Category: राष्ट्रीय
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केंद्रीय गृह सचिव के छत्तीसगढ़ दौरे को गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने बताया सामान्य प्रक्रिया…
रायपुर। केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला के छत्तीसगढ़ दौरे को गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू ने सामान्य प्रक्रिया बताया है. उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह सचिव आते हैं बैठक लेते हैं. हमारे अधिकारी भी केंद्र सरकार के पास जाकर अपनी बात रखते हैं. नक्सल समस्या के निदान के लिए सामान्य प्रक्रिया है. केंद्र सरकार और राज्य सरकार के बीच पूरी तरह से समन्वय है. गृहमंत्री ने यह बयान माना स्थित चौथी बटालियन में पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर दिया है। नक्सल खात्मे पर रोडमैप होगा तैयारबता दें कि छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या के खात्मे के लिए नए सिरे से रोडमैप तैयार किया जाएगा. केन्द्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला के नेतृत्व में इसके लिए प्लान बनाया जाएगा. केन्द्रीय गृह सचिव भल्ला दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ आ रहे हैं. वे 23 अक्टूबर की सुबह रायपुर पहुंचेंगे. इसके बाद प्रदेश के नक्सल प्रभावित जिलों की स्थिति व विकास कार्यों की वो समीक्षा करेंगे. फिर नक्सल समस्या के खात्मे को लेकर चर्चा की जा सकती है.केंद्र सरकार को सौपेंगे रिपोर्टकेन्द्रीय गृह सचिव के साथ पुलिस अफसरों की बैठक मंत्रालय में होगी. बैठक से पहले अफसरों द्वारा नक्सल हिंसा व प्रभावित इलाकों में विकास कार्यों का डाटा तैयार किया जा रहा है. बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ में इस बैठक की रिपोर्ट केन्द्रीय गृह सचिव केन्द्र सरकार को देंगे. इसके बाद आगे की रणनीति तैयार की जाएगी. -

मुख्यमंत्री, मंत्री, राज्यपाल और विधायकों के नए आवास का भूमिपूजन, नया रायपुर में होगा निर्माण
रायपुर। मुख्यमंत्री, मंत्री, राज्यपाल और विधायकों के नए आवास के लिए धनतेरस को नया रायपुर में भूमि पूजन किया जाएगा. सीएम भूपेश बघेल ने नए आवास को लेकर कहा कि जब तक राज्यपाल, मुख्यमंत्री और मंत्री वहां नहीं रहेंगे तब तक नया रायपुर नहीं बसेगा
उन्होंने कहा कि 6000 करोड़ की राशि वहां खर्च हो चुकी है इसलिए नवा रायपुर में बसाहट जरूरी है. आपको बता दें नया रायपुर के सेक्टर 19 में सीएम हाउस, राजभवन के साथ ही मंत्री, विधायकों औऱ उच्च अधिकारियों के लिए बंगले बनाए जाएंगे. पीडब्ल्यूडी ने निर्माण के लिए 531 करोड़ का टेंडर जारी किया था. भूमिपूजन के बाद निर्माण कार्य शुरु कर दिये जाएंगे.
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एक बार फिर छत्तीसगढ़ पुलिस को शर्मसार कर देने वाला कारनामा…
एक बार फिर छत्तीसगढ़ पुलिस को शर्मसार कर देने वाला कारनामा, युवती से दुष्कर्म करने वाला टीआई लाइन अटैच, सवाल… क्या पुलिस विभाग पे सरकार की पकड़ नही है???
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में एक बार फिर पुलिस विभाग का चेहरा सामने आया है, मामला दुष्कर्म का है। दुष्कर्म के आरोपी पत्थलगांव थाना प्रभारी ओमप्रकाश ध्रुव के खिलाफ DGP के आदेश पर पुलिस अधीक्षक ने कार्रवाई करते हुए उन्हें लाइन अटैच कर दिया है। पुलिस अधीक्षक जशपुर ने मामले की जांच रिपोर्ट आने के बाद यह कार्रवाई की है।
मामला ये है:-
एक युवती ने डीजीपी डीएम अवस्थी के सामने न्याय की गुहार लगाते हुए उन्हें आवेदन सौंपा था। जिसमें उसने टीआई ओम प्रकाश ध्रुव केे खिलाफ आरोप लगाया था कि शादी का झांसा देकर दो साल से उसका लगातार शारीरिक शोषण कर रहा। इस दौरान जब युवती गर्भवती हुई तो उसका गर्भपात करवाया था। इसके साथ ही उसने आरोप लगाया था कि टीआई उसे धमकी देने के साथ ही उस पर समझौता करने का दबाव बना रहा है।मामले को गंभीरता से लेते हुए डीजीपी डीएम अवस्थी ने युवती को भरोसा दिलाया था कि आरोपी टीआई के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मामले में डीजीपी के आदेश के बाद एसपी जशपुर ने इसकी जांच का जिम्मा एएसपी उजमा खातून को दिया था। एएसपी ने मामले की जांच करने के बाद इसकी रिपोर्ट पर एसपी शंकर लाल बघेल को सौंप दिया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर एसपी ने टीआई के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए उसे लाइन अटैच कर दिया है।
इस पूरे मामले में एसपी शंकर लाल बघेल ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। हर सवाल के जवाब में वे सिर्फ यही कहते रहे कि जांच रिपोर्ट उन्होंने रायगढ़ भेज दिया है। हालांकि उन्होंने टीआई को लाइन अटैच किये जाने की पुष्टि जरुर की है।लेकिन क्या लाइन अटैच कर देने से युवती को इंसाफ मिल गया सवाल ये भी उठता है प्रदेश पुलिस के मुखिया DGP डी एम अवस्थी पुलिस अधिकारियों को बार बार निर्देशित करते रहते है DGP के साथ साथ प्रदेश के गृहमंत्री भी पुलिस विभाग को मानवता की पाठ पढ़ाते रहते है लेकिन ठीक उसके विपरीत पुलिस विभाग कार्य कर रहा है इससे कही न कही सरकार पर सवाल खड़े होते है क्या पुलिस विभाग उनके पकड़ से बाहर है।
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निलंबित IPS मुकेश गुप्ता की सुप्रीम कोर्ट में याचिका, बेटियों का फोन टेप कराने पर दाखिल किया रिट पिटीशन, मामले की सुनवाई 25 अक्टूबर को होगी!
रायपुर। निलंबित आईपीएस मुकेश गुप्ता को हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने राहत देते हुए छत्तीसगढ़ में चल रही जांच पर अंतरिम रोक लगाई थी. अब एक बार फिर मुकेश गुप्ता सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं. इस बार मामला बेटियों के फोन टेप कराए जाने से जुड़ा है. गुप्ता की ओर से दाखिल रिट पिटिशन में कहा गया है कि अवैध तरीके से छत्तीसगढ़ पुलिस उनकी बेटियों का फोन टेप कर रही है. मामले की सुनवाई 25 अक्टूबर को होगी. इधर सूबे में इस बात को लेकर हड़कंप मच गया है कि पुलिस महकमे से आखिर कैसे सूचनाएं लीक हो रही हैं? पुलिस महकमे के तमाम आला अधिकारी इस मामले में कुछ भी बोलने से बच रहे हैं.
जानकारी के मुताबिक हाल ही में छह अक्टूबर को रायपुर पुलिस के लेटर क्रमांक IGP/SC/P-5829C के जरिए निलंबित आईपीएस अधिकारी मुकेश गुप्ता की बेटियों के फोन टेप किए जाने के आदेश जारी किए थे और इस दिन ही गुप्ता की बेटी ने दिल्ली के मालवीय नगर थाना में अवैध तरीके से फोन टेप किए जाने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी. मुकेश गुप्ता की बेटी देवयानी गुप्ता और मुक्ता गुप्ता ने अलग-अलग शिकायत दर्ज कराई है.हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने तीन अलग-अलग मामलों में गुप्ता के खिलाफ चल रही जांच पर अगली सुनवाई तक रोक लगाई थी. जस्टिस अरूण मिश्रा और जस्टिस एम आर शाह की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया था. गौरतलब है कि मुकेश गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट में रिट दाखिल करते हुए मांग की थी कि छत्तीसगढ़ में उनके खिलाफ चल रही जांच, राज्य के बाहर सीबीआई या किसी अन्य स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए. उनकी ओर से दलील दी गई थी कि उनके विरूद्ध दर्ज सभी मामले प्रायोजित हैं. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य शासन को नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा था. मुकेश गुप्ता के खिलाफ अवैध तरीके से फोन टेपिंग कराए जाने के साथ-साथ साडा प्लांट आबंटन में गड़बड़ी और मिक्की मेहता की मौत मामले में एफआईआर दर्ज की गई है. -

अजय यादव को रायपुर एसएसपी का प्रभार
रायपुर। राजधानी समेत रायपुर जिले की कमान अब डीआईजी अजय यादव के पास होगी। अजय यादव अभी पीएचक्यू में पदस्थ है।
आरिफ शेख के दौरे में जाने से दिया गया उनका प्रभार
एसएसपी आरिफ शेख विदेश दौरे पर गए हैं, जानकारी के मुताबिक आरिफ शेख यूएसए के दौरे पर गए हैं,और उनका दौरा करीब 12 दिनों का रहेगा, ऐसे में उनका चार्ज आईपीएस अजय यादव को दिया गया है।
बता दें कि सामने दीपावली का त्यौहार है, जो 12 अक्टूबर को है। इस दौरान कानून व्यवस्था को लेकर अहम जिम्मेदारी पुलिस के पास रहती है, लोग त्योहार में अधिक खरीदारी करते हैं, इस दौरान शहर में ट्रैफिक बढ़ जाती है, लूट की वारदात भी बढ़ा जाती है, साथ शांति व्यवस्था बनाए रखना अहम जिम्मेदारी का काम होता है, जिसके लिए राज्य सरकार ने अजय यादव पर भरोसा जताया है।
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सीडी कांड की सुनवाई छत्तीसगढ़ से बाहर किसी कोर्ट में ट्रांसफर करने के लिए CBI ने सुप्रीम कोर्ट में लगाई याचिका
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में भूचाल मचाने वाले पूर्व मंत्री राजेश मूणत के कथित अश्लील सीडी कांड मामले में एक नया मोड़ आ गया है। सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई छत्तीसगढ़ से बाहर किसी दूसरे कोर्ट में ट्रांसफर करने के लिए याचिका लगाई है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली बेंच में यह अर्जी दी गई है। इस महीने की 21 तारीख को पहली सुनवाई होनी है। सीआरपीसी की धारा 406 के तहत सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में आवेदन दिया है, इस पर सिर्फ सुप्रीम कोर्ट को सुनवाई का अधिकार है। इसमें सुप्रीम कोर्ट प्रकरण को एक हाईकोर्ट से दूसरे हाईकोर्ट या हाईकोर्ट के अधीन किसी दूसरे कोर्ट के समान कोर्ट में प्रकरण की सुनवाई के लिए ट्रांसफर कर सकता है। बता दें कि 27 अक्टूबर 2017 को कथित अश्लील सीडी का मामला सामने आया था, जिसके बाद राजनीति गरमा गई थी। इस मामले में बीजेपी सरकार ने सीबीआई जांच का ऐलान किया था। इसके बाद सीबीआई ने जांच शुरू की थी। बाद में जांच कमजोर पड़ गई थी।
इस मामले में सीबीआई ने
कैलाश मुरारका, विजय भाटिया समेत कई लोगों को प्रतिवादी बनाया है। -

सात नहीं दो दिन में पोर्ट होगा मोबाइल नंबर, 11 नवंबर से लागू होगी नई व्यवस्था
दिल्ली । भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने गुरुवार को कहा कि मोबाइल उपभोक्ता 4 से 10 नवंबर के बीच मोबाइल नंबर पोर्टिबिलिटी (एमएनपी) के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे। ट्राई के मुताबिक, एमएनपी संशोधित नियमों को लागू करने की समय सीमा बढ़ा दी गई है।
अब ग्राहक 11 नवंबर से मोबाइल नंबर पोर्ट के लिए आवेदन कर सकेंगे। एमएनपी के तहत ग्राहक उपभोक्ता बिना नंबर बदले अपना नेटवर्क बदल सकते हैं। ट्राई के एक अधिकारी ने बताया कि मोबाइल नंबर पोर्टिबिलिटी के लिए आवेदन की प्रक्रिया को दो कार्य दिवस में पूरा कर लिया जाएगा। नई व्यवस्था 11 नवंबर की आधी रात से लागू हो जाएगी। अभी नंबर पोर्ट की प्रक्रिया सात कार्य दिवसों में पूरी होती है।
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जियो: अब प्रीपेड रिचार्ज पर नहीं मिलेगा फुल टॉक टाइम
दिल्ली। अगर आप भी है रिलायंस जियो के ग्राहक है तो यह खबर जरूर पढ़ लें। बता दें कि जियो ने अपने प्रीपेड रिचार्ज प्लान में मिलने वाले फुल टॉक टाइम बेनिफिट को खत्म कर दिया है। शुरूआत के समय में जियो को कम कीमत में ज्यादा बेनिफिट देने वाली कंपनी के तौर पर जाना जाता रहा है। ऐसे में अचानक फुल टॉक टाइम बेनिफिट को खत्म किया जाना सब्सक्राइबर्स के लिए एक चौंकाने वाली खबर है। हाल ही में जियो ने घोषणा की थी कि अब वह दूसरे नेटवर्क पर किए जाने वाले कॉल के बदले सब्सक्राइबर्स से 6 पैसे प्रति मिनट का इंटरकनेक्ट यूसेज चार्ज लेगा। इसके बाद से ही जियो सब्सक्राइबर्स के साथ ही टेलिकॉम इंडस्ट्री में काफी हलचल देखी जा रही है।
जियो के इन प्लान्स पर होगा असर
बता दें कि जियो के पास 10 रुपये से लेकर 1,000 रुपये के बीच के टॉक टाइम प्लान मौजूद हैं। ये प्लान्स पहले फुल टॉक टाइम के साथ आते थे, लेकिन अब इनमें फुल टॉक टाइम मिलना बंद हो गया है। अब जियो के 10 रुपये वाले टॉक टाइम रिचार्ज में यूजर्स को 7.47 रुपये का टॉक टाइम ऑफर किया जा रहा है। इसी प्रकार 20 रुपये में 14.95 रुपये, 50 रुपये में 39.37 रुपये, 100 रुपये में 81.75 रुपये, 500 रुपये में 420.73 रुपये और 1000 रुपये वाले प्लान में 844.46 रुपये का टॉक टाइम दिया जा रहा है। हालांकि लोगों कि माने तो इसे जियो द्वारा लगाए गए आईयूसी के असर मान रहे हैं।
सब्सक्राइबर्स को कंपनी के फैसले से लगा झटका
जियो सब्सक्राइबर्स को कंपनी द्वारा लिया गया फैसला, यानि फुल टॉक टाइम बेनिफिट को खत्म किए जाने से झटका लगा है। जियो शुरुआत से अपने प्रीपेड पोर्टफोलियो में कई सारे प्लान ऑफर करता रहा है। इनमें उन प्लान्स की भी कमी नहीं थी जिनमें सब्सक्राइबर्स को रिचार्ज पर फुल टॉक टाइम ऑफर किया जाता था। फुल टॉक टाइम वाले प्रीपेड प्लान उन यूजर्स को काफी पसंद थे जिन्हें ज्यादा वॉइस कॉलिंग की जरूरत पड़ती थी। इन प्रीपेड टॉक टाइम प्लान्स में किसी किसी प्रकार का डेटा नहीं ऑफर किया जाता था। वहीं जियो के प्लान्स में मजेदार यह है कि अब अलग-अलग डेली डेटा लिमिट वाले पॉप्युलर डेटा प्लान आईयूसी टॉक टाइम वाउचर के साथ आ रहे हैं। इससे यूजर्स को प्रीपेड डेटा रिचार्ज के साथ आईयूसी रिचार्ज के कई ऑप्शन मिल गए है।

इन कारणों से जियो ने किया बदलाव
जानकारी दें कि फुल टॉक टाइम बेनिफिट को खत्म किए जाने की वजह जियो और दूसरे टेलिकॉम ऑपरेटर्स के बीच चल रहे टैरिफ वॉर को माना जा सकता है। इसकी शुरुआत तब हुई थी जब एयरटेल ने जियो पर आरोप लगाया कि उसने अपनी रिंग टाइम को घटाकर 25 सेकंड कर दिया है। इस कारण जियो सब्सक्राइबर्स द्वारा दूसरे नेटवर्क पर किए जाने वाले कॉल अक्सर मिस हो जाते थे। इसके बदले जियो के नेटवर्क पर कॉल बैक आने की संख्या बढ़ गई थी। वहीं जियो पर दूसरे नेटवर्क ऑपरेटर द्वारा कॉल आने की स्थिति में जियो को उस ऑपरेटर से आईयूसी का फायदा होता था। दूसरी ओर इसके बाद एयरटेल ने भी अपने रिंग टाइम को 25 सेकंड करने का फैसला किया। इसके बाद जियो को आईयूसी इंट्रोड्यूस करना पड़ा। कंपनी को इससे दूसरे नेटवर्क पर किए जाने वाली कॉल के लिए खुद पैसे नहीं देने पड़ेंगे क्योंकि वह अब इसे सब्सक्राइबर्स से वसूल रही है। आईयूसी चार्ज को लेकर कहा जा रहा है कि ट्राई इसे इस साल के अंत तक खतम कर देगा।
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निर्मला सीतारमण के पति ने अखबार में लिखकर कहा, ‘देश बचाना है तो मनमोहन मॉडल यूज़ करना होगा’

वित्तमंत्री कौन हैं? निर्मला सीतारमण,और दूसरी तरफ उनके पति परकाला प्रभाकर
एक तरफ भाजपा नेता और केन्द्रीय मंत्री कह रहे हैं कि देश में मंदी नहीं है, और दूसरी तरफ परकाला प्रभाकर ने 14 अक्टूबर को अंग्रेजी के अखबार ‘द हिन्दू’ में लेख लिखा. इस लेख में परकाला प्रभाकर ने कहा कि मौजूदा भाजपा सरकार के पास अर्थव्यवस्था को लेकर कोई रोडमैप नहीं है.
लेख का शीर्षक : A lodestar to steer the economy. इस लेख में वित्तमंत्री के पति परकाला प्रभाकर ने लिखा है कि भाजपा सरकार को नेहरू की आलोचना करने के बजाय, पीवी नरसिम्हा राव और मनमोहन सिंह के आर्थिक मॉडल से सीख लेनी चाहिए.

दी हिन्दू में छपा परकाला प्रभाकर का लेख. हम इस लेख के कुछ महत्त्वपूर्ण हिस्सों को आपसे साझा करना चाहते हैं. परकाला प्रभाकर ने लिखा है,
“एक तरफ तो सरकार आर्थिक मंदी से लगातार मना कर रही है, लेकिन लगातार आ रहे आंकड़े बता रहे हैं कि सेक्टर दर सेक्टर बेहद गंभीर रूप से प्रभावित होते जा रहे हैं.”
इसके बाद प्रभाकर ने जीडीपी के गिरते आंकड़ों और बेरोज़गारी के आंकड़े साझा किये हैं, और कहा है,
“अभी भी इस बात का इंतज़ार हो रहा है कि सरकार के वे प्रयास दिखाई दें, जिनसे अर्थव्यवस्था में सुधार हो सकता हो. सरकार के पास कोई रणनीति भी है कि अर्थव्यवस्था की चुनौतियों का सामना किया जा सके, इसके भी साक्ष्य बेहद कम हैं.”
प्रभाकर ने कहा है कि मौजूदा भाजपा सरकार के पास कोई रोडमैप नहीं है कि गिरती अर्थव्यवस्था का कैसे सामना किया जाए? उन्होंने कहा है कि प्रमुख समस्या ये है कि भारतीय अर्थव्यवस्था को सुधारने के विचार को भाजपा ने वर्षों से नज़रंदाज़ किया है. जनसंघ के दिनों से ही भाजपा ने नेहरू की समाजवादी राजनीति की आलोचना की. पार्टी की आर्थिक विचारधारा केवल नेहरू मॉडल के विरोध तक ही सीमित रही. उन्होंने आगे लिखा है कि अर्थव्यवस्था पर आएं तो भाजपा की आर्थिक नीति “नेति-नेति” यानी “ये नहीं-ये नहीं” तक सीमित रही, जबकि किसी भी मौके पर भाजपा ने अपनी “नीति” का ज़िक्र नहीं किया.
भाजपा की जिस नीति ने पार्टी को सरकार दी, पार्टी को भारत के राजनीतिक संवाद में केन्द्रीय भूमिका दी, उस नीति का अर्थव्यवस्था से कोई मतलब नहीं रहा है. प्रभाकर ने देश अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार पर भी सवाल उठाए हैं. कहा है कि 1998 से 2004 तक देश में नॉन-कांग्रेसी सरकार रही, लेकिन इस दौरान देश की आर्थिक नीति की दिशा में बड़े कदम नहीं उठाए गए.
“पार्टी का इंडिया शाइनिंग कैम्पेन वोटरों को लुभा पाने में असफल रहा. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि लोगों को लगने लगा कि सरकार के पास आर्थिक दर्शन और कोई फ्रेमवर्क नहीं है.”
इसी वजह से पार्टी की 2004 लोकसभा चुनाव में हार हुई. लेकिन प्रभाकर ने ये भी बताया है कि पार्टी के मौजूदा नेतृत्त्व को इन बातों के बारे में अच्छे से पता है. मौजूदा नेतृत्त्व ने बेहद चालाक तरीके से सरकार के अर्थव्यवस्था के एजेंडे को मौजूदा लोकसभा चुनाव के कैम्पेन के समय सामने नहीं रखा, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, राष्ट्रवाद और खांटी राजनीति को कैंपेन के केंद्र में रखा.
इसके बाद वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के पति परकाला प्रभाकर ने 1991 की नरसिम्हा राव और मनमोहन सिंह की आर्थिक नीतियों का उल्लेख किया. कहा कि इन नीतियों की उसके बाद की सभी सरकारों – चाहे वो किसी के भी सहयोग से बनी हों – ने तारीफ की है. लिखा है कि कांग्रेस सत्ता में आई तो नेहरू की आर्थिक चेतना को जिलाने का प्रयास किया, लेकिन नरसिम्हा राव के साथ के बिना. यहीं पर इसका ज़िक्र भी ज़रूरी है कि कांग्रेस ने मनमोहन सिंह का सहारा लिया. उन्हें 2004 में भारत के प्रधानमंत्री का पद दिया.
प्रभाकर ने कहा है कि भाजपा नेहरू की आर्थिक नीतियों की आलोचना करती है, नेहरू के आर्थिक ढाँचे का विरोध करना भाजपा ने रोका नहीं है. वक़्त रहते अगर भाजपा राव-सिंह के आर्थिक एजेंडे की सहायता ले लेती या उसे अपना ही लेती, तो भाजपा को इस मोर्चे पर सफलता मिल सकती थी. लेकिन भाजपा ने अभी तक उस आर्थिक ढाँचे को न तो चुनौती दी है, न तो उसे नकारा है. अगर भाजपा अभी भी आक्रामक तरीके से इस आर्थिक नीति को अपना लेती है तो ये नरेंद्र मोदी सरकार की उपलब्धि ही होगी कि देश की अर्थव्यवस्था फिर से पटरी पर आ जाएगी.
परकला प्रभाकर आंध्र प्रदेश सरकार के संचार सलाहकार रह चुके हैं. लन्दन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स के फेलो रह चुके हैं. इंटरनेट पर मिल रही जानकारी के मुताबिक़, परकला प्रभाकर का पूरा परिवार नरसिम्हा राव का करीबी रह चुका है. परकला प्रभाकर की मुलाकात निर्मला सीतारमण से जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान हुई. दोनों की शादी 1986 में हुई. निर्मला का झुकाव भाजपा की तरफ और परकला प्रभाकर का झुकाव कांग्रेस की पॉलिटिक्स की तरफ रहा. प्रभाकर आर्थिक मुद्दों पर लम्बे समय से लिखते रहे हैं.
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जमीन के हेर-फेर के मामले में पूर्व गृहमंत्री कंवर ने की EOW में शिकायत, क्रेता के साथ तत्कालीन पटवारी, तहसीलदार पर दर्ज हुआ मामला
रायपुर। पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर द्वारा की गई शिकायत पर इकानामिक अफेंस विंग (ईओडब्ल्यू) थाना में तत्कालीन शासकीय लोक सेवक तत्कालीन पटवारी हल्का नम्बर-07 ग्राम-महुदा माखन लाल देशमुख, तत्कालीन पटवारी हल्का नम्बर-07 ग्राम-महुदा, सनत कुमार पटेल, तत्कालीन नायब तहसीलदार भिलाई-03 घनश्याम शर्मा और विकेताओं व केताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.
दर्ज मामले के अनुसार, ग्राम महुदा पहन-07 पाटन जिला-दुर्ग में गरीब भूमिहीन किसानों को शासन की योजना अन्तर्गत वर्ष 1975-76 में शासकीय पट्टे पर कृषि कार्य के लिए 15.99 हेक्टेयर (39.97 एकड) भूमि को दी गई थी, जिसे तत्कालीन नायब तहसीलदार भिलाई-03 घनश्याम शर्मा b तत्कालीन पटवारी, हल्का नम्बर-07 ग्राम-महुदा माखन लाल देशमुख एवं सनत कुमार पटेल द्वारा राजस्व दस्तावेजो में हेरफेर कर शासकीय पट्टे की भूमि को भूमि स्वामी हक दर्ज कर बिल्डर्स वसुन्धरा आयुर्वेदिक अनुसंधान प्रालि राजू शुक्ला पिता शिवमूरत निवासी रायपुर एवं विश्वास अग्रवाल, जैनम एग्रो फाईनेंस डायरेक्टर, गोपाल सोनकर पिता रामचंद निवासी रायपुर डायरेक्टर सुनील पारख एवं अन्य से सांठ-गांठ कर केता के पक्ष में रजिस्ट्री कराई गई.
रजिस्ट्री के समय तत्कालीन नायब तहसीलदार भिलाई-03 घनश्याम शर्मा, एवं तत्कालीन पटवारी, हल्का नम्बर-07 ग्राम-महुदा माखन लाल देशमुख एवं सनत कुमार पटेल द्वारा रजिस्ट्री के लिये किसानों को शासकीय पट्टेदार की भूमि का “आसामीवार किस्तबंदी खतौनी” में भूमि स्वामी दर्ज करते हुये सत्यापित प्रति जारी किया गया है, जिससे वसुन्धरा आयुर्वेदिक अनुसंधान के.प्रालि एवं जैनम एग्रो फाईनेंस द्वारा भूमि क्रय की गई है इस प्रकार षडयंत्र पूर्वक पटवारी एवं नायब तहसीलदार से मिलकर रजिस्ट्री होना पाया गया
नामांतरण के समय भी तत्कालीन लोक सेवक नायब तहसीलदार भिलाई-03 घनश्याम शर्मा, एवं तत्कालीन पटवारी, हल्का नम्बर-07 ग्राम-महुदा माखन लाल देशमुख एवं सनत कुमार पटेल ने अपने-अपने शासकीय कार्य का लोप करते हुये मिसल रिकार्ड चेक न करते हुये शासकीय पट्टेदार की भूमि का नामांतरण जारी किया गया है. कृषि भूमि का स्वरूप परिवर्तित किया जाकर षडयंत्र के तहत भूमि की बिक्री की गई है.मामले में तत्कालीन शासकीय लोक सेवक तत्कालीन पटवारी हल्का नम्बर-07 ग्राम-महुदा माखन लाल देशमुख, तत्कालीन पटवारी हल्का नम्बर-07 ग्राम-महुदा, सनत कुमार पटेल, तत्कालीन नायब तहसीलदार भिलाई-03 घनश्याम शर्मा, एवं विकेताओं एवं केताओं के विरूद्ध धारा-409, 467, 468, 471, 120 (बी) भादवि एवं 13(1) ए भ्रनिअधि 1988 संशोधन अधिनियम 2018 के तहत अपराध दर्ज किया गया है.