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  • इस मामले में पाकिस्तान से पीछे रह गया भारत…

    इस मामले में पाकिस्तान से पीछे रह गया भारत…

    नई दिल्ली। वैश्विक भूख सूचकांक (ग्लोबल हंगर इंडेक्स) (Global Hunger Index) में भारत 102वें स्थान पर पिछड़ गया है। बता दें कि यह दक्षिण एशियाई देशों का सबसे निचला पायदान है। इस लिस्ट में भारत पाकिस्तान (India Pakistan) से भी पीछे हो गया है।

    पाकिस्तान इस वर्ष भारत से आगे निकलकर 94वां स्थान हासिल किया है। 2015 में भारत की ग्लोबल हंगर इंडेक्स (जीएचआई) रैंकिंग 93 थी। उस वर्ष दक्षिण एशिया में सिर्फ पाकिस्तान ही ऐसा देश था जो इस इंडेक्स में भारत से नीचे आया था।

    2014 से 2018 के बीच जुटाए गए आंकड़ों से तैयार ग्लोबल हंगर इंडेक्स विभिन्न देशों में कुपोषित बच्चों की आबादी, उनमें लंबाई के अनुपात में कम वजन या उम्र के अनुपात में कम लंबाई वाले पांच वर्ष तक के बच्चों का प्रतिशत और पांच वर्ष तक के बच्चे की मृत्यु दर पर आधारित हैं।

    ब्रिक्स देशों में सबसे खराब इस देश का प्रदर्शन
    बाकी दक्षिण एशियाई देश 66वें से 94 स्थान के बीच हैं। भारत ब्रिक्स के बाकी देशों से बहुत पीछे है। (BRICKS- ब्राजील, रूस, इंडिया, चीन और साउथ अफ्रीका)। इसके अलावा ब्रिक्स देशों में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला देश दक्षिण अफ्रीका है, उसकी 59वीं रैंक है।

    साल 2000 के बाद से नेपाल ने की अच्छी प्रगति
    जीएचआई पर पेश एक रिपोर्ट कहती है कि भारत में 6 से 23 महीनों के सिर्फ 9.6% बच्चों को ही न्यूनतम स्वीकृत भोजन उपलब्ध हो पाता है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी हालिया रिपोर्ट में तो यह आंकड़ा 6.4% ही बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2000 के बाद से नेपाल ने इस मामले में सबसे ज्यादा सुधार किया है।

    भूख की स्थिति के आधार पर देशों को 0 से 100 अंक दिए गए और जीएचआई तैयार किया गया। इसमें 0 अंक सर्वोत्तम यानी भूख की स्थिति नहीं होना है। 10 से कम अंक का मतलब है कि देश में भूख की बेहद कम समस्या है।

    इसी तरह, 20 से 34.9 अंक का मतलब भूख का गंभीर संकट, 35 से 49.9 अंक का मतलब हालत चुनौतीपूर्ण है और 50 या इससे ज्यादा अंक का मतलब है कि वहां भूख की बेहद भयावह स्थिति है।

    भारत को 30.3 अंक मिला है जिसका मतलब है कि यहां भूख का गंभीर संकट है। चुनौतीपूर्ण स्थिति वाली श्रेणी में सिर्फ चार देश हैं जबकि सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक बेहद भयावह स्थिति वाली कैटिगरी में है।

    इस वजह से बढ़ रही है भूखमरी
    इस रिपोर्ट में दी गई चेतावनी के मुताबिक जलवायु परिवर्तन के कारण भूख का संकट उच्च स्थर पर पहुंच गया है। इससे दुनिया के पिछले क्षेत्रों में लोगों के लिए भोजन की उपलब्धता और कठिन हो गया। इतना ही नहीं, जलवायु परिवर्तन से भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई भी प्रभावित हो रही है।

    फसलों से मिलने वाले भोजन की पोषण क्षमता भी घट रही है। रिपोर्ट कहती है कि दुनिया ने वर्ष 2000 के बाद भूख के संकट को कम तो किया है, लेकिन इस समस्या से पूरी तरह निजात पाने की दिशा में अब भी लंबी दूरी तय करनी होगी।

  • दिनेश्वरी नंद जांजगीर एसडीओपी, एडिशनल एसपी जय प्रकाश और 3 डीएसपी का तबादला निरस्त,

    दिनेश्वरी नंद जांजगीर एसडीओपी, एडिशनल एसपी जय प्रकाश और 3 डीएसपी का तबादला निरस्त,

    रायपुर। गृह विभाग ने एडिशनल एसपी और तीन डीएसपी रैंक के अधिकारियों का तबादला आदेश निरस्त कर दिया है. वहीं एक डीएसपी रैंक के अधिकारी का तबादला किया गया है।राजनांदगांव जिले में डोंगरगढ़ एसडीओपी के पद पर पदस्थ मणिशंकर चंद्रा का तबादला डीएसपी आप्स बीजापुर किया गया था, जिसे गृह विभाग ने निरस्त कर दिया है। चंद्रा सीएसपी राजनांदगांव के पद पर पदस्थ रहेंगे।

    इसी तरह दंतेवाड़ा मुख्यालय में डीएसपी के पद पर पदस्थ दिनेश्वरी नंद का तबादला राजनांदगांव जिले में एसडीओपी गण्डई के पद पर किया गया था। दिनेश्वरी का भी तबादला आदेश गृह विभाग ने निरस्त करते हुए उन्हें जांजगीर जिले में एसडीओपी के पद पर पदस्थ किया है।

    इसके साथ ही गृह विभाग ने जय प्रकाश बढ़ई एडिशनल एसपी कोरबा का तबादला गैर कानूनी चिटफंड एवं वित्तीय कंपनियों के नियंत्रण प्रकोष्ठ दुर्ग किया था, जिसे निरस्त कर दिया गया है, वे पूर्व की भांति कोरबा एएसी के पद पर पदस्थ रहेंगे।

  • DSP सुनील डेविड होंगे बिलासपुर के नगर पुलिस अधीक्षक

    DSP सुनील डेविड होंगे बिलासपुर के नगर पुलिस अधीक्षक

    रायपुर। मंगलवार को राज्य शासन ने राज्य पुलिस सेवा सँवर्ग के सुनील डेविड उप पुलिस अधीक्षक का नवीन पदस्थापना आदेश जारी किया है। जारी आदेश के तहत बेमेतरा के डीएसपी सुनील डेविड अब बिलासपुर के सीएसपी होंगे।

    गृह विभाग ने आज देर शाम उनका आदेश जारी कर दिया है।

  • दिवाली के मौके पर बढ़ा नकली नोटों का चलन! ऐसे पहचानें आपका 500 और 2000 का नोट असली हैं या नकली

    दिवाली के मौके पर बढ़ा नकली नोटों का चलन! ऐसे पहचानें आपका 500 और 2000 का नोट असली हैं या नकली

    नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी यानी NIA ने कहा है कि भारत में बिल्कुल असली नोट की तरह दिखने वाले जाली नोट (Fake Note) फिर से आ गए हैं. ऐसे में आपको दिवाली की शॉपिंग करते वक्त 500 और 2000 रुपये के असली-नकली नोट की आसानी से पहचान करना आना बहुत जरूरी है. इसीलिए हम आपको इससे जुड़ी जानकारी दे रहे है…

    आपको बता दें कि हाल में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में बताया है कि बाजार में सबसे ज्‍यादा 500 रुपए के नकली नोट चल रहे हैं. वहीं 2000 रुपए के जाली नोटों में 21.9 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. RBI की रिपोर्ट के मुताबिक 500 रुपए के नोट की जालसाजी में वित्त वर्ष 2018-19 में पिछले साल की तुलना में 121 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

    आपके हाथ में आए 2000 के नोट असली हैं या नहीं, ऐसे पहचानें



    2000 के नोट का बेस कलर मैजेंटा है और इसका साइज 66 मिमी गुणा 166 मिमी है. नोट के फ्रंट पर महात्मा गांधी और पीछे की तरफ मंगलयान की तस्वीर लगी है

    पहचान नंबर-1 नोट को लाइट के सामने रखने पर यहां 2000 लिखा दिखेगा.
    पहचान नंबर-2 आंख के सामने 45 डिग्री के एंगल पर रखने पर यहां 2000 लिखा दिखेगा.
    पहचान नंबर-3 देवनागरी में 2000 लिखा दिखेगा पहचान नंबर-4 सेंटर में महात्मा गांधी की तस्वीर है.
    पहचान नंबर-5 छोटे-छोटे अक्षरों में RBI और 2000 लिखा है.
    पहचान नंबर-6 सिक्योरिटी थ्रीड है इसपर भारत, RBI और 2000 लिखा है. नोट को हल्का से मोड़ने पर इस थ्रीड का कलर हरा से नीला हो जाता है.
    पहचान नंबर-7 गारंटी क्लॉज, गवर्नर के सिग्नेचर, प्रॉमिस क्लॉज और आरबीआई का लोगो दाहिनी तरफ है.
    पहचान नंबर-8 यहां महात्मा गांधी की तस्वीर और इलेक्ट्रोटाइप (2000) वाटरमार्क है.
    पहचान नंबर-9 ऊपर में सबसे बाईं तरफ और नीचे में सबसे दाहिने तरफ लिखे नंबर बाएं से दाएं तरफ बड़े होते जाते हैं.
    पहचान नंबर-10 यहां लिखे नंबर 2000 का रंग बदलता है. इसका कलर हरा से नीला हो जाता है.
    पहचान नंबर-11 दाहिनी तरफ अशोक स्तम्भ है.
    पहचान नंबर-12 दाहिनी तरफ आयताकार बॉक्स जिसमें 2000 लिखा है.
    पहचान नंबर-13 दाहिनी और बाईं तरफ सात ब्लीड लाइंस हैं जो खुरदरे हैं.पीछे की तरफ
    पहचान नंबर-14 नोट की प्रिंटिंग का साल लिखा हुआ है.
    पहचान नंबर-15 स्लोगन के साथ स्वच्छ भारत का लोगो.
    पहचान नंबर-16 सेंटर की तरफ लैंग्वेज पैनल
    पहचान नंबर-17 मंगलयान का नमूना

    दृष्टिहीनों के लिए
    महात्मा गांधी की तस्वीर, अशोक स्तम्भ के प्रतीक, ब्लीड लाइन और पहचान चिन्ह खुरदरे से हैं.

    आपके हाथ में आए 500 रुपये के नए नोट असली हैं या नहीं, ऐसे पहचानें…

    पहचान नंबर-1 नोट को लाइट के सामने रखने पर यहां 500 लिखा दिखेगा.
    पहचान नंबर-2 आंख के सामने 45 डिग्री के एंगल पर रखने पर यहां 500 लिखा दिखेगा.
    पहचान नंबर-3 देवनागरी में 500 लिखा दिखेगा.
    पहचान नंबर-4 पुराने नोट की तुलना में महात्मा गांधी की तस्वीर का ओरिएंटेशन और पोजिशन थोड़ा अलग है.
    पहचान नंबर-5 नोट को हल्का से मोड़ने पर सिक्योरिटी थ्रीड का कलर हरा से नीला हो जाता है.
    पहचान नंबर-6 पुराने नोट की तुलना में गारंटी क्लॉज, गवर्नर के सिग्नेचर, प्रॉमिस क्लॉज और आरबीआई का लोगो दाहिनी तरफ शिफ्ट हो गया है.
    पहचान नंबर-7 यहां महात्मा गांधी की तस्वीर और इलेक्ट्रोटाइप वाटरमार्क है.
    पहचान नंबर-8 ऊपर में सबसे बाईं तरफ और नीचे में सबसे दाहिने तरफ लिखे नंबर बाएं से दाएं तरफ बड़े होते जाते हैं.
    पहचान नंबर-9 यहां लिखे नंबर 500 का रंग बदलता है. इसका कलर हरा से नीला हो जाता है.
    पहचान नंबर-10 दाहिनी तरफ अशोक स्तम्भ है.दाहिनी तरफ सर्कल बॉक्स जिसमें 500 लिखा है.
    दाहिनी और बाईं तरफ 5 ब्लीड लाइंस हैं जो खुरदरे हैं.

    पीछे की तरफ
    पहचान नंबर-11 नोट की प्रिंटिंग का साल लिखा हुआ है.
    पहचान नंबर-12 स्लोगन के साथ स्वच्छ भारत का लोगो.
    पहचान नंबर-13 सेंटर की तरफ लैंग्वेज पैनल
    पहचान नंबर-14 भारतीय ध्वज के साथ लाल किले की तस्वीर
    पहचान नंबर-15 देवनागरी में 500 लिखा है.

    दृष्टिहीनों के लिए
    महात्मा गांधी की तस्वीर, अशोक स्तम्भ के प्रतीक, ब्लीड लाइन और पहचान चिन्ह खुरदरे से हैं.

  • केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के चेहरे पर फेंकी गई स्याही, मरीजों का हाल जानने गए थे पटना मेडिकल कॉलेज

    केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के चेहरे पर फेंकी गई स्याही, मरीजों का हाल जानने गए थे पटना मेडिकल कॉलेज

    बिहार की राजधानी पटना में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे पर काली स्याही फेंकने का मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि पीएम मोदी के मंत्री चौबे  पटना के पीएमसीएच हॉस्पिटल में डेंगू से पीड़ित मरीजों को देखने गए थे। उस दौरान 2 युवकों ने उनके चेहरे पर काली स्याही फेंकी और फरार हो गए. जानकारी के मुताबिक, मंत्री की सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने दोनों युवकों को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन असफल रहे।

    माना जा रहा है कि बिहार में बाढ़ को लेकर लोगों में काफी नाराजगी है. इसके विरोध में ही अश्विनी चौबे पर स्याही फेंकी गई है. बता दें कि चौबे बक्सर लोकसभा सीट से सांसद हैं. वह मंगलवार को पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में डेंगू पीड़ित मरीजों से मिलने गए थे।

    ऐसे हुई घटना
    जानकारी के मुताबिक, यह घटना उस वक्त हुई, जब अश्विनी चौबे मरीजों से मिलने के बाद अपनी गाड़ी में बैठने जा रहे थे. 2 युवक अचानक उनकी तरफ आए और उनके चेहरे पर काली स्याही फेंककर फरार हो गए। फिलहाल यह पता नहीं चल पाया है कि दोनों युवक कौन थे। साथ ही, अब तक इस मामले में किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।


    बताया जा रहा है कि 2 युवकों ने अश्विनी चौबे पर स्याही फेंकी. मंत्री की सुरक्षा में तैनात जवानों ने आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन असफल रहे. इस घटना पर अश्विनी चौबे ने कहा, ‘‘यह स्याही जनता, लोकतंत्र और लोकतंत्र के स्तंभ पर फेंकी गई है। स्याही फेंकने वाले वही लोग हैं, जो अपराध जगत से नाता रखते हैं।’

  • अजब गजब- युवक के पेट मे दर्द होने पर डॉक्टर ने लिख दिया प्रेग्नेंसी टेस्ट…

    अजब गजब- युवक के पेट मे दर्द होने पर डॉक्टर ने लिख दिया प्रेग्नेंसी टेस्ट…

    दिल्ली. अब आप इस गलतफहमी में मत रहिये कि डॉक्टर भगवान का रुप होते हैं. इनकी हरकतें देख और सुनकर कम से कम आप अपनी राय जरूर बदल लेंगे। झारखंड में एक डॉक्टर साहब ने ऐसा कारनामा कर दिखाया कि लोग हैरत में पड़ गए. दरअसल राज्य के चतरा जिले के दो युवकों को पेट दर्द की शिकायत थी. जब वे इसके लिए डॉक्टर  के पास गए तो उन्होंने दोनों को प्रेग्नेंसी टेस्ट कराने के लिए कहा।


    सरकारी अस्पताल के डॉक्टर मुकेश कुमार ने दोनों युवकों गोपाल गंझू और कामेश्वर जानू को प्रेग्नेंसी टेस्ट के अलावा एचआईवी और हीमोग्लोबिन टेस्ट कराने को भी कहा. इसके बाद दोनों युवकों ने डॉक्टर के खिलाफ चतरा जिले के सिविल सर्जन से शिकायत की है. जो भी डॉक्टर साहब की हरकत के बारे में सुन रहा है वो हैरान हो जा रहा है।

  • उपसमिति के फैसले पर नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने दी कड़ी प्रतिक्रिया, नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस अपनी हार से डरी

    उपसमिति के फैसले पर नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने दी कड़ी प्रतिक्रिया, नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस अपनी हार से डरी

    रायपुर. भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने निकाय चुनाव में अप्रत्यक्ष प्रणाली से महापौर-अध्यक्ष चुनाव पर मंत्रिमंडलीय उपसमिति की सिफारिश को लोकतांत्रिक मूल्यों से खिलवाड़ बताया है। कौशिक ने कहा कि ईवीएम के बजाय मतपत्र और महापौर-अध्यक्ष चुनाव पार्षदों से कराकर प्रदेश सरकार और कांग्रेस लोकतंत्र पर कब्जा करने का षड्यंत्र रच रही हैं। नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा कि अपनी विफलताओं से घबराए और गत लोकसभा चुनाव के नतीजों में अपना सूपड़ा साफ होने से भयभीत कांग्रेस नेता और प्रदेश सरकार ने अपने कर्मों पर पर्दा डालने के लिए यह निर्णय लिया है। ऐसा करके कांग्रेस ने प्रदेश के लोकतांत्रिक वातावरण को प्रदूषित करने और चुनाव बाद पवित्र जनादेश के साथ मनमाना खिलवाड़ करने का अपना मंसूबा जाहिर किया है।
    प्रदेश सरकार की यह कवायद साफ करती है कि वह जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों कुचलकर अपनी राजनीतिक मनमानी करने पर आमादा है और लोकतंत्र कांग्रेस के लिए कोई मायने नहीं रखता। कौशिक ने कहा कि अपने कर्मों और विफलताओं के बोझ से छटपटाती कांग्रेस और उसकी प्रदेश सरकार को नगरीय निकाय चुनाव में अपनी हार का साफ संकेत मिल चुका है और इसीलिए उसने इस तरह का अलोकतांत्रिक कदम उठाया है।
  • महापौर और अध्यक्ष चुनाव न कराने के फैसले का विरोध शुरु, भाजपा 16 अक्टूबर को करेगी धरना-प्रदर्शन

    महापौर और अध्यक्ष चुनाव न कराने के फैसले का विरोध शुरु, भाजपा 16 अक्टूबर को करेगी धरना-प्रदर्शन

    रायपुर। महापौर और अध्यक्ष का अप्रत्यक्ष तरीके से चुनाव कराने के सरकार के फैसला का विरोध शुरु हो गया है। फैसले के विरोध में भाजपा 16 अक्टूबर को एक दिवसीय धरना प्रदर्शन करेगी। मोतीबाग के पास आयोजित धरना-प्रदर्शन के पश्चात पार्टी नेता राज्यपाल अनुसूईया उइके को सरकार के इस फैसले के विरोध में ज्ञापन सौंपेंगे और उनसे अध्यादेश पर अपनी सहमती न प्रदान करने का आग्रह भी करेंगे।

    इस संबंध में भाजपा नेताओं ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि कांग्रेस सरकार अपनी विफलता से डरी हुई है, इस कारण जनता से सीधे अध्यक्ष व महापौर चुनने का अधिकार मतदाताओ से छीनना चाहती है. जिसका हर स्तर पर विरोध करने का निर्णय भाजपा ने किया है। धरना प्रदर्शन के बाद भारतीय जनता पार्टी का प्रतिनिधि मंडल राज्यपाल महोदया को ज्ञापन सौंपेगा।

  • शिक्षा मंत्री के बाद राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के भी ओएसडी हटाए गए, सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किया आदेश

    शिक्षा मंत्री के बाद राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के भी ओएसडी हटाए गए, सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किया आदेश

    रायपुर। शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम के ओएसडी हटाए जाने के बाद अब राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के ओएसडी को भी हटा दिया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी किया है।

    आदेश में डिप्टी कलेक्टर रैंक के अधिकारी प्रकाश चंद्र कोरी का अटैचमेंट समाप्त कर दिया गया है। कोरी मार्कफेड में प्रबंधक के पद पर थे. उन्हें इस साल 6 मार्च को राजस्व आपदा प्रबंधन और वाणिज्यकर मंत्री जय सिंह अग्रवाल का ओएसडी नियुक्त किया गया था।

  • गढ़बो नवा छत्तीसगढ़’ की थीम पर होगा ‘युवा महोत्सव’, मुख्य सचिव सुनील कुजुर ने कार्यक्रम को सफल बनाने कलेक्टरों को लिखा पत्र

    गढ़बो नवा छत्तीसगढ़’ की थीम पर होगा ‘युवा महोत्सव’, मुख्य सचिव सुनील कुजुर ने कार्यक्रम को सफल बनाने कलेक्टरों को लिखा पत्र

    रायपुर। ‘युवा महोत्सव-2019-20’ के आयोजन को लेकर मुख्य सचिव सुनील कुमार कुजुर ने सभी जिलों के कलेक्टरों को पत्र लिखकर कार्यक्रम को सफल बनाने के निर्देश दिए है। पत्र में कहा गया है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा छत्तीसगढ के युवाओं को विशेष अवसर एवं मंच प्रदान करने, सांस्कृतिक गतिविधियों से युवाओं को जोड़ने एवं उनकी प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से स्वामी विवेकानंद जयंती के उपलक्ष्य में “युवा महोत्सव” का राज्य स्तरीय आयोजन किये जाने का निर्णय लिया गया है। “युवा महोत्सव” के विकासखण्ड स्तरीय आयोजन 15 अक्टूबर से 15 नवंबर के मध्य विकासखण्ड मुख्यालय में आयोजित किया जाएगा। जिला स्तरीय आयोजन 15 नवंबर से 15 दिसंबर के मध्य जिला मुख्यालयों में एवं राज्य स्तरीय आयोजन 12 से 14 जनवरी 2020 के मध्य रायपुर में आयोजित किया जाना है।

    प्रतिनिधि प्रतिभावान कलाकारों को तराशने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार पहली बार युवा महोत्सव का आयोजन करने जा रही है। जिला स्तर पर होने वाले इस आयोजन में गायन-वादन और नृत्य से लेकर 25 विधाओं को शामिल किया गया है। इस आयोजन में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी। विकासखंड और जिला स्तर पर युवा उत्सव आयोजित करने की तैयारियां शुरू करने के निर्देश कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन ने सबंधित अधिकारियों को दिए है। विकासखंड स्तर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में प्रथम आने वाले युवाओं को जिला स्तर पर प्रतिभा प्रदर्शन का अवसर मिलेगा। राज्य युवा महोत्सव में प्रति वर्ष की भांति शामिल अन्य 18 सांस्कृतिक गतिविधियों में लोकनृत्य, लोकगीत, एकांकी नाटक हिन्दी, अंग्रेजी, छत्तीसगढ़ी, शास्त्रीय गायन, हिन्दुस्तानी शैली तथा शास्त्रीय गायन कर्नाटक शैली है। इसी तरह सितार वादन, बांसुरी वादन, तबला वादन, वीणा वादन, मृंदगम वादन, हारमोनियम वादन और गिटार वादन को शामिल किया गया है। गिटार वादन भारतीय अथवा पाश्चात्य संगीत पर आधारित होगा। इनमें मणिपुरी नृत्य, ओडिशी नृत्य, भरतनाट्यम कत्थक, कुचीपुड़ी नृत्य और तात्कालीन भाषण शामिल है। प्रत्येक विधा के लिए दो आयु वर्ग 15 से 40 वर्ष और 40 वर्ष से ऊपर रखा गया है।

    छत्तीसगढ़ी गेड़ी और राउत नाचा का होगा विहंगम नजारा

    पहली बार होगा कि छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति में से एक गेड़ी और राउत नाचा का नजारा बड़े स्टेज पर देखने को मिलेगा। विभिन्न 25 विधाओं के साथ ही गेड़ी नृत्य, राउत नाचा, डंडा नाचा, रॉक बैंड, पारंपरिक वेशभूषा प्रतियोगिता, फूड फेस्टिवल प्रतियोगिता और चित्रकला प्रतियोगिता को शामिल किया गया है। इनमें फूड फेस्टिवल छत्तीसगढ़ के व्यंजनों पर तथा चित्रकला प्रतियोगिता छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति पर आधारित होगी।