खरसिया। एसपी अभिषेक मीना के दिशा निर्देशन पर थाना प्रभारी खरसिया निरीक्षक सुम्मत राम साहू द्वारा क्रिकेट सट्टा पर कार्यवाही के लिए मुखबीर सक्रिय किया गया था जिनके द्वारा महका एवं गंज बाजार में रहने वाले गगन अग्रवाल तथा रिकेश राय के द्वारा आईपीएल मैच दौरान ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा लेने की सूचना दिया गया जिस पर थाना प्रभारी अपने टीम के साथ जाकर रेड किया गया । इस दौरान दोनों से नकदी, मोबाइल एवं लाखों के क्रिकेट सट्टा का हिसाब किताब जप्त किया गया है। आरोपियों के विरुद्ध थाना खरसिया में धारा 4 (क) छत्तीसगढ़ सट्टा अधिनियम के तहत कार्यवाही किया गया है । आरोपी गगन अग्रवाल पिता अनूप अग्रवाल 41 वर्ष गंज बाजार खरसिया से नगद 8,550 , मोबाईल फोन, लाखो की सट्टा पट्टी तथा रिकेश राय पिता रमाशंकर राय उम्र 37 वर्ष ग्राम रतन महका खरसिया से नगद 11,610, मोबाईल फोन के साथ लाखो की सट्टा पट्टी जप्त कर कार्यवाही की गयी है ।
Blog
-

विधायक के मोबाइल चोरी और पकड़े गए चोरों की कहानी…
रायपुर. मनेंद्रगढ़ विधायक डॉ विनय जायसवाल का पिछले दिनों रायपुर रेलवे स्टेशन पर झारखंड के गिरोह ने मोबाइल पार कर लिया. अब ये गिरोह पकड़ में भी आ गया है, लेकिन इस गिरोह के पकड़े जाने की रियल स्टोरी सामने नहीं आई है.
ये है गिरोह को पकड़े जाने की असली कहानी
सूत्र बताते है कि GRPने इस गिरोह को पकड़े जाने का खुलासा किया. लेकिन आप इस मामले की हकीकत जानकर हैरान हो जाएंगे कि कागजों में इसकी एफआईआर अब तक किसी ने भी दर्ज नहीं की है और जीआरपी ने गिरोह से मोबाइल बरामद करने के बाद बिना कागजी कार्रवाई पूरी किए ये मोबाइल विधायक के निज सचिव को सौंप दिया. जब GRP के अधिकारियों से ये पूछा कि बिना कागजी कार्रवाई के ये मोबाइल उन्हें कैसे सौंप दिया गया, तो उनका कहना था कि ये तो उच्च अधिकारी ही बता पाएंगे. यानी पूरा गिरोह पकड़ा गया है, लेकिन अभी जीआरपी को मोबाइल मालिकों के संबंध में कोई जानकारी ही नहीं है और अभी इसकी जानकारी खंगाली जा रही है. बता दें कि जीआरपी ने विधायक के मोबाइल चोरी होने और अभी मोबाइल विधायक के निज सचिव के पास होने की पुष्टि की है.
सूत्र बताते है कि विधायक का मोबाइल पार करने के बाद RPF-GRP दोनो हरकत में आए. सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाने लगे. आरपीएफ की ट को एक संदिग्ध युवक मिला. आरपीएफ की टास्क टीम (Task Team) पूरी तरह रेलवे स्टेशन में मुस्तैद हो गई और उन्हें उम्मीद थी कि चोर गिरोह पुनः चोरी करने रायपुर रेलवे स्टेशन में जरूर आएगा. गिरोह के तीन सदस्य शुक्रवार को जनशताब्दी एक्सप्रेस में पुनः चोरी करने पहुंचे. यहां उन्होंने दो मोबाइल चोरी करने में सफलता भी हासिल की. इसमें गिरोह का एक सदस्य मोबाइल लेकर तत्काल अपने ठिकाने पर रवाना हो गया और बाकी एक नाबालिग समेत एक को रेलवे स्टेशन में आरपीएफ के दो मुस्तैद टास्क टीम (Task Team) के सदस्यों ने दबोच लिया. इसके बाद उनसे पूछताछ हुई और गिरोह के तीसरे सदस्य को देर रात दबोचा गया. जिनके पास से विधायक का मोबाइल समेत कुल 29 मोबाइल मिले और बिना कागजी कार्रवाई किए एक मोबाइल विधायक को सौंप दिया गया. यानी कागजों में विधायक का मोबाइल चोरी ही नहीं हुआ और जो 28 मोबाइल बरामद हुए उसमें अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं है.

सबसे शातिर था नाबालिग, मोबाइल चोरी की ट्रेनिंग ली झारखंड से
विधायक के जेब से मोबाइल पार करने वाला कोई और नहीं बल्कि एक 13 वर्षीय नाबालिग था. सूत्र बताते है कि ये गिरोह पिछले 6-7 महीने से रायपुर के फाफाडीह और श्री नगर इलाके में 2-2 का समूह बनाकर रहते थे. कुछ महीने की रेकी करने के बाद उन्होंने पिछले कुछ दिनों में ताबड़तोड़ मोबाइल चोरी करना शुरू किया. चोरी के बाद वे सिम निकालकर फेंक देते थे और मोबाइल बंद कर अपने कमरे में रख देते थे. इसके बाद ये मोबाइल वे झारखंड ले जाकर बेचते थे. नाबालिग से पूछताछ में इस बात का खुलासा हुआ है कि उसने मोबाइल चोरी की ट्रेनिंग ली है.
ये गिरोह ऐसे करते थे मोबाइल चोरी
गिरोह से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि वे धक्का-मुक्की कर टारगेट यात्री को उल्झाकर रखते थे और झोले की आड़ में मोबाइल पार करते थे. टारगेट यात्री के जेब से मोबाइल चोरी करने की जिम्मेदारी नाबालिग की होती थी और वे जब तक चोरी का सामान अपने पीछे मौजूद गिरोह के अन्य सदस्य को नहीं सौंप देता था वो धक्का-मुक्की करता रहता था. यात्री उसे नाबालिग समझते थे. गिरोह का दूसरा सदस्य मोबाइल को अपने पीछे मौजूद तीसरे सदस्य को सौंपकर सीधे अपने ठिकाने के लिए निकल जाता था और बाकी बचे दो सदस्य अन्य टारगेट की तलाश में जुटे रहते थे.
-

माइक्रो रोबोट दिमाग में पहुंचकर मिर्गी, स्ट्रोक जैसे बिमारी का करेगा इलाज…
कैलिफोर्निया. कैलिफोर्निया के स्टार्टअप बायोनॉट लैब्स ने स्वास्थ्य परीक्षण के लिए एक माइक्रो रोबोट बनाया है, जो मानव मस्तिष्क में पहुंच कर दुर्लभ बीमारी का इलाज कर सकेगा. इस परीक्षण का ट्रायल अभी चल रहा है यदि सफल रहा तो चिकित्सा के क्षेत्र में एक नया अविष्कार साबित होगा.
माइक्रो रोबोट कैसे पहुंचेगा दिमाग में?
बायोनॉट लैब्स के अनुसार, इंजेक्शन के माध्यम से माइक्रो रोबोट को मानव शरीर में पहुंचाया जाएगा. इस रोबोट को जर्मनी के प्रतिष्ठित मैक्स प्लैंक अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों की मदद से नियंत्रित किया जाएगा. मस्तिष्क के बाहर रखी एक चुंबकीय कॉइल व कम्प्यूटर मस्तिष्क के प्रभावित हिस्से में रोबोट को संचालित करेंगे. बता दें कि रोबोट को उपचार के लिए शरीर में प्रवेश कराने का विचार नया नहीं है.
बायोनॉट लैब्स के सह-संस्थापक और सीईओ माइकल शापिगेलमाकर के मुताबिक इसहाक असिमोव की एक किताब और फैंटास्टिक वॉयज नामक फिल्म में वैज्ञानिकों का एक दल रक्त के थक्के का इलाज करने के लिए मस्तिष्क में छोटे से अंतरिक्ष यान को भेजते हैं.

कई बीमारियों पर परीक्षण की अनुमति
यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) ने बच्चों में पाई जाने वाली दुर्लभ बीमारी डैंडी-वाकर सिंड्रोम के उपचार के लिए परीक्षण को अनुमति दे दी है. इस बीमारी में गोल्फ की गेंद के आकार के सिस्ट का अनुभव कर सकते हैं. इससे मस्तिष्क पर दबाव बढ़ता है और न्यूरो की कई समस्याएं पैदा होती हैं, इसके साथ ही ग्लिओमास, ब्रेन ट्यूमर के उपचार के लिए परीक्षण को स्वीकृति दे दी है. इसके साथ ही मिर्गी, स्ट्रोक जैसी बीमारियों में भी यह प्रयोग मदद कर सकता है.
जानवरों पर ट्रायल सफल
सीईओ शापिगेलमाकर कहते हैं कि हम रोबोट का परीक्षण भेड़ और सूअर पर कर चुके हैं, यह परीक्षण पूरी तरह सुरक्षित पाए गए हैं, उन्होंने कहा कि अभी तक मस्तिष्क शल्य चिकित्सा सीधी रेखाओं तक सीमित है, इस प्रयोग के बाद आप मस्तिष्क में हर जगह पहुंचने में कामयाब होंगे.
-

राठिया कंवर समाज के मेला महोत्सव सामूहिक विवाह में आशीर्वाद देने पहुंची रायगढ़ एसईसीएल जीएम श्रीमती प्रीति सिंग, युवा नेता नवल राठिया ने भी की शिरकत….
खरसिया। चंद्रशेखरपुर के मांड कुरकुट नदी संगम में ठाकुर देव देवराज मेला महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जिसके दूसरे दिन सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया था, जिसमें 8 दंपतियों का विवाह राठिया कंवर समिति ठाकुरदेव ट्रस्ट द्वारा कराया गया।
जिसमें सभी दंपतियों को आशीर्वाद देने रायगढ़ एसईसीएल की क्षेत्रिय प्रबंधक श्रीमती प्रीति सिंह व सुचेतना महिला मंडल कोल इंडिया समूह के अन्य महिलाएं उनके साथ शामिल हुई। श्रीमती प्रीति सिंह ने ठाकुर देव देवरास में ठाकुर देव जी की पूजा पाठ कर नवदंपतियों को आशीर्वाद दिया एवं सभी जोड़ियों को उपहार भेंट कर उनके नवजीवन की कामना की। श्रीमती सिंग सचेतना महिला मंडल की अध्यक्ष हैं। जिनके अगुवाई में आज ठाकुर देव में हो रहे सामूहिक विवाह में उनके समूह द्वारा सभी नवदम्पत्तियों को आशीर्वाद प्रदान किया। वही छाल थाना के नए निरीक्षक श्री जितेंद्र ए सईया ने भी ठाकुरदेव देवरास पहुंच कर सभी नवदंपतियों को आशीर्वाद स्वरुप भेंट प्रदान किया। उपरोक्त कार्यक्रम में युवा नेता नवल राठिया ने भी शिरकत की। राठिया कंवर समाज ने अभी अगन्तुंको का पीला गमछा व बिल्ला लगाकर स्वागत किया।
ठाकुरदेव राठिया समाज के कुल देवता हैं। जिसकी स्थापना 2018 में समाज द्वारा की गई थी। जहाँ पूरे राठिया समाज से लेकर अन्य से आज के लोग भी अस्थि विसर्जन के लिए मांड कुरकुट नदी संगम में आते हैं। आदिवासी परंपरा को बढ़ावा देने ठाकुददेव ट्रस्ट का निर्माण किया गया है। जहां राठिया समाज के लोग अपने कुल देवता की पूजा आराधना करते हैं।
-

रिश्वतखोरी की शिकायत के बाद हटाये गये आर सी साहू, एस खेस ने संभाला सहायक अभियंता का पदभार….
खरसिया। विद्युत विभाग खरसिया के सहायक अभियंता राम चरण साहू अल्प अवधि में ही हटा दिये गये है, बताया जा रहा है कि रिश्वत मांगे जाने की शिकायत के बाद उन्हे न केवल खरसिया बल्कि जिले से ही रवानगी दे दी गयी है। पदस्थापना के महज दो माह के भीतर ही राम चरण साहू का बालोद जिला तबादला कर दिया गया वहीं उनके तबादले के पश्चात सबेस्टियन खेस को खरसिया विद्युत विभाग के सहायक अभियंता का पदभार दिया गया हैं।
सहायक अभियंता एस खेस ने पदभार ग्रहण करने के बाद मीड़िया से चर्चा के दौरान बताया कि इससे पूर्व वे सारंगढ़ में पदस्थ थे, इससे पूर्व उन्होंने बरमकेला में भी लंबे समय तक अपनी सेवायें दी। एस खेस रायगढ़ जोन 1 में भी कार्य कर चुकें हैं। उन्होंने बताया कि नगरवासियों के साथ मिलकर नगर की विद्युत संबंधित समस्याओं का निपटारा किया जायेगा, तथा लाइन लॉस में कमी, बकाया राशि की वसूली के साथ साथ मीटर रीड़रों के ढुलमुल रवैये पर नकेल कसते हुये उनकी कार्यप्रणाली में सुधार किया जायेगा जिससे उपभोक्ताओं को रीड़िंग तथा विद्युत संबंधित अन्य समस्याओं से निजात मिल सके। -

किडनैप केस में भिड़े ट्रेनी IPS और TI,कार्रवाई को लेकर अफसरों में हुई तीखी बहस….
जमीन विवाद के चलते कार सवारों ने बाइक सवार एक युवक को अगवा करने का प्रयास किया। युवक को रॉड स्टिक और तलवार लेकर सड़क पर दौड़ा लिया। किसी तरह युवक भागा और सिविल लाइन थाने में घुसकर अपनी जान बचाई। इस दौरान कार सवार उसका पीछा करते पहुंच गए। युवक की बात सुनकर प्रशिक्षु IPS बाहर निकले और कार की तलाशी करवाई तो उसमें से हथियार बरामद हुए। इससे पहले कि दोनों आरोपियों पर कार्रवाई करते थाना प्रभारी जेपी गुप्ता भी आ गए। इसके बाद कार्रवाई को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। हालांकि बाद में FIR दर्ज कर पुलिस ने कार सवार दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार, रविवार रात गंगानगर निवासी अमित सिंह (40) बुलेट पर सवार होकर भागते हुए सिविल लाइन थाने पहुंचा। उसे गाड़ी रोककर अंदर भागते देख प्रशिक्षु IPS विकास कुमार ने पूछताछ की, उसने बताया कि जमीन संबंधी विवाद में दो दिन पहले कुछ युवकों ने उसके अपहरण की कोशिश की थी। तब उसने इस घटना की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई थी।
वह रविवार शाम वह मुंगेली नाका चौक के दीपक फोटो कॉपियर्स के पास रोड में पहुंचा। उसी समय कार में सवार बोदकू ठाकुर और दिलीप मिश्रा आए। दोनों उसकी बाइक को ओवरटेक करते हुए कलेक्टोरेट तक पहुंच गए। फिर बाइक के सामने कार अड़ाकर दी। तलवार, रॉड और स्टिक लेकर मारने के लिए दौड़ाया।। वह किसी तरह भागते हुए सिविल लाइन थाना पहुंचा है।
युवक के बताए अनुसार प्रशिक्षु IPS विकास कुमार उसे लेकर घटनास्थल जाने के लिए निकले, तभी थाने के बाहर युवक ने कार को देख लिया और पुलिस अफसर को इसकी जानकारी दी। कार सवार बोदकू ठाकुर और दिलीप मिश्रा को पकड़कर पुलिस ने कार की तलाशी ली। फिर पुलिस उन्हें पकड़कर थाने ले गई। घटना की जानकारी TI जेपी गुप्ता को मिली, तब वह थाने पहुंचकर पकड़े गए युवकों से पूछताछ करने लगे।
इतनी देर में पकड़े गए युवकों के बचाव में पार्षद अमित भारते और पार्षद संदीप मिश्रा सहित अन्य लोग पहुंच गए। युवक अपने आप को जनप्रतिनिधि होने का धौंस दिखाने लगे। तब IPS विकास कुमार ने उन्हें थाने से भगा दिया। इस दौरान केस दर्ज करने को लेकर हस्तक्षेप करने पर IPS विकास और TI जेपी गुप्ता के बीच बहस हो गई। बाद में IPS विकास कुमार ने मामले को TI पर छोड़ दिया। उनके निर्देश पर पुलिस ने एक ही मामले में अलग-अलग तीन केस दर्ज किए हैं।
जनप्रतिनिधियों ने की IPS की शिकायत
IPS का आरोप है कि TI आरोपियों का बचाव कर रहे थे। जबकि, हम इस तरह आतंक मचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कर रहे थे। बस इसी बात को लेकर बहस हो गई। वहीं TI जेपी गुप्ता का कहना है कि प्रशिक्षु IPS मामले की जांच के बिना ही केस दर्ज करने की बात कह रहे थे। इस पर पहले पीड़ित पक्ष के साथ घटनास्थल जांच करने कहा गया। इस बात को लेकर उन्होंने आपत्ति की तो बहस हो गई। थाना परिसर में उन्होंने जनप्रतिनिधियों से दुर्व्यवहार कर उन्हें भगा दिया। जनप्रतिनिधियों ने प्रशिक्षु IPS के खिलाफ SP और IG से शिकायत की है, तब, अफसरों ने उन्हें जांच के निर्देश दिए।पहली FIR में बताया दो दिन पहले हुई थी अपहरण की कोशिश
गंगानगर फेस- 2 निवासी गौतम ने अपनी शिकायत में बताया है कि वह जमीन और ट्रांसपोर्टिंग का काम करता है। 1 अप्रैल को मंगला चौक स्थित साई सैलून में बैठा था। तभी वहां नंद विहार के रहने वाले अजय, बोदकू ठाकुर और दिलीप मिश्रा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने उसे पकड़ लिया और जबरदस्ती साथ लेकर जाने का प्रयास करने लगे। विरोध किया, तब उसे धमकी दी गई। वह किसी तरह वहां से भाग गया। उसने इस घटना की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई थी। भाई के साथ हुई घटना के बाद अब उसने केस दर्ज कराया है।
गौतम के भाई अमित सिंह की रिपोर्ट पर पुलिस ने दूसरा केस दर्ज किया है। कार सवार बोदकू ठाकुर और दिलीप मिश्रा उसकी बाइक को रोककर अपहरण और तलवार व अन्य हथियार से हमला करने की कोशिश कर रहे थे। तब वह भागकर थाने पहुंचा। हमलावरों के पास से पुलिस ने हथियार जब्त किया है। उसकी इस रिपोर्ट पर पुलिस ने धारा 341,294, 5०6, 323, 25 आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।इधर, इस घटना के बाद आरोपी पक्ष के अन्य लोग भी थाने पहुंच गए। उनकी तरफ से अजय सिंह भी थाने पहुंच गया। उसने पुलिस को बताया कि उसके खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। गौमत सिंह और उसके भाई अमित ने उसे धमकी दी है। उसने आरोप लगाया कि थाना परिसर में उनके साथ गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई है। पुलिस ने उसकी रिपोर्ट पर पीड़त पक्ष के खिलाफ अलग से केस दर्ज किया है।
-

धूमधाम से मनाया गया होली का पर्वलोगों ने एक दूसरे को रंग गुलाल लगाकर दी बधाई….
खरसिया। होली का पर्व शहर में बड़ी धूमधाम के साथ मनाया गया लोगों ने एक दूसरे को रंग गुलाल लगाकर होली पर्व की बधाई दी होली के दिन सुबह से ही हर वर्ग के लोग अपने अपने घरों से निकल होली के रंगों में जमकर आनंद उठाते हुए नजर आए हर मोहल्ले में होली के गीत बज रहे थे और लोग अपने अपने तरीके से इस पर्व को मना रहे थे। कोरोना काल में नियमों का पालन करते हुये नगरवासियों ने त्यौहार का आनंद उठाया।
पुरातन परम्पराओं के अनुसार नगर में इस बार भी अलग अलग जगह होलिका दहन किया गया, जिसमें प्रमुख रूप से टाउन हॉल मैंदान में सभी नगरवासियों ने भक्त प्रहलाद का जयकारा करते हुए भगवान से खरसिया नगर की सुख समृद्धि की मंगल कामना की तो वही दिन भर नगर की महिलाओं और बच्चों का उत्साह भी खरसिया के टाउनहॉल मैदान में देखने को मिल रहा था नगर की महिलाओं द्वारा गोबर से बने कंडे और माला नुमा आकार के कंडे को चढ़ाया गया। विदित हो कि होली पर्व को लेकर सप्ताह भर पहले से ही शहर में रंग पिचकारी की दुकानें सज चुकी थी शहर के मुख्य मोहल्लों में होलिका दहन की भी तैयारी हो चुकी थी और होलिका दहन के दिन सुबह से ही महिलाएं पूरी विधि विधान के साथ पूजा अर्चना कर रही थी इसके बाद रात करीब 1 बजे होलिका दहन किया गया फिर अगली सुबह से होली पर्व लोगों के द्वारा बड़ी धूमधाम से मनाना शुरू हो गया सुबह से हर मोहल्लों में होली के रंग में नजर आ रहे थे तो कई मोहल्लों में होली पर्व मनाने के लिए विशेष तैयारियां की गई थी ऐसे में पूरा शहर होली के रंगों में डूब गया था वहीं इस दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना घटित ना हो इसके लिए खरसिया पुलिस के नगर निरीक्षक सुम्मतराम साहू और चौंकी प्रभारी नंद किशोर गौतम के द्वारा विशेष व्यवस्था की गई थी और चौक चौराहों पर पुलिस के जवान तैनात थे साथ ही पुलिस के पेट्रोलिंग पार्टी भी पूरे शहर में घूम रही थी ऐसे में किसी प्रकार की कोई बड़ी घटना घटित नहीं हुई और नगरवासियों ने शांतिपूर्ण ढ़ंग से रंगों और उल्लास के इस पर्व को मनाया। -

नगर की महिलाओं ने होली पर्व की परंपराओं को निभाया…
खरसिया। होली पूजन पर नगर की महिलाओं और बच्चों द्वारा नगर के टाउनहॉल में होली पूजन कर परम्परा को निभाया गया होलिका दहन के दिन लकड़ियों के ढेर के साथ ही गोबर के उपले या कंडे जलाने की भी प्रथा है। हमारे शास्त्रों में या हमारी परंपराओं में हर चीज बड़ी ही सोच-समझकर बनायी गयी है इन सबसे हमें कहीं-न-कहीं फायदा जरूर होता है इसी तरह से आज के दिन गोबर के उपलों को जलाने के पीछे भी हमारी ही भलाई छिपी हुई है। इसके साथ ही होलिका दहन के दिन से होलाष्टक समाप्त हो जाएगे, जिसके चलते विवाह आदि सभी शुभ कार्य अब फिर से शुरू हो जायेंगे।
विदित हो कि प्रत्येक वर्ष फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को होलिका दहन किया जाता है। इस बार फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि 17 मार्च को पड़ी। 17 मार्च को होलीका दहन के अगले दिन आज 18 मार्च को धुलेंडी मनाई जाएगी। कुछ लोग अपने घरों में होलिका दहन करके पूजा अर्चना करते हैं तो वहीं कुछ स्थानों पर सामूहिक रूप से होलिका दहन किया जाता है। इस दिन लोग होलिका के चारों और फेरे लेते हुए पूजा अर्चना करते हैं। मान्यता है कि होलिका की अग्नि में सभी तरह की नकारात्मक शक्तियां भस्म हो जाती हैं। होलिका की अग्नि में मुख्य रूप से लोग परिक्रमा करते हुए गेंहू की बालियां अर्पित करते हैं। इसके साथ ही होली की अग्नि में तिल, उपले और गोबर की बनी हुई गुलरिया (छोटे-छोटे गोबर के गोले जिनमें बीच में सुराख किया जाता है) की माला अर्पित कर जीवन की समस्याओं से मुक्ति के लिए प्रार्थना करते है। -

सभी पेट्रोल पंप पर यह 6 सेवाएं बिल्कुल मुफ्त मिलती हैं: जानिए अपना हक़
देखा जाए तो अधिकतर लोगों को यह लगता है कि हम अपने देश में मिलने वाले सेवाओं से भली-भांति अवगत है। लेकिन ऐसी बहुत सी बातें हैं जिन्हें हम नहीं जानते हैं और जानकारी नहीं होने के कारण हम उसका लाभ नहीं उठा पाते। आज हम आपको पेट्रोल पंप पर मिलने वाली निःशुल्क सुविधाओं के बारे में बताएंगे जो हमारा अधिकार है। आइये जानते हैं, इस विषय में।
पेट्रोल पंप पर हमें पेट्रोल, तेल और डीजल के अतिरिक्त और निःशुल्क सुविधाएं मिलना हमारा अधिकार है। ये 6 शर्तें हैं जिन्हें लाइसेंस देने के दौरान लिखा जाता है और यह बताया जाता है कि अगर वे इन सुविधाओं का लाभ नागरिकों को नहीं उठाने देंगे तो उनकी लाइसेंस रद्द कर दी जाएगी। कुल मिलाकर बात तो यही समझ में आ रही है कि ये जो सेवाएं हैं, हमारा खुद का अधिकार हैं।
पहली सेवा मुफ्त हवा
हम अगर घर से बाहर निकल रहे हैं, अगर रास्ते में गाड़ी के पहिए में हवा की कमी हुई, इसके लिए हम इसे चेक करवाते हैं, फिर बाहर वालों को इसके लिए भुगतान भी करतें हैं। लेकिन अगर हम पेट्रोल पंप पर इसे चेक कराकर ठीक करें तो यह निःशुल्क होगा क्योंकि यह हमारा अधिकार है। इस कार्य के लिए यहां एक व्यक्ति हमेशा तैनात रहता है।

दूसरा है स्वच्छ पेयजल
हम अगर घर के बाहर गए और पानी साथ लेकर नहीं गए तो इसे खरीदने की जरूरत नहीं, पम्प पर इसे बिल्कुल मुफ्त में ले सकते हैं। पेट्रोल पंप के शर्तों में यह लिखा गया है कि यहां जो व्यक्ति हैं, उन्हें पानी पिलाया जाए।
तीसरी शौचालय की व्यवस्था
अगर आपको सफर के दौरान शौचालय उपयोग करना है तो इसके लिए आप पेट्रोल पंप पर जाकर शौचालय की सेवा का लाभ ले सकते हैं। अगर वहां का मालिक आपको शौचालय यूज ना करने दे या फिर गंदा रहे तो आप इसके लिए उसके खिलाफ कंप्लेंट दर्ज करा सकते हैं।
चौथी व्यवस्था है फोन कॉल
सफर के दौरान अगर हमें किसी से इमरजेंसी बात करना हो और आपके पास मोबाइल ना हो तो आप एक बार यहां जाकर निःशुल्क कॉल कर सकतें हैं। यह हमारा हक है।
पांचवी प्राईमरी ट्रीटमेंट
अगर सफर के दौरान परेशानियां हुई और आपको कहीं चोट लगी तो आप पेट्रोल पंप पर जाकर निःशुल्क मरहम पट्टी और दवाइयां करवा सकते हैं। यहां पर हमेशा फर्स्ट एड बॉक्स मौजूद रहता है और इसके लिए आपको कोई भी शुल्क नहीं लगेगा। पेट्रोल पंप पर हमेशा प्राईमरी ट्रीटमेंट मौजूद मिलेगा।छठी फायर सेफ्टी डिवाइस
अगर अगल-बगल या फिर पेट्रोल पंप पर कोई आग जैसी समस्या सामने आए तो इस पर नियंत्रण पाने के लिए उपकरण और रेत की बाल्टी होती है। जिससे आग पर काबू पाया जा सकता है। यहां फायर सेफ्टी डिवाइस मौजूद रहते हैं और इसका उपयोग कहीं भी निःशुल्क किया जा सकता है।
अगर आपको आपके पेट्रोल पंप के अधिकारी ये सारी सेवाएं नहीं दे रहे हैं तो आप इनके लिए कंप्लेन दर्ज करा सकते हैं, ध्यान रखें ये हमारा अधिकार है।
-

मूरे का अनोखा नियम जो बताता है कंप्युटर प्रोसेसिंग की अंतिम सीमा….
साल 1965 इंटेल (Intel) के को फाउंडर Gordon E. Moore ने अपने एक नई थ्योरी दुनिया के सामने रखी जिसमें उन्होंने भविष्य में बनने वाले कंप्यूटर मशीन, स्मार्टफोन्स और हाईटेक गैजेट्स के लिए एक ऐसी बात कही थी जो 56 साल बाद यानि 2021 में भी सही मानी जाती है, जितने भी कंप्यूटर और स्मार्टफोन आजतक बने हैं वो सभी मूरे के इस नियम पर काम करते हैं। मूरे (Moore’s law In Hindi) के मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स यानि कंप्यूटर में इस्तेमाल होने वाले ट्रांजिस्टर (Transistors) जो फास्ट प्रोसेसिंग (Processing) के लिए जिम्मेदार होते हैं हर दो सालों में अपनी तय सीमा से दुगने हो जाते हैं जिससे आने वाले नये कंप्यूटर जो पहले से दो गुना ट्रांजिस्टर इस्तेमाल कर रहे हैं पिछली कंप्यूटर मशीन से बहुत ज्यादा फास्ट स्पीड से प्रोसेसिंग करते हैं, स्पीड के साथ-साथ इन कंप्यूटर की कीमत भी पहले से कम हो जाती है। मूरे के इस नियम को मूरे लाॅ (Moore’s law In Hindi) कहा जाता है जो कंप्यूटर और आज के स्मार्टफोन वर्ल्ड में भी एकदम सही बैठता है।
अगर आपने पिछले 10 सालों में यूज किये गये कंप्यूटर्स और स्मार्टफोन को देखा होगा तो फिर आपने मूरे ला को जरूर काम करते देखा है, साल 2010 में आया iPhone 4 केवल 512 MB RAM और सिंगल कोर प्रोसेसर (Single-core processor) पर चलने वाला स्मार्टफोन था, पर आज के समय में आने वाला iPhone 12 4 GB RAM और Hexa-core यानि 6 कोर के प्रोसेसर के साथ आता है, 10 सालो में ही आईफोन स्मार्टफोन 8 गुना ज्यादा रैम और हेक्स कोर की सूपरफास्ट प्रोसेसिंग के साथ बहुत बदल चुका है।
Computers की बात करें तो 10 साल पहले आने वाला Intel Core 2 Duo प्रोसेसर और 4 GB RAM को बेहतरीन डेस्कटोप माना जाता था, पर आज के समय में 10 Core Processor Intel Core i9-10900K के और 32 GB RAM के combination के कंप्यूटर को बेहतरीन कंप्यूटर माना जाता है। आईफोन स्मार्टफोन की तरह ही कंप्यूटर की दुनिया में भी 10 सालों में 8 गुना ज्यादा रैम और 10 कोर तक के बेसिक हाई एंड प्रोसेसर बन चुके हैं जो आज बहुत से घरो में देखने को मिलते हैं। मूरे लाॅ (Moore’s law In Hindi) इन दोनों ही गैजेट्स पर सटीक काम करता है, प्रोसेसिंग के साथ-साथ इन गैजेट्स की कीमत भी लगभग काफी कम हो चूकी है, 10 साल पहले आज के समय के हाई ऐंड कंप्युटर को खरीदना बहुत ज्यादा खर्चीला होता था पर आज इन्हीं गैजेट्स को काफी कम दाम में आसानी से खरीद सकते हो।
पर अबतक इन गैजेट्स पर सटीक बैठता ये मूरे लाॅ (Moore’s law In Hindi) क्या आगे भी इसी तरह काम करता रहेगा, क्या हम आगे भी इसी तरह इन स्मार्टफोन और कंप्युट्रस में हर 1 या दो सालों में जबरदस्त तरक्की को देखते रहेंगे, दूसरे शब्दों में कहें तो क्या कोई ऐसी लिमिट इस पृथ्वी और ब्रह्मांड में मौजूद है जिससे आगे हम ना तो कोई हार्डवेयर बना सकते हैं और ना ही कोई सुपर कंप्यूटर डिजाइन कर सकते हैं जो पहले बने सुपर कंप्यूटर से ज्यादा फास्ट और ताकतवर हो, तो आइये इन्हीं सभी सवालों को जानने के लिए मैं आज आपको कंप्यूटर और स्मार्टफोन की एक ऐसी दुनिया में ले के जाऊँगा जो आपने इससे पहले कभी सोची भी नहीं होगी।
हर साल कंप्युटर्स और स्मार्टफोन लगातार अपग्रेड होते रहते हैं, बेहतर Integrated Circuits और उनमें लगें लाखों Transistor (ट्रांजिस्टर) उन्हें बहुत ज्यादा तेज और ताकतवर बनाते हैं, पर क्या आपको पता है इन इंटीग्रेटिड सर्किट और ट्रांजिस्टर की भी एक लिमिट है जिससे ज्यादा छोटा इन्हें कभी भी नहीं बनाया जा सकता है।.
इस समय इंटेल द्वारा बनाये गये प्रोसेसर में 14 नैनोमीटर के सिलिकॉन ट्रांजिस्टर (silicon transistors) का यूज होता है, जो कि आपके डीएनए से 14 गुना चौड़ा है, अगर इस आकार की तुलना 1 सेमी से की जाये तो आप 1 सेंमी लाइन में ही 14 नैनोमीटर के 7 लाख ट्रांजिस्टर फिट कर सकते हो, इससे ही आप अंदाजा लगा सकते हो कि एक ट्रांजिस्टर कितना छोटा होता है पर फिलहाल वैज्ञानिकों का मानना है कि हम जल्द ही इस लिमिट पर पहुँचने वाले हैं जब ट्रांजिस्टर का आकार Atomic Level पर आ जाएगा और हम फिर उनसे छोटा ट्रांजिस्टर चाह कर भी नहीं बना पाएं.
इस समय इस्तेमाल होने वाले ट्रांजिस्टर फिलहाल 70 सिलिकॉन एटम के बराबर साइज रखते हैं, वही सिलिकॉन एटम का साइज खुद 0.2 नैनोमीटर है तो इसी से आप समझ सकते हो कि हम 14 नैनोमीटर के ट्रांजिस्टर को अगर ज्यादा से ज्यादा छोटा करें तो उसे 0.2 नैनोमीटर से छोटा कभी नहीं कर सकते हैं. ये ट्रांजिस्टर की फंडामेंटल लिमिट (Fundamental Limit) है जिसे हम आने वाले 10 से 20 सालों में छू लेंगे, इस लिमिट को छूते ही हम और ज्यादा छोटे और फास्ट स्मार्टफोन और कंप्युटर्स नहीं बना पाएंगे जिससे हमारी टेक्नोलॉजी की रेस को एक लगाम भी लग सकती है
हमारे गैजेट्स भले ही इस फंडामेंटल लिमिट पर पहुँच जायें पर टेक्नोलॉजी को अपग्रेड करने में वैज्ञानिक बिलकुल भी पीछे नहीं रहते हैं, ट्रांजिस्टर को और छोटा तो नहीं किया जा सकता है पर अगर उनमें मौजूद इलेक्ट्रॉन पार्टिकल्स जो करंट के लिए जिम्मेदार हैं उन्हें फोटोन पार्टिकल से बदल दिया जाये तो आप इन्हीं छोटे ट्रांजिस्टर से बनी चिप के गैजेट्स में 20 परसेंट तक फास्ट प्रोसेसिंग का इस्तेमाल कर सकते हैं।
इलेक्ट्रॉन्स से तेज फोटोन्स मूव करते हैं ऐसे में अगर वैज्ञानिक Photonic Chip बनायें तो आने वाले समय में हमें ट्रांजिस्टर के साइज के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। हालांकि इस समय इस तरह की चिप्स को बनाना बहुत मुश्किल है पर अगर ये बन जाते हैं तो आने वाले समय में आप लाइट वेस्ड लैपटॉप, स्मार्टफोन देख सकते हो जो आज के स्मार्टफोन से भी हजारों गुना फास्ट और पावरफुल होंगे।
