपती पहुंचे तो बाउंसरों ने उन्हें रोक लिया। इस पर अफसर ने अपना परिचय दिया। यहां तक कि उन्होंने ID कार्ड भी दिखाया, लेकिन बाउंसरों ने नहीं जाने दिया। विवाद इतना बढ़ा कि बाउंसर अफसर से दुर्व्यवहार करने लगे। सूचना मिली तो सिविल लाइंस थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी बाउंसर भाग निकला। बाउंसर का नाम राहुल अग्रहरि बताया जा रहा है।
    कोतवाली CSP स्नेहिल साहू, गौरेला SDOP रश्मित कौर चावला, चकरभाठा CSP सृष्टि चंद्राकर और सहायक जेल अधीक्षक सोनाल डेविड सहित अन्य अफसर आमंत्रित थे। सहायक जेल अधीक्षक सोनाल डेविड अपनी पत्नी CSP सृष्टि चंद्राकर के साथ पार्टी में देर से पहुंचे। इस पर बाहर खड़े बाउंसर ने उन्हें रोक दिया। आरोपी बाउंसर राहुल ने अफसर दंपती से सवाल-जवाब करना शुरू कर दिया। उन्होंने अपना परिचय दिया। नाराजगी जताते हुए अफसर ने आईडी कार्ड दिखाया। आरोप है कि राहुल ने हाथापाई शुरू कर दी। 
    इसके बाद जमकर बवाल शुरू हो गया। घटना की जानकारी लगते ही सिविल लाइन पुलिस के साथ ही अन्य थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई, लेकिन तब तक आरोपी बाउंसर राहुल वहां से भाग निकला। इसके बाद पुलिस मैनेजर अंकित दुबे को पकड़ कर थाने ले गई। सहायक जेल अधीक्षक और CSP सृष्टि चंद्राकर के पति सोनाल डेविड ने बताया कि रात में वे लोग पार्टी में शामिल दूसरे अफसरों से मिलने भूगोल बार गए थे। इस दौरान बार बाउंसर ने उनसे बदतमीजी की।

  • प्रेस क्लब की बैठक सम्पन्न,…सुनील अग्रवाल को मिली सचिव की जिम्मेदारी….

    प्रेस क्लब की बैठक सम्पन्न,…सुनील अग्रवाल को मिली सचिव की जिम्मेदारी….

    खरसिया। खरसिया प्रेस क्लब की आवश्यक बैठक शनिवार को स्थानीय विश्राम गृह में सम्पन्न हुयी, जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये साथ ही नगर के वरिष्ठ पत्रकार सुनील अग्रवाल को संगठन के सचिव पद की जिम्मेदारी दी गयी।
    प्रेस क्लब खरसिया की इस बैठक में नगर के वरिष्ठ पत्रकार उपस्थित रहे तथा सर्व सम्मति से सुनील अग्रवाल को सचिव पद की जिम्मेदारी सौंपी गयी। नवनियुक्त सचिव को पत्रकार साथयों ने बधाई दी, जिस पर सुनील अग्रवाल ने सभी पत्रकार साथियों का आभार व्यक्त करते हुये कहा कि जो जिम्मदेारी आप लोगों ने मुझे दी है उसे आप सभी के सहयोग से पूरी तरह से निभाउंगा, साथ ही पत्रकार हित के लिये सदैव तत्पर रहूंगा। विदित हो कि सुनील अग्रवाल इससे पूर्व भी सचिव पद की जिम्मेदारी निभा चुके है, तथा वर्तमान में प्रेस क्लब के संयोजक की जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे थे।

    बैठक में अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति के अध्यक्ष पत्रकार नयनानंद वैष्णव तथा युवा पत्रकार राहुल अग्रवाल ने प्रेस क्लब की सदस्यता ग्रहण की जिस पर सभी पत्रकारों ने उनका स्वागत किया, सभी पत्रकारा साथियों के द्वारा वरिष्ठ पत्रकार और प्रेस क्लब के संरक्षक अशोक अग्रवाल का जन्मदिन भी मनाया गया तथा उन्हे बधाई दी गयी, इस इवसर पर प्रेेस क्लब के संरक्षक अमर अग्रवाल, अशोक अग्रवाल , कैलाश गर्ग, प्रेस क्लब अध्यक्ष रामनारायण सोनी, कोषाध्यक्ष विकास ज्योति, उपाध्यक्षद्वय प्रहलाद बंसल, अमित साहू, अरूण चौधरी, नयनानंद वैष्णव , जगदीश  मित्तल, संजय गुप्ता, कैलाश शर्मा, विकास अग्रवाल विक्कल, नितिन अग्रवाल, ड़िग्री लाल जगत, राहुल अग्रवाल, राकेश अग्रवाल सहित प्रेस क्लब खरसिया के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

  • नगर पालिका में मनाई गई महात्मा गांधी की जयंती….

    नगर पालिका में मनाई गई महात्मा गांधी की जयंती….


    खरसिया। नगर पालिका परिषद खरसिया में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती गरिमामयपूर्ण ढंग से मनाई गयी।

    विदित हो कि जय जवान जय किसान का नारा देने वाले लाल बहादुर शास्त्री के साथ साथ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर नगर पालिका खरसिया में अध्यक्ष प्रतिनिधि और कांग्रेस नेता सुनील शर्मा द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं शास्त्री जी की छायाचित्र में माल्यार्पण कर श्रद्धांजलिअर्पित की गई, तत्पश्चात गीता मंदिर स्थित महात्मा गांधी जी के प्रतिमा में माल्यार्पण कर उन्हें याद किया गया। इस अवसर पर रायगढ़ चौक स्थित गांधीजी की प्रतिमा में माल्यार्पण भी किया गया इस दौरान महात्मा गांधी महाविद्यालय के एनसीसी कैडेट ने विशेष उपस्थिति देकर कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ा दी। इस दौरान नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि सुनील शर्मा, उपाध्यक्ष राजेश सहीस, सीएमओ टॉमसन रात्रे, नगर पालिका के पार्षद गणों सहित वरिष्ठ कांग्रेसी ,गणमान्य नागरिको के साथ साथ नगर पालिका के समस्त अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।