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  • अंबिकापुर के पॉश इलाके में चल रहा था जिस्मफरोशी का धंधा, एक महिला दलाल समेत 4 लड़की गिरफ्तार..

    अंबिकापुर के पॉश इलाके में चल रहा था जिस्मफरोशी का धंधा, एक महिला दलाल समेत 4 लड़की गिरफ्तार..

    छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ समय से देह व्यापार का गोरख धंधा तेजी से फल फूल रहा है। प्रदेश के कई ऐसे जिले हैं जहां लोग बेखौफ होकर जिस्मफरोशी का धंधा चला रहे हैं। पुलिस की टीम द्वारा लगातर छापामार कार्रवाई कर देह व्यापार का भंडाफोड़ किया जाता है। इसी कड़ी में एक बार फिर छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के अंबिकापुर में देह व्यापार का भंडाफोड़ किया गया है।

    पॉश इलाके में चल रहा था देह व्यापार का गोरख धंधा

    मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला अंबिकापुर के कोतवाली थाना क्षेत्र का है। पुलिस को सूचना मिली की कोतवाली थाना क्षेत्र के पॉश इलाके में किराए के मकान का देह व्यापार का गोरख धंधा चल रहा है। देव व्यापर की सूचना मिलत ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और मकान में छापा मारा। इस दौरान पुलिस को मकान के अंदर से एक महिला दलाल समेत 4 लड़कियां मिली। CSP खुद कोतवाली पुलिस के साथ कार्रवाई करने पहुंचे थे।

    महिला दलाल के खिलाफ पीटा एक्ट के तहत कार्रवाई

    वहीं छापामार कार्रवाई के बाद पुलिस की टीम महिला दलाल और सभी लड़कियों को लेकर थाने पहुंची। पुलिस की टीम ने महिला दलाल के खिलाफ पीटा एक्ट के तहत कार्रवाई की है। पुलिस की टीम ने हिरासत में ली गई सभी लड़कियों को समझाइश देकर छोड़ दिया।

  • 15 नवंबर से बदल जाएगा टोल प्लाजा के ये नियम, नकद भुगतान पर देना होगा दोगुना टोल…

    15 नवंबर से बदल जाएगा टोल प्लाजा के ये नियम, नकद भुगतान पर देना होगा दोगुना टोल…

    अगर आप अक्सर हाईवे पर सफर करते हैं, तो ये खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। अब 15 नवंबर 2025 से टोल प्लाजा पर एक नया नियम लागू होने जा रहा है, जो सीधे आपकी जेब पर असर डालेगा। अब अगर आपके वाहन पर FASTag नहीं लगा है या टैग फेल हो जाता है, तो आपको भारी जुर्माना भुगतना पड़ सकता है। लेकिन राहत की बात यह है कि सरकार ने डिजिटल पेमेंट करने वालों के लिए एक बड़ी छूट का ऐलान किया है।

    क्या है नया नियम?

    केंद्र सरकार ने नेशनल हाईवे फीस (डिटरमिनेशन ऑफ रेट्स एंड कलेक्शन) रूल्स, 2008 में संशोधन करते हुए नया नियम लागू किया है। इस नियम के तहत, अगर कोई वाहन चालक मान्य FASTag के बिना टोल प्लाजा में प्रवेश करता है और कैश से भुगतान करता है, तो उससे डबल टोल चार्ज वसूला जाएगा। लेकिन राहत की बात यह है कि अगर वही वाहन चालक UPI या किसी डिजिटल माध्यम से टोल का भुगतान करता है, तो उसे केवल 1.25 गुना टोल फीस ही देनी होगी। इस तरह ड्राइवर अब कैश की तुलना में डिजिटल पेमेंट से कम भुगतान करेंगे।

    उदाहरण से समझिए

    मान लीजिए, आपके वाहन का टोल 100 रुपये है।
    अगर FASTag काम कर रहा है तो 100 रुपये ही लगेंगे।
    अगर FASTag फेल है और आप कैश से भुगतान करते हैं तो 200 रुपये देने होंगे।
    अगर FASTag फेल है और आप UPI से भुगतान करते हैं तो 125 रुपये देने होंगे।
    यानी अब डिजिटल पेमेंट करने वालों को सीधी राहत मिलेगी और कैश ट्रांजैक्शन करने वालों को ज्यादा भुगतान करना पड़ेगा।

    सरकार ने क्यों किया यह बदलाव?

    केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के अनुसार, इस संशोधन का उद्देश्य टोल कलेक्शन सिस्टम को पारदर्शी बनाना, कैश लेनदेन कम करना और डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देना है। मंत्रालय का कहना है कि इस कदम से न केवल टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारें कम होंगी, बल्कि यात्रियों को तेज और सहज सफर का अनुभव मिलेगा।



    किसे मिलेगी सबसे ज्यादा राहत?

    यह बदलाव खासकर उन ड्राइवरों के लिए फायदेमंद साबित होगा, जिनका FASTag किसी कारणवश स्कैन नहीं हो पाता या टैग एक्सपायर हो गया है। पहले उन्हें मजबूरी में डबल टोल देना पड़ता था, लेकिन अब UPI के जरिये भुगतान करने पर उन्हें राहत मिलेगी।

  • धूमधाम से मनाया जाएगा राणी सती दादी का मेहंदी उत्सव…

    धूमधाम से मनाया जाएगा राणी सती दादी का मेहंदी उत्सव…



    खरसिया। धर्म नगरी खरसिया के छपरी गंज स्थित झुंझनु वाली दादी राणी सती मंदिर में दादी जी का मेहंदी उत्सव बड़ी धुमधाम से राणी सती सेवा समिति द्वारा 12 एवं 13 नवंबर दो दिन मनाया जावेगा। राणी सती सेवा समिति के अमोल अग्रवाल (भुरू) ने बताया कि दादी भक्तों के लिए मेहंदी उत्सव के अवसर पर दो दिवसीय उत्सव दादी सती मंदिर में मनाने की तैयारी जोरो से चल रही है। 12 नवंबर बुधवार को दादी जी की मेहंदी उत्सव का कार्यक्रम शाम 4 रखा गया है जिसमे नगर के प्रसिद्ध भजन गायक राजेश अग्रवाल (बोडू) द्वारा किया जाएगा वही रतजगा का कार्यक्रम रात्रि 8 बजे होगा वही 13 नवंबर को चुंदड़ी चूड़ा सिंगार, आरती पूजन व छप्पन भोग सुबह 11 बजे लगाया जाएगा इसके पश्चात भंडारे का प्रसाद दोपहर 12-45 बजे से प्रारम्भ होगा उसके बाद टाटानगर के प्रसिद्ध मंगल पाठ गायक मनोज शर्मा (मोनू) द्वारा दोपहर 3 बजे मंगल पाठ करवाया जाएगा। दादी जी के मंगल पाठ में भक्तों के लिए बैठने की विशेष व्यवस्था समिति द्वारा की गई है। दादी राणी सती जी के मंदिर को रंग बिरंगी विद्युत झालरो से सजाया गया है। श्री झुंझनु वाली राणी सती धर्मादा ट्रस्ट व राणी सती सेवा समिति के सभी लोग कार्यक्रम को भव्यता देने में दिन रात लगे हुए है।

  • अमित बघेल भगोड़ा घोषित: छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रमुख का पता बताने वाले को मिलेगा पांच हजार का इनाम…

    अमित बघेल भगोड़ा घोषित: छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रमुख का पता बताने वाले को मिलेगा पांच हजार का इनाम…

    रायपुर। छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के प्रमुख अमित बघेल की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। सोमवार को छत्तीसगढ़ क्रांति सेना और जोहार पार्टी के अध्यक्ष अमित बघेल को अब रायपुर पुलिस ने भगोड़ा घोषित कर दिया है। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी पर 5 हजार रुपए का नकद इनाम घोषित किया है।

    मिली जानकारी के अनुसार, रायपुर एसएसपी लाल उमेद सिंह ने इनाम की घोषणा करते हुए लोगों से अपील की है कि जो कोई भी अमित बघेल का पता बताएगा, उसे 5 हजार रुपए का नकद इनाम दिया जाएगा। पुलिस ने बघेल की तलाश में कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी भी की है, लेकिन अब तक वह गिरफ्त से बाहर है। ऐसे में उनकी खोजबीन जारी है।

    पुलिस कई ठिकानों पर मार चुकी है छापे
    पुलिस ने रविवार की देर रात कई स्थानों और उनके करीबियों के घर ने छापा मारा। इस दौरान पुलिस ने छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के शिवेंद्र वर्मा निवासी सद्दू और अजय यादव के धरम नगर टिकरापारा निवास में दबिश दी। सीएसपी रमाकांत साहू ने बताया कि, क्रांति सेना के प्रमुख अमित बघेल की तलाशी के लिए पुलिस की कई टीम लगी हुई है।

  • हाई कोर्ट ने छत्तीसगढ़ की निर्भया को सही न्याय नहीं मिलने को दुर्भाग्यपूर्ण पूर्ण बताया…

    हाई कोर्ट ने छत्तीसगढ़ की निर्भया को सही न्याय नहीं मिलने को दुर्भाग्यपूर्ण पूर्ण बताया…

    विचारण न्यायालय ने आरोपी को पॉक्सो में बरी कर भारी गलती की

    शासन ने भी आरोपी को सजा दिलाने अपील पेश नहीं की

    बिलासपुर। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा एवं जस्टिस बीडी गुरू की डीबी ने एक जघन्य यौन और हत्या के अपराध में आरोपी को पाक्सो एक्ट में बरी करने एवं शासन की ओर से अपील नहीं किए जाने के मामले में गंभीर टिप्पणी की है। कोर्ट ने टिप्पणी में कहा है कि इस बैकग्राउंड में, हम यह नोट करने के लिए मजबूर हैं कि ट्रायल कोर्ट ने, भारी मेडिकल और परिस्थितिजन्य सबूतों के बावजूद, अपीलकर्ता को आईपीसी की धारा 363, 364, 376(3) के साथ-साथ पाक्सो एक्ट की धारा 4 और 6 के तहत गंभीर आरोपों से बरी करके गलती की है। यह वाकई दुर्भाग्यपूणã है कि, इतनी गंभीर फाइंडिग्स के बावजूद, राज्य ने आईपीसी और पाक्सो एक्ट के उपरोक्त प्रावधानों के तहत अपीलकर्ता के बरी होने को चुनौती देते हुए कोई अपील दायर नहीं की है। हालांकि, राज्य की अपील की अनुपस्थिति मेडिकल सबूतों की गंभीरता या बच्चे के खिलाफ किए गए अपराध की गंभीरता को कम नहीं करती है। रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री से इसमें कोई संदेह नहीं रह जाता है कि पीड़ित का अपहरण किया गया था, सबसे बर्बर तरीके से यौन उत्पीड़न किया गया था, और उसके बाद उसकी हत्या कर दी गई थी, और संबंधित प्रावधानों के तहत दोषसिद्धि न देना उन मामलों में सबूतों की गलत समझ को दर्शाता है।

    ऐसे मामले में जहां पीड़िता का रेप किया गया हो और उसे मार दिया गया हो, अगर ट्रायल कोर्ट को पीड़िता पर सेक्शुअल असॉल्ट के पक्के सबूत मिलते हैं, तो वह रेप होने की बात को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता और आरोपी को सिर्फ हत्या के लिए दोषी नहीं ठहरा सकता; फैसले में सबूतों से साबित हुए सभी अपराधों, जिसमें सेक्शुअल असॉल्ट भी शामिल है, के लिए सज़ा का ज़िक्र होना चाहिए, साथ ही हत्या के काम का भी।

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    नाबालिग का अपहरण कर क्रूरता से यौन अपराध के बाद हत्या की

    मामला यह है कि जांजगीर चाम्पा जिला के जैजैपुर थाना क्ष्ोत्र निवासी 12 वर्ष 7 माह उम्र की नवीं कक्षा की छात्रा 28 फरवरी 2022 की रात को अपनी मां के साथ सोई थी। मां की रात को निंद खुली तो देखी कि उसकी बेटी बिस्तर में नहीं है। पिता ने 1 मार्च 2022 को जैजैपुर थाना में रिपोर्ट लिखाई कि उसकी नाबालिग बेटी जो कि कक्षा 9 वीं में पढ़ती है, अज्ञात व्यक्ति ने अपहरण कर लिया है। पिता ने बंधक बनाकर रखने संदेह व्यक्त किया। 3 मार्च 2022 को उसकी लाश गांव के तालाब में मिली। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया एवं गांव में कैम्प कर पूछताछ की। ग्रामीणों से पूछताछ में पुलिस को आरोपी के संबंध में सुराग मिला। पुलिस ने आरोपी जवाहर को गिरफ्तार कर जेल दाखिल किया। सक्ती न्यायालय ने आरोपी को आईपीसी की धारा 302 और 201 के अंतर्गत दंडनीय अपराध के लिए दोषी ठहराया गया है और आजीवन कारावास और 5000/- रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई है, जुर्माने की राशि का भुगतान न करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास और तीन वर्ष का कठोर कारावास  वर्ष की सजा और 2000/- रुपये का जुर्माना, जुर्माना राशि का भुगतान न करने पर दो महीने का अतिरिक्त कठोर कारावास की सजा सुनाई है। हाईकोर्ट ने आरोपी की अपील खारजि करते हुए उसे नाबालिग से बरबर तरीके से यौन अपराध कर हत्या के मामले में पाक्सो एक्ट के तहत सजा नहीं सुनने पर उक्त टिप्पणी की है।

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    आरोपी ने वारदात को ऐसे अंजाम दिया

    मृतक नाबालिग पीड़िता, जो 18 वर्ष से कम उम्र की थी, उसकी हत्या करने के इराद से उसके अभिभावक की वैध अभिरक्षा से बहला-फुसलाकर, उसकी सहमति के बिना, अपहरण कर नाबालिग पीड़िता के साथ रेप किया, जो 16 साल से कम उम्र की थी। प्रॉसिक्यूशन के अनुसार, यह जानने और यह मानने का कारण होने के बाद कि नाबालिग पीड़िता की मौत उसके साथ किए गए कामों के कारण हुई है, आरोपी ने आपराधिक ज़िम्मेदारी से बचने के लिए मृतक को कीटनाशक पिला दिया। सबूत मिटाने के लिए, उसने कथित तौर पर कीटनाशक की बोतल को घटना स्थल के पास तालाब में फेंक दिया, मृतक द्बारा पहनी गई लेगिग की जेब में एक कथित सुसाइड नोट रख दिया, और उसके बाद शव को डबरी तालाब में फेंककर ठिकाने लगा दिया। प्रॉसिक्यूशन ने आगे आरोप लगाया कि, 16 साल से कम उम्र की मृतक नाबालिग लड़की के वजाइना, मुंह, यूरेथ्रा या एनस में किसी भी हद तक अपना पेनिस डालकर, आरोपी ने पाक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत गंभीर पेनिट्रेटिव सेक्सुअल असॉल्ट किया, और इस तरह एक्ट की धारा 4 के तहत दंडनीय पेनिट्रेटिव सेक्सुअल असॉल्ट भी किया।

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    जांच के दौरान यह पता चला

    जांच के दौरान, यह पता चला कि मृतक और आरोपी लगभग आठ महीने से लव अफ़ेयर में थे। दोनों को अक्सर मिलते और बात करते देखा जाता था, और आरोपी ने मृतक को एक सैमसंग मोबाइल फोन गिफ्ट किया था, जिसे बाद में उसकी मां ने ले लिया था। जब मृतक ने कथित तौर पर कहा कि वह उसके बिना नहीं रह सकती और मर जाएगी, तो आरोपी ने उसे 28.02.2022 को अपने घर बुलाया जब वहां कोई नहीं था। उसने कथित तौर पर उसे मारने की साजिश रची और उससे एक सुसाइड नोट लिखने को कहा, यह कहते हुए कि वे दोनों भाग जाएंगे और आत्महत्या कर लेंगे।

    28.02.2022 की रात, लगभग 1:00 बजे, आरोपी पीड़िता के घर के पीछे इंतजार कर रहा था। जब

    वह बाहर आई, तो उसने उसे अपनी हीरो डीलक्स मोटरसाइकिल पर बिठाया और उसे डबरी तालाब के पास ले गया। वहां, जब उसने जाने से मना कर दिया। उसने कथित तौर पर उसे बीयर की बोतल में पेस्टिसाइड मिलाकर पिलाया और बाद में जबरदस्ती उसके साथ रेप किया। उसने झूठे सबूत बनाने के लिए नाबालिग लड़की के नाम से लिखा हुआ एक सुसाइड नोट भी रखा था। पकड़े जाने के डर से, वह उसके सीने पर चढ़ गया, उसका गला घोंट दिया, पुलिस को गुमराह करने के लिए सुसाइड नोट उसकी लेगिग की जेब में रख दिया, उसकी लाश को तालाब में फेंक दिया और अपनी मोटरसाइकिल से भाग गया।

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    यह वाकई दुर्भाग्यपूणã है

    उसकी मौत से पहले आरोपी ने उसके साथ बेरहमी से और ज़बरदस्ती यौन हमला किया गया था। डॉक्टरों ने साफ तौर पर राय दी है कि पीड़ित के प्राइवेट पार्ट्स पर गंभीर चोटें आई थीं, जिसमें वल्वा में बहुत ज़्यादा सूजन, गहरे कट और वजाइनल कैनाल का फटना और जमे हुए खून की चोटें शामिल हैं, जो आकस्मिक या पोस्टमार्टम के बाद के बदलावों से बिल्कुल अलग हैं और मेडिकल तौर पर हिसक पेनिट्रेटिव हमले की खासियत हैं। ये चोटें, जब प्लेटिस्मा हेमरेज, लैरिजियल स्ट्रक्चर के फ्रैक्चर, थोरेसिक अंगों में कंजेशन और सेरेब्रल कंट्यूजन जैसे कंप्रेसिव गर्दन के ट्रॉमा के पैथोलॉजिकल निशानों के साथ पढ़ी जाती हैं, तो परिस्थितियों की एक लगातार और अटूट कड़ी पेश करती हैं जो निश्चित रूप से इस ओर इशारा करती है। एक जघन्य यौन और हत्या का अपराध था। ट्रायल कोर्ट ने, भारी मेडिकल और परिस्थितिजन्य सबूतों के बावजूद, अपीलकर्ता को आईपीसी की धारा 363, 364, 376(3) के साथ-साथ पाक्सो एक्ट की धारा 4 और 6 के तहत गंभीर आरोपों से बरी करके गलती की है। यह वाकई दुर्भाग्यपूणã है कि, इतनी गंभीर फाइंडिग्स के बावजूद, राज्य ने आईपीसी और पाक्सो एक्ट के उपरोक्त प्रावधानों के तहत अपीलकर्ता के बरी होने को चुनौती देते हुए कोई अपील दायर नहीं की है।

  • AI चैटबॉट का गजब ‘Kill Bill, अस्पताल का 1.72 करोड़ का बिल 30 लाख का कर दिया!

    AI चैटबॉट का गजब ‘Kill Bill, अस्पताल का 1.72 करोड़ का बिल 30 लाख का कर दिया!

    Claude नाम के AI Chatbot ने अस्पताल के बिल को बारीकी से देखा और उसमें कई विसंगतियों को पकड़ लिया. नतीजतन, एक करोड़ 72 लाख रुपये का बिल घटकर 30 लाख रुपये का हो गया. कहानी ‘आर्टिफिशियल’ लग सकती है लेकिन Claude की ‘इंटेलिजेंस’ के लिए पढ़ना बनता है.

    AI Chatbot से जुड़े अच्छे और बुरे किस्से आपने जरूर पढ़े और सुने होंगे. आज बारी एक और अच्छे किस्से की है. जानकर आपको एक बार तो भरोसा भी नहीं होगा. ज्यादा भूमिका नहीं, सीधा खबर पर आते हैं. दावा है कि AI Chatbot की मदद से एक शख्स ने अस्पताल का एक करोड़ 72 लाख रुपये का बिल सीधा 30 लाख का करवा लिया. यानी एक करोड़ 42 लाख रुपये से भी ज्यादा बचा लिए. जानें कैसे एक AI Chatbot ने अस्पताल के बिल में खामियां पकड़ीं.

    Claude नाम के AI Chatbot ने अस्पताल के बिल को बारीकी से देखा और उसमें कई विसंगतियों को पकड़ लिया. नतीजतन, एक करोड़ 72 लाख रुपये का बिल घटकर 30 लाख रुपये का हो गया. कहानी ‘आर्टिफिशियल’ लग सकती है लेकिन Claude की ‘इंटेलिजेंस’ के लिए पढ़ना बनता है.

    AI Chatbot ने बिल को ‘किल’ कर दिया
    घटना अमेरिका की है. Tom’s Hardware की रिपोर्ट के मुताबिक थ्रेड्स (इंस्टाग्राम का ट्विटर) पर मैट रोजनबर्ग नाम के यूजर ने इस पूरी घटना को साझा किया है. पोस्ट के मुताबिक उनके साले को हार्ट अटैक आया था. उसका मेडिकल बीमा दो महीने पहले ही खत्म हो गया था. ऐसे में इलाज का पूरा खर्च परिवार पर आया. हालांकि मरीज को बचाया नहीं जा सका. एक करीबी रिश्तेदार को खोने के बाद परिवार को एक और झटका मिलने वाला था.

    दरअसल, अस्पताल ने मरीज को सिर्फ चार घंटे ICU में रखा था. लेकिन इसके लिए बिल बनाया गया 1.72 करोड़ रुपये का. पोस्ट के मुताबिक बिल में कई सारे चार्जेज ऐसे थे जिनका कोई तुक नहीं था. गड़बड़ महसूस होने पर मैट ने क्लाउड चैट बॉट को बिल का तिया-पांचा समझने के लिए कहा.

    चैट बॉट ने अपना काम बखूबी किया. उसने पाया कि अस्पताल ने एक ही प्रक्रिया के लिए दो बार वसूली की थी. एक बार मेन ऑपरेशन के लिए. और फिर हर छोटे हिस्से के लिए. अकेले इस वजह से बिल लगभग 88 लाख रुपये बढ़ गया था. चैट बॉट ने गलत बिलिंग कोड भी पकड़े, जैसे कि मामले को ‘आपातकालीन’ के बजाय ‘अस्पताल में भर्ती’ के रूप में दिखाया. वेंटिलेटर सेवाओं का खर्चा भी बिल में जुड़ा हुआ था.

    विसंगतियों की पूरी लिस्ट चैट बॉट ने साझा की जिसके बाद यूजर ने अस्पताल को सबूत के साथ एक सख्त चिट्ठी लिखी. अस्पताल ने बिल में झोल को माना और बिल को एक लाख 95 हजार डॉलर (एक करोड़ 72 लाख रुपये) से घटाकर 33 हजार डॉलर (करीब 30 लाख रुपये) कर दिया.

    मैट रोजनबर्ग के मुताबिक चैट बॉट ने बिल में कमियां तो निकाली ही, साथ में एक बढ़िया पत्र लिखने में भी मदद की. 1800 रुपये महीना प्रीमियम वाले चैटबॉट ने यूजर के करोड़ों बचा दिए.

  • राज्य पुलिस अकादमी से हटाए गए IPS रतनलाल डांगी, इन्हें मिली नई जिम्मेदारी, देखें आदेश…..

    राज्य पुलिस अकादमी से हटाए गए IPS रतनलाल डांगी, इन्हें मिली नई जिम्मेदारी, देखें आदेश…..

    रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने पुलिस विभाग में एक अहम प्रशासनिक फेरबदल किया है। सीनियर आईपीएस रतनलाल डांगी को चंदखुरी ट्रेनिंग अकादमी के निदेशक पद से हटा दिए गए हैं। उन्हें पुलिस मुख्यालय अटैच किया गया है। वहीं आईपीएस अजय यादव को चंदखुरी ट्रेनिंग अकादमी की जिम्मेदारी दी गई है। इसका आदेश आज गृह विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता ने जारी किया है।

    बता दें कि हाल ही में एक सब इंस्पेक्टर की पत्नी ने 2003 बैच के आईपीएस अधिकारी रतनलाल डांगी पर बीते सात सालों से उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कई आपत्तिजनक डिजिटल साक्ष्य के साथ उच्च पदस्थ अधिकारियों से शिकायत की थी। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विभाग जांच कर रही है। वहीं आईपीएस डांगी ने इस पूरे विवाद को एक बड़ी साजिश करार देते हुए कहा था कि उनकी साफ सुथरी छवि को उच्च पदों पर संभावित नियुक्तियों के समय निशाना बनाया जा रहा है। शिकायतकर्ता महिला की बहन और जीजा ने भी मीडिया से चर्चा करते हुए आरोप को झूठा बताते हुए खुद को भुक्तभोगी बताया था।

  • गिरफ्तारी पर नहीं चलेगी पुलिस की मनमानी! सुप्रीम कोर्ट बोला-लिखित कारण बताना जरूरी है…

    गिरफ्तारी पर नहीं चलेगी पुलिस की मनमानी! सुप्रीम कोर्ट बोला-लिखित कारण बताना जरूरी है…

    सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस बी. आर. गवई और जस्टिस ए. जी. मसीह की बेंच ने 2024 वर्ली BMW हादसा केस से जुड़ी याचिकाओं पर आदेश सुनाया. इन याचिकाओं में सवाल उठाया गया था कि क्या बिना लिखित कारण बताए गिरफ्तारी करना संविधान का उल्लंघन है. अब सुप्रीम कोर्ट ने भी इस पर सहमति जताई है.

    सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार 6 नवंबर को अपने एक आदेश में कहा कि पुलिस और जांच एजेंसियों को हर गिरफ्तार व्यक्ति को गिरफ्तारी का कारण बताना अनिवार्य है. कोर्ट ने कहा कि यह कारण लिखित में होना चाहिए और जल्द से जल्द बताया जाना चाहिए. अदालत ने साफ किया कि गिरफ्तारी भले ही किसी भी कानून जैसे BNS, IPC या फिर मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) के तहत की गई हो, गिरफ्तार किए गए शख्स को लिखित कारण बताना जरूरी है

    इस केस में दिया आदेश
    बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस बी. आर. गवई और जस्टिस ए. जी. मसीह की बेंच ने 2024 वर्ली BMW हादसा केस से जुड़ी याचिकाओं पर आदेश सुनाया. इन याचिकाओं में सवाल उठाया गया था कि क्या बिना लिखित कारण बताए गिरफ्तारी करना संविधान का उल्लंघन है. अब सुप्रीम कोर्ट ने भी इस पर सहमति जताई है.

    आदेश की बड़ी बातें
    – संविधान के अनुच्छेद 22(1) के तहत हर व्यक्ति को यह मौलिक अधिकार है कि उसे उसकी गिरफ्तारी के कारणों की जानकारी दी जाए.
    – यह अधिकार हर अपराध और हर कानून (चाहे वह पुराना IPC हो या नया भारतीय न्याय संहिता BNS-2023) पर लागू होता है.
    – यह आर्टिकल-21 के तहत व्यक्तिगत स्वतंत्रता का एक अभिन्न अंग है. इसका पालन किए बगैर गिरफ्तारी असंवैधानिक है.

  • मसका गए महस्के, अफसरों ने अपना दामन बचाने पूरा खेल कर दिया…

    मसका गए महस्के, अफसरों ने अपना दामन बचाने पूरा खेल कर दिया…

    सीजीएससी में दवा घोटाले के बाद अब जैम पोर्टल के माध्यम से दवा खरीदी का फरमान जारी किया। सरकार के फरमान से साफ हो गया है कि अब कमीशन का खेल खत्म करने की तैयारी है। सीजीएमएससी अध्यक्ष दीपक महस्के के समक्ष यह तथ्य आया कि जैम पोर्टल में मिलने वाली दवाईयां महंगी है। तथ्यों के बीच उन्होंने यह तर्क दिया कि अफसरों से चर्चा के बाद ही कुछ कहेंगे। यानि अब महस्के सरकार की रणनीति से मसके गए। पाेर्टल के जरिए होने वाली खरीदी से यहां होने वाली सेटिंग का बड़ा हिस्सा उपर से ही बंट जाएगा।

    मोक्षित कॉर्पोरेशन ने छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन के अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर अवैध रूप से मेडिकल उपकरण और रिएजेंट की आपूर्ति का ठेका हासिल किया। इसके अलावा, कुछ अन्य फर्में भी हैं जिन्हें गुणवत्ता मानकों का पालन न करने के कारण ब्लैकलिस्ट किया गया है या जांच के दायरे में हैं। मान फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड , रिकॉर्डर्स एंड मेडिकेयर सिस्टम्स जैसी कंपनियां शामिल हैं। मोक्षित तो मुर्क्षित हो गया है। सूत्र बताते हैं कि इसमें एक भाजपा नेता का पैसा लगा है। अब सरकार आने पर उम्मीद बनी थी की रूका हुआ अरबों का बिल निकल जाएगा। महस्के को इसी उम्मीद में बिठाया गया, पर श्याम जी अपना हिस्सा कैसे जाने देते।

    ऐसा भी हुआ खेल
    जेम पोर्टल में स्टील के एक जग की खरीद पर हाल ही में विवाद खड़ा हुआ था, जिसमें छत्तीसगढ़ के आदिवासी विकास विभाग पर 32,000 रुपये प्रति जग की दर से 160 जग खरीदने का आरोप लगा था, जिसकी कुल कीमत 51 लाख रुपये थी अब दवा की कीमत कैसी होगी यह अब ऑनलाइन तय होगा। यहां पर पारदर्शी व्यवस्था के नाम पर खेल होने से पता ही नहीं लगेगा। सरकार को यह पहल करनी चाहिए कि अस्पताल अपनी दवाएं सीधे पोर्टल से आर्डर कर दे।

    50 प्रतिशत मार्जिन
    कहा जाता है कि दवाओं का एमआरपी कुल लागत से 50 प्रतिशत ज्यादा होती है। थोक व्यापारी 40 प्रतिशत तक डिस्काउंट में देते हैं। चिल्हर में बेचने वाला एमआरपी पर ही पूरा वसूली कर लेता है। ऐसे में सरकारी खरीदी इस कारनामें से कैसे बच सकता है।

    नया खेला
    पिछली सरकार के दौरान अफसरों ने सीणे दवा कंपनी पकड़कर लाभ लिया। सीजीएमएससही अध्यक्ष भी ऐसे ही रास्ते पर चल पड़े थे, लेकिन सरकार ने नया फरमान जारी की उनका अभियान रोक लिया। सह न रूके इसे लेकर खेला कर दिया गया।

  • सुप्रीम कोर्ट का ‘सुप्रीम फैसला’: सड़कों पर आवारा कुत्ते नहीं दिखने चाहिए, 8 हफ्ते में देश को ‘डॉग फ्री’ बनाने का सख्त आदेश!

    सुप्रीम कोर्ट का ‘सुप्रीम फैसला’: सड़कों पर आवारा कुत्ते नहीं दिखने चाहिए, 8 हफ्ते में देश को ‘डॉग फ्री’ बनाने का सख्त आदेश!

    नई दिल्ली। आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट ने ‘सुप्रीम फैसला’ सुना दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को आवारा कुत्तों का नसबंदी करके कुत्तों को शेल्टर होम में रखने का आदेश दिया है। देश के शीर्ष न्ययालय ने कहा कि सड़कों पर आवारा कुत्ते नहीं दिखनी चाहिए। स्कूल-कॉलेज, अस्पताल से आवारा कुत्तों को हटाया जाए। राजस्थान हाईकोर्ट का आदेश लागू करने के निर्देश दिए। देश के शीर्ष न्यायालय ने साथ ही हाइवे और एक्सप्रेस-वे पर से भी आवारा पशुओं को हटाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने 8 सप्ताह में अपने आदेश को लागू करने के लिए कहा है।
    मामले की सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच में हुई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी राज्यों के मुख्य सचिव इन निर्देशों का सख्ती से पालन करवाएंगे। स्टेटस रिपोर्ट और हलफनामा 3 हफ्ते में दायर किया जाए। इस मामले में अगली सुनवाई अब 13 जनवरी को होगी। आवारा कुत्तों के मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (7 नवंबर, 2025) को तीन आदेश दिए हैं।
    कोर्ट ने कहा है कि एमिकस क्यूरी की रिपोर्ट पर राज्य काम करें और एफिडेविट दाखिल करें। दूसरे आदेश में कोर्ट ने कहा कि सड़कों पर आवारा पशुओं को लेकर राजस्थान हाई कोर्ट का आदेश पूरे देश में लागू करें। हाई वे और सड़कों से आवारा पशुओं को हटाएं। उन्हें आश्रय स्थल में रखें। नगर निगम पेट्रोलिंग टीम बनाएं और 24 घंटे निगरानी रखें। कोर्ट ने हेल्पलाइन नंबर जारी करने का भी आदेश दिया है।