Category: राष्ट्रीय

  • नान घोटाला — IAS आलोक शुक्ला की अग्रिम जमानत मंजूर

    नान घोटाला — IAS आलोक शुक्ला की अग्रिम जमानत मंजूर

    रायपुर। प्रदेश के बहुचर्चित नान घोटाला मामले में आरोपी बनाए गए आईएएस अधिकारी अलोक शुक्ला को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने आलोक शुक्ला के आवेदन पर सुनवाई करते हुए उन्हें अग्रिम जमानत दे दी है। इससे पहले अप्रैल में एक और आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा को भी कोर्ट ने राहत देते हुए उन्हें भी अग्रिम जमानत दे दी थी।

    ये था पूरा मामला

    एंटी करप्शन ब्यूरो और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा ने 12 फरवरी 2015 को नागरिक आपूर्ति निगम के 28 ठिकानों में छापा मारकर करोड़ों रूपए बरामद किए थे, इस मामले में 27 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। आईएएस अधिकारी डा.आलोक शुक्ला और नान के तत्कालीन एमडी अनिल टुटेजा के खिलाफ अभियोजन चलान के लिए राज्य सरकार ने केंद्र को चिट्ठी लिखी थी। 4 जुलाई 2016 को केंद्र ने अभियोजन की अनुमति दे दी थी, बावजूद इसके राज्य शासन ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। ऐन चुनाव के पहले करीब ढाई साल बीतने के बाद राज्य सरकार ने पूरक चालान पेश करते हुए दोनों ही आईएएस अधिकारियों के नाम शामिल किए थे।

  • सुन्नी वक्फ बोर्ड ने विवादित जमीन पर अपना दावा छोड़ा, राम मंदिर सुनवाई का आज अंतिम दिन

    सुन्नी वक्फ बोर्ड ने विवादित जमीन पर अपना दावा छोड़ा, राम मंदिर सुनवाई का आज अंतिम दिन

    दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में हिन्दू महासभा ने जो दस्तावेज पेश किए उनमें बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष रहे किशोर कुणाल की पुस्तक ‘अयोध्या रीविजिटेड’ के कुछ अंश का जिक्र था। इसमें कहा गया है कि विवादित स्थल पर शुरू से ही मंदिर का अस्तित्व था।

    सुप्रीम कोर्ट में मुस्लिम पक्षकार राजीव धवन अचानक से उग्र हो उठे। सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड के 72 वर्षीय वकील राजीव धवन ने हिन्दू महासभा के कुछ कागज़ात फाड़ डाले। हिन्दू महासभा ने उन्हें कुछ कागज़ात और नक़्शे दिए थे। अदालत में ही धवन ने उन्हें एक-एक कर फाड़ना शुरू कर दिया। जब मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने उन्हें टोका तो उन्होंने कुछ और पन्ने फाड़ डाले।

    बता दें कि सुन्नी वक्फ बोर्ड ने विवादित जमीन पर अपना दावा छोड़ दिया है। सुन्नी वक्फ बोर्ड इस संबंध में शीर्ष अदालत में हलफनामा दायर कर सकती है। मध्यस्थता पैनल ने इसकी पुष्टि की है। इस ख़बर के बाद अयोध्या मामले का घटनाक्रम तेजी से बदलता नज़र आ रह है।

    बुधवार को राम मंदिर मामले की सुनवाई का 40वाँ और अंतिम दिन है। सीजेआई ने साफ़-साफ़ कह दिया है कि सभी निर्धारित पक्षों को निश्चित समयावधि से अधिक नहीं दी जाएगी और आज शाम 5 बजे तक सुनवाई पूरी कर ली जाएगी। हिन्दू पक्ष की ओर से दलील पेश करते हुए वकील सीएस वैद्यनाथन ने इस तरफ कोर्ट का ध्यान दिलाया कि मुस्लिम पक्ष ने अभी तक ऐसा कोई भी सबूत नहीं दिया है, जिससे पता चले कि विवादित भूमि पर उनका एकाधिकार है। उन्होंने कहा कि 1857 से 1934 के बीच मुस्लिम पक्ष ने वहाँ नमाज़ पढ़ी होगी, लेकिन उसके बाद ऐसा कुछ भी होने का कोई सबूत नहीं है।

    वैद्यनाथन ने ये कहते हुए अपनी दलीलें समाप्त की कि नमाज़ पढ़ने के लिए तो काफी सारी जगहें हो सकती हैं, लेकिन राम जन्मभूमि सिर्फ़ एक ही जगह है और उसे बदला नहीं जा सकता। वहीं राम मंदिर पर पहली याचिका दाखिल करने वाले गोपाल सिंह विशारद के वकील ने इस बात पर जोर दिया कि उस स्थल पर पहले से पूजा होती रही है। वकील रंजीत कुमार ने सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड की याचिका खरिज करने की अपील के साथ अपनी बात समाप्त की। वहीं निर्मोही अखाड़ा ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि बाबा अभिराम दास विवादित स्थल पर स्थित स्ट्रक्चर में मुख्य पुजारी थे।

    हिन्दू महासभा ने जो दस्तावेज पेश किए उनमें बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष रहे किशोर कुणाल की पुस्तक ‘अयोध्या रीविजिटेड’ के कुछ अंश का जिक्र था। इसमें कहा गया है कि विवादित स्थल पर शुरू से ही मंदिर का अस्तित्व था। राजीव धवन ने जब आपत्ति जताई तो सीजेआई राजन गोगोई ने कहा कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो सभी जज उठ कर चले जाएँगे। हिन्दू महासभा के वकील विकास ने जब सीजेआई को पुस्तक देने की बात कही तो उन्होंने कहा कि पुस्तक उन्हें दे दी जाए ताकि वो दिवाली तक पढ़ते रहें और नवम्बर तक पढ़ते रहें। सीजेआई ने उन्हें पुस्तक पर हस्ताक्षर कर के देने को कहा। सीजेआई ने धवन को फटकारते हुए कहा कि चिल्लाना व्यर्थ है।

    वहीं, विवादित ज़मीन पर अपना दावा छोड़ने के एवज में सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड ने विचित्र शर्तें रखते हुए माँग किया कि अयोध्या में 22 मस्जिदों के रख-रखाव की जिम्मेदारी सरकार उठाए। सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड ने अंतिम शर्त रखी है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के नियंत्रण में जितने भी धार्मिक स्थल हैं, उनकी स्थिति की जाँच करने के लिए सुप्रीम कोर्ट एक समिति बनाए। मुख्य न्यायाधीश आज सुनवाई के दौरान समय को लेकर एकदम सजग दिखे और निर्मोही अखरा के वकील ने जब डेढ़ घण्टे माँगे तो उन्हें समय की कमी का हवाला देकर 1 बजे तक का समय दिया गया।

  • इस मामले में पाकिस्तान से पीछे रह गया भारत…

    इस मामले में पाकिस्तान से पीछे रह गया भारत…

    नई दिल्ली। वैश्विक भूख सूचकांक (ग्लोबल हंगर इंडेक्स) (Global Hunger Index) में भारत 102वें स्थान पर पिछड़ गया है। बता दें कि यह दक्षिण एशियाई देशों का सबसे निचला पायदान है। इस लिस्ट में भारत पाकिस्तान (India Pakistan) से भी पीछे हो गया है।

    पाकिस्तान इस वर्ष भारत से आगे निकलकर 94वां स्थान हासिल किया है। 2015 में भारत की ग्लोबल हंगर इंडेक्स (जीएचआई) रैंकिंग 93 थी। उस वर्ष दक्षिण एशिया में सिर्फ पाकिस्तान ही ऐसा देश था जो इस इंडेक्स में भारत से नीचे आया था।

    2014 से 2018 के बीच जुटाए गए आंकड़ों से तैयार ग्लोबल हंगर इंडेक्स विभिन्न देशों में कुपोषित बच्चों की आबादी, उनमें लंबाई के अनुपात में कम वजन या उम्र के अनुपात में कम लंबाई वाले पांच वर्ष तक के बच्चों का प्रतिशत और पांच वर्ष तक के बच्चे की मृत्यु दर पर आधारित हैं।

    ब्रिक्स देशों में सबसे खराब इस देश का प्रदर्शन
    बाकी दक्षिण एशियाई देश 66वें से 94 स्थान के बीच हैं। भारत ब्रिक्स के बाकी देशों से बहुत पीछे है। (BRICKS- ब्राजील, रूस, इंडिया, चीन और साउथ अफ्रीका)। इसके अलावा ब्रिक्स देशों में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला देश दक्षिण अफ्रीका है, उसकी 59वीं रैंक है।

    साल 2000 के बाद से नेपाल ने की अच्छी प्रगति
    जीएचआई पर पेश एक रिपोर्ट कहती है कि भारत में 6 से 23 महीनों के सिर्फ 9.6% बच्चों को ही न्यूनतम स्वीकृत भोजन उपलब्ध हो पाता है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी हालिया रिपोर्ट में तो यह आंकड़ा 6.4% ही बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2000 के बाद से नेपाल ने इस मामले में सबसे ज्यादा सुधार किया है।

    भूख की स्थिति के आधार पर देशों को 0 से 100 अंक दिए गए और जीएचआई तैयार किया गया। इसमें 0 अंक सर्वोत्तम यानी भूख की स्थिति नहीं होना है। 10 से कम अंक का मतलब है कि देश में भूख की बेहद कम समस्या है।

    इसी तरह, 20 से 34.9 अंक का मतलब भूख का गंभीर संकट, 35 से 49.9 अंक का मतलब हालत चुनौतीपूर्ण है और 50 या इससे ज्यादा अंक का मतलब है कि वहां भूख की बेहद भयावह स्थिति है।

    भारत को 30.3 अंक मिला है जिसका मतलब है कि यहां भूख का गंभीर संकट है। चुनौतीपूर्ण स्थिति वाली श्रेणी में सिर्फ चार देश हैं जबकि सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक बेहद भयावह स्थिति वाली कैटिगरी में है।

    इस वजह से बढ़ रही है भूखमरी
    इस रिपोर्ट में दी गई चेतावनी के मुताबिक जलवायु परिवर्तन के कारण भूख का संकट उच्च स्थर पर पहुंच गया है। इससे दुनिया के पिछले क्षेत्रों में लोगों के लिए भोजन की उपलब्धता और कठिन हो गया। इतना ही नहीं, जलवायु परिवर्तन से भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई भी प्रभावित हो रही है।

    फसलों से मिलने वाले भोजन की पोषण क्षमता भी घट रही है। रिपोर्ट कहती है कि दुनिया ने वर्ष 2000 के बाद भूख के संकट को कम तो किया है, लेकिन इस समस्या से पूरी तरह निजात पाने की दिशा में अब भी लंबी दूरी तय करनी होगी।

  • दिनेश्वरी नंद जांजगीर एसडीओपी, एडिशनल एसपी जय प्रकाश और 3 डीएसपी का तबादला निरस्त,

    दिनेश्वरी नंद जांजगीर एसडीओपी, एडिशनल एसपी जय प्रकाश और 3 डीएसपी का तबादला निरस्त,

    रायपुर। गृह विभाग ने एडिशनल एसपी और तीन डीएसपी रैंक के अधिकारियों का तबादला आदेश निरस्त कर दिया है. वहीं एक डीएसपी रैंक के अधिकारी का तबादला किया गया है।राजनांदगांव जिले में डोंगरगढ़ एसडीओपी के पद पर पदस्थ मणिशंकर चंद्रा का तबादला डीएसपी आप्स बीजापुर किया गया था, जिसे गृह विभाग ने निरस्त कर दिया है। चंद्रा सीएसपी राजनांदगांव के पद पर पदस्थ रहेंगे।

    इसी तरह दंतेवाड़ा मुख्यालय में डीएसपी के पद पर पदस्थ दिनेश्वरी नंद का तबादला राजनांदगांव जिले में एसडीओपी गण्डई के पद पर किया गया था। दिनेश्वरी का भी तबादला आदेश गृह विभाग ने निरस्त करते हुए उन्हें जांजगीर जिले में एसडीओपी के पद पर पदस्थ किया है।

    इसके साथ ही गृह विभाग ने जय प्रकाश बढ़ई एडिशनल एसपी कोरबा का तबादला गैर कानूनी चिटफंड एवं वित्तीय कंपनियों के नियंत्रण प्रकोष्ठ दुर्ग किया था, जिसे निरस्त कर दिया गया है, वे पूर्व की भांति कोरबा एएसी के पद पर पदस्थ रहेंगे।

  • DSP सुनील डेविड होंगे बिलासपुर के नगर पुलिस अधीक्षक

    DSP सुनील डेविड होंगे बिलासपुर के नगर पुलिस अधीक्षक

    रायपुर। मंगलवार को राज्य शासन ने राज्य पुलिस सेवा सँवर्ग के सुनील डेविड उप पुलिस अधीक्षक का नवीन पदस्थापना आदेश जारी किया है। जारी आदेश के तहत बेमेतरा के डीएसपी सुनील डेविड अब बिलासपुर के सीएसपी होंगे।

    गृह विभाग ने आज देर शाम उनका आदेश जारी कर दिया है।

  • महापौर और अध्यक्ष चुनाव न कराने के फैसले का विरोध शुरु, भाजपा 16 अक्टूबर को करेगी धरना-प्रदर्शन

    महापौर और अध्यक्ष चुनाव न कराने के फैसले का विरोध शुरु, भाजपा 16 अक्टूबर को करेगी धरना-प्रदर्शन

    रायपुर। महापौर और अध्यक्ष का अप्रत्यक्ष तरीके से चुनाव कराने के सरकार के फैसला का विरोध शुरु हो गया है। फैसले के विरोध में भाजपा 16 अक्टूबर को एक दिवसीय धरना प्रदर्शन करेगी। मोतीबाग के पास आयोजित धरना-प्रदर्शन के पश्चात पार्टी नेता राज्यपाल अनुसूईया उइके को सरकार के इस फैसले के विरोध में ज्ञापन सौंपेंगे और उनसे अध्यादेश पर अपनी सहमती न प्रदान करने का आग्रह भी करेंगे।

    इस संबंध में भाजपा नेताओं ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि कांग्रेस सरकार अपनी विफलता से डरी हुई है, इस कारण जनता से सीधे अध्यक्ष व महापौर चुनने का अधिकार मतदाताओ से छीनना चाहती है. जिसका हर स्तर पर विरोध करने का निर्णय भाजपा ने किया है। धरना प्रदर्शन के बाद भारतीय जनता पार्टी का प्रतिनिधि मंडल राज्यपाल महोदया को ज्ञापन सौंपेगा।

  • गढ़बो नवा छत्तीसगढ़’ की थीम पर होगा ‘युवा महोत्सव’, मुख्य सचिव सुनील कुजुर ने कार्यक्रम को सफल बनाने कलेक्टरों को लिखा पत्र

    गढ़बो नवा छत्तीसगढ़’ की थीम पर होगा ‘युवा महोत्सव’, मुख्य सचिव सुनील कुजुर ने कार्यक्रम को सफल बनाने कलेक्टरों को लिखा पत्र

    रायपुर। ‘युवा महोत्सव-2019-20’ के आयोजन को लेकर मुख्य सचिव सुनील कुमार कुजुर ने सभी जिलों के कलेक्टरों को पत्र लिखकर कार्यक्रम को सफल बनाने के निर्देश दिए है। पत्र में कहा गया है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा छत्तीसगढ के युवाओं को विशेष अवसर एवं मंच प्रदान करने, सांस्कृतिक गतिविधियों से युवाओं को जोड़ने एवं उनकी प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से स्वामी विवेकानंद जयंती के उपलक्ष्य में “युवा महोत्सव” का राज्य स्तरीय आयोजन किये जाने का निर्णय लिया गया है। “युवा महोत्सव” के विकासखण्ड स्तरीय आयोजन 15 अक्टूबर से 15 नवंबर के मध्य विकासखण्ड मुख्यालय में आयोजित किया जाएगा। जिला स्तरीय आयोजन 15 नवंबर से 15 दिसंबर के मध्य जिला मुख्यालयों में एवं राज्य स्तरीय आयोजन 12 से 14 जनवरी 2020 के मध्य रायपुर में आयोजित किया जाना है।

    प्रतिनिधि प्रतिभावान कलाकारों को तराशने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार पहली बार युवा महोत्सव का आयोजन करने जा रही है। जिला स्तर पर होने वाले इस आयोजन में गायन-वादन और नृत्य से लेकर 25 विधाओं को शामिल किया गया है। इस आयोजन में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी। विकासखंड और जिला स्तर पर युवा उत्सव आयोजित करने की तैयारियां शुरू करने के निर्देश कलेक्टर डॉ. एस. भारतीदासन ने सबंधित अधिकारियों को दिए है। विकासखंड स्तर पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में प्रथम आने वाले युवाओं को जिला स्तर पर प्रतिभा प्रदर्शन का अवसर मिलेगा। राज्य युवा महोत्सव में प्रति वर्ष की भांति शामिल अन्य 18 सांस्कृतिक गतिविधियों में लोकनृत्य, लोकगीत, एकांकी नाटक हिन्दी, अंग्रेजी, छत्तीसगढ़ी, शास्त्रीय गायन, हिन्दुस्तानी शैली तथा शास्त्रीय गायन कर्नाटक शैली है। इसी तरह सितार वादन, बांसुरी वादन, तबला वादन, वीणा वादन, मृंदगम वादन, हारमोनियम वादन और गिटार वादन को शामिल किया गया है। गिटार वादन भारतीय अथवा पाश्चात्य संगीत पर आधारित होगा। इनमें मणिपुरी नृत्य, ओडिशी नृत्य, भरतनाट्यम कत्थक, कुचीपुड़ी नृत्य और तात्कालीन भाषण शामिल है। प्रत्येक विधा के लिए दो आयु वर्ग 15 से 40 वर्ष और 40 वर्ष से ऊपर रखा गया है।

    छत्तीसगढ़ी गेड़ी और राउत नाचा का होगा विहंगम नजारा

    पहली बार होगा कि छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति में से एक गेड़ी और राउत नाचा का नजारा बड़े स्टेज पर देखने को मिलेगा। विभिन्न 25 विधाओं के साथ ही गेड़ी नृत्य, राउत नाचा, डंडा नाचा, रॉक बैंड, पारंपरिक वेशभूषा प्रतियोगिता, फूड फेस्टिवल प्रतियोगिता और चित्रकला प्रतियोगिता को शामिल किया गया है। इनमें फूड फेस्टिवल छत्तीसगढ़ के व्यंजनों पर तथा चित्रकला प्रतियोगिता छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति पर आधारित होगी।

  • 120 पायलटों ने दे दिया इस्तीफा,अब कौन उड़ाएगा इस एयरलाइंस के जहाज…

    120 पायलटों ने दे दिया इस्तीफा,अब कौन उड़ाएगा इस एयरलाइंस के जहाज…

    दिल्ली। सरकार के हिस्सेदारी वाली एयरलाइंस एयर इंडिया एक के बाद एक नये संकटों में घिरती जा रही है। कंपनी के बुरे दिन खत्म होने का नाम नहीं ले रहे हैं। अब कंपनी के करीब 120 पायलटों ने इस्तीफा दे दिया है। ये सभी अपना वेतन नहीं बढने से नाराज थे।


    पायलटों ने इस्तीफा देते हुए कहा है कि कंपनी उनकी सैलरी नहीं बढ़ा रही थी और ना ही उनका प्रमोशन किया जा रहा था। कई बार इसकी मांग करने के बाद भी जब प्रशासन ने उनकी मांगों को नजरअंदाज किया तो उन्होंने इस्तीफा दे दिया।
    दरअसल एयर इंडिया पर तीन तेल कंपनियों का 4500 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है, जिसे कंपनी ने पिछले कईं महीनों से नहीं चुकाया है। कंपनी के पास कर्मचारियों की सेलरी देने तक के पैसे नहीं हैं।

  • BIG BREAKING : रमन और जोगी पर पीसीसी चीफ का बड़ा हमला, कहा- दोनों पूर्व मुख्यमंत्री जेल जाने की तैयारी में…

    BIG BREAKING : रमन और जोगी पर पीसीसी चीफ का बड़ा हमला, कहा- दोनों पूर्व मुख्यमंत्री जेल जाने की तैयारी में…

    प्रदेश का राजनीतिक तापमान आने वाले दिनों में अपने चरम पर पहुंच सकता है. भूपेश सरकार सूबे के दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करने जा रही है. यह हम नहीं बल्कि सरकार के इस बड़े कदम का खुलासा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष मोहन मरकाम ने किया है. चित्रकोट विधानसभा उपचुनाव को लेकर पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम जगदलपुर में एक प्रेसवार्ता ले रहे थे. जहां उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए यह बड़ा बयान दिया है.मोहन मरकाम ने कहा, “दोनों पूर्व मुख्यमंत्री जेल जाने की तैयारी में चल रहे हैं, उनके ऊपर चाहे नान घोटाला हो या टेंडर घाटाला से लेकर जितने भी घोटाले हुए हैं उनकी जांच चल रही है. उसी की बौखलाहट है कि आज भाजपा नेता काँग्रेस के ऊपर अनर्गल आरोप लगा रहे हैं. दंतेवाड़ा उपचुनाव से ही भाजपा लगातार काँग्रेस पर प्रशासनिक अमले का दुरुपयोग करने व बूथ कैप्चरिंग करने का आरोप लगा रही है।

    आपको बता दें पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के खिलाफ अंतागढ़ उपचुनाव में खरीद-फरोख्त को लेकर राजधानी के पंडरी थाना में अपराध दर्ज है. वहीं फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में भी जोगी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. इसके अलावा नान घोटाला मामले में शिवशंकर भट्ट ने रमन सिंह पर गंभीर आरोप लगाते हुए कोर्ट में शपथ पत्र दिया है ऐसा ही कुछ अंतागढ़ मामले में मंतुराम पवार ने कोर्ट में शपथ पत्र पेश किया है जिसमें उन्होंने डॉ रमन सिंह पर कई आरोप लगाए हैं. पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकार के बयान के बाद यह साफ हो गया है कि इन मामलों में सरकार जल्द ही दोनों मुख्यमंत्रियों के खिलाफ शिकंजा कसते हुए उन्हें गिरफ्तार कर सकती है. हालांकि उनका यह बयान चुनावी बयान भी हो सकता है।

  • पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर का कांग्रेस और कवासी लखमा पर बड़ा आरोप, कहा- नक्सलियों से है कनेक्शन, पहले इसकी जांच की जाए

    पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर का कांग्रेस और कवासी लखमा पर बड़ा आरोप, कहा- नक्सलियों से है कनेक्शन, पहले इसकी जांच की जाए

    कोरबा। झीरम घाटी नरसंहार का जिन्न एक बार फिर बाहर निकलकर सामने आ गया है. पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर ने नार्को टेस्ट कराए जाने की चुनौती स्वीकार करते हुए कांग्रेस और आबकारी मंत्री कवासी लखमा पर बड़ा हमला किया है. ननकी ने कांग्रेस नेताओं पर और खास तौर पर कवासी लखमा पर नक्सलियों से कनेक्शन होने का बड़ा आरोप लगाया है. पूर्व गृहमंत्री ने न सिर्फ यह आरोप ही लगाया बल्कि उन्होंने नक्सलियों से लखमा के कनेक्शन होने की जांच किये जाने की भी मांग की है. इसके साथी ही उन्होंने झीरमघाटी में कांग्रेस नेताओं के नरसंहार के दौरान कवासी लखमा को नक्सलियों द्वारा छोड़े जाने पर भी सवाल उठाया है.झीरमघाटी कांड मामले में ननकी राम कंवर आबकारी मंत्री कवासी लखमा के उस बयान पर जवाब दे रहे थे, जिसमें लखमा ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह और तत्कालीन गृहमंत्री ननकी राम कंवर का नार्को टेस्ट कराने के लिए कहा था. आबकारी मंत्री के इसी बयान पर पूर्व गृहमंत्री ने पलटवार किया है और उनकी चुनौती को स्वीकार भी कर लिया है।

    ननकी ने कहा, “मैं नार्को टेस्ट के लिए तैयार हूं पर लखमा जवाब दें कि झीरमघाटी में नक्सली नरसंहार के दौरान ‘मैं कवासी लखमा हूं’ कहने पर नक्सली फायरिंग बंद कर उन्हें क्यों छोड़ दिये. कांग्रेस के नेताओं का नक्सलियों से कनेक्शन रहा है. इनमे सबसे पहला नाम लखमा का है इसकी पहले जांच की जाए.”पूर्व गृहमंत्री के इस बयान के बाद राज्य का सियासी तापमान एक बार फिर गरमा सकता है.