Blog

  • लोक निर्माण के अफसरों पर कार्यवाही, ठेकेदार को नोटिस देकर छोड़ा…

    लोक निर्माण के अफसरों पर कार्यवाही, ठेकेदार को नोटिस देकर छोड़ा…

    रायपुर। राजधानी रायपुर के मोवा ओवरब्रिज में घटिया डामरीकरण के मामले में लोक निर्माण विभाग (पीडब्लूडी) ने जिम्मेदार इंजीनियरों के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया है। पीडब्लूडी मंत्री अरुण साव के निर्देश पर पीडब्लूडी सचिव आईएएस डा. कमलप्रीत सिंह ने ओवरब्रिज के डामरीकरण की जांच करवा दी थी। जांच रिपोर्ट में पूरे काम की क्वालिटी घटिया पाई गई है। इस आधार पर पीडब्लूडी विभाग ने कार्यपालन यंत्री विवेक शुक्ला, अनुविभागीय अधिकारी (एसडीओ) रोशन कुमार साहू तथा तीन उप अभियंता राजीव मिश्रा, देवव्रत यमराज और तन्मय गुप्ता को सस्पेंड कर दिया। मामले में घटिया काम करने वाले ठेकेदार को किसके इशारे पर नोटिस देकर ही छोड़ दिया गया।

    पीडब्लूडी के इन इंजीनियरों के निलंबन में कहा गया है कि मोवा ओवरब्रिज के डामरीकरण व निर्माण की क्वालिटी खराब पाई थी। रायपुर ब्रिज डिवीजन के चीफ इंजीनियर की ओर से केंद्रीय गुणवत्ता अनुसंधान प्रयोगशाला से जांच करवाई गई। जांच रिपोर्ट दो दिन पहले मिली, जिसमें औसत बिटुमिन कंटेंट, कंबाइंड डेन्सिटी और मटेरियल का ग्रेडेशन मानक स्तर से कम पाया गया। पूरे मामले में सड़क निर्माण करने वाले ठेकेदार को केवल कारण बताओ नोटिस जारी किया गया र्है। सूत्र बताते है कि ठेकेदार को अधिकारियों का शह होने के कारण उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। विभाग के ईएनसी जिन्होंने पूरे सर्विस काल में केवल ब्रिज और एनएच में काम किया।

    बीएण्डआर में कभी काम नहीं किया। उनकी नजर में भवन और रोड निर्माण करने वाले अभियंता निठल्ले हैं। उन्हें जो अपने ठेकेदार जादवानी पर पूरा भरोसा है। अब ठेकेदार ने मोवा ब्रिज में जो घटिया डामर डाल वह ठंड में उड़ गया। धूल और गिट्टी अलग हो गई। जिस ब्रिज पर एक दिन में औसतन एक लाख से अधिक वाहन गुजरते हो वहां पर पोतने वाले डामर की परत काम नहीं आने वाली। यह सबको मालूम था। ठेकेदार अपना खेल कर निकल गया। अब नोटिस का जवाब देकर अपने अफसर की चाकरी कर बच जाएगा। ईई और सब इंजीनियर के माथे पर डामरीकरण घोटाला मुंह पर कालिख की तरह उनकी सेवा काल तक लगा रहेगा। आखिर विभाग के बॉस के चहेते को कैसे ब्लैक लिस्टेड कियसा जा सकता था। अफसर तो सेट हो गए, लेकिन उप मुख्यमंत्री साव को भी उनके विभाग के अफसरों की कहानी के बारे पता है या नहीं यह तो वक्त बताएगा।

  • महानदी मईया का जन्म महोत्सव 2025 का आयोजन किया गया…

    महानदी मईया का जन्म महोत्सव 2025 का आयोजन किया गया…


    राजिम विगत दिनों डॉ. राम विजय शर्मा इतिहासकार एवं पुरातत्वविद रायपुर भारत के नेतृत्व में विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी महानदी मईया का जन्म महोत्सव 2025 राजिम के महानदी के पावन तट पर सादगी पूर्ण ढंग से तथा धार्मिक उत्साह से मनाया गया। इस अवसर पर राजपुरोहित पंडित अनुप दुबे ने वैदिक मंत्रौचार के साथ पूजा अर्चना कराये तथा यजमान के रूप में डॉ. राम विजय शर्मा पूर्व तहसीलदार राजिम, वरिष्ठ पत्रकार कमलेश्वर गोस्वामी, प्रकाश झा, नर्मदा बाई, चंद्रप्रकाश तथा समस्त महानदी सेवक रहे।

    उल्लेखनीय है कि डॉ. राम विजय शर्मा ने वर्ष 2014 से 14 जनवरी के अवसर पर महानदी मईया का जन्म महोत्सव का आयोजन छत्तीसगढ़ एवं उडीसा के महानदी के तट पर स्थित शहरों तथा गांवो में मनाते हैं अन्य नदियों के तटो पर भी मनाते हैं। इस अवसर पर वृक्षा रोपण तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाता है। इस अवसर पर पूजा अर्चना के पश्चात् गेंदा के फूलों को महानदी में अर्पित किया गया। इस अवसर पर डॉ. राम विजय शर्मा ने बताया कि महानदी हजारों वर्षों से लाखों वर्षों से अपने जल से पशु पक्षी, मानव, वृक्ष, पुष्प, घास तथा समस्त जलीय जीवों का पालन पोषण कर रही है। महानदी से मछुवारा समाज का भरण पोषण तथा मल्लाह समाज का भरण पोषण हो रहा है। महानदी नहर से सिंचाई का कार्य तथा नगरो में जलापूर्ति हो रही है। अतः हम सभी पर महानदी का कर्ज है। अतः उनका जन्मोत्सव मनाकर हम भावनात्मक रूप से उनसे जुड़ते हैं तथा उन्हें लगता है की मेरे पुत्रगण मुझे याद कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि दुनिया में कोई भी चीज निर्जिव नहीं है, पत्थर, पहाड़, जंगल, फूल, घास सभी सजीव है तथा यदि हम सच्ची भावनाओं से उनकी सेवा करेंगे तो वे भी अपने पॉवर के अनुसार हम पर कृपा करते हैं, हमारे बच्चों पर कृपा करते हैं, समाज पर कृपा करते हैं तथा समाज और देश समृद्धशाली बनता है जिससे समाज और देश मजबूत तथा समृद्धशाली बनता है।

    इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार कामेश्वर गोस्वामी जी ने कहा की महानदी मईया का जन्म महोत्सव कार्यक्रम में शामिल होकर हमें अपार खुशी हो रही है। मन और शरीर प्रसन्न हो रहा है। महानदी सफाई कार्यक्रम भी हम चलायेंगे और हम सभी शामिल होंगे।

    इस अवसर पर राजपुरोहित पंडित अनुप दुबे, वरिष्ठ पत्रकार कामेश्वर गोस्वामी, प्रकाश झा, नर्मदा बाई, चन्द्रप्रकाश तथा ग्रामीण जन का एवं महिलाएँ तथा छोटे-छोटे बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए।

  • लोक निर्माण विभाग के दोषी अधिकारियों पर होगी FIR, कई निलंबित…

    लोक निर्माण विभाग के दोषी अधिकारियों पर होगी FIR, कई निलंबित…

    बीजापुर में सड़क निर्माण में गड़बड़ी, भ्रष्टाचार, मिलीभगत, शासकीय राशि के अपव्यय और गुणवत्ताहीन कार्यों पर दोषी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर के निर्देश, तत्काल प्रभाव से निलंबन भी

    रायपुर में मोवा ओवरब्रिज की मरम्मत में अमानक एवं गुणवत्ताहीन कार्य और अनियमितता पर पांच अधिकारी निलंबित


    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने विकास कार्यों में अनियमितता और लापरवाही करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्यवाही करते हुए जीरो टॉलरेंस का परिचय दिया है।

    राज्य शासन ने सड़क निर्माण और ओवरब्रिज मरम्मत कार्य में गड़बड़ी, लापरवाही, गुणवत्ताहीन कार्य और अनियमितता पर सख्ती बरतते हुए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के विरूद्ध बीजापुर से लेकर रायपुर तक कड़ी कार्रवाई की है।

    राज्य शासन ने बीजापुर में सड़क निर्माण में गड़बड़ी, भ्रष्टाचार, मिलीभगत, शासकीय राशि के अपव्यय और गुणवत्ताहीन कार्यों के दोषी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर के साथ ही निलंबन की भी कार्रवाई की है।

    एक अधिकारी को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है। वहीं रायपुर में मोवा ओवरब्रिज की मरम्मत में अमानक एवं गुणवत्ताहीन कार्य और अनियमितता पर पांच अधिकारियों को निलंबित किया गया है।

    मोवा ओवरब्रिज मरम्मत कार्य में गडबड़ी पर पांच अधिकारी निलंबित, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कार्य का निरीक्षण कर जांच के दिए थे आदेश

    लोक निर्माण विभाग ने रायपुर के मोवा रेलवे ओवरब्रिज की मरम्मत में अमानक एवं गुणवत्ताहीन कार्य तथा अनियमितता पर भी बड़ी कार्रवाई की है। जांच के बाद विभाग ने पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया है।

    ओवरब्रिज में डामरीकरण कार्य में शिकायतों का संज्ञान लेकर उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने कार्य का औचक निरीक्षण किया था। उन्होंने निरीक्षण के दौरान कार्यस्थल पर गुणवत्ताहीन कार्य/खराबी पाई थी। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के सेतु परिक्षेत्र, रायपुर के मुख्य अभियंता द्वारा केन्द्रीय गुणवत्ता एवं अनुसंधान प्रयोगशाला, लोक निर्माण विभाग, रायपुर से जांच प्रतिवेदन प्राप्त की गई, जिसमें औसत बिटुमिन कंटेंट, कंबाईन्ड डेन्सिटी, मटेरियल के ग्रेडेशन मानक स्तर से कम पाया गया।

    इस प्रकार अमानक स्तर एवं गुणवत्ता के मापदण्डों का पालन किए बिना ही डामरीकरण का कार्य कराया जाकर कार्यपालन अभियंता, अनुविभागीय अधिकारी एवं उप अभियंताओं द्वारा अधिकार का दुरूपयोग कर अपने पदीय कर्तव्य के निर्वहन में अनियमितता बरती गई है। इस पर कड़ी कार्रवाई करते हुए विभाग ने कार्यपालन अभियंता विवेक शुक्ला, अनुविभागीय अधिकारी रोशन कुमार साहू तथा उप अभियंता राजीव मिश्रा, देवव्रत यमराज और तन्मय गुप्ता को निलंबित किया है। निलंबन अवधि में इन सभी का मुख्यालय नवा रायपुर स्थित लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता कार्यालय निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।

  • शिक्षिकाओं ने किया ओपी चौधरी के बंगले का घेराव, समायोजन की मांग…

    शिक्षिकाओं ने किया ओपी चौधरी के बंगले का घेराव, समायोजन की मांग…

    शनिवार की सुबह शिक्षिकाओं ने छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी के बंगले का घेराव कर दिया है, शिक्षिकाएं समायोजन की मांग को लेकर नारेबाजी कर रही हैं।

    दरअसल बीएड डिग्रीधारी सहायक शिक्षकों को सरकार ने बर्खास्त कर दिया है। 3000 सहायक शिक्षकों को नौकरी से निकाल दिया गया है। 31 दिसंबर 2024 को आदेश जारी होने के बाद सहायक शिक्षक लगातार अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते आ रहे हैं।

    इस बीच राजधानी रायपुर में बड़ी संख्या में B.Ed महिला सहायक शिक्षक अपनी मांगों को लेकर शनिवार की सुबह मंत्री ओपी चौधरी के बंगले पहुंच गईं और नारेबाजी कर रही हैं। बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है। पुलिस लगातार इन्हें यहां से हटने की समझाईश दे रही है।

  • सरकार ने दो IAS अफसरों का किया तबादला…

    सरकार ने दो IAS अफसरों का किया तबादला…

    छत्तीसगढ़ सरकार ने दो आईएएस अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया है। आईएएस रैना जमील को अब वाणिज्य एवं उद्योग विभाग में उप सचिव का प्रभार सौंपा गया है। इससे पहले वे बलरामपुर जिले में जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के पद पर कार्यरत थीं।

    वासु जैन को सक्ती जिले का नया जिला पंचायत सीईओ नियुक्त किया गया है। इससे पहले वे नारायणपुर जिले में एसडीएम के पद पर तैनात थे। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी किए हैं।

    गौरतलब है कि इसके एक दिन पहले छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के तबादले किए थे। इस बदलाव से करीब 60 प्रभावित हुए थे, जिनमें अपर कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर और संयुक्त कलेक्टर शामिल हैं

  • हाई कोर्ट ने रेलवे से पूछा आम आदमी स्टेशन कैसे आएगा, क्या करते है रेलवे के लोग…

    हाई कोर्ट ने रेलवे से पूछा आम आदमी स्टेशन कैसे आएगा, क्या करते है रेलवे के लोग…

    बिलासपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में बिलासपुर रेलवे स्टेशन में आने वाले यात्रियों को होने वाली असुविधा और बदहाल सड़क को लेकर सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और न्यायाधीश रविन्द्र कुमार अग्रवाल की डबल बैंच में सुनवाई के दौरान इस मामले में नाराजगी जताई।

    मुख्य न्यायाधीश ने कहा आम आदमी कैसे आएगा..? क्या दिक्कत हो रही है..? क्या करते हैं ये लोग..? आप अपना निर्माण का काम करें, लेकिन आम आदमी को असुविधा हो रही है..। कोर्ट ने मीडिया रिपोर्ट के आधार पर स्वतः संज्ञान लिया। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि बिलासपुर रेलवे स्टेशन से सटी सड़क बिलासपुर के लोगों के लिए खतरा बन गई है क्योंकि इसकी स्थिति बहुत दयनीय है। स्थानीय लोगों ने कई बार रेलवे के अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन उन्होंने अनसुना कर दिया। जिससे उस सड़क पर चलने वाले लोगों के साथ-साथ सड़क के आसपास रहने वाले लोगों को भी धूल के बीच रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। दरअसल बिलासपुर रेलवे स्टेशन के पास गजरा चौक से शारदा मंदिर तक की सड़क पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। इस सड़क पर एक छोर से दूसरे छोर तक दिखाई देने वाले बड़े-बड़े गड्ढे चीख-चीख कर अपनी दुर्दशा की कहानी बयां कर रहे हैं। बारिश के दिनों में जहां उक्त सड़क तालाब में तब्दील हो गई थी, वहीं वर्तमान में वाहनों के पीछे उड़ने वाली धूल से दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो रहा है।

    हालत यह है कि 24 घंटे लोग इसी धूल भरी सड़क से शहर या रेलवे स्टेशन पहुंच रहे हैं। इस सड़क पर एक नहीं बल्कि अनगिनत बड़े-बड़े गड्ढे हैं, जिसके कारण लोग अपनी जान जोखिम में डालकर इस सड़क पर सफर करने को मजबूर हैं। क्योंकि नयापारा के लोगों के अलावा कोरमी, बसिया, हरदीकला टोना सहित दर्जनों गांवों के ग्रामीणों को इस सड़क पर सफर करना पड़ता है। पिछले दो वर्षों से बारिश के कारण सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है, लेकिन लोगों की परेशानी की ओर किसी का ध्यान नहीं है और न ही किसी को परवाह है। सिरगिट्टी समेत ग्रामीण क्षेत्रों से रेलवे स्टेशन पहुंचने के लिए यही दो सड़कें हैं, लेकिन लोग इस रास्ते से आने-जाने से कतराते हैं। इन दोनों जर्जर सड़कों का इस्तेमाल करना लोगों की मजबूरी बन गई है।

    वहीं सुनवाई के दौरान दूसरी रिपोर्ट में बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर आने वाले यात्रियों को होने वाली असुविधा के बारे में बताया गया है, जिसके कारण प्लेटफार्म क्रमांक 1 पर मालगाड़ियों को जाने दिया जा रहा है, जबकि यात्री गाड़ियों को अन्य प्लेटफार्म अर्थात प्लेटफार्म क्रमांक 2 से 5 पर भेजा जा रहा है। इस पूरे मामले में हाइकोर्ट ने निर्देश दिया कि वर्तमान दोनों मामले के साथ टैग किया जाए। वहीं कोर्ट ने तथ्यों और स्थिति को देखते हुए, बिलासपुर मंडल रेल प्रबंधक को अपना व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। इस पूरे मामले में अगली सुनवाई 29 जनवरी 2025 को निर्धारित की गई है।

  • आदेश का पालन नहीं किया, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी परदेशी, आनन्द, शारदा वर्मा, प्रसन्ना को हाई कोर्ट ने तलब किया…

    आदेश का पालन नहीं किया, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी परदेशी, आनन्द, शारदा वर्मा, प्रसन्ना को हाई कोर्ट ने तलब किया…

    बिलासपुर। एक अहम फैसले में, छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने जस्टिस संजय एस. अग्रवाल की अध्यक्षता में राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ चल रहे अवमानना मामले (CONT No. 772/2023) में सख्त निर्देश जारी किए। डॉ. दीपक कुमार शुक्ला और अन्य द्वारा दायर किया गया है, जो अदालत के पहले दिए गए आदेशों को लागू करने में हुई देरी से संबंधित है।
    यह अवमानना याचिका राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों और पुनर्विचार याचिका में पारित आदेशों का पालन न करने के कारण दायर की गई थी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा इन आदेशों को बरकरार रखने के बावजूद, वरिष्ठ वेतनमान, प्रवर ग्रेड और पे बैंड IV के लिए याचिकाकर्ताओं के दावों को चार महीने की निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा नहीं किया गया।


    कोर्ट के निर्देश का पालन में असफलता
    हाई कोर्ट ने बार-बार आदेशों का पालन करने को कहा:
    – 8 मई 2024 प्रतिवादियों को आदेशों का पालन न करने के लिए स्पष्टीकरण देने को कहा गया था। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि यदि आदेश का पालन नहीं किया गया, तो प्रतिवादी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा।
    19 जून 2024 पहले की चेतावनी के बावजूद, आदेशों का पालन नहीं किया गया और संबंधित प्रतिवादी अदालत में उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद, उनके खिलाफ ₹1,00,000 के जमानती वारंट जारी किए गए, जो 3 जुलाई 2024 तक लागू था।


    प्रमुख जिम्मेदार व्यक्तियों को तलब किया गया
    प्रतिवादियों में शामिल सिद्धार्थ कोमल परदेशी, अंकित
    आनंद, सुश्री शारदा वर्मा, और आर. प्रसन्ना को हाई कोर्ट में 10 मार्च 2025 को उपस्थित होने और यह बताने का निर्देश दिया गया है कि उनके खिलाफ अवमानना के आरोप क्यों न लगाए जाएं।


    वकील का पक्ष
    याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश होते हुए अधिवक्ता एल.सी. पटने और अधिवक्ता प्रांजल अग्रवाल ने राज्य अधिकारियों द्वारा जानबूझकर देरी को उजागर किया।
    “हाई कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा, प्रतिवादियों ने समय पर कार्रवाई नहीं की। यह न्यायपालिका के अधिकार और मेरे मुवक्किलों के न्याय के प्रति सीधा अनादर है श्री पटने ने कहा। सुप्रीम कोर्ट का रुख
    राज्य सरकार द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका (SLP No. 22748/2023) को सुप्रीम कोर्ट ने 28 नवंबर 2024 को खारिज कर दिया था। इसके अतिरिक्त, पुनर्विचार याचिका (डायरी संख्या 28612/2024) को भी सुप्रीम कोर्ट ने 19 नवंबर 2024 को खारिज कर दिया। अब इस मामले को 10 मार्च 2025 तक स्थगित कर दिया गया है, जब प्रतिवादी अदालत में अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करेंगे ताकि आगे की सजा से बचा जा सके।

  • एडिशनल एसपी, डीएसपी के नवीन पदस्थापना आदेश जारी,देखे लिस्ट किसे कहाँ मिली पोस्टिंग…

    एडिशनल एसपी, डीएसपी के नवीन पदस्थापना आदेश जारी,देखे लिस्ट किसे कहाँ मिली पोस्टिंग…

    रायपुर। राज्य शासन ने इतवार देर शाम कई  एडिशनल एसपी, डीएसपी के नवीन पदस्थापना आदेश जारी किये है….

  • ट्रंप से मिले मुकेश और नीता अंबानी, दुनिया के चुनिंदा 100 लोगों में दोनों को मिली जगह…

    ट्रंप से मिले मुकेश और नीता अंबानी, दुनिया के चुनिंदा 100 लोगों में दोनों को मिली जगह…

    रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश और रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी ने वाशिंगटन डीसी में अपने शपथ ग्रहण समारोह से एक दिन पहले डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात की। सीईओ मार्क जुकरबर्ग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में रिसेप्शन डिनर में भाग लेने के लिए उन्हें आमंत्रित किया गया था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह जोड़ा उन भारतीय उद्यमियों में शामिल था, जिन्हें ट्रंप के शपथ लेने से पहले “कैंडललाइट डिनर” के लिए आमंत्रित किया गया था। इस दौरान अंबानी ने उद्योग जगत के नेताओं और स्वयं ट्रंप के साथ तस्वीरें खिंचवाईं।

    मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप के कैबिनेट के नामितों और निर्वाचित अधिकारियों समेत अन्य उल्लेखनीय मेहमानों के साथ मंच पर अंबानी को प्रमुख स्थान मिलने की उम्मीद है। डिनर पार्टी के दौरान क्लिक की गई तस्वीरों में मुकेश अंबानी को काले रंग का सूट पहने देखा गया। वहीं नीता अंबानी ने ओवरकोट और पन्ना के साथ काली साड़ी पहनी थी। रियल एस्टेट उद्यमी कल्पेश मेहता ने इंस्टाग्राम पर जोड़े के साथ तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने कैप्शन में लिखा,”राष्ट्रपति ट्रंप के उद्घाटन समारोह में नीता और मुकेश अंबानी के साथ मजेदार रात।”

    नीता और मुकेश अंबानी के अलावा, अमेज़ॅन के मालिक जेफ बेजोस उन वैश्विक व्यापारिक नेता भी रात्रिभोज में शामिल हुए। राष्ट्रीय राजधानी में अत्यधिक ठंड के हालात में डोनाल्ड ट्रम्प वाशिंगटन डीसी में एक इनडोर कार्यक्रम में संयुक्त राज्य अमेरिका के 47 वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। 1985 के बाद यह पहला मौका होगा कि राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह को घर के अंदर रखा जाएगा।

    टिम कुक और सुंदर पिचाई भी शामिल हुए
    समारोह में प्रतिनिधित्व विदेश मंत्री एस जयशंकर करने वाले हैं। इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले अन्य लोगों में एलन मस्क, जेफ बेजोस, मार्क जुकरबर्ग, सैम ऑल्टमैन, बराक ओबामा, कमला हैरिस, हिलेरी क्लिंटन, टिम कुक और सुंदर पिचाई भी शामिल हुए। इस दौरान राष्ट्रपति जो बिडेन को विदाई देने के लिए डोनाल्ड ट्रम्प अपना उद्घाटन भाषण होगा।

  • छत्तीसगढ़ के इन 2 आईएएस को मिलेगा प्रधानमंत्री अवार्ड, उत्कृष्ट प्रशासनिक कार्यों के लिए हुआ चयन…

    छत्तीसगढ़ के इन 2 आईएएस को मिलेगा प्रधानमंत्री अवार्ड, उत्कृष्ट प्रशासनिक कार्यों के लिए हुआ चयन…

    रायपुर। छत्तीसगढ़ के दो IAS अधिकारीयों को प्रधानमंत्री अवार्ड के लिए चुना गया है। उनकी कार्यक्षमता और उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें 21 अप्रैल को सिविल सर्विस डे के मौके पर पीएम अवार्ड से नवाजा जाएगा। तो आइए जाने कौन है वो दो आईएएस जिन्हें मिलने वाला है पुरस्कार।

    हरीश एस

    हरीश एस छत्तीसगढ़ कैडर के 2015 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और वर्तमान में सुकमा जिले के कलेक्टर के रूप में कार्यरत हैं। उनका जन्म 6 नवंबर 1987 को तमिलनाडु के मदुरई जिले में हुआ था। हरीश ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मदुरई के टीवीएस स्कूल से की और इसके बाद चेन्नई से बीटेक की डिग्री प्राप्त की। कुछ समय तक सॉफ्टवेयर कंपनी और बैंक में काम करने के बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी की और पांचवें प्रयास में आईएएस में सफलता प्राप्त की। हरीश को सुकमा जिले में सर्वांगीण विकास के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उनकी कड़ी मेहनत और प्रशासनिक निर्णयों से सुकमा में कई महत्वपूर्ण विकास कार्य हुए हैं।

    नम्रता गांधी

    नम्रता गांधी छत्तीसगढ़ कैडर की 2013 बैच की आईएएस अधिकारी हैं और वर्तमान में धमतरी जिले की कलेक्टर हैं। उनका जन्म 1 फरवरी 1989 को मुंबई में हुआ था। नम्रता गांधी ने राजनीति विज्ञान में ऑनर्स किया और यूपीएससी परीक्षा में अपने दूसरे प्रयास में 42वीं रैंक हासिल की। नम्रता ने अपनी कड़ी मेहनत और व्यावसायिक दृष्टिकोण से कई जिलों में महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर कार्य किया। उन्हें जल संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार से नवाजा गया है। उनकी दूरदर्शिता और प्रयासों के कारण धमतरी जिले में पेयजल समस्या का समाधान हुआ। ये तीनों अधिकारी छत्तीसगढ़ के प्रशासन में अपनी-अपनी भूमिकाओं में उत्कृष्ट कार्य करके प्रेरणा स्रोत बने हैं।