देखिये ट्रांसफर हुए अधिकारियों की पुरी सूची…















दिल्ली। टेलीकाम सेक्टर में चल रही प्रतिस्पर्धा के चलते पहले सस्ती कॉल रेट आई. इसके बाद फ्री में कॉल करने की सुविधा आई. अब कॉल करने पर पैसा मिलने की सुविधा भी आ गई है, हालांकि यह सुविधा रिलायंस जियो ने नहीं सरकारी कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड ने दी है. कंपनी के इस प्लान से अन्य मोबाइल कंपनियों को कड़ी टक्कर मिलने की संभावना है. इस नए प्लान के अनुसार बीएसएनएल अब उन लोगों को 6 पैसे प्रति काल देगा जो 5 मिनट से ज्यादा की कॉल करेंगे।

रिलायंस जियो को मिलेगी टक्कर हाल ही में रिलायंस जियो ने अपने ग्राहकों से दूसरे नेटवर्क पर कॉल करने पर प्रति कॉल 6 पैसे लेने का फैसला किया है. लेकिन दूसरी तरफ बीएसएनएल ने यह नया प्लान जारी कर दिया है. कंपनी के इस प्लान से जियो सहित अन्य मोबाइल कंपनियों को कड़ी टक्कर मिलने की आशंका है. अब बीएनएनएल के जो भी कस्टमर 5 मिनट से ज्यादा समय की कोई भी कॉल करेंगे तो उन्हें कंपनी ऐसी प्रति काल के बदले 6 पैसे प्रति कॉल के हिसाब से भुगतान करेगी. किसको मिलेगा इस तरह की कॉल का फायदा बीएनएनएल अपने सभी ग्राहकों को यह ऑफर दे रहा है. इसका फायदा बीएसएनएल वायर लाइन, ब्रॉडबैंड और एफटीटीएच ग्राहकों को मिलेगा. उम्मीद है कि आर्थिक दिक्कत में चल ही बीएसएनएल को इस नए प्लान से ज्यादा ग्राहक और रेवेन्यू मिल सके.
इस टोल फ्री नंबर पर ले सकते हैं जानकारी
BSNL ने अपने यूजर्स के लिए नए ऑनलाइन पोर्टल की भी घोषणा की है. यही नहीं, यूजर्स की सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 18003451500 की भी घोषणा की है, ताकि यूजर्स कनेक्शन लेने से पहले सारी प्रक्रिया को जान सके. बीएसएनएल का एक और अच्छा प्लान बीएसएनएल का एक और अच्छा प्लान बीएसएनएल लगातार नए नए प्लान के जरिए उपभोक्ताओं को लुभाने में लगा है. बीएसएनएल ने 108 रुपये का फर्स्ट रिचार्ज प्लान पेश किया है. इस प्लान में उपभोक्ताओं को 180 दिनों की वैधता और 28 दिनों के लिए फ्री कॉलिंग, डेटा और एसएमएस की सुविधा दी जा रही है।
आर्थिक दिक्कतों से जूझ रही है BSNL
बीएसएनएल इन दिनों आर्थिक दिक्कतों से जूझ रही है. सरकार ने बीएसएनएल और एमटीएनएल के लिए 69,000 करोड़ रुपये का एक विशेष पैकेज भी मंजूरी किया है. इसमें दोनों कंपनियों का मर्जर, संपत्तियों की बिक्री या लीज पर देना, कर्मचारियों के लिये वीआरएस की पेशकश जैसी बातें शामिल हैं।

सुप्रीम कोर्ट में छत्तीसगढ़ सरकार ने स्वीकार किया कि वह जासूसी करा रही है. फोन टैपिंग करने से बड़ा अपराध क्या हो सकता है? सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने लिखकर दिया है कि हम फोन टैपिंग कर रहे थे, भविष्य में नहीं करेंगे. यह बात पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने मीडिया से चर्चा करते हुए कही.
रायपुर। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ जो आज तरक्की कर रहा है, यह भूपेश सरकार की वजह से नहीं है, ये बीते 15 सालों की कार्ययोजना का नतीजा है. 15 साल छत्तीसगढ़ का स्वर्णिम दौर थे. 60 हजार किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया. इंफ्रास्ट्रक्चर में छत्तीसगढ़ ने काम किया. पावर हब बना. सरगुजा-बस्तर में नए मेडिकल कॉलेज बने. आदिवासी इलाकों को एजुकेशनल हब बनाया।
उन्होंने कहा कि 15 सालों तक छत्तीसगढ़ को सजाया, संवारा गया. नगरीय निकायों, महिलाओं को अधिकार दिया. जब कहा जाता है कि 15 सालों में छत्तीसगढ़ पिछड़ गया है. मैं बता दूं कि आरबीआई गवर्नर ने ये कहा था कि सामाजिक क्षेत्र में छत्तीसगढ़ देश का अव्वल राज्य है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीते दस महीनों के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ भय और आतंक में डूब गया है।

डॉ. रमन सिंह ने नई उद्योग नीति पर कहा कि सिर्फ नीति बनाने से कुछ नहीं होता. बेहतर वातावरण बनाना होता है. मुझे नहीं लगता कि आने वाले तीन-चार सालों में छत्तीसगढ़ में कोई उद्योग आएगा. नक्सलवाद के मसले पर उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के दौरान बस्तर से नक्सलवाद के खात्मा के लिए काम शुरू किया था. केंद्र का भी बहुत सहयोग मिला, यदि आज भी नक्सलवाद के खात्मा के लिए सरकार सकारात्मक प्रयास जारी रखेगी तो जल्द ही राज्य इससे मुक्त हो जाएगा।
डॉ. सिंह ने कहा कि नक्सली हमेशा खिलाफ ही रहेंगे. चुनाव में इसका असर भी दिखा. पहले बीजेपी, कांग्रेस समेत सभी दलों का विरोध करते थे अब सिर्फ बीजेपी के खिलाफ वोट देने का फरमान देते हैं. वहीं सरदार पटेल को लेकर दिए भूपेश बघेल के बयान पर रमन सिंह ने कहा कि पहले भूपेश बघेल महात्मा गांधी के बताए रास्ते पर चले. उन्होने कहा था कि कांग्रेस को भंग कर देना चाहिए. सरदार पटेल सच्चे राष्ट्रवादी थे.वहीं शराब से जुड़े मामलों में जेल में बंद आदिवासियों को छोड़े जाने के फैसले पर रमन सिंह ने कहा कि बीजेपी सरकार ने यह पहले ही कर दिया था. डेढ़ लाख ऐसे मामलों में जेलों में बंद आदिवासियों के जुर्माने को सरकारी खजाने से भरा था.





दिल्ली। न्यायमूर्ति शरद अरविंद बोबड़े को मंगलवार को भारत का 47वां प्रधान न्यायाधीश नियुक्त किया गया। सरकार से संबद्ध सूत्रों ने बताया कि उनके नियुक्ति के वारंट पर राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने हस्ताक्षर कर दिए हैं और जल्द ही एक औपचारिक अधिसूचना जारी की जा सकती है। 63 वर्षीय न्यायमूर्ति बोबड़े 18 नवंबर को सीजेआई पद की शपथ ग्रहण करेंगे। न्यायमूर्ति बोबड़े 17 महीने के लिए 23 अप्रैल 2021 तक इस पद पर बने रहेंगे। बता दें कि जस्टिस बोबड़े मुख्य न्यायाधीश के बाद उच्चतम न्यायालय के दूसरे सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश हैं। वह इससे पहले मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रह चुके हैं। परंपरा अनुसार वर्तमान मुख्य न्यायाधीश पत्र लिखकर अपने बाद इस कार्यभार को संभालने वाले न्यायाधीश के नाम की सिफारिश करते हैं।
जस्टिस गोगोई ने 18 अक्तूबर को राष्ट्रपति को पत्र लिखकर जस्टिस बोबड़े के नाम की सिफारिश की थी। जस्टिस रंजन गोगोई ने तीन अक्तूबर 2018 को भारत के 46वें मुख्य न्यायाधीश के तौर पर शपथ ली थी। जस्टिस गोगई के कार्यकाल में देश के सबसे ज्यादा संवेदनशील मुद्दे अयोध्या भूमि विवाद पर फैसला आ सकता है। चीफ जस्टिस के तौर पर कार्यकाल में उच्चतम न्ययालय ने कई ऐतिहासिक मामलों की सुनवाई की है। जिसमें अयोध्या मामला, एनआरसी, जम्मू-कश्मीर पर याचिकाएं शामिल हैं।
जानें कौन हैं जस्टिस एसए बोबड़े
जस्टिस शरद अवरिंद बोबड़े का जन्म 24 अप्रैल 1956 को महाराष्ट्र के नागपुर में हुआ था।
उन्होंने 1978 में महाराष्ट्र बार काउंसिल ज्वाइन किया था।
बॉम्बे हाईकोर्ट नागपुर बेंच में लॉ प्रैक्टिस की।
वर्ष 2000 में बॉम्बे हाईकोर्ट में एडिशनल जज बने। फिर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त हुए।
2013 में जस्टिस बोबड़े को सुप्रीम कोर्ट में जज नियुक्त किया गया।
वह 23 अप्रैल 2021 को सेवानिवृत होंगे।

दिल्ली। सरकार ने मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना के तहत यात्रियों की संख्या पर लगी सीमा हटा ली है। अब कितने भी बुजुर्ग दिल्ली के किसी भी विधानसभा क्षेत्र से यात्रा पर जा सकते हैं। यह फैसला बुजुर्ग यात्रियों के बढ़ते उत्साह को देखते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निर्देश पर लिया गया है। अभी तक एक विधानसभा क्षेत्र से 11 सौ यात्री ही जा सकते थे।मुख्यमंत्री ने इस योजना के तहत पहली ट्रेन गत जुलाई में सफदरजंग रेलवे स्टेशन से अमृतसर के लिए रवाना की थी। एक व्यक्ति केवल एक बार इस योजना का लाभ उठा सकता है। बुजुर्गो की मांग पर दूसरे चरण में अब सरकार ने तिरुपति बालाजी, रामेश्वरम, द्वारकाधीश और शिरडी की भी यात्रा कराई जाएगी। इस योजना में सबसे अधिक आवेदन रामेश्वरम के लिए आए हैं।

16 हजार बुजुर्गों को मिलेगा लाभदिल्ली तीर्थयात्र विकास समिति के अध्यक्ष कमल बंसल ने बताया कि अब नवंबर के रूट तय हो गए हैं। अब से नवंबर को मिलाकर 16 हजार बुजुर्ग यात्रा का लाभ ले सकेंगे। नवंबर में 16 ट्रेनें विभिन्न तीर्थ स्थलों के लिए रवाना होंगी। इसमें से 29 अक्टूबर को रामेश्वरम, 30 अक्टूबर को तिरुपति बालाजी। तिरुपित के लिए पहली बार ट्रेन जाएगी। 31 अक्टूबर को द्वारकाधीश के लिए ट्रेन रवाना होगी। इसके बाद नवंबर में एक दिन छोड़कर लगातार ट्रेनों का जाना जारी रहेगा। शिरडी के लिए सात नवंबर को पहली ट्रेन जाएगी।
अब तक आ चुके हैं 60 हजार आवेदन
योजना के तहत अब तक 60 हजार आवेदन आ चुके हैं। इसमें बुजुर्ग सबसे अधिक रामेश्वर जाने के लिए आवेदन कर रहे हैं। इसमें 70 फीसद तक महिलाएं यात्रा पर जा रही हैं। दिल्ली सरकार के तीर्थ यात्रा विकास समिति के चेयरमैन कमल बंसल ने कहा कि मुख्यमंत्री चाहते हैं इस योजना के तहत जितने भी बुजुर्ग यात्रा पर जाना चाहते हैं सभी को मौका मिले। इसलिए यात्रियों की संख्या की सीमा हटाई है। बुजुर्ग इससे खुश हैं कि यात्रा में उन्हें बेहतर सुविधाएं दी जाती हैं।