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  • छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पुलिस विभाग के तबादले को लेकर जानिये क्या ऐतिहासिक फैसला सुनाया है……

    छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पुलिस विभाग के तबादले को लेकर जानिये क्या ऐतिहासिक फैसला सुनाया है……

    बिलासपुर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पुलिस विभाग के तबादले को लेकर ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। यह फैसला प्रदेश भर के पुलिस बल पर लागू होगा। चीफ जस्टिस अरूप कुमार गोस्वामी और जस्टिस एनके चंद्रवंशी की डिवीजन बेंच ने कहा कि पुलिस अधिनियम 2007 प्रदेश भर के पुलिस अधिकारियों पर लागू होता है। ऐसे में आरक्षक से निरीक्षक तक का स्थानांतरण सिर्फ पुलिस स्थापना बोर्ड ही कर सकता है। एसपी, डीआईजी, आईजी, एडीजी या डीजीपी जैसे आईपीएस अधिकारी तबादला नहीं कर सकते हैं।
    गायत्री वर्मा ने अधिवक्ता अभिषेक पांडेय व दीपिका सन्नाट के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की। इसमें उन्होंने आईजी इंटेलिजेंस द्वारा जारी तबादला आदेश को चुनौती दी। इस पर सिंगल बेंच में सुनवाई हुई। जहां अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि आरक्षक से निरीक्षक रैंक तक के तबादला का अधिकार सिर्फ पुलिस स्थापना बोर्ड को है। जो 5 आईपीएस की कमेटी होती है, यह कमेटी ही तबादला कर सकती है। कोई आईपीएस एसपी, डीआईजी, आईजी, एडीजी या डीजीपी जैसे आईपीएस अधिकारी एक जिले, रेंज, जोन से दूसरे जिले, रेंज और जोन में तबादला नहीं कर सकते। इस तर्क को स्वीकार करते हुए सिंगल बेंच ने तबादला आदेश को निरस्त कर दिया। इसे राज्य शासन और पुलिस विभाग ने चुनौती देते हुए अपील दायर की। इसमें तर्क दिया कि आईजी इंटेलिजेंस को तबादला करने का अधिकार है। गायत्री वर्मा के तरफ से अपील का विरोध किया गया।बताया गया कि पुलिस अधिनियम 2007 छत्तीसगढ़ राज्य के सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों पर लागू होता है। अधिनियम की धारा 22(2)(ए) के तहत सिपाही से निरीक्षक तक का तबादला करने का अधिकार सिर्फ पुलिस स्थापना बोर्ड को है। इससे सहमत होकर सिंगल बेंच के फैसले को यथावत रखते और पुष्टि करते हुए कोर्ट ने शासन व पुलिस विभाग द्वारा दायर अपील को खारिज कर दिया।

    आदेश में अधिनियम की धाराओं का विस्तार से किया उल्लेख
    पुलिस अधिनियम 2007 की धारा 1(3), 2(एच), 3, 4, 5, 9,10 और 22(2)(ए) को राज्य के पुलिस अधिकारियों पर प्रभावी होने का विस्तार से उल्लेख करते हुए कोर्ट ने आदेश पारित किया।

    आईपीएस अधिकारी नहीं कर सकते तबादला
    आरक्षक से निरीक्षक तक के तबादला का अधिकार 5 आईपीएस से बनी कमेटी पुलिस स्थापना बोर्ड को होता है। तबादला सिर्फ यही कमेटी कर सकती है। अन्य कोई आपीएस अफसर एसपी, डीआईजी, आईजी, एडीजी या डीजीपी एक जिले से दूसरे जिले, एक रेंज से दूसरे रेंज या एक जोन से दूसरे जोन में नहीं कर सकते।आईजी इंटेलिजेंस ने कोरबा से गौरेला पेंड्रा मरवाही किया था तबादला
    कोरबा स्पेशल ब्रांच में निरीक्षक के पद पर पदस्थ गायत्री वर्मा को आईजी इंटेलिजेंस ने कोरबा से गौरेला पेंड्रा मरवाही तबादल कर दिया था। इसे चुनौती देते हुए गायत्री ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इस पर सिंगल बेंच ने सुनवाई करते हुए पुलिस स्थापना बोर्ड को ही तबादला का अधिकार होना पाते हुए स्थानांतरण आदेश को निरस्त कर दी थी।

  • कलेक्टर पर डीएफओ को धमकाने का आरोप, कहा- ‘बोरिया बिस्तर समेट लो’, शिकायत मंत्री तक पहुंची…

    कलेक्टर पर डीएफओ को धमकाने का आरोप, कहा- ‘बोरिया बिस्तर समेट लो’, शिकायत मंत्री तक पहुंची…

    रायपुर– एकलव्य आवासीय विद्यालय और खेल मैदान के लिए कटघोरा वन मंडल से छह हेक्टेयर जमीन आवंटित करने के मामले में कोरबा कलेक्टर और डीएफओ के बीच हुई तू तू मैं-मैं का मामला गर्मा गया है. डीएफओ ने मंत्री मो.अकबर से मिलकर इस पूरे मामले की शिकायत की है. डीएफओ ने अपनी शिकायत में कहा है कि कलेक्टर रानू साहू ने जमीन आवंटित नहीं किए जाने पर बोरिया बिस्तर समेटने तक की धमकी दी है. चर्चा है कि यह मामला IFS एसोसिएशन तक जा सकता है. कहा जा रहा है ऐसी घटना की पुनरावृत्ति ना हो यह सुनिश्चित करने की मांग भी एसोसिएशन की ओर से की जा सकती है.

    दरअसल बीते 17 दिसंबर को कलेक्टर कार्यालय की ओर से कटघोरा वन मंडल की डीएफओ शमा फारूकी को पत्र लिखकर एकलव्य आवासीय विद्यालय, बालक छात्रावास, कन्या छात्रावास, जल आपूर्ति हेतु पाइप लाइन लगाने, खेल मैदान और आवासीय परिसर के लिए कुल छह हेक्टेयर जमीन आवंटित किए जाने की मांग की गई थी. डीएफओ ने नियमों का हवाला देते हुए जमीन देने से मना कर दिया, जिसके बाद वीडियो कांफ्रेंसिंग में कलेक्टर और डीएफओ के बीच इस मसले पर बातचीत हुई. बताते हैं कि ऐसे ही एक मामले में सरगुजा में आवंटित किए गए जमीन का उदाहरण देकर अलग-अलग टुकड़ों में जमीन दिए जाने की बात कहीं गई, जिस पर डीएफओ ने पूर्व में जारी नियमों का हवाला देते हुए जमीन आवंटित किए जाने की अड़चनों का जिक्र किया. बात यही बिगड़ी और कलेक्टर-डीएफओ के बीच तनातनी के हालात बन गए. बताया जा रहा है कि कलेक्टर ने डीएफओ से यह भी कहा कि वह एसडीओ को चार्ज देकर 15 दिनों की छुट्टी पर चली जाए. एसडीओ के जरिए यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी. इस पर डीएफओ ने कहा कि, एसडीओ की रिपोर्ट के आधार पर जमीन नहीं दिए जाने का निर्णय लिया गया है.

    वन मंत्री से की गई शिकायत में यह बात सामने आई है कि कलेक्टर ने डीएफओ से यह तक कह दिया कि इस मामले में उनकी बात सीएम हाउस तक हो चुकी है. बावजूद इसके डीएफओ नियमों के हवाले से टस से मस नहीं हुई. आरोप है कि कलेक्टर ने डीएफओ को बोरिया बिस्तर समेटने तक की चेतावनी दे दी. इस चेतावनी के बाद डीएफओ ने वन मंत्री से मुलाकात कर पूरी घटना का ब्यौरा दिया है. इस बीच वन महकमे की ओर से लैंड मैनेजमेंट संभाल रहे अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुनील मिश्रा ने नया निर्देश जारी कर स्पष्ट किया है कि एक हेक्टेयर से ज्यादा वन भूमि का आवंटन ना किया जाए. इधर इस मामले में आईएफएस एसोसिएशन के अध्यक्ष अरूण पांडेय ने लल्लूराम डाट काम से बातचीत में कहा कि, फिलहाल औपचारिक तौर पर इस घटना की जानकारी एसोसिएशन से साझा नहीं की गई है. एसोसिएशन को शिकायत मिलने पर बातचीत की जाएगी.

  • खरसिया के पीयूष शर्मा ने सीए फाइनल में हासिल किया दूसरा स्थान

    खरसिया के पीयूष शर्मा ने सीए फाइनल में हासिल किया दूसरा स्थान

    आईसीएआई 2021 सीए फाइनल परीक्षा का परिणाम घोषित

    खरसिया द इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया (आईसीएआई) 2021 के फाइनल परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया गया है जिसमें सरस्वती शिशु मंदिर खरसिया के छात्र रहे पीयूष शर्मा ने दूसरा स्थान हासिल करते हुए पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है उन्होंने फाइनल में 465 अंक प्राप्त किए हैं वही जमशेदपुर के राहुल केडिया ने 477 अंक हासिल कर सीटी टॉपर का स्थान प्राप्त किया है
    यहां बताते चलें कि पियूष शर्मा खरसिया के एक सामान्य ब्राह्मण परिवार से आते हैं उनके पिता मनोज शर्मा खरसिया की एक प्राइवेट फर्म में जॉब करते हैं और माता श्रीमती पिंकी शर्मा ग्रहणी है पीयूष शर्मा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सरस्वती शिशु मंदिर खरसिया से प्राप्त की है पीयूष शर्मा प्रारंभ से ही मेधावी रहे हैं इन्हें अकाउंट और मैथ्स में महारत हासिल रही है उच्च शिक्षा के लिए आस पास कोई इंस्टिट्यूट ना होने पर पियूष शर्मा के मौसा मुकेश शर्मा जो मानगो जमशेदपुर में रहते हैं उनकी सलाह पर उनके घर पर रहकर पीयूष शर्मा ने कड़ी मेहनत करते हुए अपने मौसा मुकेश शर्मा का का मान रखा और सीए फाइनल परीक्षा में दूसरा स्थान हासिल करते हुए अपने माता पिता का नाम रोशन किया पीयूष शर्मा की स्वर्णिम सफलता के लिए सरस्वती शिशु मंदिर खरसिया के शिक्षक शिक्षिकाओं उनके चाचा राजकुमार शर्मा भाई ऋषभ शर्मा सहित मित्रों और शुभचिंतकों ने उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी है
    यहां बताते चलें कि
    आईसीएआई के फाउंडेशन के लिए 329 छात्रों ने परीक्षा दी थी उनमें 106 छात्रों को चयनित किया गया है आईसीएआई जमशेदपुर सेंटर से मिली जानकारी के मुताबिक इस बार 269 छात्रों ने सीए फाइनल एग्जाम ओल्ड एंड न्यू कोर्स में हिस्सा लिया था दोनों ग्रुपों में से मात्र 11 छात्र पास होकर चार्टर्ड अकाउंटेंट बने हैं 269 में 69 छात्र से जिन्होंने ओल्ड या न्यू कोर्स में से किसी एक में सफलता हासिल की है आईसीएआई के चेयरमैन सीए जगदीश खंडेलवाल संगम सरायवाला समेत अन्य सदस्यों ने उत्तीर्ण छात्रों को उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी है

  • अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति छत्तीसगढ़ ने मुंगेली पुलिस अधीक्षक के पत्र का स्वागत किया और सभी जिले के पुलिस अधीक्षको से अनुरोध किया इसी तरह का निर्देश जारी करे…

    अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति छत्तीसगढ़ ने मुंगेली पुलिस अधीक्षक के पत्र का स्वागत किया और सभी जिले के पुलिस अधीक्षको से अनुरोध किया इसी तरह का निर्देश जारी करे…

    मुंगेली मुंगेली पुलिस अधीक्षक ने 14 फरवरी आज एक पत्र मुंगेली जिले के अंतर्गत आने वाले थानों को एक पत्र जारी करते हुए कहा कि पत्रकार समाज के आईना होते हैं उनके विरूद्ध कभी-कभी दुर्भावनावश साधारणतः प्रकरणों में समुचित जांच किये बगैर अपराध दर्ज पूर्व में कराया जाता रहा है/ जा रहा है। जिस पर समय-समय पर पत्रकार संघ द्वारा ज्ञापन के माध्यम से व्यवहारिक समस्याओं को अवगत कराया जाता रहा है। जिस परिपेक्ष्य में वरिष्ठ कार्यालयों से भी पूर्व में निर्देश प्राप्त होते रहे हैं। संविधान में पत्रकारों को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना गया है और उनके ही माध्यम से मानव समाज को विभिन्न प्रकार की सूचनाएं समय पर निष्पक्ष रूप से प्राप्त होती हैं।

    अतः आप लोगों को निर्देशित किया जाता है कि थाना / चौकी में पत्रकारों के विरूद्ध शिकायत प्राप्त होने पर उनकी व्यवहारिक कठिनाईयों को ध्यान में रखते हुए शिकायत की सूक्ष्मता एवं गहनता से जांच किया जाये तथा अपराध दर्ज करने के पूर्व सम्पूर्ण तथ्यों को मेरे संज्ञान में लाये बिना किसी प्रकार का अपराध पंजीबद्ध न किया जावे। थाना / चौकी प्रभारी स्वतः रूचि लेकर निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाना सुनिश्चित करें।

    अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति छत्तीसगढ़ ने मुंगेली पुलिस अधीक्षक का धन्यवाद ज्ञापित किया और अन्य जिले के पुलिस अधीक्षको से भी अनुरोध किया कि अपने जिले में भी इसी प्रकार का पत्र जारी करे जिससे देश का चौथा स्तंम्भ फ्री होकर अपना कार्य कर सके ।

  • नक्सलियों से सब इंजीनियर पति को छुड़ाने ‘मर्दानी’ बनी पत्नी…

    नक्सलियों से सब इंजीनियर पति को छुड़ाने ‘मर्दानी’ बनी पत्नी…

    बीजापुर छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्र बीजापुर में पुल निर्माण कार्य में लगे सब इंजीनियर का शुक्रवार शाम को नक्सलियों ने अपहरण कर लिया था। तीन दिन गुजर जाने के बाद भी अब तक सब इंजीनियर घर नहीं लौटा है। अंतत: थक हारकर आज अपह्त सब इंजीनियर की पत्नी सोनाली पवार अपने बच्चों को लेकर नक्सल मांद की ओर निकल पड़ी है। बताया जा रहा है कि सोनाली बच्चों के साथ पति की रिहाई के लिए जंगल में गई है।

    बता दें कि बीजापुर जिले में इंद्रावती नदी पर बेदरे गांव में पुल निर्माण का कार्य लगभग 5 महीने पहले शुरू हुआ है। इस पूल के निर्माण के बाद अबूझमाड़ के पहुंचविहीन क्षेत्रों तक सड़क बन पाना संभव हो पाएगा। यही वजह है कि माओवादी इस पुल के निर्माण का लगातार विरोध कर रहे हैं। पुल निर्माण का काम बिलासपुर के ठेकेदार अशोक मित्तल द्वारा करवाया जा रहा है। शुक्रवार को निजी कंपनी के सब इंजीनियर अशोक पवार और उनके सहयोगी आनंद नदी पार कर दूसरी ओर गए थे, जो अब तक वापस नहीं लौटे हैं। दोनों को बंदूक की नोंक पर नक्सलियों द्वारा अपहरण की आशंका जताई जा रही है।

  • MP में अफसरों के इश्क के अफसाने:IAS, IPS से लेकर सीनियर डॉक्टर तक लव ट्रायंगल में बेनकाब हुए; किसी की कुर्सी गई तो कोई गया जेल…

    मध्यप्रदेश में IAS-IPS अफसरों और सीनियर डॉक्टरों के लव ट्रायंगल के केस हमेशा से चर्चा में रहे हैं। हाल ही में कटनी के बरही थाने के TI संदीप अयाची की लेडी कॉन्स्टेबल और IAS अफसर संतोष वर्मा और इंदौर की एक महिला के अफेयर की कहानी सुर्खियों में रही। अयाची सस्पेंड हैं। संतोष वर्मा का तो करियर ही डूब गया।

    प्रदेश में शादी के बाद अफसरों के अफेयर के मामले पहले भी चर्चित रहे हैं। कुछ शादी के मुकाम तक पहुंचे तो किसी का ट्रांसफर हो गया। कुछ कहानियों का दर्दनाक अंत हुआ।

  • डॉ रितिका अग्रवाल प्रथम प्रयास में ही एमडी के लिए हुई चयनित…

    डॉ रितिका अग्रवाल प्रथम प्रयास में ही एमडी के लिए हुई चयनित…

     खरसिया की गौरव रितिका को क्षेत्र के लोगों ने दी बधाई,परिवार हुआ गौरवान्वित 

    खरसिया। खरसिया की होनहार बेटी डॉ रितिका अग्रवाल ने अपने प्रथम प्रयास में ही ऑल इंडिया नीट पी जी मैं 11245 रैंक प्राप्त कर एमडी एनेस्थीसिया के लिए चयनित हुई है उनको छत्तीसगढ़ स्टेट में 95 रैंक हासिल हुआ है जिससे क्षेत्र व परिवार गौरवान्वित है। खरसिया के व्यवसायी निशा राजेश कुमार अग्रवाल की सुपुत्री रितिका अग्रवाल प्रारंभ से ही मेधावी रही हैं सन 2013-14 में नीट की परीक्षा देकर एमबीबीएस के लिए चयनित हुई और एमबीबीएस की पढ़ाई सिम्स मेडिकल कॉलेज बिलासपुर से किया। नीट की परीक्षा में उनका स्टेट में 224 रैंक रहा एमबीबीएस की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने नीट पीजी की परीक्षा की तैयारी की और ऑल इंडिया 11245रैंक मिला और प्रथम काउंसलिंग में ही उन्हें एमडी एनेस्थीसिया के लिए सीट प्राप्त हो गई। डॉक्टर रितिका अग्रवाल को स्टेट काउंसलिंग में राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में एम एस आई स्पेशलिस्ट हेतु सीट मिली है। रितिका की इस उपलब्धि पर क्षेत्र व परिवार के लोग गौरवान्वित हैं। रितिका का बचपन से ही सपना था कि वे आम लोगों की सेवा कर सके इसके लिए उन्होंने चिकित्सा का क्षेत्र चुना और इसके लिए कड़ी मेहनत कर सफलता हासिल की है। रितिका ने बताया कि उनके पढ़ाई के लिए माता पिता के साथ साथ भाई बहन से सदैव प्रोत्साहन मिला है।

    रितिका की बड़ी बहन रिचा अग्रवाल,भाई निखिल अग्रवाल दोनों ही काफी होनहार है। रिचा जयपुर से कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई करने के बाद कनाडा के टोरंटो शहर में उच्च पद पर सेवा दे रही हैं इसी प्रकार निखिल ने सन 2009 में जेईई एडवांस की परीक्षा में ऑल इंडिया मैं 2200 रैंक लाकर खरसिया के प्रथम आईआईटियन होने का गौरव प्राप्त किया।

    निखिल आईआईटी खड़कपुर से इंडस्ट्रियल इंजीनियर में शिक्षा प्राप्त किया,साथ ही कनाडा से एनर्जी सेक्टर में विशेष योग्यता हासिल की है। निखिल भारत में सस्ती एनर्जी किस तरह प्राप्त हो इसके लिए प्रयासरत हैं। खरसिया के इन होनहारों से अन्य बच्चों को भी प्रेरणा मिल रही है। डॉक्टर रितिका अग्रवाल ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय गुरुजनों के साथ-साथ परिवार व समाज के जागरूक लोगों को देती हैं। उनका मानना है कि वह हमेशा सेवाभावी बने रहें। डॉ रितिका को इस उपलब्धि पर क्षेत्र के लोगों ने खुशी जाहिर करते हुए उन्हें बधाई दी है।

  • आईजी रतनलाल डांगी ने छुट्टी से लौटते ही राजपत्रित अधिकारी सहित सभी थाना प्रभारियों की ली क्लास, बोले- बदमाशों को करें शॉर्ट लिस्टेड, क्रिमिनल्स में बनाओ खौफ…

    आईजी रतनलाल डांगी ने छुट्टी से लौटते ही राजपत्रित अधिकारी सहित सभी थाना प्रभारियों की ली क्लास, बोले- बदमाशों को करें शॉर्ट लिस्टेड, क्रिमिनल्स में बनाओ खौफ…

    बिलासपुर। बिलासपुर रेंज आईजी रतनलाल डांगी निजी कारणों से एक सप्ताह के अवकाश पर थे जिसके बाद आज लौटते ही सीधे बिलासगुड़ी पहुंचे जहां पर उन्होंने सभी राजपत्रित अधिकारी और थाना प्रभारियों की समीक्षा बैठक ली इस दौरान आईजी डांगी बिल्कुल एक्शन में दिखाई दिए.

    आईजी ने बिलासगुड़ी में सभी थाना प्रभारियों को दो टूक निर्देश दिया कि सभी थाना प्रभारी आपस मे समन्वय के साथ काम करेंगे एक थाने में घटित घटना की जानकारी दूसरे थाने के संबंधित अधिकारी से बात कर तत्काल इसका निराकरण करें

    आईजी ने इस दौरान सभी थाना प्रभारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं टीआई के छुट्टी के दौरान थाना के प्रभारी या मुंशी इलाके में घटी घटना की जानकारी तत्काल व्हाट्सअप के माध्यम से थाना प्रभारी को अवगत कराएंगे इसके अलावा जो भी फरियादी आये उसके मामले का तत्काल निराकरण करें

    आईजी डांगी ने इस दौरान जिले में घटी छोटी बड़ी घटनाओं की भी जानकारी ली साथ ही उन्होने केस पर तत्काल काम करते हुए उसके निराकरण करने बात भी कही

    बदमाशों की सूची तैयार करें और हर थानेदार अपने-अपने क्षेत्र में पेट्रोलिंग कर अपराधियों की धड़पकड़ करें. यहां तक पुलिस आमजनता के बेहतर सम्बन्ध रखकर अपराधियों के मन में खौफ पैदा करें, ताकि कोई भी अपराधी घटना को अंजाम देने से पहले सोचे.

    इधर उन्होंने अंत में राजपत्रित अधिकारियों और थानेदारों को भी दिशा निर्देश देकर फटकार लगाई. मीटिंग में जिले की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पारुल माथुर ,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर उमेश कश्यप, गरिमा द्विवेदी, सीएसपी स्नहेहिल साहू ,एसडीओपी कोटा अरोरा और जिले के समस्त थाना प्रभारी उपस्थित रहे.

  • देश भर में ख़त्म हो जाएगा टोल प्लाज़ा पर FastTag, अब केवल गाड़ी इलाक़ा छोड़ते ही बैंक से कट जाएगा पैसा…

    देश भर में ख़त्म हो जाएगा टोल प्लाज़ा पर FastTag, अब केवल गाड़ी इलाक़ा छोड़ते ही बैंक से कट जाएगा पैसा…

    देश के राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करने वाले वाहनों से फास्टैग के जरिए टोल टैक्स वसूलने की व्यवस्था जल्द ही खत्म की जा सकती है। दरअसल, संसद की स्थायी समिति ने टोल टैक्स वसूलने के लिए देश के लाखों वाहनों में लगाए गए फास्टैग को हटाने की सिफारिश करते हुए राजमार्गों पर टोल टैक्स वसूलने की प्रणाली को इस तरह से डिजाइन करने की सिफारिश की है ताकि जीपीएस के जरिए सीधे बैंक खातों से ही यह राशि ली जा सके।

    परिवहन, पर्यटन और संस्कृति संबंधी संसदीय स्थायी समिति का यह मानना है कि जीपीएस के जरिए सीधे बैंक खातों से टोल टैक्स वसूलने की इस व्यवस्था से उन लोगों को बहुत फायदा होगा जो फास्टैग ऑनलाइन रिचार्ज कराने की तकनीक से अच्छी तरह वाकिफ नहीं है। समिति का यह भी मानना है कि इस सिस्टम को देश भर में लागू करने से टोल बूथों पर लोगों को होने वाली देरी को समाप्त करने में मदद मिलेगी, ईंधन खर्च में भी बचत होगी और इसके साथ ही राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा में लगने वाले समय को भी कम किया जा सकेगा।

    ‘राष्ट्र निर्माण में राजमार्गों की भूमिका’ पर संसद में रिपोर्ट पेश करते हुए देश में जीपीएस आधारित टोलिंग शुरू करने के संबंध में मंत्रालय द्वारा की जा रही पहल की सराहना करते हुए संसदीय समिति ने कहा कि इससे राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल प्लाजा बनाने के लिए बुनियादी ढांचा नहीं बनाना पड़ेगा।

    सरकार ने संसदीय समिति के सुझाव पर अमल करने का आश्वासन देते हुए यह जानकारी दी है कि एनएचएआई परामर्शदाता की पहचान करने की प्रक्रिया में है जो सैटेलाइट आधारित टोलिंग के कार्यान्वयन के लिए रोडमैप तैयार करेगा ताकि संसदीय समिति की सिफारिश के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्गों का उपयोग करने वाले लोगों को लाभ पहुंचाया जा सके।

    दरअसल, टोल प्लाजा पर गाड़ियों की लंबी कतार को कम करने के लिए फास्टैग व्यवस्था की शुरूआत की गई थी जिससे गाड़ियां का टोल टैक्स फास्टैग के जरिए ही कट जाया करता है और गाड़ियों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ती है लेकिन अब इसमें आ रही कई तरह की दिक्कतों को देखते हुए ही संसदीय समिति ने जीपीएस आधारित टोल व्यवस्था की शुरूआत करने की सिफारिश की है।

  • अब आपको भी लेना होगा अपनी जमीन का आधार नंबर… जाने ये कैसे मिलेगा….

    अब आपको भी लेना होगा अपनी जमीन का आधार नंबर… जाने ये कैसे मिलेगा….

    देश के नागरिकों के आधार कार्ड की तरह अब आपकी जमीनों का भी आधार नंबर (Aadhaar Number) जारी किया जायेगा. केंद्र सरकार इसकी तैयारी कर रही है. बताया जा रहा है कि वन नेशन, वन रजिस्ट्रेशन यानी एक राष्ट्र एक पंजीकरण (One Nation, One Registration Programme) कार्यक्रम के तहत केंद्र सरकार (Central government) जमीनों के लिए विशिष्ट पंजीकरण संख्या (Unique registered number for lands) जारी करेगी.

     इसके लिए IP बेस्ड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा. जमीनों के कागज की मदद से उनके रिकॉर्ड को डिजिटली रिकॉर्ड रखा जाएगा.

    आईपी बेस्ड टेक्नोलॉजी की मदद लेगी सरकार

    मंगलवार को संसद में पेश किये गये आम बजट 2022 (Union Budget 2022) में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने अपने बजट भाषण में कहा कि अब देश की जमीनों का भी डिजिटल रिकॉर्ड (Digital Land Record) तैयार किया जायेगा. आईपी बेस्ड टेक्नोलॉजी (IP Based Technology) की मदद से ऐसा किया जायेगा. निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कहा है कि मार्च 2023 तक देश भर में जमीन के रिकॉर्ड के डिजिटाइजेशन का लक्ष्य सरकार ने रखा है. उन्होंने कहा है कि जमीनों के कागजात के आधार पर ही डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जायेगा.

    डिजिटल लैंड रिकॉर्ड के होंगे कई फायदे

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि लैंड रिकॉर्ड को डिजिटाइज किये जाने के कई फायदे (Land Record Digitalisation Benefits) होंगे. बताया जा रहा है कि जमीनों को 3सी फॉर्मूले के तहत बांटा जायेगा, जिसका लाभ सभी लोगों को मिलेगा. बजट (Union Budget of India 2022) प्रस्ताव में कहा गया है कि इस कार्यक्रम से सारे रिकॉर्ड केंद्रीयकृत हो जायेंगे. एक क्लिक पर सारी जानकारी उपलब्ध हो जायेगी. सरकार ने जो कार्यक्रम तय किया है, उसके मुताबिक, अब आपकी जमीन का 14अंकों का एक यूएलपिन नंबर (ULPIN) यानी यूनिक नंबर जारी किया जायेगा.

    खरीदने-बेचने में नहीं होगी दिक्कत

    ULPIN नंबर के जरिए देश में कहीं भी जमीन खरीदने और बेचने में दिक्कत नहीं होगी. खरीदने और बेचने वाले की पूरी डिटेल सामने होंगे. अगर उस जमीन का आगे चलकर बंटवारा भी होता है तो उस जमीन का आधार नंबर अलग-अलग हो जाएगा. डिजिटल रिकॉर्ड होने की वजह से सबसे पहले जमीन के वास्तविक स्थिति का पता चल सकेगा. क्योंकि, जमीन की नपाई ड्रोन कैमरे से होगी, जिससे गलती की गुंजाइश न के बराबर होगी. डिजिटल रिकॉर्ड होने के बाद कोई भी व्यक्ति अपने शहर के कॉमन सर्विस सेंटर में जाकर अपनी जमीन की जानकारी ले सकेगा. मौजूदा समय में देश में 140 मिलियन हेक्टेयर जमीन पर खेती हो रही है. 125 मिलियन हेक्टेयर जमीन को ठीक किया जा रहा है.

    एक क्लिक में देख पायेंगे लैंड रिकॉर्ड

    डिजिटल रिकॉर्ड तैयार हो जाने के बाद जमीन का रिकॉर्ड देखने के लिए भूमि एवं राजस्व विभाग के कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने होंगे. अपने आसपास के कॉमन सर्विस सेंटर में जाकर कोई भी व्यक्ति अपनी जमीन की जानकारी ले सकेगा. मौजूदा समय में देश में 140 मिलियन हेक्टेयर जमीन पर खेती हो रही है. 125 मिलियन हेक्टेयर जमीन को ठीक किया जा रहा है.

    2023 तक देश का लैंड रिकॉर्ड होगा डिजिटल

    केंद्र सरकार का लक्ष्य 2023 तक देशभर से लैंड रिकॉर्ड को डिजिटल करने का है. मार्च 2023 तक पूरे देश में जमीन का रिकॉर्ड डिजिटल करने का लक्ष्य रखा गया है. आने वाले दिनों में महज एक क्लिक पर आपके जमीन से संबंधित दस्तावेज आपके सामने होंगे. देश में कहीं भी किसी भी जगह पर आप अपनी जमीन से संबंधित जानकारी हासिल कर सकेंगे.