Category: राष्ट्रीय

  • कोरोना पर SC का निर्देश- निजी लैब में भी हो मुफ्त जांच

    कोरोना पर SC का निर्देश- निजी लैब में भी हो मुफ्त जांच

    कोरोना टेस्ट पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को कहा कि जांच फ्री में होनी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार को एक तंत्र बनाना चाहिए, जिससे जो लोग प्राइवेट लैब में अपना टेस्ट कराएं, उनका पैसा रिइम्बर्स किया जा सके।

    कोरोना टेस्ट पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को कहा कि जांच फ्री में होनी चाहिए. बुधवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार को एक प्रक्रिया बनानी चाहिए, जिससे जो लोग प्राइवेट लैब में अपना टेस्ट कराएं, उनका पैसा रिइम्बर्स किया जा सके. कोर्ट ने कहा कि डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ कोरोना से लड़ाई में योद्धा हैं।
    कोरोना टेस्ट और उसके रोकथाम में लगे डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा के लिए दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ये लोग योद्धा हैं और उनकी और उनके परिवार के लोगों की सुरक्षा बेहद जरूरी है. मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी कंसर्न जाहिर किया कि प्राइवेट लैब को कोरोना की जांच के लिए पैसे लेने की अनुमति नहीं होनी चाहिए।
    118 लैब हर दिन कर रहे हैं 15 हजार टेस्ट
    सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि अभी 118 लैब प्रति दिन 15000 टेस्ट क्षमता के साथ काम कर रहे हैं. अब हम 47 प्राइवेट लैब को भी टेस्ट की इजाजत देने वाले हैं. यह एक विकासशील स्थिति है. हमें नहीं पता कि कितने लैब की जरूरत होगी और कब तक लॉकडाउन जारी रहेगा।
    SC के सुझाव पर विचार करेंगे: तुषार मेहता
    सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्राइवेट लैब को कोरोना की जांच के लिए पैसे लेने की अनुमति नहीं होनी चाहिए. टेस्ट के रिइम्बर्स के लिए सरकार की ओर से तंत्र बनाया जाना चाहिए. इस पर एसजी तुषार मेहता ने कहा कि इन सभी सुझावों पर विचार करेंगे. वहीं, मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा पर सरकार की ओर से एसजी तुषार मेहता ने कहा कि पुलिस और सरकारों की ओर से हर बंदोबस्त किए गए हैं।

    मेडिकल इक्विपमेंट का किया जा रहा है इंतजाम
    मामले की सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से एसजी तुषार मेहता ने बताया कि पीपीई किट समेत सभी मेडिकल उपकरण का तेजी से इंतजाम किया जा रहा है। साथ ही पॉजिटिव लोग किसी को प्रभावित न करें, इसका भी पूरा ख्याल रखा जा रहा है. इसके अलावा सरकार ने कोर्ट को यह भी बताया कि डॉक्टरों के वेतन से पैसे काटने की बात में कोई सच्चाई नहीं है।
    दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में निजी लैब में कोरोना की जांच के लिए 4500 रुपए तक लेने कि इजाजत देने वाली अधिसूचना को चुनौती दी गई है. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से कहा कि कोरोना का टेस्ट मुफ्त में होना चाहिए।

  • कोरोना से कई दशक पीछे चला जाएगा भारत, इस साल बस 1.6% रहेगी GDP ग्रोथ

    कोरोना से कई दशक पीछे चला जाएगा भारत, इस साल बस 1.6% रहेगी GDP ग्रोथ

    दिल्ली। कोरोना का कहर भारत की अर्थव्यवस्था को तरक्की के लिहाज से कई दशक पीछे ले जाएगा. ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्श ने यह गंभीर चेतावनी दी है कि कोरोना के प्रकोप और लॉकडाउन की वजह से इस वित्त वर्ष यानी 2020—21 में देश के सकल घरेलू उत्पाद में बढ़त दर महज 1.6 फीसदी रह जाएगी. गोल्डमैन सैक्श ने अपने पहले के अनुमान में भारी कटौती की है।

    कोरोना का कहर भारत की अर्थव्यवस्था को भारी झटका देने जा रहा है. ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्श ने यह गंभीर चेतावनी दी है कि कोरोना के प्रकोप और लॉकडाउन की वजह से इस वित्त वर्ष यानी 2020—21 में देश के सकल घरेलू उत्पाद में बढ़त दर महज 1.6 फीसदी रह जाएगी।

    कई दशकों पीछे हो जाएगी ग्रोथ रेट
    इसका मतलब यह है कि आर्थिक तरक्की के लिहाज से देश कई दशक पीछे चला जाएगा. गोल्डमैन सैक्श ने अपने पहले के अनुमान में भारी कटौती की है. इसके पहले उसने अनुमान लगाया था कि भारत की अर्थव्यवस्था में इस वित्त वर्ष में 3.3 फीसदी की बढ़त होगी. कंपनी के अनुसार वर्ष 2020 में अमेरिका में -6.2 फीसदी की बढ़त होगी यानी वहां इतने की गिरावट आएगी।

    पिछले छह दशक की मंदी से भी कमजोर ग्रोथ
    ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि यह बढ़त 70,80 और 2009 के दशक में देखी गई मंदी के दौर से भी कमजोर है. गौरतलब है कि भारत में गत 25 मार्च से पूरी तरह से लॉकडाउन है और इसकी वजह से समूचा कारोबार और उद्योग ठप पड़ा है।

    कब आएगा सुधार
    हालांकि, ब्रोकरेज फर्म ने यह भी कहा है कि इस वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में अर्थव्यवस्था में अच्छा सुधार हो सकता है. गोल्डमैन सैक्श ने अपनी रिपोर्ट में कहा, ‘हमें उम्मीद है कि रिजर्व बैंक अपनी मौद्रिक नीति में नरमी जारी रखेगा और सिस्टम में नकदी डालने के उपाय भी करता रहेगा. हालांकि यदि अगले कुछ महीनों में देश—दुनिया में इस महामारी पर काबू पाने में सफलता नहीं मिली तो अर्थव्यवस्था की गति में सुधार और देरी से होगा।

    कई एजेंसियों ने घटाया है अनुमान
    गौरतलब है कि इसके पहले कई रेटिंग एजेंसियां कोरोना के कहर को देखते हुए भारत के जीडीपी ग्रोथ अनुमान में भारी कटौती कर चुकी हैं. कोरोना वायरस के प्रकोप की वजह से इकोनॉमी को लगातार नुकसान हो रहा है. ऐसे में रेटिंग एजेंसियां दुनिया सहित भारत के जीडीपी ग्रोथ अनुमान को घटाती जा रही हैं. हाल में रेटिंग एजेंसी मूडीज ने भारत के जीडीपी अनुमान को कैलेंडर वर्ष 2020 के लिए 5.3 फीसदी से घटाकर महज 2.5 फीसदी कर दिया है।

    ग्लोबल क्रेडिट रेटिंग एजेंसी मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने पहले भारत के सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी में बढ़त 5.3 फीसदी रहने का अनुमान जताया था. कोरोना वायरस संकट को लेकर मूडीज का कहना है कि इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था को बहुत बड़ा झटका लगेगा.
    एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट इकोरैप के अनुसार 2019-20 में जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि दर 5 प्रतिशत से घटकर 4.5 प्रतिशत रह सकती है. रिपोर्ट के अनुसार, इसका कारण चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 2.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है.
    एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने अनुमान जताया है कि वित्त वर्ष 2020 में भारत की आर्थिक विकास दर घटकर महज 4 फीसदी रह सकती है।

  • होटल व्यवसायी ने उठाया सवाल, सोशल मीडिया में किया वायरल, कहा सबकुछ बंद तो टैक्स चालू क्यों ? हम सहयोग को तैयार लेकिन………

    होटल व्यवसायी ने उठाया सवाल, सोशल मीडिया में किया वायरल, कहा सबकुछ बंद तो टैक्स चालू क्यों ? हम सहयोग को तैयार लेकिन………

    रायगढ़ के ट्रिनिटी होटल संचालक शरणदीप सिंह ने सरकार का ध्यान व्यापारियों की समस्यायों की ओर खींचते हुए सरकार से सवाल किए हैं। उनका कहना था कि जबकि हमारा व्यापार बंद है हमें राहत पैकेज क्यों नहीं। टैक्स से हमें छूट क्यों नहीं। 

    ये है वायरल मैसेज-

    सभी व्यापारियों से निवेदन

    मान्यवर प्रधानमंत्रीजी एवं मुख्यमंत्रीजी,

    आपने 14 अप्रैल तक पूर्ण प्रतिबंध की घोषणा की और सभी से ऑफिस, दुकान, कारखाने बन्द रखने का आग्रह किया।

    हम जानना चाहते हैं कि आप मालिकों के बारे में क्या सोचते हैं:? जिस व्यापारी वर्ग से आप त्याग चाहते हैं, उन्हें सहयोग की आपकी क्या योजना है:? क्योंकि बन्द की घोषणा हो गई है,और व्यापार ठप्प हैं, व्यापारी कैसे गुजारा करेंगे?

    वेतन – चालू:
    बिजली बिल – चालू
    टैक्स – चालू
    बैंक का ब्याज – चालू
    GST – चालू
    PF – चालू
    ESIC – चालू
    संपत्ति कर – चालू

    हमारे लिए कोई राहत नहीं, हमें 30 अप्रैल तक घर में रहकर सहयोग करने में भी कोई आपत्ति नहीं, यदि सरकार यह बोझ हटा दे; सरकार समझौता करे, और राहत को सभी व्यापारों तक बढ़ाये।

    – सभी औद्योगिक, कमर्शियल, बिजली बिल अगले 6 महीने के लिए आधे कर दिये जाएँ।

    – अगले 3 महीने तक GST का 50% कंपनी अपने पास ही रखे।

    – अगले 3 महीने तक ब्याज न देने की छूट दी जाय।

    – सभी बैंकों और NBFC (गैर बैंकिंग वित्तीय निगम) को दी जाने वाली मासिक किश्त अगले 3 महीने के लिए स्थगित की जाय, विलम्ब पर किसी प्रकार का चार्ज न लगाया जाय।

    – अगले 3 महीने तक कर्मचारियों का P.F. (भविष्य निधि) कम्पनी नहीं, सरकार वहन करे।

    – अगले 3 महीने तक कर्मचारियों का ESIC (कर्मचारी राज्य बीमा निगम) का हिस्सा कम्पनी नहीं, सरकार वहन करे।

    – वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए सभी व्यापारिक संपत्तियों पर संपत्ति कर आधा कर दिया जाय।

    जिस प्रकार आप किसानों को अकाल में ब्याज से मुक्ति देते हैं, यह समय हम व्यापारियों के लिए भी व्यापार नहीं होने से अकाल ही है।

  • देश में बीते 24 घंटे में अब तक का सबसे अधिक 35 लोगों की मौत और 773 नए मामले सामने आये, अब तक 5000 से ऊपर हुए संक्रमित

    देश में बीते 24 घंटे में अब तक का सबसे अधिक 35 लोगों की मौत और 773 नए मामले सामने आये, अब तक 5000 से ऊपर हुए संक्रमित

     दिल्ली। देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) का खतरनाक अब हर दिन तेजी से अपनी पैठ बना चुका है, इस वायरस से बीते 24घंटों में अब तक का सबसे अधिक 35 लोगों की मौत हो चुकी है और 773 नये मामले आये है। अब तक 5009 लोग संक्रमित हो चुके हैं जिसमें से 4312 मामले सक्रिय हैं, वहीं इस खतरनाक वायरस से अब तक 159 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 392 लोग ठीक हो चुके हैं। इस वायरस ने सबसे ज्यादा महाराष्ट्र में लोगों को अपनी चपेट में लिया है आज 150 नए कोरोना पॉजिटिव मामले सामने आए हैं इसी के साथ राज्य में 1,018 लोग इस खतरनाक वायरस से संक्रमित हो चुके हैं
    देश में मंगलवार को 24 घंटे में कोरोना के 773 नए मामले सामने आए और इसी दौरान 35 लोगों की मौत हो गई।

    कुछ दिन में संक्रमितों की संख्या दुगनी हुई

    बता दें कि देश में बहुत ही तेजी से कोरोनावायरस का संक्रमण फैलता जा रहा है, 3 अप्रैल से लेकर 7 अप्रैल तक इससे संक्रमित लोगों की संख्या में काफी बढ़त हुई है। 3 अप्रैल की बात करें तो इस दिन देश में करोना संक्रमित की संख्या 2547 थी वहीं 62 लोगों की मौत हो चुकी थी। जबकि 7 अप्रैल की बात करें तो इस दिन देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 4281 पर पहुंच चुकी है। वहीं इस वायरस से 124 लोगों की मौत हो गई है, कुछ दिनों में यह संख्या दुगनी हो गई है जो देश की चिंता बढ़ा रहा है।

    केंद्र और राज्य सरकार कर रही कोरोना से बचाव के कोशिश
    देश में अब तक 1,07,006 लोगों का कोरोना टेस्ट हो चुका है, इसके लिए केंद्र सरकार और राज्य सरकार हर दिन इससे लड़ने के लिए काम में जुटी है भारतीय रेलवे ने 2500 कोच में 40 हजार आइसोलेशन बेड तैयार किए हैं। वहीं खतरे को देखते हुए आईआरसीटीसी की तीन निजी ट्रेनों की बुकिंग 30 अप्रैल तक रद्द कर दी गई है। लॉक डाउन में फंसे लोगों को मणिपुर सरकार ने 2000 रुपये देने का ऐलान किया है। इसके अलावा बिहार सरकार ने भी बाहर फंसे मजदूरों और जरूरतमंदों को उनके अकाउंट में 1000 रुपये ट्रांसफर किया है।

    दिल्ली में 550 लोग हुए संक्रमित

    देश में बढ़ते मामले में एमपी के इंदौर में 22 नए संक्रमित मामले सामने आए हैं इसके बाद ही जिले में संस्कृतों की संख्या 173 हो गई है जबकि वहां 15 लोगों की मौत अब तक हो चुकी है, तेलंगाना में 30 दिन की बच्ची समेत तीन लोगों में करोना के लक्षण दिखे हैं। यह सभी तबलीगी जमात के लोगों के संपर्क में आए थे। महबूब नगर में इसी के साथ 10 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इतना ही नहीं गुजरात में एक 14 महीने की के बच्चे की मौत भी कोरोना से हुई है। देश की राजधानी दिल्ली की बात करें तो यहां करो ना भारत के 25 नए मामलों के साथ संक्रमित ओं की संख्या 550 हो गई है जिसमें से 331 मामले तबलीगी जमात के लोगों से जुड़े हैं।

  • कोरबा जिले में बड़ा खतरा, कटघोरा से 7 और नए संक्रमित मरीज पाए गए…पूरा शहर हुआ लॉक डाउन

    कोरबा जिले में बड़ा खतरा, कटघोरा से 7 और नए संक्रमित मरीज पाए गए…पूरा शहर हुआ लॉक डाउन

    रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोेना से जुड़ी एक बड़ी खबर आ रही है। कोरोना के 7 नये केस सामने आये हैं। सभी संक्रमित मरीज कटघोरा के बताये जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में कुछ संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर अब 9 हो गयी है। इससे पहले छत्तीसगढ़ में एक कोरोना का एक और मरीज देर रात कटघोरा से ही मिला था। जिसके बाद बाद उस मरीज के संपर्क में आये अन्य लोगों के सैंपल भी स्वास्थ्य विभाग ने जांच के लिए भेजा था। खबर के मुताबिक 7 नये केस आने के बाद कोरबा में हड़कंप मच गया है। जिन लोगों के कोरोना पाजेटिव रिपोर्ट आयी है, उनमें 5 पुरुष और 2 महिला शामिल हैं। छत्तीसगढ़ में अभी जितने भी कोरोना पाजेटिव केस हैं, वो सभी के सभी कोरबा के ही रहने वाले हैं। आज जिनकी रिपोर्ट पाजेटिव आयी है, वो कोरबा को कटघोरा के मस्जिद मोहल्ला के रहने वाले हैं। आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ के कोरोबा का कटघोरा इलाके में जिन-जिन लोगों का पाजेटिव रिपोर्ट आयी है, उन सभी का वास्ता खास समुदाय से हैं।

    जानकारी के मुताबिक जिला कलेक्टर के निर्देश पर शहर अब पूर्ण कर्फ्यू की स्थिति बन गई है। पुलिस गश्त तेज कर दी गई है। मुख्यमार्ग के साथ गली, मोहल्लों और चौक-चौराहों पर खास निगरानी रखी जा रही है।

    शहर के किराना, फल, सब्जी, डेयरी संचालक जिन्हें दुकाने खोलने की अनुमति थी उस निर्णय को भी आगामी आदेश तक स्थगित कर दिया गया है। इनमे पेट्रोल पंप और मेडिकल संस्थान भी शामिल हैं।

  • सर्वोच्च न्यायालय का सरकार को आदेश : फ्रि  में हो कोरोना का टेस्ट , प्राइवेट लैब भी फ्री में करे टेस्ट , कोरोना से लड़ने वालों की सुरक्षा जरूरी ,  अब सरकार को लेना होगा फैसला

    सर्वोच्च न्यायालय का सरकार को आदेश : फ्रि में हो कोरोना का टेस्ट , प्राइवेट लैब भी फ्री में करे टेस्ट , कोरोना से लड़ने वालों की सुरक्षा जरूरी , अब सरकार को लेना होगा फैसला

    दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने एक जनहित याचिका की सुनवाई पर कहा है कि कोरोना का का टेस्ट मुफ्त में होना चाहिए | यहां तक कि प्राइवेट लैब भी लोगों से पैसा ना ले | सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा की कोरोना से लड़ने वाले योद्धा है | उनके और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए खासकर मेडिकल स्टाफ की।

    कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच देश में सभी नागरिकों को कोविड-19 की जांच की मुफ्त सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को एक जनहित याचिका दायर की गई थी । अधिवक्ता शशांक देव सुधी ने यह याचिका दायर की थी । इसमें अनुरोध किया गया है कि केन्द्र और संबंधित प्राधिकारियों को कोविड-19 की जांच की मुफ्त सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया जाए। इस पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने दिशा निर्देश दिए है।

    सुप्रीम कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिए इस याचिका पर सुनवाई की जा रही थी और सॉलिसिटर जनरल से कोर्ट ने कहा है कि जल्द ही अदालत इस बारे में आदेश पारित करेगी।हालांकि कोर्ट ने संकेत दिए हैं कि निजी लैब कोरोना टेस्ट के पैसे मरीज की बजाय सरकार से ले सकें, ऐसी व्यवस्था बनाई जा सकती है | लिहाजा माना जा रहा है कि शीर्ष अदालत सरकार को ये आदेश दे सकती है कि वो निजी लैब्स में की जा रही कोरोना वायरस की जांच के लिए आने वाले खर्च को वहन करे | इसके लिए लोगों पर बोझ नहीं डाला जाना चाहिए।

    याचिका में भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के 17 मार्च के परामर्श पर सवाल उठाये गये हैं जिसमे निजी अस्पतालों और लैब मे कोविड-19 की जांच के लिए अधिकतम मूल्य 4500 रुपए निर्धारित किया गया है। याचिका में कहा गया है कि आम नागरिक के लिए सरकारी अस्पताल या प्रयोगशाला मे कोविड-19 की जांच कराना बहुत ही मुश्किल काम है और इसका कोई अन्य विकल्प नहीं होने की वजह से लोगों को निजी अस्पतालों या प्रयोगशालाओं को जांच के लिये 4500 रुपए देने पड़ रहे हैं।

    मामले की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना टेस्ट मुफ्त में किये जाने के लिए निर्देशित किया है | इस फैसले के बाद उम्मीद की जा रही है कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इस बारे में कोई निर्णायक फैसला ले।

  • अमेरिका समेत कई देशो की निग़ाहें भारत पर, कोरोना संक्रमितों के इलाज में लिए संजीवनी बूटी सिर्फ हमारे देश में, 30 दिन में 20 करोड़ टैबलेट तैयार कर गेम चेंजर, बन सकता है भारत

    अमेरिका समेत कई देशो की निग़ाहें भारत पर, कोरोना संक्रमितों के इलाज में लिए संजीवनी बूटी सिर्फ हमारे देश में, 30 दिन में 20 करोड़ टैबलेट तैयार कर गेम चेंजर, बन सकता है भारत

    दिल्ली| कोरोना संक्रमण को विश्व से ख़त्म करने की शक्ति केंद्र के रूप में भारत का नाम लिया जा रहा है | अमेरिका के सहायता मांगने के बाद कई देश भारत से संजीवनी बूटी की तर्ज पर मलेरियां में उपयोग आने वाली दवाई की मांग कर रहे है | कोरोना वायरस की वजह से पूरी दुनिया में दहशत का माहौल है | इस वायरस की वजह से हजारों मौतें हो चुकी हैं और सैकड़ों लोग प्रभावित हुए हैं | तो वहीं दुनिया के सुपरपावर कहा जाने वाले देश अमेरिका के सामने भी मुश्किल का दौर चल रहा है |

    कोरोना वायरस की महामारी को देखते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मलेरिया के इलाज में उपयोग होने वाली हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवाई के लिए भारत से मदद मांगने के बाद पड़ोसी देशो ने भी गुहार लगाई है | पूरी दुनिया इस दवाई को कोरोना वायरस के इलाज में एक उम्मीद की किरण की तरह देख रही है | दुनिया के कई देश इस दवाई और उसे निर्मित करने वाले भारत को ‘गेमचेंजर’ के रूप में देखने लगे है |

    भारत ने भी ट्रंप की गुहार को देखते हुए हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन के निर्यात से बैन हटा दिया है | बताया जा रहा है इस दवाई के लिए पूरी दुनिया को भारत से काफी उम्मीद है क्योंकि इस दवाई की पूरी सप्लाई का 70 फीसदी हिस्सा भारत देश में ही बनता है | दावा किया जा रहा है कि भारत ने अप्रैल-जनवरी 2019-2020 के दौरान 1.22 बिलियन अमेरिकी डॉलर मूल्य की हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन ओपीआई एक्सपोर्ट किया था |

    हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवाई का अमेरिका जैसे विकसित देशों में उत्पादन नहीं होता है क्योंकि वहां मलेरिया का नामोनिशान नहीं है | क्लोरोक्वीन सबसे पुरानी और अच्छी दवाइयों में से एक है और इसके साइड इफेक्टस भी कम होते हैं | ये दवा भारतीय बाजारों में काफी कम दामों में उपलब्ध हो जाती है |

    हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवाई का कम्पोजिशन क्लोरोक्वीन से मिलता जुलता ही होता है | लेकिन कोरोना वायरस के चलते कई देशों ने इस पर रोक लगा दी है | क्योंकि वैज्ञानिकों को अभी इस बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं है कि कोरोना को खत्म करने में कारगर साबित होगी या नहीं | इतना जरूर है कि जहां कोरोना का संक्रमण ज्यादा है वहां इसके उपयोग की इजाजत दी गई है |

    इंडियन फार्मास्‍यूटिकल अलायंस के महासचिव सुदर्शन जैन का कहना है कि पूरी दुनिया को भारत हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवाई का 70 फीसदी सप्लाई करता है | यही नहीं दावा किया जा रहा है कि भारत में इस दवा बनाने की कैपेसिटी काफी प्रभावी है | भारत 30 दिन में 40 टन हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवाई बनाने की क्षमता रखता है | यानी इस तरह से 20 मिली ग्राम की 20 करोड़ टैबलेट्स बनाई जा सकती हैं |

    डॉक्टरों के मुताबिक इस दवाई का उपयोग ह्यूमेटॉयड ऑर्थराइटिस और लूपुस जैसी बीमारियों के लिए भी होता है तो इसका प्रोडक्शन अभी भी बढ़ाया जा सकता है | इस दवाई को बनाने वाली देशी विदेशी कंपनियों के कारखाने भारत में है | भारत के केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय की तरफ से हाल ही में ज़ेडस कैडिला और इप्का लैबोरेट्रीज को हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन की 10 करोड़ टैबलेट्स बनाने का ऑर्डर दिया गया है |

  • रायपुर पुलिस एक नई पहल, राजधानी को अब ड्रोन के माध्यम से सेनिटाइज किया जाएगा….

    रायपुर पुलिस एक नई पहल, राजधानी को अब ड्रोन के माध्यम से सेनिटाइज किया जाएगा….

     रायपुर। कोरोना वायरस के संक्रमण पर रोकथाम के लिए रायपुर पुलिस एक नई पहल करने जा रही है. राजधानी को अब ड्रोन के माध्यम से सेनिटाइज किया जाएगा. इस ड्रोन को बनाने में पांच लाख रुपए की लागत आई है।

    सेनिटाइजर से छिड़काव के लिए राजधानी के कई चौक-चौराहों को चिन्हांकित किया गया है. इसके अलावा राजातालाब, पंडरी, मौदहापारा के साथ अन्य भीड़-भाड़ वाली जगहों पर छिड़काव किया जाएगा।

    डीएसपी सतीश ठाकुर ने बताया कि कुछ दिनों से देखा जा रहा था कि कई जगहों पर निगम की गाड़ियां नहीं पहुंच पा रही है, और उन जगहों पर सेनिटाइजर का छिड़काव नहीं हो पाता था. ड्रोन सेनिटाइजर की आवश्यकता देखते हुए हमने एक ड्रोन तैयार किया है, जो अलग-अलग जगहों पर जाकर ड्रोन के माध्यम से सेनिटाइजर का छिड़काव करेगा।

    उन्होंने बताया कि इस ड्रोन के निर्माण में 5 लाख रुपए की लागत आयी है. इसमें 5 लीटर क्षमता की टंकी लगाई गई है. इसके इस्तेमाल के लिए रायपुर के कई चौक और भीड़ वाली जगहों को चिन्हांकित किया गया है. य़ह प्रयोग अगर सफल हुआ तो हम निगम के साथ मिलकर आगे इसकी संख्या औऱ बढ़ाएंगे।

  • सोनिया गांधी के सुझाव पर NBA का विरोध, सरकारी विज्ञापन पर रोक लगाने के लिए पीएम मोदी को लिखा था पत्र

    सोनिया गांधी के सुझाव पर NBA का विरोध, सरकारी विज्ञापन पर रोक लगाने के लिए पीएम मोदी को लिखा था पत्र

    दिल्ली। नेशनल ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन (एनबीए) ने सोनिया गांधी के बयान की कड़ी निंदा की है. कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी ने कहा था कि भारत सरकार और PSU के द्वारा सभी प्रकार के विज्ञापन देने पर पाबंदी की मांग की थी. उन्होंने कहा था कि टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया को दिये जाने वाली सरकारी विज्ञापनों पर अगले दो साल तक के लिए रोक लगा दी जाए. एनबीए की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि संकट के इस दौर में जब मीडिया के लोग अपनी जान की परवाह किए बिना अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं. ऐसे में सोनिया गांधी की यह मांग निराशाजनक है।

    दरअसल कांग्रेस की मुखिया सोनिया गांधी ने कोरोना संक्रमण के आपातकाल के इस दौर में सुझाव देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा था. इस पत्र में सोनिया ने पीएम मोदी को कई सुझाव दिए थे. साथ ही लिखा था कि सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की ओर से दिए जाने वाले सभी विज्ञापनों पर दो साल के लिए रोक लगा दी जाए. सोनिया ने अपने पत्र में लिखा था कि इस दौरान टीवी, प्रिंट और डिजिटल मीडिया को कोई भी विज्ञापन न दिया जाए।

    सोनिया गांधी की इस मांग का एनबीए की ओर से विरोध दर्ज कराया गया है. एनबीए की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मंदी के कारण इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के विज्ञापन राजस्व में कमी आई है.  दूसरी तरफ सभी उद्योगों और व्यवसायों के राष्ट्रव्यापी बंद के कारण वित्तीय संकट से पीड़ित है. इसके अलावा सभी समाचार चैनल अपने पत्रकारों और अन्य कर्मचारियों को सुरक्षा प्रदान करने पर भारी खर्च कर रहे हैं. ऐसे समय में सोनिया गांधी की ओर से की गई यह मांग काफी निराशाजनक और अजीबोगरीब है।

    एनबीए ने कहा है कि सोनिया गांधी को अपना यह सुझाव तुरंत ही वापस लेना चाहिए. एनबीए की ओर से कहा गया है कि सोनिया गांधी तुरंत ही अपने दो साल के इस बैन वाले सुझाव को तुरंत वापस लें. आपको बता दें कि पीएम मोदी को सुझाव देने के लिए सोनिया गांधी ने मंगलवार को पत्र लिखा था।

  • ट्रंप ने कल दी भारत को धमकी, आज मोदी को बताया महान….कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महान और बहुत अच्‍छे नेता हैं.

    ट्रंप ने कल दी भारत को धमकी, आज मोदी को बताया महान….कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महान और बहुत अच्‍छे नेता हैं.

    अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को महान नेता बताया है।

    डोनाल्‍ड ट्रंप ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महान हैं और बहुत अच्‍छे हैं।

    ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन की 29 मिलियन डोज खरीदी है।

    उन्‍होंने कहा कि भारत ने नागरिकों को बचाने के लिए निर्यात पर प्रतिबंध लगाया था

    वाश‍िंगटन। अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा के निर्यात को मंजूरी देने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को महान नेता बताया है। ट्रंप ने कहा कि पीएम मोदी महान हैं और बहुत अच्‍छे हैं। कोरोना वायरस की मार से बेहाल अमेरिका के राष्‍ट्रपति ने कहा कि अमेरिका ने 29 मिलियन दवा की डोज खरीदी है। इसमें से ज्‍यादातर दवा भारत से मिलेगी।

    अमेरिकी राष्‍ट्रपति ने फॉक्‍स न्‍यूज से बातचीत में कहा कि भारत ने अपने नागरिकों को बचाने के लिए दवा के निर्यात पर प्रतिबंध लगाया था। उन्‍होंने कहा कि पीएम मोदी महान हैं और बहुत अच्‍छे हैं। भारत से अभी बहुत अच्‍छी चीजें आनी बाकी हैं। उन्‍होंने कहा कि अमेरिका ने कोरोना वायरस से जंग के लिए हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन की 29 मिलियन डोज खरीदी है। इसमें से बड़ी तादाद में दवा भारत से आएगी।

    तो क्या निजी फायदे के लिए डोनाल्ड ट्रंप Hydroxychloroquine दवाई पर दे रहे हैं जोर

    इससे पहले ट्रंप ने संकेत दिया है कि अगर भारत ने हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा के निर्यात पर से प्रतिबंध नहीं हटाया तो अमेरिका कार्रवाई पर विचार कर सकता है। हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन का इस्‍तेमाल कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के इलाज में किया जा रहा है। इससे पहले ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस दवा के लिए गुहार लगाई थी।व्‍हाइट हाउस में संवाददाताओं से बातचीत में ट्रंप ने मंगलवार को कहा था कि भारत ने अमेरिका के साथ बहुत अच्‍छा व्‍यवहार किया है और मैं समझता हूं कि इस बात के कोई कारण नहीं हैं कि भारत अमेरिकी दवा के ऑर्डर पर से बैन नहीं हटाएगा। ट्रंप ने कहा, ‘मैंने यह नहीं कहीं सुना कि यह उनका (पीएम मोदी) का फैसला था। मैं जानता हूं कि उन्‍होंने इस दवा को अन्‍य देशों के निर्यात के लिए रोक लगाई है। मैंने उनसे कल बात की थी। हमारी बातचीत बहुत अच्‍छी रही। भारत ने अमेरिका के साथ बहुत अच्‍छा व्‍यवहार किया है।

    ट्रंप ने दिए संकेत, भारत ने नहीं दी हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा तो जवाबी कार्रवाई संभव

    दवा पर भारत ने भी दिया था जवाब
    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने इसके बाद उठे विवाद पर कहा कि यह किसी भी सरकार का दायित्व होता है कि पहले वह सुनिश्चित करे कि उसके अपने लोगों के पास दवा या इलाज के हर जरूरी संसाधन उपलब्ध हों। इसी के मद्देनजर शुरू में कुछ एहतियाती कदम उठाए गए थे और कुछ दवाओं के निर्यात को प्रतिबंधित किया गया था। भारत ने सोमवार को 14 दवाओं पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया है। हालांकि पैरासिटामोल और हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा लाइसेंस कैटेगरी में रहेगी और उसकी मांग पर लगातार नजर रखी जाएगी। लेकिन अगर मांग के अनुरूप आपूर्ति रही तो फिर कुछ हद तक निर्यात की अनुमति दी जा सकती है।